रविवार, 5 अप्रैल 2020

अलग-अलग चरणों में हटेगा लॉक डाउन

राणा ओबराय

देश से अलग-अलग चरणों में हटेगा लॉकडाउन? सरकार ने लॉक डाउन हटाने के लिए बनाया एक खास प्लान!

नई दिल्ली। दो दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर केंद्रीय मंत्रियों की एक बैठक हुई। इसमें मंत्री समूह ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से उत्पन्न मुद्दों पर मंथन किया। शुक्रवार को मंत्री समूह ने तीसरी बार फिर बैठक की थी। बैठक की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार इस बैठक में मंत्रियों ने चर्चा की कि लॉकडाउन अनिश्चित काल तक जारी नहीं रह सकता, लेकिन यह एक बार में हर जगह से हटाया भी नहीं जा सकता। यानि कि लॉकडाउन हटेगा तो जरूर पर हटेगा अलग-अलग चरणों में।सूत्रों ने बताया कि मंत्री समूह ने इस बात पर चर्चा की कि अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति बनानी होगी क्योंकि सभी क्षेत्रों और हॉटस्पॉट में कोरोना के अलग-अलग मामले और संख्या देखने को मिल रही हैं। लिहाजा हमें इससे निपटने के लिए भी अलग-अलग तरह की नीतियां बनानी होंगी। शहरी क्षेत्रों से अलग ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दूसरी रणनीति होगी। छोटे दुकानों, मॉल्स या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए भी अलग-अलग नीति की जरूरत होगी।
मंत्रियों के समूह ने जहां लिमिटेड लॉकडाउन पर जोर देते हुए चर्चा की है, वहीं रेलवे ने सभी मंडलों से चरणबद्ध तरीकों से रेल सेवा बहाल करने की रणनीति बनाने को कहा है। इसमें यात्री सेवा को प्राथमिकता देने को कहा गया है। हालांकि, अभी भी रेवले बोर्ड केंद्र सरकार के निर्देश के इंतजार में है।बता दें कि वीरवार को वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी से कहा था कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त होने के बाद लोगों को कंट्रोल करने के लिए राज्य सरकारें ठोस रणनीति बनाने पर काम करे।अब उम्मीद ये है कि अगले हफ्ते भी मंत्री समूह बैठक करेगा और लॉकडाउन हटाए जाने की रणनीति पर चर्चा करेगा। हालांकि, यह कहा जा रहा है कि 10 अप्रैल तक कोरोना के संक्रमितों की संख्या, उसकी रफ्तार, नए मामलों, संक्रमण की दर आदि मुद्दों पर समीक्षा करने के बाद ही लॉकडाउन हटाने पर कोई ठोस निर्णय लिया जा सकेगा। फिलहाल, देश भर के 700 से अधिक जिलों में कोरोना के 200 से अधिक पॉजिटिव केस सामने आए हैं।


लॉक डाउन की दिवाली से भागेगा कोरोना

लॉक डाउन की दिवाली से हारेगा कोरोना वायरस


कौशाम्बी। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी से लड़ने में वह देश की अखंडता और एकता के प्रतीक स्वरूप आज दिनांक 5 अप्रैल 2020 को हम सभी 130 करोड़ भारतवासी आज रात 9:00 बजे से 9 मिनट तक अपने घर की सभी लाइट बंद कर दरवाजे या बालकनी या छत पर मोमबत्तियां टच या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने का आवाहन किया है। जिसके तहत मैं कहूंगा कि इस संकट की घड़ी में ये दीप हमें नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा यदि हमें इस कोरोना की लड़ाई में ऊर्जा देगा ये दीप हमारी एकता का प्रतीक है जो हमें एकता का एहसास कराता है कि इस लड़ाई में कोई भी व्यक्ति अकेला नहीं है। ये दीप हमारे आत्मविश्वास का प्रतीक है।


गणेश साहू पत्रकार 


महिला सहित मासूमों की बचाई जान

अतुल त्यागी जिला प्रभारी


हापुड़। एसपी संजीव सुमन के नेतृत्व में पुलिस लोगों की मदद के साथ बचा रही मासूमों की जान। बीमारी के कारण गंगा जी में कूदकर आत्महत्या करने आई महिला को गढ़ ब्रजघाट पुलिस ने बचाया। बुलंदशहर की रहने वाली है महिला। ब्रजघाट चौकी इंचार्ज सत्यपाल सिंह महिला सहित कई मासूमों की बचा चुके हैं जान। महिला के परिजनों ने एसपी सहित गढ़ ब्रजघाट पुलिस को कहा धन्यवाद।


हापुड़ः चलाया विशेष सफाई अभियान

अतुल त्यागी जिला प्रभारी, रिंकू सैनी रिपोर्टर हापुड़


हापुड के मौहल्ला शिवचरनपुरा निबासियों ने चलाया बिशेष सफाई अभियान


हापुड। पूरे विश्व में कोरोना वायरस महामारी से त्राहि त्राहि मची हुई है इस महामारी से हमारा भारत देश भी अछूता नही है कोरोना वायरस से बचाव के लिए  प्रत्येक व्यक्ति अपने -अपने स्तर पर कुछ ना कुछ करने के लिए तत्पर है। हापुड नगर पालिका क्षेत्र के मौहल्ला शिवचरनपुरा के निवासियों ने लॉक डाउन का पालन करते हुए दिनेश सैनी एडबोकेट व भीम प्रधान के नेतृत्व में बिशेष सफाई अभियान चलाया गया। एडबोकेट दिनेश सैनी का कहना है की आज देश का हर नागरिक कहीं ना कहीं कोरोना वायरस से भयभीत है ऐसे में यदि हमको कोरोना वायरस को हराना है तो अपने घर के साथ-साथ अपने आसपास की सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा इसी के तहत आज  शिव चरन पुरा के निवासियों ने अपने आसपास सफाई करने का कार्य किया आज पूरा देश लॉक डाउन है ऐसे में यदि हम सब मिलकर अपने आसपास को भी साफ स्वच्छ कर ले तो कहीं ना कहीं वातावरण भी अत्यधिक स्वच्छ हो जाएगा साथ ही हमारे आसपास का क्षेत्र भी स्वच्छ और सुंदर दिखने लगेगा  जिससे  यह ज्ञात होगा कि किस एरिया के लोग कितने स्वच्छता के प्रति सजग हैं । इसी के तहत लोगों ने आपसी सामंजस बनाते हुए तथा सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए सफाई अभियान चलाया। इस अवसर पर भीम प्रधान  मदन सैनी,राकेश सैनी, रिँकू सैनी सुनील सैनी प्रदीप सैनी रतन सैनी तिरलोकी सैनी प्रेमचंद सैनी लिखीराम सैनी राजेंद्र सैनी अनिल सैनी सोनू ठेकेदार व रतन सैनी का विशेष  विशेष सहयोग रहा।


नोएडा में 30 तक बढ़ी धारा 144

गौतम बुद्ध नगर। भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। देश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 3577 पहुंच गई है। वहीं, कोरोना कोविड- 19 की चपेट में आकर अब तक 83 लोगों की मौत हो चुकी है। इस संकट के बीच पीएम मोदी की अपील पर संक्रमण से लड़ने के लिए एकजुटता दिखाने की मुहिम के तहत दीप और मोमबत्तियां जलाए जाएंगे।


