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शनिवार, 23 जुलाई 2022

बाढ़: 10,000 से अधिक लोग अब भी प्रभावित

बाढ़: 10,000 से अधिक लोग अब भी प्रभावित 

विमलेश यादव

दिसपुर/गुवाहाटी। असम में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति में सुधार हुआ है। जबकि, तीन जिलों में 10,000 से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि कछार, मोरीगांव और तामूलपुर जिलों में बाढ़ से 10,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं। कछार जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 6,600 से अधिक लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं।

मोरीगांव में 2,600 और तामूलपुर में 900 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। बृहस्पतिवार तक चार जिलों में लगभग 17,200 लोग बाढ़ से प्रभावित थे। असम में इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण 197 लोगों की जान जा चुकी है। फिलहाल 44 गांव पानी में डूबे हुए हैं और 210 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

बसों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा शुरू: निगम

बसों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा शुरू: निगम

इकबाल अंसारी

गुवाहाटी। असम राज्य परिवहन निगम (एएसटीसी) ने अपनी बसों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा शुरू की है। एएसटीसी के प्रबंध निदेशक राहुल चंद्र दास की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि असम इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमट्रॉन) के सहयोग से शुरू की गई यह सेवा प्रारंभिक दौर में कामरूप (महानगर) और सोनितपुर जिलों में उपलब्ध कराई गई है।

विज्ञप्ति के मुताबिक, सॉफ्टवेयर को नगांव के रास्ते गुवाहाटी से तेजपुर तक टिकट की बुकिंग से जुड़ी एक प्रायोगिक परियोजना के लिए तैयार किया गया है। बाद में इससे अन्य मार्गों पर भी बुकिंग शुरू की जाएगी। विज्ञप्ति के अनुसार, सॉफ्टवेयर को उन्नत किए जाने के बाद यात्री राज्यभर में शहरों के साथ-साथ अंतरजिला स्तर पर भी एएसटीसी की बसों के टिकट ऑनलाइन बुक कर सकेंगे।

गुरुवार, 7 जुलाई 2022

असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या-186 हुई

असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या-186 हुई 

इकबाल अंसारी 
दिसपुर। असम में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। बाढ़ से मची तबाही के कारण वहां सामान्य जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ (Flood) के चलते लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वहीं, अब बाढ़ के हालात में कुछ सुधार देखने को मिला है। हांलाकि कि कल भी असम में बाढ़ के चलते दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
जिसके बाद असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 186 हो गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक असम के 15 जिलों में 9.68 लाख से भी ज्यादा लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं। वहीं मंगलवार 5 जुलाई को असम के 16 जिलों में 11.17 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे।
असम में बाढ़ का कहर बरकार है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण  की बाढ़ के हालातों पर जानकारी देते हुए बताया कि, बुधवार को बाढ़ के कारण असम के दो जिलों कामरूप और नगांव  में दो बच्चों की मौत हो गई। बता दें कि असम में बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला कछार है। अकेले कछार जिले  में बाढ़ से 5.7 लाख लोग प्रभावित हैं। कछार के बाद बाढ़ से दूसरा सबसे प्रभावित जिला नगांव है जहां पर 1.89 लाख मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। वहीं, बाढ़ से मोरीगांव के 1.58 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

मंगलवार, 5 जुलाई 2022

दक्षिणी असम में 3.7 तीव्रता का भूकंप: एनसीएस

दक्षिणी असम में 3.7 तीव्रता का भूकंप: एनसीएस

इकबाल अंसारी
गुवाहाटी। दक्षिणी असम में मंगलवार को 3.7 तीव्रता का भूकंप आया। रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप से अब तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप मणिपुर के साथ अंतर-राज्य सीमा के पास कछार जिले में पूर्वाह्न करीब 11 बजकर तीन मिनट पर 35 किलोमीटर की गहराई में आया।
पूर्वोत्तर का इलाका उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आता है। जहां अक्सर भूकंप के झटके आते रहते हैं। असम और उत्तर पूर्व के कुछ हिस्सों को 2021 में 28 अप्रैल को आए 6.4 तीव्रता के भूकंप ने हिला दिया था। यह हाल के वर्षों में उच्च तीव्रता वाले भूकंपों में से एक था। उसी साल 26 नवंबर को असम और मिजोरम के कुछ हिस्सों में 6.1 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया था।

