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मंगलवार, 14 मई 2024

स्वास्थ्य: बासी 'रोटी' खाना बेहद फायदेमंद, जानिए

स्वास्थ्य: बासी 'रोटी' खाना बेहद फायदेमंद, जानिए 

सरस्वती उपाध्याय 
तवे से उतरी गर्मा-गर्म रोटी खाना हर कोई पसंद करता है। लेकिन जब बात रात की बची यानी बासी रोटी की आती है, तो लोगों की भूख ही मिट जाती है। अगर आप भी इसे खाने से परहेज करते हैं और इन रोटियों को जानवरों के आगे डाल देते हैं, तो ये आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए। बता दें, पुराने जमाने से ही लोग सुबह-सवेरे उठकर बासी रोटी खाते आए हैं, जिसके पीछे सेहत को मिलने वाले कई फायदे छिपे हुए हैं।

इम्युनिटी बूस्टर

बासी रोटी का सेवन आपके लिए इम्युनिटी बूस्टर भी साबित हो सकता है, बस जरूरत है इसका सही ढंग से सेवन करने की। कई लोग रात में बची रोटी को कढ़ाई में तेल डालकर सब्जी की तरह छोंकते हैं या फिर चीनी और मक्खन लगाकर खाने की कोशिश करते हैं, जो कि सेहत के लिए लिहाज से बिल्कुल भी सही नहीं है और ऐसा करने से इसमें मौजूद प्रीबायोटिक्स भी नष्ट हो जाते हैं।

पाचन को बनाए बेहतर

बासी रोटी खाने से पाचन से जुड़ी समस्याओं से निजात मिलती है और अगर आपको कब्ज की भी दिक्कत रहती है, तो उस लिहाज से भी इसका सेवन काफी मददगार साबित हो सकता है। सुबह इसे खाने से आपको पेट फूलने और एसिडिटी जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है।

वेट लॉस में मददगार

बढ़ते वजन को काबू में रखने के लिए भी बासी रोटी खाना फायदेमंद हो सकता है। बता दें, ताजी रोटियों की तुलना में बासी रोटी में कैलोरी कम पाई जाती है, जिससे वेट लॉस कर रहे लोगों को मदद मिलती है।

ब्लड प्रेशर को करे कंट्रोल

बासी रोटी खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है, ऐसे में डायबिटीज के रोगियों के लिए सुबह सवेरे दूध के साथ यह एक बढ़िया नाश्ता साबित हो सकती है। बस आपको ध्यान इस बात का रखना है कि, इसमें चीनी डालने की भूल नहीं करनी है।

मांसपेशियों को बनाए मजबूत

बासी रोटी में मौजूद न्यूट्रिएंट्स वर्कआउट करने वाले लोगों के लिए भी काफी फायदेमंद होते हैं। खासतौर से जब रोटी गेहूं से तैयार की गई हो। इसके सेवन से मसल्स को स्ट्रांग बनाया जा सकता है और इसे दूध के साथ डाइट में शामिल करने से भी फायदे दोगुने हो जाते हैं।

बुधवार, 8 मई 2024

हड्डियों की सेहत के लिए फायदेमंद है 'विटामिन के'

हड्डियों की सेहत के लिए फायदेमंद है 'विटामिन के'

सरस्वती उपाध्याय 
विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते है और सभी प्रकार के विटामिन की शरीर में अपनी अहम भूमिका होती है। विटामिनों का सही मात्रा में सेवन करना हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
लोगों का ध्यान विटामिन सी, विटामिन ई और विटामिन बी 12 आदि की तरफ ज्यादा जाता है। लेकिन इनके लिए और भी कई विटामिन हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी है, जैसे कि विटामिन k और यह भी शरीर के लिए एक जरूरी विटामिन है।
विटामिन K हमारी हड्डियों की सेहत के लिए फायदेमंद है। यह हड्डियों के टूटने के खतरे को भी कम करता है और चोट लगने पर खून के बहाव को भी रोकता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार यह विटामिन आपके हार्ट हेल्थ के लिए भी अच्छा है। इस आर्टिकल में जानते हैं कि विटामिन k की कमी को पूरा करने के लिए कौन सी सब्जियां खाएं।

पालक

पालक एक अच्छा विटामिन K का स्रोत है। विटामिन K1, जो फाइलोक्विनोन के रूप में भी जाना जाता है, जो पालक में पाया जाता है। पालक के सेवन के लिए आप उसे सलाद, सब्जी या स्मूदी के रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

ब्रोकोली

ब्रोकोली में भी प्रोटीन और कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं। जिसमें से एक विटामिन K भी है। ब्रोकली में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कई बीमारियों के रिस्क को भी कम करते हैं।

हरी सेम

विटामिन k की कमी को पूरा करने के लिए हरी सेम का सेवन भी लाभदायक है। इसमें विटामिन के अलावा थियामिन, विटामिन सी, और राइबोफ्लेविन की मात्रा भी पाई जाती है।