 15 अप्रैल तक ही लागू रहेगी धारा 144ः देश भर में 14 अप्रैल तक लागू लॉकडाउन के बीच नोएडा के लिए आज सुबह नया आदेश लागू किया गया है। नोएडा में धारा 144 की अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गई थी। लेकिन शाम के जारी प्रेस रिलीज के बाद बढ़ी तारीख को घटाकर 15 अप्रैल तक ही रखने की बात कही गई। वाराणसी में कोरोना वायरस से पहली मौतः बनारस में कोरोना के चलते पहली मौत की खबर है। यह मरीज गंगापुर का है जो टेस्ट में पॉजिटव पाया गया था. इसी के साथ एक महिला पॉजिटिव पाई गई है जिसे देखते हुए 4 इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। डीएम ने बताया कि शहर के चार इलाकों मदनपुरा, बजरडीहा, लोहता और गंगापुर में कर्फ्यू लगा दिया गया है।उन्होंने बताया कि रविवार को दो नए पॉजिटिव केस सामने आए। लखनऊ: कसाईबाड़ा इलाके में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदसलूकीः लखनऊ के कसाईबाड़ा इलाके में रविवार सुबह स्वास्थ्यकर्मी मस्जिदों के आस-पास रहने वालों का सर्वे करने गए तो लोगों ने हंगामा किया। भीड़ ने स्वास्थ्यकर्मियों को इलाके में घुसने नहीं दिया। बता दें कि 2 दिन ही कसाईबाड़ा की मस्जिद में तबलीगी जमात के 12 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इलाके को पूरी तरीके से सील कर दिया गया है। ऐसे में सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के लोग इलाके के लोगों का सर्वे करने गए स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदसलूकी की। गाजियाबाद में 10 मलेशियाई गिरफ्तार: देश में एक मदरसे से 10 मलेशियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया  हैं। ये सभी लोग मदरसे में छिपे थे. सभी को मेडिकल चेकअप के लिए भेजा गया है। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 26 नए केसः महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना वायरस के 26 नए मामलों की पुष्टि हुई है। जिससे राज्य में संक्रमितों की संख्या 661 पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण के 26 नए मामलों में 17 पुणे,  4 केस पिंपरी छिंदवाड़, 3 अहमदनगर और 2 मामले औरंगाबाद से सामने आए हैं।


उत्तराखंड में संक्रमितो की संख्या बढ़ी

कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी। 26 पर पहुंचे आंकड़े


देहरादून से संक्रमित पाए गए अब तक कुल 14 मरीज


देहरादून। बीते शनिवार को आई रिपोर्ट में उत्तराखंड के 4 नए मरीज कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से देहरादून के तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, तथा एक मरीज नैनीताल जिले के हल्द्वानी कालाढूंगी से है। उत्तराखंड में कोरोना मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। केवल देहरादून के अब तक कुल 14 मरीज कोरोना से संक्रमित पाए जा चुके हैं। तो वहीं नैनीताल में कोरोना संक्रमित की संख्या 6 हो चुकी है। यह सभी लोग जमात से लौटे हुए बताए जा रहे हैं।


5 आतंकी ढेर, 3 जवान शहीद

सेना ने कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश नाकाम की, 5 आतंकी ढेर, 3 जवान शहीद


श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सेना ने पांच आतंकियों को मार गिराया जबकि तीन जवान शहीद हो गए। सेना के एक प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी। कर्नल राजेश कालिया ने कहा, 'उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में जारी घुसपैठ-रोधी अभियान के दौरान सतर्क जवान खराब मौसम के बावजूद पांच आतंकियों का अब तक सफाया कर चुके हैं, जो नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।'
उन्होंने बताया कि इस अभियान में एक जवान शहीद हो गया और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। खराब मौसम के बावजूद दोनों घायलों को निकाला गया लेकिन गंभीर चोट के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।


ऑस्ट्रेलियन भेड़ों की नस्ल का पालन

देहरादून। उत्तराखंड एक ऐसा शहर हैं जहां भेड़ पालन का एक ऐसा व्यवसाय है जिसके द्वारा वहां बड़े स्तर पर उन का कारोबार किया जाता है। पहले उत्तराखंड में सिर्फ भारतीय नस्ल की भेड़ों का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अब ऑस्ट्रेलियन भेड़ों की नस्ल का भी पालन किया जा रहा है।


पालन के लिए ऑस्ट्रेलिया से कुछ खास नस्ल की भेड़ों को टिहरी गढ़वाल लाया गया है। एस मामले में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ऑस्ट्रेलियाई समुह से इन भेड़ों की जानकारी ली। सीएम रावत ने इस कदम को उठाकर ऑस्ट्रेलिया से भेड़ आयात के रास्ते को सुगम किया है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया से 240 भेड़ों को मंगाने में उत्तराखंड सरकार का कुल खर्चा  8.5 करोड़ का खर्च आया है। इन भेड़ों को किसानों की आय में वृद्धि और उत्तराखंड में ऊन के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है। सीएम रावत का कहना है कि इनकी संख्या को बढ़ाया भी जाएगा। इन 240 भेड़ो में 200 फीमेल और 40 मेल भेड़ों को टिहरी गढ़वाल के कोपरधार में चल रहे राजकीय भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र में लाया गया है। इन सभी भेड़ों को 3 साल तक प्रजनन के लिए रखा जाएगा, जिन्हें चौथे साल तक किसानों को सौंप दिया जाएगा।


वहीं भारत सरकार ने किसानों की आय को बढ़ाने के लिए हिमाचल, कश्मीर, और उत्तराखंड में ऑस्ट्रेलिया से मेरिनों भेड़ों का आयात किया है। इन भेड़ों की खास बात ये है कि एक बार में इन भेड़ों से 6 से 7 किलो ऊन उतारी जा सकती है। जो भारतीय नस्ल की भेड़ों से ज्यादा है। इन भेडों से 8 साल तक ऊन उत्पादन किया जा सकता है। भेड़ों के रख-रखाव के लिए ऑस्ट्रेलिया से आए किसानों का राज्य के मुख्यमंत्री ने स्वागत करते हुए कहा कि इन भेड़ों से राज्य के किसानों की आय दोगनी तिगुनी हो जाएगी, जो राज्य में भेड़ के व्यवसाय के लिए वरदान साबित होगी। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि देश मे ऑस्ट्रेलिया से ऊन को मंगवाया जाता है, जो काफी महंगी होती है। भारत में इन भेड़ों का पालन होने से ऊन के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।


निर्धारित समय पर 'लॉक डाउन' खत्म

लखनऊ। कोरोना वायरस के संक्रमण को आगे बढ़ने से रोकने की खातिर लगा 21 दिन का लॉकडाउन 15 अप्रैल को खोलने की तैयारी हो गई है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकार आवास से प्रदेश के सभी सांसद तथा विधायकों के साथ इसको लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने पर चुनौती बड़ी होगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी सोशल डिस्टेंस का पालन करवाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल से लॉकडाउन समाप्त होगा। सभी से सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं तो चाहूंगा कि अगर हम 15 तारीख से लॉकडाउन खोलेंगे तो एकाएक भीड़ निकलेगी। इसे रोकने के लिए आप लोगों का सहयोग चाहिए। अगर अचानक भीड़ सड़कों पर निकलेगी तो स्थिति अनियंत्रित हो सकती है। इसकी वजह से सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। इसके लिए हमें एक व्यवस्था बनानी होगी। ऐसे में आप सभी लोग अपना-अपना सुझाव मुझे दें। सरकार 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन को खोल सकती है। अब पहले उन जिलों में लॉकडाउन खुलेगा जहां एक भी संक्रमित मरीज नहीं है। इसके साथ ही जिन 30 जिलों में संक्रमण फैला है, वहां कुछ पाबंदियों के साथ लॉकडाउन में छूट मिल सकती है। मसलन स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। यहां पर दुकानों को एक समयावधि के लिए ही खोला जाएगा। इसके साथ ही सरकारी दफ्तर में भी जरुरत के हिसाब से ही कर्मचारियों को बुलाया जाएगा। लॉकडाउन में छूट के दौरान भी लोगों को सोशल दूरी के नियम का अनुपालन करना होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सांसद तथा विधायकों से कहा कि 15 अप्रैल से लॉकडाउन समाप्त होगा। इसको खोलने तो भीड़ जमावड़ा न होने पाए, इसको लेकर हमें काफी तैयारी करनी है। एकाएक खोलने से भीड़ का जमावड़ा न होने पाए, इसमें हमें आपका सहयोग चाहिए। इसमें हमें आपकी सहभागिता चाहिए। अगर एकाएक भीड़ कहीं भी टूट पड़ी तो हम सभी की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। लॉकडाउन के कारण हम कोरोना वायरस पर नियंत्रण करने में सफल रहे हैं। लॉकडाउन खोलने के बाद भी हमको अपनी स्थिति को बेहतर ही करना है।मुख्यमंत्री ने सांसदों और विधायकों से कहा कि अगर तबलीगी जमात का मामला सामने न आता तो हम यूपी में कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने में सफल हो गए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 132 संक्रमित मामले सिर्फ जमात से सामने आये हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में तीन दिन में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लॉकडाउन की कार्रवाई को सफल बनाने के लिए हमने सभी कदम उठाए. बाहर से आए लोगों की वजह से स्थिति संवेदनशील हुई। अब तक तब्लीगी जमात से जुड़े 1499 लोगों को चिन्हित किया। इन लोगों ने अव्यवस्था और अराजकता फैलाने का प्रयास किया। इनमें भी 385 से ज्यादा विदेशी भी इसमें शामिल हैं। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर रही है। लॉकडाउन के साथ ही सभी लोगों की सुविधा के लिए 11 कमेटियां भी गठित की गईं। यूपी में बाहर से आए लोगों के लिए भी हमने कमेटी गठित की है। यूपी के बाहर भी 15 से 20 लाख लोग रहते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगभग सभी सांसद, मंत्रियों तथा विधायकों से संवाद किया। उन्होंने सांसद तथा विधायकों से कहा कि लॉकडाउन खोलने के दौरान हम क्या करें, इसको कैसे खोला जाए। हमें अपनी राय जरूर दें। यह देश तथा प्रदेश के बड़े इम्तहान का समय है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि कहीं पर भी भीड़ एकत्र न हो। हम इसको लेकर अच्छी व्यवस्था तैयार करें। जिससे कि हम लॉकडाउन के बाद जब इसको खोलें तो स्थिति हमारे ही नियंत्रण में रहे। लोग अपनी जरूरत भी पूरी कर सकें और स्थिति भी खतरनाक न बनें।


आरोपःदिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार

नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा किसी तरह की सहायता राशि नहीं मिलने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस विपत्ति की घड़ी में दिल्ली की अनदेखी कर रही है।


उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए अन्य राज्यों को आपातकालीन सहायता के रूप में 17,287 करोड़ रुपये दिए गए हैं। लेकिन दिल्ली को एक भी रुपया नहीं दिया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए केंद्र से दिल्ली को लेकर भी आपदा फंड जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मामले में दिल्ली तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। सिसोदिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है। मनीष सिसोदिया ने पत्र में लिखा कि संकट की इस घड़ी में दिल्ली के लोगों को उचित और समान व्यवहार की उम्मीद है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, ‘मैंने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर दिल्ली के लिए भी आपदा फंड की मांग की है। केंद्र ने राज्यों को कोरोना से लड़ने के लिए, आपदा फंड से 17 हजार करोड़ जारी किए लेकिन दिल्ली को इसमें एक रुपया भी नहीं दिया। इस समय पूरे देश को एक होकर लड़ना चाहिए. इस तरह का भेदभाव दुर्भाग्यपूर्ण है। आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी मनीष सिसोदिया के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा कि केन्द्र की बीजेपी सरकार हमेशा से दिल्ली सरकार के प्रति दुर्भावना से काम करती है लेकिन ऐसे भीषण संकट के समय भी बीजेपी सरकार अपनी ओछी राजनीति नही छोड़ पाई यही है बीजेपी का ‘सबका साथ, सबका विकास।
दिल्ली में 59 और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के साथ ही राजधानी में इस बीमारी के मामले बढ़कर 445 हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। इन कुल मामलों में 301 ऐसे लोग हैं जो निजामुद्दीन स्थित जमात के मरकज में शामिल हुए थे। शुक्रवार रात को इस घातक वायरस के मामले 386 थे, जिनमें से छह मरीजों की मौत भी हो गई है।


2 नर्सिंग ऑफिसर कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के दो और नर्सिंग ऑफिसर कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद हडकम्प मच गया । इससे पहले भी इसी अस्पताल के एक डॉक्टर समेत चार मेडिकल स्टाफ कोरोना पॉजिटिव संक्रमण से ग्रस्त मिले थे।


इससे पहले रविवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के 108 स्टाफ को भी चरंटाइन किया जा चुका है। इन 108 लोगों में से सीनियर डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से अस्पताल प्रशासन ने ये निर्णय लिया था। माना जा रहा है कि इन दो मरीजों के संपर्क में कुछ डॉक्टर और नर्स आए थे, फिर इनके संपर्क में अस्पताल के दूसरे कर्मी भी आए। आपको बताते जाए कि दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भी कुछ डॉक्टर कोरोना मरीजों के संपर्क में आए थे, इसके बाद उन्हें भी चारंंटाइन किया गया था। वहीं उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रशासन की तरफ से एक नोटिस चस्पा किया गया था। इसमें कहा गया था कि जिन लोगों ने 12 से 20 मार्च तक इस मोहल्ला क्लीनिक में इलाज कराया है या फिर किसी को चेकअप के लिए लाए थे, ऐसे सभी लोग घर में ही सेल्फ चरेंटाइन हो जाएं।


पाकः 41 लोगो की मौत, 2,818 संक्रमित

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को पाकिस्तानियों को कोरोनावायरस के खतरे को लेकर चेताया और यह विश्वास दिलाया कि पाकिस्तान इस चुनौती का सामना करने के बाद मजबूती से उबरेगा।पाकिस्तान में कोरोनावायरस संक्रमण के 2,818 मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि इस वायरस से अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है।


खान, लाहौर में पाकिस्तान सरकार द्वारा महामारी से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा करने पहुंचे थे। वहीं उन्होंने यह टिप्पणियां की। इस प्रांत में संक्रमितों की संख्या 1000 से ऊपर हो चुकी है। उन्होंने कहा, “कोई इस खुशफहमी में ना रहे कि वह इस संक्रमण से सुरक्षित है। न्यूयॉर्क को देखिए जहां सबसे ज्यादा अमीर लोग रहते हैं। अगर वायरस दोबारा उभर जाएगा तो हमें भी नहीं मालूम की क्या हो सकता है।


उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को बचाने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम इस चुनौती से उबरेंगे, तो हम पूरी तरह से एक अलग राष्ट्र बन चुके होंगे। इस तरह की चुनौतियों का सामना करने से ही देश मजबूत होते हैं।


पत्ता- गोभी खाने से होगा कोरोना वायरस

कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग घरों में बंद हैं। ऐसे में खबरों की जानकारी के लिए लोग सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। कोरोना वायरस को लेकर जैसे ही कोई खबर सामने आती है लोग वॉट्सएप के जरिए अपने दोस्तों को फॉरवर्ड करने लगते हैं। बिना ये सोचे कि क्या वायरल हो रही खबर तथ्यों के हिसाब से सही है। कभी-कभी तो इन खबरों को वायरल करने के लिए WHO के नाम का भी सहारा ले लिया जाता है।


विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समेत कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों के नाम से इन दिनों मैसेज वायरल (Viral Message) हो रहे हैं।ऐसे ही एक वायरल मैसेज में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पत्तागोभी में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा समय तक ठहरने की बात कही है। ऐसे में पत्तागोभी न खाने की सलाह दी जा रही है।


83 लोगों की मौत, 3577 लोग संक्रमित

नई दिल्ली। देश में कोरोनावायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत में अबतक कोरोनावायरस से 83 लोगों की मौत हो चुकी है और 3577 इसके संक्रमण के शिकार हुए हैं। देश में  बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 505 मरीज सामने आए हैं। वहीं ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 275 है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन जारी है जो 14 अप्रैल तक चलेगा. बता दें कि देश में कोरोना फैलने से रोकने के लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।


इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली में हाल ही में तबलीगी जमात की घटना के कारण संक्रमण फैलने की दर में इजाफा हुआ। इस कारण संक्रमित मरीजों की संख्या कम समय में ही दोगुना हो गई।उन्होंने कहा कि अगर यह घटना नहीं हुई होती तो संक्रमण के मामले दोगुना होने में 7.4 दिन का औसत समय लगता, जबकि इस घटना के कारण मरीजों की संख्या दोगुना होने में 4.1 दिन का ही औसत समय लगा। अग्रवाल ने कहा कि कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के प्रयासों की, सरकार निरंतर समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में रविवार को कैबिनेट सचिव ने जिला स्तर पर लॉकडाउन को प्रभावी बनाने की समीक्षा करने के लिये सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों सहित राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये बैठक की। अग्रवाल ने कहा कि अब तक देश के 272 जिलों में कोरोना के मरीज सामने आने के मद्देनजर जिलाधिकारियों को तत्काल जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन कार्ययोजना बनाकर अमल में लाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (ICMR) ने परामर्श जारी कर लोगों से सार्वजनिक स्थलों पर नहीं थूकने, धूम्रपान करने से बचने और गुटखा आदि तंबाकू पदार्थों का सेवन करने से बचने को कहा है। आईसीएमआर ने कहा है कि सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन को कोरोना से बचाव की सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध वैक्सीन बताते हुये इनका पालन करने की अपील की है।


देशवासियों का प्रधानमंत्री को समर्पण

नई दिल्ली। कोरोना वायरस तेजी से फैलता जा रहा है। देश में रोज नए मामले सामने आ रहे हैं। मोदी सरकार ने कोरोना को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन कर दिया गया। साथ ही संकट की इस घड़ी में पीएम मोदी एकजुटता का संदेश दे रहे हैं।


उन्होंने देशवासियों से रविवार को रात 9 बजे 9 मिनट तक लाइट बंद करने और दीया, मोमबत्ती, टॉर्च व मोबाइल की लाइट जलाकर एकजुटता का संदेश देने और कोरोना के अंधकार को प्रकाश की ताकत से हराने की अपील की है।पीएम मोदी की इस अपील पर बिजली का लोड कम होने से पावर ग्रिड फेल होने समेत कई तरह की आशंका जताई जा रही है। इस बीच राज्यों के बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है वो सिर्फ लाइटें बंद करें। फ्रिज, एसी और पंखा को चलने दें। वहीं, अब ऊर्जा मंत्रालय ने इन आशंका को खारिज किया है। ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि इस परिस्थिति में ग्रिड के संतुलन को बनाए रखने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उस समय स्ट्रीट लाइट से लेकर रेफ्रिजरेटर, पंखे जैसे घरेलू उपकरण नहीं बंद होंगे। सिर्फ घरों की लाइटें बंद होंगी, जिससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। ऊर्जा मंत्रालय ने इन आशंकाओं से जुड़े कई सवालों के जवाब भी दिए हैं…..सवाल- आज रात 9 बजे से 9:09 बजे तक क्या सिर्फ घर की लाइटों को बंद किया जाएगा या फिर सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और आवश्यक सेवाओं की लाइटों को भी बंद कर दिया जाएगा? जवाब- पीएम मोदी की अपील के मुताबिक आज रात 9 बजे से 9:09 बजे तक सिर्फ घर की लाइटों को बंद किया जाएगा।सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं की लाइटों को नहीं बंद किया जाएगा। सवाल- क्या घर की लाइटों को बंद रखने के दौरान बिजली के घरेलू उपकरण सुरक्षित रहेंगे? जवाब- बिजली के सभी घरेलू उपकरण सुरक्षित रहेंगे. पंखे, एसी, फ्रिज आदि को बंद करने की जरूरत नहीं हैं। बिजली के लोड कम होने की चुनौती से निपटने के लिए इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड को अच्छे से डिजाइन किया गया है। बिजली के लोड के कम और ज्यादा होने को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था की गई है। सवाल- क्या लाइटों के बंद होने के दौरान ग्रिड स्टेबिलिटी को बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है और प्रोटोकॉल बनाए गए हैं? जवाब- हां, ग्रिड स्टेबिलिटी के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। सवाल- क्या लाइटों को बंद करना जरूरी है या स्वैच्छिक है?जवाब- सभी के लिए लाइटों को बंद करना स्वैच्छिक है और सिर्फ घर की लाइटों को ही बंद करना होगा। सवाल- कुछ आशंकाएं जताई जा रही हैं कि लाइटों को बंद करने के दौरान ग्रिड में इनस्टेबिलिटी आ सकती है और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव आने से बिजली के उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है, इसमें कितनी सच्चाई है? जवाब- ये आशंकांए पूरी तरह गलत हैं। यह सामान्य घटना है और बिजली के लोड कम होने या बढ़ने की समस्या को हैंडल करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल के अनुसार इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड को अच्छे से डिजाइन किया गया है।


वेंटिलेटर की कमी ने हालात बिगाड़े

न्यूयॉर्क। कोरोना वायरस के कहर से परेशान अमेरिका के न्यूयार्क शहर में डरावने हालात बनते नजर आ रहे हैं। लगातार सामने आ रहे कोरोना के पॉजीटिव मामलों के बाद हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। न्यूयॉर्क में तो स्थिति यह हो गई है कि दो मरीजों को एक ही वेंटिलेटर उपयोग करना पड़ रहा है।


मिली जानकारी के अनुसार न्यूयॉर्क इस समय वेंटिलेटर की भारी कमी से जूझ रहा है, यहां पर वेंटिलेटर को दो मरीजों को शेयर करने को कहा गया है। अमेरिका में इस समय आधे से ज्यादा करीब 37000 से ज्यादा कोरोना के मरीज न्यूयॉर्क में ही हैं और वहां मेडिकल साजो-सामान की भारी दिक्कतें महसूस की जा रही है। पीपीएफ का स्टॉक भी सिर्फ अगले 2 सप्ताह का है। मेडिकल सामान की इसी भारी कमी को देखते हुए न्यूयॉर्क में एक वेंटिलेटर को दो मरीजों को शेयर करने को कहा गया है। न्यूयॉर्क राज्य के अस्पतालों में इस वक्त करीब 30,000 वेंटिलेटर की जरूरत है। ट्रंप सरकार सिर्फ 4000 वेंटीलेटर भेज रही है, जिससे नाराज होकर न्यूयॉर्क के गवर्नर ने कहा है कि भेजने वाले तय करें कि किस 26000 को वेंटीलेटर के अभाव में मरना हैं। 30000 वेंटीलेटर की जरूरत तब है, जब सामान्य स्थिति में भी न्यूयॉर्क के पास 4000 वेंटीलेटर की सुविधा है और कोरोना वायरस के बाद उसने 7000 नए वेंटीलेटर खरीदे हैं।


चट्टान गिरी 2 की मौत, 7 घायल

देहरादून। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में चट्टान की चपेट में आने से 2 कांवड़ियों की मौत हो गई। चट्टान के मलबे में अभी और कांवड़ियों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। जबकि इस हादसे में अन्य 7 कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। हादसे में मरने वाले कांवड़ियों की पहचान नहीं हो पाई है।


मिली जानकारी के मुताबिक, टिहरी के नरेंद्र नगर इलाके में बगदादार के पास एनएच 94 (ऋषिकेश-गंगोत्री) पर गंगोत्री से आ रही कांवड़ियों की गाड़ी पर एक चट्टान गिर गई। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं। जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में से अब तक 2 कांवड़ियों के शवों को निकाल लिया गया है। इसके अलावा घायलों को भी निकाला गया है। अभी भी कुछ कांवड़ियों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। चट्टान के मलबे को हटाने के लिए जेसीबी बुलाई है। फिलहाल मलबे को हटाने का काम जारी है।


खेल के दौरान तीन युवकों की मौत

चेन्नई। तमिलनाडु में परंपरागत जल्लीकट्टू (सांड को काबू में करने का खेल) के दौरान तीन युवकों की मौत हो गई।डिंडिगुल जिले के नल्लामन्नापट्टी गांव में पुनीता वनथु एंथोनियार चर्च उत्सव के हिस्से के रूप में वार्षिक जल्लीकट्टू का आयोजन किया गया था। रविवार को हुए इस आयोजन के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए. इस आयोजन के लिए 1000 सांडों को लाया गया है।


