शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

वायरस की सूचना देगा 'नया ब्लूटूथ'

लंदन। कोरोनावायरस के मरीजों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक नया ब्लूटूथ विकसित किया है। इसकी मदद से किसी व्यक्ति की निजता की सुरक्षा का पूरा पालन इस महामारी के प्रसार का विश्लेषण करने में विशेषज्ञों की मदद करेगा। ब्रिटेन के विश्वविद्यालय कॉलेज लंदन (यूसीएल) के शोधकर्ताओं के अनुसार डीपी -3 टी ट्रेसिंग सिस्टम में गोपनीयता उच्चतर मानकों को अपनाया गया है। 
यूसीएल के माइकल वेआले ने कहा, इस बात को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं कि कई देशों में सरकारें ब्लूटूथ ट्रेसिंग से लोगों की निगरानी कर सकती हैं। खासकर उन देशों में जहां कमजोर निजता कानून और मानवाधिकार को लेकर चिंताएं हैं। वेआले ने कहा, हमने एक व्यावहारिक समाधान विकसित किया है जो को विभाजित -19 रोगी के संपर्क में आया किसी व्यक्ति का पता लगाने में मदद कर रहा है। इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि उपयोगकर्ता की जानकारी सार्वजनिक न हो।
ब्रिटेन में कोरोनावायरस का कोविड -19 की से मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 7097 हो गई है। स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार कोरोनाटेन्स की संख्या 60,733 हो गई है।


हापुड़ः 3 पॉजिटिव, कई इलाके सील

अतुल त्यागी जिला प्रभारी


तीन रोगी की कोरोनावायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर शहर के कई इलाके शील


हापुड़। हापुड़ के बुलंदशहर रोड स्थित मस्जिद पुरा कोटला मेवातियन करीमपुरा के मूल निवासी हैं। यह तीनों जमाती है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर 09 अप्रैल को तहसील हापुड़ क्षेत्र के मौहल्ला मजीद पुराली नंबर 9 हापुड़ में बाबू खां उर्फ ​​बड़े मियां पुत्र बनारसी उम्र लगभग 60 वर्ष, मौहल्ला कोटवा मेवातियान निवासी सलमान और मौहल्ला करीमपुराली नंबर 3 के निवासी बिलाल कोरोना वायरस (कोविड -19) की पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इस कारण मौ 0 मजीदपुरा, कोटला मेवातियन, करीमपुर और रामगढी राजीव विहार शिवगढ़ी आवास विकास कॉलोनी बुलंदशहर रोड तगासराय अयोध्या पुरी आदि क्षेत्रों को बफर जोन घोषित किया गया है। क्योंकि यह लोग ज्ञात नहीं हैं कि कहां-कहां गए हैं इसलिए आसपास में भी संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए यह आवश्यक है कि हापुड़ नगर को नियंत्रण क्षेत्र और ग्राम मुरादपुर, चितौली, इमतोरी, रामपुर, सबली, श्यामनगर, गोयना, जसरूपनगर असौड़ा, दोयमी और जरोठी आदि को वफर जोन घोषित करते हुए वहाँ के निवासीगणों का भी सामाजिक परीक्षण किया जा रहा है जिसको दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी द्वारा उक्त स्थल से 03 किमी के स्थान को प्रोटोकॉल के अनुरूप तिथि 10 अप्रैल 2020 के प्रातः से कार्य की समाप्ति तक अस्थाई प्रपत्र से सील किया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी रेखा शर्मा ने बताया कि प्रत्येक दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आसपास के वफर जोन के लोगों का प्रदूषणयण करेगी और सैंपल के बारे में जांच के लिए भेजेगी। अब तक तकरीबन 200 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है और 25 लोगों के भी सैंपल भेजे गए हैं ये सभी के परिवारों को कोरन टाइम किया गया है। टाइप तारीख 10 अप्रैल 2020 की प्रात: से कार्य की समाप्ति तक अस्थाई रूप से सील किया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी रेखा शर्मा ने बताया कि प्रत्येक दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आसपास के वफर जोन के लोगों का प्रदूषणयण करेगी और सैंपल के बारे में जांच के लिए भेजेगी। अब तक तकरीबन 200 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है और 25 लोगों के भी सैंपल भेजे गए हैं ये सभी के परिवारों को कोरन टाइम किया गया है। टाइप तारीख 10 अप्रैल 2020 की प्रात: से कार्य की समाप्ति तक अस्थाई रूप से सील किया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी रेखा शर्मा ने बताया कि प्रत्येक दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आसपास के वफर जोन के लोगों का प्रदूषणयण करेगी और सैंपल के बारे में जांच के लिए भेजेगी। अब तक तकरीबन 200 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है और 25 लोगों के भी सैंपल भेजे गए हैं ये सभी के परिवारों को कोरन टाइम किया गया है।


कंपनियों को 20 अरब यूरो की मदद

पेरिस। फ्रांस की सरकार कोरोनावायरस से प्रभावित कंपनियों को 20 अरब यूरो की पूंजीगत मदद दे सकती है। फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रुनो ली मेयर, उन्होंने यूरोप -1 रेडियो से कहा, '' हमने एक विशेष कोष में 20 अरब यूरो डालने का लाभ लिया है। यह कोष उन कंपनियों की मदद के लिए होगा जिन्हें इसकी जरूरत है। '' उन्होंने बताया कि यह कोष नए बजट की योजना का हिस्सा होगा।


नए बजट की योजना अगले सप्ताह के दौरान रखी जाने वाली है। फ्रांस में कोरोनावायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन लागू है। इसके कारण कंपनियों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। अनुमान है कि फ्रांस में लॉकडाउन को कम से कम दो सप्ताह के लिए यानी अप्रैल अंत तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। ली मेयर ने कहा, '' जहां तक ​​एयर फ्रांस का सवाल है, हम समय आने पर हस्तक्षेपल देने के लिए तैयार हैं। '' वाहन कंपनी रेनॉ के हेडिजं डोमिनिक सेनार्ड ने अलग से एक बयान में कहा कि उन्हें इस संकट से बाहर निकलने के लिए। सरकार द्वारा प्रायोजित चार से पांच अरब का कर्ज मिलने की उम्मीद है।


सुरक्षा उपकरणों का अभाव खतरनाक

जकार्ता। इंडोनेशिया में कोरोना का कहर जारी है। एशियाई मुलकों में चीन के बाद इंडोनेशिया ऐसा दूसरा देश है। यहाँ अब तक 280 कोरोनोंटेन्स की जानें जा चुकी हैं, जबकि 3293 वायरस से सतर्क हैं। इंडोनिशियन सरकार सबसे बड़ी चिंता यह है कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीसीबीई) की कमी के कारण 26 डॉक्टरों की और नौ नर्सों की जान जा चुकी है।


इस क्रम में बता दें कि यूरोप के इटली में कोरोनाटेन्स की संख्या 140,000 के करीब है, 96 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है। लेकिन इंडोनेशिया में डॉक्टरों की मौत के आंकड़ों को देखते हुए कहा जा सकता है कि 26 करोड़ की आबादी वाला यह मुलक इस महामारी से निपटने के लिए कतई तैयार नहीं था। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीसीई) की भारी कमी: इंडोनेशियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रेजो सिदिप्रतोमो ने कहा कि शुरुआत में इंडोनेशिया इस बीमारी से निपटने के लिए अच्छी तरह से तैयार नहीं था। हमारे पास व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीसीबीई) भी नहीं थे। यही कारण है कि इतने सारे डॉक्टरों की मृत्यु हो गई है। हालांकि, इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय और कोरोनावायरस टास्कफोर्स ने डॉक्टरों की मौतों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। विडोडो ने देश में सख्त लॉकडाउन का विरोध किया: उधर, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने मरने वाले डॉक्टरों के लिए शोक व्यक्त किया और उनकेप्रिंटन की प्रशंसा की। उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों के लिए वित्तीय सहायता और बीमारी से मारे गए श्रमिकों के परिवारों के लिए भुगतान की घोषणा की। विडोडो ने एक बार फीर देश में सख्त लॉकडाउन का विरोध किया है। उन्हें कोरोना से सामना करने के लिए लॉकडाउन के बजाए इंडोनेशियाई को सामाजिक दूरी करने के उपायों को अपनाने और घर पर रहने की अनुमति दी गई है।


हापुड़ के क्षेत्रों में 6 कोरोना पॉजिटिव

अतुल त्यागी जिला प्रभारी, मुकेश सैनी रिपोर्टर देहात, प्रवीण कुमार रिपोर्टर पिलखुआ


कोरोना वायरस के चलते जिला प्रशासन अलर्ट 


हापुड़। हापुड़ के क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में 6 कोरोना पॉजिटिव आने पर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा कोरन टाइम किए जाने के लिए विभिन्न स्कूलों कॉलेजों का निरीक्षण किया जा रहा है। सदर उप जिलाधिकारी सत्य प्रकाश शर्मा व तहसीलदार द्वारा आज बतिस्ता इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया तथा देखा कि वहां पर कितना स्पेस है। तथा कितने मरीजों को रखा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी निरंतर अपने कार्य को अंजाम दे रही है।


7 आरोपियों को पुलिस ने धर- दबोचा

अतुल त्यागी जिला प्रभारी, मुकेश सैनी रिपोर्टर 


टीम पर हमला करने वाले 7 आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा


हापुड़। थाना हापुड़ नगर दबिश देने गई पुलिस टीम पर पथराव  करने वाले सात अभियुक्तों को  हापुड़ कोतवाली पुलिस द्वारा आज गिरफ्तार कर लिया गया। ज्ञात हो कल दिनांक 09-04-2020 को थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर किए गए पथराव, आदि के सम्बन्ध भादवि व 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट में वांछित 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों राशिद पुत्र दीन मोहम्मद निवासी गली न0-8 मौ0 मजीदपुरा थाना हापुड़ नगर जनपद हापुड़,साजिद पुत्र दीन मोहम्मद, फरमान पुत्र नसीरुद्दीन,परवेज पुत्र नसीरुद्दीन, जावेद पुत्र नसरुद्दीन,आरिफ पुत्र आसू,इरशाद पुत्र आसू निवासी गली नंबर 8 मौला मस्जिद पुरा थाना हापुड़ जनपद हापुड़ के निवासी हैं सभी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


'चाइना टेलीकॉम' की सेवाएं प्रतिबंधित

वाशिंगटन। अमेरिकी सरकार के शीर्ष विभागों ने कानूनी और सुरक्षा जोखिमों के चलते बीजिंग के नियंत्रण वाली कंपनी चाइना टेलीकॉम को अमेरिकी बाजार में सेवाएं देने से प्रतिबंधित करने की सिफारिश की है। न्याय विभाग ने गुरुवार को यह घोषणा की।


रक्षा, विदेश और आंतरिक सुरक्षा सहित अन्य विभागों ने एक व्यापक समीक्षा के बाद कहा कि संघीय संचार आयोग को चीनी कंपनी की अमेरिका में सहायक इकाई चाइना टेलीकॉम (अमेरिका) की अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार सेवाएं मुहैया करने के लिए दी गईं सभी मंजूरियां निरस्त कर देनी चाहिए। न्याय विभाग ने एक बयान में कहा, ”कार्यकारी शाखा एजेंसियों ने चाइना टेलीकॉम के संचालन से जुड़े पर्याप्त और अस्वीकार्य राष्ट्रीय सुरक्षा तथा कानून प्रवर्तन जोखिमों की पहचान की है।ÓÓ न्याय विभाग ने कहा कि कंपनी ने अमेरिकी अधिकारियों को इस बारे में गलत जानकारी दी है कि वह अमेरिकी रिकॉर्ड को कहां संग्रहीत करती है और साइबर सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करती है। अमेरिका के दो सांसदों ने सितंबर 2019 में राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर चाइना टेलीकॉम और एक अन्य कंपनी चाइना यूनिकॉम पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।


200 ग्रामीणों को बांंटी गई खाद्ध सामग्री

22 वें दिन रिचा सिंह ने राशन से वंचित 200 ग्रामीणो को बाँटी खाद्ध सामाग्री


प्रयागराज। समाजवादी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता रिचा सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र अकबरपचर,कालिन्दीपुरम,अहमदगंज में उन वंचितों को खाद्ध सामाग्री का वित्रण किया जिनका नाम राशनकार्ड में काट दिया गया और उनके घर अन्न का एक भी दाना नहीं था।समाजवादी पार्टी के महानगर प्रवक्ता सै०मो०अस्करी ने बताया की ऐसी शिकायत मिल रही थी की बहोत से ऐसे परिवार हैं। जिनके घर में एक भी दाना नही है की वह अपने परिवार का पेट भर सकें।शहर पश्चिमी से सपा प्रत्याशी रही रिचा सिंह को जब सूचना मिली तो उनहोने आनन फानन में उन परिवारों के घर दस्तक दी। दिहाड़ी मज़दूरी कर अपने परिवार का पेट भरने वालों को आँटा दाल चावल आलू सरसों का तेल मसाले के पैकेट आदि मिले तो उन ग़रीब मज़दूर और ज़रुरतमन्दों के चेहरे पर चमक बिखरी नज़र आई। तक़रीबन सौ परिवारों को राहत सामाग्री का वित्रण किया गया।रिचा सिंह ने कहा हम लोग लगातार कोरोना वॉयरस और लॉकडाऊन के कारण भूखे और ज़रुरतमन्दों की मदद कर रहे हैं। हमारा उद्देश है की कोई भी न तो भूखा रहने पाए और न ही भूखा सोने पाए।अगर कहीं से भी इस प्रकार की समस्या का पता चल रही है तो हम लोग फौरन उस परिवार की हर सम्भव मदद करने को तय्यार हैं।