पत्ता गोभी

पत्ता गोभी में भी कई तरह के विटामिन पाए जाते हैं, जिसमें से एक विटामिन K भी है। इसमें विटामिन ए, विटामिन बी.6, आयरन और भी कैल्शियम भी पाया जाता है।

चुकंदर

चुकंदर में विटामिन सी के साथ विटामिन के की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। चुकंदर वेट लॉस के साथ स्किन हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है।

बुधवार, 1 मई 2024

हेल्थ के लिए फायदेमंद है 'हिमालयन लहसुन'

हेल्थ के लिए फायदेमंद है 'हिमालयन लहसुन' 

सरस्वती उपाध्याय 
जमीन के अंदर उगने वाले लहसुन की कली को खाने के फायदे से शायद ही कोई अनजान होगा। आयुर्वेद के बाद अब एलोपैथिक ट्रीटमेंट में भी लहसुन को अपने डाइट प्लान में शामिल करने की सलाह दी जाती है। इसलिए लहसुन को लेकर किसी के भी मन में कोई शक नहीं होता। आजकल एक नए किस्म के हिमालयन लहसुन की जमकर चर्चा हो रही है। हेल्थ और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट अब डाइट में हिमालयन लहसुन को शामिल करने की सलाह देते हैं। आइए, जानते हैं कि हिमालयन लहसुन क्या है, इसको खाने से हेल्थ को क्या फायदे मिलते हैं और हिमालयन लहसुन खाने का तरीका क्या है ?

हिमालयन लहसुन और उसके फायदे

हिमालयन लहसुन को ‘हिमालयी सिंगल क्लोव लहसुन’ के नाम से भी जाना जाता है। यह हिमालय के इलाके में पाया जाता है। बेहद पौष्टिक हिमालयन लहसुन आपकी कुकिंग को शानदार बनाने के अलावा सेहत को भी ढेर सारा फायदा पहुंचाता है। हिमालयन लहसुन इंसानों के लिए काफी जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें विटामिन सी और बी, मैंगनीज, सेलेनियम और एलिसिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट शामिल हैं।

क्या होता है हिमालयन लहसुन ?

हिमालयन लहसुन को कश्मीरी लहसुन, जम्मू लहसुन, और पोथी लहसुन के नाम से भी जाना जाता है। इसे साल में सिर्फ़ एक बार काटा जाता है। इस लहसुन की खास बात यह है कि इसे ऊंचाई वाले इलाकों में ही उगाया जाता है। यह लहसुन कठोर होता है और रंग में सुनहरे भूरे रंग का होता है।

इम्युनिटी बूस्टर

हिमालयन लहसुन में पाए जाने वाले कंपाउंड्स जैसे एलिसिन में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं। ये इंफेक्शन से बचाते हैं और इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करते हैं।

दिल को सेहतमंद बनाने में मददगार

स्टडीज से पता चलता है कि हिमालयन लहसुन ब्लड प्रेशर को कम करके और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बैलेंस करके दिल को सेहतमंद बनाए रखने में मदद कर सकता है। डाइट में हिमालयन लहसुन को शामिल करना आपके हृदय रोग के खतरे को कम करता है।

एंटी इंफ्लेमेट्री और एंटीऑक्सीडेंट गुण

हिमालयन लहसुन में भरपूर मात्रा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और सल्फर कंपाउंड्स शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही पुरानी बीमारियों के खतरे को भी कम करता है।

डाइजेशन सिस्टम में सुधार

हिमालयन लहसुन डाइजेशन के लिए बेहद जरूरी एंजाइमों को एक्टिव करने और आंत की सेहत को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। यह आंत में सूजन और अपच या बदहजमी जैसी पेट से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में मदद करता है।

शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालना

माना जाता है कि हिमालयन लहसुन लीवर समेत शरीर के कई अंगों से टॉक्सिक चीजों को खत्म करने में मदद करता है। अपने डाइट में हिमालयन लहसुन को शामिल करने से लिवर हेल्दी रखने में मदद मिलती है। साथ ही ऐसा कहा जाता है कि हिमालयन लहसुन का सेवन आपकी बॉडी में कैंसर सेल्स के बनने और उसको बढ़ने से रोकने में भी मदद कर सकता है।

शुगर: ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड खाने चाहिए

शुगर: ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड खाने चाहिए 

सरस्वती उपाध्याय 
आजकल लोग शरीर का पहले से ज्यादा ध्यान रखने लगे हैं। खाने की हर चीज पर उनकी नजर होती है कि कहीं इसमें मीठा ज्यादा ना हो। अत्यधिक मीठा खाने से शुगर की बीमारी हो सकती है। इसके बावजूद डायबिटीज महामारी की तरह फैलती जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण इंसुलिन हॉर्मोन में गड़बड़ी आना है।
डायबिटीज के साथ मोटापा और फैटी लिवर की समस्या भी आ जाती है। डॉक्टर कहते हैं कि डायबिटिक डाइट में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड खाने चाहिए। मगर एक सब्जी ऐसी भी है जो जादू की छड़ी का काम करती है। यह ना सिर्फ डायबिटीज के लक्षण कम करती है बल्कि लिवर का फैट कम करने में भी मदद करती है।