रविवार, 19 जून 2022

असम: 3 हजार से अधिक प्रभावित लोगों को बचाया

असम: 3 हजार से अधिक प्रभावित लोगों को बचाया

इकबाल अंसारी  
गुवाहाटी। बाढ़ प्रभावित असम में सेना का बड़े पैमाने पर राहत अभियान जारी है और अब तक तीन हजार से अधिक प्रभावित लोगों को बचाया जा चुका है। एक बयान में कहा गया है कि सेना के जवान असम के होजई, बक्सा, नलबाड़ी, बारपेटा, दरांग, तामूलपुर और कामरूप में बाढ़ राहत अभियान चला रहे हैं। सेना ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए असम के विभिन्न स्थानों पर 11 समग्र कॉलम तैनात किए हैं।
बयान में कहा गया,“असम के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी है तथा खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली नदियां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलजमाव का कारण बन रही हैं। सेना बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में जुटी हुई है।” असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है।
शनिवार को आठ नई मौतों के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की नवीनतम क्षति रिपोर्ट के अनुसार, कुल 118 राजस्व मंडलों सहित राज्य के 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। फसल प्रभावित क्षेत्र 66455.82 हेक्टेयर हैं।
एएसडीएमए ने कहा कि पिछले 24 घंटों में आठ और लोगों की जान चली गई और कुल 62 लोगों की जान चली गई (बाढ़ में 51 और भूस्खलन में 11 लोगों की मौत हुई है)। शनिवार तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में 514 राहत शिविर और 302 राहत वितरण केंद्र खोले जा चुके हैं।

शनिवार, 18 जून 2022

असम: बाढ़ से मरने वालों की संख्या-54 हुईं

असम: बाढ़ से मरने वालों की संख्या-54 हुईं 

इकबाल अंसारी  
गुवाहाटी। असम में सभी बड़ी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने से बाढ़ की स्थिति भयावह हो गयी है और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश होने से कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आयी हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार राज्य के 28 जिलों के 2930 गांवों के 19 लाख लोग प्रभावित हुए है। 
इसके अलावा राज्य के विभिन्न इलाकों से भूस्खलन की घटनाओं की रिपोर्ट मिल रही है। जहां भारी बारिश हो रही है, जिससे गुवाहाटी में प्रमुख सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार कम से कम अगले दो दिनों तक बारिश के थमने का कोई आसार नहीं है। असम और मेघालय दोनों राज्यों में आज तक रेड अलर्ट जारी है।

गुरुवार, 9 जून 2022

आकाशीय बिजली गिरने से 6 महिलाएं झुलसी

आकाशीय बिजली गिरने से 6 महिलाएं झुलसी 

इकबाल अंसारी  
गुवाहाटी। असम के कई जिलों में हो रही भारी बारिश और तूफान के बीच विश्वनाथ जिले में आकाशीय बिजली गिरने से चाय बगान में काम करने वाली कम से कम छ: महिलाएं झुलस गई। झुलसी हुयी महिलाएं मजुलीगढ़ टी एस्टेट तथा पाभोई टी एस्टेट काम करती है। इन महिलाओं की पहचान चरित ओरांग, लक्ष्मी कलांदी, ममी भूमिज, गोपी ओरिया (पाभोई), पिंकी तशा तथा कुम्ली खादल के तौर पर हुयी है। इन सभी को उपचार चल रहा है। 
इधर, भारतीय मौसम विभाग ने आठ और नौ जून को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है।

बुधवार, 6 अप्रैल 2022

'एनएलएफबी' के 6 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया

'एनएलएफबी' के 6 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया   

इकबाल अंसारी          
दिसपुर। असम के सोनितपुर जिले में नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनएलएफबी) के छ: उग्रवादियों ने बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर चारीदुआर इलाके में करीब 12 उग्रवादियों के एक समूह के छिपे होने की सूचना प्राप्त हुई थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम ने एक अप्रैल को भालुकपोंग कस्बे के 12 माइल इलाके में छापा मारा था और इस दौरान हुई मुठभेड़ में दो उग्रवादी घायल हो गए थे। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही इलाके में अभियान तेज किया गया, छह उग्रवादियों ने पुलिस की ओर से आश्वासन मिलने पर अपने हथियारों और गोला-बारूद के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। जनवरी 2020 में बोडो समझौते पर हस्ताक्षर के बाद बड़ी संख्या में एनडीएफबी उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि कुछ ने एनएलएफबी का गठन कर लिया है।