अफगानः विस्फोट से 10 लोगों की मौत

मनोज सिंह ठाकुर


काबुल। अफगानिस्तान के पूर्वी खोस्त प्रांत में मंगलवार को एक बारूदी सुरंग विस्फोट में तीन बच्चों सहित दस नागरिकों की मौत हो गई। पुलिस प्रवक्ता हैदर अदेल ने बताया कि अली शिर जिले में यह विस्फोट स्थानीय समयानुसार आज तड़के लगभग पांज बजे उस समय हुआ जब एक वाहन जमीन के अंदर छिपाये गये अत्याधुनिक शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण (आईईडी) पर चला गया।
इस विस्फोट में वाहन के परखच्चे उड़ गये। उन्होंने धूल भरी सड़क पर आईईडी लगाने के लिए तालिबान आतंकवादी समूह को दोषी ठहराया। उन्होंने बताया कि तालिबान आतंकवादी सड़क के किनारे बम और बारूदी सुरंग बिछाने के लिए स्वदेश निर्मित आईईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। 


डरः ग्राम पंचायत को किया सैनिटाइज

कोरोना संक्रमण से बचाव लिए ऊनों ग्राम पंचायत में किया सैनिटाइजेशन


कौशाम्बी। सरसवां विकासखंड की ग्राम पंचायत ऊनों में ग्राम प्रधान श्रीमती संगीता मिश्रा ने कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव के लिए सैनिटाइजेशन करवाया। ग्राम प्रधान संगीता मिश्रा ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि कोरोनावायरस से बचने के लिए अब तक कोई कारगर दवा का निर्माण नहीं हो सका है , ऐसे में बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। 


सफाई के लिए अपने हाथों को दिन में कम से कम पांच से छह बार 20 सेकंड तक धोएं। खांसी या छींकने पर टिशू का इस्तेमाल करें या कोहनी से ढके। इस बात का ध्यान रखें कि जो लोग छींक रहे हो उन से दूरी बनाकर रखें। दरअसल सर्दी जुखाम से मिलते लक्षण कोरोनावायरस के भी हैं ऐसे में जब कोई आपके आसपास छींक रहा हो तो उससे दूर हट जाएं और मुंह को ढकने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि अपने चेहरे नाक और आंखों को न छुएं यदि आपके हाथ किसी दूसरे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमित भी हैं तो आप ऐसा करके शरीर के अंदर पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। प्रधान प्रतिनिधि श्री अशोक कुमार मिश्र उर्फ भोला मिश्रा एडवोकेट क्षेत्र पंचायत सदस्य शारदा प्रसाद मिश्र उर्फ बबलू नगरहा अध्यक्ष निर्माण समिति ग्राम पंचायत  स्वछाग्रही श्री अनिल पाण्डेय द्वारा ग्राम पंचायत ऊनों में कोरोनावायरस की चुनौती से निपटने के लिए जन जागरूकता एवं जरूरतमंदों को हाथ धोने के लिए साबुन एवं मास्क का वितरण किया गया। ग्रामीणों को नोबेल क्रोना वायरस से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सैनिटाइजर का प्रयोग कर सभी ऐतिहातिक प्रबंध किए गए लोगों को जानकारी देते हुए अनिल पाण्डेय ने कहा कि कोरोनावायरस जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव का एकमात्र साधन जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई कई बीमारियों से हमें दूर रख सकती है। अगर आप घर से बाहर निकलते हैं तो अपने मुंह पर मास्क लगाकर चलें साथ ही लोगों को जागरूक करते हुए कोरोना से सावधान रहने को कहा।


राजकुमार पत्रकार


तंबाकू उत्पाद बैन, घोषणा बे असर

तम्बाकू उत्पाद की बिक्री पर रोक की घोषणा बेअसर


लखनऊ/कौशाम्बी। गुटखा पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा पिछले दिनों सरकार द्वारा की गई थी ,वही तंबाकू उत्पादन बिक्री तथा भंडारण पर रोक की घोषणा ने इनकी कालाबाजारी ब्लैक मार्केटिंग पान मसाला बढ़ा दी इसके बाद से ग्रामीण अंचलों में अधिकांश विक्रेताओं की और तंबाकू गुटखा उत्पादों पर अंकित कीमत से ज्यादा डबल मूल्य लिया जा रहा है।


यूपी सरकार की ओर से तंबाकू गुटखा निकोटीन मैग्नीशियम कार्बोनेट और मिनरल आईल से युक्त पान मसाले तथा फ्लेवर्ड सुपारी के उत्पादन बिक्री तथा भंडारण पर रोक की घोषणा  ने इनकी कालाबाजारी बढ़ा दी है। गुटखा बैन यूपी सरकार घोषणा के बाद से ग्रामीण अंचलों में अधिकांश विक्रेताओं द्वारा तंबाकू उत्पादों पर अंकित कीमत से ज्यादा मूल्य ब्लैक मार्केटिंग इनसाइट्स तम्बाखू मसाला लिया जा रहा है। गुटखा टोबेको सैल इस मनमाने पन से गुटका सुपारी बीड़ी सिगरेट आदि का सेवन करने वालों की जेब कट रही है वहीं सरकार के आदेश का असर भी बेअसर सा नजर आ रहा है। वही प्रति पैकेट 40 से 50 बढ़ाए गए ,गुटखा बैन कौशाम्बी क्षेत्र में जहां सेल्समैनो ने प्रति पैकेट 40 रुपये से 50 रुपये बढ़ा दिए हैं। वही विक्रेता प्रति पाउच इन का 2 गुना मूल्य तक ले रहे हैं। यूपी कौशांबी में 10 रुपये वाली सिगरेट के 15 रुपये तक देने पड़ रहे हैं गुटखे के पाउच पर भी तीन से चार रुपए अधिक लिए जा रहे हैं। देवीगंज कस्बा क्षेत्र भी इस कालाबाजारी से प्रभावित हो रहा है। अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। कौशाम्बी और उसके आसपास के कई क्षेत्रों में हानिकारक तत्व वाले पान मसाले और फ्लेवर्ड सुपारी  पर प्रतिबंध की घोषणा के बावजूद बाजार में धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं ,प्रतिबंध की घोषणा के बाद से ही यहां क्षेत्र के पान मसाला बेचने वाले कारोबारियों और थोक विक्रेता दुकानदार गुटखा की कालाबाजारी कर रहे हैं। यहां अंकित मूल्य से  दुगने दामों पर गुटखा बेचा जा रहा है। टोबैको गुटखा बैन यूपी सरकार द्वारा इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। कौशाम्बी सर्किल से जुड़े कई ऐसे क्षेत्र हैं। जहां बड़े दुकानदार तो गुटखा को अपनी दुकानों से हटाकर अन्य जगह स्टॉक कर ब्लैक कर रहे हैं और अंकित मूल्य से भी अधिक वसूली कर रहे हैं। सेल्समेन छोटे रिलेटिव रीटेलर दुकानदारों को अंकित मूल्य से अधिक बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वही गुटखा वादी ग्राहक अधिक मूल्य से लड़ाई करने पर आमदा हो जाता है ,क्या सरकार इसपर ध्यान नही देगी।


राजकुमार पत्रकार


डीएम सहायता कोष में जमा की राशि

कोविड-19: वैश्विक महामारी कौशाम्बी डीएम सहायता कोष में जमा किये 21 हजार, सीडीओ को सौपा चेक


कौशाम्बी। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा युद्धस्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं, साथ ही सभी आवश्यक कदम भी उठाये जा रहे हैं। इस संकट की घड़ी में सरकार अपने समस्त नागरिकों, विशेषकर श्रमिकों, किसानों, वृद्धजनों, विधवा महिलाओं सहित समाज के कमजोर वर्ग के प्रत्येक परिवार हेतु आर्थिक मदद पहुंचाने का कार्य कर रही है। इसके साथ ही सन्देहास्पद एवं संक्रमित मरीजों के निःशुल्क इलाज के साथ साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी समस्त आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। इस कार्य में जनता की सहभागिता एवं सहयोग के लिए भी अपील की जा रही है, जिसके क्रम में बिजनेसमैन राहुल केसरवानी भी सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया है। कौशाम्बी में कोविड-19, वैश्विक महामारी डीएम सहायता कोष में बिजनेसमैन राहुल केसरवानी ने 21000 रुपये की सहयता राशि का चेक शुक्रवार को सीडीओ इन्द्रसेन सिंह को प्रदान किया।


रिपोर्ट- धीरज पाठक पत्रकार


इंडियाः 37 लोगों की मौत, 896 संक्रमित

नई दिल्ली। भारत में विदेशी नागरिकों सहित कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित होने वालों की संख्या शुक्रवार (10 अप्रैल) को बढ़कर 6,761 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी। मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में कहा कि देश में कोविड-19 संक्रमण के चलते 206 मौतें हुई हैं और वर्तमान में कुल 6,039 व्यक्ति महामारी से संक्रमित हैं। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 896 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 37 लोगों को इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है और 516 (1 माइग्रेटेड) मरीज अब तक इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।
मंत्रालय ने ने कहा, “महाराष्ट्र में सबसे अधिक 97 मौतें हुई हैं और वहीं, गुजरात में संक्रमण के चलते 17 लोगों की जान गई है। अब तक उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए 515 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।” देश के 27 राज्य और सभी केंद्र शासित प्रदेशों में से कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक मामले 1,364 महाराष्ट्र से ही आए हैं। इसके बाद 898 मामलों के साथ दिल्ली दूसरे, जबकि 834 मामलों के साथ तमिलनाडु तीसरे स्थान पर है।
गौरतलब है कि भारत में कोरोनावायरस की रोकथाम के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा 24 मार्च की मध्यरात्रि से 21 दिनों का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन घोषित किया गया है।
देश में कोविड-19 संक्रमण के चलते 206 मौतें हुई हैं और वर्तमान में कुल 6,039 व्यक्ति महामारी से संक्रमित हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 896 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 37 लोगों को इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी है और 516 (1 माइग्रेटेड) मरीज अब तक इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।


पंजाब-ओडिशा में 1 मई तक लॉक डाउन

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) को फैलने से रोकने के लिए पंजाब में भी लॉकडाउन और कर्फ्यू की अवधि बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है। राज्य के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी के.बी.एस. सिधु ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को यह जानकारी दी। इसके साथ ही ओडिशा के बाद पंजाब ऐसा दूसरा राज्य बन गया है, जहां लॉकडाउन को बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर दिया गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पहले ही राज्य में लॉकडाउन बढ़ाने का संकेत देते हुए कहा था कि उनकी सरकार इसे बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है क्योंकि पाबंदियां हटाने के लिए यह उपयुक्त समय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ केंद्र की ओर से राज्यों के लिए तय 15 हजार करोड़ रुपए का पैकेज नाकाफी है और ऐसे में मोदी सरकार को प्रदेश सरकारों को पर्याप्त वित्तीय मदद देनी चाहिए।


91 लोग इस बारे में बात कर रहे हैं
पंजाब में शुक्रवार (10 अप्रैल) सुबह कोरोना का दो नए मामले सामने आने के साथ राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 132 हो गई है। इस बीमारी से राज्य में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।
किसानों को लॉकडाउन में ढीलः मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बताया कि 15 अप्रैल से किसानों को फसलों की कटाई के लिए लॉकडाउन में ढील दी जाएगी और इसमें सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा। सिंह ने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ''हमने पहले लॉकडाउन किया और बाद में कर्फ्यू लगाया। फिर लोगों तक जरूरी वस्तुओं को पहुंचाने की व्यवस्था की। हमारे लोग हर मोहल्ले में पहुंचकर जरूरी वस्तुएं मुहैया करा रहे हैं।''
केंद्र के 15 हजार करोड़ नाकाफीः केंद्र सरकार की ओर दिए जा रहे पैकेज के बारे में पूछे जाने पर अमरिंदर ने कहा, ''15 हजार करोड़ रुपए पर्याप्त नहीं है। हमारे देश की 1.30 अरब की आबादी में यह कुछ नहीं है।'' उन्होंने कहा, ''राज्यों की स्थिति ऐसी स्थिति नहीं है वे अकेले लड़ सकें। केंद्र को उनकी पूरी मदद करनी चाहिए।''
तबलीगी जमात से जुड़े 27 लोग कोरोना संक्रमित
सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस संकट के दौरान एक बात अच्छी हुई कि इस दौरान नशीली दवाओं की आपूर्ति ठप हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि तबलीगी जमात से जुड़े 651 लोग पंजाब आए थे, जिनमें से 636 का पता लगा लिया गया है। इनमें से 27 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।


