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शुक्रवार, 29 जनवरी 2021

अमेरिका: 33 साल की सारा ने अपना वजन घटाया

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के गिल्बर्ट में रहने वाली सारा वजन कम करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन सकती है। बता दें कि 33 साल की सारा के फैंस दुनिया भर में हैं। सारा दूसरे फिटनेस ट्रेनर्स से इसलिए अलग हैं। क्योंकि उन्होंने ये जर्नी लोगों का मुंह बंद करने को लेकर शुरू की थी। एक वक्त ऐसा था। जब लोग सारा को मोटी कहकर पुकारते थे। उस समय सारा को ये भी लगने लगा था। कि उनकी शादी नहीं होगी। सारा जब 12 साल की थीं। तभी से वह ओवरईटिंग करने लगी थीं। दिन पर भूखी रहतीं और रात में ढेर सारा खाना खातीं। इसकी वजह से ही 25 साल के होते-होते उनका वजन 100 किलो तक पहुंच गया था। सारा ने लोगों के तानों से तंग आकर वजन कम करने की ठानी। वर्टिकल गैस्ट्रिक स्लीव सर्जरी कराई। फिर बेहद मुश्किल रूटीन फॉलो करने लगीं। पिछले 4 सालों से वे ऐसा ही रूटीन फॉलो कर रही हैं। दिनभर में 2 हजार कैलोरी से अधिक भोजन नहीं खातीं। वे हफ्ते में 6 दिन जिम जाती हैं। एक घंटे कार्डियो करती हैं। काफी एक्सरसाइज करती हैं। और आज उनकी बॉडी ऐसी है। जिसे पाने की चाह हर महिला की होगी। सारा का वजन 55 किलो है। उनकी शादी हो चुकी है।

रविवार, 17 जनवरी 2021

वाशिंगटन बुलाए गए हजारों सैनिक, सख्त सुरक्षा

सुरक्षा के मद्देनजर वाशिंगटन बुलाए गए हजारों सैनिक, सुरक्षा भी सख्त

वाशिंगटन डीसी। वाशिंगटन में हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर रक्षा अधिकारियों द्वारा और सैनिकों को भेजने की मांग के बाद बड़ी संख्या में सैनिक विभिन्न राज्यों से बसों और विमानों के जरिए राजधानी में आने लगे।
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ लेने से पहले प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सेना के अधिकारियों ने राज्यों के गर्वनरों से नेशनल गार्ड के अधिकाधिक जवानों को भेजने की अपील की थी। जिससे कि शहर के ज्यादातर हिस्से में शपथ ग्रहण से पहले लॉकडाउन लगाया जा सके।
गौरतलब है। कि छह जनवरी को अमेरिकी संसद भवन कैपिटल पर भीड़ ने हिंसक धावा बोला था। उसी घटना को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है। कि हिंसक कट्टरपंथी समूह शहर को निशाना बना सकते हैं। सशस्त्र घुसपैठियों के आने तथा विस्फोटक उपकरण लगाने जैसी आशंका भी जताई गई है।
वाशिंगटन में अगले हफ्ते की शुरुआत तक 25,000 से अधिक सैनिकों के आने का अनुमान है। लेकिन इसके साथ ही राज्यों के संसद भवनों में हिंसा की आशंका के संबंध में चिंता जताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक बीते 72 घंटों में कम से कम 7,000 सैनिक मैरीलैंड में ज्वाइंट बेस एंड्रूज पहुंचे। कई हजार सैनिक बसों और सेना के ट्रकों में सवार हैं और वाशिंगटन आ रहे हैं। सेना संबंधी मामलों कें मंत्री रायन मैक्कर्थी ने गर्वनरों से मदद मांगी थी।
एफबीआई ने भी सभी राज्यों के संसद भवनों में हिंसक हमलों की आशंका जताई है। रविवार को हमलों की आशंका के मद्देनजर सभी राज्यों की राजधानियों में हथियारों से लैस सैनिकों को तैनात किया गया है। पूरे अमेरिका के सभी राज्यों के संसद भवनों में भारी भरकम हथियारों से लैस जवानों को तैनात किया गया है।
लोकतंत्र के प्रतीक ये भवन वैसे ही लग रहे हैं। जैसे कि युद्धग्रस्त देशों में भारी सुरक्षा के बीच अमेरिकी दूतावास होते हैं। गर्वनरों ने आपात स्थिति की घोषणा कर दी है। राज्यों के संसद भवनों को जनता के लिए बंद कर दिया गया है। ऐसी आशंका है। कि प्रदर्शनकारी रविवार से राज्यों के संसद भवनों की ओर आना शुरू कर सकते हैं।