रविवार, 13 मार्च 2022

असम के बाजार में लगीं आग, 1 करोड़ की संपत्ति नष्ट

असम के बाजार में लगीं आग, 1 करोड़ की संपत्ति नष्ट  

इकबाल अंसारी     

कोकराझार। असम के कोकराझार में एक बाजार में लगी आग से करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि आग से 10 से अधिक दुकानें और उनमें रखा सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। 
अग्नि और आपात सेवा के अधिकारी ने बताया कि अबतक आग लगने की वजहों का पता नहीं चला है लेकिन माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है।

सोमवार, 7 फ़रवरी 2022

15 से कोविड संबंधी सभी पाबंदियां हटा ली जाएंगी

15 से कोविड संबंधी सभी पाबंदियां हटा ली जाएंगी


इकबाल अंसारी       

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि राज्य में कोविड महामारी के मामलों की संख्या घट रही है और स्थिति में सुधार हो रहा है जिसे देखते हुए असम में 15 फरवरी से कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियां हटा ली जाएंगी।

सरमा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि स्कूल की बोर्ड परीक्षाएं, नगर निगम चुनाव, माजुल विधानसभा सीट पर उपुचनाव और कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) चुनाव अगले दो माह में संपन्न कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों को कोविड रोधी टीके की दोनों खुराक लगी होनी चाहिए।

सरमा ने कहा कि रात्रिकालीन कर्फ्यू हटा दिया जाएगा और मॉल तथा सिनेमाघर पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे। विवाह समारोह रात में आयोजित किए जा सकेंगे लेकिन अतिथियों का पूर्ण टीकाकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

सरमा ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार ने बिहू समितियों को सात दिनों के लिए समारोह आयोजित करने के लिए 1.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है ताकि वे उन व्यापारियों से दान एकत्र न करें जिन्हें महामारी के कारण भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में रोंगाली बिहू बिना किसी पाबंदी के मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने व्यापारियों और कारोबारियों पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए उन बिहू समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का फैसला किया है जो दस साल से अधिक समय से कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों ने ऐसी समितियों की एक सूची तैयार की है और उसी के अनुसार सहायता प्रदान की जाएगी।

शर्मा ने कहा कि हम चाहते हैं कि सभी बिहू को इस तरह से मनाएं कि कलाकार, आयोजक और लोग एक साथ आनंद लें।

शुक्रवार, 24 सितंबर 2021

अतिक्रमणकारियों को बाहर निकालने की कोशिश

गुवाहाटी। असम के दरांग जिले के सिपाझार में बृहस्पतिवार को पुलिस ने अतिक्रमणकारियों को बाहर निकालने की कोशिश के दौरान गोलियां चलाईं। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस के साथ हुई झड़पों में करीब 20 लोग घायल हो गए। इस घटना का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जिसमें छाती पर गोली के घाव के निशान वाले एक व्यक्ति को कैमरा लिए व्यक्ति पीटता हुआ दिखाई दे रहा है।
राज्य सरकार ने इस घटना को लेकर जनता के बढ़ते गुस्से के मद्देनजर घटना की परिस्थितियों की न्यायिक जांच की घोषणा की है। गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव देबप्रसाद मिश्रा की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि सरकार ने फैसला किया है कि इस घटना की जांच गुवाहाटी उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इस घटना की चौतरफा निंदा की जा रही है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पुलिस की कार्रवाई को राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित गोलीबारी करार दिया। लगभग 800 परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर जनता का विरोध शुरू हो गया था, इन लोगों का दावा है कि जिस जमीन पर वे दशकों से रह रहे थे उससे उन्हें बेदखल कर दिया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के छोटे भाई एवं दरांग के पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने धारदार हथियारों से पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों पर हमला कर पथराव भी किया।

