गुरुवार, 7 मई 2020

राजस्थान ने अपना बॉर्डर सील किया

राजस्थान ने सील किया अपना बॉर्डरशर्तों के साथ राज्य में मिलेगी एंट्रीकोरोना वायरस की वजह से फैसला


जयपुर। कोरोना वायरस का संकट देश के कई राज्यों में बढ़ता जा रहा है। राजस्थान में भी बीते दिनों कई मामले सामने आए हैं, इस बीच अब जब लॉकडाउन 3.0 के तहत राहत मिलनी शुरू हुई है तो राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की सभी सीमाओं को सील करने का आदेश दिया है, ताकि प्रदेश में कोई बाहरी व्यक्ति ना आ पाए।


आदेश के मुताबिक अंतरराज्यीय आवागमन की अनुमति भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं शर्तों की कड़ाई से पालन करते हुए ही दी जाएगी।


एगदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश की अंतरराज्यीय सीमाओं से अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा तुरंत प्रभाव से राज्य की सभी अंतरराज्यीय सीमाओं को सील कर रेगुलेट किया जाएगा, जिससे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर अधिकृत व्यक्ति ही राज्य में प्रवेश कर सकें।


मुख्यमंत्री बोले कि विगत दिनों में देश के कई राज्यों में कोरोना पॉजिटिव कैसेज की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई हैं। अशोक गहलोत ने कहा कि देश में पिछले तीन दिनों में 10,000 पॉजिटिव कोरोना केस रिपोर्ट हुए हैं और यह कि देश के अन्य हिस्सों से भारी संख्या में अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रदेश में प्रवेश की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की सीमाओं को सील करने का फैसला लिया गया है।


अंकुश लगाने का सीएम ने किया प्रयास

लखनऊ। वैश्विक महामारी के रूप में भयानक कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस ने तीन मार्च से उत्तर प्रदेश को भी अपनी चपेट में लिया था। इसके बाद से इस पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो प्रयास किया, वह सभी जगह पर सराहा गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसर तथा मंत्रियों की टीम-11 का गठन करने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कमर कसी है। 


देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण इतना भयावाह रूप नहीं ले सका। यहां पर लॉकडाउन का काफी सख्ती से पालन कराया गया और सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगातार अपनी टीम-11 के अफसरों तथा जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और समय-समय पर बेहतर से बेहतर योजना को क्रियान्वित भी कराया गया।


कोरोना वायरस के संक्रमण से उत्तर प्रदेश में पॉजिटिव तथा मृतकों की संख्या के अनुपात में स्वस्थ होने वाले अधिक हैं। उत्तर प्रदेश में इसके कहर से उबरने वालों के आंकड़े का प्रतिशत देश में सर्वाधिक है। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव होने वालों का प्रतिशत 37 फीसद से अधिक है। यह देश में सर्वाधिक है। इनके बीच में भी 75 जिलों वाले राज्य में चित्रकूट में मरीज पाए जाने के बाद अब कुल 62 जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं। 


अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की

वॉशिंगटन/ तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की अपनी क्षमता को बाधित करने के उद्देश्य से पारित किया गया प्रस्ताव वीटो (अधिकृत रूप से मना कर देना) किया है, जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस को इसे पारित नहीं करना चाहिए। बुधवार को जारी एक बयान में, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान युद्ध शक्तियों के प्रस्ताव को वीटो कर दिया है  ईरान के खिलाफ शत्रुता में संयुक्त राज्य सशस्त्र बलों के उपयोग को समाप्त करने के लिए मुझे निर्देशित करने का निर्देश दिया गया है।


ट्रंप ने कहा कि यह एक बहुत अपमानजनक संकल्प था, जिसे डेमोक्रेट्स द्वारा रिपब्लिकन पार्टी को विभाजित करके 3 नवंबर को चुनाव जीतने की रणनीति के हिस्से के रूप में पेश किया गया था।  हिल ने बताया कि कांग्रेस के पास ट्रम्प के वीटो को ओवरराइड करने के लिए आवश्यक दो तिहाई बहुमत नहीं है।


सातवीं बार इस कदम के निशान हैं, ट्रंप ने अपने वीटो पेन का इस्तेमाल किया है, जिसमें यमन के गृह युद्ध में सऊदी अरब को अमेरिकी सेना की सहायता से संबंधित एक पूर्व युद्ध शक्ति संकल्प शामिल है। सदन ने 227-186 मतों के साथ मार्च में प्रस्ताव को मंजूरी दी। उपाय को पारित करने में छह रिपब्लिकन डेमोक्रेट के साथ शामिल हुए। सीनेट ने फरवरी में उस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी जब आठ रिपब्लिकन डेमोक्रेट्स के साथ प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए मतदान किया था।


निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश हुआ रद्द

नई दिल्ली। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने इस साल देश भर में अपनी सभी पीठों के लिये निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश रद्द कर दिया है। एनसीएलटी ने पांच मई को रजिस्ट्रार द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा कि उसने इस साल के लिए गर्मी की छुट्टियां रद्द कर दी है और एनसीएलटी की सभी पीठें उक्त अवधि के दौरान काम करेंगी। दिल्ली स्थित प्रधान पीठ जून के महीने में गर्मियों की छुट्टी पर जाने वाली थी। उसने कहा, "राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण के अध्यक्ष यह आदेश देते हैं कि कैलेंडर के हिसाब से मई/ जून / जुलाई 2020 के महीनों में पड़ने वाली गर्मी की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं और एनसीएलटी की सभी पीठें उक्त अवधि के दौरान काम करेंगी।’’ न्यायिक निकायों और अर्ध-न्यायिक निकायों ने भी अपनी गर्मियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया है क्योंकि वे लॉकडाउन के दौरान बंद थे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केवल जरूरी मामलों का निपटारा कर रहे थे। हाल ही में, एनसीएलटी ने अपने आठ सदस्यों को "तत्काल प्रभाव" से देश की विभिन्न पीठों में स्थानांतरित कर दिया था। कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिये सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन के बाद देश भर की सभी एनसीएलटी पीठों में सुनवाई बंद है।


श्रद्धालुओं ने नाराज हो दिया इस्तीफा

लेह। केंद्र शासित लद्दाख के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शीरिंग दोरजे ने रविवार को अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। दोरजे ने लॉकडाउन की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लद्दाख के लोगों, मरीजों, श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों को वापिस लाने में प्रशासन की नाकामी से नाराज होकर इस्तीफा दिया है।


दोरजे ने प्रेस बयान जारी कर लद्दाख के लोगों को वापिस लाने के मामले में प्रशासन पर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया है। इसके अलावा प्रशासन को लेह व कारगिल स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद को सक्षम तरीके से काम न करने देने की बात भी कही है।


उन्होंने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने प्रदेश के लोगों की समस्या रखी लेकिन मसले का हल नहीं हुआ। उल्लेखनीय है कि मार्च 2020 में ही लद्दाख में शीरिंग दोरजे को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी थी। वहीं शिरिंग दोरजे से जब उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।


श्रीलंकाः अपने कर्मचारियों से किया आग्रह

कोलंबो। श्रीलंका सरकार ने अपने कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे मई महीने का अपना पूरा वेतन या उसके एक हिस्से का योगदान कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए करें। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के सचिव पी बी जयसुंदरा ने सरकारी क्षेत्र के सभी कर्मचारियों को पांच मई को लिखे एक पत्र में कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात और पर्यटन से प्राप्त होने वाला राजस्व बाधित हुआ है। पत्र में कर्मचारियों से मई का पूरा वेतन या उसके एक हिस्से का योगदान कोविड-19 महामारी के खिलाफ सरकार की लड़ाई में मदद के लिए करने का आग्रह करते हुए कहा गया है, ‘‘हालांकि यह अर्थव्यवस्था पर एक अस्थायी दबाव हो सकता है, सरकार ऋण की अदायगी के लिए बाध्य है। यदि हम कोई तरीका निकाल कर स्थानीय रिण के भुगतान से बच भी लें, हमें उपलब्ध सीमित सरकारी राजस्व का इस्तेमाल करते हुए विदेशी ऋण की अदायगी करनी ही होगी।


योगी सरकार के सख्त आदेश हुए खोखले

योगी सरकार में हो रहा पत्रकारों के साथ उत्पीड़न, नही हो रही कार्यवाही


योगी सरकार के आदेश साबित हो रहे खोखले


चौथे स्तंभ का हो रहा हनन


क्षेत्र में अवैध कारोबार की खबर प्रकाशित करने पर चौकी इंचार्ज ने पत्रकार के साथ की बर्बरता


लखनऊ/ प्रयागराज। थाना कौंधियारा के अन्तर्गत चौकी प्रभारी जारी शिखर उपाध्याय ने पत्रकार पर फर्जी मुकदमा कायम कर पत्रकार उत्पीड़न किया है।
गौरतलब है कि थाना कौंधियारा के अंर्तगत चौकी प्रभारी जारी पत्रकारों पर अवैध तरीके से दवाब बनाकर बेज्जत करते रहते है। जारी क्षेत्र के पत्रकारों को समाचार संकलन में अवरोध उत्पन्न करते चले आ रहे है । विगत दिनांक 4 मई को ग्राम गढ़ैया केवटान बस्ती में साधारण तरीके से शादी का प्रोग्राम था। जिसमे पांच पांच व्यक्ति वर व कन्या पक्ष से होना निश्चित हुआ था। जिसकी जानकारी चौकी प्रभारी जारी को हो गयी। चौकी प्रभारी जारी लड़की पक्ष के चार  व्यकित को व लड़का पक्ष से दो व्यक्ति को मौके से उठा ले गए। और चौकी में सौदेबाजी करने लगे पैसो की मांग शुरू कर दिया।चौकी प्रभारी जारी का कहना था कि पैसा खर्च करो नही तो जेल जाने को तैयार हो जाइए। इस बात की सूचना उनके एक रिश्ते को मिली तो वे जारी चौकी पहुच गए और चौकी प्रभारी से कहा कि विगत 3 मई को उत्तर प्रदेश सरकार ने एक शासनादेश जारी किया है कि पांच व्यकित जाकर शादी कर सकते हैं। प्रभारी ने पूछा आप की क्या तारीफ है।आप कौन है जैसे ही उस व्यक्ति ने अपने को पत्रकार बताया कि चौकी प्रभारी पत्रकार से मारपीट करने लगे कि किसी पत्रकार की हिम्मत नही है मेरे चौकी पर आने की तुम कैसे आ गए तुम्हारी हिम्मत कैसे पड़ गयी यह कहकर वे टूट पड़े।पत्रकार के खिलाफ भी मुकदमा कायम कर दिया।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हर रोज कह कह कर थक गए कि डॉक्टर व पत्रकारों व एम्बुलेंस कर्मी सफाई कर्मी का उत्पीड़न न हो अन्यथा कानूनी कार्यवाही होगी।प्रयागराज के चौकी प्रभारी जारी को यह शासनादेश की जानकारी नही थी या पत्रकार नाम से ईर्ष्या है ये समझ से परे है।