जबकि सलेम और कोयंबटूर में भी जल्लीकट्टू के दौरान दो युवकों की मौत हो गई। पुडुकोट्टई के रहने वाले प्रभाकरन को जल्लीकट्टू के दौरान घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान इस युवक ने दम तोड़ दिया। जबकि डिंडिगुल में नागराज नामक युवक की मौत हो गई। नागराज एक बिगड़ैल सांड को काबू में करने की कोशिश कर रहा था और इसी कोशिश में वह बुरी तरह जख्मी हो गया था। इलाज के लिए नागराज को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा कोयंबटूर में सुभाष चंद्र बोस नामक युवक ने दम तोड़ दिया। सांड को काबू में करने की कोशिश के दौरान ये युवक बुरी तरह जख्मी हो गया था. कोयंबटूर में आयोजित किए गए जल्लीकट्टू कार्यक्रम में तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई थीं। इस दौरान ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु भी मौजूद थे। पिछले साल भी तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि 30 लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। जल्लीकट्टू तमिलनाडु का पारंपरिक खेल है जिसमें खिलाड़ी सांड को काबू करने की कोशिश करते हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभाष्कर ने करवाया था. पिछले साल, 424 खिलाडिय़ों के अलावा 1354 सांडों को इसमें शामिल किया गया था, जो कि पिछली बार के कीर्तिमान से दोगुना था।


सेना के जवान किए गए अलर्ट

आपात स्थिति से निपटने के लिए आर्मी ने 14 हजार सैनिकों को अलर्ट किया


तोक्यो। दक्षिणी जापान में भारी बारिश हो रही है और कई इलाकों में लोगों के घर डूब गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए 14 हजार सैनिकों को अलर्ट कर दिया गया है। दक्षिण-पश्चिमी शहर कागोशिमा में बारिश से पैदा हुए खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 10 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है। दरअसल, बीते दिनों इस क्षेत्र में भारी बारिश हुई है और आगे भी जारी रहने की संभावना है। जापानी अधिकारियों को डर है कि लगातार बारिश से बाढ़ या भूस्खलन हो सकता है। ऐसे में लोगों को पहले ही सतर्कता बरतते हुए इलाका खाली करने को कहा गया है। यह निर्देश सलाह से बढ़कर है लेकिन फिर भी लोग अगर घर छोड़कर नहीं जाते हैं तो उनके खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया जाएगा। आपको बता दें कि कागोशिमा, क्यूशू के दक्षिणी द्वीप की खाड़ी में स्थित है। द्वीप के कुछ हिस्सों में पिछले सप्ताह से प्रति वर्ग मीटर 900 मिलीमीटर बारिश हुई है। कागोशिमा में मंगलवार सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच 40 मिलीमीटर/वर्ग मीटर बारिश हुई। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने गुरुवार सुबह तक दक्षिणी क्यूशू में लगभग 350 मिमी/ वर्ग मीटर बारिश होने की संभावना जताई है, जबकि क्षेत्र के कुछ हिस्सों में प्रति घंटे 80 मिमी तक बारिश हो सकती है। कागोशिमा नगरपालिका के अनुसार, लोगों को घर खाली करने का आदेश जारी करने का मुख्य कारण मूसलाधार बारिश की वजह से मिट्टी का धंसना हो सकता है, जिसका अधिकारियों को डर है।मौसम पूवार्नुमान इकाई के प्रमुख ने मीडिया को बताया कि पिछले साल की तुलना में, इस बार बारिश की अवधि कम होगी। उन्होंने यह भी कहा मूसलाधार बारिश से निकासी में बाधा आ सकती है।


उत्तर में बारिश से आवागमन अवरुद्ध

323 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप


शिमला। उत्तर भारत के कई इलाकों मे बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। वर्षाजनित हादसों के कारण हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 8 लोगों की मौत हुई है। कई जिलों में बाढ़ के कारण गांवों का संपर्क कट गया है। राज्य के तमाम हिस्सों में हुई लैंड स्लाइड्स और फ्लैश फ्लड के कारण 323 रास्तों और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 5 पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तराखंड और राजस्थान के कई हिस्सों में भी बाढ़ जैसे हालात के कारण सार्वजनिक संपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, वर्षाजनित घटनाओं के कारण हिमाचल प्रदेश में आठ लोगों की मौत हुई है। शिमला के आरटीओ कार्यालय के पास भूस्खलन की घटना में तीन लोगों के मारे जाने की सूचना है। इसके अलावा इस घटना में एक अन्य शख्स के मलबे में दबे होने की खबर है। वहीं, बारिश के कारण एक मकान की दीवार गिरने के कारण एक मजदूर की भी मौत हुई है। मृत मजदूर की पहचान शाह आलम नाम के शख्स के रूप में हुई है, जो बिहार के किशनगंज का रहने वाला था। साथ ही कुल्लू जिले के रोहरू में भूस्खलन के कारण 1 शख्स की मौत हुई है। बारिश के कारण गिरे एक पेड़ की चपेट में आने से 2 नेपाली नागरिक मारे गए हैं, वहीं चंबा में भी बाढ़ के पानी में बहने से एक शख्स की मौत हो गई।


बादल फटने के कारण भारी तबाही देहरादूनः उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने के कारण भारी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि शिमला से लगी सीमा के पास भारी बारिश के बीच कई लोग लापता हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में बादल फटने के कारण पानी में कई लोग बह गए हैं, हालांकि प्रशासन इसे सिर्फ भारी बारिश से हुई घटना बता रहा है। उत्तरकाशी के एसपी पंकज भट्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि बारिश के पानी के कारण कई मकानों को नुकसान हुआ है और प्रशासन के पास अब तक डेढ़ साल की एक बच्ची समेत कुल 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि उत्तरकाशी की मोरी तहसील, आराकोट, टिकोची समेत कुछ अन्य इलाकों में बादल फटने के कारण कई मकान टोंस नदी के पानी में बह गए हैं। इसके अलावा इन मकानों से अब तक तीन लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से एसओ मोरी को मौके पर भेजकर हालातों की समीक्षा कराई जा रही है। इसके अलावा कई इलाको में एसडीआरएफ, आईटीबीपी और रेड क्रॉस की टीमों को भी लोगों को सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू करने के लिए भेजा गया है।


भारत के प्रधानमंत्री को लिखा खत

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने किर्गिस्तान मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत राज्य के विद्यार्थियों को वापस लाए जाने की मांग की है। राज्यपाल को 80 विद्यार्थियों की सूची के साथ विधायक ने पत्र लिखा है। इन छात्रों में विधायक का पुत्र भी शामिल है। राज्यपाल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिख कर मेडिकल छात्रों को वापस लाने की व्यवस्था कराने की मांग की है। विधायक सिंह ने बताया की किर्गिस्तान में छत्तीसगढ़ के करीब 500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 80 विद्यार्थियों के संबंध में उनके पास जानकारी है। उन्होंने संक्रमण के खतरे को को देखते हुए मांग की है कि राज्य के वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को सकुशल घर वापस लाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाए। उन्हें तत्काल वापस लाए जाने की पहल की जानी चाहिए.यही नहीं किर्गिस्तान में मेडिकल छात्रों के अलावा अन्य भारतीय नागरिक भी हैं, जो स्वदेश आना चाहते हैं। विधायक ने बताया कि ऐसे कई लोगों ने उनसे संपर्क किया है और वतन वापसी के लिए सहायता मांगी है। विधायक के अनुरोध पर राज्यपाल ने विदेश मंत्री के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिख कर अवगत कराया है। बता दें कि चीन, इटली, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों के साथ ही अब कोरोना का असर रूस और उसके पड़ोसी देशों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में जो छात्र वहां फंसे हुए हैं, उनके परिजन उनकी कुशलता को लेकर बेहद चिंता में हैं। राज्य के कई छात्रों मेडिकल की बेहतर शिक्षा के लिए रूस, यूक्रेन और किर्गिस्तान जाते हैं।


ब्रिटेन में भी जारी किया 'लॉक डाउन'

लंदन। चीन से फैले खतरनाक कोरोना वायरस की दहशत पूरी दुनिया में दिख रही है और करोड़ों लोगों को अपने घरों में रहने को मजबूर कर दिया है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पूरे ब्रिटेन में देशव्यापी बंद (लॉकडाउन) के आदेश दिए हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कई इलाकों को लॉकडाउन कर दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ब्रिटेन में लॉकडाउन के पीछे एक ब्रिटिश शोध रिपोर्ट है, जिसने चौंकाने वाला अनुमान लगाया है।