मंगलवार, 21 सितंबर 2021

राज्यसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया

गुवाहाटी। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को असम की राज्यसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। क्योंकि विपक्ष ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री ने असम विधानसभा में निर्वाचान अधिकारी दुलाल पेगू के समक्ष अपना पर्चा दाखिल किया।
पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा, अगप और यूपीपीएल वाले राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन के सर्वसम्मत उम्मीदवार हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, अगप नेता एवं कृषि मंत्री अतुल बोरा, यूपीपीएल नेता एवं हथकरघा और कपड़ा मंत्री यू जी ब्रह्मा, बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र के प्रमुख प्रमोद बोडो, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भाबेश कलिता, और कैबिनेट मंत्री और भाजपा के कई अन्य नेता उनके साथ थे। असम विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद बिस्वजीत दैमारी के उच्च सदन से इस्तीफा देने के बाद राज्यसभा की यह सीट खाली हुई है।
वह वर्तमान में राज्य विधानसभा के अध्यक्ष हैं। सोनोवाल इस साल मई में लगातार दूसरी बार माजुली से विधानसभा के लिए चुने गए थे। 59 वर्षीय भाजपा नेता को जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 22 सितंबर है, जबकि 23 सितंबर को पर्चा की जांच की जाएगी और नतीजे चार अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
सोनोवाल की जीत निश्चित लग रही है क्योंकि विपक्षी दलों ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। सोनोवाल ने उन्हें सेवा का अवसर देने के लिए असम के लोगों का आभार व्यक्त किया और सभी का आशीर्वाद मांगा। उन्होंने प्रधानमंत्री और माजुली के लोगों को भी धन्यवाद दिया।

शनिवार, 14 अगस्त 2021

बांग्लादेश सीमा पर 'बीएसएफ' को अलर्ट पर रखा

दिसपुर। असम स्वतंत्रता दिवस पर पड़ोसी देश के इस्लामी आतंकवादियों और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राज्यों में सक्रिय भारतीय उग्रवादियों से सुरक्षा को संभावित खतरे की खुफिया जानकारी के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।
बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। बीएसएफ के उप महानिरीक्षक, क्षेत्रीय मुख्यालय शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने शनिवार को कहा किअसम में भारत-बांग्लादेश की पूरी सीमा पर और पश्चिम बंगाल में कूचबिहार जिले में कड़ी चौकसी रखी जा रही है। आदेश दिए गए हैं कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अप्रिय गतिविधि को अंजाम देने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निबटा जाए।
सिन्हा ने बताया कि बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ‘ऑपरेशन अलर्ट’ शुरू किया है जो 16 अगस्त तक चलेगा। इसमें अर्द्धसैनिक बल की सभी शाखाओं के सभी अधिकारी और जवान हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत मुख्य रूप से बांग्लादेश के इस्लामी आतंकवादियों और पड़ोसी देश से सटे राज्यों में सक्रिय भारतीय विद्रोहियों से उत्पन्न सुरक्षा खतरे के मद्देनजर की गई है।
उन्होंने बताया कि बीएसएफ कर्मी सीमा के निकट जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं जिसमें स्थानीय लोगों से कहा जा रहा है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि के बारे में वे बल को सूचित करें।

बुधवार, 11 अगस्त 2021

असम में 5 वर्षीय बच्ची का शव मिला, तांत्रिक अरेस्ट

चराइदेव। असम के चराइदेव जिला में पांच साल की बच्ची का शव मिला है और आशंका है कि बच्ची की बलि दी गई। मामले में एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बच्ची अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और अज्ञात लोगों ने सोमवार रात को एक चाय बागान में उसके घर से उसे अगवा कर लिया था। घटना के वक्त बच्ची सो रही थी। मामले में उसकी बड़ी बहन ने मंगलवार को सेफराई पुलिस थाना में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया कि बच्ची का शव मंगलवार रात को सिंगलु नदी से बरामद किया गया। नदी के तट पर भस्म एवं तांत्रिक रस्म में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री के साथ लाल कपड़ा बरामद हुआ। जो इस बात का संकेत था कि यह बलि दिए जाने का मामला हो सकता है। उन्होंने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