बार-बार नहीं आएगा पेशाब

डायबिटीज के कुछ लक्षण अधिकतर मरीजों में दिखाए देते हैं। जिनमें बार-बार पेशाब आना सबसे प्रमुख है। इसे कम करने के लिए कमल ककड़ी खानी चाहिए। यह लो जीआई वेजिटेबल है जिसमें फाइबर भी है। कुछ शोध बताते हैं कि फाइबर लेने से अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
लिवर का फैट काटने वाली सब्जी
फैटी लिवर में भी कमल ककड़ी फायदेमंद होती है। NCBI पर मौजदू शोध बताता है कि शराब के बिना बनने वाली फैटी लिवर बीमारी में इसे खाने से फायदा मिलता है। हाई पॉलीफेनोलिक कंपाउंड होने की वजह से यह लिवर की चर्बी घटाने में मदद करती है।

कमजोरी-थकान दूर करने का उपाय

कमल ककड़ी एक प्रोटीन फूड भी है। इसे खाने से मसल्स और ताकत बढ़ाई जा सकती है। जो लोग कमजोरी व थकान से जूझ रहे हैं, वो इसे खाकर शरीर को तगड़ा बना सकते हैं। बच्चों को भी इसका सेवन जरूर करवाना चाहिए।

कमजोर हड्डियों को मिलेगी ताकत

बच्चों के विकास के लिए हड्डियों का मजबूत होना जरूरी है। कमल की जड़ में कैल्शियम की भरमार है। इसमें कॉपर, फॉस्फोरस, जिंक भी होता है, जो हड्डियों को भारी बनाने में कैल्शियम की मदद करते हैं। महिलाओं की डाइट में भी इसे शामिल करना चाहिए।

जल्दी-जल्दी बनेगा खून

महिलाओं को एनीमिया का खतरा ज्यादा रहता है। उन्हें कमल ककड़ी खानी चाहिए, यह आयरन से भरी होती है। इसमें फोलेट भी होता है, जो रेड ब्लड सेल्स बढ़ाते हैं। इसे खाने से इम्यूनिटी भी बढ़ती है और नसें खून से सराबोर हो जाएंगी।

मंगलवार, 30 अप्रैल 2024

'लीची की आईसक्रीम' बनाने की आसान रेसिपी

'लीची की आईसक्रीम' बनाने की आसान रेसिपी

सरस्वती उपाध्याय 
आप चाहें तो घर पर लीची की आईसक्रीम भी बना सकते हैं, जो बच्चों को भी काफी पसंद आएगी। इसलिए आज हम इसकी आसान रेसिपी आपको बताने वाले हैं। आइए जानते हैं, कैसे आप घर पर आसानी से लीची की आईसक्रीम बना सकते हैं, जिसका स्वाद आप कभी नहीं भूलेंगे।

कप कटी हुई लीची
1 कप दूध पाउडर
3/4 चम्मच मक्के का आटा
3 कप दूध
1/2 कप चीनी
1/2 कप ताजी क्रीम
सजावट के लिए
1/2 कप टूटी और बीज रहित लीची

एक कटोरे में दूध पाउडर, 1 कप दूध और कॉर्नफ्लोर डालें। सभी चीजों को अच्छे से मिलाने के लिए इसे फेंट लीजिए।
अब एक पैन पर बचा हुआ दूध डालें। फिर इसमें चीनी डालें और चलाते हुए अच्छे से मिक्स कर लें। इसमें उबाल आने दें और बीच-बीच में मिलाते रहें।
अब पैन में स्टेप 1 में तैयार मिश्रण डालें। इसे अच्छे से मिलाएं और मध्यम आंच पर 5 मिनट तक पकने दें।
पकने के बाद इसे थोड़ी देर ठंडा होने दें और फिर ताजी क्रीम डालें। ताजी क्रीम के बाद, बीज रहित लीची का गूदा डालें। एक व्हिस्क का उपयोग करके सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।
मिश्रण को एक कंटेनर में डालें और एल्युमिनियम फॉयल से ढक दें। इसे 6 घंटे तक जमने दें।
एक बार जब यह अर्ध-सेट हो जाए, तो मिश्रण को ब्लेंड करें और एक कटोरे में निकाल लें। कटी हुई लीची डालें। सभी चीजों को अच्छे से मिला लीजिए।
अब मिश्रण को दोबारा कंटेनर में डालें। इसे एल्युमिनियम फॉयल से ढक दें। इसे 10 घंटे तक जमने दें।
अब आपकी लीची आइसक्रीम तैयार है। आप इसके ऊपर कुछ पिस्ता या कटे हुए जामुन डाल सकते हैं।

शनिवार, 20 अप्रैल 2024

गर्मी में 'गुलकंद' खाने के अनेक फायदे, जानिए

गर्मी में 'गुलकंद' खाने के अनेक फायदे, जानिए 

सरस्वती उपाध्याय 
बेहद सुंदर और सुगंधित फूल 'गुलाब' गुणों की खान है और इसकी पंखुड़ियों से बना गुलकंद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ गर्मियों के लिए है वरदान स्वरूप। गुलाब से बने गुलकंद में कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही विटामिन्स की भी अच्छी मात्रा होती है। गुलकंद की तासीर ठंडी होती है जो गर्मी में तन-मन दोनों को राहत देती है। इसके सेवन से ठंडक और सुकून का एहसास होता है। गर्मी में इसके अन्य क्या फायदे हैं, चलिए जानते हैं।