आश्चर्य की बात है कि पत्रकार के नाम से समाज मे क्या संदेश देना चाहते है पुलिस के चौकी प्रभारी! एक तरफ पत्रकारों  का कोरोना महामारी में प्रदेश के मुखिया द्वारा सुरक्षा की बात की जाती है एक तरफ सुरक्षा का जिम्मेदारी संभाल रहे चौकी प्रभारी ने स्वम पत्रकार से मारपीट किया।जिससे तहसील बारा के पत्रकारों में आक्रोश है।पत्रकारों ने उच्चाधिकारियों से आग्रह किया है कि दो दिन के अंदर जाच कर चौकी प्रभारी जारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग किया है।


बृजेश केसरवानी


सख्तीः हिमाचल की सीमा पर लगाई रोक

चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने बृहस्पतिवार तड़के बिना कर्फ्यू पास के हिमाचल प्रदश में दाखिल होने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें सीमा पर ही रोक दिया। पुलिस ने बताया कि कोविड-19 से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान बिना कर्फ्यू पास के कोई भी राज्य में दाखिल नहीं हो सकता। बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने बताया कि पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी खैरा मोरा नाके से सुबह चार बजे अपनी निजी कार में दो अन्य लोगों के साथ हिमाचल प्रदेश में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें राज्य में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारी ने बताया कि सैनी सीएच-01-बीडब्ल्यू 0820 पंजीकरण नंबर की गाड़ी में पंजाब की ओर से आ रहे थे। शर्मा ने बताया कि बिलासपुर जिले के स्वारघाट में पंजाब-हिमाचल प्रदेश सीमा के पास नाके पर तैनात कर्मियों के पूछताछ करने पर डीजीपी के साथ मौजूद दो अन्य शख्स ने खुद को निरीक्षक और सहायक उप-निरीक्षक बताया। उन्होंने कहा, ‘‘ उनके अनुरोध पर कर्मियों ने नैना देवी के पुलिस उपाधीक्षक को जानकारी दी, जिन्होंने बाद में मुझे बताया और फिर मैंने बिना कर्फ्यू पास के उन्हें राज्य में दाखिल ना होने देने का निर्देश दिया।


नेता सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा

देहरादून। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर के निकट मलसा गिरधरपुर गांव में हाल में हुए गोलीकाण्ड के बाद वहां लॉकडाउन का उल्लंघन कर पहुंचने और सभा करने के आरोप में कांग्रेस नेता तिलकराज बेहड़ सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले, गांव में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष के घर में घुसकर हमला कर दिया गया था और जमकर फायरिंग की गई थी जिसमें दो लोग घायल हुए थे। इसके बाद उत्तराखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ जानकारी लेने के लिए घटनास्थल की ओर निकले लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया । हालांकि, पुलिस का आरोप है कि पूर्व मंत्री फिर गांव पहुंच गए और वहां लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए सभा भी की। पुलिस की ओर से दर्ज मामले में कहा गया है कि पूर्व मंत्री बेहड़ 20-25 अन्य लोगों के साथ अलग-अलग वाहनों से मलसा गिरधपुर पहुंचे और वहां पीड़ित पक्ष के समर्थन में सभा करने लगे। आरोप है कि इस दौरान लॉकडाउन का उल्लंघन करने के साथ ही भौतिक दूरी का भी पालन नहीं किया गया। पुलिस बल के काफी समझाने के बाद वे बमुश्किल वहां से गए। पुलिस ने बेहड़ समेत सात लोगों के खिलाफ नामजद तथा 20—25 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।


ट्रेनें शुरू करने का किया फैसला

बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने लॉकडाउन के कारण फंसे हुए प्रवासी कामगारों को उनके मूल स्थानों तक भेजने के लिए शुक्रवार से विशेष ट्रेनें शुरू करने का फैसला किया है और इसके लिए संबंधित राज्यों से सहमति मांगी है। कर्नाटक सरकार ने अपने पहले के फैसले को पलटते हुए यह निर्णय लिया है। इससे पहले उसने विशेष ट्रेनों के लिए भेजा गया अनुरोध रेलवे से वापस ले लिया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार ने बृहस्पतिवार को झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा को पत्र लिखकर उन्हें इस फैसले से अवगत कराया और और कामगारों को भेजे जाने के संबंध में उनसे सहमति मांगी है। राज्य के प्रमुख राजस्व सचिव तथा प्रवासी श्रमिकों से संबंधित मुद्दों के लिए नोडल अधिकारी एन मंजूनाथ प्रसाद ने विभिन्न राज्यों में अपने समकक्षों को पत्र लिखा और उनसे शुक्रवार से शुरू होने वाली विशेष ट्रेनों की आवाजाही के लिए सैद्धांतिक मंजूरी देने को कहा।


महान समाज सुधारक छत्रपति शाहू महाराज को एक ट्वीट में ‘‘सामाजिक कार्यकर्ता’’ के तौर पर उल्लेख करने को लेकर विवाद में घिरे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने गुरुवार को इस पोस्ट के लिए माफी मांगी और कहा कि महान शासक का अपमान करने का विचार उनके दिमाग में कभी नहीं आ सकता। भाजपा द्वारा मनोनीत राज्यसभा सदस्य छत्रपति संभाजी राजे ने इससे पहले फड़नवीस से अपने ट्वीट के माध्यम से छत्रपति शाहू महाराज के अनुयायियों की ‘‘भावनाओं को ठेस’’ पहुंचाने के लिए माफी मांगने के लिए कहा था। मराठा राजा छत्रपति शिवाजी के वंशज संभाजी राजे को लगभग चार साल पहले राष्ट्रपति के कोटे से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल ‘@युवराज संभाजी’ पर एक ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को कल के प्रकरण के लिए माफी मांगनी चाहिए। इससे मेरे सहित शिव-शाहू के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं।’’ संभाजी के ट्वीट का जवाब देते हुए, फडणवीस ने कहा, ‘‘जब मुझे गलती के बारे में पता चला, तो मैंने अपने कार्यालय से ट्वीट में बदलाव करने के लिए कहा था। उनका (शाहू महाराज) अपमान करने का विचार कभी मेरे दिमाग में नहीं आ सकता। मैं मानता हूं कि लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।


महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित

जयपुर। महिलाओं के खिलाफ छेड़खानी एवं अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए गठित जयपुर पुलिस की 'निर्भया स्क्वैड' की सदस्य कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान एक अन्य भूमिका में सामने आईं और उन्होंने शहर के प्रभावित इलाकों में महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित किए। गैर सरकारी संगठन 'जयपुर पैडमैन' के साथ मिलकर निर्भया स्क्वैड की टीम शहर के कर्फ्यू वाले इलाकों में रह रही महिलाओं को नि:शुल्क सेनेटरी पेड उपलब्ध करवा रही है। शहर के परकोटे वाले इलाके के में रह रही जरूरतमंद महिलाओं को संयुक्त दल ने अब तक सेनेटरी पैड के 3,000 पैकेट बांटे हैं। बाइक से चलने वाले दस्ते 'निर्भया स्क्वैड' का गठन मार्शल आर्ट में प्रशिक्षित महिला सिपाहियों के साथ किया गया है। इस दस्ते को स्कूल, कॉलेज, मॉल या बस स्टॉप पर महिलाओं के साथ किसी भी खतरे का सामना करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है । इस दल में शामिल 80 महिला कांस्टेबल ने हाल ही में कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाल कर लोगों को घर में रहने और सामाजिक मेल जोल से दूरी के नियमों का पालन करने का संदेश दिया । जयपुर पैडमैन के सदस्य आशीष पाराशर ने बताया कि पिछले एक माह से चल रहे लॉकडाउन के कारण महिलाओं की समस्याओं के बारे में हमें पता चला और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता भी इस पहल में शामिल हुए।


06:37 PM


लॉकडाउन के बीच, दक्षिण-पूर्व दिल्ली के ओखला फेज-1 में एक कंपनी में चोरी के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान राजेश (20), राम बाबू (20), चंदन (22) और शिवम (18) के रूप में हुई है, सभी ओखला फेज-1 के तेहखंड के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि उनके पास से 187 आई-फोन, 90 टैबलेट, आठ आई-पैड और 37 अन्य मोबाइल फोन बरामद किए गए। ओखला फेज-1 में रीब्वॉइट्स सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मालिक अंशुमान साहा ने पांच मई को पुलिस को मामले की सूचना दी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, कंपनी अन्य कंपनियों से पुराने मोबाइल फोन, टैबलेट और आई-पैड प्राप्त करती है और बाजार में फिर से उसे बेचने के लिए उन्हें रिबूट करती है। साहा ने 23 मार्च को लॉकडाउन के कारण अपनी कंपनी को बंद कर दिया था।


प्रदेश अध्यक्ष दीपक को दिल का दौरा

रांची। भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को बृहस्पतिवार को दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद उन्हें यहां राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान :रिम्सः के हृदय रोग विभाग में भर्ती कराया गया जहां सफल एंजियोप्लास्टी कर उन्हें एक स्टेंट लगाया गया और अब वह स्वस्थ हैं। रिम्स में कार्डियक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अंशुल कुमार ने बताया कि दीपक प्रकाश को आज रिम्स में भर्ती कराया गया जहां उनकी एंजियोप्लास्टी की गयी। उन्होंने बताया कि दीपक प्रकाश को एंजियोप्लास्टी कर एक स्टेंट लगाया गया और अब वह स्वस्थ हैं तथा रिम्स की कार्डियक केयर यूनिट में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। कुमार ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की एंजियोप्लास्टी डॉ. प्रशान्त और डॉ. प्रकाश ने की। उनकी हृदय गति बहुत धीमी गयी थी जिसे देखते हुए उन्हें पेस मेकर लगाया गया। उन्होंने बताया कि दीपक प्रकाश अब बिलकुल स्वस्थ हैं और उनके स्वास्थ्य की देखभाल कम से कम 48 घंटे तक करने के बाद शनिवार या सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की संभावना है। इस बीच, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को देखने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रिम्स पहुंचे और उन्होंने इलाज करने वाले चिकित्सकों से मुलाकात कर दीपक प्रकाश का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने बाद में पत्रकारों को बताया कि अब दीपक प्रकाश स्वस्थ हैं। उन्होंने भाजपा नेता तथा उनके परिजनों को अपनी शुभकामनाएं दीं। इस बीच, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और पूर्व महासचिव बालमुकुंद सहाय ने भी अस्पताल पहुंचकर दीपक प्रकाश का हालचाल जाना। दूसरी ओर, दिल्ली से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी फोन कर दीपक प्रकाश का स्वास्थ्य जाना और उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।


प. बंगालः वायरस की जांच के लिए 'किट'