कोरोना वायरस पर लंदन के इंपीरियल कॉलेज की रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है कि कोरोना वायरस पर अगर काबू नहीं पाया गया तो यह ऐसे ही तीव्र गति से फैलता रहा तो ब्रिटेन में करीब 5 लाख 10 लोगों की मौत हो सकती है। वहीं, अमेरिका के लिए भी इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि आने वाले समय में कोरोना वायरस के फैलने से 2.2 मिलिनय यानी 22 लाख लोगों की मौत हो सकती है। दरअसल, इस रिपोर्ट में एक तरह से चेतावनी दी गई है कि अगर समय रहते इस वायरस पर काबू नहीं पाया गया तो दोनों देशों में स्थित भयावह हो सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना से निपटने के लिए कठोर कदम उठाए हैं और पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इस रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है कि अगर कुछ कदम नहीं उठाए गए तो अगले तीन महीनों में मरने वालों की संख्या चरम पर होगी और इससे करीब 81 फीसदी आबादी प्रभावित होगी। इंपीरियल कॉलेज ब्रिटेन की सरकार को पिछले महामारियों को लेकर भी सलाह दे चुकी है, जिनमें सार्स, एवियन फ्लू और स्वाइन फ्लू शामिल हैं। इंपीरियल की इस रिपोर्ट का नेतृत्व प्रोफेसर नील फर्गुसन ने किया है, जिनके साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन और 50 वैज्ञानिकों की एक टीम है। प्रोफेसर फर्गुसन के मुताबिक, यह रिपोर्ट इटली में कोरोना वायरस से जुड़े ताजा आंकड़ों की तुलना के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंची है। बता दें कि इटली में चीन से भी भयावह स्थिति है और कोरोना से मौत के मामले अब चीन से ज्यादा इटली में हो गए हैं। इटली में करीब 3500 लोगों की मौत हो चुकी है।प्रोफेसर फर्गुसन ने रिपोर्ट जारी होने के बाद कहा कि कोरोना वायरस से कैसे निपटा जाए और इसके प्रकोप को कैसे रोका जाए, इसे सोच कर ब्रिटेन पिछले कुछ सप्ताह से संघर्ष कर रही है। हमारे और टीम के अनुमान के मुताबिक, लॉकडाउन के अलावा सच में कोई विकल्प नहीं है। मगर चीन के नक्शेकदम पर चलकर इससे निपट सकते हैं। बता दें कि दुनियाभर में कोरोना वायरस से अब तक करीब 11 हजार लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। ब्रिटेन में लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। ठीक उसी तरह अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य ने भी बड़ा कदम उठाते हुए लोगों से किसी भी हाल में अपने घर में ही रहने को कहा है। अमेरिका ने आर्थिक मोर्चे की दिक्कतों को दूर करने के लिए एक हजार अरब के आपातकालीन राहत पैकेज का वादा किया है।


जमीन पर हमले, संप्रभुता का हनन

तेहरान। अमेरिका ने ईरानी रिवॉल्युशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मारने के बाद कहा था कि अगर ईरान ने प्रतिक्रिया दी तो उसके 52 ठिकानों पर हमले किए जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने खुद ट्वीट कर ईरान को यह चेतावनी दी थी। अब जब ईरान बदले की कार्रवाई में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दाग चुका है तो उसे अमेरिकी प्रतिक्रिया की आशंका सताने लगी है। इसलिए वह ईरान के 52 ठिकानों को ध्वस्त करने की अमेरिकी चेतावनी के जवाब में 140 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दे रहा है। उधर, इराक ने कहा कि ईरान ने मिसाइल हमलों की जानकारी पहले ही दे दी थी।


ट्रंप के 52 के जवाब में ईरान का 140ः याद रहे कि ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि यदि ईरान अमेरिकी जवानों या सम्पत्ति पर हमला करता है तो अमेरिका 52 ईरानी स्थलों को निशाना बनाएगा और उन पर ‘बहुत तेजी से और जोरदार हमला’ करेगा। अब कुद्स फोर्स का कहना है कि उसने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के 140 ठिकानों की निशानदेही कर ली है। उसका कहना है कि अगर अमेरिका ने मिसाइल हमलों की प्रतिक्रिया में ईरान को कोई नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो वह इन सभी ठिकानों को निशाना बनाएगा। ईरानी टेलिविजन के मुतााबिक, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई के दफ्तर के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को जवाब देने के कई तरीकों में अभी मिसाइल हमले का सबसे ‘कमजोर’ तरीका चुना गया। ईरान इससे भी कड़ा और बड़ा कदम उठाने की क्षमता रखता है।
ईरान की धमकी पर इजरायल लालः इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की ओर से हमले की कोशिशों पर कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘हम पर जो भी हमला करेगा, उसे मुहंतोड़ जवाब मिलेगा।’ दरअसल, ईरानी इस्लामिक रिवॉल्युशनरी गार्ड्स ने मिसाइल हमलों की प्रतिक्रिया में ईरानी धरती पर हमले के जवाब में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। इसने कहा था कि अमेरिका ने भविष्य में ईरान की धरती पर बम बरसाया तो जवाब में संयुक्त अरब अमिरात (यूएई) के दुबई और इजरायल के हाफिया जैसे शहरों को निशाना बनाया जाएगा। इजरायली पीएम ने ईरान की इसी धमकी पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।
अमेरिका के मुंह पर जोरदार तमाचा: खामेनई
ईरान का कहना है कि उसने संयुक्त राष्ट्र के चार्टर 51 से मिले ‘आत्मरक्षा के अधिकार’ के तहत इराक स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, उसका इरादा अमेरिका के साथ युद्ध लड़ने का नहीं है। ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा कि उनका देश किसी भी आक्रमण का मुकाबला करने को तैयार है। उधर, ईरान के रक्षा मंत्री आमिर हातमी ने सरकारी न्यूज चैनल से कहा, ‘हमने छोटी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया… उम्मीद है कि यह अमेरिका के लिए यादगार सबक साबित होगा।’ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई ने भी कहा कि ईरान ने इराक के अल-असद और इरबिल सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमलों के जरिए अमेरिका के मुंह पर जोरदार तमाचा लगाया है।
‘इराक से अमेरिका पर हमले का वक्त आ गया’
इधर, इराक ने कहा कि ईरान ने उसे पहले ही बता दिया था कि वह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने जा रहा है। ईराक में अर्धसैनिक बल के प्रमुख कैस अल-खजाली ने कहा कि अब अमेरिका पर इराक को ईरान से भी जोरदार हमला होगा। ईराक के हसद अल-शाबी पार्ल्यामेंट्री नेटवर्क के टॉप कमांडर ने कहा कि बगदाद में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को मारने के लिए किए गए अमेरिका ड्रोन हमले का जवाब देने का वक्त आ गया है। अमेरिकी हमले में हसद के डेप्युटी चीफ अबू मेहदी अल-मुहांदिस भी मारे गए थे।
युद्ध का इरादा नहीं: ईरानी विदेश मंत्री
हालांकि, इराक के प्रधानमंत्री ने व्यापक युद्ध छिड़ने के भयावह परिणाम का जिक्र करते हुए ईरान और अमेरिका, दोनों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय समझौतों और इराक का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इराक अपनी संप्रभुता के हनन और अपनी जमीन पर हमलों का विरोध करता है।


 


तालिबान से कई ऐतिहासिक समझौते

तालिबान से ऐतिहासिक समझौता


दोहा/कतर। अमेरिका और तालिबान के बीच ऐतिहाासिक शांति समझौते पर 29 फरवरी शनिवार को मुहर लग गई। इसके तहत तय हुआ है कि अमेरिका का लक्ष्य 14 महीने के अंदर अफगानिस्तान से सभी बलों को वापस बुला लेना है। यह समझौता कतर के दोहा में हुआ। इस कार्यक्रम का साक्षी बनने के लिए दुनियाभर के 30 देशों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया, इनमें भारत भी शामिल है। कतर में भारत के दूत पी कुमारन भारत की तरफ से दोहा में यूएसए-तालिबान शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। यह पहला मौका होगा, जब भारत, तालिबान से जुड़े किसी मामले में आधिकारिक तौर पर शामिल हुआ। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ समझौते पर हस्ताक्षर करने के गवाह बने।