दुनिया की मशहूर एक्ट्रेस जेनिफर ने मचाई सनसनी

वाशिंगटन डीसी। अमेर‍िकन सिंगर और एक्ट्रेस जेनिफर लोपेज ने अपनी लेटेस्ट वीड‍ियो से सोशल मीड‍िया पर सनसनी मचा दी है। इसके पीछे वीड‍ियो में उनका न्यूड होना है। 51 वर्षीय जेनिफर लोपेज का यह वीड‍ियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जेनिफर लोपेज ने हाल ही में अपने नए वीड‍ियो ट्रैक 'इन द मॉर्न‍िंग' को इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीड‍ियो में जेनिफर बिना कपड़ों के देखी जा सकती है। उनकी बॉडी पर एंजल की तरह पंख लगे हुए हैं। उनका यह वीड‍ियो तेजी से सोशल मीड‍िया पर वायरल हो रहा है।इस वीड‍ियो को शेयर करते हुए जेनिफर ने लिखा- ''मैंने तुमसे खुद से भी ज्यादा प्यार किया। ये वन-साइडेड रिलेशन‍श‍िप के डार्क हिस्सों के प्रतीक से भरा है और इस बात को उजागर करता है कि आप किसी को नहीं बदल सकते हैं''।''आप सिर्फ खुद को बदल सकते हैं। अपने पंख को जन्म दो और हर उन चीजों से दूर हो जाओ जो आपकी अहमियत नहीं समझते। जेनिफर के इस वीड‍ियो पर यूजर्स ने काफी कुछ कमेंट किया है। कई यूजर्स ने उनकी इस परफॉर्मेंस को स्टनिंग और मास्टरपीस बताया है।

शनिवार, 16 जनवरी 2021

कोरोना का चीन से संबंध होने का संदेह: पोम्पियो

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि चीन के वुहान शहर में पाये गये कोरोना वायरस का संबंध चीनी प्रयोगशालाओं से जुड़ा हो सकता है। पोम्पियो ने कहा कि अमेरिकी सरकार के पास इस तथ्य पर भरोसे की पुख्ता वहज है क्योंकि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में कई शोधकर्ता 2019 के अंत में कोरोना वायरस का पता चलने से पहले ही बीमार पड़ गये थे और उनमें मौसमी बीमारी तथा कोरोना संक्रमण दोनों के लक्षण पाये गये थे। कोविड-19 और आम मौसमी बीमारियों दोनों के अनुरूप लक्षणों के साथ, सर्दियों के मौसम में 2019 में महामारी के पाया गया पहला यहीं पाया गया था। उन्होंने कहा कि इस तथ्य से डब्ल्यूआईवी के वरिष्ठ शोधकर्ता शी झेंगली के उस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है कि संस्थान के कर्मचारियों और छात्रों में सार्स अथवा सार्स-कोव-2 से संबंधित वायरस के लक्षण नहीं पाये गये। उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों का अंतरराष्ट्रीय दल इस सप्ताह के शुरू में इस महामारी की मूल वजहों का अध्ययन करने के लिए वुहान पहुंचा है। इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कुछ आंकड़े साझा किये हैं और उम्मीद जतायी है कि डब्ल्यूएचओ चीन के अधिकारियों पर इस प्राणघातक विषाणु के बारे में अधिक जानकारी साझा करने के लिए दबाव डालेगा।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