लू लगने का खतरा कम

गुलकंद का स्वाद लेते ही आपको ठंडक का एहसास होता है न, यही ठंडक गर्मियों में पूरे शरीर को राहत देती है। इसके सेवन से बाॅडी हाइड्रेटेड रहती है। इसके सेवन से शरीर की गर्मी शांत होती है और लू से भी बचाव होता है। यह अधिक पसीना आने की समस्या से भी राहत दिलाता है इससे कमज़ोरी और थकान से भी कुछ हद तक बचाव होता है।

आंखों की जलन से राहत

गर्मी के दिनों में आंखों में जलन, सूखापन, और असहजता आम समस्याएं हैं। गुलकंद के सेवन से आँखों को भी राहत मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार इसके सेवन से आंखों की रोशनी भी बेहतर होती है।

स्किन पर ग्लो दिखेगा, जवां भी आएंगे नजर

गुलाब की पंखुड़ियों में विटामिन ए और सी की भरपूर मात्रा होती है। ये स्किन में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाती हैं। जिससे त्वचा अधिक उम्र तक जवां नज़र आती है। गुलकंद के सेवन से खून साफ होता है और दाग-धब्बे, कील-मुहांसे, इंफैक्शन और एलर्जी जैसी स्किन प्राॅब्लम्स दूर होती हैं। साथ ही आपकी स्किन की चमक भी बढ़ती है।

पाचन बेहतर

गर्मी में पेट से जुड़ी समस्याएं बहुत बढ़ जाती हैं। गुलकंद पेट को ठंडक देता है और गर्मी को हरता है। पेट से जुड़ी दिक्कतें गैस, कब्ज, बेचैनी, घबराहट आदि से गुलकंद राहत देता है। यह आंतों की कार्यप्रणाली को भी सुधारता है।

नकसीर से राहत

गर्मी में बहुत से लोगों को नकसीर फूटने की समस्या होती है। ऐसे लोगों को भी रोज़ाना गुलकंद के सेवन से राहत मिलेगी।

बाॅडी टाॅक्सिन रिलीज करने में मददगार

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गुलकंद बाॅडी से टाॅक्सिन बाहर निकालने में भी मददगार है।इसका फायदा अंततः वजन कम करने और शुद्ध रक्त के रूप में मिलता है। यह मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है।

दिमाग को भी देता है राहत

गुलकंद दिमाग को भी राहत देता है। इसका खास अरोमा दिमाग को शांत करता है। उसकी नसों को रिलेक्स करता है। तनाव कम होने से नींद तो अच्छी आती ही है, हमारा गुस्सा भी कम होता है। रोज़ाना दूध के साथ चम्मच भर गुलकंद खाने से दिमाग तेज होता है और याददाश्त भी बेहतर होती है।

महिलाओं के लिए फायदे

गुलकंद के सेवन से महिलाओं को यूटीआई या मूत्र मार्ग संक्रमण से राहत मिलती है। यूरिन इंफेक्शन को दूर करने के साथ ही गर्भाशय को भी अंदरूनी बढ़ी हुई गर्मी से राहत देता है।

मुंह के छालों में आराम

पेट में गर्मी बढ़ने से मुंह में छाले हो जाते हैं। ठंडी तासीर वाला गुलकंद पेट की गर्मी को शांत करने में प्रभावी होता है। इस तरह गुलकंद खाने से छालों की समस्या से जल्द राहत मिल सकती है।

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024

रोजाना दही खाने के शानदार फायदे, जानिए

रोजाना दही खाने के शानदार फायदे, जानिए 

सरस्वती उपाध्याय 
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हेल्दी रहना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में रोजाना दही का सेवन एक आसान और फायदेमंद तरीका है। अपनी सेहत का ख्याल रखने का। आइए जानते हैं, रोजाना दही खाने के शानदार फायदों के बारे में ?

वजन घटाने में मदद...
दही में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जो आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है और अनहेल्दी भोजन की कमी को कम करती है। इससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

पाचन क्रिया को बेहतर...
दही में पाए जाने वाले प्रोबायोटिक्स आंतों में अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। इससे पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है और कब्ज, गैस जैसी समस्याएं दूर होती हैं।

डायबिटीज कंट्रोल...
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, दही में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर लेवल को अचानक नहीं बढ़ाता है।

हड्डियों को मजबूत...
दही कैल्शियम और फॉस्फोरस का रिच सोर्स होता है। ये दोनों ही मिनरल्स हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं।

इम्यूनिटी बूस्ट...
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करते हैं। यह शरीर को संक्रमण से बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

कितना दही खाएं ?
अधिकांश वयस्कों के लिए रोजाना एक से दो कप दही का सेवन फायदेमंद होता है। आप इसे फलों के साथ, मीठे के साथ या फिर सब्जी रायते के रूप में भी खा सकते हैं। हालांकि, मीठा दही खाने से बचना चाहिए। क्योंकि, इससे शुगर की मात्रा बढ़ सकती है।

मंगलवार, 16 अप्रैल 2024

सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है 'बालम खीरा'

सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है 'बालम खीरा'

सरस्वती उपाध्याय 
क्या आपने कभी बालम खीरा के बारे में सुना है ? आयुर्वेद में कई औषधियों में इसका उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में...