'नाथ जी' के शासन में गऊ का सत्कार

अशोक कुमार संवाददाता


तिलहर/शाहजहांपुर। प्रदेश की राजनीति का एक पहलू गाय पर निर्धारित है। लेकिन गाय की हालिया स्थिति पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार से यह अपेक्षा न थी। गोवंश का इतना सत्कार इससे पूर्व कभी नहीं हुआ। तहसील सदर के ब्लाक ददरौल में पडने वाली ग्राम पंचायत धन्योरा में पिछले एक माह से आरा ब्लेड तार से दोनो पैरों से घायल जख्मी नंदी पड़ा है। पर प्रशासन सुध नहीं ले रहा राष्ट्रीय बजरंग दल के सहयोग से चल रहा उपचार एवं चारा पानी की व्यवस्था कई बार कहने पर पशु चिकित्सक एक बार पहुंचकर खानापूरी कर चले आए। दोबारा जाने की आवश्यकता नहीं समझी। राष्ट्रीय बजरंग दल के गौ सेवा प्रमुख अरुण कुमार सिंह लाँक डाउन के चलते हुए भी घर से 15 किलोमीटर दूर पहुंचकर प्रतिदिन हर संभव इलाज एवं चारे पानी की व्यवस्था करते हैं। एक तरफ जहां राष्ट्रीय बजरंग दल सड़कों से घूम घूम कर जख्मी गोवंश को उठाकर अपने द्वारा चलाए जा रहे जख्मी गोवंश आश्रय स्थल पर पहुंचा रहा है इलाज कर सही भी कर चुके हैं वहीं अब तक प्रशासन ने जख्मी गोवंश के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं की है जहां पर जख्मी गौवंश का इलाज हो सके कहने के लिए तमाम गौशाला  कागजों पर चल रही हैं परंतु  जिंदा गौवंश भी मरने की कगार पर है जख्मी गोवंश तो भगवान भरोसे हैं।


95 हजार से ज्यादा मौतौ की इबारत

अकाशुं उपाध्याय


नई दिल्ली। नए साल का पहला दिन जब हर कोई जश्न में डूबा था, तब चीन में नया जानलेवा वायरस जन्म लेने की चेतावनी सामने आई और देखते ही देखते यह पूरी दुनिया को बेबस कर देने वाली महामारी में तब्दील हो गई, जिसने सभी देशों को न भूलने वाले सबक दिए हैं। चीन ने 31 दिसंबर और 01 जनवरी की रात 01.38 बजे अधिकृत तौर पर इस वायरस का खुलासा किया, जो 1.1 करोड़ आबादी वाले वुहान के खुले मांस बाजार से फैला। 100 दिन में कोरोना से दुनिया भर में मरीजों की संख्या 16 लाख के पार पहुंच गई है और 95 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
01 जनवरी
वुहान का मांस बाजार बंद
वुहान का मांस-मछलियों का बाजार बंद। रहस्यमय बीमारी की खबरें चीन के सोशल मीडया में वायरल। ताइवान, हांगकांग और सिंगापुर ने सबसे पहले स्क्रीनिंग शुरू की। 
09  जनवरी
नोवेल कोरोनावायरस की पहचान
चीनी वैज्ञानिकों ने सार्स, मार्स से अलग नए कोरोना वायरस की पहचान की। वुहान में 61 साल के पहले मरीज की मौत।
13 जनवरी-चीन से बाहर पहला केस
चीन से बाहर थाईलैंड में पहला केस मिला। चीन ने कहा कि मानव से मानव में संक्रमण के संकेत नहीं हैं। एक हफ्ते में सैकड़ों केस मिले।
20 जनवरी 
चीन ने माना, इंसानों में संक्रमण फैला। बीजिंग, शंघाई और गुआंगदोंग में प्रसार। अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया में पहला केस।  
24 जनवरी -वुहान में लॉकडाउन
वुहान में लॉकडाउन का ऐलान। 800 से ज्यादा मामले और 25 मौतों का खुलासा। फ्रांस पहुंचा। अमेरिका बोला हमें खतरा नहीं। 
31 जनवरी -भारत में पहला मरीज
भारत, ब्रिटेन, स्पेन और इटली में पहला मरीज सामने आया। इटली, स्पेन ने कहा कि हमें कोई खतरा नहीं। चीन में संक्रमित 11 हजार और 258 मरे। अमेरिका ने चीन यात्रियों पर पाबंदी लगाई।
चार फरवरी-चीन के बाहर पहली मौत, बेपरवाह ट्रंप
चीन में कुल मरीज 20 हजार और 425 मौतें हुईं। चीन से बाहर पहली मौत फिलीपींस में हुई। व्हिसलब्लोअर डॉक्टर ली वेनलियांग की मौत। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने चेतावनी पर ट्रंप बोले-गर्मी बढ़ते ही बीमारी दूर होगी।
19 फरवरी-दक्षिण कोरिया का चर्च बना मुसीबत
दक्षिण कोरिया में संक्रमित महिला 1200 की भीड़ वाली चर्च में पहुंची, इससे मामलों की बाढ़ आ गई। ईरान पहुंचा वायरस। संक्रमण से बेखबर इटली और स्पेन में फुटबॉल के बड़े मैच हुए। 
25 फरवरी -दुनिया भर में खतरे की घंटी
80 हजार पहुंचे मामले दुनिया में। इटली में 11 मौतें हुईं और बेरगामो में क्वारंटाइन लागू। ईरान के कौम में 50 से ज्यादा मौतों से हड़कंप। भारत दौरे पर ट्रंप ने फिर कहा, अमेरिका सुरक्षित।
06 मार्च- इटली में छह गुना बढ़ीं मौतें
इटली में छह दिन में छह गुना बढ़ीं मौतें, दस हजार हुए मामले। ब्रिटेन में संक्रमण से पहली मौत, पर पीएम बोरिस जानसन ने कहा कि हाथ मिलाना जारी रखेंगे। 
11 मार्च---कोविड-19 महामारी घोषित
डब्ल्यूएचओ द्वारा महामारी घोषित करने के साथ दुनिया में एक लाख 16 हजार और अमेरिका में मामले एक हजार के पार। अमेरिका, ब्रिटेन और भारत में बाजार लुढ़के। इटली में एक दिन में 168 मौतें। ब्रिटेन का सोशल डिस्टेंसिंग से इनकार।
17 मार्च- यूरोप की सीमाएं सील
यूरोपीय देशों ने सीमाएं सील कीं। फ्रांस ने युद्ध जैसी स्थिति घोषित की। स्पेन में 17 हजार मामले हुए। एक लाख 60 हजार पहुंचे दुनिया में मरीज।
22-23 मार्च
22 मार्च को भारत में जनता कर्फ्यू रहा। ब्रिटेन में 6600 केस के बाद लॉकडाउन। 24 मार्च से भारत में लॉकडाउन।  न्यूयॉर्क में 5 हजार के साथ अमेरिका में 20 हजार मरीज मिले। मार्च अंत तक आधी दुनिया में लॉकडाउन। 03 लाख 70 हजार हुए विश्व में मरीज।
02 अप्रैल ---50 हजार पहुंचा मौतों का आंकड़ा
10 लाख से ज्यादा मरीज हुए दुनिया में और 50 हजार से ज्यादा मौतें। भारत में कुल मरीज 2069 हुए। स्पेन में एक दिन में रिकॉर्ड 950 मरे। अमेरिका में ढाई लाख केस और मौतों का आंकड़ा छह हजार पहुंचा।
99वां दिन 08 अप्रैल
संक्रमित ब्रिटिश पीएम बोरिस जानसन की हालत गंभीर। 6500 मौतें हुईं विश्व भर में चार अप्रैल को। आठ अप्रैल को कुल मामले 13 लाख और मरने वालों की तादाद 75 हजार पार कर गई।
सबक---महामारी की मारक क्षमता को नजरअंदाज किया गया। दुनिया के बड़े देशों ने एक साथ कड़े कदम नहीं उठाए
चर्च, मस्जिदों और क्रूज में बड़े जमावड़े से बिगड़ी बात
महामारी घोषित होने में डब्ल्यूएचओ ने कर दी देर
संकट---60 फीसदी वैश्विक आबादी लॉकडाउन से घरों में कैद। 1930 से भी बड़ी आर्थिक मंदी की आशंका दुनिया में
नए वायरस की कोई दवा या टीका अभी विकसित नहीं
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन या अन्य दवाइयों का प्रभाव
ऐसी भयावह हुई महामारी
06 मार्च-01 लाख
---20 दिन---
26 मार्च-05 लाख
---05 दिन----
01 अप्रैल-10 लाख
---07 दिन----
08 अप्रैल-15 लाख
विश्व में 95080 लोगों की मौत, 15.92 लाख संक्रमित
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब विश्व के अधिकतर देशों (205 देशों और क्षेत्रों) में फैल चुके इस संक्रमण के कारण अब तक 95080 लोगों की मौत हो चुकी है तथा 1592036 लोग इससे संक्रमित हुए हैं। विश्वभर में अब तक 3.53 लाख लोग इस वायरस से ठीक भी हुए हैं। वहीं भारत में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ रहा है और पिछले 12 घंटे में 547 नए मामले सामने आने के बाद कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 6412 हो गई है। कोविड-19 महामारी से बीते 12 घंटे में रिकॉर्ड 30 लोगों की मौतें हुई हैं, जिससे मरने वालों का आंकड़ा 199 पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कुल 6412 मामलों में से 5709 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा, 503 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस से सर्वाधिक 97 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। यहां अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 1586 हो गई है।


जय हो ट्रंप 'संपादकीय'

जय हो ट्रंप    'संपादकीय'
 वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड-19 के कारण विश्व निराशा में डूब गया है। देश भी इस निराशा से काफी प्रभावित हुआ है। विकसित राष्ट्रों और सुपर शक्तियों के सम्मुख यह चुनौती अब मात्र एक चुनौती भर नहीं रह गई है। स्वार्थपरक पराकाष्ठा में परिकलन करने वाले प्रत्येक शासक और निर्वहन करता के माथे का कलंक बन गया है। संपूर्ण मानव जाति पर यमराज बनकर वायरस स्वेच्छा से लोगों की जिंदगी से खेल रहा है। बचाव पर समुचित दृष्टिकोण रखने वाले राष्ट्रों में इसका प्रभाव और वृद्धि अनुपात में स्थिरता स्थापित हुई है। महामारी को जैविक युद्ध से परिभाषित किया जा रहा है। अमेरिका अपनी संप्रभुता और वर्चस्व को सर्वज्ञ मानकर अपने दायित्व से भाग रहा है। लेकिन चीन विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर आगे बढ़ चुका है। जिसका पीछा करना अमेरिका के बस की बात नहीं है। अगर अपने देश की बात करें तो केंद्र और राज्यों की ज्यादातर सरकार असफल सिद्ध हुई है। यह 'छद्म युद्ध' भारत सरकार को सदा कुंठित करता रहेगा। असहाय, गरीब और विवश मानव को आगे करने वाला कोई भी, किसी भी युद्ध अथवा प्रतियोगिता को नहीं जीत सकता। 'भारत के प्रधानमंत्री' को अमेरिका कितनी तवज्जो देता है ? कितना सम्मान करता है ? यह बात अब किसी से छिपी नहीं है। देश की असहाय जनता के प्रति सरकार का समर्पित रवैया भी किसी से छुपा नहीं है। भुखमरी और आत्महत्याओं का सिलसिला सरकार की नींव के खोखले पन का एहसास करा रहा है। वायरस से मरने वालों पर यह आरोप लागू हो सकता है कि उन्होंने दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया है। लेकिन आवश्यकता से अभावग्रस्तो की जिम्मेदारी किसकी है? विपक्ष या पाकिस्तान का भी हाथ हो सकता था। लेकिन अब ऐसा कोई विकल्प भी शेष नहीं है। शक्तिशाली आभा अपनी इच्छाओं के पतन पर कमजोर पर ताकत दिखाता है। यही राजनीति का प्रमाणिक चरित्र है। कमजोर की जय बोलना ठीक नहीं है। इसलिए 'जय हो ट्रंप'। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की कमान डोनाल्ड ट्रंप के हाथ में इसी वजह से दी गई है। ताकि वह  स्वेच्छा अनुसार कई राष्ट्र अध्यक्षों और राष्ट्र निर्माताओं को अपनी इच्छा केेेे अनुसार उपयोग कर सकें। जो इच्छा अनुसार अनुसरण नहीं करता उसे उसके परिणाम भी भुगतने  होते हैं।


राधेश्याम  'निर्भयपुत्र'