अमेरिकी सांसद ने भारत की योजना की तारीफ की

अमेरिकी सांसद ने की भारत की इस योजना की तारीफ, बोले- ये देखकर अच्छा लगा

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के एक वरिष्ठ सांसद ने पड़ोसी देशों और दुनिया में अपने सहयोगी देशों को कोविड-19 टीके की आपूर्ति करने की भारत की योजना की सराहना की है। सांसद ब्रैड शरमन ने ट्वीट किया यह देखकर अच्छा लगा कि हमारा सहयोगी देश भारत कोविड-19 टीकों की लाखों खुराक को खरीद रहा है। और स्वदेश में निर्मित टीकों की अपने पड़ोसियों और दुनियाभर में सहयोगी देशों को आपूर्ति कर रहा है।
शरमन ने कहा भारत दुनिया में सबसे बड़े टीका निर्माता देशों में से एक है। ऐस वक्त में जब समूचे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसकी सख्त जरूरत है। तब भारत ने इस महामारी से निपटने में दुनिया की मदद के लिए कदम बढ़ाया है। भारत की कोविड-19 टीकों की लाखों खुराक खरीदने और नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, सेशेल्स तथा मॉरीशस में इनकी आपूर्ति कराने की योजना है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती को राष्ट्रपति का बड़ा कदम

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के मनोनीत राष्ट्रपति जो बिडेन ने गुरुवार को कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करने के लिए 19 खरब डॉलर की प्रोत्साहन योजना पेश की। यदि संसद इस प्रोत्साहन पैकेज को पारित कर देती है, तो इसमें घरों के लिए 10 खरब डॉलर का प्रावधान होगा, जिसके तहत सभी अमेरिकियों को 1,400 डॉलर का प्रत्यक्ष भुगतान किया जायेगा। राहत प्रस्ताव में महामारी से लड़ने के लिए 415 अरब डॉलर और सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए छोटे व्यवसायों के लिए 440 अरब डॉलर प्रदान करने का भी प्रावधान है। बिडेन ने अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तुलना में वायरस से बेहतर तरीके से निपटने का संकल्प लिया है। ये नये प्रस्ताव ऐसे समय में आये हैं जब कोरोना वायरस के मामलों में सर्दियों के दौरान काफी वृद्धि देखी जा रही है और उसने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बिडेन ने यह भी कहा कि वह एक देशव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं जिसमें सामूहिक टीकाकरण केंद्र स्थापित करना और दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल इकाइयों को भेजना शामिल है और इसके लिए वह 20 अरब डॉलर का आवंटन करने का प्रस्ताव रखते हैं।

गुरुवार, 14 जनवरी 2021

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव किया पारित

वाशिंगटन डीसी। डेमोक्रेटिक नेताओं के नियंत्रण वाली अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने पिछले सप्ताह कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में हुई हिंसा के मद्देनजर अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया। इसके साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया जा रहा है। इस प्रस्ताव को 197 के मुकाबले 232 मतों से पारित किया था। रिपब्लिकन पार्टी के भी 10 सांसदों ने इसके समर्थन में मतदान किया। इस महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए छह जनवरी को ‘‘ राजद्रोह के लिए उकसाने’’ का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। चार सांसदों ने मतदान नहीं किया। चारों भारतीय अमेरिकी सांसदों एमी बेरा, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल ने महाभियोग के समर्थन में मतदान किया। अब इस प्रस्ताव को सीनेट में भेजा जाएगा, जो ट्रंप को कार्यालय से हटाने के लिए सुनवाई करेगी और मतदान करेगी। सीनेट 19 जनवरी तक के लिए स्थगित है। इसके एक दिन बाद 20 जनवरी को जो बाइडन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।

बुधवार, 13 जनवरी 2021

अमेरिका: लड़की के सीने से बाहर है दिल, परेशानी

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका में रहने वाली एक लड़की बेहद दुर्लभ परेशानी से गुजर रही है। जिसके चलते गर्भ में ही उनकी पेट की मांसपेशियां और पसलियां गलत तरीके से फॉर्म हो गई थी। गोनचारोवा को अपनी इस कंडीशन के चलते कोई दर्द तो महसूस नहीं होता है। लेकिन इसके चलते उसका दिल काफी एक्सपोज हो चुका है। इसके अलावा उनके दिल में छेद भी है। गोनचारोवा को अपने हालातों के चलते अक्सर अस्पताल में भी समय बिताना पड़ता है।साल 2020 की शुरुआत में उनका ऑक्सीजन लेवल काफी तेजी से गिरने लगा था जिसके बाद उन्हें इमरजेंसी रूम ले जाया गया था और अगले दो हफ्तों में अस्पताल में समय बिताने के बाद गोनचारोवा का ऑक्सीजन का स्तर सामान्य हुआ था।

