रविवार, 20 सितंबर 2020

पूंंजीपतियों का गुलाम बना रहेंं हैं पीएम

किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बना रहे हैं मोदी: राहुल।


नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं चूकते हैं और रविवार को उन्होंने किसान संबंधी विधेयकों को लेकर कहा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को पूंजीपतियों का ‘ग़ुलाम’ बना रहे हैं जिसे देश कभी सफल नहीं होने देगा।
कांग्रेस कृषि से जुड़े तीन विधेयकों को लेकर हमलावर बनी हुई है। यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुके हैं और इन्हें रविवार को राज्यसभा में पेश किया गया है।
वायनाड से सांसद कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार के कृषि-विरोधी ‘काले क़ानून’ से किसानों को कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी)किसान मार्केट खत्म होने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एमएसपी) कैसे मिलेगा और एमएसपी की गारंटी क्यों नहीं।मोदी किसानों को पूंजीपतियों का ‘ग़ुलाम’ बना रहे हैं जिसे देश कभी सफल नहीं होने देगा।             


बदमाशों ने दिनदहाड़े मां-बेटी की हत्या की

गोरखपुर में बदमाशों ने दिनदहाड़े मां-बेटी को मारी गोली महिला की मौत युवती की हालत गंभीर।


अश्वनी उपाध्याय


गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दिनदहाड़े बदमाशों ने मां-बेटी को गोली मार दी। गोली लगने से महिला की मौत हो गई।जबकि युवती गंभीर रुप से घायल हो गई। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
शाहपुर इलाके के बसारतपुर में रविवार दोपहर बाइक सवार बदमाशों ने एक महिला और उसकी बेटी को गोली मार दी। परिजनों व स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रुप से घायल मां-बेटी को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने मां को मृत घोषित कर दिया वहीं बेटी की हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बाइक सवार बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक बशारतपुर की रहने वाली निर्मला अन्द्रियास (60) रविवार की दोपहर बेटी डेलफीन (18) के साथ स्कूटी से अपने मायके से ससुराल जा रही थीं। घर से कुछ दूर आगे बढ़ने पर राजीवनगर में आशियाना मोड़ पर बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें घेरकर फायरिंग शुरू कर दी।गोली लगने के बाद मां-बेटी सड़क पर गिर गईं। शोर सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ पहुंची तो बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची शाहपुर पुलिस परिवार वालों के साथ मां- बेटी को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची। जहां डॉक्टर ने निर्मला को मृत घोषित कर दिया। पुलिस छानबीन में जुटी है। 


विरोधः युवा कांग्रेस ने शुरू किया आंदोलन

किसान विरोधी ऑर्डिनेंस के खिलाफ भारतीय युवा कांग्रेस का सड़कों पर आंदोलन हुआ शुरू


रोशन कुमार प्रजापति


नई दिल्ली। किसान विरोधी ऑर्डिनेंस पास होने के बाद देश में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन होना शुरू हो गया है | मोदी सरकार ने इन किसान विरोधी बिलों के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, लोक सभा में प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स और प्राइस एश्योरेंस और फार्म सर्विसेज बिल पारित किए।सरकार द्वारा लाए गए ये कानून हरित क्रांति के उद्देश्य को पराजित करते हैं और खेती के भविष्य के लिए एक मौत की घंटी होगी और मोदी सरकार किसान को नष्ट करने के लिए नरक में लेकर जा रही है और मुट्ठी भर पूंजीपतियों के लिए किसानों पर वार कर रही है।  मंडी प्रणाली को समाप्त करने से लाखों मजदूरों, कमीशन एजेंटों, मुनीम, लोडर, ट्रांसपोर्टर्स, विक्रेताओं आदि की रोटी और जीविका के साधन छिन जाएंगे। अनाज मंडी-सब्जी मंडी यानी एपीएमसी की व्यवस्था को समाप्त कर दिया जाएगा।  कृषि उपज खरीद प्रणाली।  ऐसे परिदृश्य में, किसानों को बाजार मूल्य के अनुसार न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा और न ही उनकी फसल का मूल्य। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रभारी डॉ अनिल कुमार मीणा ने  बताया कि भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास के नेतृत्व में युवा कांग्रेस द्वारा देश के कोने कोने में किसान विरोधी बिल का विरोध करने के लिए मोर्चा खोल दिया है |   नरेंद्र मोदी  लच्छेदार भाषणों से देश के लोगों को लोक लुभावनी बातों में  उलझा कर रखता है लेकिन जमीनी धरातल पर देखे तो उनकी सरकारी नीतियों में समाज का शोषण छुपा हुआ है| इससे पहले भी किसानों को अनेक तरीके वादे किए गए लेकिन आज उन तमाम नीतियों में शोषण व्यवस्था बलवती होने के कारण किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया | मोदी सरकार द्वारा किसानों के लिए संसद में जो वादा किया था वो पूरा कर दे तो किसान इस कृषि बिल का समर्थन कर देंगे| जैसे 2022 तक किसानों की आय दुगनी कर देने के लिए कहा था लेकिन 2014 मे किसानों की आय 6500₹ महीना थी, आज 1400₹ महीना | इन्फ्लेशन जोड़ देंगे तो 2022 तक ये आय 1000₹ महीने से नीचे रहेगी |  वादे में उन्होंने कहा था कि आने वाले समय में किसी भी किसान को आत्महत्या नहीं करने दूंगा ऐसी व्यवस्था स्थापित कर दूंगा लेकिन किसानों की आत्महत्या बढ़ गई इस पर सरकार का कोई जवाब नहीं है| चुनावी रैलियों में उन्होंने कहा था कि खाद, बीज, पानी, बिजली वगैरह किसानों को मुफ्त दूंगा| 6 साल में क्या किया? किसानी में लागत बढ़ गई | भाषणों में कहा था कि कृषि में 25 लाख करोड़ का सरकारी निवेश होगा| किसानों के लिए यह वादे पूरे होते तो आज भी आत्महत्या करने के लिए मजबूर नहीं होते | फिलहाल मोदी सरकार द्वारा किसान विरोधी ऑर्डिनेंस संसद में पास कर दिया है | जिसमें कृषि बिल में मूलभूत मुद्दों पर एक शब्द भी नही है | भारत मे किसानों की समस्या पर सरकार को जानकारी होने के बावजूद भी वह गैर जिम्मेदाराना सौतेला व्यवहार कर रही है | 62 करोड़ किसान और खेतिहर मजदूर भारत भर में आंदोलन कर रहे हैं | 250 से अधिक किसान संगठन भूख हड़ताल पर हैं | इस देशव्यापी बिल के खिलाफ भारत के किसान एकता के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं | लेकिन सरकार ने संसद और संसद के अंदर किसानों की आवाज बंद करने का काम किया। भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारी कृषक समुदाय बेरहमी से पिट रहे हैं। डॉ अनिल मीणा ने कहा कि   सरकार अपने पूंजीपति उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के चक्कर में देश के  अन्नदाता ऊपर पुलिस प्रशासन के माध्यम से लाठीचार्ज करवा कर दमन कर रही है| देश का पालन पोषण करने वाला किसान मोदी सरकार की दमनकारी नीतियों से डरने वाला नहीं है| भारतीय युवा कांग्रेस किसान विरोधी ऑर्डिनेंस का विरोध करने के लिए किसानों के संघर्ष के साथ भागीदार बना रहेगा जब तक सरकार  इस बिल को वापस नहीं ले लेती |               


ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाएगा 'अमेरिका'

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका एक बार फिर से ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए वो संयुक्त राष्ट्र के भरोसे चुप नहीं बैठेगा। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अगस्त में एक बयान में कहा था कि ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत सभी प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने के लिए 30 दिन लंबी प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है और ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि वह क्षेत्र में शांति तथा सुरक्षा बनाए रखने में असफल रहा है।ईरान और वेनेजुएला मामलों के अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि इलियॉट अब्राहम ने बुधवार को इन प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने की योजना की पुष्टि की थी।          


क्यों पहले पल्ला झाड़ रहा है 'रूस' ?

नई दिल्ली/ बीजिंग/ मास्को। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर रूस ने एकदम से पैंतरा बदला है। अब वो दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने वाले मध्यस्थ की भूमिका में दिखाई दे रहा है। बता दें कि इससे पहले वो लगातार ये कहता रहा कि ये तनाव भारत और चीन का आपसी मामला है और वो इसमें दखल नहीं देगा। अब शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान दोनों देशों की बीच शांति वार्ता होने पर रूस ने कहा कि उसने ही दो एशियाई ताकतों को मंच दिया ताकि वे सुलह कर सकें। जानिए, एकाएक ऐसा क्या बदला जो रूस संत के चोले में आ गया।


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को भेजा गया जहर

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी जोरों पर हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप के नाम जहर भरा एक पार्सल भेजा गया, जो कि पुलिस के हाथ लगा है। खास बात ये है कि ये पार्सल ट्रंप के नाम पर ही है। इस पैकेज में रिसिन नाम का जहर होने का संदेह है जिसकी पुष्टि के लिए दो-दो जांच की जा चुकी है। दरअसल, इस खबर की जानकारी अमेरिका के एक न्यूज चैनल ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति भवन वाइट हाउस को भेजी गई हर चिट्ठी या पार्सल की छंटनी कर जांच की जाती है। जांच में कोई संदेह नहीं रहने पर ही उसे आगे वाइट हाउस तक भेजा जाता है।


कनाडा से भेजा गया है पार्सल 


अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसी के एक अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि पैकेज संभवतः कनाडा से भेजा गया है। इसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है। 'द फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन' (FBI) और सीक्रेट सर्विस मामले की जांच कर रही है। एफबीआई के अधिकारी ने एक न्यूज चैनल को बताया कि 'एफबीआई और हमारी सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी पोस्टल इंस्पेक्शन सर्विस मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं। फिलहाल, आम लोगों के लिए किसी तरह के खतरे का कोई संदेह नहीं है।'


आतंकवादी हमले के लिए किया जाता है इस जहर का इस्तेमाल 


रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि रिसिन बेहद घातक तत्व होता है। इसे कास्टर बीन्स से निकाला जाता है। इसका इस्तेमाल आतंकवादी हमलों में किया जा चुका है। इसे पाउडर, मिस्ट, पेलेट या एसिड के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है। रिसिन जहर खा लेने पर व्यक्ति को उल्टियां आती हैं, पेट और आंतों के अंदर से खून का रिसाव होने लगता है, लीवर, स्प्लीन और किडनी फेल होने लगते हैं और आखिर में इंसान का पूरा सर्कुलेटरी सिस्टम ही ठप्प पड़ जाता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है।           


रूस ने भी अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाई

मॉस्‍को। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और चीन की दिलचस्‍पी के बाद रूस ने भी अपनी गहरी दिलचस्‍पी दिखाई है। रूस ने सुदूर पर्व में अपनी सैन्‍य उपस्थिति बढ़ाई है। रूसी रक्षा मंत्री शोइगू ने रविवार को कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर सुदूर पूर्व में मॉस्‍को अपने सैन्‍य उपस्थिति को और मजबूत करेगा। रूसी सेना द्वारा इस क्षेत्र में किया गया अभ्‍यास क्षेत्र में तनाव को बढाएगा। रूस के इस कदम से  बेलारूस, क्रीमिया और मध्‍य एशिया के बाद सुदूर पूर्व में भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है। इस क्षेत्र में रूसी सैन्‍य हलचल से एक बार फ‍िर दुनिया में शीत युद्ध का खतरा बढ़ गया है।


पूर्वी सीरिया में आमने-सामने रूस और अमेरिका 


उधर, पूर्वी सीरिया में गश्त करने वाले अमेरिकी और रूसी सेनाओं के बीच इस साल भिड़ंत की घटनाएं बढ़ी हैं। पिछले महीने दोनों सेनाओं के बीच सबसे गंभीर संघर्ष त‍ब हुआ, जब रूसी वाहनों ने एक हल्के बख्तरबंद अमेरिकी सैन्य वाहन पर हमला किया। इस हमले में चार अमेरिकी घायल हो गए थे। इसके बाद अमेरिका ने शनिवार को पूर्वी सीरिया में रूसी बलों का मुकाबला करने के लिए अतिरिक्त सैनिकों और बख्तरबंद वाहनों को तैनात किया है। अमेरिका ने अपना रडार सिस्टम भी भेजा है। इसके साथ अमेरिकी और गठबंधन सेना की बेहतर सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में फाइटर जेट गश्त को बढ़ा दिया गया है।           