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अनुसंधानकर्ताओं के एक समूह ने कोरोना वायरस की जांच के लिए किफायती किट विकसित की है, जिसे भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) से भी अनुमति मिल गई है और जल्द ही नमूनों की जांच के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने वाली इस किट के जरिए देश में जांच उपकरण की बढ़ती मांग को काफी हद तक पूरा करने में मदद मिल सकती है। बयान में आईसीएमआर की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया कि करीब 500 रुपये की कीमत वाले इस उपकरण से सिर्फ 90 मिनट के अंदर लगभग शत-प्रतिशत सही नतीजे प्राप्त हुए हैं। अपने देश में ही विकसित की गई इस एक किट के जरिए 160 मरीजों की जांच की सकती है। बयान के मुताबिक, सीएसआईआर के पूर्व वैज्ञानिक समित अध्याय की देखरेख में अनुसंधानकर्ताओं ने करीब डेढ़ महीने में यह किट विकसित करने में सफलता हासिल की।


रूस में 11000 नए मामले सामने आए

मास्को। रूस में कोरोना वायरस संक्रमण के 11,000 नए मामले सामने आए हैं जो कि एक दिन में नए मामलों की सबसे बड़ी संख्या है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 177,000 मामले सामने आ चुके हैं। रूस का यह आंकड़ा जर्मनी और फ्रांस को पीछे छोड़ता हुआ संक्रमित देशों की सूची में पांचवे स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि ऐसा भी कहा जा रहा है कि वास्तविक मामलों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की जांच भी नहीं हो रही है और सभी संक्रमित लोगों में लक्षण भी नहीं दिख रहे हैं। मास्को में अब तक संक्रमण के 93,000 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।


उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के 10 और नए मामले सामने आए, कुल संख्या 200 के पार। भाजपा द्वारा मनोनीत राज्यसभा सदस्य छत्रपति संभाजी राजे ने गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से अपने ट्वीट के माध्यम से छत्रपति शाहू महाराज के अनुयायियों की ‘‘भावनाओं को आहत’’ पहुंचाने के लिए माफी मांगने के लिए कहा। मराठा राजा छत्रपति शिवाजी के वंशज संभाजी राजे को लगभग चार साल पहले राष्ट्रपति के कोटे से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल ‘@युवराज संभाजी’ पर एक ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस को कल के प्रकरण के लिए माफी मांगनी चाहिए। इससे मेरे सहित शिव-शाहू के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं।’’ वह बुधवार को पोस्ट किए गए फड़नवीस के उस ट्वीट का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने कोल्हापुर की तत्कालीन रियासत के छत्रपति शाहू महाराज को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक ‘‘सामाजिक कार्यकर्ता’’ कहा था।


फैसलाः अभ्यार्थियों को 60 अंक लाने होगें

लखनऊ/ नई दिल्ली। बीते लगभग डेढ़ साल से उत्तर प्रदेश में  69000 शिक्षकों की भर्ती के मामले में आखिरकार बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट का फैसला यूपी सरकार के पक्ष में गया है। जिसके मुताबिक सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में 65 फीसदी और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 फीसदी अंक लाने होंगे। यूपी सरकार ने अंकों का निर्धारण परीक्षा के बाद किया था और यही विवादा का कारण बना था। इस फैसले का विरोध कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि सरकार को अंकों का निर्धारण परीक्षा के पहले करना चाहिए था। पिछली परीक्षा में कितने फीसदी लाने थे अंक
इससे पहली हुई परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए 45 और आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी कट ऑफ तय की गई थी।


तीन महीने में पूरी करनी है भर्ती प्रक्रियाः हाइकोर्ट ने आदेश दिया है कि अब भर्ती प्रक्रिया को 3 महीने में पूरा कर रिपोर्ट सौंपी जाए।


सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाईः सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से ट्विटर पर जारी बयान के मुताबिक,  सीएम योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा के 69,000 शिक्षकों की भर्ती के मामले में मा. उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है।  उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को आने वाले समय में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में योगदान देने हेतु अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनका अभिनन्दन किया है।


योगी से शराब शुरू करने का जवाब मांगा

लखनऊ/प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश मे शराब की बिक्री शुरू करने के योगी सरकार के फैसले पर सरकार के जवाब मांगा है। अदालत में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस संबंध में सरकार को 12 मई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश जारी किया है। इस मामले में अब 12 मई को अगली सुनवाई होगी।


प्रदेश में शराब की बिक्री लॉकडाउन के दौरान शुरू करने के सरकार के फैसले के खिलाफ अधिवक्ता सुनील चौधरी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने सरकार से जवाब मांगा है।


श्रमिकों की समस्या, कैबिनेट ने दी मंजूरी

लखनऊ। कोरोना वायरस के संकट के चलते उद्योगों के आगे आई समस्या के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रम अधिनियम में तीन साल तक छूट प्रदान की है। इसे कैबिनेट ने बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी है। यह छूट अस्थाई होगी। अस्थाई छूट के लिए अध्यादेश 2020 के मसौदे को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी देते हुए श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि श्रमिकों की समस्या के लिए जिन इकाइयों के कार्यालय बंद पड़े हैं, उन्हें खोलने के लिए यह छूट दी गई है ताकि बाहर से जो प्रवासी श्रमिक प्रदेश में लाए जा रहे हैं उन्हें बड़े पैमाने पर काम मिल सके। 


उन्होंने बताया कि ऐसी सभी जगह पर उत्तर प्रदेश में श्रम कानून में तीन साल के लिए अस्थाई छूट प्रदान की गई है। इसके साथ ही श्रमिकों के मूलभूत हितों की रक्षा के लिए श्रम कानूनों में जो उनको संरक्षण प्राप्त है, वह यथावत रहेंगे। जिसमें बंधुआ श्रम तथा उत्पादन अधिनियम, भवन सन्निर्माण अधिनियम, कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम व बच्चों व  महिलाओं के नियोजन संबधित श्रम अधिनियम पूरे लागू रहेंगे। वेतन अधिनियम के तहत वेतन भुगतान की व्यवस्था यथावत रहेगी, उसके अतिरिक्त अन्य सुविधाएं उन्हें मिलेंगी।


श्रम मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 38 श्रम कानून लागू हैं। किसी भी उद्योग के खिलाफ लेबर डिपार्टमेंट एनफोर्समेंट नियम के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस दौरान श्रम विभाग का प्रवर्तन दल श्रम कानून के अनुपालन के लिए उनके यहां नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो उद्योग कोरोना महासंकट के चलते बंद हैं या कमजोर हैं, उन्हें श्रम कानून में नरमी से फिर से चालू किया जा सकेगा। व्यापारिक प्रतिष्ठानों को फिर से चालू किया जा सके और श्रमिकों को इसमें सेवायोजित किया जा सके, इस मंशा से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।


यूपी में 3071 संक्रमित, 62 की मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या 3071 है, जिनमें से 1250 मरीज ठीक हो चुके हैं और 62 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं गाजीपुर जिला पूरा तरह से संक्रमण मुक्‍त हो चुका है। ताजा अपडेट्स के मुताबिक, यूपी में सक्रिय मामलों की संख्या 1759 है और प्रदेश में अब तक इस वायरस की चपेट में आने से 62 लोगों की मौत हो चुकी है। (कोविड-19) कोरोना वायरस से यूपी में 73 नए संक्रमितों के साथ आंकड़ा 3071, अब तक 62 की मौत।


इससे अपडेट्स से पहले उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस के सक्रिय संक्रमण के कुल 1868 मामले हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से 61 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हुई है।


केयर सेंटर में तैनात, गाइडलाइन जारी

लखनऊ। अगले कुछ दिनों में देश में कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। परिवार व स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने इसका अंदेशा जताते हुए देश भर के 215 रेलवे स्टेशनों पर रेलवे के आइसोलेटेड कोच को कोविड केयर सेंटर के रूप में तैनात करने की गाइड लाइन जारी कर दी है। इसमें 25 स्टेशन उत्तर प्रदेश के भी शामिल हैं। 


चारबाग़ के कैरिज वर्कशॉप में जहाँ पहले 220 और फिर 150 आइसोलेटेड कोच तैयार किये हैं। वही पूर्वोत्तर रेलवे ने भी 216 आइसोलेटेड कोच बना लिए हैं। उत्तर रेलवे ने चारबाग़ इस्तिथ 275 बेड के इनडोर अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप से परिवर्तित किया है। लखनऊ रेल मंडल डॉक्टर सहीत 136 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। कोविड केअर सेंटर आइसोलेटेड कोच की तैनाती के लिए रेलवे परिवार कल्याण व् स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन का इंतजार कर रहा था। राज्यो के बीच समन्वय और कोच के मूवमेंट के लिए रेलवे अपने नोडल अफसर तैनात करेगा। रेलवे अपने कोच को तैनाती वाले जिले के डीएम को सौपेगा। चिन्हित 215 में से 85 स्टेशनों के कोविड केयर सेंटर आइसो लेटेड कोच के लिए डॉक्टर व् हेल्थ केयर स्टाफ रेलवे तैनात करेगा। जबकि।शेष 130 स्टेशनों पर राज्य सरकार अपनी ओर से दवा और मेडिकल स्टाफ कर सकता है।कोच, रोगी और इलाज करने वालो की सुरक्षा आरपीएफ करेगी। रेलवे 5231 कोच को कोविड केयर सेंटर देश भर में तैनात करेगा। जिनमे वह 2500 डॉक्टर व् 35 हजार पैरा मेडिकल स्टाफ को तैनाती देगा।


अधिकारियों के निर्देश पर खुली दुकाने

अधिकारियों के निर्देश पर खुली कुछ आवश्यक दुकाने


बाजार में अन्य दिनों की अपेक्षा थोड़ा ज्यादा दिखी भीड़


पुलिस लॉक डाउन का पालन कराने के लिए रही मौजूद


फतेहपुर। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लॉक डाउन की स्थिति चल रही है। जनपद ग्रीन जोन में होने के कारण अधिकारियों ने कुछ अन्य आवश्यक दुकानें खोले जाने के निर्देश दिए हैं। जिसके चलते कई प्रकार की दुकानें खुली मिली। कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए लॉक डाउन की स्थिति चल रही है। इसके चलते लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करने तथा मास्क लगाए जाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस भी लगातार नजर आ रही है। क्योंकि फतेहपुर जनपद ग्रीन जोन में जिसको लेकर बड़े अधिकारियों ने निर्देश दिए थे की सीमेंट सरिया मोबाइल रिचार्ज तथा रिपेयरिंग एसी व पंखा रिपेयरिंग तथा स्टेशनरी की दुकानें खुलेंगे जिसके चलते गुरुवार की सुबह 10:00 बजे से किराना और शराब की दुकानों के अलावा स्टेशनरी पंखा बायसी रिपेयरिंग मोबाइल रिचार्ज हुआ रिपेयरिंग की दुकानें खुली। किराना की दुकानों के अलावा कुछ अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकान खोले जाने के कारण अन्य दिनों की अपेक्षा थोड़ा भीड़ देखने को मिली हालांकि पुलिस बल मौजूद रहा लोगों को बेवजह घूमने पर रोका गया उन्हें वापस भी किया गया बैर केटिंग भी पूर्वतलगी दिखाई दी लोगों को लगातार हिदायत दी जा रही है कि कोरोनावायरस से बचाव के लिए घरों में रहें मास्क लगाकर निकले कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी पुलिस और प्रशासन ने यदि नगर पालिका परिषद के वाहन द्वारा भी बराबर एनाउंस किया जाता रहा।