योगी रसोई और पॉलिथीन की पैकिंग

अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। नगर पालिका लोनी द्वारा शुरू की गई योगी रसोई में शुक्रवार को लगभग 2200 लोगों का भोजन तैयार कर पालिका के कर्मचारियों और स्वंयसेवकों की सहायता से जरूरतमंद लोगों के घर-घर तक पहुंचाया गया। वहीं न्यू विकास नगर में असंगठित क्षेत्रों की एक बड़ी आबादी को भी भोजन पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। भोजन की वितरण एवं पैकिंग प्रणाली संबंधित अधिकारी की हीन मानसिकता को उजागर करता है। इस विषम परिस्थिति में भोजन के महत्व को एक भूखा व्यक्ति ही समझ सकता है। जिसे इसका अनुभव नहीं है, वह भोजन के महत्व को नहीं समझ सकता।


बता दें कि इस रसोई को अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता ने अपने एक महीने का वेतन देकर शुरू करवाया है। रसोई में साफ-सफाई व गुणवत्ता का विशेष ध्यान स्वंय अधिशासी अधिकारी द्वारा लगातार निरीक्षण कर सुनिश्चित किया जा रहा है। भोजन की पैकिंग ने हीन भावना का प्रदापर्ण भी किया है। कॉरोना आपदा के दौरान एक महिला अधिकारी होने के बावजूद अपनी जान जोखिम में डालकर प्रतिदिन लोनी के वार्डों में साफ-सफाई, सेनिटाइज़ेशन, फोगिंग, नालों की सफाई अपनी उपस्थिति में  करवाना और लगातार उसका निरीक्षण, असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों को 1000 रुपये की मदद दिलवाना, सुनिश्चित करने के अतिरिक्त स्वंय योगी रसोई के संचालन का ध्यान रखना, आदि कार्य का बिना रुके और थके निरंतर निर्बाध गति से करना यह बताता है कि एक अधिकारी का आदर्श स्वरूप क्या होना चाहिए। वो भी ऐसे आपदा के समय जब कई अधिकारी कर्मचारी कॉरोना का बहाना बनाकर अपने क्षेत्रवासियों को रामभरोसे छोड़कर चले गए है। अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता ने बताया कि लोनी की जनता को शुद्ध भोजन समय पर मिलें और क्षेत्र में कॉरोना के संक्रमण को फैलने न दिया जाए इसके लिए हर जरूरी कदम युध्दस्तर पर पालिका द्वारा उठाएं जा रहे है जिसमें, सेनिटाइज़ेशन, फोगिंग, नालों की सफाई व प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के मंशा के अनुरूप असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को मदद मिले इसके लिए हम वचनबद्ध है। इसलिए क्षेत्र में कहीं से भी मदद के लिए कोई भी फ़ोन आता है हमारे कर्मचारी व मैं स्वंय उसको अटेंड करती हूं और समस्या का निस्तारण सुनिश्चित करती हूं। साथ ही लोगों की बढ़ती मांग के अनुसार हम सहायता का दायरा भी बढ़ाते जा रहे है। हमारा प्रयास है कि सीमित संसाधनों के बावजूद इस संकट की घड़ी में लोनी के नागरिक परेशान न हो और हमें हर कार्य में लोनी की जनता स्वेच्छा से सहयोग भी कर रही है जो हमारे मनोबल को और बढ़ाने का कार्य कर रही है।


पंजाबः 651 जमातीयो में 636 अरेस्ट

विकास कुमार की रिपोर्ट


जमात से जुड़े अब तक 27 मामले पॉजिटिव पाए गए


जालंधर। देश-भर में कोरोनावायरस फैलने के खौफ से हर राज्य में जहां पर पुलिस तब्लीगी जमात के लोगों को खोजने में लगी हुई है। वहीं पंजाब सरकार ने 651 में से 636 लोगों को तलाश कर लिया है, जिन्हें क्वारंटाइन कर दिया है। पुलिस प्रशासन अभी 15 लोगों को तलाश नहीं कर पाया है। इसकी जानकारी कैप्टन अमरेंद्र ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रैसिंग के जरिए पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि जमात से जुड़े अब तक 27 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं।


गौरतलब है कि दुनिया भर के करीब 41 से अधिक देशों के लोगों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, जिनकी संख्या करीब 960 है। इनमें सबसे अधिक नागरिक इंडोनेशिया (379), बांग्लादेश (110), मलेशिया (75) और थाईलैंड के लोग शामिल थे। इतना ही नहीं, इस कार्यक्रम में अमेरिका, वियतनाम जैसे देशों का भी नाम शामिल है। दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज के तबलीगी जमात में हाल में शामिल हुए देशभर के करीब 9000 लोगों की पहचान कर क्वारंटाइन किया जा चुका है। अभी तक कोरोना वायरस के सबसे अधिक संक्रमित लोगों में जमात के लोग ही शामिल हैं। देश भर में तब्लीगी जमात के जो 9000 लोगों की पहचान की गई है, उनमें से 1300 लोग विदेशी बताए गए हैं। कोरोनावायरस के 4000 से ज्‍यादा मामलों में से कम से कम 1,445 का जमात से कनेक्‍शन मिला है। मरकज में हुए कार्यक्रम में हिस्‍सा लेने के बाद जमाती देश के अलग-अलग हिस्‍सो में गए जहां उन्‍होंने कोरोना फैलाया।


घर-घर जाकर लोगों की होगी जांच

अरविंद केजरीवाल सरकार कोरोना संकट से जूझने में लगातार जुटी है। शुक्रवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्...


गंगाराम अस्पताल में 108 डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ चरंटाइन,कोरोना का असर
भाजपा का कोई भी नेता कोरोना को सांप्रदायिक रंग न दे: जेपी नड्डा ने दी हिदायत
जनधन योजना खाताधारकों को अप्रैल के लिए प्रत्यक्ष नकदी अंतरण शुरु
नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल सरकार कोरोना संकट से जूझने में लगातार जुटी है। शुक्रवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में जिन हॉट स्पॉट जगहों की पहचान की गई है। वहां घर-घर जाकर लोगों की मेडिकल जांच करवाई जा रही है। जैन ने बताया कि निजामुद्दीन इलाके में 600 घरों की स्कैनिंग की गई है, यहां एक व्यक्ति कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में कोरोना वायरस के अब तक 720 पॉजिटिव केस आए हैं। इनमें से 22 मरीज आईसीयू में हैं जबकि सात वेंटिलेटर पर हैं। सत्येंद्र जैन ने कहा कि हमारे पास लगभग 3500-4000 पीपीई किट आनी शुरू हो गई है। उन्होंने आशा जताया कि रैपिड किट एक-दो दिन में आ जानी चाहिए।


पत्रकार-होकरो को भी मिलेगी मदद

पत्रकारों और अख़बार बाँटने वालों को भी मिलेगी सहायता : डीएम अयोध्या


अयोध्या। जिलामजिस्ट्रेट अनुज झा की अपील घरों से कम से कम निकले सोशल डिस्टेंस का रखें ध्यान अखबार के हाँकरो को मिलेगा एक हजार की सहायता राशि और जरूरतमंद पत्रकारों को भी राशन किट और 1 हजार की सहायता उनके खातों में मिलेगा प्रेस क्लब अयोध्या के अध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी के सवाल पर दिया जवाब उपजा के उपाध्यक्ष जे पी गुप्ता ने जिला मजिस्ट्रेट से की इस घोषणा की पुष्टि उपजा अयोध्या इकाई के संरक्षक महेंद्र त्रिपाठी एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता द्वारा पत्रकारों की इस महामारी में निभाई जा रही भूमिका को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी अयोध्या से आर्थिक पैकेज की मांग की गई जिस पर जिलाधिकारी द्वारा जरूरतमंद पत्रकारों को तथा हाकरों को ₹1000  सीधे उनके खाते में दिए जाने की घोषणा की गई। उपजा की मांग को जिलाधिकारी ने स्वीकार करके पत्रकारों का सम्मान बढाया है।


डाकिया घर पर ही लाएगा रुपया

देहरादून। लॉकडाउन के इस मुश्किल वक्त में डाकघर की सेवाएं ग्राहकों के लिए सुगम बनाई जा रही हैं। रोजाना निर्धारित समय तक डाकघर खोले जा रहे हैं। इन डाकघरों में न केवल स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री जैसी सुविधाएं मिल रही हैं बल्कि कई ऐसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं, जिनका लाभ आप घर बैठे भी ले सकते हैं।
डाक विभाग की ओर से उन सभी ग्राहकों को यह सुविधा दी जा रही है जिनके खाते इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खुले हुए हैं। ऐसे खाताधारक अगर घर से बाहर नहीं निकल सकते तो वे इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में अपनी रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। उनकी रिक्वेस्ट के आधार पर डाक विभाग की ओर से डाकिया सीधा घर पहुंचेगा। यहां आधार इनेबल्ड डिवाइस से फिंगर प्रिंट लेने के बाद उन्हें रकम सौंप दी जाएगी। खाते से रकम कटने की पूरी प्रक्रिया इसी डिवाइस से पूरी हो जाएगी।
दूसरे बैंक में खाता तो भी निकाल सकते हैं रुपए
अगर आपका किसी दूसरे बैंक में खाता है तो भी आप डाक घर जाकर पैसा निकाल सकते हैं। डाक विभाग के मुताबिक, ऐसे लोगों के लिए यह प्रावधान है कि उनका खाता नो योर कस्टमर यानी केवाईसी अपडेट होना चाहिए। इसके बाद आधार नंबर बताकर उनका फिंगर प्रिंट लिया जाएगा।
इसके आधार पर ही उन्हें पैसा दे दिया जाएगा। बड़ी डाक शाखाओं से एक ग्राहक को दस हजार रुपये और गांवों के छोटे डाकघरों से पांच हजार रुपये तक की रकम निकाली जा सकती है। देहरादून में करीब 130 डाकघरों से इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।
डाक विभाग के सीनियर सुप्रीटेंडेंट जीएम तनेजा ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर डाक विभाग की सभी सेवाएं सुचारू चल रही हैं। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के तहत डाकिया घर जाकर भी पैसा दे सकता है। अन्य बैंकों के खाताधारक भी अपने आधार के बिहाफ पर डाकघर से पैसा निकासी कर सकते हैं।


लॉक डाउनः कच्ची शराब का कारोबार

सर्वेंद्र चौधरी


बिजनौर। थाना-मंडावर में स्थित पुलिसकर्मियो को कुछ दिन पहले सूचना मिली थी कि मंडावर थाना श्रेत्र में कुछ गांव में जो गंगा के किनारे है उक्त गांव में कच्ची शराब का करोबार बड़ी जोर शोर से चल रहा है , सूचना पर एेक्शन लेते हुये थाना-मंडावर के गांव ब्रह्मपुरी जो गंगा के किनारे है उक्त गांव के निवासी गंगा के उस पार झाड़ियों में शराब की भट्टि के साथ पकड़े गये पुलिस की तलाश कामयाब हुई।
आखिर कच्ची शराब के माफियां को पुलिस ने दबोच ही लिया ।
गंगा के उस पार थाना मंडावर के एस,एस,आई, प्रमोद कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे ओर गंगा के रेत की झाड़ियों में कच्ची शराब की भट्टि दबोची। शराब निकालते व्यक्तियों ने पूछताछ पर बताया बिट्टू पुत्र मूला, मगन सिंह निवासी ब्रह्मपुरी गांव थाना मंडावर जिला बिजनौर निवासी है। आरोपियों का चालान कर जेल भेज दिया गया है। थाना मंडावर के प्रभारी लव सिरोही जी ने कहा कि थाना-मंडावर श्रेत्र में एेसे कार्य करने वालों को नहीं बक्शा जायेगा।


'हॉटस्पॉट' एरिया में सघन साफ-सफाई

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जिलों में सील किए गए हॉट स्पॉट्स को सेक्टरों को बांटकर उनमें मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि सील किए गए सभी कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल, सैनिटाइजेशन व डोर स्टेप डिलीवरी टीमों का आवागमन ही मान्य होगा।


उन्होंने सील किए गए क्षेत्रों में सर्विलांस गतिविधियों को बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को अपने आवास पर लॉकडाउन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में सघन रूप से स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इन क्षेत्रों में सभी तरह के प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे। उन्होंने कोविड-19 के बचाव व उपचार में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, पीपीई किट, वेंटिलेटर, ट्रिपल लेयर मास्क, और एन-95 मास्क के निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की।


सीएम ने निर्देश दिए कि प्रदेश में इनका उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना तथा राज्य सरकार द्वारा गरीबों के भरण-पोषण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निकायों, पंचायत संस्थाओं, जल निगम, फायर ब्रिगेड तथा अन्य संस्थाओं के वाहनों से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सघन रूप से स्वच्छता व सैनिटाइजेशन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी समेत टीम-11 के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सीएम ने निर्देश दिए कि सभी राजकीय अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध वेंटिलेटर्स का ऑडिट करा लिया जाए। उन्हें क्रियाशील स्थिति में रखा जाए। पीपीई किट, इंफ्रारेड थर्मामीटर, आइसोलेशन बेड, क्वारंटीन बेड, सैनिटाइजर, एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में क्वारंटीन किए गए सभी लोगों से सीएम हेल्पलाइन ‘1076’ के माध्यम से संपर्क कर उनकी कुशलता की जानकारी ली जाए। घर से बाहर निकलने पर हर व्यक्ति द्वारा फेस कवर, मास्क का प्रयोग करने या चेहरे को कपड़े, रुमाल, गमछा, दुपट्टे से अनिवार्य रूप से ढके जाने के आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आरोग्य सेतु मोबाइल एप डाउनलोड कर खुद को सुरक्षित रखने का भी व्यापक प्रचार करें।