पत्नी का पेट काट कर देखा लड़का या लड़की

पति ने गर्भवती पत्नी का हंसिये से पेट फाड़कर देखा बेटा है या बेटी, बीवी गंभीर, पति गिरफ्तार।


बदायूं। शहर के नेकपुर मोहल्ले में शनिवार शाम एक बड़ी वारदात हो गई। एक व्यक्ति ने अपनी गर्भवती पत्नी पर हंसिया से हमला कर उसका पेट फाड़ डाला। इससे महिला की आंतें तक बाहर आ गईं। महिला को गंभीर अवस्था में बरेली रेफर कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर गली नंबर तीन निवासी पन्ना लाल की पत्नी अनीता (35) एक परचून की दुकान चलाती है। उसकी पांच बेटियां हैं, जिनमें बड़ी बेटी की मोहल्ले की गली नंबर पांच में शादी हो चुकी है। इस समय अनीता आठ माह की गर्भवती है। उसके भाई रवि कुमार का आरोप है कि अनीता के कोई बेटा नहीं है। इससे बहनोई पन्नालाल आए दिन उसके साथ मारपीट और गाली गलौज करता था। शनिवार शाम दोनों में इसी बात पर बहस हो रही थी कि तभी पन्नालाल हंसिया निकाल आया।
बोला आज देख ही लूं कि तेरे पेट में बेटा है या बेटी। इसके बाद उसने अनीता पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए, जिससे महिला के पेट की आंतें तक बाहर निकल आईं। ये देखकर परिवार में कोहराम मच गया। चीख पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए। उनकी सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस पहुंच गई। पुलिस तुरंत महिला को जिला अस्पताल ले गई, जहां से उसे बरेली रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी पन्ना लाल को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
बेटियों से नहीं चलेगा ‘वंश’, मारकर कर लूंगा दूसरी शादी
शहर के नेकपुर मोहल्ला में जिस व्यक्ति ने हंसिया मारकर पत्नी को घायल कर दिया। उसने एक दिन पहले भी पत्नी से मारपीट की थी। अपनी बहनों के सामने कहा था कि वह अनीता को मारकर दूसरी शादी कर लेगा। बेटियों से उसका वंश नहीं चलेगा। जेल चला जाए तो उसकी जमानत करा लेना।
सिविल लाइंस क्षेत्र के नेकपुर मोहल्ला निवासी आरोपी पन्नालाल मजदूरी करता है। परिवार का आधा खर्चा उसकी पत्नी अनीता उठाती है। उसने अपने घर में ही एक परचून की दुकान रख ली है।
इसके बावजूद पन्नालाल आए दिन उसके साथ मारपीट और गाली गलौज करता था। शनिवार शाम उसने अनीता पर हंसिया से हमला बोल दिया, जिससे उसे गंभीर हालत में बरेली रेफर कर दिया गया है। उसके भाई ने अनीता के कुछ वीडियो वायरल किए हैं। जिसमें अनीता कह रही है कि पन्नालाल उसे बहुत तंग करता था। शुक्रवार को उसकी बहनें घर पर आईं थीं। उनके सामने पन्नालाल कह रहा था कि अगर इसके बेटा न हुआ तो मैं इसकी हत्या कर दूंगा। फिर दूसरी शादी कर लूंगा।
जेल चला जाऊं तो मेरी जमानत करा लेना। शनिवार शाम हमले से पूर्व तो पन्नालाल ने हद ही कर दी। वह बेटियों के सामने ही निर्वस्त्र हो गया। बाद में अनीता के ऊपर हमला बोल दिया। अनीता की बहनों ने भी पन्नालाल पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटा कोई बनाने की चीज नहीं है। इसके बावजूद उनकी बहन का उत्पीड़न हो रहा था।
गिरफ्तारी के दौरान बोला आरोपी, मुझ पर गुरु महाराज की कृपा है।
जिस समय पुलिस ने आरोपी को पकड़ा था। उस समय आरोपी बोला कि उसका कुछ नहीं होगा। उस पर गुरु महाराज की कृपा है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है, लेकिन अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई है। उसे जेल भेजा जाएगा।                 


दो युवकों की मौत से क्षेत्र में फैला सन्नाटा

भानु प्रताप उपाध्याय


शामली। अपने गांव मुंडेट लौट रहे बाइक सवार दो युवकों की मेरठ करनेल हाईवे पर ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। ट्रक दोनों को खींचता हुआ काफी दूर तक ले गया। युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। वहां काफी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और गुस्सा जताते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस मौके पर मौजूद है। ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन वह हंगामा करते रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के गांव मुंडेट निवासी आशीष (18) पुत्र सुदेश और वासु (17) पुत्र पाली शामली में अलग-अलग दुकानों पर काम करते हैं। शुक्रवार दोपहर दोनों बाइक से अपने गांव के खाने खाने के लिए जा रहे थे। मेरठ-करनाल हाईवे से गांव की ओर मुड़ते हुए पीछे से आ रहे ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और घसीटता हुआ काफी दूर तक ले गया। हादसे में बाइक सवार आशीष और वासु दोनों की मौत हो गई। वहीं घटना के बाद चालक ट्रक को लेकर फरार हो गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीण आरोपी ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है।                  


केंद्रीय मंत्री की एसएसपी को खुली चेतावनी

भानु प्रताप उपाध्याय 


केंद्रीय मंत्री की एसएसपी को खुली चेतावनी, व्यापारी पलायन करेगा तो पुलिस भी जाएगी 


मुज़फ्फरनगर। थाना भोपा क्षेत्र के मोरना में तीन दिन पूर्व हुयी दवा व्यापारी की हत्या के बाद क्षेत्र के व्यापारीयो का मुज़फ्फरनगर पुलिस से भरोसा उठता नजर आ रहा है। व्यापारी अपनी जान माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहा है। जिसके चलते आज मोरना क्षेत्र के व्यापारियों द्धारा बाज़ारो में अपनी संपत्ति बेचने के पोस्टर लगाए है वंही जनपद मुज़फ्फरनगर से पलायन करने की तैयारी  कर रही है। व्यापारीयो के पलायन की सूचना पर जंहा पुलिस विभाग में हड़कम्प मचा है। वंही पलायन की सूचना से दुखी होकर मुज़फ्फरनगर सांसद और केंद्रीय मंत्री ने जंहा मृतक दवा व्यापारी के परिवार को सांत्वना दी वंही व्यापारीयो के बीच पंहुचकर व्यापारीयो को भरोसा दिलाते हुए एसएसपी को आड़े हाथ लेते हुए चेतावनी दे डाली की यदि  जनपद का व्यापारी बदमाशों के डर से पलायन करेगा तो पूरी पुलिस को भी मुज़फ्फरनगर से पलायन करना होगा। मुज़फ्फरनगर व्यापारीयो के पलायन की सूचना पर मृतक दवाई व्यापारी अनुज कर्णवाल के घर  सांत्वना देने पहुँचे केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने भी व्यापारियों की पीड़ा सुन सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले से अवगत कराने की बात कही और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का भी आश्वाशन दिया। व्यापारीयो और पत्रकारों से रूबरू हुए केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा की बहुत दुखी हूँ क्योंकी सरकार का हमेशा अगर इस तरह की घटनाये है घटना हो चुकी हमारे बीच से जा चूका है। माइनर ADG से भी बात की है ,व्यापारीयो ने बताया की इस तरह की घटनाये पहले भी घट चुकी है। मैं व्यक्तिगत रूप से देखूंगा।  जनपद में बहुत दिनों से माहौल बहुत ठीक था लेकिन इस तरह की घटनाओ की शुरूआत होना हम सभी के लिए चिंता की बात है।  कोई भी हो ऐसी सख्त कार्यवाही होगी की शायद इस क्षेत्र में दोबारा इस तरह की घटना न हो। मुझे दुख है कप्तान को  तुरंत यंहा पहुंचना चाहिए था की क्योकि यह सामान्य हत्या नहीं है। ये आपसी दुश्मनी की हत्या होती तो हम मान लेते लेकिन जिस तरह व्यापारी की हत्या हुई है तो उसकी तह में भी जायेंगे मुख्य मंत्री जी को भी सभी बातो से अवगत कराऊंगा परिवार की मदद करने का भी प्रयास करूंगा। अगर व्यापारी जायेंगे तो सारी पुलिस भी जाएगी मुज़फ्फरनगर से व्यापारीयो के जाने के बाद फिर इनकी क्या आवश्यकता रह जाएगी हम खुद कर सकते है। ये जिम्मेदारी जिले के कप्तान की है , जवाबदेही कप्तान की है कप्तान को कम से कम भारतीय जनता पार्टी सरकार में पुलिस फ्री हैंड है। कोई राजनितिक दबाव कही नहीं है हमने कभी भी राजनितिक प्रतिनिधि ने राजनैतिक दबाव नहीं दिया है यदि कप्तान वाहवाही लेना चाहते है तो इस तरह की घटनाओ की जिम्मेदारी भी कप्तान को लेनी पड़ेगी। 


शामलीः अवैध हथियारों के साथ 1 गिरफ्तार

भानु प्रताप उपाध्याय


थाना कोतवाली शामली पुलिस द्वारा अवैध तमंचा पौना के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार


शामली। पुलिस अधीक्षक शामली के आदेश अनुसार चलाए जा रहे हैं अभियान चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति वाहन के अनुपालन में अप्पर पुलिस अधीक्षक शामली के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी नगर के कुशल नेतृत्व में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा सूचना पर एक अभियुक्त को एक अवैध तमंचा पौना 12बोर मय एक जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।गिरफ्तारी एवं बरामदगी के संबंध में थाना कोतवाली शामली पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है पकड़े गए। आभियुक्त ने अपना नाम सरवर पुत्र इकराम निवासी जहान पुरा थाना कैराना जनपद शामली बताया।                


संस्थाः पुलिस आरक्षको के वेतन में हो वृद्धि

पुलिस आरक्षको के वेतन में हो वृद्धि हिन्दू शक्त्ति सेवा संगठन।


दुर्ग। पुलिस आरक्षकों के वेतन वृद्धि को लेकर हिन्दू शक्त्ति सेवा संगठन के द्वरा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष तामेश तिवारी ने मिडिया से बात करते हुवे बताया कि अन्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन के अपेक्षा पुलिस आरक्षकों का वेतन बहुत ही कम है। जबकि आम जनता की हर मुसीबत औऱ परेशानीयो में सिर्फ और सिर्फ पुलिस ही काम आती है। कोरोना जैसे महामारी में अपनी जान की परवाह न करते हुवे दिन रात अपनी सेवा पुलिस ही दे रही है।
पुलिस विभाग की रीढ़ होती है लेकिन आर्थिक कमजोरी की वजह ये कमजोर होते जा रहेंं, अवसाद ग्रस्त होते जा रहेंं, जिनकी वजह से कई पुलिस वाले आत्महत्या तक कर चुके है। वर्तमान में इन्हें आधारभूत सुविधाये भी प्राप्त नही है।
अधिकांश पुलिस वाले अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन्हें बैंक से लोन लेना पड़ता है। पुलिस वाले न तो कोई दूसरा व्यवसाय कर सकते है, और ना ही अपने मांगो को पूरा करने के लिए धरना प्रदर्शन या हड़ताल करने का अधिकार होता है। देश मे कानून व्यवस्था बनाये रखने में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान होता है। सुरक्षा और शान्ति का दूसरा नाम पुलिस है। और इन्ही का वेतन कम होना बहुत ही दुखद है।
पुलिस आरक्षकों के वेतन वृद्धि के लिए भिलाई जिला संयोजक योगेश्वर मानिकपुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।जिसमें पुलिस आरक्षकों का ग्रेड वेतन 2800 करने की मांग की गई।वही संयोजक योगेश्वर मानिकपुरी ने मीडिया से बात करते हुए बताया,कि पुलिस आरक्षकों के वेतन वृद्धि व भत्ते बढ़ाने की  जरूरत काफी अरसे से है,लेकिन शाशन प्रशाशन का रवैया निराशाजनक रहा है। संगठन के द्वरा मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन दिया गया,जिसमे पुलिस आरक्षकों का भत्ता व वेतन वृद्धि बढ़ाने की मांग की है।साथ मे तोशनन्द शुक्ला , टामेंद्र सिन्हा , संगीत सिंग , राजेन्द्र तिवारी उपस्थित थे।                


गूगल मीट पर हिंदू परिषद एवं बजरंग दल

विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के गूगल मीट पर विश्व हिंदू परिषद