बदमाशों के बीच मुठभेड़, 2 घायल

अतुुल त्यागी 


स्लग - सूर्य उगने के साथ ही- दहला सिंभावली क्षेत्र -गोलियों की तड़ तड़ हॉट से -एसओजी टीम वह बदमाशों के बीच मुठभेड़- गोली लगने से दो बदमाश हुए घायल


हापुड़। सूर्य उगते ही धहला जनपद हापुड़ गोलियों की तड़तड़ाहट से आपको बता दें कि हापुड़ जनपद के सिम्भावली थाना एम के त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र में अब से तकरीबन 3 महीने पहले सिंभावली क्षेत्र के अंदर हुई थी ढाई लाख रुपए की खुली लूट तमंचे के बल पर जिसके अंदर सिंभावली पुलिस केस खोलने के अंदर हो रही थी फैल , मगर आज सुबह सूर्य उगने के साथ ही दहला हापुड़ गोलियों की तड़ तड़ आहट से बदमाशों की गोली से बाल-बाल बचे सर्विलांस प्रभारी राहुल चौधरी व वे सिंभावली पुलिस दोनों टीमों को मिलाकर मिली बड़ी सफलता -दो बदमाशों को लगी पुलिस की गोली दोनों घायल बदमाश अस्पताल में कराया भर्ती दोनों बदमाश 3 मैंने पहली ढाई लाख की लूट के अंदर थे शामिल सिंभावली क्षेत्र के अंदर मुठभेड़ हुई।


मां-बाप और बेटी की गला रेत की हत्या

माण्डा में मां-बाप और बेटी की गला रेतकर निर्मम हत्या।


प्रयागराज। माण्डा थाना क्षेत्र के आंधी गांव में बीती देर रात एक ही परिवार के तीन सदस्यों पिता, पुत्री और पत्नी की गला रेतकर निर्ममतापूर्वक हत्याकर कर दिये जाने की खबर से जहां पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है तो वहीं गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार आंधी निवासी नंदलाल यादव, पत्नी छबीला देवी और उनकी पुत्री राजदुलारी की बीती रात अज्ञात बदमाशों ने बेरहमी से धारदार हथियार से तीनों का गला रेतकर हत्या कर दी।कमरे में रखा लोहे का बाक्सों की कुंडी टूटी व खुली हुई है। कमरे में ही सामान बिखरी पड़े हैं।आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुबह से एसपी जमुनापार  भारी पुलिस फोर्स व फिल्ड युनिट के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गये हैं। समाचार लिखे जाने तक हत्या के कारणों को पुलिस खंगालने में जुटी हुई है।


गाजियाबाद सांसद की टूटी कुंभकरणी नींद

गाज़ियाबाद के यशश्वी सांसद वी के सिंह का हार्दिक धन्यवाद


अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। महामारी के प्रकोप का दंश झेल रहा है संपूर्ण विश्व। ऐसी परिस्थिति में सभी जनमानस जनकल्याण की भावना से जनकल्याण की सुरक्षा के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित एवं कार्यरत है। ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय सांसद नदारद थे या किसी कार्य में बहुत अधिक व्यस्त थे। अब लगता है कि उनकी व्यस्तता टूट गई है और वह कुंभकरणी नींद से जाग गए हैं।


लोनी विधानसभा क्षेत्र स्थित बंथला ग्राम सभा क्षेत्र की राम विहार, प्रवेश विहार ,श्री राम कालोनी ,महल कालोनी ,ज्योति कालोनी ,निर्मला कुञ्ज समेत जरूरतमंद लोगो के 469 नए राशन कार्ड बनाये गए। जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में ख़ुशी की लहर हैं। और सभी ने गाज़ियाबाद के यशश्वी सांसद और केन्द्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार वीं के सिंह जी और उपजिला अधिकारी लोनी प्रशाशन का धन्यवाद ज्ञापित किया। महामारी के समय में राशन कार्ड बनने से लोगो में उत्साह साफ दिखाई दिया। इस अवसर पर भाजपा नेता विजेन्द्र त्यागी ,अश्वनी चौधरी उर्फ़ काले प्रधान समेत अनेको सम्मानित लोग उपस्थित रहे।


भ्रमण कर, विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लिया

कोविड-19 के मद्देनजर डीएम व एसएसपी द्वारा किया गया जनपद के विभिन्न क्षेत्रों/बाॅर्डर एरिया/ हाॅटस्पाट केन्द्रों का निरीक्षण


अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन के सफल क्रियान्वयन हेतु श्रीमान जिलाधिकारी महोदय व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री कलानिधि नैथानी द्वारा जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों, नोएडा/ दिल्ली बार्डर एरिया, विभिन्न हाॅटस्पाट में भ्रमण कर लाॅकडाउन की स्थिति का जायजा लिया गया। 


विभिन्न  थाना क्षेत्रों में हाॅटस्पाट  जाकर स्थिति का जायजा लिया गया, बाहर मौजूद मिले लोगों से  सोशल डिस्टेंसिंग* का विशेष ध्यान रखने, मास्क आवश्यक रूप से लगाने  तथा ग्लब्स यूज़ करने हेतु  बताया गया तथा लाॅकडाउन में उनको हो रही परेशानियों के बारे में भी जानकारी की गई। एसएसपी द्वारा सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी व पुलिसकर्मियों को जनपद के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर फ्लैग मार्च / पैदल मार्च करने,  किसी भी दशा में अनावश्यक रूप से पैदल चलने वाले व्यक्तियों तथा पैदल रिक्शा/ साइकिल पर चलने वाले व्यक्तियों  की आवाजाही पर रोक लगाने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।


जरूरतमंदों तक पहुंचाई खाद सामग्री

 अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर व लोनी एसडीएम खालिद अंजुम के अथक प्रयासों से लोनी विधानसभा के अंदर उन गरीब परिवारों को जिनके राशन कार्ड नहीं है व किराए पर लोग रह रहे हैं। राशन किट उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। आज इसी क्रम में वार्ड नंबर 6 बेहटा हाजीपुर में 400 से अधिक गरीब परिवारों को राशन किट वितरित की गई। विधायक व एसडीएम महोदय द्वारा गरीब परिवारों को राशन वितरण कार्य का शुभारंभ किया गया। लॉक डाउन के कठिन कार्यकाल में इन प्रयासों से गरीब जनता को काफी राहत मिलेगी राशन वितरण प्रोग्राम में भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री अलीमुद्दीन अंसारी जी उस्मान खान, राशिद मलिक, सभासद पति सुनील प्रधान जी डॉक्टर आलम मुर्तजा मलिक व वार्ड के अन्य जिम्मेदार लोग उपस्थित रहे हम माननीय विधायक जी व एसडीएम खालिद अंजुम साहब के इन प्रयासों की सराहना करते हुए उनका शुक्रिया अदा करते हैं।


पीएम नरेन्द्र मोदी का देश को संबोधन

पीएम मोदी का संबोधन


पीएमओ ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह बुद्ध पूर्णिमा समारोह के अवसर पर लोगों को संबोधित करेंगे। पीएम का यह संबोधन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगा। यह वर्चुअल कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संघ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह आयोजन पीड़ितों और कोरोना से जंग में के फ्रंटलाइन योद्धाओं के सम्मान के लिए आयोजित किया जा रहा है।


महाराष्ट्र में खोले गये डिफेंस और रेलवे अस्पतालः महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए मुंबई में डिफेंस एंड रेलवे अस्पतालों के ICU का उपयोग करने के महाराष्ट्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही निर्देश दिया कि ये ICU बेड अंतिम विकल्प के रूप में उपयोग किया जायेगा। मुंबई में 7000 से अधिक केस अब तक सामने आ चुके हैं।


चंद्र- सूर्य ग्रहण दोनों होगें एक साथ

नई दिल्ली। हिंदू धर्म के अनुसार ग्रहण लगना एक घटना मानी जाती है, जिसका अपना ज्योतिषीय महत्व भी है। इस साल 2020 में कुल 6 ग्रहण लग रहे हैं, जिनमें से एक ग्रहण 10 जनवरी को लग चुका है, जो एक चंद्रग्रहण था और अब दूसरा ग्रहण 5 जून को लगेगा। पांच जून को जो ग्रहण लगेगा वो भी चंद्रग्रहण होगा। साल जून महीने में ही चंद्र और सूर्य दोनों ही ग्रहण लग रहा है। सूर्य ग्रहण साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा, जहां विज्ञान की दृष्टि में ग्रहण का अपना अलग महत्व बताया गया है, उसी तरह ज्योतिष के अनुसार भी ग्रहण का एक अलग ही महत्व हैं। ग्रहण का असर सभी लोगों पर पड़ता है।


चन्द्र ग्रहण क्या होता हैः चन्द्रग्रहण उस घटना को कहते हैं जब चन्द्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की पूर्ण या आंशिक छाया चांद पर पड़ती है। इससे चांद बिंब काला पड़ जाता हैं। सूर्यग्रहण को नंगी आंखों से देखने पर नुकसान पहुंच सकता है, लेकिन चन्द्र ग्रहण को नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है। इसे देखने के लिए किसी तरह के चश्मे की जरुरत नहीं पड़ती।


क्या होता है उपछाया चंद्र ग्रहणः ग्रहण लगने से पहले चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया में प्रवेश करती है, जिसे चंद्र मालिन्य कहते हैं, इसके बाद चांद पृथ्वी की वास्तविक छाया भूभा (Umbra) में प्रवेश करता है। जब ऐसा होता है तब वास्तविक ग्रहण होता है, लेकिन कई बार चंद्रमा उपछाया में प्रवेश करके उपछाया शंकु से ही बाहर निकल कर आ जाता है और भूभा में प्रवेश नहीं करता है, इसलिए उपछाया के समय चंद्रमा का बिंब केवल धुंधला पड़ता है, काला नहीं होता है। इस धुंधलापन को सामान्य रूप से देखा भी नहीं जा सकता है। इसलिए चंद्र मालिन्य मात्र होने की वजह से ही इसे उपछाया चंद्र ग्रहण कहते हैं ना कि चंद्र ग्रहण।


जर्मनी में 7,000 लोगों की जानें गई

बर्लिन। जर्मनी के पड़ोसी देशों इटली और फ्रांस में कोरोना ने बड़ा कहर बरपाया। लेकिन जर्मनी ने इस महामारी के असर को कम कर दिया है। जर्मनी के 80 प्रतिशत कोरोना वायरस के मरीज ठीक हो चुके हैं। यहां करीब 7,000 लोगों की जान गई है।