पहला रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम

ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) व भारत सरकार की नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने मिलकर देश का पहला रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। इसकी सहायता से कोविड-19 (COVID-19) से संक्रमितों का वाइटल पैरामीटर्स का कहीं से भी पता चल जाएगा। एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि नोवल कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट की कमी थी। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के संक्रमित होने का ज्यादा चांस है। प्रोफेसर रवि कांत ने कहा, 'एम्स और बीएचईएल ने मिलकर एक ऐसी डिजिटल चिकित्सकीय प्रणाली तैयार की है। जिससे हम मरीज के घर पर रहते हुए उसके शरीर का तापमान और खून में ऑक्सीजन की मात्रा एवं उसके सांस की गति की निगरानी कर सकते हैं।' इससे मरीज को अनावश्यक रूप से अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ेगा। 


उन्होंने कहा कि एक वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन भी बनाई गई है। जिसकी सहायता से मरीज घर बैठे ही एम्स ऋषिकेश के डॉक्टरों को अपनी बीमारी के बारे में बता सकते हैं। सॉफ्टवेयर में यह भी सुविधा है कि अगर मरीज की रिपोर्ट से लगता है कि वह कोरोना संदिग्ध है तो उसे मॉनिटरिंग किट उपलब्ध कराई जाएगी। एम्स निदेशक ने आगे कहा, मरीज के वाइटल पैरामीटर्स उसके लोकेशन के साथ इंटरनेट की मदद से एम्स के कमांड और कंट्रोल सेंटर में प्रदर्शित होते रहेंगे। वहीं मोबाइल एप्लीकेशन यह भी बताएगा कि राज्य के हिस्सों में बीमारी गंभीर रूप से फैल रही है।


यूपी में 'हॉटस्पॉट' के लिए नए नियम

लखनऊ। चीन से निकलकर दुनियाभर में तबाही मचाने वाली महामारी कोरोना वायरस ने अब भारत में भी अपने पैर पसार लिए हैं। इसके संक्रमण को रोकने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन पहले से ही लागू है। लेकिन इस बीच उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश की सरकार ने अपने जिलों को चिन्हित इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया है, यानी यहां अब सब कुछ पूरी तरह से बंद होगा।


उत्तर प्रदेश में सीलिंग के क्या नियम होंगे ?
15 जिलों में चिन्हित किए गए हॉटस्पॉट में आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगेगी, यानी अबतक लॉकडाउन के दौरान जो कुछ छूट मिलती थीं, वो भी नहीं मिलेगी।
इन हॉटस्पॉट में लगातार पुलिस गश्त करती रहेगी और अगर कोई भी व्यक्ति घर से बाहर आता है तो उसपर कार्यवाही की जाएगी।
सील किए गए इलाकों को लगातार सैनिटाइज़ किया जाएगा, इसके लिए फायर सर्विस की मदद ली जाएगी।
चिन्हित स्थानों पर सिर्फ पुलिस, स्वास्थ्यकर्मी और सफाईकर्मी ही आ-जा सकेंगे, बाकि किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी।
बैंक-राशन की दुकानें बंद रहेंगी, जिन्हें लॉकडाउन के दौरान कुछ पास दिए गए थे वो पास भी निरस्त कर दिए जाएंगे। सील इलाकों में सिर्फ जरूरत पड़ने पर एम्बुलेंस को एंट्री मिल सकती है।


मौलाना को थाने से ही जमानत मिलेगी

नई दिल्ली। पुलिस को पता लगा है कि मौलाना साद जाकिर नगर में अपनी बहन कर घर पर है। पुलिस इस बारे में और भी पुख्‍ता जानकारी जुटाने में लगी हुई है। राजधानी दिल्‍ली के निजामुद्दीन मरकज से तबलीगी जमात ने जिस तरह से पूरे देश में कोरोना फैलाया, उसके बाद मौलाना साद की पुलिस को सरगर्मी से तलाश हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिलली पुलिस को पता लगा है कि मौलाना साद जाकिर नगर में अपनी बहन कर घर पर है। पुलिस इस बारे में और भी पुख्‍ता जानकारी जुटाने में लगी हुई है। इसके साथ ही दिल्ली के बड़े मौलवी को मध्यस्थता के लिए भेजा गया है ताकि औऱ ज्यादा इनपुट निकल सके, उसके बाद ही दिल्‍ली पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई होगी। तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों की देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के प्रसार में मुख्य भूमिका सामने आई है। इस बीच संगठन का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ने कहा है कि तबलीगी जमात मरकज के प्रमुख मुहम्मद साद कांधालवी एकांतवास में हैं और वह आठ से नौ दिनों के अंदर सभी का सामने आ जाएंगे। मुहम्मद साद पर लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करने और दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में एक धार्मिक सभा का आयोजन करने का आरोप लगाया गया है, जो 1,000 से अधिक कोरोनावायरस मामलों से जुड़ा हुआ है। मुहम्मद साद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद वह कथित रूप से छिपा हुआ है। साद के अधिवक्ता तौसीफ खान ने बताया, वह क्वारंटीन में हैं। उन्हें इससे बाहर आने में आठ से नौ दिन लगेंगे। अगर जांच अधिकारी हमें जांच में शामिल करना चाहते हैं, तो हम तैयार हैं। हम डरपोक की तरह भागेंगे नहीं। खान ने कहा कि महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराएं, जिनके तहत मुहम्मद साद पर आरोप लगाए गए हैं, जमानती आरोप हैं। उन्होंने कहा, ‘प्राथमिकी में सभी धाराएं जमानती हैं, इसलिए अदालत से अग्रिम जमानत लेने की जरूरत नहीं है। अपराध के लिए अधिकतम सजा दो साल की है, इसलिए उन्हें थाने से जमानत मिल जाएगी।


दोस्त की पत्नी पर आया दिल, की हत्या

अजयदीप चौहान


नालंदा। एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। दरअसल सीआईएसएफ जवान ने अपने दोस्त की पत्नी को पाने के लिए उसकी हत्या कर दी। मामला बिहार के नालंदा जिले की है। जहां इस घटना ने सबको असमंजस में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी सीआईएसएफ जवान को अर्रेट कर लिया है। उसे जेल भेजने की कार्रवाई में नालंदा पुलिस जुटी हुई है।


मामला नालंदा जिले के कल्याण बिगहा ओपी इलाके की है. जहां पुलिस ने विनय हत्याकांड के रहस्य से पर्दा उठाते हुए, एक  खुलासा किया है। दरअसल लव अफेयर में विनय की हत्या की गई है। इस बात का खुलासा करते हुए डीएसपी इमरान परवेज ने बताया कि प्रेम प्रसंग का मामला बताया जा रहा है। दरअसल सीआईएसएफ जवान को अपनी दोस्त की पत्नी से प्यार हो गया था। वह दोस्त की पत्नी के साथ बातचीत करता था। इसके बारे में उसके पति को पता चल गया। हालांकि बताया जा रहा है कि यह एकतरफा प्यार था. जिसके बाद पति को उसने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक  विनय कुमार नवादा जिला के वारसलीगंज थाना इलाके के सिलोखर गांव का रहने वाला था।


डीएसपी इमरान परवेज ने बताया कि पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी सीआईएसएफ को गिरफ्तार कर लिया है। कल्याण बिगहा ओपी इलाके के सागरपर-वरुणतल गांव के समीप बदमाशों ने 19 मार्च को विनय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक और अजीत के बीच बचपन से ही गहरी दोस्ती थी। विनय इंजीनियरिंग में नौकरी करता था जबकि अजीत को सीआईएसएफ में नौकरी लगा था। पहले से दोस्ती के कारण अजीत अक्सर विनय के घर आया जाया करता था। आरोपी सीआईएसएफ जवान अजीत उर्फ विपिन पटना जिला के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के मिसी-सिरसी गांव का रहने वाला है। जब इस बात का पता विनय को लगा तो उसे रास्ते से हटाने के लिए के लिए उसे यहां लाकर गोली मारकर हत्या कर दी। पत्नी से बातचीत होने के विवाद में सीआईएसएफ जवान अजीत ने उसकी हत्या कर दी थी।


लॉक डाउनः नीतीश-मोदी करेंगे वार्ता

आशीष साहू


पटना। कोरोना वायरस का संकट देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में यह आंकड़ा लगभग 6500 पहुंच गया है। इसके साथ ही इंडिया में 200 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच अब लॉकडाउन को बढ़ाने की मांग की जा रही है। कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देशव्यापी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के सवाल पर चर्चा करेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भी लॉक डाउन की अवधि को बढ़ाने की अपील पर चर्चा करेंगे. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने वाली चर्चा में इस बात पर कोई फैसला लिया जा सकता है। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू 21 दिनों के लॉक डाउन की अवधि 14 अप्रैल को पूरी हो रही है। बिहार में भी पिछले कुछ दिनों में लगातार मामले बढ़े हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम नीतीश भी इस अपील का समर्थन कर सकते हैं।


इंडिया में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विशेषज्ञों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये लागू लॉक डाउन की अवधि को बढ़ाया जाए। बता दें कि पीएम मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से कहा था कि कोरोना वायरस के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन एक बार में नहीं हटाया जायेगा।


पंजाबः एक ने किया 22 को संक्रमित

पंजाब में कोरोना का धमाका, 1 पाजिटिव मरीज ने किया 22 लोगों को संक्रमित


नीरज जिंदल
 
चंडीगढ़। मोहाली के गांव डेरा बस्सी के जवाहरपुर में गांव में कोरोना वायरस संक्रमण के 22 मामले सामने आने के बाद ये गांव कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया है। आशंका जताई गई है कि यहां एक संक्रमित व्यक्ति के जरिए 20 लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ है। इन 20 लोगों में व्यक्ति के परिवार के भी 14 लोग शामिल हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों की संख्या के लिहाज से मोहाली जिला पंजाब में सबूसे ऊपर है और यहां अब तक 37 मामले सामने आ चुके हैं।
लगातार सरकार के प्रयासों के बावजूद भी पंजाब में कोरोना संक्रमण के केसों में हो रही बढ़ौतरी चिंता का विषय है। सरकार द्वारा लोगों को बार-बार घरों में रहने के आदेश के बावजूद लोग घरों से निकल रहे हैं। जिस कारण आने वाले दिनों में केसों में ओर भी बढ़ौतरी हो चुकी है।


नेपाली मस्जिद-मदरसों में भी छापेमारी

बिहार। नेपाल में  बैठ कर भारत में कोरोना संक्रमण को तेजी फैलान की साजिश का पर्दाफाश हो गया है। एसएसबी के लेटर से यह खुलासा हुआ है कि  नेपाल में बैठा दहशतगर्द बिहार में कोरोना संक्रमण को फैलाने की घिनौनी साजिश रच रहा है। एसएसबी ने बेतिया के डीएम और एसपी को चिट्ठी लिखकर जानकारी दी है। एसएसबी के पत्र के बाद बिहार सरकार ने भी अपने स्तर से गृह मंत्रालय को इसकी जानकारी दी है। बिहार सरकार ने गृह मंत्रालय को जानकारी दी है कि नेपाल के रास्ते से कोरोना संक्रमित जमात वालों को भारत में भेजने की साजिश चल रही है। एसएसबी के पत्र के बाद बिहार सरकार ने सीमा पर अलर्ट जारी किया है।इसके बाद नेपाल में भी हरकत शुरू हो गई है और वहां की पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है।


नेपाल पुलिस ने शुरू की छापेमारीः जानकारी के अनुसार नेपाल पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।नेपाल पुलिस ने कई संदिग्ध मस्जिद और मदरसों में छापेमारी की है।जानकारी के अनुसार नेपाल पुलिस ने रोहतक के एक मस्जिद में ठिकाना लिए 8 पाकिस्तानियों को डिटेन किया है।वहीं विराटनगर में भी कई पाकिस्तानी संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में रखा है।इसके अलावे नेपाल की पुलिस कई अन्य मस्जिदों और मदरसों की तलाशी में जुटी है।बताया जाता है कि  कई पाकिस्तानी नेपाल में शरण लिए हैं।


एसएसबी के पत्र से हुआ है खुलासाः एसएसबी की चिट्ठी में जालिम मुखिया के नाम का उल्लेख किया गया है। जिस शख्स के नाम का उल्लेख किया गया है उस पर भारत विरोधी काम करने का आरोप है। सीमा सुरक्षा बल ने 3 अप्रैल 2020 को पत्र लिखकर बेतिया डीएम को पूरी साजिश की जानकारी दी थी। एसएसबी के पत्र के बाद 7 अप्रैल को बेतिया डीएम ने एसपी समेत अन्य अधिकारियों को कोरोना संदिग्ध के नेपाल से भारत आने की गतिविधि के बारे में जानकारी दी थी।


नेपाल में बैठा है जालिम मुखियाः उस पत्र में जालिम मुखिया के नाम का उल्लेख किया गया है। बताया जाता है कि वह नेपाल के परसा जिला के सेरवा थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव का रहने वाला है। वह भारत में कोरोणा महामारी फैलाने की योजना बना रहा है। जालिम मुखिया नेपाल-भारत से हथियार के अवैध सप्लाई और FICN तस्करी में भी शामिल है।


नेपाल कंम्यूनिस्ट पार्टी से जुड़ा है जालिम मुखियाः नेपाल का जालिम मुखिया के नाम का उल्लेख एसएसबी ने अपने पत्र में किया है।यही जालिम मुखिया भारत विरोधी गतिविधि में शामिल रहा है।भारत में हथियार सप्लाई से लेकर जाली नोट के कारोबार में इसकी भूमिका बताई जाती है।जानकारी के अनुसार जालिम मुखिया नेपाल कंम्यूनिस्ट पार्टी का सक्रिय सदस्य बताया जाता है।यह पहले माओवादी का भी मेंबर था।नेुपाल में पिछली बार हुए चुनाव में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। जालिम मुखिया का घर परसा जिले के जगन्नाथपुर है जो कि बेतिया के सिकटा सीमा से लगी हुई है।


यूपीः 14 के बाद भी रहेगा लॉक डाउन

14 अप्रैल के बाद भी रहेगा लॉकडाउन? राज्यों की ये है तैयारी…??