अश्वनी उपाध्याय/अतुल त्यागी


मेरठ। प्रांतीय प्रचार प्रसार प्रमुख  संजय भाई साहब के नेतृत्व में हुई। जिसमें सभी जिलों के प्रचार प्रसार प्रमुख और सह प्रमुख ने भाग लिया। जिसमे संजय भाई साहब ने बताया कि,कि संगठन के प्रचार प्रसार के लिए फेसबुक व्हाट्सएप ट्विटर, जीमेल का प्रयोग अधिक से अधिक करे।और न्यूज अखवार और न्यूज़ चैनल के माध्यम से प्रचार करें,और हमारी सनातन संस्कृति को सभी हिंदू बहन भाइयों तक पहुंचाने के लिए हर प्रकार की जो भी सही सामग्री आपको नजर आती है,उस पर कार्य करें। कार्यक्रम में सम्मिलित अथिति गण संजय कुमार प्रचार प्रसार प्रमुख मेरठ प्रांत,  संगठन मंत्री नागेंद्र भाई साहब,  ललित जोशी,सचिन त्यागी,राहुल गोस्वामी,संतोष कुमार,तेजभान सिंह,राघव मधुबन,आर्य बजरंग दल प्रशांत पंडित एवं संदीप गुप्ता हुए।


किसानों के एक धड़े में विद्रोह, बना विपक्ष

कृषि अध्यादेशों को लेकर किसानो में बनी असहमति एक धडे ने दिया समर्थन दूसरे ने किया विरोध।


झज्जर। केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए लाए गए तीनों अध्यादेशों के मामले में माहौल गरम होने लगा हैं। कृषि अध्यादेशों को लेकर किसान दो धड़ों में बंटे नजर आये। चार दिन पहले अनाज मंडी में जहां किसान संगठनों एवं आढ़तियों ने अध्यादेश को किसान विरोध करार देते हुए प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था। वहीं झज्‍जर में किसान उत्पादक संघ।प्रगति शील किसान संगठन। सहकारी किसान संगठन से जुड़े हुए विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों ने अलग अंदाज में ट्रैक्टर पर पहुंचते हुए मंडी में अध्‍यादेशों का समर्थन करते हुए प्रदर्शन किया। फिर सभी एक-साथ यहां से लघु सचिवालय तक पहुंचें। जहां पर उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री को प्रेषित एक ज्ञापन सौंपते हुए अपनी ओर से आभार भी जताया। विभिन्न गांवों से जुड़े किसानों ने कहा कि किसानों की आर्थिक आजादी के लिए देश के बाजार खोलने की प्रक्रिया से खेती और किसान, दोनों को बढ़ावा मिलेगा। ऐसा होने से वह अपनी फसल को जहां भी चाहेंगे। वहां पर वह इसे आसानी से बेच पाएंगे। जबकि।अनुबंध खेती के नियम भी किसान के हित में बनाए गए हैं। साथ ही उन्हें पूरी तरह से सुरक्षित भी रखा गया है। जिसमें बाहरी कोई भी कंपनी किसानों के हितों के साथ कुठाराघात कतई नहीं कर सकती। इसी क्रम में आवश्यक वस्तु अधिनियम में किसान हित में दी गई संतुलित छूट भी काला बाजारी को रोकने में मददगार साबित होगी।
किसानों ने अपने ज्ञापन में सरकार से आग्रह किया है। कि सभी ई-प्लेटफार्म सरकारी हो या सरकार अन्य। सरकार की कठोरतम निगरानी में रखे जाए। ताकि, किसानों के साथ किसी भी तरह धोखाधड़ी नहीं हो। किसान के अपने उत्पादों की बिक्री के अतिरिक्त अन्य किसानों से व्यापार करने वाले किसानों, किसान उत्पाद संघ, व्यापारियों पर कुछ गारंटी का दायित्व जरूर लाए। जहां पर भी खरीद-फरोख्त हो। वहां पर निगरानी रखी जाए। उप-मंडल अधिकारी के स्तर पर विवाद का निपटान उचित है। क्योंकि अदालती पक्ष में समय ज्यादा लगता है।               


खट्टर घबराया, बातचीत की करी अपील

किसान आंदोलन से घबराए हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपील करते हुए आंदोलन की आड़ में असमाजिक तत्व हिंसा ने फैला दे। आंदोलन छोड़कर बातचीत करने की करी अपील।


राणा ओबरॉय


चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां जारी एक अपील में किसानों के हितों की सुरक्षा के प्रति हरियाणा सरकार की सतत् प्रतिबद्धता को पुन। स्पष्ट करते हुए कहा कि जहां लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। वहीं प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखना सरकार का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि तीनों अध्यादेश पूरी तरह किसान हित में हैं ।और यह दुख की बात है। कि विपक्षी दल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए भोले-भाले किसानों को बरगला और भटका रहे हैं।उन्होंने स्वयं किसान पुत्र होने के नाते सभी किसान भाइयों से दीनबंधु चौ. छोटूराम जी की उस बात को याद करने की भी अपील की जिसमें उन्होंने किसानों को अपना दुश्मन पहचानने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि इस समय जो लोग केंद्र सरकार के अध्यादेशों को लेकर भ्रम फैला रहे हैं वे किसानों के असली दुश्मन हैं। और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए किसानों की शक्ति का दुरूपयोग करना चाहते हैं।
उन्होंने किसान संगठनों से अनुरोध किया कि वे 20 सितंबर के कार्यक्रम के दौरान यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों तथा यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। विशेषकर अस्पताल जा रहे मरीज।गर्भवती महिला आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों के रास्ते में कोई रूकावट न आए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करना हर किसी का अधिकार है। लेकिन आंदोलन का शांतिपूर्ण होना एवं कानून-व्यवस्था बने रहना भी जरूरी है। उन्होंने किसानों को सचेत करते हुए यह भी कहा कि कई बार आंदोलन की आड़ में असमाजिक तत्व अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए हिंसा फैला देते हैं जिससे आंदोलन बदनाम होते हैं। इसलिए शरारती तत्वों से सावधान रहना बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि हरियाणा का मुख्यमंत्री होने से पहले किसान होने के नाते उनके लिए किसान हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार के अध्यादेशों में किसान के हित को जरा सी भी आंच आती होती तो वे इनका विरोध करने वाले पहले व्यक्ति होते। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता बार-बार किसान की फसल भविष्य में समर्थन मूल्य पर न बिकने का झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उनके कार्यकाल में हर सीजन में फसल का दाना-दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है।और सरकार आगे भी एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध हैं।विपक्षी नेताओं द्वारा केंद्र के अध्यादेशों से भविष्य में मंडियां बंद हो।जाने की आशंका का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने संकल्प व्यक्त किया कि मण्डी व्यवस्था पहले की तरह जारी ही नहीं रहेगी बल्कि पहले से भी अधिक मजबूत की जाएगी ताकि किसानों को फसल बेचने के लिए किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।             


पुलिस की शान टोपी-वर्दी से परहेज क्यों ?

पुलिस की शान टोपी और वर्दी फिर परहेज क्यो


चरवा थाने के दरोगा से लेकर सिपाही तक करते हैं बिना वर्दी के डियूटी


इसी बीच मे चरवा थाने का एक सिपाही बिना नेम प्लेट के ही कर रहा है डियूटी


कौशांबी। चरवा कौशाम्बी चरवा थाने के दरोगा से लेकर सिपाही तक टोपी व नेम प्लेट लगाने से कतराते हैं। चरवा थाने क्षेत्र के बेरुवा चौराहे पर शनिवार को वाहन चेकिंग के दौरान दरोगा बिना व माक्स टोपी के नजर आए और सिपाही तो बिना नेम प्लेट के ही दिखाई पड़े पुलिस की शान उसकी वर्दी और टोपी नेमप्लेट आदि है। बरियावा चौकी इंचार्ज लखनलाल मिश्रा तो हाफ पैंट पहन कर डियूटी करते दिखाई दिए है।
इसी के भरोसे तो आम जनता  पुलिस को कानून का रखवाला मानती  हैं। लेकिन अफसोस कौशाम्बी जनपद के चरवा थाने के दरोगा से लेकर सिपाही  तक टोपी पहनने से परहेज करने लगे हैं। पुलिस के लिए टोपी पहनना उतना ही जरूरी है।जितना पेंट-शर्ट, वर्दी पर नेम प्लेट, नंबर बैज, बेल्ट और जूते-मोजे। इनमें से कोई एक मौजूद न हो तो वर्दी पूरी नहीं मानी जाती। ट्रेनिंग में खासतौर पर इसकी जानकारी दी जाती है।इसके महत्व को समझाया जाता है। इसके बाद सेवा में आते ही उन्हें कैप पहनना अच्छा नहीं लगता। आज की रिपोर्ट टीम ने कौशाम्बी जिले में इसकी पड़ताल की। चरवा थाना से लेकर सिपाही तक बिना नेम प्लेट व टोपी के डियूटी करते मिले है।वर्दी टोपी के बिना डियूटी करने वाले इन पुलिस कर्मियों पर अब आलाधिकारियों का चाबुक कब चलेगा जनता इसके इंतजार में है।


सुशील दिवाकर


सचः श्रमिक ट्रेनों में 97 लोगों की मौत हुई

पहले इनकार करने के बाद अब सरकार ने माना, श्रमिक ट्रेनों में 97 लोगों की मौत हुई।  


नई दिल्ली। बीते 14 सितंबर को शुरू हुई संसद की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में कुल 10 सांसदों ने प्रवासी श्रमिकों की मौत से जुड़े सवाल पूछे थे। लेकिन सरकार ने ये जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय में राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा था कि ऐसा कोई आंकड़ा नहीं रखा जाता है।
नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि कोविड-19 संकट के मद्देनजर लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए चलाई गई श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों में यात्रा के दौरान 97 लोगों की मौत हुई थी।बीते 14 सितंबर को शुरू हुई संसद की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में कुल 10 सांसदों ने प्रवासी श्रमिकों की मौत से जुड़े सवाल पूछे थे।लेकिन सरकार ने ये जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।सांसदों ने अपने दो सवालों (पहला और दूसरा) के जरिये केंद्र से ये जानना चाहा कि लॉकडाउन के चलते अपने घरों को लौटने को मजबूर हुए प्रवासी श्रमिकों में से कितने लोगों की मौत हुई है।इसके जवाब में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा था। ऐसा कोई आंकड़ा नहीं रखा जाता है।
इसे लेकर मोदी सरकार आलोचनाओं के घेरे में थी।और विपक्ष हमलावर थी कि केंद्र जान-बूझकर ये जानकारी छिपाना चाह रही है। क्योंकि इससे उन पर बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। बहरहाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेके ओ’ब्रायन द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को राज्यसभा को यह जानकारी दी।गोयल ने बताया ‘राज्य पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर वर्तमान कोविड 19 संकट के दौरान श्रमिक स्पेशल गाड़ियों में यात्रा करते हुए नौ सितंबर तक 97 लोगों के मरने की सूचना मिली।उन्होंने कहा कि मृत्यु के इन 97 मामलों में से 87 मामलों में राज्य पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और अब तक संबंधित राज्य पुलिस से 51 पोस्टमार्टम रिपोर्टें प्राप्त हुईं हैं।उन्होंने कहा, ‘पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु के कारण हृदय गति रुकना, हृदय रोग, ब्रेन हैमरेज, पुरानी गंभीर बीमारी, फेफड़ों की गंभीर बीमारी, जिगर की गंभीर बीमारी आदि दर्शाए गए हैं।गोयल ने बताया कि श्रमिक विशेष गाड़ियों में कुल 63.19 लाख, फंसे हुए श्रमिकों ने यात्रा की।भारतीय रेल के 18 ज़ोन में दायर आरटीआई आवेदनों के जरिये द वायर  ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि श्रमिक ट्रेनों से यात्रा करने वाले कम से कम 80 प्रवासी मज़दूरों की मौत हुई है। केंद्र सरकार के रिकॉर्ड में ये जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद उसने संसद में इसे सार्वजनिक करने से मना कर दिया था। द वायर  ने उन दस्तावेजों की प्रति प्राप्त की है।जिसमें श्रमिक ट्रेनों में प्रवासियों के मौत के आंकड़ों को इकट्ठा किया गया है।लवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को जिम्मेदारी दी गई थी। कि वे ऐसे मामलों को दर्ज कर संबंधित रेलवे जोन या डिवीजन में ये जानकारी भेजें। आरपीएफ की रिपोर्ट्स से पहली बार यह भी स्पष्ट होता है कि श्रमिक ट्रेन में मरने वाले लोगों में कोरोना संक्रमित भी शामिल थे। बाकी के ज्यादातर मृतकों में खांसी बुखार, उल्टी होना। अचानक तबीयत बिगड़ना जैसे लक्षणों का जिक्र है।               