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर बालम खीरा फ्री-रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है।
इससे सर्दी-जुकाम, बुखार, अन्य वायरल संक्रमण का खतरा कम होता है।
इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर की सूजन कम करने में मदद करते हैं।
बालम खीरा के रस का सेवन करने से मलेरिया जैसे रोगों से बचाव होता है।
बालम खीरे का पानी फंगस और बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है।
इसका पानी पीने से स्किन पर चमक आती है और एजिंग के लक्षण कम होते हैं।
बालम खीरे को डाई बनाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है।
हालांकि कोई बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें।

सोमवार, 1 अप्रैल 2024

डाइट में शामिल करें 'पानी' की पूर्ति करने वाले फल

डाइट में शामिल करें 'पानी' की पूर्ति करने वाले फल

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आ गया है। इस मौसम में सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। बढ़ते तापमान की वजह से काफी पसीना आता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। डिहाइड्रेशन की वजह से सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे चक्कर आना, स्किन ड्राई होना, मुंह सूखना, बीपी में गड़बड़ी, धड़कने तेज होना, सिर दर्द, किडनी इन्फेक्शन, किडनी स्टोन आदि। इसलिए अपनी डाइट में ऐसे फूड्स को शामिल करना चाहिए, जो हमारे शरीर में पानी की कमी न होने दें। इसलिए हम ऐसे फूड आइटम्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हाइड्रेटेड रहने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानें, किन फूड आइटम्स में भरपूर मात्रा में पानी मौजूद होता है ?

खीरा
खीरा में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जिस वजह से गर्मियों में इसे खाना काफी फायदेमंद होता है। साथ ही, इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है, जिस वजह से वजन कम करने में भी काफी मदद मिलती है। खीरे को पानी मे मिलाकर पीने से बॉडी डिटॉक्स करने में भी मदद मिलती है।

तरबूज
तरबूज गर्मियों के मौसम में मिलने वाला एक फल है, जिसमें भरपूर मात्रा में पानी मौजूद होता है। इसे खाने से बॉडी हाइड्रेटेड रहती है, जिससे सेहत को फायदा मिलता है। साथ ही, इसमें विटामिन-सी और विटामिन-ए भी पाया जाता है, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। विटामिन-सी सन प्रोटेक्शन में मदद करता है, जो गर्मियों में बेहद जरूरी होता है। इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है, जो वजन कम करने में मददगार है।

नारियल पानी
नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स मौजूद होते हैं, जो डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद पोटेशियम और सोडियम, बीपी मैनेज करने में भी मदद करते हैं। इसलिए गर्मियों में नारियल पानी पीना बेहद फायदेमंद होता है।

ककड़ी
ककड़ी हरे रंग की एक सब्जी होती है, जिसमें भरपूर मात्रा में पानी होता है। इसे खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और शरीर ठंडा रहता है। इसलिए गर्मियों में ककड़ी जरूर खाएं।

स्ट्रॉबेरी
गर्मियों में स्ट्रॉबेरी खाने से पानी की कमी दूर करने में काफी मदद मिल सकती है। साथ ही, इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिन-सी, फॉलेट और मैंगनीज पाया जाता है, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। गर्मियों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर फूड्स खाना काफी फायदेमंद होता है।

दही
दही शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है, जिससे गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी नहीं होती। इसके अलावा, दही में प्रोबायोटिक्स भी होते हैं, जो गट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। हालांकि, इस बात का ख्याल रखें कि सादा दही खाना ज्यादा फायदेमंद है। फ्लेवर्ड दही में शुगर मिलाया हुआ होता है, जो सेहत के लिए हानिकारक होता है।

रविवार, 10 मार्च 2024

होली के अवसर पर बनाएं मावा भरी गुजिया, रेसिपी

होली के अवसर पर बनाएं मावा भरी गुजिया, रेसिपी 

सरस्वती उपाध्याय 
इस साल होली का त्योहार 25 मार्च को मनाया जाएगा और इस मौके पर घरेलू मिठाइयां तैयार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। होली के इस खास मौके पर गुजिया हर घर में बनाई जाएगी, खासकर मावा भरी गुजिया की रेसिपी को अपनाकर। यहां है इस खास मिठाई की ट्रेडिशनल रेसिपी...

सामग्री:

2 कप मैदा
घी
1 कप खोया
1 कप चीनी
1 चम्मच छोटी इलायची पाउडर
1 चम्मच कद्दूकस किया बादाम
4 चम्मच किशमिश
पानी

कैसे बनाएं गुजिया ?