राजेश कुमार यादव


लखनऊ। कोविड19 महामारी का खतरा भारत के सिर पर मंडरा रहा है। सोमवार तक देश में इसके 4,200 से ज्‍यादा मामले सामने आए हैं। 100 से ज्‍यादा लोगों की जान ये घातक वायरस ले चुका है। इसका संक्रमण फैलने से रोकने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया। करीब दो सप्‍ताह होने को हैं और देश में मामलों की संख्‍या रोज बढ़ रही है। इस बीच, कुछ संकेत मिले हैं कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्‍म हो सकता है। हालांकि कुछ राज्‍य लॉकडाउन को जारी रखने का इशारा भी कर रहे हैं। तेलंगाना के मुख्‍यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने लॉकडाउन को दो सप्‍ताह के लिए बढ़ाने का सुझाव दिया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ देश का एकमात्र हथियार लॉकडाउन है और वह प्रधानमंत्री से इसकी अवधि को बढ़ाने की अपील करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी है। सीएम ने कहा, ‘मैं देश में लॉकडाउन को 15 अप्रैल के बाद भी बढ़ाने के पक्ष में हूं क्योंकि हम आर्थिक समस्या से उबर सकते हैं लेकिन हम जानें फिर से रिकवर नहीं कर पाएंगे।’ सीएम ने कहा कि वह प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि बिना किसी झिझक के वह लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लें।
कौन बढ़ाएगा, कौन हटाएगा?
तेलंगाना सीएम ने सुझाव दिया कि 14 अप्रैल के बाद, दो सप्‍ताह के लिए लॉकडाउन एक्‍सटेंड किया जाए। उन्‍होंने एक BCG रिपोर्ट का संदर्भ दिया जिसमें 3 जून तक लॉकडाउन का सुझाव दिया गया था। राज्‍य ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसी अटकलें हैं कि पंजाब भी लॉकडाउन बढ़ाने के विषय में फैसला ले सकता है। तमिलनाडु सीएम ई पलनीस्‍वामी ने लॉकडाउन खत्‍म करने को लेकर साफ जवाब नहीं दिया। असम और महाराष्‍ट्र ने इसपर कुछ दिन में फैसला लेने की बात कही है।
यूपी में रहेगा लॉकडाउन’
देश के सबसे बड़े सूबे उत्‍तर प्रदेश में भी लॉकडाउन जारी रह सकता है। प्रदेश सरकार के अडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) अवनीश अवस्थी ने कहा है कि अगर कोरोना वायरस का एक भी मामला प्रदेश में रहेगा तो लॉकडाउन नहीं खोला जाएगा। इससे पहले, सीएम योगी का एक बयान आया था जिसमें उन्‍होंने चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खत्‍म करने के सुझाव मांगे थे।


क्वॉरेंटाइन सेंटर से भागे 16 पर केस

क्वारंटीन सेंटर से भागे 16 लोग, केस दर्ज


टांडा। हंसवर थाना क्षेत्र के तीन प्राथमिक विद्यालयों में क्वारंटीन किए गए 16 नागरिक मंगलवार को अचानक भाग गए। ये सभी अन्य प्रांतों से यहां आए थे। इनके फरार होने की सूचना मिलने से हड़कंप मच गया। सभी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। बाद में वे सभी वापस अपने-अपने क्वारंटीन सेंटर पहुंच गए।
हंसवर के ग्राम हरदासपुर प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय तिलकारपुर व प्राथमिक विद्यालय जल्लापुर साबुकपुर को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। एहतियात के तौर पर गैर प्रांतों से आए यहां तमाम ग्रामीणों को क्वारंटीन किया गया है। इस बीच मंगलवार को तीनों विद्यालयों में क्वारंटीन किए गए अलग अलग 16 ग्रामीण फरार हो गए।
इसमें हरदासपुर प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन किए गए जिलाजीत, दिनेश, बलराम, राजू, संतोष कुमार, शैलेंद्र, मिथुन, अनूप, जबकि प्राथमिक विद्यालय तिलकारपुर में क्वारंटीन किए गए मूलचंद, रोशन प्रजापति, पुरुषोत्तम, गिरिजेश, अजीत तथा प्राथमिक विद्यालय जल्लापुर साबुकपुर से सचिन गौड़ व अंकित गौड़ शामिल हैं। थाने के एसआई शिव सिंह पाल ने बुधवार को तीनों केंद्रों पर पहुंचकर मौके का जायजा लिया। सभी फरार 16 नागरिकों के परिवारीजनों से मुलाकात कर उन्हें तत्काल क्वारंटीन सेंटर बुलाए जाने का निर्देश दिया।
उधर, क्वारंटीन सेंटर से फरार ग्रामीणों के विरुद्ध पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष श्रवण सिंह ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर से नदारद ग्रामीणों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। बाद में सभी संबंधित नागरिक सेंटर पहुंच भी गए।


डेली मार्केट में नहीं हो रहा लॉकडाउन का पालन


 अंबेडकरनगर। कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश में जारी 21 दिवसीय लॉकडाउन का शहर के कई स्थानों में भलीभांति पालन नहीं हो पा रहा है। इसी क्रम में अगर हम शहर के डेली मार्केट की बात करें तो यह अक्सर लॉक डाउन की धज्जियां उड़ती दिखाई पड़ जाती हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा सब्जी विक्रय के लिए शहर के स्थानों को निर्धारित कर दिए जाने के बाद से यहां सब्जी की बिक्री हो रही है मगर आलू प्याज आदि का थोक कारोबार  नवीन सब्जी मंडी सिझोली शहजादपुर अकबरपुर से होता है। इसके अलावा डेली मार्केट से फलों की भी बिक्री होती है। खरीददारी के लिए पूर्वाह्न यहां लोगों की भीड़ उमड़ जाती है। सुबह नौ बजे का समय है जब यह संवाददाता डेली मार्केट पहुंचा को वहां खरीददारों की भी भीड़ दिखाई। इस क्रम में शारीरिक दूरी के सिद्धांत का भी पालन नहीं हो रहा थे।  यही नहीं यहां पर फालतू लोगों  को  टहलते हुए देखा गया जो बिना किसी काम के सड़क पर टहलते हुए पाए गए प्रशासन द्वारा इन पर किसी भी प्रकार का कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा। जो चिंतनीय विषय है। यही स्थिति चौक शहजादपुर से पुलिस चौकी तक देखी जा सकती है।


पान मसाला और गुटखा की बिक्री पर प्रतिबंध फिर भी पास युक्त वाहन से हो रही सप्लाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लॉक डाउन के दौरान उत्तर प्रदेश में पान मसाला और गुटखा की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया. सरकार ने प्रदेश में गुटके का निर्माण और भंडारण के साथ वितरण पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सीएम योगी ने ये फैसला किया है.
सरकार का मानना है कि लोग पान मसाला और गुटखा खाकर सड़कों पर गंदगी करते हैं. खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 30/2 के तहत ये फैसला लिया गया है. इस संबंध में आयुक्त खाद्य एवं सुरक्षा की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है। सूत्रों की माने तो शहर में देसी गुटखा के कारोबारियों द्वारा निर्माण कार्य भी चल रहा है और  पास युक्त वाहन से बाजारों में सप्लाई भी की जा रही है प्रशासन को नियंत्रण रखने के लिए  पास युक्त माल बाहको को चेक करना चाहिए।
 जिससे प्रतिबंधित सामानों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके और ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोगों के ऊपर कार्यवाही की जा सके।


शोएब ने लगाई मदद की गुहार

लोकेश वाघमारे


इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने भारत और पाकिस्तान को मिलकर कोरोनावायरस महामारी का सामना करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत हमें 10,000 वेंटिलेटर्स देता है तो इसे पाकिस्तान जिंदगी भर याद रखेगा।


भारत में कोरोनावायरस का कहर जारी है। अब तक इस वायरस से 166 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मरीजों की संख्या 5734 पहुंच गई है। पाकिस्तान में भी कोरोनावायरस बुरी तरह से फैल चुका है। ऐसे में पाकिस्तान दूसरे देशों से मदद की गुहार लगा रहा है। उनकी हालत इतनी खस्ता है कि डॉक्टर्स के पास इलाज करने के लिए किट तक नहीं है। कोरोनावायरस के मरीजों का इलाज करने वाले एक डॉक्टर की भी मौत हो चुकी है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारत और पाकिस्तान से मिलकर कोरोनावायरस महामारी का सामना करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत हमें दस हजार वेंटिलेटर्स देता है तो इसे पाकिस्तान जिंदगी भर याद रखेगा। जिस पर भारतीय ट्विटर यूजर ने उनकी क्लास ली है और चीन से मदद मांगने को कहा है।


शोएब अख्तर ने कहा, ”भारत अगर हमें 10000 वेंटिलेटर देता है तो पाकिस्तान इसे हमेशा याद रखेगा। हम तो सिर्फ मैचों की पेशकश कर सकते हैं। बाकी अधिकारियों को तय करना हे। वैसे संकट के इस समय में ये सीरीज होती है तो मैच के रिजल्ट पर कोई भी देश निराश नहीं होगा। विराट कोहली शतक जड़ेंगे तो हम खुश होंगे और बाबर आजम शतक जड़ेंगे तो आप खुश होंगे। जीत दोनों देश की होगी।”


ट्विटर पर भारतीयों को उनका प्रस्ताव बिलकुल ठीक नहीं लगा और चीन से मदद मांगने की हिदायत दे डाली। एक यूजर ने लिखा, ”मेरे दोस्त शोएब अख्तर, भारत ने 93 हजार पाकिस्तानी जवानों को दिया था, वो तो आपको याद नहीं। ऐसा मजाक फिर न करना।” वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, ”शोएब आप ये प्रस्ताव अपने सबसे करीबी दोस्त चीन के पास लेकर जाएं। कोरोनावायरस के खिलाफ जंग के लिए चीन और पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज अच्छा ख्याल हो सकता है।” तीसरे यूजर ने लिखा, ”भारत आपको 10 हजार वेंटिलेटर बनाकर दे देगा। क्या आप उसके बदले में भारत को 10 हजार आतंकवादी देंगे।” ट्विटर पर लोगों ने ऐसे रिएक्शन्स दिए हैं।


लड़की जिससे चाहे संबंध बनाएंः नेहा

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया का कुछ दिनों पहले रियलिटी शो ‘रोडीज’ के ऑडिशन से एक वीडियो वायरल हुआ था जिसके कारण एक्ट्रेस काफी विवादों में आ गई थीं। अब नेहा धूपिया ने इसी मामले में एक बार फिर से अपनी चुप्पी तोड़ी है और कहा है कि वो अपने शब्दों और सोच पर अभी भी बनी हुईं हैं।
बॉलीवुड हंगामा से बातचीत के दौरान नेहा ने कहा, “वो एक रियलिटी शो है। कुछ बातें कही गई हैं क्योंकि इसे चीजों को मैं काफी सीरियली लेती हूं”एक ऐसी घटना थी जो दुर्भाग्य से, जो मैंने कहा था उसका एक छोटा हिस्सा चर्चा में था, जबकि मैं जो कुछ भी करने की कोशिश कर रही थी वह यह था कि किसी भी परिस्थिति में घरेलू हिंसा ठीक नहीं है और इसलिए, इसका केवल आधा हिस्सा उठाया गया था और मुझे बड़े पैमाने पर ट्रोल किया गया।”नेहा ने बताया, “ईमानदारी से, मुझे जो कुछ भी कहना था, मैंने समय लिया और इसे एक बयान में रखा और मैं अभी भी अपने शब्दों पर बनी हुई हूं और यही सोच रखती हूं।”नेहा ने आगे कहा, “बहुत सारे लोग जिनमें बहुत सद्भावना है, बहुत सारे लोगों ने इस मामले में मेरा सपोर्ट भी किया और कहा कि यदि आप एक रिश्ते में हैं और अगर धोखा है, ऐसे मामलों में तलाक भी हो सकता है।”
नेहा कहती हैं कि, “अगर आप घरेलू हिंसा का शिकार होने जा रहे हैं, तो परिणाम बहुत हैरान करना वाले होंगे। ऐसे में ये मायने नहीं रखता की आपकी क्या हालत है या आप अंदर से कितना हर्ट हो चुके और बेहद परेशान है.. दुख की बात है कि ऐसे में सिर्फ सिर्फ वहीं हिस्सा हाईलाइट होता है कि आपने हाथ उठाया।”