जर्मनी में कोरोना वायरस का पहला मरीज म्यूनिख शहर के बाहरी इलाके में मिला था. इस मरीज के सामने आने पर सरकार ने जो कदम उठाए वो पूरे देश में आए 1 लाख 60 हजार से ज्यादा पॉजिटिव मामलों के लिए एक मानक प्रक्रिया बन गई। टेस्ट, आइसोलेट और ट्रेस यानी जांच, मरीज को अलग करना और उसके संपर्कों की जांच करना। इस विकेंद्रीकृत लेकिन व्यापक तरीके से जर्मनी ने अपने यहां मृत्युदर को इतना कम रखने में सफलता पाई. इसके लिए जर्मनी की अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तारीफ हो रही है। जर्मनी के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के प्रकोप के दौरान किसी भी समय जर्मनी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर जरूरत से ज्यादा बोझ नहीं आया। इसके लिए जर्मनी ने खास रणनीति से काम किया जो काम आई। पहले मामले के सामने आने के दो दिन बाद 29 जनवरी को जर्मन स्वास्थ्य मंत्री जेंस स्पान ने कहा था,"हम अलर्ट पर हैं और एकदम तैयार हैं। हम लगातार यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ-साथ अपने राज्यों के भी लगातार संपर्क में हैं। एक नए तरह का नॉर्मलः फरवरी में धीरे-धीरे जिंदगी बदलने लगी। तब तक अधिकतर संक्रमित मामले विदेशों से लौटकर आ रहे लोगों में ही सामने आ रहे थे। यहां पर चीन की तरह लॉकडाउन करना अकल्पनीय लग रहा था। विशेषज्ञों का मानना था कि एक लोकतंत्र में इस तरह के कदम उठाना मुश्किल होगा।बिजनेस और सीमाओं को खुला रखा गया। फरवरी के मध्य में बर्लिन में अंतरराष्ट्रीय बर्लिन फिल्म महोत्सव हुआ जहां पर दूसरे देशों से बड़ी संख्या में लोग आए। वहां पर सैकड़ों फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई और कई पार्टियां भी चलीं।


रॉबर्ट कॉख इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ ने तब कहा कि जर्मनी के लिए खतरे का स्तर कम है। संस्थान के निदेश लोथर विलेर ने 24 फरवरी को कहा था कि कोरोना वायरस जर्मनी में आएगा लेकिन यहां इसका विस्फोट नहीं होगा बल्कि ये धीरे-धीरे फैलेगा और कुछ इलाकों तक ही सीमित रहेगा। लेकिन मार्च के आते ही यह बदलने लगा। रॉबर्ट कॉख इंस्टीट्यूट ने खतरे के स्तर को कम से बढ़ाकर मध्यम कर दिया। इसके बाद कई सारे बड़े आयोजनों को रद्द करना शुरू किया गया। सबसे पहले बर्लिन इंटरनेशनल ट्रेवल ट्रेड शो को रद्द किया गया।


बर्लिन के शेरिटे टीचिंग हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्साः अधिकारी उलरिष फ्रेई ने बताया कि बर्लिन का पहला कोरोना वायरस का मामला इत्तेफाक से पहचान में आया।इस विश्व प्रसिद्ध अस्पताल ने दुनिया में सबसे पहले कोरोना वायरस का डायग्नोस्टिक टेस्ट विकसित किया। इसके बाद तय किया गया कि हर फ्लू जैसे लक्षण वाले वयक्ति का टेस्ट किया जाएगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो शायद यहां पर भी इटली जैसा हाल हो सकता था जहां हजारों लोगों की मौत हो गई। इतनी सावधानी के बावजूद इस अस्पताल को अपनी आपातकालीन सुविधा को बंद करना पड़ा और अपने स्टाफ के कई लोगों को सावधानी के तौर पर घर भेज दिया।


मैर्केल बोलीं और सब सतर्क हो गएः 11 मार्च को जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने कोरोना वायरस के मामले पर अपनी बात रखी। 11 मार्च को ही डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 को एक वैश्विक महामारी घोषित किया था।मैर्केल ने कहा कि जर्मनी की 60 से 70 प्रतिशत आबादी कोरोना वायरस की चपेट में आ सकती है। यह कोई मनमाना आंकड़ा नहीं था। बॉन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ने अपनी रिसर्च में ये आंकड़ा दिया था। इस रिसर्च में कहा गया कि कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा आधिकारिक संख्या से 10 गुना ज्यादा हो सकता है। हालांकि यह सुनने में थोड़ा अजीब था। इस आंकड़े के लिए मैर्केल की आलोचना भी हुई। हालांकि कई लोगों ने उनकी स्पष्टवादिता के लिए उनकी तारीफ की। इसके बाद धीरे-धीरे चीजें बदलनी शुरू हो गईं. स्कूल और सीमाएं बंद कर दी गईं। सामान्य जनजीवन असाधारण रूप से धीमा होने लगा। मैर्केल ने 18 मार्च को देश के नाम संबोधन दिया। ये सामान्य बात नहीं थी क्योंकि मैर्केल इस तरह देश के संबोधन नहीं देती हैं। उन्होंने इस महामारी को दूसरे विश्वयुद्ध के बाद की सबसे बड़ी चुनौती बताया. अत्याचार और उथल-पुथल के इतिहास वाले देश में ये बात बड़ी महत्वपूर्ण थी। इसका मकसद लोगों के बीच डर पैदा करने की बजाय सोशल डिस्टैंसिंग के नियमों का पालन करने की अपील थी। जर्मन सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों के बाद आए ओपिनियन पोल में उनकी रेटिंग बढ़ने लगी। पिछले कुछ महीनों से मैर्केल और उनकी पार्टी की लोकप्रियता में लगातार कमी आ रही थी। लेकिन अब नए ओपिनियन पोल में मैर्केल की लोकप्रियता 80 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई।जर्मनी के बाहर के कई विश्लेषकों ने भी मैर्केल की प्रशंसा की। उन्होंने मैर्केल को जर्मनी की 'सांइटिस्ट इन चीफ' कहा। उनका मानना था कि जर्मनी ने राजनीतिक तौर भी गलत कदम नहीं उठाए और भरोसे की कमी नहीं आने दी जैसा अमेरिका और ब्रिटेन में हुआ। वहां पर मौत की दर जर्मनी से चार गुना है।


हालांकि कई लोग कम आशावादी रहे हैं। वो जर्मनी की सफलता को अच्छी किस्मत और ठीक समय पर उठाए गए कदमों का परिणाम बताती है। हालांकि बाद में मौत की दर थोड़ी बढ़ी क्योंकि यह वायरस कुछ नर्सिंग होम में फैल गया। कुल मौतों में से लगभग हर तीसरी मौत इन नर्सिंग होम में हुई है। रॉबर्ट कोच संस्थान के मुताबिक 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में मौत की दर 87 प्रतिशत से अधिक है लेकिन इनमें मिले मामलों की संख्या महज 19 प्रतिशत है।


जर्मन स्वास्थ्य मंत्री येंस श्पान बार बार कहते रहे हैं कि हम विनम्र हैं लेकिन अतिआत्मविश्वासी नहीं हैं। हांलांकि वो जर्मनी में बड़े पैमाने पर हुई टेस्टिंग के बारे में भी बताते हैं।टेस्टिंग बड़े पैमाने पर हुई है लेकिन ये इतनी आक्रामक नहीं है जितनी प्रथमदृष्टया दिखाई देती है। जर्मनी ने प्रति व्यक्ति इटली के लगभग बराबर ही टेस्ट किए हैं। जर्मनी ने अपनी क्षमता से आधे ही टेस्ट हर सप्ताह किए हैं। जर्मनी की प्रयोगशालाओं का कहना है कि वे अपनी टेस्टिंग की क्षमता हर सप्ताह 8,60,000 तक करने जा रहे हैं। हालांकि रॉबर्ट कॉख इंस्टीट्यूट का मानना है कि जर्मनी की क्षमता 10 लाख प्रति सप्ताह होनी चाहिए।


अभी भी सांस अटकी हुई हैः इस महामारी को रोकने के लिए लगाई गई पाबंदियां अलग-अलग समय पर कई दिनों में लागू की गईं। इस बीमारी को फैलने के लिए यह पर्याप्त समय था। इनको लागू भी अलग-अलग तरीके से किया क्योंकि जर्मनी के संवैधानिक ढांचे की वजह एक साथ इन सभी निर्देशों को सभी 16 राज्यों पर लागू करना आसान भी नहीं था।


जर्मनी में अप्रैल का महीना अधिकतर लोगों का घर में बैठकर ही बीता है। अब इन पाबंदियों को एक-एक कर हटाया जा रहा है। सभी राज्यों ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाना जरूरी कर दिया है। कई राज्य और भी फैसले ले रहे हैं। कई जगह पर दुकान के आकार के हिसाब से दुकान खोलने की अनुमति दी है। हालांकि अदालत ने इस अनुमति को भेदभावपूर्ण बताया है। जर्मनी के प्रमुख वायरलोजिस्ट क्रिश्टियान ड्रोस्टेन ने गार्डियन से कहा, "जर्मनी को फिर से खोलने की योजना की अलग-अलग व्याख्याएं की जा सकती हैं। हमें चिंता है कि कहीं इससे वायरस के फिर से फैलने की दर ना बढ़ जाए और हमें कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना ना करना पड़ जाए।


जर्मनी में संक्रमण फैलने की दर अभी एक के नीचे हैं।संक्रमण की दर से ही पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से फैलता है। ड्रोस्टेन जैसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ चाहते हैं कि ये इसके भी कम हो जाए। जर्मनी फिर से सामान्य हालात की ओर बढ़ तो रहा है लेकिन अभी भी लोगों की सांसें अटकी हुई हैं क्योंकि किसी को नहीं पता कि आगे क्या होगा।


अमेरिका में स्मार्टफोन की बिक्री घटी

अमेरिका में पहली तिमाही में स्मार्टफोन की बिक्री 21 फीसदी घटी


वाशिंगटन। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद दुकानें बंद होने और लोगों के उनके घरों तक ही सीमित रहने के कारण अमेरिका में 2020 की पहली तिमाही के दौरान स्मार्टफोन की बिक्री में 21 फीसदी की कमी आई है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई हैं। इस अवधि के दौरान साल दर साल होने वाली बिक्री को देखें तो एप्पल ने केवल 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, जबकि अधिकांश अन्य निमार्ताओं की बिक्री में अधिक गिरावट आई है।


अनुसंधान विश्लेषक मौरिस कालेहने ने एक बयान में कहा है कि सैमसंग ने इस दौरान 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की है।उन्होंने कहा कि गैलेक्सी ए-सीरीज सैमसंग के लिए बेहतर बनी रही है और गैलेक्सी एस-20 सीरीज की कोविड-19 के बाद लागू हुए बंद के कारण कमजोर शुरुआत रही। हालांकि वनप्लस ने इस तिमाही में सालाना आधार पर दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।


अमेरिका में 2, 528 पीड़ितों की मौत

वाशिंगटन। अमेरिका में कोरोना की आफत थम नहीं रही है। कोविड-19 से यहां हर दिन औसतन 2000 लोगों की मौतें हो रही हैं।बुधवार को 25,459 नए केस सामने आए और 2,528 कोरोना पीड़ितों की मौत हो गई। पूरी दुनिया के करीब एक तिहाई कोरोना मरीज अमेरिका में ही हैं। यहां करीब 13 लाख लोग कोरोना से प्रभावित हो चुके हैं। न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, कैलिफॉर्निया में सबसे ज्यादा मामले देखने को मिल रहे है।