सबसे पहले आटा बनाएं, जिसके लिए थोड़ा घी और पानी के साथ मैदा को अच्छे से गूंथ लें। आटा को आधे घंटे तक ढककर रखें ताकि वह सेट हो सके।
इस बीच, खोया को हल्की आंच पर भूनें और उसमें कद्दूकस किया बादाम, इलायची पाउडर, किशमिश और चीनी मिलाएं।
आटे को गूंथे हुए गोल पूरी बनाएं और उसमें बनाए गए मिक्सचर को भरें। गुजिया की किनारों पर हल्का पानी लगाकर उसे बंद करें।
फैंसी कटर की मदद से गुजिया को शेप दें और बनाएं और बनाएं।
एक कढ़ाई में घी गरम करें और गुजिया को हल्की आंच पर तलें। तब तक तलें जब तक वे हल्के भूरे रंग की नहीं हो जाएं।
चाश्नी वाली गुजिया के लिए, एक पैन में चीनी और पानी डालकर चाश्नी तैयार करें। तली हुई गुजिया को चाश्नी में डालें।
गुजिया को प्लेट में निकालें और ठंडा होने पर कंटेनर में स्टोर करें।
इस तरीके से आप बड़ी आसानी से घर पर होली के लिए मावा भरी गुजिया बना सकते हैं और इस त्योहार को और भी रंगीन बना सकते हैं।

शुक्रवार, 8 मार्च 2024

अच्छे खीरे की पहचान के तरीके, जानिए

अच्छे खीरे की पहचान के तरीके, जानिए 

सरस्वती उपाध्याय 
गर्मी के मौसम में शरीर को तरोताजा रखने के लिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करें, जो आपकी बॉडी को हाइड्रेटेड रखती हैं। खासतौर पर गर्मी के मौसम में आने वाले फल सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं।
मगर फलों के सेवन के साथ ही आपको इस बात का ख्‍याल रखना भी जरूरी है कि बाजार से आप जो फल खरीद रहे हैं वह खाने में स्‍वादिष्‍ट और सेहत के लिए अच्‍छा है भी या नहीं है। ऐसे ही फलों में खीरे का नाम भी आता है।
वैसे तो खीरा आपको हर मौसम में मिल जाएगा। मगर अच्‍छा और देसी खीरा केवल गर्मियों के मौसम में ही आता है। खासतौर पर मार्च से लेकर जून तक के महीनों में लू चलने के कारण अच्‍छे और मीठे खीरे की पैदावार बहुत होती है।
खीरा एक सस्‍ता फल होने के साथ ही स्‍वादिष्‍ट और सेहतमंद भी होता है। मगर इसे खरीदते वक्‍त यदि आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो कड़वा, बेस्‍वाद और बीज वाला खीरा आप घर ले आएंगे। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि जब आप खीरा खरीदें तो किन बातों का विशेष रूप से ध्‍यान रखें।

खीरे के छिलके को देखें

बाजार में आपको खीरे की कई वैरायटी मिल जाएंगी। मगर यदि आप देसी खीरा खरीदना चाहती हैं तो आपको खीरे का छिलका देखना चाहिए। खीरे का छिलका अगर गहरा हरा और कहीं-कहीं से पीलापन लिए हुए है और उसमें दाने उभरे हुए हैं तो जान लें कि वह देसी खीरा है।आप इस तरह के खीरे को खरीद सकते हैं।

खीरा में कितना कसाव है देखें

खीरा लेते वक्‍त यह भी देखें कि वह मुलायम तो नहीं है। मुलायम खीरे अंदर से अधिक बीज वाले और गले हुए हो सकते हैं। दरअसल, जब खीरा जरूरत से ज्‍यादा पक जाता है तो वह इस तरह का हो जाता है। आपको सख्‍त खीरा ही चुनना चाहिए, इसके लिए आप खीरा लेने से पहले उसे दबा कर देखें।

खीरे का आकार देखना भी है जरूरी

बाजार में छोटे, बड़े, मोटे और टेढ़े-मेढ़े कई आकार के खीरे आपको मिल जाएंगे। मगर बेस्‍ट होगा कि आप साइज में छोटे खीरे खरीदें। इसके साथ ही खीरा न बहुत अधिक पतला होना चाहिए और न बहुत अधिक मोटा होना चाहिए। अधिक बड़े और मोटे आकार के खीरे में अधिक बीज निकल सकते हैं और बहुत अधिक पतला खीरा कच्‍चा और कड़वा हो सकता है।

न खरीदें इस तरह का खीरा

खीरा अगर कटा हुआ है और बहुत अधिक मुड़ा हुआ है तो ऐसे खीरे भी नहीं खरीदने चाहिए। इसके साथ ही खीरे में उभरी हुई हरी रेखाएं नजर आ रही हों तो जान लें कि वह देसी खीरा नहीं है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रोकने में मददगार है 'साग'

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रोकने में मददगार है 'साग'