खूबसूरती के लिए महिला पीती है कुत्ते का पेशाब

वाशिंगटन डीसी। दुनिया में लोग अपने आप को खूबसूरत और सेहतमंद रखने के लिए एक से बढ़ कर एक नुस्खे अपनाते रहते हैं। ज्यादातर देखा गया है कि लड़कियों अपने आप को खूबसूरत दिखाने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहती हैं। इसी बीच एक महिला द्वारा अपनाया गया नुस्खा जान कर आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल एक बेहद खूबसूरत महिला अपनी खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए हर रोज कुत्ते का पेशाब पीती है। मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका की लीना नाम की यह महिला कुत्ते की यूरिन पीकर अपनी खूबसूरती और स्किन के ग्लो को मेंटेन रखती है। अमेरिका की लीना नामक इस महिला का कहना है कि लोग हमेशा ही उससे उसकी चमकती-दमकती त्वचा का राज पूछते रहते है। तो उसने जब अपनी खूबसूरती का राज लोगों को बताया तो लोग सुन कर हैरान रह गए। महिला ने बताया कि वह अपने आप को खूबसूरत रहने के लिए हर रोज कुत्ते की यूरिन पीती है, जिससे उसके चेहरे पर दाग-धब्बे नहीं होते हैं और साथ ही चेहरे पर हमेशा निखार बना रहता है।

मंगलवार, 12 जनवरी 2021

ट्विटर ने राष्ट्रपति ट्रंप के अकाउंट को बंद किया

वाशिंगटन डीसी। सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म विचार व्यक्त करने का सबसे आसान और बेहतरीन तरीका माना जाता है। लेकिन कई बार इसका इस्तेमाल गलत तरीके से किए जाने के कारण परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसा हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुआ। वांशिगटन में पिछले हफ्ते हुई हिंसा के बाद टि्वटर ने डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक टि्वटर अकाउंट को बंद कर दिया। इसके साथ ही कंपनी ने एक साथ लगभग 70,000 अकाउंट को सस्पेंड किया है।
70,000 अकाउंट डिलीट करने की वजह
एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार टि्वटर ने एक साथ 70,000 अकाउंट को सस्पेंड कर दिया है और इन अकाउंट को क्वीन सामग्री को शेयर करने के कारण निलंबित किया गया। पिछले सप्ताह वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने अमेरिकी कैपिटल में तूफान ला दिया। इसके कारण हुई हिंसा के बाद कुछ यूजर्स क्वीन सामग्री को ट्विटर पर शेयर कर रहे थे जिसके बाद ट्विटर ने उन सभी यूजर्स के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया है।
टि्वटर ने अपने ब्लाॅग के माध्यम से जानकारी दी है कि ‘वाशिंगटन, डिसी में हिंसक घटनाओं और नुकसान के जोखिर में वृद्धि को देखते हुए हमने स्थायी तौर पर हजारों अकाउंट को निलंबित करना शुरू कर दिया है। जो कि मुख्य रूप ये क्वीन सामग्री को शेयर करने के लिए समर्पित थे।’ इसके साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि ‘ये अकाउंट बड़े पैमाने पर हानिकारक क्वीन से जु़ड़ी सामग्री को शेयर करने में लगे हुए थे।’
ट्रंप के सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद
 ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप का टि्वटर अकाउंट बंद करने के बाद स्पष्ट किया कि इस अकाउंट को स्थायी रूप से हिंसा भड़काने के जोखिम को देखते हुए बंद किया गया है। अगर ट्विटर नियमों का उल्लंघन किया जाएगा तो आगे भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ट्विटर के बाद ट्रंप के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट को बंद कर दिया गया है।नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन के शपथ ग्रहण करने तक अपने फेसबुक को इंस्टाग्राम अकाउंट का उपयोग नहीं कर सकेंगे।

डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक ने दी चेतावनी

वाशिंगटन डीसी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक ने चेतावनी दी है। कि भले ही दुनिया भर के देश में अपने यहां कोरोना की वैक्सीन लगवाना शुरू कर दें, लेकिन साल 2021 में हर्ड इम्युनिटी का आना काफी मुश्किल है। क्योंकि कई देशों में सोशल डिस्टेंसिंग और आबादी के बीच का अनुपात इतना असंतुलित है कि वहां पर हर्ड इम्युनिटी आने में ज्यादा समय लगेगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि दुनिया के कई देशों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मुश्किल है। कुछ देशों में लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को मान ही नहीं रहे हैं। इसलिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम के बाद भी इस साल के अंत तक हर्ड इम्युनिटी का आना बेहद मुश्किल लग रहा है।
डॉ. सौम्या ने कहा कि हाल के हफ्तों में ब्रिटेन, यूएस, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, इजरायल, नीदरलैंड्स जैसे कई देशों में कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू कर दिया गया है। अलग-अलग वैक्सींस से लोगों को कोरोना से बचने में मदद तो मिलेगी। साथ ही जो बेहद संवेदनशील हैं इस बीमारी को लेकर उन्हें आराम मिलेगा, इसके बावजूद साल 2021 में हर्ड इम्युनिटी नहीं आएगी
डॉ. सौम्या ने कहा कि दुनिया के कुछ हिस्सों में भले ही हर्ड इम्युनिटी की घोषणा की जाए लेकिन साल 2021 में दुनिया के सभी लोग इस बीमारी से सुरक्षित नहीं हो पाएंगे। हर्ड इम्युनिटी के लिए पूरी दुनिया के 70 फीसदी लोगों का वैक्सीनेशन करना होगा। तब कहीं जाकर दुनिया की पूरी आबादी कोरोना से सुरक्षित हो पाएगी
हालांकि, कुछ लोगों को डर है कि कोविड-19 बेहद संक्रामक है, इसके नए-नए म्यूटेटेड रूप सामने आ रहे हैं। जो और भी ज्यादा संक्रामक हैं। ऐसे में वैक्सीनेशन प्रोग्राम, हर्ड इम्युनिटी जैसी कई चीजों को झटका लग सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि दुनिया के कई देशों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मुश्किल है। कुछ देशों में लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को मान ही नहीं रहे हैं। इसलिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम के बाद भी इस साल के अंत तक हर्ड इम्युनिटी का आना बेहद मुश्किल लग रहा है।

शनिवार, 9 जनवरी 2021

हार से बौखलाए ट्रंप दें सकते हैं हमलें का आदेश

वाशिंगटन डीसी। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने आशंका जतायी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का आदेश दे सकते हैं। इसमें एक ऐसे तथ्य को रेखांकित किया गया है। जिससे कम ही लोग अवगत हैं और वह यह है कि इन हथियारों को लेकर अधिकारी केवल राष्ट्रपति के प्रति ही जवाबदेह रहे है। इससे एक बार फिर वही सवाल उठ खड़ा हुआ है कि अगर कोई सैन्य कमांडर कानून के आधार पर यह तय कर ले कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का राष्ट्रपति का आदेश अवैध है तो फिर क्या होगा? कमांडर ऐसे किसी भी आदेश को नकार दे तो क्या होगा? इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। बहरहाल, ट्रंप ने इस बात का कोई संकेत नहीं दिया है कि वह परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं, लेकिन पेलोसी ने चिंता जताई है कि ”बौखलाए” राष्ट्रपति युद्ध छेड़ सकते हैं। पेलोसी ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिली से मुलाकात कर ऐहतियाती कदमों पर चर्चा की और उन्होंने अपने साथियों को बताया है कि उन्हें सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिया गया है। मिली के प्रवक्ता कोल डेव बटलर ने इस बात की पुष्टि की है कि पेलोसी ने मिली की मुलाकात के लिये बुलाया था।