वायरसः वैक्सीन के स्टोरेज की तैयारियां

कोरोना वैक्सीन के लिए तैयारी।माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में सुरक्षित रखना होगा कोरोना का टीका ऐसे स्टोर बनाए जा रहे, जहां 600 फ्रीजर में वैक्सीन स्टोर की जाएगी।


नई दिल्ली/ मास्को। कोविड-19 की वैक्सीन के ट्रायल सफल होने के बाद उन्हें लोगों तक सुरक्षित पहुंचाना भी बड़ी चुनौती होगी।कोविड-19 का टीका बनने के बाद भी उसे लोगों तक पहुंचाने का सफर आसान नहींदुनिया में 170 टीकों पर काम चल रहा, इनमें से 30 क्लीनिकल ट्रायल फेज में हैं।कोरोना को हराने के लिए दुनिया में 170 टीकों पर काम चल रहा है। इनमें से 30 क्लीनिकल ट्रायल में हैं। वैक्सीन सफल होने के बाद उसे लोगों तक सुरक्षित पहुंचाना भी बड़ी चुनौती होगी। इसीलिए कोविड-19 के टीकों को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में स्टोर किया जाएगा, ताकि वे सुरक्षित रहें।शोधकर्ताओं का कहना है कि इतना ठंडा तापमान सिर्फ दक्षिणी ध्रुव का ही है। हालांकि।स्टोरेज कंपनियों की कोशिश है।कि चाहे जैसी भी वैक्सीन बने, उसे लोगों को सही-सलामत पहुंचाएंगे। फिलहाल अमेरिकी फार्मा कंपनियां मॉडर्ना और फाइजर।जर्मन कंपनियां बायोएनटेक और क्योरवैक मैसेंजर आरएनए आधारित वैक्सीन पर काम कर रही हैं।


फुटबॉल के मैदान जितनी बड़ी स्टोरेज फैसिलिटी तैयार
उधर अमेरिकी लॉजिस्टिक्स कंपनी यूपीएस ने नीदरलैंड्स में फुटबॉल के मैदान जितनी बड़ी स्टोरेज फैसिलिटी तैयार की है। यहां दो मीटर ऊंचे दर्जनों फ्रीजर रखे गए हैं। जो माइनस 80 डिग्री तक तापमान रख सकते हैं। कोविड-19 टीके यहीं रखे जाएंगे। टीके यहीं से लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।टीकों को यहां तक पहुंचाने के लिए स्पेशल शीशियां तैयार की जा रही हैं। जो इतनी ठंडक को बर्दाश्त कर सकें। कोरोना के टीके लोगों तक पहुंचाने के लिए विमान।ट्रकों और गोदामों को भी डीप फ्रीजर के साथ तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।एक फ्रीजर में वैक्सीन के 48,000 डोज रखे जा सकते हैं।यूपीएस हेल्थकेयर के प्रमुख अनूक हेसेन बताते हैं। जर्मनी और अमेरिका में यूपीएस के एयर कार्गो के पास ही ऐसे सेंटर बनाए जा रहे हैं। जहां करीब 600 फ्रीजर रखे जाएंगे। ऐसे एक फ्रीजर में वैक्सीन के 48,000 डोज रखे जा सकते हैं। इन फ्रीजर फार्मों में कोई बिना पीपीई किट पहने काम नहीं कर सकता। कर्मचारियों को सही गियर।दस्ताने चश्मे वगैरह मुहैया कराए जाएंगे। इनके बिना कोई इतने ठंडे तापमान में चल नहीं पाएगा।96 घंटे तक इंसुलेटेड डिब्बों में बर्फ के साथ रखे जा सकेंगे।
हेसेन बताते हैं। टीकों की मांग आने पर उन्हें फिर इंसुलेटेड डिब्बों में सूखी बर्फ के साथ पैक किया जाएगा। इन डिब्बों में टीका 96 घंटों तक सही तापमान पर रखा जा सकता है। जिन कमरों में इन्हें पैक किया जाएगा, वहां का तापमान माइनस 20 डिग्री तक रखा जा सकता है। फिर पैक किए गए टीकों के डिब्बों को विमानों से दुनिया के किसी भी छोर तक पहुंचाया जाएगा।


दो समुदाय के बीच, फायरिंग और पथराव

देवबंद में मामूली कहासुनी के बाद जातीय संघर्ष फायरिंग और पथराव में कई घायल।


देवबंद। देवबंद कोतवाली क्षेत्र का गांव साखन कला रविवार की अलसुबह ताबड़तोड़ फायरिंग से गूंज उठा। गांव के ही।जाट और अनुसूचित समाज के युवकों में हुई मामूली कहासुनी ने जातीय संघर्ष का रूप ले लिया। जिसके बाद दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग और पथराव में कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण करते हुए दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में लिया है।कोतवाली क्षेत्र के साखन कला निवासी पंकज ने गांव से बाहर दूध की डेरी खोल रखी है। शनिवार की रात्रि गांव के ही अनुसूचित जाति के कुछ युवक उसकी डेयरी के समीप शराब पी रहे। आरोप है।कि जब पंकज ने उक्त युवकों को शराब पीने से मना किया तो दोनों ओर से कहासुनी हो गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस दोनों पक्षों के दो लोगों को कोतवाली में ले आई। रविवार को इसी बात से नाराज अनुसूचित जाति के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर पंकज व उनके परिवार के लोगों पर हमला बोल दिया। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने हवाई फायरिंग करते हुए पथराव भी किया। घर में मौजूद महिलाओं और बच्चों में हड़कंप मच गया। गांव में पुलिस बल तैनात।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अशोक सोलंकी ने स्थिति को नियंत्रण में करते हुए भीड़ को हटाते हुए दोनों पक्षों के मौजूद लोगों को बैठाकर समझाने का प्रयास किया। बताया जाता है।जाट पक्ष की ओर से 20 लोगों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है। वहीं अनुसूचित जाति के लोगों ने भी जाट समाज के लोगों पर गाली गलौज व मारपीट का आरोप लगाया है। बताया जाता है। रविवार की सुबह हुए पथराव में कुछ युवक भीम आर्मी से भी जुड़े हुए थे। जो पथराव के बाद गांव से फरार हो गए। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच की बात कह रही है। गांव में तनाव की स्थिति देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।                       


आपदा की खोज, मिले चार नर कंकाल

केदारनाथ आपदा में लापता लोगों की खोज को चले सर्च अभियान में मिले चार नर कंकाल।


रुद्रप्रयाग। केदारनाथ आपदा में लापता हुए लोगों के कंकालों की खोजबीन के लिए चल रहे सर्च अभियान के पांचवें दिन रविवार सुबह टीम को चार नर कंकाल मिले हैं। ये नर कंकाल रामबाड़ा के ऊपरी तरफ खोजबीन के दौरान पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग टीम द्वारा नर कंकालों का डीएनए सैंपल लेने के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
बता दें की बीते 16 सितंबर को चार दिवसीय सर्च अभियान शुरू किया गया था। पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में 10 टीमों को केदारनाथ से जुड़े अलग-अलग ट्रेकिंग रूट पर भेजा गया था।_
चार दिन तक टीम को एक भी नर कंकाल नहीं मिला था। इसलिए नौ टीमें बीते शनिवार को वापस आ गई थीं। जबकि एक टीम का अभियान रविवार तक बढ़ा दिया गया था। आज सुबह इस टीम को चार नर कंकाल मिले हैं।छह सालों में मिल चुके 600 से अधिक कंकालबता दें कि 16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में हजारों लोग मारे गए थे। रेस्क्यू दलों द्वारा चार हजार से अधिक शव बरामद किए गए थे। लेकिन कई लोगों का पता नहीं चल पाया है। नर कंकालों की खोजबीन के लिए बीते छह वर्षों में शासन द्वारा कई सर्च अभियान चलाए जा चुके हैं। जिसमें 600 से अधिक कंकाल मिले थे।दस टीमों में 60 कार्मिक हुए शामिलटीम में रुद्रप्रयाग, चमोली और पौड़ी गढ़वाल से सात उप निरीक्षक व 20 आरक्षी के साथ एसडीआरएफ के तीन उप निरीक्षक, एक मुख्य आरक्षी और 19 आरक्षी शामिल थे। साथ ही रुद्रप्रयाग जिले से 10 फार्मेसिस्ट भी टीम में थी। प्रत्येक टीम में उप निरीक्षक समेत पुलिस व एसडीआरएफ के दो-दो आरक्षी और एक फार्मेसिस्ट को रखा गया था। टीमों को रात्रि प्रवास की सामग्री स्लीपिंग बैग समेत सुरक्षा उपकरण और वीडियोग्राफी के लिए कैमरे भी उपलब्ध कराए गए थे।


बाप और जीजा ने युवती पर किया हमला

बृजेश केसरवानी


प्रयागराज। थाना अतरसुइया अंतर्गत दरियाबाद इलाके में बाप और जीजा ने अपनी बेटी पर किया जानलेवा हमला। दरियाबाद में प्रापर्टी के विवाद में परिवार के ही लोगो ने पल्लवी भंसाली के ऊपर लोहे के रॉड वा चापड़ से हमला कर दिया जिससे पीड़ित महिला को गंभीर चोट आई है। खबर मिलते ही दरियाबाद चौकी प्रभारी दिलीप गुप्ता हमराहियों के साथ पहुचे और घायल महिला को काल्विन हॉस्पिटल ले गए।मौके पर घर मे मौजूद घायल महिला पर हमला करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए ,खबर लिखे जाने तक महिला की हालात नाजुक बनी हुई है।                


विधायक 'कमल' वायरस की चपेट में आएंं

अतुल त्यागी, मुकेश सैनी


विधायक कमल सिंह मलिक भी हुए कोरोनावायरस संक्रमित संपर्क में आए लोगों जांच शुरू


गढ़मुक्तेश्वर/ हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में कोविड-19 वैश्विक संक्रमित महामारी कोरोनावायरस की चेन थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी चैन के रफ्तार पकड़ने को लेकर गढ़मुक्तेश्वर विधायक कमल सिंह मलिक भी हुए कोरोनावायरस पॉजिटिव श्री मलिक के संपर्क में आए लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संपर्क में आए जिन लोगों की जांच की गई हैं उनके रिपोर्ट अभी तक नेगेटिव आई है जांच करने का अग्रिम कार्य जारी है।                 


चोरी की घटना, थाना प्रभारी से वार्तालाप

अतुल त्यागी, मुकेश सैनी


सिंभावली थाना क्षेत्र में पशु चोरी वाहन चोरी लूटपाट की बढ़ती घटनाओं को लेकर अंकुश लगाने घटित घटनाओं का जल्द खुलासा करने को लेकर भारतीय किसान यूनियन व्यापार मंडल सैनिक संस्था के पदाधिकारीयों ने नवनियुक्त थाना प्रभारी से की वार्ता


गढ़मुक्तेश्वर/ हापुड़। सिंभावली थाना क्षेत्र में लूटपाट वाहन चोरी पशु चोरी नलकूपों से मोटर चोरी के साथ अपराधिक घटनाओं का बढ़ते ग्राफ को लेकर चिंतित सामाजिक संगठन भारतीय किसान यूनियन व्यापार मंडल पूर्व सैनिक संस्था के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों ने नवनियुक्त थाना प्रभारी राहुल चौधरी से घटनाओं पर अंकुश लगाने और घटित घटनाओं का जल्द से खुलासा करने को लेकर की वार्तालाप।
गौरतलब रहे कि वार्तालाप करने पहुंचे सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने जहां नवनियुक्त थाना प्रभारी राहुल चौधरी हो माला पहनाकर स्वागत करते हुए क्षेत्र में घटित घटनाओं पर अंकुश लगाने की उम्मीद के साथ वार्तालाप की लेकिन नवनियुक्त थाना प्रभारी महोदय द्वारा वार्तालाप को तवज्जो न देते हुए मोबाइल पर मजबूर नजर आए। इस अवसर पर वार्तालाप करने वालों में ओम प्रकाश सैनी पूर्व सैनिक संस्था के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष चौधरी मनवीर सिंह किसान यूनियन के प्रदीप वर्मा प्रधान पति सोनू गौड़ सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


नकली डिटर्जेंट के गोरखधंधे पर कसा शिकंजा

अतुल त्यागी, मुकेश सैनी


बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध गोरखधंधा पर शिकंजा कसने का दूसरा नाम है थाना अध्यक्ष नीरज कुमार ब्रांडेड कंपनी के नाम से नकली डिटर्जेंट बनाने वाले माफियाओं पर कसा शिकंजा दो लोग गिरफ्तार