सरस्वती उपाध्याय 
दिल की बीमारियां जो आजकल तेजी से बढ़ रही हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण है। कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना जो कि खराब डाइट के कारण आम होता जा रहा है। दरअसल, अनहेल्दी फैट से भरपूर फूड्स का सेवन शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है। इसकी वजह से होता ये है कि दिल को पूरे शरीर में ब्लड पंप करने में प्रेशर महसूस होता है जिस वजह से हाई बीपी की समस्या होती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि आप शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रोकें और इस काम में ये साग आपके लिए मददगार हो सकता है। कैसे, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

हाई कोलेस्ट्रॉल में बथुआ

हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को बथुआ जरूर खाना चाहिए। दरअसल, बथुआ की पत्तियों में फाइबर और रफेज की अच्छी मात्रा होती है जो कि कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकता है। ये असल में आपके शरीर में जाकर गर्मी बढ़ाती है और बैड फैट लिपिड्स को पिघलाने में मदद कर सकती है। एक तरह से समझें तो इसका रफेज आपकी धमनियों के लिए स्क्रब की तरह काम करता है और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकता है। इतना ही नहीं ये दिल के लिए भी फायदेमंद है।
बथुआ साग में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हृदय रोग से जुड़ी पुरानी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। ये विटामिन ए, सी और के से भरपूर होने के कारण, बथुआ की पत्तियां दिल के लिए फायदेमंद है। इन पत्तियों में मैग्नीशियम और पोटेशियम भी होता है, जो धमनियों की दीवारों को स्वस्थ रखने के साथ दिल के काम काज को बेहतर बनाते हैं।

हाई कोलेस्ट्रॉल में कैसे खाएं बथुआ

हाई कोलेस्ट्रॉल में आप बथुआ को कई प्रकार से खा सकते हैं। लेकिन, सबसे कारगर तरीका ये है कि बथुआ को उबाल लें और फिर इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर दरदरा पीस लें और इसका चौखा जैसा बनाकर या रायता बनाकर खाएं। ध्यान रखें कि इसमें तेल और मसाले आदि की मिलावट न करें।

शनिवार, 24 फ़रवरी 2024

नारियल पानी का सेवन करना बेहद लाभदायक

नारियल पानी का सेवन करना बेहद लाभदायक 

सरस्वती उपाध्याय 
गर्मियों के मौसम में नारियल पानी का सेवन करना बहुत ही लाभदायक होता है। क्योंकि गर्मियों में खुद को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है, इसलिए रोजाना नारियल पानी का सेवन करने से हम खुद को हाइड्रेट रख पाते हैं। साथ ही, गर्मियों में नारियल पानी पीने के कई फायदे होते हैं।
गर्मियों में रोजाना नारियल पानी पिने से मिलते है अनेको फायदे , जाने कैसे ?

हाईड्रेशन 
शरीर को हाइड्रेट रखने में नारियल पानी का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद है। नारियल पानी में 90% पानी नहीं होता है। शरीर में पानी की कमी होने पर नारियल का पानी पीना फायदेमंद होता है, जो पानी की कमी को पूरा करने में सहायक होता है। साथ ही आपको डिहाइड्रेशन की समस्या भी बचाता है।

पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद 
कई बार आपने सुना होगा कि तरल पदार्थों के अधिक सेवन से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है क्योंकि इसे पचाने में आसानी होती है और पोषक तत्व भी रक्त द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। नारियल पानी में उच्च मात्रा में फाइबर और मैग्नीशियम पाए जाते हैं, जो पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे कब्ज और अपच की दिक्कत कम हो सकती है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार 
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए नारियल पानी अच्छा होता है। इसका एक और कारण यह है कि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।

वजन कम करने में सहायक
कई लोग अपने बढ़े हुए वजन को लेकर परेशान रहते हैं। साथ ही उनके लिए गर्मियों में खुद को फिट रखना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आप रोज सुबह नारियल पानी के सेवन कर सकते हैं। इसमें फैट की मात्रा कम होती है और यह पूरे दिन आपको भरा हुआ महसूस करता है। इससे आपकी बॉडी ग्लो कर सकती है। साथ ही शरीर भी सुडौल रहता है।