अमेरिका में अबतक 74,799 लोगों की मौतः वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, अमेरिका में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या गुरुवार सुबह तक बढ़कर 12 लाख 63 हजार 092 हो गई. वहीं कुल 74,799 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि दो लाख 12 हजार लोग ठीक भी हुए हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में सबसे ज्यादा 333,491 केस सामने आए हैं। सिर्फ न्यूयॉर्क में ही 25,956 लोग मारे गए हैं। इसके बाद न्यू जर्सी में 133,059 कोरोना मरीजों में से 8,572 लोगों की मौत हुई. इसके अलावा मैसाचुसेट्स, इलिनॉयस भी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।


चीन में मरीजों की संख्या-967 हुई

चीन में संक्रमण के 22 नए मामले


सिंगापुर/ बीजिंग। चीन में संक्रमण के 22 नए मामले सामने आए हैं। इसमें 20 वह मरीज भी शामिल हैं, जिनमें फिलहाल लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस तरह देश में ऐसे मरीजों की संख्या 967 हो गई है। नेशनल हेल्थ कमीशन के मुताबिक, घरेलू संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। शांक्सी प्रांत में विदेश से आए दो लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। मंगलवार को भी देश में संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई।


सिंगापुर में संक्रमण के 788 नए मामलेः पिछले चौबीस घंटे के दौरान सिंगापुर में संक्रमण के 788 नए मामले सामने आए। इस तरह देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 20,198 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अधिकांश संक्रमित मामले विदेशी कामगारों की डॉरमिट्री से संबंधित हैं। केवल 11 मरीज ऐसे हैं, जो सिंगापुर के नागरिक हैं।


तेजस्वी क्लास अटेंड करें, गणित सीखें

पटना। बिहार में कोरोना संक्रमण से प्रभावित लोगों के लिए चलाए जा रहे राहत के बीच सियासी तकरार के बीच जेडीयू ने तेजस्वी यादव को बड़ा ऑफर दिया है। ऑफर भी ऐसा जिसे सुन कोई भी थोड़ी देर के लिए हैरत में पड़ जाए। दरअसल जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने तेजस्वी यादव से आग्रह किया है कि वे बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही ऑनलाइन स्टडी क्लास ज्वाइन कर लें जिससे उनका गणित ठीक हो जाएगा।


जेडीयू प्रवक्ता ने कही ये बात


जेडीयू प्रवक्ता ने कहा, तेजस्वी यादव जी, आपकी पढ़ाई को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। आपने अभी तक मैट्रिक की परीक्षा भी पास नहीं की है। आप बिहार के नेता प्रतिपक्ष हैं इसलिए आपका शिक्षित होना बेहद ज़रूरी है। तभी तो आप सही आंकड़े और तथ्य के साथ सत्तापक्ष पर आरोप लगा सकते हैं।


उन्होंने आगे कहा, तेजस्वी जी, कभी आप बिहार के बाहर रहने वाले मजदूरों के आंकड़े गलत देते हैं तो कभी ट्रेनों की संख्या गलत देते हैं। आपकी गणित काफी कमजोर है। आप जैसे लोगों के लिए ही हमारी सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की है. किताब भी अपलोड कर दिया गया है। आप तो लॉकडाउन में घर पर आराम कर रहे हैं। इसका फायदा उठाते हुए मैट्रिक की पढ़ाई पूरी कर लें।


तेजस्वी के दिए आंकड़ों पर उठे थे सवाल


बता दें कि तेजस्वी यादव को ये ऑफ़र जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने तब भेजा है जब तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर ये कह के हमला बोला है की देश में ट्रेनों की संख्या ज़्यादा हैं तो ज़्यादा से ज़्यादा ट्रेन चला कर अप्रवासी बिहारी मजदूरों को बिहार लाया जाए। इसमें तेजस्वी यादव में ट्रेनो का जो आंकड़ा दिया है उसी पर निखिल मंडल ने सवाल उठाते हुए चुटकी लेते हमला बोला है।


दरअसल तेजस्वी यादव ने ट्रेनों की संख्या 12000 बताई है जबकि निखिल मंडल ने रेलवे का आंकड़ा देकर कहा कि ट्रेनों की संख्या 20000 के आसपास है। इसके पहले भी तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर बिहारी कामगारों का जो आंकड़ा पेश किया था उसमें चार तरह के आंकड़े दिए गए थे। इस पर भी जेडीयू ने पलटवार किया था।


आरजेडी ने जेडीयू पर किया पलटवार


बहरहाल जेडीयू के ऑफर पर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा, नीतीश जी इंजीनियर हैं। सुशील मोदी जी के साथ साथ बिहार सरकार के कई मंत्री भी काफी पढ़े- लिखे हैं। लेकिन, इन सब के बावजूद बिहार की जनता का ना तो दर्द समझ पा रहे हैं और ना ही बिहार का विकास. हमारे तेजस्वी जी जनता के दिल की पढ़ाई करते हैं। जेडीयू नेताओं जैसे स्वार्थ की पढ़ाई नहीं।


अभी चलता रहेगा सियासी वार-पलटवार


उन्होंने कहा कि तेजस्वी जी के उठाए सवाल का कोई जवाब नहीं मिल रहा है तो जेडीयू और बीजेपी के नेताओ को तो बात को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, बिहार की जनता सब देख रही है. बहरहाल कोरोंना संक्रमण के बीच भी बिहार में सियासी तापमान लगातार गर्म होता जा रहा है और ऐसी बयानबाजियों का सिलसिला अभी लंबा चलने वाला है।


एक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या

बृजेश केसरवानी


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया है। मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। जैसे ही गुरुवार सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, गांव में सनसनी फैल गई। वहीं एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से गांव में दहशत का माहौल है। फिलहाल सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


पुलिस के मुताबित, जिले के मांडा थाना क्षेत्र के आंधी गांव निवासी नंदलाल यादव के घर में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात यह हत्या हुई है। मरने वालों में घर के मुखिया नंदलाल यादव, छबीला देवी और राज दुलारी शामिल हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की टीम की मदद से घटनास्थल की जांच कर रही है।


426 डॉक्टरों को किया बर्खास्त

लंबे समय से गायब चल रहे 426 डॉक्टरों को सरकार ने किया बर्खास्त, जल्द होगी 647 की भर्ती


नई दिल्ली। सरकार ने लंबे समय से गायब चल रहे 426 डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया है। बुधवार को स्वास्थ्य सचिव की ओर से इसके आदेश किए गए। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बुधवार को सचिवालय में बताया कि लोक सेवा चयन आयोग से चयन के बाद राज्य के 385 डॉक्टरों ने ज्वाइन ही नहीं किया। वर्ष 2010 से 2016 के बीच आयोग की ओर से इन डॉक्टरों का चयन किया गया था। लेकिन शासन की ओर से नियुक्ति देने के बाद ये डॉक्टर एक दिन भी तैनाती स्थल पर नहीं पहुंचे। इसके अलावा 41 ऐसे डॉक्टरों को भी बर्खास्त किया गया है जिन्होंने आयोग से चयन के बाद एक बार ज्वाइनिंग तो दी लेकिन फिर गायब हो गए। मुख्य सचिव ने बताया कि इन सभी डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है। इससे राज्य में नए डॉक्टरों की भर्ती का रास्ता साफ होगा और राज्य में खाली चल रहे डॉक्टरों के सभी पदों को भरा जा सकेगा।


647 डॉक्टरों की भर्ती जल्द


मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि 426 डॉक्टरों को बर्खास्त करने के साथ सरकार ने 647 डॉक्टरों की भर्ती करने का निर्णय लिया है। इसमें से 467 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव जल्द उत्तराखंड चिकित्सा चयन बोर्ड को भेजा जाएगा। इसके साथ ही सरकार 180 डॉक्टरों के पदों को पुनर्जीवित करने जा रही है। इस तरह कुल मिलाकर राज्य में 647 पदों पर नए डॉक्टरों की तैनाती हो सकेगी।


एक थाने के 26 पुलिसकर्मी संक्रमित

मुंबई। महाराष्ट्र में एक ही पुलिस थाने के 12 पुलिस अधिकारियों समेत 26 पुलिसकर्मी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि 12 अधिकारियों समेत ये पुलिसकर्मी दक्षिण मुंबई के जे जे मार्ग पुलिस थाने में तैनात हैं। इन संक्रमित पुलिसकर्मियों के संपर्क में आने वाले सभी कर्मचारियों को आइसोलेशन में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि इतने सारे संक्रमण के मामलों को देखते हुए लगता है कि जे जे मार्ग पुलिस थाना शहर में संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित थाना है।


अब तक मुंबई में अधिकारियों समेत कुल 233 पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं जिनमें से 3 पुलिसकर्मियों की संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। उधर पूर्वी मुंबई के कुर्ला में बुधवार को दो पुलिस कांस्टेबल कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि कुर्ला पुलिस थाने के इन कांस्टेबलों की जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई और उन दोनों को आइसोलेशन में रखा गया है। उन्होंने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों की उम्र 40-50 वर्ष के करीब है और उनमें से एक ऐरोली में रहता है, जबकि दूसरा नेहरू नगर की पुलिस कॉलोनी में रहता है।


मुंबई में बढ़ रही संक्रमितों की संख्या


मुंबई में बुधवार को संक्रमितों की संख्या 10 हजार के पार पहुंच गई। यहां 24 घंटे में 769 नए केस सामने आए जिसके बाद शहर में संक्रमितों की संख्या 10,567 हो गई। मुंबई में एक दिन में 25 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद कोविड-19 से दम तोड़ने वालों की संख्या 412 हो गई। एक दिन में 159 लोगों के ठीक होने के बाद कोरोना वायरस से मुक्त होने वालों का आंकड़ा 2287 बढ़कर ठीक हो गया है। शहर में बुधवार को 443 कोरोना संदिग्धों को भर्ती किया गया है।


राज्य में संक्रमितों की संख्या 17 हजार के करीब


पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में कोविड-19 के एक दिन में सबसे अधिक 1,233 नये मामले सामने आए जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 16,758 हो गए. राज्य में 34 मौतें होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 651 हो गई।


प्रेमी की हत्या कर, किया समर्पण

शादी से इंकार करने पर नाबालिग प्रेमिका ने प्रेमी की हत्या कर थाने में किया सरेंडर


कविता गर्ग


रांची। झारखंड की राजधानी रांची में एक लव स्टोरी, हेट स्टोरी बनकर सामने आई। नाबालिग प्रेमिका ने अपने ही प्रेमी की पहले हत्या की और फिर थाने पहुंचकर पुलिस के सामने अपराध कबूल कर सरेंडर कर दिया। दो साल के प्यार के बाद प्रेमी शादी से इनकार कर रहा था, इसलिए प्रेमिका ने यह खौफनाक रास्ता अपनाया. घटना बेड़ो थानाक्षेत्र की है।