हापुड़/ गढ़मुक्तेश्वर। थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र में अवैध गोरखधंधे कच्ची शराब जुए सट्टे पर शिकंजा कसते हुए ब्रांडेड कंपनी टाइगर एक्सेल के नाम से नकली डिटर्जेंट्स बनाने वाली फैक्ट्री के गोरखधंधे में संलिप्त गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर टाइगर एक्सेल डिटर्जेंट पाउडर के 2 किलो की मात्रा में भरे हुए पैकिंग 132 पैकेट एवं भारी मात्रा में खुला हुआ डिटर्जेंट पाउडर बहादुरगढ़ क्षेत्र के पलवाड़ा से बरामद किया गया है। गौरतलब रहे कि नकली डिटर्जेंट फैक्ट्री को चलाने वाले शातिर लोगों के द्वारा ग्राहकों को भ्रमित करने को लेकर लुभावने सपने दिखाते हुए 2 किलो पैकेट के साथ एक प्लास्टिक का टॉब फ्री दे रहे थे। जिनको मुखबिर की सूचना पर छापा मार कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही हैं।               


मंत्री के बयान के बीच विपक्ष का हंगामा

कृषि मंत्री के बयान के बीच विपक्ष का हंगामा, सभापति के माइक को सांसदों ने खींचा।


 नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आज जब राज्यसभा में किसानों और खेती से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे। तो इस बीच अभूतपूर्व हंगामा हुआ। इस दौरान आम आदमी पार्टी और टीएमसी के सांसद वेल में पहुंच गए और उन्होंने सभापति के माइक को तोड़ दिया और कागज फाड़े। विपक्षी सांसदों ने दोनों विधेयकों पर मत विभाजन और सदन की कार्यवाही टालने की मांग नहीं मानने पर हँगामा किया।कृषि बिलों पर चर्चा के दौरान शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने दोनों विधेयकों को पंजाब के किसानों के खिलाफ बताते हुए उन्हें प्रवर समिति में भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को पंजाब के किसानों को कमजोर नहीं समझना चाहिए। वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने दोनों विधेयकों को किसानों के हित में बताया और कहा कि इससे उन्हें बेहतर बाजार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान किसानों की ओर है। और उनकी स्थिति में सुधार के लिए वह प्रयासरत है।
राज्यसभा में इन दो बिलों पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय तय किया गया। इन बिलों को राज्यसभा में पेश करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ये दोनों बिल ऐतिहासिक हैं।और किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले हैं। इस बिल के माध्यम से किसान अपनी फसल किसी भी जगह पर मनचाही कीमत पर बेचने के लिए आजाद होगा। इन विधेयकों से किसानों को महंगी फसलें उगाने का अवसर मिलेगा। वहीं इस बिल का समाजवादी पार्टी कांग्रेस और टीएमसी सांसद ने इसका विरोध किया। वहीं जेडीयू ने इस बिल का समर्थन किया है। कांग्रेस और बीजेपी ने राज्यसभा के अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है। राज्यसभा में एनडीए का बहुमत नहीं है। इसके साथ एनडीए के घटकदल शिरोमणि अकाली दल भी इन विधेयकों के खिलाफ है।                           


लाभः अंतर जनपदीय तबादलों से हटी रोक

शिक्षा विभाग में अंतर जनपदीय तबादलों से हटी रोक, 45 हज़ार शिक्षकों को मिलेगा लाभ।


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज (रविवार को) बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने अंतर्जनपदीय तबादलों पर लगी रोक हटा दी है। जिसके बाद अब टीचरों के एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर हो सकेंगे।  अब यह तबादले ऑनलाइन किए जाएंगे। दरअसल लॉकडाउन के चलते यह प्रक्रिया रोक दी गई थी। एक लाख से अधिक शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए आवेदन किए थे।इनमें से 45000 अध्यापकों के ट्रांसफर होंगे। बताया जा रहा है। कि सीएम के इस आदेश के बाद महिला शिक्षकों, दिव्यांगों गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी।बता दें कि योगी सरकार ने लॉकडाउन से पहले शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव किया था। नई पॉलिसी के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए 5 साल की समय सीमा को घटाकर 3 साल कर दिया गया था। सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत दी थी। उनके लिए तबादले की समय सीमा को सिर्फ 1 साल किया गया था। सरकार ने फौजियों की पत्नी को ट्रांसफर में प्राथमिकता देना निश्चित किया था। इसके अलावा गंभीर रूप से पीड़ित शिक्षकों को भी तबादले में सुविधा देने की बात कही थी।               


पुलिस के सामने पेश नहीं होगें 'सांसद संजय'

लखनऊ पुलिस के सामने आज पेश नहीं होंगे AAP सांसद संजय सिंह ये रही वजह।


लखनऊ। आम आदमी पार्टी के नेता एवं राज्य सभा सांसद संजय सिंह रविवार को लखनऊ पुलिस के सामने पेश नहीं होंगे। दरअसल लखनऊ पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह मामले में 20 सितंबर को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था. लेकिन अब लखनऊ पुलिस ने सूचित किया है। कि चूंकि संसद का सत्र चल रहा है।इसलिए आप सत्र खत्म होने के दो
दिन बाद अपना बयान दर्ज कराने के लिए आ सकते हैं। लखनऊ पुलिस अब 20 सितंबर को संजय सिंह का बयान नहीं लेगी।पुलिस ने संजय सिंह को मेल कर कल आने के लिए मना किया है।मेल पर भेजी गई चिट्ठी में पुलिस ने कहा है। कि वर्तमान में संसद सत्र चल रहा है।ऐसे में सत्र खत्म होने के दो दिन बाद थाना हजरतगंज में अपना पक्ष रखने के लिए आएं।
बता दें कि जातिगत सर्वे कराने को लेकर आप सांसद संजय सिंह पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में देशद्रोह की धारा लगाई गई है।पुलिस ने संजय सिंह को 20 सितंबर को पेशी पर बुलाया था।हालांकि अब उनकी 20 सितंबर को पेशी नहीं होगी। पुलिस ने संजय सिंह के खिलाफ दो सितंबर को जातिवादी भावना भड़काने (501-ए) और आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
मेल पर भेजी गई चिट्ठी
इससे पहले हजरतगंज पुलिस
थाने के जांच अधिकारी एके सिंह की ओर से संजय सिंह को भेजे गए नोटिस में कहा गया है। आपके विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 242/2020 भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए/153 बी/,505 :1::बी:/505:2:/468/469/124 ए/120 बी व 66 सी/66 डी आईटी अधिनियम के तहत पुलिस थाना हजरंतगंज लखनऊ के संबंध में जांच विवेचना की जा रही है।जो संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध है।जिसके संबंध में अपने पक्ष में तथ्यों।अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु मेरे समक्ष 20 सितंबर को सुबह 11 बजे उपस्थित होना सुनिश्चित करें।
नोटिस में कहा गया है।यदि आप नियत तिथि।समय पर उपस्थित नहीं होते हैं तो आपके विरुद्ध दंडनीय कार्यवाही की जायेगी।जांच अधिकारी ने बताया कि संजय सिंह के अलावा सर्वेक्षण करने वाली निजी कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।सिंह द्वारा जारी किये गये इस सर्वेक्षण में कहा गया था। कि योगी आदित्यनाथ सरकार एक विशेष जाति के लिये कार्य कर रही है। इस सर्वेक्षण के बाद संजय सिंह के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में कम से कम 13 मामले दर्ज कराये गये थे।                                                    


21 सितंबर से भी नहीं खुलेगें 'प्राइवेट स्कूल'

लखनऊ के प्राइवेट स्कूल भी 21 सितंबर ने नहीं खुलेंगे।


लखनऊ। आगामी 21 सितंबर को स्कूल नहीं खुलेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। संगठन का कहना है।कि लखनऊ में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसको देखते हुए स्कूल ना खोलने कब फैसला लिया गया है। अनप्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि स्कूलों के स्तर पर तैयारियां पूरी की गई हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए फिलहाल अभी खोलने
का फैसला नहीं लिया गया है।
साफ है। कि स्कूल प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं। ऐसे में फिलहाल ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रहेगी। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों के तहत 21 सितंबर से स्कूल खोले जाने को लेकर छूट दी गई है। इस क्रम में कई राज्यों में 21 सितंबर से स्कूल खोलने को लेकर हरी झंडी भी दी जा चुकी है।राजधानी लखनऊ समेत प्रदेशभर के स्कूल संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अभी ऑनलाइन शिक्षा मुहैया कराना ही हर लिहाज से बेहतर और सुरक्षित मान रहे हैं। निजी स्कूलों के संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए फिलहाल लखनऊ में स्कूल को ना खोलने का फैसला लिया गया।           


पार्षद अरविंद चौधरी का मिला भरपूर सहयोग

गीतांजलि सोसायटी ने सँवारी ग्रीन बेल्ट, पार्षद अरविंद चौधरी का मिला भरपूर सहयोग।


अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। वसुंधरा सेक्टर 18 की गीतांजलि सोसायटी के निवासियों और स्थानीय पार्षद की सुंदर पहल इलाके के लोगों के लिए एक मिसाल बन गई है। अग्रसेन चौक स्थित इस 23 मंज़िला सोसायटी के सामने नगर निगम की हरित पट्टी का सौन्दर्यीकरण कर उसे गीतांजलि वाटिका नाम दिया गया है। गीतांजलि सोसायटी के लोगों के काम से प्रभावित होकर आज से सेक्टर 18 की एपेक्स फ्लोरा सोसायटी ने भी स्थानीय पार्षद के साथ मिलकर ग्रीन बेल्ट में जंगली पौधे की कटाई शुरू कर दी।
गौरतलब है। कि गीतांजलि सोसायटी के निवासियों द्वारा इस वाटिका में सैकड़ों पेड़-पौधे लगाए गए हैं ।और साथ ही स्थानीय पार्षद के सहयोग से यहां उग आये जंगली पौधों की भी बेहतरीन तरीके से सफाई भी की गई है।पार्षद अरविंद चौधरी ने किया उद्घाटन लगभग 12-14 हजार वर्ग फुट में फैली इस वाटिका का उद्घाटन वार्ड 36 के पार्षद अरविंद चौधरी ने सोसायटी वालों के साथ किया। इस मौके पर पार्षद ने कहा कि इस सोसायटी के निवासियों द्वारा किया गया कार्य वसुंधरा सेक्टर 1 तक ग्रीन बेल्ट के सामने रहने वाले लोगों के लिए संदेश बनकर उन्हें पौधे लगाने एवं सफाई के लिए प्रेरित करेगा। जिस तरह यहां के निवासियों ने इस बेल्ट को सुधारने में अपना पूरा योगदान किया है।मैं उनके कार्यों की दिल से सराहना करना चाहूंगा। साथ ही जल्द ही मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि इस वाटिका में पानी की व्यवस्था के लिए समरसेबिल पम्प भी नगर निगम की ओर से जल्द से जल्द लगवाया जाए। ग्रीन बेल्ट में पौधे लगाने से आस पास की वायु शुद्ध होगी और लोगों स्वच्छ हवा मिलेगी जिससे लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। वार्ड 36 में अधिकतर जगहों पर पौधे लगाए गए हैं।जिससे कि लोगों को श्वास संबंधी समस्याओं से निदान मिले।इस उद्घाटन समारोह में स्थानीय निवासी अटलांटा अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. रविंद्र सिंह, पर्यावरण रक्षक राय तपन भारती, एडवोकेट दिनेश चौधरी, वी.एम. शर्मा , कुलदीप गुप्ता, अशोक चौधरी, इंजीनियर आर.एस. भारती और सीए अरुण गोयल आदि उपस्थित थे।


नई कार पर पाओ 30 प्रतिशत तक छूट

पुरानी कार कबाड़ी को बेचो और नई कार पर पाओ 30 प्रतिशत तक छूट, जानिए क्या है प्रस्तावित स्क्रैप पॉलिस।


अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। केंद्र सरकार जल्द ही एक ऐसी पॉलिसी लेकर आ रही है जिसके अंतर्गत आपको अपनी पुरानी कार कबाड़ी को बेचने के बदले में नई कार खरीदने पर भारी छूट मिल सकती है। केंद्रीय राज्‍य मंत्री जनरल वीके सिंह ने आज (शनिवार को) राज्य सभा में बताया कि वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी के लिए कैबिनेट नोट तैयार हो गया है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अनफिट और पुराने वाहनों को हटाने के लिए नई पॉलिसी का कैबिनेट नोट तैयार हो गया है। माना जा रहा है। कि स्क्रैपेज पॉलिसी के लागू होने से सुस्ती और गिरावट का सामना कर रही देश की अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी। नई गाड़ियों की मांग बढ़ने से ऑटोमोबाइल सेक्टर रफ्तार पकड़ेगा। ग्राहकों को नए वाहन 30 फीसदी तक सस्ते मिलेंगे। पुराने वाहनों से वायु प्रदूषण में 25 फीसदी की कमी आएगी। वहीं स्क्रैप सेंटरों पर बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होंगे।
जनरल वीके सिंह ने बताया कि प्रस्तावित नीति के तहत नई कार का रजिस्ट्रेशन मुफ्त में होगा।  योजना के अनुसार पुरानी कार को स्क्रैपेज सेंटर को बेचने के बाद एक प्रणाम पत्र मिलेगा। इससे दिखाकर नई कार खरीदने वालों का कार रजिस्ट्रेशन मुफ्त में किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले से करीब 2.80 करोड़ वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी के अंतर्गत आएंगे।
देश भर में बनेंगे स्क्रैप सेंटर 
इस नीति के साथ देश में बड़े पैमाने पर वाहन कबाड़ केंद्र बनाए जांएगे। जिससे बड़ी संख्या में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर को रिसाइकिल में सस्ते में स्टील, एल्युमीनियम प्लास्टिक जैसे पार्ट्स मिल सकेंगे।
अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का काम करेगी स्क्रैपेज पॉलिसी
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक स्क्रैपेज पॉलिसी को जल्द अब कैबिनेट के पास भेज दिया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।  कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है। कि  महामारी के मौजूदा समय में स्क्रैपेज पॉलिसी अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का काम करेगी। स्क्रैपेज पॉलिसी में 15 साल पुरानी गाड़ियों को सड़कों से हटाने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। लेकिन ऐसी गाड़ियों को चलाने के लिए हर साल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू (पंजीकरण नवीनीकरण) कराने की फीस को बढ़ाकर दो से तीन गुना कर दिया गया है। इससे वाहन मालिक पुरानी गाड़ियों को बेचकर नई गाड़ी खरीदने के लिए आकर्षित होंगे।           


96 सालों से रूस में रखा है 'लेनिन' का शव

मास्को। रूसी क्रांति के सबसे बड़े चेहरे व्लादीमीर लेनिन की अगुवाई में ही रूस जार शासन से मुक्त हुआ था। उनके ही नेतृत्व में रूसी क्रांति के बाद साल 1922 में सोवियत संघ की स्थापना हुई और बाद में ये विश्व की महाशक्तियों में शामिल हुआ। लेकिन क्या आपको ये बात पता है कि 96 साल पहले मर चुके लेनिन की डेड बॉडी अभी तक रूस में सुरक्षित रखी हुई है। लोग ऐसा भी कहते हैं कि लेनिन का मृत शरीर सालों-साल के बाद भी ज्यादा तरोताजा होते जा रहा है।


अमेरिका-ताइवान की दोस्ती से खफा चीन

ताइपे/ वाशिंगटन डीसी/ बीजिंग। चीन ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन ताइवान की तरफ और भी लड़ाकू विमान भेजे। चीन ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब ताइवान के वरिष्ठ नेता, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और एक उच्च स्तरीय अमेरिकी दूत ताइवान को लोकतांत्रिक व्यवस्था में तब्दील करने वाले पूर्व राष्ट्रपति ली तेंग हुई को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अमेरिका की विदेश उप मंत्री किथ क्राच कार्यक्रम में मौजूद रहे, लेकिन कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति पर चीन ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और शुक्रवार को ताइवान जलडमरुमध्य के ऊपर 18 लड़ाकू विमानों को भेजा, असमान्य तरीके से इतने बड़े पैमाने पर शक्ति प्रदर्शन किया गया है।                  


संसद की कार्रवाई में भाग लेंगे गृहमंत्री शाह

कोरोना को मात देने के बाद संसद की कार्यवाही में भाग लेंगे अमित शाह।


अकांशु उपाध्याय


नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में सभा पटल पर पत्र रखेंगे और विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2020 सहित दो अन्य विधेयक सदन में पेश करेंगे। निचले सदन की पुनरीक्षित कार्य सूची में इसका खुलासा किया गया। कोरोना वायरस या कोविड-19 महामारी को मात देने के बाद संसद के मानसून सत्र के दौरान यह उनकी पहली उपस्थिति होगी।
पिछले महीने वह कोरोना से संक्रमित हो गए थे। मंत्री के सदन की कार्यवाही में शामिल होने की उम्मीद है जब अपराह्न 3 बजे इसकी कार्यवाही शुरू होगी। वह अपने दो कनिष्ठ मंत्रियों- नित्यानंद राय और जी किशन रेड्डी के साथ उपस्थित होंगे। निचले सदन की कार्यसूची में इसका जिक्र किया गया है।
सदन की कामकाज की सूची के अनुसार, अमित शाह गृह मंत्रालय के लिए सभा पटल पर पत्र रखेंगे और फिर वह विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2020 को प्रस्तावित करेंगे जो विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन की मांग करता है।
शाह नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी बिल, 2020 को भी सदन में विचार और पारित कराने के लिए प्रस्तावित करेंगे। यह राष्ट्रीय विधि विज्ञान विश्वविद्यालय के नाम से ज्ञात एक संस्था को अध्ययन और अनुसंधान के मामले में राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बनाने और संवर्धन करने के बारे में है।
गृह मंत्री राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय विधेयक, 2020 को भी प्रस्तावित करेंगे। यह राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के रूप में ज्ञात संस्था को राष्ट्रीय महत्व की संस्था के रूप में घोषित करने और उसके निगमन के बारे में है। शाह के शनिवार को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की उम्मीद थी, हालांकि किसी कारणवश कार्यवाही में शामिल नहीं हुए।                 


मुश्किल में चीन, यूरोप ने भी दिखाए तेवर

वाशिंगटन डीसी/ बीजिंग/ नई दिल्ली। अमेरिका और भारत से बिगड़ते संबंधों के बीच चीन की यूरोप को साधने की कोशिशें अब नाकाम होती दिख रही हैं। पिछले हफ्ते पांच यूरोपीय देशों के दौरे पर गए न सिर्फ  चीनी विदेश मंत्री वांग यी को जनाक्रोश का सामना करना पड़ा बल्कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यूरोपीय राष्ट्राध्यक्षों से ऑनलाइन मुलाकात भी फीकी ही रही। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले निवेश साझेदारी को लेकर जिनपिंग को काफी ‘फेवर’ मिल रहा था लेकिन अब उनकी नीतियों और मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ यूरोप के कमोबेश हरेक देश में बड़ा रोष है।               


हंगामे के बीच दोनों विधेयक पारित किए

विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा में दोनों कृषि विधेयक पास।


अकांशु उपाध्याय


नई दिल्ली। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कृषि से जुड़े दोनों विधेयक- कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 रविवार को राज्यसभा में पास हो गए। इससे पहले राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
नारेबाजी करते विपक्षी दलों के सांसद उपसभापति के आसन तक पहुंच गए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर उस वक्त विपक्ष के सवालों का जबाव दे रहे थे। हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित रही थी।
इससे पहले उच्च सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा चर्चा के लिए लाए गए दो अहम विधेयक, कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पर विपक्षी दलों के सांसदों ने पुरजोर विरोध करते हुए दोनों विधेयकों को किसानों के हितों के खिलाफ और कॉरपोरेट को फायदा दिलाने की दिशा में उठाया गया कदम करार दिया। दोनों विधेयकों को लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है।                    


एलएसी विवाद पर बोले 'अमेरिकी' संसद

वॉशिंगटन डीसी। भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच मई की शुरुआत से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगे कई इलाकों में गतिरोध जारी है। इस बीच अमेरिका के एक भारतीय-अमेरिकी सांसद ने कहा है कि भारत को सीमा क्षेत्र में डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन से रोकने के लिए चीन आक्रामक रुख अपना रहा है। इसका कारण ये है कि इस निर्माण के बिना चीन को वहां रणनीतिक बढ़त हासिल होती है।        


बेखौफः महिला ने मजदूरों पर चढ़ाई कार

कार सीख रही महिला ने मजदूरों पर चढ़ाई कार।


लखनऊ। राजधानी के चन्द्रिका देवी रोड पर कार सीख रही एक महिला ने सड़क चौड़ीकरण के काम मे लगे आधा दर्जन मजदूरों पर कार चढ़ा दी। हादसे में घायल सभी मजदूरों को बीकेटी सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। डॉक्टरों की टीम ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल अन्य मजदूरों का इलाज जारी है।
बयह मामला बीकेटी थाना क्षेत्र का है। बता दें कि गोमतीनगर की रहने वाली महिला कार सीखते हुए जा रही थी तभी चन्द्रिका देवी मंदिर के पास कार अनियंत्रित होकर मजदूरों पर चढ़ गई।                 


नेपाली जमीन पर चीन ने किया कब्जा

काठमांडू। नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ तेजी से अपनी दोस्ती को मजबूत कर रहे हैं। वहीं, ड्रैगन भी उनकी जमीन पर उसी तेजी के साथ कब्जा कर रहा है। चीन ने नेपाल के हुमला इलाके में कम से कम 9 बिल्डिंग्स का निर्माण किया है। नेपाली मीडिया में चीन के घुसपैठ की तस्वीरें वायरल होने के बाद ओली सरकार दबाव में है और इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को दी गई है।

सरकारी अधिकारी ने चीनी घुसपैठ की पुष्टि की
नेपाल की वेबसाइट खबरहब डॉट काम की एक रिपोर्ट के अनुसार, हुमला के सहायक मुख्य जिला अधिकारी दलबहादुर हमाल ने स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के आधार पर 30 अगस्त से 9 सितंबर तक हुमला के लापचा-लिमी क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें नेपाली जमीन पर चीन के बनाए हुए 9 बिल्डिंग्स दिखाई दिए। हालांकि नेपाली मीडिया की रिपोर्ट में पहले एक बिल्डिंग का ही जिक्र था, लेकिन निरीक्षण के बाद वहां ऐसी ही 8 और बिल्डिंग्स पाई गई हैं।              




योगी ने नौकरियों में आरक्षण कोटा बढ़ाया

सरकार का एक और बड़ा फैसला… सरकारी नौकरियों में बढ़ाया आरक्षण का कोटा।


संदीप मिश्रा


लखनऊ। देश में जारी कोराना संकट में भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार  लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। अब सरकार ने एक और फैसला लेते हुए प्रदेश की सरकारी नौकरियों  में आरक्षण का कोटा बढ़ा दिया है। इसी के साथ अब यूपी में सरकारी नौकरियों में कुल 60 फीसदी पदों पर आरक्षण होगा। आर्थिक रूप से कमजारों को 10 फीसदी आरक्षण देने के बाद रिजर्वेशन का कोटा बढ़ा है।अब सभी भर्ती आयोग अब इसके आधार पर ही विज्ञापन निकालकर आवेदन मांगेंगे। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है और भर्ती के लिए जो प्रस्ताव पूर्व से आए थे उसे वापस भेजकर इसमें संशोधन कराया जा रहा है।
यूपी में रहने वालों को ही मिलेगा लाभ।
राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम-2020 जारी किया जा चुका है। इसके आधार पर आर्थिक रूप से कमजोरों को 10 फीसदी आरक्षण देना अनिवार्य हो गया है। इसका फायदा केवल यूपी में रहने वालों को ही मिलेगा। अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंहल ने निर्देश भेज रखा है कि इसे कड़ाई से लागू किया जाए।इस समय आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के बाद प्रदेश में सरकारी नौकरियों में 60 फीसदी रिजर्वेशन लागू हो गया। मौजूदा समय में अनुसूचित जाति के लिए 21 फीसदी, अनुसूचित जनजाति दो फीसदी, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है।                    


कमलनाथ के मेगा रोड शो में उमड़ी भीड़

एमपी : कमलनाथ का 7 केएम मेगा रोड शो, कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी : कहा- मुझे कोई नहीं रोक सकता।