आपको बता दें कि वायरल वीडियो में जज बनी नेहा धूपिया से ऑडिशन देने आए कंटेस्टेंस की बेहद सख्त शब्दों में झाड़ लगाई थी। क्योंकि इस कंटेस्टेंट ने बताया था कि उसकी गर्लफ्रेंड उसके साथ साथ पांच लड़कों से बातें करती थी और धोखा दे रही थी ऐसे में उसने अपनी गर्लफ्रेंड को चांटा मारा।
कंटेस्टेंट की बात पर भड़कते हुए नेहा धूपिया ने उसके साथ गाली गलौच की और कहा है ये उस लड़की की मर्जी है वो चाहे जितने लड़कों के साथ रहे। नेहा ने यहां तक कहा था कि हो सकता है कि लड़के में ही कोई कमी हो जिसके कारण उसकी गर्लफ्रेंड उसके साथ ऐसा कर रही हैं। नेहा को इसी अंदाज के कारण सोशल मीडिया पर खूब आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।


पब्लिक-पुलिस में सामजस्यता का अभाव

जनता से दुर्व्यवहार करने पर व्यक्तिगत रूप से होंगे जिम्मेदार


शहर में 11 बजे से पहले बाजार आने बाले लोगों को बिना पूछताछ के सूबेदार मार रहे हैं लाठी,कइ मामले आए सामने


जनता को पुलिस प्रशासन की मदद करते हुए करना होगा लॉक डाउन का पालन


शिवपुरी। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए हैं कि पुलिस किसी भी कीमत पर आमजन से लेकर किसी के भी साथ लॉक डाउन के दौरान दुर्व्यवहार नहीं करेगी। अगर कोई भी इस तरह की घटना होती है तो संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से इसके लिए जिम्मेदार होंगे। बात अगर शिवपुरी की करें तो यहां ट्रैफिक सूबेदार द्बारा ड्यूटी के दौरान जो कुछ किया जा रहा है वह अपने आप मे समझ से परे है। ट्रैफिक प्रभारी द्बारा मनमाने अंदाज में जनता के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। प्रशासन ने आवश्यक बस्तुओं की खरीद के लिए 11 बजे तक का समय तय किया है। लेकिन सूबेदार यादव द्बारा मनमाने अंदाज में 11 बजे से पहले आवश्यक सामग्री लेने के लिए बाजार आने बाले लोगों के साथ भी बेवजह मारपीट की जा रही है। पुलिस सख्ती के साथ लॉक डाउन का पालन कराए यह अति आवश्यक है, लेकिन जो लोग 11 बजे से पहले बाजार आ रहे हैं उन्हें रोककर पुलिस कम से कम यह तो जान ले कि वह किस आवश्यक कार्य से बाजार आया है, लेकिन जिला मुख्यालय पर देखने मे यह आ रहा है कि ट्रैफिक प्रभारी द्बारा बिना कोई पूछताछ के बाइक सबारों को सीधे लाठी से पीटा जा रहा है। बताया जाता है सूबेदार द्बारा बिना किसी पूछताछ के 11 बजे से पहले जिन लोगों को पीटा जा रहा है उसका शिकार एक भाजपा नेता सहित अन्य कई लोग भी हुए हैं। बीते रोज लगभग 10 बजे इस भाजपा नेता को रोककर सीधे इसमें लाठी मारी गईं हैं। जानकारों का मानना है कि 11 बजे से पहले बाजार आने बाले लोगों को रोककर पहले पूछताछ की जाना चाहिए इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होना चाहिए और 11 बजे के बाद जो लोग घरों से बाहर निकले उसे पुलिस अपने जिस भी अंदाज में समझाए वह उचित ही होगा। 


लॉक डाउन कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए अति आवश्यक है।जनता का भी फर्ज बनता है कि वह पूरी तरह से लॉक डाउन का पालन करते हुए पुलिस प्रशासन की मदद करे।


अपात्रः प्रति व्यक्ति मिलेगा गेहूं-चावल

चार किलो गेहूँ एवं एक किलो चावल प्रति व्यक्ति प्रदान किया जाएगा
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार कोरोना संकट के चलते प्रदेश के 32 लाख ऐसे व्यक्तियों को भी नि:शुल्क राशन प्रदाय किया जाएगा, जिनके पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्रता पर्चियां नहीं हैं। इन्हें एक माह का नि:शुल्क उचित मूल्य राशन राज्य सरकार के कोटे से प्रदाय किया जाएगा। राशन के अंतर्गत इन्हें चार किलो गेहूँ एवं एक किलो चावल प्रति व्यक्ति प्रदान किया जाएगा।
प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में 31 लाख 81 हजार 525 ऐसे व्यक्ति हैं, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत निर्धारित 25 पात्रता श्रेणियों में तो आते हैं, परंतु उन्हें वर्तमान में उचित मूल्य राशन प्राप्त करने की पात्रता नहीं है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014-15 में प्रदेश में योजना के अंतर्गत पात्रता पर्चीधारियों की संख्या 5 करोड़ 46 लाख निर्धारित किए जाने से इन्हें पात्रता नहीं है। अब राज्य शासन ने इन्हें अपने कोटे से एक माह का नि:शुल्क राशन दिए जाने का निर्णय लिया है। राज्य के समग्र सामाजिक सुरक्षा पोर्टल पर इनका नाम दर्ज है। खाद्यान्न वितरण के लिए प्रदेश के इन 8 लाख 8 हजार 946 परिवारों के 31 लाख 81 हजार 525 सदस्यों के लिए राज्य स्तर से 12 हजार 726 मीट्रिक टन गेहूँ तथा 3 हजार 181 मीट्रिक टन चावल का कोटा जारी किया जा चुका है।
किसी भी नजदीकी दुकान से प्राप्त कर सकेंगे राशन
बिना पात्रता पर्ची वाले सभी व्यक्ति सुविधानुसार अपने आस-पास की किसी भी उचित मूल्य दुकान से यह राशन प्राप्त कर सकेंगे। वर्तमान में कोरोना संकट के मद्देनजर कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे राशन वितरण में सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य सुरक्षात्मक उपायों का कड़ाई से पालन कराएं। हितग्राहियों से कहा गया है कि वे बारी-बारी से राशन प्राप्त करें तथा राशन दुकानों पर एक-दूसरे की बीच दूरी कायम रखते हुए भीड़ न लगाएं। इन सभी हितग्राहियों की सूची पोर्टल पर लॉगिन में उपलब्ध है।


1400 किमी से लाई अपना बच्चा

निजामाबाद। कोरोना लॉकडाउन में देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग फंसे हुए हैं और वह अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए ही मोदी सरकार ने यह फैसला लिया है। मगर इस बीच एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे पढ़कर आपको फिर से यकीन हो जाएगा कि एक मां अगर चाहे तो अपने बच्चों के लिए क्या नहीं कर सकती है। दरअसल, एक महिला का बेटा घर से करीब 700 किलोमीटर दूर लॉकडाउन की वजह से फंस गया था, जिसके बाद मां स्कूटी से 1400 किलोमीटर की यात्रा कर अपने बेटे को वापस ले आई।


स्कूटी से तय की 1400 किमी ससफरः फरलंगाना के निजामाबाद जिले की रहने वालीं 50 वर्षीय रजिया बेगम अपने स्कूटी से 700 किलोमीटर दूर नेल्लोर चली गईं, जहां उनका बेटा लॉकडाउन में फंसा था और फिर अपने बेटे को स्कूटी पर बैठाकर घर वापस ले आईं। रजिया बेगम निजामाबाद के बोधन शहर में एक सरकारी शिक्षिका हैं। रजिया अपने बेटे को लाने के लिए सोमवार की सुबह स्कूटी से निकलती हैं और मंगलवार को दोपहर में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर पहुंचती हैं। वहां से वह अपने 17 साल के बेटे मोहम्मद निजामुद्दीन को स्कूटी पर बैठाकर वापस घर चली आती हैं और वह बुधवार को शाम में अपने घर पहुंचती हैं। इस दौरान रजिया तीन दिनों में कुल 1400 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। उनका बेटा नेल्लोर में अपने दोस्त के घर पर फंस गया था।


एसीपी ने दी थी विशेष परमिशनः हालांकि, लॉकडाउन होने की वजह से इस असंभव काम में उनकी मदद बोधन जिले के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर वी जयपाल रेड्डी करते हैं। रजिया अपने बेटे को वापस लाने का वाजिब कारण बताती हैं और उनसे जाने की मंजूरी मांगती हैं। रजिया की गुहार सुनकर जयपाल रेड्डी उन्हें एक विशेष लेटर जारी करते हैं, ताकि प्रशासन कहीं भी रोके-टोके नहीं। हालांकि, इस दौरान रजिया को कई जगहों पर पुलिसवाले रोकते भी हैं, मगर एसीपी द्वारा दी गई विशेष पास की बदौलत उन्हें कहीं ज्यादा दिक्कत नहीं आती है और वह अपने बेटे को सुरक्षित घर लाने में कामयाब रहती हैं।


रजिया को एक बेटा और एक बेटीः रजिया के पति 12 साल पहले एक बीमारी की वजह से गुजर चुके हैं। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। बेटा निजामुद्दीन 2019 में 12वीं पास कर गया है और अब वह हैदराबाद में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा है। बीते दिनों निजामुद्दीन अपने दोस्त के साथ नेल्लोर गया था, जहां उसके दोस्त के पापा अस्पताल में भर्ती थे। तभी अचानक 23 तारीख को लॉकडाउन का ऐलान हो जाता है और वह अपने दोस्त के घर पर फंस जाता है।


बेटे के लिए हरसंभव कोशिशः रजिया को जैसे ही पता चलता है कि उनका बेटा नेल्लोर में दोस्त के घर पर फंस गया है, वह तुरंत असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर से संपर्क करती हैं और अपने बेटे को वापस बुलाने के लिए मदद की गुहार लगाती हैं। वह कहती हैं कि एसीपी साहब ने मुझे एक परमिशन लेटर दिया, ताकि मैं लॉकडाउन में अपने बेटे को लाने जा सकूं। उन्होंने आंध्र प्रदेश पुलिस से भी अपील की कि मुझे लॉकडाउन में अपने राज्य में जाने दिया जाए।


मुझे कहीं डर नहीं लगाः रजिया आगे कहती हैं कि मैं लगातार चलती गई। मुझे अपने बेटे को वापस लाना था, इसलिए कहीं भी डर नहीं लगा। कई जगह पुलिसवालों ने रोका, मगर मैं एसीपी साहब का दिया हुआ परमिशन लेटर दिखा देती थी और वे मुझे जाने देते थे। मैं नेल्लोर में एक दिन भी नहीं रुकी और वापसी के लिए मैं निकल गई।


कहरः परिवार के 25 लोग संक्रमित

कविता गर्ग


सिवान। बिहार में वैश्विक महामारी कोरोना का कहर जारी है। प्रदेश के सीवान जिले के पंजवार गांव में 11 और लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने का मामला सामने आया है। ये सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। इस तरह सीवान में कुल पॉजीटिव केस 31 हो गए हैं, जिसमे पंजवार में एक ही परिवार के 25 लोग शामिल हैं। बिहार में अब कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 60 हो चुकी है। गत 30 मार्च को कोरोना के छह मरीज मिले थे, वहीं 7 अप्रैल को भी बिहार में एक ही दिन में कोरोना छह मरीज सामने आए थे। बिहार में गुरुवार को 19 नए मरीजों के सामने आने के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या 39 से बढ़कर 58 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि इनमें अधिकांश की यात्रा इतिहास या संक्रमण के विस्तार की पहचान कर ली गई है।


बेगूसराय में 15 व 18 वर्ष के दो लड़कों के सैंपल पॉजिटिव


उधर, बेगूसराय के बछवाड़ा इलाके में 15 और 18 वर्ष के दो लड़कों के सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। इनकी ट्रेवल हिस्ट्री या किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने की पहचान की जा रही है। बेगूसराय से मिली जानकारी के मुताबिक इस तरह जिले के एक गांव में जमात चलाने के दौरान पकड़े गए कुल 10 युवकों में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या अब चार हो गई है। एक दिन पूर्व ही जमात में शामिल युवकों में से दो की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली थी। दोनों जमात से जुड़े थे।


चार जिलों को संवेदनशील माना जा रहा है


विभागीय सूत्रों ने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर चार जिलों को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। इनमें सीवान, मुंगेर, पटना व गया शामिल हैं। हालांकि नवादा समेत बिहार के कुल 11 जिले कोरोना के प्रभाव क्षेत्र में शामिल हो चुके हैं।