जानकारी के मुताबिक, शादी से इनकार की बातकर सुनकर नाबालिग प्रेमिका के सिर पर ऐसा खून सवार हुआ कि उसने प्रेमी की हत्या कर दी। महज 2 साल के प्रेम में 16 साल की नाबालिग युवती को प्रेमी के लिए कदर गुस्सा फूटा कि वह प्रेमी के लिए विलेन बन गई। आरोपी प्रेमिका ने प्रेमी के सिर पर रॉड से इतना जोर से प्रहार किया कि प्रेमी की मौके पर मौत हो गई। हत्या के बाद नाबालिग युवती बेखौफ थाने पहुंची और हत्या करने की बात स्वीकार कर पुलिस को पूरी कहानी बताई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


एक महीना पहले युवक से हुई थी मारपीट


बेड़ो थानाक्षेत्र के टेरो चटकपुर गांव में सचिन गोप नामक 22 वर्षीय युवक के साथ नाबालिग का पिछले दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, लेकिन युवक शादी से इनकार कर रहा था। इसी वजह से प्रेमिका ने गुस्से में आकर इस घटना को अंजाम दिया। युवक का शव गांव के ही एक पुराने मकान में मिला। घटना से गांव के लोग भी सकते में हैं. जानकारी के मुताबिक, युवती के परिजनों ने करीब महीनेभर पहले युवक के साथ मारपीट भी की थी। उस मामले में युवक के पिता ने प्रेमिका सहित उसके घरवालों को पर बेड़ो थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।


स्टेप बाय स्टेप हटाया जाए लॉक डाउन

जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) प्रमुख ने दुनिया के देशों का आगह कर कहा है कि यदि लॉकडाउन को सही तरीके से नहीं हटाया गया, तो इससे मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 


डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अधनोम घेब्रेयसस ने चेताते हुए कहा कि अधिकतर देश कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर अपने यहां लागू तथाकथित लॉकडाउन प्रतिबंधों को कम करने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें चाहिए कि वे लॉकडाउन से बाहर निकलने के उपाय बेहद सावधानी से करें। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बुधवार को जिनेवा में हुई एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके हवाले से कहा, "यदि देशों द्वारा संक्रमण का प्रबंधन बेहद सावधानी और चरणबद्ध तरीके से नहीं किया गया, तो ऐसी स्थिति में लॉकडाउन में पुन: लौटने का जोखिम वास्तविक रूप से बना हुआ है।"


डब्ल्यूएचओ ने छह मापदंडों पर विचार करने के लिए सभी देशों से सिफारिश की है, जिन्हें उन्होंने दोहराया। सख्त निगरानी, आइसोलेशन, प्रत्येक मामले में टेस्टिंग कर उपचार करना, हर संपर्क को ट्रेस करना, वर्कप्लेस व स्कूलों में पर्याप्त निवारक उपाय अपनाना और पोस्ट लॉकडाउन के नए मानदंड पर जनता का पूर्ण सहयोग प्राप्त करना इसमें शामिल है। विश्व स्वास्थ संगठन प्रमुख ने कहा कि डब्ल्यूएचओ को मिली रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 2 लाख 50 हजार लोगों की मौत सहित कोविड-19 संक्रमण के अब तक 35 लाख से अधिक मामले देखने को मिले हैं।


उन्होंने कहा कि अप्रैल माह की शुरुआत के बाद से प्रत्येक दिन औसतन 80 हजार के लगभग मामले आ रहे हैं। ट्रेडोस ने कहा, "ये सिर्फ संख्या नहीं हैं.. हर एक मामले में एक मां-बाप, बेटा-बेटी, भाई-बहन या दोस्त शामिल हैं।"


संक्रमण से मुक्त, पहला संक्रमित राज्य

अनिल सिन्हा 
नई दिल्ली। आज तीसरा दिन है। केरल में एक भी नया कोरोना केस नहीं आया। वहां 502 मरीज मिले थे। तीस को छोड़कर सभी ठीक होकर घर जा चुके हैं। चार लोगों की मौत हो गयी। केरल में 30 जनवरी को पहला केस आया था। उसके बाद वहां की सरकार सक्रिय हो गयी। 12 मार्च को ही आंशिक लॉकडाउन शुरू कर दिया गया और फिर पूरा लॉकडाउन। मुख्यमंत्री विजयन रोज प्रेस कांफ्रेंस करते हैं। लूडो नहीं खेलते हैं और टीवी सीरियल नहीं देखते हैं! स्वास्थ्य मंत्री शैलजा ने रात-दिन एक कर रखा है। राज्य सरकार बीपीएल और एपीएल सभी को राशन दे रही है। सैंकड़ों सामुदायिक भोजनालय चल रहे हैं। घर में जो राशन किट भेजा जा रहा है-उसमें 17 चीजें हैं, सिर्फ चावल दाल नहीं। प्रवासी मजदूरों की हालत भी जान लें।


उन्हें गेस्ट वर्कर्स का दर्जा पहले से मिला है। उनके लिए कैम्प्स बना दिए गए हैं जहाँ खाना-पीना और दवा का पूरा इंतजाम। हाँ, जो जाना चाहें, उनके जाने का इंतजाम भी कर रहे हैं। देश से बाहर के भारतीयों को 64 हवाई जहाज में वापस लाया जा रहा है। इसमें से 15 हवाई जहाज केरल में उतरने वाले हैं। उतरनेवालों को क्वॉरंटीन करने के लिए 3 लाख बेड का इंतजाम कर दिया गया है। मीडिया में पॉजिटिव ख़बरों के नाम पर आप फूलों की वर्षा और कोरोना गीत गाते सिपाही को देखते रहिए ; पूरा हिंदुस्तान अपनी ताकत से कोरोना से लड़ रहा है, लेकिन आप इससे अनजान रहेंगे!


 


स्पेनः 24 मई तक आपातकाल बढ़ाया

स्पेन ने 24 मई तक बढ़ाया आपातकाल


मैड्रिड। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कोरोना से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए देश में जारी आपातकाल को 24 मई तक बढ़ा दिया है। हालांकि, सरकार ने यह फैसला पहले ही ले लिया था। बुधवार को संसद में इस पर वोटिंग हुई। आपातकाल बढ़ाने के प्रस्ताव के पक्ष में 178 मत पड़े जबकि विरोध में 75। 97 सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। आपातकाल के चलते कोरोना से मरने वालों की संख्या बहुत हद तक काबू में आ गई है। इस महामारी के चरम पर रोजाना एक हजार से ज्यादा मौतें हो रही थी, जो बुधवार को घटकर 244 पर आ गई है। अब तक 25,857 की मौत हो चुकी है और 2,53,682 लोग संक्रमित हुए हैं।


मृतक -1785, संक्रमित-52,952

नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को कोरोना मरीजों की संख्या 52,952  करीब पहुंच गई। वहीं इस संक्रमण से अब तक 1785 मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटो में 3,159 मामले सामने आए हैं और 92 मरीजों की इस संक्रमण से मौत हुई हैं। देश में इस समय कुल 52559  कोरोना से संक्रमित मरीज हैं। इसमें से 35,517 एक्टिव मरीज़ हैं, यानी वो मरीज जिनका इलाज चल रहा है। वहीं, इस संक्रमण से लोग ठीक भी हो रहे हैं। अब तक 15,257 मरीज ठीक हुए हैं। यानी रिकवरी रेट 28.71% है। बुधवार तक भारत में 12,76,781 लोगों का कोविड-19 का टेस्ट हुआ, जिसमें से 3.86% मरीज यानी 49,391 लोग पॉजिटिव आए हैं। यानी भारत में साढ़े 12 लाख टेस्ट होने के बाद भी सिर्फ 3.86 फीसदी ही मरीज है, जोकि दुनिया के बाकी देश की तुलना में काफी बेहतर हैैंं। सबसे ज्यादा मरीज और मौत के आंकड़े महाराष्ट्र और गुजरात से आ रहे हैं।इसलिए आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की।बैठक में केंद्र से मदद का आश्वासन भी दिया. लोग सही समय पर अपनी तकलीफ रिपोर्ट करें, इसपर सरकार को जोर देने को कहा है।


ब्रिटेनः एक दिन में 649 लोगों की मौत 

ब्रिटेन में एक दिन में 649 की मौत 


लंदन। बुधवार को ब्रिटेन में और 649 लोगों की जान चली गई। ब्रिटेन में अब तक 30,076 लोगों की मौत हुई है जो यूरोप के किसी भी देश में कोरोना से हुई सबसे ज्यादा मौत है। ब्रिटेन के बाद इटली में 29,684 लोगों की मौत हुई है। पिछले चौबीस घंटे में इटली में 369 लोगों की जान गई है। संक्रमितों की संख्या भी बढ़कर दो लाख 14 हजार से अधिक हो गई है। फ्रांस में भी बुधवार को 278 लोगों की मौत हुई और मरने वालों का आंकड़ा 25,809 पर पहुंच गया।


अमेरिका में होंगी हजारों मौतेंः अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने खुलासा किया है कि न्यूयॉर्क को छोड़कर देश के जिन क्षेत्रों में लॉकडाउन से छूट दी जा रही है वहां कोरोना वायरस के मामलों की दर बढ़ रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि लॉकडाउन से छूट को नहीं रोका गया और संक्रमण की दर धीमी नहीं हुई तो आने वाले समय में हजारों लोगों की मौत हो सकती है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, अमेरिका में अब भी रोजाना बीस हजार से ज्यादा संक्रमित सामने आ रहे हैं जबकि एक हजार से ज्यादा मौतें हो रही हैं।


दुनियाभर में 2,62,376 लोगों की मौत

कोरोना वायरस (कोविड-19) से जूझ रहे देशों में संक्रमण से मौतों का स‍िलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दुनियाभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से 37 लाख 92 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं जबकि 2,62,376 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि 1,197,313 लोग संक्रमण से ठीक भी हुए हैं। यही नहीं समाचार एजेंसी रॉयटर की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में 90,000 स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारी कोरोना संक्रमण के शिकार हुए हैं। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज ICN) ने बताया है कि इस जानलेवा वायरस ने दुनियाभर में 260 से ज्‍यादा नर्सों की जान ली है।


वायरस को रोक दिया जाएगाः इटली

रोम। कोरोना से सबसे प्रभावित देशों में से एक इटली ने कहा है कि उसने कोरोना की वैक्सीन बना ली है और जल्दी ही कोरोनावायरस को रोक दिया जायेगा। साइंस टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से इटली सरकार ने बताया कि हमारे वैज्ञानिकों द्वारा कोरोना के एंटी बॉडी ढूंढ़ लिया गया है। जल्द ही इसको हम उपयोग में लायेंगे। बता दें कि इटली में कोरोनावायरस से अब तक तकरीबन 30 हजार लोगों की मौत हो चुकी है।


रोम के लजारो स्पालनजानी नैशनल इंस्टिट्यूट फॉरः इन्फेक्शन डिजिज के शोधकर्ताओं ने अखबार को बताया कि एंटी बॉडी को पहले चूहे पर उपयोग किया गया उसके बाद मनुष्य पर। दोनों पर एंटी बॉडी का प्रयोग सफल रहा. वैज्ञानिकों ने बताया कि जब इसका इस्तेमाल इंसानों पर किया गया तो देखा गया कि इसने कोशिका में मौजूद वायरस को खत्म कर दिया है।