ग्वालियर। मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस भी ग्वालियर-चंबल संभाग में सक्रिय हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को 7 किलोमीटर लंबा मेगा शो किया और महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। इस मेगा शो को ग्वालियर-चंबल संभाग में बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ दोनों दिनों के लिए शुक्रवार को दोपहर में ग्वालियर पहुंचे। विमानतल के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और वहीं से रोड शो शुरू हुआ। उनका काफिला शहर के डीडी नगर चौराहा होते हुए महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पहुंचा। जहां रानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
7 किलोमीटर लंबा था रोड शो
कमलनाथ का रोड शो 7 किलोमीटर लंबा था। इसमें भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। इस दौरान कोविड काइडलाइन के कई नियम टूटते हुए नजर आए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता कमलनाथ के स्वागत में सड़कों पर उमड़ पड़े थे। ढोल-नगाड़ों पर कार्यकर्ता नाच रहे थे। इस मेगा रोड शो को ग्वालियर क्षेत्र में बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। कमलनाथ ग्वालियर में महारानी लक्ष्मी बाई की समाधि पर गए और वहां पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं नेताओं के साथ उनकी मुलाकात की गई। गौरतलब है कि प्रदेश में जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से 16 सीट ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में है। कांग्रेस ने इन सीटों को जीतने के लिए अपनी रणनीति तैयार की है।
भाजपा मुझे रोकने में जुटी हुई है
इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनके खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन पर कहा कि भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, पूरी पार्टी मुझे रोकने में जुटी हुई है। सबने पूरी ताकत लगाई है कि मैं ग्वालियर न आऊं, लेकिन मुझे कोई रोक नहीं पाएगा।
कल 10.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे कमलनाथ।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शनिवार को भी ग्वालियर में ही रहेंगे। इस दौरान वे कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात करेंगे। शनिवार को सुबह होटल सेंट्रल पार्क में पत्रकार वार्ता करेंगे। 11 बजे फेसिलेटन सेंटर, मेला ग्राउंट, ग्वालियर में मंडल सेक्टर इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। इसके बाद जिला अध्यक्षों के साथ मीटिंग करेंगे।
कमलनाथ के विरोध में प्रदर्शन।
कमलनाथ के दो दिवसीय दौरे पर आने से पहले ही भाजपा कार्यकर्ता काले झंडे लेकर पहुंच गए थे। प्रदर्शनकारी कमलनाथ वापस जाओ के नारे लिखी तख्तियां लहरा रहे थे और कार्यकर्ता कमलनाथ वापस जाओ के नारे लगा रहे थे। इसके साथ ही काले झंडे भी लहराए गए। पड़ाव चौराहे पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठी चलाना पड़ीं। हालांकि कमलनाथ के आने से पहले ही सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे और भारी पुलिस बल तैनात था।               


भारत के खिलाफ साजिश रच रहा चीन

बीजिंग। लद्दाख सीमा पर भारत के हाथों करारी मात खाने के बाद चीन अब साउथ चाइना सी में लाइव फायर ड्रिल कर रहा है। इस ड्रिल में उसकी ईस्टर्न थिएटर कमांड हिस्सा ले रही है। चीन की सरकारी मीडिया इसे ताइवान पर कब्जे की तैयारी के रूप में प्रस्तुत कर रही है। जबकि सामरिक विशेषज्ञ इसे भारत के खिलाफ चीन के जंग की तैयारी बता रहे हैं। 29-30 अगस्त से लेकर 7-8 सितंबर तक भारतीय फौज ने लद्दाख के कई हिस्सों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को पीछे खदेड़ा है।


लद्दाख की घटना पर चीन ने जताई थी नाराजगी
ऐसी भी रिपोर्ट आई थी कि पैंगोंग में चीनी सेना के पीछे हटने पर जिनपिंग ने नाराजगी जताई थी। जबकि, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ने भी संबंधित कमांडर पर गुस्सा दिखाया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि चीनी सेना पलटवार करने की कोशिश जरूर करेगी। हालांकि, पैंगोंग के दक्षिणी किनारे पर भारतीय सेना सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कई चोटियों पर काबिज है। ऐसे में चीन किसी दूसरे क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर सकता है।                 


मैदान में उतरते ही धोनी ने रचा इतिहास

धोनी ने मैदान पर वापसी करते ही रचा इतिहास, आईपीएल में यह कारनामा करने वाले पहले कप्तान बने।


पालूराम


नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन का आगाज शनिवार को मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच टक्कर से हुआ।इस मैच में सबकी नज़रें टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर थीं, क्योंकि क्रिकेट की दुनिया का यह दिग्गज खिलाड़ी 437 दिन के बाद मैदान पर वापसी कर रहा था।धोनी ने क्रिकेट के मैदान पर वापसी के इस मौके को बेहद ही खास बना लिया और वह इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 100 मैचों में जीत दिलाने वाले कप्तान बन गए।
इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में धोनी अकेले ऐसे कप्तान हैं जिनकी अगुवाई में कोई टीम 100 मैच जीतने में कामयाब रही है।धोनी ने 161 मैचों में चेन्नई सुपर किंग्स की अगुवाई की है जिनमें से उन्हें 100 में जीत मिली है, जबकि 60 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।सीएसके के कप्तान के तौर पर धोनी का विनिंग परसेंट 60 से ज्यादा का है और इस मामले में भी वह आईपीएल के दूसरे कप्तानों से आगे हैं।
100 कैच भी पूरे किए।
महेंद्र सिंह धोनी 13वें सीजन के पहले मैच में आईपीएल में 100 कैच लेने वाले खिलाड़ी भी बने। धोनी ने विकेट के पीछे दो कैच पकड़े।धोनी ने 100 में से 95 कैच विकेटकीपर के रूप में पकड़े हैं।इसके अलावा वह टी-20 क्रिकेट में 250 शिकार करने वाले पहले विकेटकीपर भी बन गए हैं।
437 दिन बाद हुई वापसी।
धोनी ने पिछले साल 9 जुलाई को इंग्लैंड में खेले गए वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था।इस मैच में भारत की हार के बाद धोनी ने क्रिकेट से ब्रेक ले लिया था।15 अगस्त को सभी को चौंकाते हुए धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया।लेकिन 437 दिन के बाद आईपीएल के जरिए धोनी की मैदान पर वापसी हुई और फैंस को इस स्टार खिलाड़ी का जलवा दोबारा से देखने को मिला।               


चीन में फैला नपुसंक बनाने वाला बुखार

बीजिंग। साल 2020 में दुनिया को चैन और सुकून मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे। कभी आग, कभी कोरोना, कभी अंतरिक्ष से आई कोई आपदा। इस साल लोगों को चैन से बैठने का मौका ही नहीं मिल पा रहा। दुनिया में कोरोना फैलाने के कारण वैसे ही चीन की काफी बदनामी हुई। अब सितंबर महीने में चीन(China) में एक और बीमारी फैलने के हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में एक नया बैक्टीरियल इंफेक्शन (Bacterial Infection)लोगों में फ़ैल गया है, जिसकी वजह से वहां अभी तक 3 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो गए हैं। इतना ही नहीं, ये बीमारी हवा से फ़ैल रही है, इस कारण ये और भी ज्यादा घातक साबित हो सकती है। इससे संक्रमित इंसान को बुखार आ जाता है जिसे माल्टा बुखार का नाम दिया गया है। साथ ही इससे मर्दों में नपुंसकता आने का खतरा रहता है।             


उत्तराखंड सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

देहरादून- राज्य आने जाने वालों के लिए सरकार ने फिर जारी की नई गाइडलाइन, देखिए।


देहरादून। उत्तराखंड राज्य आने को लेकर बॉर्डर पर कोरोना टेस्ट कराए जाने को लेकर तरह-तरह के कन्फ्यूजन के बीच अब राज्य सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। अब उत्तराखंड की सीमा या उत्तराखंड आने वाले सभी लोगों को इस गाइडलाइंस के अनुसार कार्य करना होगा। कोविड-19 के दौरान आवाजाही के लिए उत्तराखंड आने वाले लोगों का स्मार्ट सिटी पोर्टल में रजिस्ट्रेशन मैंडेटरी है।इसके अलावा सभी बॉर्डर चेक पोस्ट में जिला प्रशासन थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करेंगे साथ ही रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन में भी यह व्यवस्था होगी और सिनेमैटिक व्यक्ति को एंटीजन टेस्ट से गुजरना होगा और यदि एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए तो निर्धारित एस ओ पी का पालन करना होगा। इसके अलावा गाइडलाइन में व्यापार, परीक्षा, उद्योग और निजी कार्यों के लिए आने वाले लोग जो कि 1 सप्ताह के भीतर वापस जाने वाले हैं वह अपना कार्य कर सकते हैं।लेकिन उन्हें अपने स्वास्थ्य का लगातार ध्यान रखना होगा अगर किसी तरह के सिम्टम्स दिखाई देते हैं।तो तत्काल लोकल स्वास्थ्य विभाग को बताना होगा।उत्तराखंड। एक और घर की खुशियां बर्बाद कर गया गुलदार, कक्षा दो की मासूम को दी दर्दनाक मौत, गॉव में दहशत इसके अलावा प्रदेश में लंबे समय तक आने वाले लोगों के लिए होम क्वारंटाइन और संस्थागत क्वॉरेंटाइन के नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा उत्तराखंड आने वाले ऑफिशियल केंद्र सरकार के मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज, जिला जज, एडवोकेट जनरल और तमाम सरकारी अधिकारी कर्मचारी जो सरकारी काम के लिए आ रहे हैं। उन्हें क्वारंटाइन नहीं होना पड़ेगा। इसके अलावा उत्तराखंड के वह अधिकारी जो 5 दिन से ज्यादा अन्य राज्यों में गए हैं। या वहां रहे हैं। उन्हें कोविड-19 टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।हालांकि उन्हें क्वॉरेंटाइन से छूट मिलेगी वही पर्यटकों के लिए भी गाइडलाइन जारी की गई है।जिसमें अब होटल में कम से कम 2 दिन का रिजर्वेशन कराना होगा ।इसके अलावा 96 घंटे पहले अपनी कोरोनावायरस नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट जो दिखाएगा उसे राज्य घूमने की पूरी छूट रहेगी।लेकिन ऐसा नहीं होगा तो बॉर्डर चेक पोस्ट पर एंटीजन टेस्ट करवाया जाएगा। अगर होटल पहुंचे तो होटल की तरफ से भी प्राइवेट लैब में टेस्ट कराने की फैसिलिटी उपलब्ध रहेगी। यानी उत्तराखंड आने वाले हर पर्यटक को हर हाल में कोविड 19 का टेस्ट कराना होगा. सरकार द्वारा जारी किए गए एडवाइजरी मे 65 साल से ज्यादा, प्रेगनेंट वूमेन और 10 साल के कम बच्चों को घर के अंदर ही रखा जाएगा।               


ट्रक-ऑटो की टक्कर में 4 की मौत, 9 घायल

अयोध्या।ट्रक और ऑटो की टक्कर में चार की मौत।नौ घायल।


अयोध्या। रौनाही थाने से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले फैजाबाद की तरफ सोहावल चौराहे के पास रविवार सुबह समय करीब 5 बजे  ट्रक और ऑटो में टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति ने इलाज की दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं इस जोरदार टक्कर में नौ लोग घायल हो गए। इनमें दो लोगो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें लखनऊ रेफर किया गया है। अन्य सात लोगों का इलाज जिला चिकित्सालय फैजाबाद में चल रहा है।
घायलों में दीपक, भगेलु, लक्ष्मण, रामपाल, धर्मपाल, राजकुमार, रामू, किचन्नू, संत कुमार निषाद शामिल हैं। जबकि हीरालाल, शिव कुमार, सोनू तथा एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।                     


पाकिस्तानी-बांग्लादेशी शब्द हटाने की मांग

सितारगंज । प्रमाणपत्रों से पूर्वी पाकिस्तानी और बांग्लादेशी शब्द हटाने की मांग उग्र।