पटना-बेगूसराय की सीमा को सील किया गया


बेगूसराय में कोरोना के दो मरीज मिलने के बाद पटना-बेगूसराय सीमा को सील कर दिया गया है। अन्य मार्ग पर भी वाहनों की र्चेंकग शुरू कर दी गई है। पटना जिले से सटे एक गांव में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मरीज विदेश से पटना लौटा था। पटना होकर ही वह अपने घर बेगूसराय गया था। इस दौरान पटना में कहां-कहां रुका, किसके संपर्क में आया, किस रास्ते से गांव लौटा, इसकी जानकारी ली जा रही है। डीएम कुमार रवि ने पटना-बेगूसराय सीमा पर वैसे ही वाहनों को आने-जाने की इजाजत दी है, जो अति आवश्यक सेवा में लगे हैं।


वायरसः 90 प्रतिशत की मजदूरी गई

आदित्य मैनन


नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते किया गया लॉकडाउन भारत के गरीबों और मजदूरों पर बहुत भारी पड़ेगा। NGO जन साहस के एक सर्वे के मुताबिक, करीब 90% मजदूरों ने पिछले तीन हफ्तों में अपना कमाई का जरिया खो दिया है। भारत सरकार ने कंस्ट्रक्शन मजदूर लोगों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है, लेकिन इनमें से ज्यादातर मजदूरों तक इस राहत का पहुंचना मुश्किल है।


सर्वे देशभर के 3196 कंस्ट्रक्शन मजदूरों के बीच कराया गया था। सर्वे कहता है कि 94% कामगारों के पास बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स आइडेंटिटी कार्ड नहीं है, जो सरकार की तरफ से दी गई 32000 करोड़ की राहत पाने के लिए जरूरी है। सर्वे में शामिल हुए 17 प्रतिशत मजदूरों के पास बैंक अकाउंट नहीं है। इससे सरकार की तरफ से दी गई राहत का उन तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। जन साहस का सुझाव है कि इन लोगों तक ‘आधार से पहचान करके ग्राम पंचायत और पोस्टल ऑफिस के जरिए इनके दरवाजे तक कैश पेमेंट’ किया जाए। इन मजदूरों को राहत मिलने में एक और दिक्कत जानकारी की कमी की है। सर्वे के मुताबिक, 62 फीसदी मजदूरों को पता ही नहीं था कि आपातकालीन सरकारी राहत कैसे ली जाए, वहीं 37 प्रतिशत को नहीं पता था कि मौजूदा सरकारी स्कीमों की मदद कैसे ली जा सकती है।


बढ़ता कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा

नई दिल्ली। चीन के बुहान शहर से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) का असर अब भारत में तेजी से फैल रहा है। इंडिया में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 6412 हो गई है, जबकि 199 लोगों की मौत हो चुकी है। इन सबके बीच इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने देश को भयानक खतरे के संकेत दिए हैं। हाल के कुछ हफ्तों में ICMR की ओर से देशभर के अलग-अलग जिलों से लिए गए कोरोना वायरस मरीजों के नमूनों और उनकी केस हिस्ट्री की जानकारी में जो आंकड़े सामने आए हैं, उससे देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन (Community Transmission) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ICMR ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा न के बराबर है।


इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) की टीम ने 15 फरवरी और 2 अप्रैल के बीच कोविड-19 से संक्रमित 5,911 मरीजों की जांच की। इसमें से 104 मरीजों कोरोना पॉजिटिव पाए गए। ये सभी मरीज 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशा के 52 जिलों से थे। जांच में इन पॉजिटिव मरीजों में से 40 मरीजों ने कभी विदेश यात्रा नहीं की और न ही इनका संबंध कभी किसी विदेशी यात्री से रहा। 15 राज्यों के 36 जिलों में ऐसे मरीजों में कोरोना का संक्रमण देखने को मिला जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी।


गुजरात में 792 गंभीर रूप से बीमार लोगों की जांच की गई। इनमें से 13 मामले कोरोना पॉजिटिव पाए गए। तमिलनाडु में 577 मरीजों की जांच की गई जिसमें से 5 मरीजों में कोविड-19 सक्रिय था। महाराष्ट्र में 553 मरीजों में से 21 में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसी तरह केरल 502 मरीजों में 1 मरीज करोना पॉजिटिव मिला.ICMR की रिपोर्ट में बताया गया है। जिन जिलों में इस तरह के मरीज ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। वहां और अधिक सावधान रहने की जरूरत है. कोरोना के खतरे को लेकर ICMR ने जब 14 मार्च को अपनी रिपोर्ट दी थी तब उसने कम्युनिटी ट्रांसमिशन के खतरे को पूरी तरह से नकार दिया था। लेकिन अब जो रिपोर्ट सौंपी गई है वह अच्छे संकेत नहीं दे रही है।


जानिए क्या होता है कम्युनिटी ट्रांसमिशन :- ये तब होता है जब वायरस सोसायटी में घुसकर बहुत बड़ी संख्या में लोगों को बीमार करने लगे। कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों की मौत होने लगे। लेकिन साथ ही साथ एक बार बीमार हो चुके लोगों में इसके लिए इम्युनिटी पैदा हो जाए और आखिर में वायरस कुछ न कर सके। इसे प्रतिरक्षा का सिद्धांत कहते हैं। कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू होते ही ये हालात आते ही हैं। रोग प्रतिरक्षा पैदा होने में कितना वक्त लगता है ये कई बातों पर निर्भर है। जैसे बीमारी कितनी तेजी से फैल रही है। इम्युनिटी पैदा होने में आमतौर पर 6 महीने से लेकर 1 साल का समय लगता है। अभी तक SARS-CoV2 के मामले में वैज्ञानिक ये बता नहीं सके हैं।


लगातार 6 दिन रहेंगे बैंक बंद

नई दिल्ली। बैंकों के लिए अप्रैल को छुट्टियों वाला महीना कहा जाए तो कुछ गलत नहीं होगा। इस महीने बैंक सिर्फ 16 दिन ही खुलेंगे, जबकि 14 छुट्टी रहेगी। दरअसल 9 छुट्टियां त्योहारों एवं अन्य चीजों की हैं, जिन पर देश के विभिन्न हिस्सों में अवकाश रहेंगे। इसके अलावा हमेशा की तरह दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी रहेगी। इस तरह कुल 14 दिन बैंकों में अवकाश रहेगा बता दें कि फिलहाल बैंकों में कार्य दिवसों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही काम हो रहा है।
 10 अप्रैल यानी शुक्रवार को बैंक गुड फ्राइडे के चलते बैंकों में छुट्टी होगी। इसके बाद शनिवार और रविवार को भी अवकाश होगा यानी दूसरे सप्ताह में कुल 4 दिन बैंक बंद रहेंगे।।


13 अप्रैल यानी सोमवार को बिहू/बैसाखी पर्व के चलते अवकाश रहेगा। इस तरह 10 तारीख से 13 तारीख तक लगातार 4 दिन बैंकों में छुट्टी रहेगी।14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के मौके पर छुट्टी रहेगी। इसके अलावा तमिल और बंगाली नववर्ष भी इसी दिन मनाया जाएगा। 15 अप्रैल को बोहाग बिहू/हिमाचल दिवस का अवकाश रहेगा।हलाकि को हिमाचल के लोकल अवकाश रहेगा


नमाज पढ़ते मिले 40 पर 188 की कार्रवाई

छिंदवाड़ा। कोरोना महामारी को देशभर में फैलने से रोकने के लिए सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया है क्योंकि कोरोना संक्रमण का फिलहाल कोई इलाज नहीं है। ऐसे में इससे केवल सोशल डिस्टेंस के माध्यम से ही बचा जा सकता है। यही वजह है कि सरकार जनता से सोशल डिस्टेंस बनाने की लगातार अपील कर रही है। वहीं लोग लगातार लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला छिंदवाड़ा में सामने आया, जहां लोग एक जगह इकट्ठे होकर नमाज पढ़ रहे हैं। छिंदवाड़ा के चौरई के पास खैरी मस्जिद 40 से अधिक व्यक्ति नमाज़ पढ़ते हुए पाये गये। थाना प्रभारी ने दबिश दी इस दौरान खैरीगढ़ सरपंच एजाज़ ख़ान भी मौजूद था। इन सभी व्यक्तियों के विरूद्ध पुलिस ने धारा 188, 269 भादवि आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं मध्यप्रदेश एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट कोविड 19 विनियम 2020, मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट1949, एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाही की गई।


महाराष्ट्र सरकार पर भाजपा का हमला

मुंबई। कोरोना संक्रमण को देखते हुए देशभर में लॉकडाउन जारी है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं और मुंबई तो हॉटस्पॉट बना हुआ है। मुंबई में संक्रमित लोगों का आंकड़ा 786 पहुंच गया है। एक तरफ महाराष्ट्र सरकार लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है लेकिन दूसरी तरह महाराष्ट्र सरकार का गृह विभाग खुद नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। महाराष्ट्र का गृह विभाग मुंबई के रसूखदार परिवारों पर इतना मेहरबान है कि एक या दो नहीं बल्कि पांच कारों के साथ वाधवा परिवार के काफिले को मुंबई से महाबलेश्वर जाने की इजाजत दे दी।


मुंबई का जाना माना बिजनेस समूह वाधवा ग्रुप (HDIL , DHFL कंपनी) का परिवार मुंबई के बांद्रा पाली हिल इलाके में रहता हैं। अपने बंगले में परिवार के सदस्य बोर हो रहे थे तो परिवार के सदस्यों ने महाबलेश्वर में छुट्टी मनाने का फैसला किया। वाधवा परिवार के सदस्य , नौकर और बॉडीगॉर्ड सहित 23 लोग चार गाड़ियों के काफिले में महाबलेश्वर रवाना हुए और दोपहर तक महाबलेश्वर पहुंच गए. अब सवाल यह उठता है कि जब बिना कारण घर से निकलने वालों को मुंबई पुलिस सख्ती से निपट रही है और गृह मंत्रालय ने बिना कारण घर से निकलने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं तो यह रसूखदार वाधवा परिवार महाबलेश्वर कैसे पहुंच गया?


दरअसल, वाधवा परिवार जब महाबलेश्वर पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने 23 लोगों की भीड़ देखकर इसका विरोध किया और सवाल उठाए कैसे लॉकडाउन के बीच वह महाबलेश्वर पहुंच गए? स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत लोकल पुलिस स्टेशन में की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच। महाबलेश्वर गए सभी लोगों को हिरासत में लिया गया। फिलहाल वाधवा परिवार के सभी सदस्यों को अलग रखा गया है, परिवार के सदस्यों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग के विशेष सचिव और एडिशनल डीजीपी अमिताभ गुप्ता ने अपने आधिकारिक पत्र पर वाधवा परिवार के सदस्यों को खंडाला से महाबलेश्वर जाने की इजाजत दी। अपने पत्र में अमिताभ गुप्ता ने वाधवा परिवार के पांच गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर का जिक्र किया और उन गाड़ियों में बैठने वाले सदस्यों के नाम का भी जिक्र किया।



इस पत्र में गृह विभाग के विशेष सचिव अमिताभ गुप्ता ने लिखा है कि यह वाधवा परिवार मेरे करीबी पारिवारिक मित्र हैं और इमरजेंसी हालात में यह खंडाला से महाबलेश्वर जाना चाहते हैं इसलिए इन्हें जाने दिया जाए। इस पत्र में खंडाला से महाबलेश्वर जाने का जिक्र है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक वाधवा परिवार लॉकडाउन का एलान होने के बाद मुम्बई में था। कपिल वाधवा, धीरज वाधवा रियल एस्टेट कंपनी HDIL,  फाइनेंस कंपनी DHFL सहित कई कंपनियों के मालिक हैं। गौरतलब है की मुंबई के व्यापारी वाधवा बंधु डीएचएफएल और यस बैंक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर बाहर हैं। वाधवा बंधु पीएमसी बैंक घोटाले में भी आरोपी बनाए गए हैं। बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के राज्यपाल को पत्र लिखकर इस मामले में संज्ञान लेने की बात कही है।


सार्वजनिक सूचनाएं एवं विज्ञापन

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस    (हिंदी-दैनिक)


अप्रैल 11, 2020, RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-243 (साल-01)
2. शनिवार, अप्रैल 11, 2020
3. शक-1942, वैशाख, कृष्ण-पक्ष, तिथि- चतुर्थी, विक्रमी संवत 2077।


4. सूर्योदय प्रातः 06:10,सूर्यास्त 06:45।


5. न्‍यूनतम तापमान 18+ डी.सै.,अधिकतम-33+ डी.सै.।


6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
7. स्वामी, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहींं है।


8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।


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दुनिया में सबसे अधिक परेशान देश है 'अमेरिका'

वाशिंगटन डीसी। कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर में सबसे अधिक परेशान देश अमेरिका है। वैश्विक मामलों का आंकड़े की लिस्ट में पहले ...