श्रृंगला ने अशरफ गनी को पीएम मोदी का पत्र सौंपाः अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर से एक दिन पहले विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला शुक्रवार को काबुल पहुंचे और शांतिपूर्ण एवं स्थिर अफगानिस्तान के लिए भारत का खुला समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने राष्ट्रपति अशरफ गनी से भेंट की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र सौंपा. श्रृंगला ने अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला, निर्वाचित उपराष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्लाह मोहिब और कार्यकारी विदेश मंत्री हारून चखानसूरी से मुलाकात की तथा उन्हें अफगानिस्तान के सर्वांगीण विकास के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता से अवगत कराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने अपने ट्वीट में कहा कि अफगानिस्तान की राष्ट्रीय एकता, क्षेत्रीय अखंडता, लोकतंत्र, बहुलवाद और उसकी समृद्धि एवं बाहरी प्रायोजित आतंकवाद के खात्मे में भारत उसके साथ खड़ा है। गनी के साथ श्रृंगला की बैठक के बारे में कुमार ने कहा कि अफगान राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में लोकतंत्र एवं संवैधानिक व्यवस्था के प्रति भारत के निरंतर सहयोग की सराहना की।कुमार ने कहा कि विदेश सचिव ने अफगानिस्तान के नेतृत्व के साथ वहां के विकास एवं शांति प्रयासों पर सार्थक चर्चा की. दोहा में शनिवार को अमेरिका और तालिबान के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर होने हैं जिससे इस देश में तैनाती के करीब 18 साल बाद अमेरिकी सैनिकों की वापसी का रास्ता साफ होगाा। सम्मेलन का आयोजन रूस द्वारा किया गया था, जिसमें तालिबान का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, अफगानिस्तान, अमेरिका, पाकिस्तान और चीन समेत समेत कई अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे। शांति समझौते से पहले भारत ने अमेरिका को यह बता दिया है कि वह पाकिस्तान पर उसकी जमीन से चल रहे आतंकी नेटवर्कों को बंद करने के लिये दबाव डालता रहे यद्यपि अफगानिस्तान में शांति के लिये उसका सहयोग महत्वपूर्ण है। ऐतिहासिक समझौते से पहले नाटो प्रमुख पहुंचे अफगानिस्तान अमेरिका और तालिबान के बीच ऐतिहासिक समझौते से पहले अधिकारियों से मिलने के लिए नाटो प्रमुख जेन्स स्टोल्टनबर्ग शनिवार को अफगानिस्तान पहुंचे. नाटो ने एक बयान में बताया कि स्टोल्टनबर्ग अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ शनिवार शाम काबुल मीडिया सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसमें अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भी मौजूद होंगे। स्टोल्टनबर्ग देश में अमेरिका और नाटो बलों के प्रमुख जनरल स्कॉट मिलर से भी मुलाकात करेंगे। शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अमेरिकी सैनिकों की वापसी की संभावनाः इस समझौते के तहत दोनों शत्रुओं के बीच चरमपंथ खत्म करने के बदले अफगानिस्तान से हजारों अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाए जाने पर सहमति बनी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगान लोगों से नया भविष्य बुनने के मौके का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने हस्ताक्षर कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर कहा कि अगर तालिबान और अफगान सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर पाते हैं तो हम अफगानिस्तान में युद्ध खत्म करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सकेंगे और अपने सैनिकों को घर वापस ला पाएंगे। ट्रंप ने कहा कि वह संधि पर हस्ताक्षर के लिए विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ को भेज रहे हैं और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर काबुल सरकार के साथ अलग से घोषणा-पत्र जारी करेंगे। उम्मीद है कि इस समझौते से काबुल सरकार और तालिबान के बीच संवाद होगा और अगर यह बातचीत सार्थक रहती है तो अफगान युद्ध अंतत: समाप्त हो जाएगा।


खाई- 30 एमकेआई में तैनात किया

भारत ने रूस के साथ हवा से हवा में मार करने वाली R-27 मिसाइलों की खरीद के लिए 1,500 करोड़ रुपये का करार किया है। इन मिसाइलों को लड़ाकू विमान


मास्को। खाई-30 एमकेआई में तैनात किया जाएगा। एक सरकारी सूत्र ने बताया, ‘भारतीय वायुसेना में तैनात लड़ाकू विमान सुखोई-30MKI के लिए हवा से हवा में मार करने वाली R-27 मिसाइलों के लिए रूस से करार किया गया है।’आपको बता दें कि रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद पर अमेरिकी की आपत्तियों के बीच यह सौदा किया गया है। इससे सरकार ने साफ किया है कि भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए किसी तरह के दबाव में आने वाला नहीं है। इन मिसाइलों के जरिए भारतीय वायुसेना के पास हवा में लंबी दूरी तक मार करने की ताकत आ जाएगी। गौरतलब है कि हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने करगिल विजय दिवस के मौके पर कहा था कि हम राष्ट्र की सुरक्षा के मसले पर किसी तरह के अभाव, प्रभाव और दबाव की स्थिति में आने वाले नहीं हैं।इन मिसाइलों को सरकार ने 10-I प्रॉजेक्ट के तहत लेने का फैसला लिया है। इसके तहत यह तय किया गया है कि तीनों सेनाओं के पास जरूरी साजोसामान उपलब्ध रहे। रूस ने इन मिसाइलों को अपने मिग और सुखोई सीरीज के लड़ाकू विमानों में तैनात करने के लिए तैयार किया है। इससे भारत के पास मध्यम से लंबी दूरी तक की रेंज में मार करने की क्षमता होगी।रक्षा मंत्रालय की ओर से आपातकालीन जरूरतों के लिए मंजूरी दिए जाने के बाद बीते 50 दिनों में भारतीय वायुसेना ने अब तक अपने साजोसामान के लिए 7,600 करोड़ रुपये तक की डील्स की हैं। इसी साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले के बाद से सरकार ने तीनों बलों को किसी भी साजोसामान की खरीद के लिए आपातकालीन शक्तियां दी हैं।


लॉक डाउन में गोली मारकर हत्या

प्रयागराज। लॉक डाउन के दौरान शहर के करेली इलाके के बक्शी मोढ़ा में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि बख्शी मोढ़ा में चाय की दुकान पर हुए विवाद में गोली मारी गई है। लॉक डाउन उनमें रोक के बावजूद खुली चाय की दुकान पर हत्याकांड से खलबली मच गई है। जानकारी के अनुसार दुकान पर मौजूद लोटन निषाद और मोहम्मद सोना के बीच कोरोनावायरस व तबलीगी जमात को लेकर हो रही बातचीत के बीच कहासुनी होने लगी। बात इस कदर बढ़ी कि मोहम्मद सोना ने लोटन निषाद को गोली मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


हत्या की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपीः मोहम्मद सोना को गिरफ्तार कर जांच में जुटी हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार आसपास के लोगों ने मोहम्मद सोना को घेर कर पकड़ लिया फिर पुलिस को सौंपा दिया गया। पुलिस के अनुसार चाय की दुकान पर कुछ लोग खड़े होकर आपस में बातचीत कर रहे थे। इस दौरान लोटन निषाद ने जमात के लोगो के पकड़े जाने पर सवाल उठाये जिस पर मोहम्मद सोना ने जमात के समर्थन में गोली चला दी। जिससे लोटन निषाद की मौके पर मौत हो गई। पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि लाक़ डाउन के दौरान मनाही के बावजूद भी चाय की दुकान कैसे खोली गई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सख्त है। उन्होंने मृतक परिवार को चार का मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही आरोपियों पर रासुका के तहत कार्यवाही के निर्देश दिए है। लॉक डाउन के दौरान चाय की दुकान क्यों खोली गई और पुलिसकर्मियों ने कोई कार्यवाही नहीं की इसको लेकर कप्तान ने पुलिसकर्मियों पर भी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।