शनिवार, 7 अगस्त 2021

मरियानी विधानसभा में कार्यकर्ताओं की बैठक ली

दिसपुर। असम के 5 विधानसभा सीटों में होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी की तैयारियां जोरों पर हैं। आज इन्हीं तैयारियों को लेकर एआईसीसी सचिव एवं असम के प्रभारी विकास उपाध्याय ने अपर असम के जोरहट जिले के मरियानी विधानसभा में कार्यकर्ताओं की बैठक ली। मरियानी विधानसभा के बॉकसून ब्लॉक के कुकुरिया पंचायत तथा शैलेंग ब्लॉक के मोग्रई पंचायत में विकास उपाध्याय ने आज स्थानीय कार्यकर्ताओं से आगामी उपचुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की। कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए विकास उपाध्याय ने कहा कि हमारी तैयारी बूथ स्तर की होनी चाहिए। 
ताकि हम स्थानीय जनता के सीधे सम्पर्क में रहकर कार्य करें और उनकी मांगों एवं आवश्यकताओं को आलाकमान तक पहुंचाकर स्थानीय जनता को लाभ दिला सके। साथ ही प्रभारी महोदय ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मौकापरस्त लोगों के कारण आज यह उपचुनाव की स्थिति निर्मित हुई हैं। जिसके कारण क्षेत्र की जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। उनके इस विश्ववास और अपनत्व की रक्षा की जिम्मेदारी आप सभी कार्यकर्ताओं की हैं। जिसे आप बखूबी निभा भी रहे हैं। आप सभी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से हम यह उपचुनाव अवश्य ही जीतेंगे, यह मेरा पूर्ण विश्वास हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा प्रभारी महोदय विकास उपाध्याय की बातों पर एक स्वर में पूर्ण समर्थन दिया गया तथा आगामी उपचुनाव में भारी मतों से विजयी होने का वचन भी दिया गया।

मंगलवार, 27 जुलाई 2021

असम-मिजोरम विवाद से भारी तनाव उत्पन्न हुआ

गुवाहाटी। असम-मिजोरम सीमा विवाद से दोनों राज्यों में भारी तनाव उत्पन्न हो गया है। अभी यह मामला सुलझा भी नहीं कि असम की भूमि पर गुवाहाटी के नजदीक असम-मेघालय सीमावर्ती इलाके में मेघालय के बिजली विभाग द्वारा असम की जमीन पर बिजली के खंभे गाड़े जाने को लेकर जमकर हंगामा हो गया।
राजधानी गुवाहाटी से महज कुछ किमी की दूरी पर स्थित दक्षिण गणेश नगर में मेघालय सरकार के बिजली विभाग द्वारा बिजली के खंभे गाड़े जाने को लेकर इलाके के लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिस्थिति को बिगड़ते देख मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। 
दोनों राज्यों के आला पुलिस अधिकारी के बीच हुई बैठक के बाद बिजली के खंभे को उखाड़ लिया गया। फिलहाल सीमावर्ती इलाके में स्थिति सामान्य है लेकिन तनाव अभी बना हुआ है। दोनों राज्यों की पुलिस इलाके में गश्त कर रही है। यह विवाद सोमवार को उत्पन्न हुआ था। मंगलवार को भी इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों राज्यों के आला पुलिस अधिकारी की सूझबूझ से मामला शांति के साथ निपट गया।
उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर के सभी राज्य त्रिपुरा और सिक्कम को छोड़कर एक समय असम का ही हिस्सा थे। यही कारण है कि राज्यों के गठन के बाद भी सीमा विवाद एक बड़ा मुद्दा अभी भी बना हुआ है।

परिवारों को 50-50 लाख का मुआवजा देगी सरकार

दिसपुर। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को कछार जिला मुख्यालय शहर सिलचर में मीडिया को संबोधित करते हुए घोषणा की, कि असम-मिजोरम सीमा पर हुई गोलीबारी में अपनी जान गंवाने वाले असम पुलिस के पांच जवानों के परिवारों को राज्य सरकार 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देगी। साथ ही मृत पुलिस कर्मियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि जिस इलाके में हिंसा हुई है वह आरक्षित वन क्षेत्र है। सैटेलाइट इमेजिंग की मदद से इसको देखा जा सकता है कि अतिक्रमण कैसे हुआ है। असम सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि जब कल असम-मिजोरम सीमा पर गोलीबारी हो रही थी तो मैंने मिजोरम के मुख्यमंत्री को छह बार फोन किया। उन्होंने 'सॉरी' कहते हुए मुझे आइजोल में बातचीत के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने कहा कि हमारी जमीन का एक इंच भी हिस्सा कोई नहीं ले सकता। हम अपने क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सीमा पर पुलिस है। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह दो राज्यों के बीच सीमा विवाद है।
असम-मिजोरम सीमा पर हिंसक झड़पों पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि यह लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद है। उस समय भी विवाद था जब दोनों तरफ कांग्रेस की सरकार थी। यह दो राज्यों के बीच का विवाद है, दो राजनीतिक दलों के बीच का मुद्दा नहीं है। घटना असम की सीमा पर हुई। हमारी पुलिस मामले की जांच करेगी। इसकी जांच की जाएगी कि नागरिकों को हथियार कहां से मिले। पांच पुलिस कर्मियों की जान चली गई। गुवाहाटी से सिलचर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने हिंसा में प्राण गंवाने वाले असम पुलिसकर्मियों को कछार पुलिस अधीक्षक मुख्यालय परिसर में अपनी भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उल्लेखनीय है कि कछार के पुलिस अधीक्षक वैभव चंद्रकांत निंबालकर को असम मिजोरम सीमा पर संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से गोली लगने के बाद मुंबई ले जाया गया है। एसपी को उनके कूल्हों में एक गोली लगने के बाद गंभीर सर्जरी की आवश्यकता है। एसपी को कुल पांच गोली लगी थी। पैल में लगी गोली को सिलचर मेडिकल कालेज अस्पताल के चिकित्सकों ने सर्जरी कर बाहर निकाल दिया है।
उल्लेखनीय है कि मिजोरम पुलिस ने सोमवार को असम के अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और नागरिकों पर गोलियां चलाई थीं, जिसमें असम पुलिस के पांच जवानों और एक नागरिक की मौत हो गई थी जबकि 50 से अधिक घायल हो गए थे।