इजरायल का दावा- कोरोना वैक्सीन बनाने को लेकर इजरायल भी दावा कर चुका है। इजरायल के रक्षामंत्री नैफताली बेन्नेट ने दावा किया कि हमने वैक्सीन बना ली है, जल्द ही बड़ी मात्रा में इसका उत्पादन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा है कि इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च (IIBR) ने कोरोना वायरस की एंटीबॉडी विकसित करने में सफलता हासिल कर लिया है। चीन और रूस भी कतार में- कोरोनावायरस का पहला केस चीन के वुहान शहर में मिला था। इसके बाद यह वायरस पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले ली है। हालांकि वैक्सीन बनाने को लेकर चीन भी खुद को काफी आगे बता रहा हैं। वहीं रूस ने कहा है कि जून तक वो यह वैक्सीन बना लेगा।


रेमेड्सवियर दवा की खोज- इससे पहले अमेरिका के शिकागो विवि ने कोरोना दवा खोजने की बात कही थी।शिकागो मेडिकल सेंटर गिलीड साइंसेज ने एक दवा का निर्माण किया है, जिसका नाम है रेमेड्सवियर. यह एक एंटीवायरल न्यूक्लियोटाइड एनालॉग ड्रग है। ऐसा बताया जा रहा है कि इससे COVID-19 के मरीजों का इलाज संभव हो पाएगा। हालांकि बाद में खबर आई कि यह दवा कोरोना खत्म करने में समर्थ नहीं है।


घर-घर शराब पहुंचाने की तैयारी

नई दिल्ली। फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो ऑनलाइन ऑर्डर के द्वारा लोगों के घर-घर तक शराब पहुंचाने की तैयारी कर रही है। लॉकडाउन के बीच ही देश में शराब का कारोबार खोल दिया गया है और शराब की जमकर बिक्री हो रही है। कंपनी इसका फायदा उठाना चाहती है।


न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक खबर में बताया गया है कि कंपनी ने इसके लिए इंटरनेशनल स्पिरिट्स ऐंड वाइन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) को प्रस्ताव दिया है। लॉकडाउन की वजह से कंपनी का फूड डिलिवरी कारोबार काफी गिर गया है, इसलिए वह इस नए कारोबार में उतरकर अपना अस्तित्व बचाए रखना चाहती है। गौरतलब है कि हाल में जोमैटो ने ग्रॉसरी की डिलिवरी भी शुरू की है।


देश में लॉकडाउन का पहला चरण 25 मार्च को लागू किया गया था जिसके बाद शराब कारोबार पूरी तरह से बंद रहा। लेकिन राज्य सरकारें राजस्व की तंगी की वजह से इस बात के लिए दाबव बना रही थीं कि शराब का कारोबार खोला जाए। इसकी वजह से केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन के तीसरे चरण में 4 मई को शराब का कारोबार खोल दिया। शराब कारोबार खुलते ही देश में जगह-जगह इसकी दुकानों पर भारी भीड़ और लंबी लाइन की खबरें आने लगीं। गौर करने की बात यह है कि भारत में अभी शराब की होम डिलिवरी की इजाजत नहीं है। इसके लिए कंपनियां दबाव बना रही हैं कि सरकार इसकी छूट दे। ISWAI इसके लिए जमकर लॉबीइंग कर रही है। अगर यह छूट मिलती है तो जोमैटो शराब की होम डिलिवरी शुरू कर सकती है।


कई राज्य सरकारों ने तो शराब पर टैक्स बढ़ा दिया है। दिल्ली सरकार ने शराब पर 70 फीसदी की विशेष कोरोना फीस लगा दी है। रॉयटर्स को जोमैटो द्वारा भेजी गई पेशकश के दस्तावेज मिले हैं जिसमें जौमैटो फूड डिलिवरी डिवीजन के सीईओ मोहित गुप्ता ने लिखा है, ‘हमें लगता है कि टेक्नोलॉजी आधारित होम डिलिवरी सोल्युशन से एल्कोहल की खपत को और बढ़ाया जा सकता है।


फार्मा कंपनी में जहरीली गैस लीक

विशाखापट्टनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक फार्मा कंपनी में गैस लीकेज का मामला सामने आया है। यह घटना गुरुवार सुबह हुई. इसके बाद पूरे शहर में तनाव का माहौल है। अभी भी हालत नियंत्रण में नहीं है। स्थानीय प्रशासन और नेवी ने फैक्ट्री के पास के गांवों को खाली करा लिया है। बताया जा रहा है कि आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी से खतरनाक जहरीली गैस का रिसाव हुआ है। इस जहरीली गैस के कारण फैक्ट्री के तीन किलोमीटर के इलाके प्रभावित हैं। फिलहाल, पांच गांव खाली करा लिए गए। सैकड़ों लोग सिर दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।


 


'वंदे भारत मिशन' के तहत घर वापसी

नई दिल्ली। कोरोना के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा दुनियाभर में फंसे भारतीयों को लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। गुरुवार को विदेश से आ रहे सैकड़ों भारतीयों के लिए देश के हवाई अड्डे और बंदरगाह पूरी तरह तैयार हैं। गुरुवार से शुरू हो रहे अब तक के इस सबसे बड़े अभियान की तैयारियों को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कई बैठकें कीं। साथ ही हवाई अड्डों को भी इसके लिए तैयार किया गया क्योंकि गुरुवार को एयर इंडिया की ऐसी ही एक फ्लाइट 200 नागरिकों के साथ अबूधाबी से भारत आ रही है।


सूत्रों ने बताया कि विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने ‘वंदे भारत मिशन’ नामक इस अभियान की सफलता के लिए जारी प्रयासों के तहत कई राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। योजना के अनुसार सरकार, गुरुवार से विभिन्न देशों में उड़ानें भेजना शुरू करेगी। सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर इस मिशन के क्रियान्वयन पर खुद ही नजर रख रहे हैं और उन्होंने इस विषय पर कई बैठकें की जिनमें गृह मंत्रालय,नागर विमानन मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय एवं राज्यों के प्रतिनिधि शामिल थे। विदेश मंत्रालय ने इस काम के सिलसिले में अधिकतर राज्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।


एयरपोर्ट्स पर तैयारियां पूरी


इस बीच देश में हवाई अड्डों पर कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों के आगमन के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। विमान और समुद्री मार्ग से चलने वाले इस अभियान की शुरुआत गुरुवार को अबूधाबी से कोच्चि के लिए एयर इंडिया की उड़ान के रवाना होने के साथ होगी। एअर इंडिया की गैर अधिसूचित वाणिज्यिक उड़ान गुरुवार को 200 यात्रियों को लेकर अबूधाबी से रवाना होगी और सुबह पौने दस बजे केरल के कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंचेगी।


इस अभियान के मद्देनजर तिरुवनंतपुरम, दिल्ली और मुंबई समेत कई हवाई अड्डों पर साजो-सामान संबंधी प्रबंध और स्वास्थ्य नियमों के अनुपालन संबंधी इंतजाम कर लिए गए हैं। अबू धाबी से पहली उड़ान से आ रहे यात्रियों में शामिल जिष्णु नामक एक व्यक्ति ने बुधवार को एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘टिकट मिलने से मैं बहुत खुश हूं। मुझे कल बताया गया कि मैं यात्रा कर सकता हूं।’


15000 भारतीयों को वापस लाने की तैयारी


‘वंदे भारत मिशन’ नामक इस अभियान में खाड़ी देशों से लेकर मलेशिया तक, ब्रिटेन से लेकर अमेरिका तक विभिन्न देशों में फंसे भारतीय वापस लाए जाएंगे जिसके लिए एयर इंडिया 12 देशों से करीब 15000 भारतीयों को लाने के लिए पहले चरण में 13 मई तक 64 उड़ानें परिचालित करेगी। 13 मई के बाद निजी भारतीय एयरलाइनें भी भारतीयों को वापस लाने के इस काम में जुड़ सकती हैं। पहले दिन विदेश में विभिन्न स्थानों से 10 उड़ानों को परिचालित करने की योजना है। गुरुवार को कोच्चि के अलावा कोझिकोड़, मुम्बई, दिल्ली, हैदराबाद, अहमदाबाद और श्रीनगर विदेशों से उड़ानें पहुंचेंगी। केवल उन यात्रियों को सवार होने दिया जाएगा जिनमें लक्षण सामने नहीं आए हैं।


एर्नाकुलम जिला प्रशासन ने बताया कि कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और बंदरगाह पर वापस आ रहे इन भारतीयों के आगमन के लिए सारे इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों की स्क्रीनिंग के लिए हवाई अड्डे पर थर्मल स्क्रीनर लगाए गए हैं और उनके आइसोलेश का इंतजाम किया गया है। कोच्चि के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों ने चार पायलट समेत 12 चालक दल के सदस्यों को अभियान की शुरुआत से पहले प्रशिक्षण दिया। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि सभी कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) सही तरीके से पहनने और उतारने की जानकारी दी गई और उड़ान के दौरान विमान के अंदर वायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि पीपीई किट पहनने और उतारने की जानकारी देने के लिए पायलटों और चालक दल के सदस्यों को प्रशिक्षण किट भी मुहैया करायी गई।


केरल के सीएम ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी


इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने कहा कि बिना कोविड-19 परीक्षण के प्रवासी केरलवासियों को लाना खतरनाक है क्योंकि इससे संक्रमण फैलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में राज्य की चिंता से उन्हें अवगत कराया। उनकी इच्छा है कि विमान में सवार होने पहले उनका परीक्षण हो। दिल्ली सरकार ने स्वदेश वापसी की उड़ानों से विदेश से लौट कर शहर के हवाई अड्डे पहुंचने वाले लोगों की जांच और प्रबंधन करने के लिए बुधवार को दिशानिर्देश जारी किए। एक आदेश में दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि यह विदेश मंत्रालय द्वारा अन्य देशों में स्थित भारतीय मिशनों के समन्वय से विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से स्वदेश वापस लाने की योजना के मद्देनजर किया गया है।


दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस के प्रसार की आशंका को कम करने के लिए, स्वदेश वापसी के बाद शहर के हवाई अड्डे पर उतरने वाले ऐसे यात्रियों की जांच और प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। कुल 1000 लोग नौसेना के जहाज आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर से से पहली यात्रा में वापस लाये जाने हैं। अभियान के तहत 64उड़ानों से संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, मलेशिया, फिलीपीन, बांग्लादेश, बहरीन, कुवैत और ओमान से फंसे हुए भारतीय लाए जाएंगे।


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस    (हिंदी-दैनिक)


मई 08, 2020, RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-271 (साल-01)
2. शुक्रवार, मई 08, 2020
3. शक-1943, वैशाख, शुक्ल-पक्ष, तिथि- पूर्णिमा, विक्रमी संवत 2077।


4. सूर्योदय प्रातः 05:50,सूर्यास्त 07:02।


5. न्‍यूनतम तापमान 23+ डी.सै.,अधिकतम-35+ डी.सै., तेज हवाएं चलने की संभावना।


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