बृजेश केसरवानी


3 महिने स्कूल के बच्चों की फीस माफ

बृजेश केसरवानी 


प्रयागराज। पिछले कई दिनों से ये चर्चा फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर तमाम तरह की साइडों पर ये चर्चा हो रही थी कि कोरान वाइरस को देखते हुए स्कूल के बच्चों की फ़ीस माफ़ हो। आज प्रयागराज के जसरा स्थित स्कूल के निदेशक ने आगे बढ़कर इस महामारी को देखते हुए अपने स्कूल के 3 महीनों की यानि अप्रैल, मई और जून की फीस को माफ़ कर दिया है और स्कूल के बच्चों की स्वस्थ होने की कामना की पेश है।


स्पेनः 24 घंटे में 738 लोगों की मौत

मैड्रिड। कोरोना वायरस संक्रमण से मौत के मामले में स्पेन ने चीन को पीछे छोड़ दिया है और यहां अब तक कुल 3,434 लोगों की मौत हो गई है। स्पेन ने रातभर में 700 से अधिक लोगों के मौत की पुष्टि की है। बता दें कि चीन में कोरोना वायरस से अब तक करीब (चीन के द्वारा) 3,281 लोगों की मौत हो चुकी है।


स्पेन की सरकार के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 738 लोगों की मौत हुई है और यह आंकड़ा 3434 पहुंच गया है। स्पेन में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 47,610 है। स्पेन की राजधानी में ही अब तक 1,535 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अब तक 5,400 स्वास्थ्यकर्मी इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। स्पेन में अस्पतालों को संक्रमण मुक्त करने लिए गए सैनिकों ने लोगों को गंदगी और उन संक्रमित शवों के बीच रहते पाया जिनके बारे में संदेह है कि उनकी मौत कोरोनो वायरस से हुई है। इस संबंध में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोबल्स ने बताया कि बुजुर्ग लोगों को ‘पूरी तरह सेखुद के हवाले छोड़ दिया गया या कुछ को अपने बिस्तरों पर मृत छोड़ दिया गया।’ उन्होंने कहा कि कई नर्सिंग होम मिले हैं और कई शव मिले हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में जानकारी नहीं दी कि ये अस्पताल कहां हैं और कितने शव मिले हैं।गौरतलब है कि चीन में विदेशों से आए, कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के 47 नए मामले सामने आए हैं और इसी बीच इस घातक वैश्विक महामारी के केंद्र वुहान में नौ सप्ताह के लॉकडाउन (बंद) के बाद पहली बार बुधवार को शहर के भीतर बस सेवा शुरू की गई। चीन ने मध्य हुबेई प्रांत में पांच करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों पर तीन महीने से लागू बंद को हटाने का मंगलवार को फैसला किया। हालांकि हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में लंबे समय से जारी बंद आठ अप्रैल को समाप्त होगा।राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बताया कि हुबेई और वुहान में कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आया लेकिन शहर में चार लोगों की मौत होने से चीन में मृतक संख्या बढ़कर 3,281 हो गई। उसने बताया कि मंगलवार को विदेशों से आए लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने के 47 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही चीन में इस प्रकार के मामलों की संख्या बढ़कर 474 हो गई। चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन मामलों मे अधिकतर लोग विदेशों से लौटे चीनी नागरिक हैं।


कोरोनाः इटली में 51 डॉक्टरों की ली जान

रोम। कोरोना वायरस महामारी का गढ़ बन चुके इटली में 51 डॉक्‍टरों की इस किलर वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि ये सभी डॉक्‍टर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे थे और इसी दौरान संक्रमित हो गए। इस बीच इटली में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्‍या 9,134 पहुंच गई है जो दुनिया में सबसे ज्‍यादा है।


सीएनएन की रिपोर्ट मुताबिक ये सभी 51 डॉक्‍टर कोरोना वायरस पॉ‍जिटिव पाए गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इटली के डॉक्‍टर के संघ के अध्‍यक्ष फिलिपो अनेल्‍ली ने हाल ही में इसी खतरे को देखते हुए डॉक्‍टरों के लिए और ज्‍यादा सुरक्षा उपकरण मांगे थे। अनेल्‍ली ने कहा, सबसे पहला काम डॉक्‍टरों और हेल्‍थ केयर वर्कर की सुरक्षा करना है ताकि वे कोरोना की चपेट में न आएं। इस बीच इटली को कोरोना वायरस की त्रासदी से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। पिछले हफ्ते एक-दो दिन मरने वालों की संख्या में कमी आने से माना जा रहा था कि शायद जल्द ही यह देश इस महामारी से उबर जाएगा।हालांकि, शुक्रवार को एक बार फिर भयानक रेकॉर्ड दर्ज करते हुए कोरोना ने इटली में 970 से ज्यादा लोगों की जान ले ली।


भारतीय युवा इंजीनियरों का गेम चेंज

वाशिंगटन। कोरोना वायरस महामारी दुनिया के 200 से भी ज्यादा देशों में 50 हजार से भी ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है। यह वायरस दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका पर कहर बन कर टूटा है। ऐसे में वैज्ञानिक, डॉक्टर और इंजीनियरों की टीमें दिन-रात लोगों को वायरस से बचाने के लिए मेहनत कर रही हैं।


इस संकट के बीच भारतीय इंजीनियरों के बनाए गए वेंटिलेटर का अब अमेरिका भी कायल हो गया है। दरअसल, अमेरिका इस समय कोरोना वायरस का गढ़ बन गया है। यहां दो लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं। अमेरिकी सरकार से लेकर विशेषज्ञों तक ने एक लाख मौतों का अंदेशा जताया है। संकट की इस घड़ी में अमेरिका कम से कम सात लाख वेंटिलेटर्स की कमी का सामना कर रहा है। इन हालातों में मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के साथ भारतीय इंजीनियरों ने सस्ती कीमत वाला वेंटिलेटर का निर्माण किया है। इस वेंटिलेटर की कीमत 500 अमेरिकी डॉलर है जो कि भारतीय करेंसी के मुताबिक करीब 37,500 रुपये है। बता दें कि मौजूदा समय में अमेरिका में जो वेंटिलेटर्स इस्तेमाल किए जा रहे हैं, उनकी कीमत 22.50 लाख रुपये है। यानी जो नया वेंटिलेटर बनाया गया है वो मौजूदा वेंटिलेटर्स के मुकाबले 60 गुना सस्ता है। अमेरिका ने इस वेंटिलेटर को अंतिम परीक्षण के बाद अगले कुछ हफ्तों में कॉमर्शियल प्रोडक्शन के लिए कार और विमान बनाने वाली 11 अलग कंपनियों को बनाकर देने का आदेश दिया है। इस पूरे मामले पर अमेरिका के कार्यकारी सहायक सचिव एलिस जी वेल्स ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत के युवा इंजीनियरों की यह कोशिश गेमचेंजर साबित होगी। हमें विश्वास है कि यह प्रयोग सफल होगा और हम जल्द ही बड़े पैमाने पर इसका प्रोडक्शन शुरू कर देंगे।


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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस    (हिंदी-दैनिक)


अप्रैल 06, 2020, RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-238 (साल-01)
2. सोमवार, अप्रैल 06, 2020
3. शक-1942,चैैत्र-शुक्ल पक्ष, तिथि- त्रयोदशी, विक्रमी संवत 2077।


4. सूर्योदय प्रातः 06:15,सूर्यास्त 06:40।


5. न्‍यूनतम तापमान 18+ डी.सै.,अधिकतम-31+ डी.सै.।


6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
7. स्वामी, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहींं है।


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9.संपर्क एवं व्यावसायिक कार्यालय-डी-60,100 फुटा रोड बलराम नगर, लोनी,गाजियाबाद उ.प्र.,201102


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शराब: डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेंगा आस्ट्रेलिया

सिडनी/ बीजिंग। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वो उनके यहाँ बनी शराब पर चीन के शुल्क बढ़ाने के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज करेगा। चीन ने पिछले...