गुरुवार, 22 जुलाई 2021

मुस्लिम आबादी को बढ़ाने का संगठित प्रयास किया

गुवाहाटी। असम दौरे पर पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, प्रभुत्व स्थापित करने और इस देश को पाकिस्तान बनाने के उद्देश्य से 1930 से मुस्लिम आबादी को बढ़ाने का एक संगठित प्रयास किया गया है। इसकी योजना पंजाब, सिंध, असम और बंगाल के लिए बनाई गई थी और यह कुछ हद तक सफल भी हुई। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुवाहाटी  मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा की मौजूदगी में एनआरसी और सीएए पर लिखी एक बुक लॉन्च की। इसी दौरान उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून सीएए और एनआरसी पर मुसलमानों की आशंकाओं को दूर करने की भी कोशिश की। भागवत ने कहा, सीएए और एनआरसी का हिंदू-मुसलमान विभाजन से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए इसे साम्प्रदायिक रंग दे रहे हैं।

रविवार, 27 जून 2021

गुवाहाटी के तालाब में सैकड़ों मछलियां मृत पाईं गई

गुवाहाटी। गुवाहाटी के दिगलीपुखुरी तालाब में सैकड़ों मछलियां मृत पायी गई और ऐसी आशंका है कि तालाब में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण इनकी मौत हुई है। मत्स्य विभाग के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। मत्स्य विभाग के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि मृत मछलियां शनिवार को तालाब में बहती नजर आयी और उन्हें निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में जहर देने की आशंका से इनकार कर दिया गया है और पर्यावरणीय परिस्थितियां इसकी वजह हो सकती है। उन्होंने कहा, ”ऑर्गेनिक की मात्रा अत्यधिक होने के कारण पानी में ऑक्सीजन का स्तर कम होना इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के पीछे की वजह लगती है। लेकिन हम जांच पूरी करने के बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ कह सकेंगे।”

दिगलीपुखुरी तालाब करीब 500 मीटर लंबा है और यह राज्य के सबसे बड़े शहर के अंबारी इलाके में स्थित है। इस तालाब का निर्माण अहोम वंश के शासकों ने ब्रह्मपुत्र नदी की नहर के तौर पर करवाया था। बाद में ब्रिटिश शासन के दौरान यह नहर भर गयी। दिगलीपुखुरी शहर में एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल है।


रविवार, 9 मई 2021

हिमंत बिस्वा को सीएम बनाने के लिए आमंत्रित किया

गुवाहाटी। नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (एनईडीए) के संयोजक हिमंत बिस्वा सरमा रविवार को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल के नेता निर्वाचित हुए और उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर सरकार बनाने के लिए जल्द ही आमंत्रित किया जाएगा। केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सरमा के नाम का प्रस्ताव रखा और भाजपा के प्रदेश पार्टी अध्यक्ष रंजीत कुमार दास और हाफलांग से नव निर्वाचित विधायक नंदिता गार्लोसा ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। चूंकि और किसी के नाम का प्रस्ताव नहीं रखा गया तो ‘‘सरमा को भाजपा विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुन लिया गया है।

कलाकारों के समूह ने मकान को एक नया रूप दिया 

कलाकारों के समूह ने मकान को एक नया रूप दिया  मिनाक्षी लोढी  कोलकाता।  कोलकाता के कालीघाट में स्थित 120 साल पुराने, जर्जर हो चुक...