सितारगंज। शक्तिफार्म में एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था द्वारा सम्पूर्ण उत्तराखण्ड में बंगाली समुदाय के परिवारों को तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों में से पूर्वी पाकिस्तानी एवं बांग्लादेशी शब्द को सरकार से तत्काल हटवाने का शासनादेश जारी करवाने के लिए संस्था पदाधिकारियों ने 24वें दिन शक्तिफार्म सुभाष चौक में जनसंपर्क कर आम जनमानस को पंपलेट बांटकर जागरूक किया।
एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था द्वारा चोविसवें दिन शक्तिफार्म में पम्पलेट बांट लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं। संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू रतनफार्म संस्था प्रभारी विश्वजीत मिस्त्री ने संयुक्त रूप से कहा।की उत्तराखंड में बंगाली समुदाय के परिवारों को तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों में पूर्वी पाकिस्तान एवं पूर्वी बांग्लादेशी शब्द का कई वर्षों से प्रयोग किया जा रहा है। जबकि बंगाली समुदाय के लोगों ने स्वतंत्र भारत देश में जन्म लेकर भारतीय नागरिक होने के साथ साथ भारतीय संविधान में पूर्ण आस्था निष्ठा रखते हुऐ भारतीय संविधान का सम्पूर्ण पालन कर समाजहित व भारतहित में लगातार कार्य कर रहे हैं। तो फिर बंगाली समुदाय के लोग पूर्वी पाकिस्तानी एवं पूर्वी बांग्लादेशी कैसे हो गए।एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था कई वर्षों से बंगाली समुदाय को तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों में से पूर्वी पाकिस्तानी पूर्वी बांग्लादेशी शब्द हटाने के लिए उत्तराखंड सरकार से लगातार अनेक प्रकार से माँग करती आ रही है। लेकिन उत्तराखंड सरकार इस गंभीर विषय में अपनी गंभीरता नहीं दिखा रही है जबकि यह किसी भी प्रदेश सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। कि वह अपने प्रदेश के नागरिकों को स्वतंत्रता से जीने का अधिकार दें लेकिन उत्तराखंड सरकार के द्वारा भारतीय बंगाली समुदाय के लोगों के आवश्यक प्रमाण पत्रों में पूर्वी पाकिस्तानी पूर्वी बांग्लादेशी शब्द का प्रयोग कर सभी बंगाली समुदाय के लोगों को अपने आप पर कलंकित महसूस करा रही हैं।           


विश्व में संक्रमितो की संख्या हुईं 3.06 करोड़

वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के मामले 3.06 करोड़ से अधिक।


वाशिंगटन डीसी। वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या 3.06 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। जबकि इससे होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 955,000 से अधिक हो गई हैं। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय ने रविवार को दी।विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने अपने नवीनतम अपडेट में खुलासा किया कि रविवार की सुबह तक कुल मामलों की संख्या 30,674,077 हो गई और इससे हुई मौतों की संख्या 955,440 तक पहुंच गई।
सीएसएसई के अनुसार अमेरिका दुनिया में सबसे अधिक संक्रमण के मामलों 6,764,780 और उससे हुई 199,258 मौतों के साथ सबसे खराब स्थिति वाला देश है। वहीं भारत वर्तमान में 5,308,014 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। जबकि देश में मरने वालों की संख्या 85,619 हो गई।सीएसएसई के आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण के सबसे अधिक मामलों की ²ष्टि से अन्य शीर्ष 15 देशों में ब्राजील (4,528,240), रूस (1,092,915), पेरू (756,412), कोलम्बिया (750,471), मेक्सिको (694,121), दक्षिण अफ्रीका (659,656), स्पेन (640,040), अर्जेंटीना (622,934), फ्रांस (467,552), चिली (444,674), ईरान (419,043), ब्रिटेन (392,844), बांग्लादेश (347,372), सऊदी अरब (329,271) और इराक (315,597) हैं।वर्तमान में संक्रमण से हुई सबसे अधिक मौतों के मामले में ब्राजील 136,532 आंकड़ों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं 10,000 से अधिक मौत वाले देश मेक्सिको (73,258), ब्रिटेन (41,848), इटली (35,668), फ्रांस (31,257), पेरू (31,283), स्पेन (30,495), ईरान (24,118), कोलम्बिया (23,665), रूस (19,128), दक्षिण अफ्रीका (15,940), अर्जेंटीना (12,799), चिली (12,254) और इक्वाडोर (11,084) हैं।             


दिल्ली से भिड़ेगी किंग्स इलेवन पंजाब

आईपीएल-13। दिल्ली कैपिटल्स से आज भिड़ेगी किंग्स इलेवन पंजाब।


दुबई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन के पहले मैच में एक ओर जहां दो सबसे सफल टीमों का सामना हुआ तो वहीं दूसरे मैच में रविवार को दो ऐसी टीमें-दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब आमने-सामने होगी, जिनका आईपीएल में प्रदर्शन निरंतर और ज्यादा खास नहीं रहा है।
पहले 11 सीजनों में अच्छा न करने वाली दिल्ली की फ्रेंचाइजी ने 12वें सीजन में अपना नाम बदल कर दिल्ली डेयरडेविल्स से दिल्ली कैपिटल्स कर दिया था और पिछले साल यह टीम सफल भी रही थी।
वहीं पंजाब हमेशा से ऐसी टीम रही है। जो लीग की शुरुआत से पहले कागजों पर तो मजबूत दिखती है। लेकिन खिलाड़ी समय पड़ने पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
2019 में, सात साल के लंबे गैप के बाद दिल्ली ने प्लेऑफ में जगह बनाई थी। लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) से हार गई थी। पिछले साल बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद दिल्ली ने कप्तान श्रेयस अय्यर, विकेटकीपर ऋषभ पंत और कगिसो रबाडा सहित अपनी कोर टीम को बनाए रखा है।टीम ने कुछ अंडर परफॉर्मर खिलाड़ी जैसे कोलिन मुनरो, कोलिन इनग्राम और क्रिस मौरिस को रिलीज कर दिया। इन लोगों के बदले में दिल्ली ने अपनी टीम में एलेक्स कैरी, जेसन रॉय को ला कर अपनी बल्लेबाजी को मजबूत किया। क्रिस वोक्स, मोहित शर्मा, ललित यादव, तुषार देशपांडे को भी टीम शामिल कर मजबूत किया है।फ्रेंचाइजी ने शिमरन हेटमायेर और मार्कस स्टोइनिस को भी महंगी प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया है। इन लोगों के अलावा, दिल्ली ने अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन को भी खरीदा है। दिल्ली के पास अक्षर पटेल, मार्कस स्टोइनिस और क्रिस वोक्स जैसे ऑलराउंडर हैं। तेज गेंदबाजी विभाग में रबाडा के अलावा ईशांत शर्मा, आवेश खान और हर्षल पटेल हैं।2019 में दिल्ली को सफलता शिखर धवन, पंत और श्रेयस की बल्लेबाजी के दम पर मिली थी। यह तीनों सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष-10 बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। गेंदबाजों में रबाडा ने 12 मैचों में 25 विकेट लिए थे। टीम प्रबंधन उम्मीद करेगा कि यह सभी इस सीजन भी वैसा ही प्रदर्शन करें जैसा पिछले सीजन में किया था।दिल्ली ने अश्विन को अपने साथ जोड़ अपने स्पिन विभाग को मजबूत किया है। लेग स्पिनर अमित मिश्रा के साथ मिलकर अश्विन यूएई की धीमी और नीची रहने वाली पिचों पर बाकी टीमों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।
वहीं पंजाब के पास हमेशा से शीर्ष स्तर के खिलाड़ी रहे हैं।लेकिन एक या दो संस्करणों को पीछे छोड़ दें तो अभी तक के सभी संस्करणों में टीम अपनी लय खो बैठती है।
2008 में खेले गए लीग के पहले संस्करण में टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी और 2014 में उप-विजेता रही थी। और फाइनल में केकेआर से हार गई थी। किंग्स इलेवन पंजाब, दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के साथ तीसरी ऐसी टीम है जिसने अभी तक खिताब नहीं जीता है। इस बार ओपनर लोकेश राहुल टीम की कप्तानी कर रहे हैं।
पंजाब ने ग्लेन मैक्सवेल, शेल्डन कोटरेल, जेम्स नीशाम, दीपक हुड्डा, रवि बिश्नोई, क्रिस जॉर्डन और ईशान पोरेल पर भरोसा दिखाया है। किंग्स इलेवन के पास टॉप ऑर्डर में क्रिस गेल भी हैं और वह अकेले मैच का पासा पलट सकते हैं। गेल के प्रदर्शन में निरंतरता न रहना पंजाब के लिए समस्या हो सकती है। और अगर वह सीजन की शुरुआत में ही लय में आ जाते हैं तो वह किसी भी चुनौती को ध्वस्त कर सकते हैं।
काफी कुछ इस बात पर भी निर्भर करता है कि गेल और राहुल की ओपनिंग जोड़ी किस तरह से खेलती है। वहीं अनुभवी मोहम्मद शमी तेज गेंदबाजी का नेतृत्व करेंगे। उनका साथ देने के लिए टीम में हर्डस विजोलेन और कॉटरेल भी होंगे। स्पिन अटैक में बिश्नोई, मुजीब उर रहमान और मुरुगन अश्विन टीम के पास हैं।
जहां तक सपोर्ट स्टाफ की बात है तो वहां भी टीम के पास अनिल कुंबले के रूप में मुख्य कोच, जोंटी रोड्स जैसा फील्डिंग कोच, वसीम जाफर बतौर बल्लेबाजी कोच, सुनील जोशी बतौर स्पिन गेंदबाजी कोच के तौर पर हैं।
किंग्स इलेवन पंजाब – लोकेश राहुल (कप्तान), करुण नायर, मोहम्मद शमी, निकोलस पूरन, मुजीब उर रहमान, क्रिस गेल, मनदीप सिंह, मयंक अग्रवाल, हर्डस विजोलेन, दर्शन नालकंडे, सरफराज खान, अर्शदीप सिंह, हरप्रीत ब्ररार, मुरुगन अश्विन, के. गौतम, जे सुचीथ, ग्लेन मैक्सवेल, शेल्टन कॉटरेल, दीपक हुड्डा, ईशान पोरेल, रवि बिश्नोई, जेम्स नीशाम, क्रिस जॉर्डन, तेजिंदर ढिल्लन, प्रभसिमरन सिंह।
दिल्ली कैपिटल्स – श्रेयस अय्यर (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, एलेक्स कैरी, जेसन रॉय, पृथ्वी शॉ, ऋषभ। पंत (विकेटकीपर), शिखर धवन, शिमरन हेटमायेर, अक्षर पटेल, क्रिस वोक्स, ललित यादव, मार्कस स्टोइनिस, कीमो पॉल।मार्कस स्टोइनिस, कीमो पॉल, अमित मिश्रा, आवेश खान, हर्षल पटेल, ईशांत शर्मा, कागिसो रबाडा, मोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, संदीप लामिछाने, तुषार देशपांडे।             


'पूर्व प्रधानमंत्री' देवगोड़ा ने ग्रहण की सदस्यता

पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ।


हरिओम उपाध्याय


नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने रविवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। देवगौड़ा ने राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू की उपस्थिति में कन्नड भाषा में शपथ ली। 87 साल के देवगौड़ा कांग्रेस के समर्थन से 12 जून को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे।तबीयत खराब होने की वजह से देवगौड़ा 22 जुलाई को शपथ नहीं ले पाए थे। उसी दिन 61 निर्वाचित सदस्यों में से 45 सदस्यों ने राज्यसभा की सदस्यता के लिए शपथ ली थी। देवगौड़ा दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। इससे पहले 24 साल पहले वो राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं।
उस समय वो जून 1996 से अप्रैल 1997 तक देश के प्रधानमंत्री थे। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य। न्यायधीश रंजन गोगोई। कांग्रेस नेता अंबिका सोनी और समाजवादी पार्टी के रेवती रमण सिंह ने सभा से अनुपस्थित रहने की इजाजत मांगी है।इससे पहले स्वास्थ्य कारणों से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी सदन से अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी थी।               


देश में सबसे बड़ी फिल्म बनाने की घोषणा

बृजेश केसरवानी


लखनऊ। फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने मुख्यमंत्री योगी से की देश में सबसे बड़ी फिल्म सिटी बनाने की घोषणा करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शनिवार से ही बड़ी संख्या में बधाई मिल रही है। प्रख्यात फिल्म निर्माता।निर्देशक मधुर भंडारकर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। कई बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले मधुर भंडारकर की योगी  आदित्यनाथ से फिल्म सिटी को लेकर भी चर्चा हुई।
प्रदेश में फिल्म सिटी निर्माण को लेकर भंडारकर ने मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान कई अहम चर्चा की। इसके बाद योगी ने मधुर भंडारकर को अयोध्या के राम मंदिर के प्रसाद के तौर पर सिक्का, रामचरित मानस तुलसी माला और भव्य दिव्य कुम्भ की कॉफी टेबल बुक भेंट की।               


अभियान, सैकड़ों अरब डॉलर की परियोजनाएं: मंजूर

वाशिंगटन डीसी। दुनिया के सबसे संपन्न सात देशों (जी 7) के शिखर सम्मेलन में शनिवार को चीन मुख्य मुद्दा रहा। चीन की विस्तारवादी नीतियों के खिला...