गुरुवार, 7 जनवरी 2021

डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें अभी और बढ़ने वाली हैं

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी संसद पर समर्थकों की हिंसा से घिरे डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें अभी और बढ़ने वाली हैं। एक तरफ अमेरिका के सांसद उनके बचे हुए कार्यकाल के पूरा होने से पहले ही पद से उतारने के लिए लामबंद हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ इराक की अदालत ने भी पिछले साल एक ईरानी जनरल और एक प्रभावशाली इराकी मिलिशिया नेता के मारे जाने के मामले में ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। बता दें, कि ईरान भी इस मामले में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ वॉरंट जारी कर चुका है। इतना ही नहीं, उसने तो वकायदा इंटरपोल से गिरफ्तारी के लिए मदद भी मांगी है। इराकी अदालत के मीडिया कार्यालय ने कहा कि अमेरिका के ड्रोन हमले में जनरल कासिम सुलेमानी और अबू माहदी अल मुहंदिस के मारे जाने के मामले में बगदाद की जांच अदालत के न्यायाधीश ने वारंट जारी किया गया है। सुलेमानी और मुहंदिस पिछले साल जनवरी में बगदाद हवाईअड्डे के बाहर ड्रोन हमले में मारे गए थे। जिससे अमेरिका और इराक के बीच राजनयिक संकट उत्पन्न हो गया था और दोनों के संबंधों में तल्खी आ गई थी।

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020

टीके को आनन-फानन में इस्तेमाल करने की मंजूरी

राणा ओबराय

वाशिंगटन डीसी। कोरोना महामारी के बीच अमेरिका में फाइज़र कंपनी के बनाए टीके को आनन-फानन में इस्तेमाल की मंजूरी मिली। हालांकि, फाइज़र का टीका एक बुरी खबर लेकर आया है। इसे लगाने वाले लोगों में एलर्जी की समस्या उम्मीद से ज्यादा आ रही है। अमेरिका में 30 करोड़ लोगों तक कोरोना वैक्सीन का टीका पहुंचाने वाले अभियान के ‘ऑपरेशन वॉर्प स्पीड’ के चीफ साइंटिफिक एडवाइजर डॉक्टर मॉन्सेफ ने यह जानकारी दी है। डॉक्टर मॉन्सेफ ने बताया है कि फाइज़र-बायोनटेक की बनाई कोरोना वैक्सीन से लोगों में एलर्जी की समस्या देखी जा रही है जो कि उम्मीद से ज्यादा है। इस वैक्सीन से कुल आठ लोगों में एलर्जी की समस्या देखी गई है। इनमें से छह अमेरिकी हैं और दो यूके के हैं।यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने फाइज़र के साथ कोरोना वैक्सीन की 10 करोड़ अतिरिक्त खुराक मुहैया करवाने के लिए डील की है। उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ वैक्सीन निर्माताओं के साथ लगातार विचार-विमर्श कर रहा था कि वे अत्यधिक एलर्जिक लोगों में ट्रायल करने का सोचें, खासतौर पर एपि-पेन ऐंटी-एलर्जिक दवा लेने वालों में। यूके में मेडिसिन ऐंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेग्युलेटरी एजेंसी (MHRA) ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर लोगों को कहा था कि जिन लोगों को ज्यादा एलर्जी की समस्या रही है वे फाइज़र-बायोनटेक वैक्सीन न लें। अमेरिकी FDA ने भी ऐसी ही एडवाइजरी जारी की है। NPRयह है एलर्जी की वजह। फिलहाल एलर्जी के कारणों में सबसे ऊपर पॉलीइथाइलीन ग्लाइकॉल (पीईजी) कंपाउंड को माना जा रहा है, जो वैक्सीन के मुख्य अंश मेसेंजर RNA (mRNA) में मौजूद है। फाइज़र-बायोनटेक और मॉडर्ना की वैक्सीन में मौजूद पीईजी का इस्तेमाल इससे पहले कभी किसी वैक्सीन में नहीं किया गया है। हालांकि, यह कुछ दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि इसी महीने अमेरिका में लगातार बढ़ते कोरोना के मामले सामने आने के बाद आनन-फानन में खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने फाइजर की कोरोना वैक्सीन को अपनी मंजूरी दी गई थी। वैक्सीन एडवाइजरी समूह ने फैसला किया था कि फाइज़र का टीका 16 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में सुरक्षित है। फाइज़र ने दावा किया था कि उसकी कोरोना वायरस वैक्सीन 95 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावी है।

गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

वायरस को मात देने में मददगार हो सकता है 'लामा'

वाशिंगटन डीसी। वैज्ञानिकों ने लामा पशु में ऐसी सुक्ष्म एंटीबॉडी या नैनोबॉडी का पता लगाया है। जो कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में मददगार हो सकती हैं। ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित अध्ययन के प्रारंभिक परिणाम में कहा गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि नैनोबॉडी तरल या ऐरोसोल दोनों रूपों में समान रूप से कारगर हैं, यानी ये सांस से लिए जाने पर भी प्रभावी हो सकती हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इनमें से ‘एनआईएच-कोवएनबी-112′ नामक एंटीबॉडी ऐसी हैं, जो संक्रमण रोक सकती हैं और कोविड-19 संक्रमण के लिए जिम्मेदार सार्स-कोव-2 के स्पाइक प्रोटीन को काबू करने वाले वायरस के कणों का पता लगा सकती हैं।

वायरस: तकलीफ, फेफड़ों को कर रहा है संक्रमित

शोध में दावा कोरोना ही नहीं ये नया वायरस भी सांस में तकलीफ के साथ फेफड़े को कर रहा संक्रमित  
नई दिल्ली/ टोक्यो। कोरोना वायरस ही नही दूसरा वायरस भी सांस लेने में तकलीफ के साथ फेफड़ों को संक्रमित कर सकता है। इस नए वायरस खुलासा केजीएमयू के डॉक्टरों के शोध में हुआ है। इसके कई लक्षण कोरोना से मेल खाते हैं। यह वायरस भी फेफड़े पर हमला करता है। जिसका नाम पर्वो-4 वायरस नाम दिया है। डॉक्टरों ने श्वसन सम्बन्धी बीमारी सीवियर एक्यूट रिस्पेरेट्री इंफेक्शन (एसएआरआई) से पीड़ित 271 मरीजों में शोध किया है। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल आफ इंफेक्शियस डिजीज में प्रकाशित हो चुका है।
26 फीसदी में मिला वायरस
डॉक्टरों ने एसएआरआई से पीड़ित 271 मरीजों पर शोध किया है। जिसमें 26.55 फीसदी मरीजों के फेफड़े में गम्भीर संक्रमण मिला। इनमें 18.2 फीसदी मरीजों में पर्वो- 4 वायरस का संक्रमण मिला। बचे अन्य में इसके साथ ही कई अन्य वायरस मिले हैं।
फेफड़े पर करता है। हमला
कोरोना की तर्ज पर शोध में शामिल 271 मरीजों के नांक और गले से स्वाब लेकर आरटीपीसीआर जांच की गई। जबकि 146 सामान्य लोगों के नमूने लिए गए। जिसमें 0.68 फीसदी लोगों में पर्वो 4 वायरस की पुष्टि हुई। जांच में पता चला है। कि यह वायरस कोरोना की तरह फेफड़े पर वार कर रहा है। जिसकी वजह से सांस लेने में तकलीफ बढ़ जाती है।
शोध टीम के सदस्य
केजीएमयू के माइक्रोबायलोजी विभाग के  डॉ. शांतनु प्रकाश, डॉ. सुरूचि शुक्ला, डॉ. वी रामा कृष्णा, डॉ. एच मिश्रा, डॉ. अमित के भगत व डॉ. अमिता जैन शामिल रहे।

दुनिया में सबसे अधिक परेशान देश है 'अमेरिका'

वाशिंगटन डीसी। कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर में सबसे अधिक परेशान देश अमेरिका है। वैश्विक मामलों का आंकड़े की लिस्ट में पहले ...