मंगलवार, 16 जनवरी 2024

छुटकारा पाने में बादाम का तेल काफी असरदार

छुटकारा पाने में बादाम का तेल काफी असरदार

सरस्वती उपाध्याय 
वैसे तो चेहरे पर झुर्रियों की समस्या बढ़ते उम्र की निशानी होती है। लेकिन, आजकल 30-35 साल के लोगों को भी यह दिक्कत होने लगी है। पहले समझते हैं कि झुर्रियों के पीछे क्या कारण है? तो इसके पीछे तनाव, कम नींद और बदलती जीवनशैली के चलते हमारी दिनचर्या और खानपान में आए बदलाव जैसे कई कारण हो सकते हैं। शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी के वजह से भी झुर्रियों की समस्या हो सकती है। अब सवाल उठता है कि क्या हम झुर्रियों को दूर कर सकते हैं? तो इससे छुटकारा पाने में बादाम का तेल काफी असरदार है।
अगर आप जानना चाह रहे हैं कि झुर्रियों के लिए सबसे अच्छी क्रीम कौन सी है, तो हम बताने जा रहे हैं एक ऐसे तेल के बारे में जो रातों रात झुर्रियां दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। वो तेल है बादाम का तेल। बादाम तेल में झुर्रियों को कम करने वाले कई गुण मौजूद होते हैं। इसमें विटामिन-ए, विटामिन-ई, विटामिन-डी, ओमेगा-3, फैटी एसिड और फास्फोरस जैसे कई पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। इन पोषक तत्वों की प्रचुरता की वजह से बादाम तेल त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है।
झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए ऐसे करें इस्तेमाल।
झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए आप रात में सोने से पहले रोजाना अपने चेहरे पर बादाम तेल का इस्तेमाल करें। अपने हाथों पर बादाम तेल की कुछ बूंदें लें और कम से कम दो मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें। इसके लिए रात का समय सबसे बेहतर होता है। तेल से मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। बादाम तेल के नियमित इस्तेमाल से चेहरे में चमक और निखार भी आती है। इससे आपकी स्किन को जरूरी पोषण मिलता है और स्किन हेल्दी रहता है। बादाम के तेल में विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होता है जिससे चेहरे की झुर्रियों के साथ-साथ दाग-धब्बों से भी छुटकारा मिलता है। अगर आपके चेहरे पर दाग-धब्बे हैं तो बादाम का तेल आपको इन से भी निजात दिलाएगा।
इनके साथ भी मिला सकते हैं बादाम तेल
झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए आप बादाम तेल का इस्तेमाल एलोवेरा जेल, नारियल तेल और विटामिन-ई कैप्सूल के साथ भी कर सकती हैं। नारियल तेल, एलोवेरा जेल और विटामिन-ई कैप्सूल भी हमारे स्किन के लिए फायदेमंद होता है। झुर्रियां कम होने के अलावा बादाम तेल के साथ इनके इस्तेमाल से आपको दोहरा फायदा मिलेगा क्योंकि, स्किन के लिए ये तीनों भी फायदेमंद है।
चेहरे की झुर्रियों को कम करने के उपाय 
एलोवेरा जेल – झुर्रियों को कम करने के लिए सिर्फ बादाम तेल की जगह आप इसके साथ एलोवेरा जेल मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। एलोवेरा जेल और बादाम तेल एक साथ बेहतरीन एंटी-एजिंग क्रीम की तरह काम करते हैं।
विटामिन-ई कैप्सूल – बाजार में ढ़ेरों एंटी-रिंकल क्रीम मौजूद हैं लेकिन, वह काफी महंगा होता है। साथ ही उनमें केमिकल भी मौजूद होता है ऐसे में विटामिन-ई कैप्सूल और बादाम तेल एक सस्ता और नेचुरल विकल्प हो सकता है। इसे इस्तेमाल करना भी आसान है, आपको बस बादाम के तेल में विटामिन-ई कैप्सूल मिलाकर चेहरे पर लगा लेना है।
नारियल तेल – बादाम तेल में नारियल तेल मिलाकर लगाने से भी झुर्रियों में कमी आती है। इसके साथ ही नारियल तेल से आपको एक और फायदा मिलेगा। नारियल तेल से चेहरे में कसाव आता है। साथ ही त्वचा मुलायम और स्वस्थ बनती है।

गर्म पानी पीने के हानिकारक प्रभाव, जानिए

गर्म पानी पीने के हानिकारक प्रभाव, जानिए 

सरस्वती उपाध्याय 
गले में खराश, अपच या कंजेशन जैसी कई मेडिकल कंडिशन के इलाज के लिए अक्सर गर्म पानी पीने की सलाह दी जाती है। क्या आप जानते हैं कि बहुत ज्यादा गर्म पानी पीने से आपकी सेहत पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है ? जबकि गर्म पानी पीने के बहुत सारे फायदे माने जाते हैं, लेकिन हर एक चीज साइडइफेक्ट के साथ आती है। कई लोग मानते हैं कि गर्म पानी पीने से आपकी इम्यूनिटी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। यहां जानिए क्यों सीमित मात्रा में करना चाहिए गर्म पानी का सेवन।
1. जलन
बहुत ज्यादा गर्म पानी पीने से आपके मुंह, गले और पाचन तंत्र में जलन हो सकती है। गर्म पानी का सेवन करने से पहले इसे सुरक्षित तापमान तक ठंडा करना जरूरी है।
2. डिहाइड्रेशन
अगर गर्म पानी का ज्यादा सेवन किया जाए तो यह डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। बहुत ज्यादा गर्म पानी पीने से आपके शरीर में लिक्विड की कमी हो सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है।
3. पाचन संबंधी परेशानी
जबकि अक्सर पाचन में मदद के लिए गर्म पानी की सिफारिश की जाती है, लेकिन बहुत ज्यादा गर्म पानी का सेवन पेट की परत में जलन पैदा कर सकता है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
4. मिनरल इनबैलेंस
लंबे समय तक बहुत गर्म पानी के सेवन से शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि गर्म पानी से बहुत ज्यादा पसीना आ सकता है और लिक्विड की कमी हो सकती है, जिसकी वजह से इलेक्ट्रोलाइट इनबैलेंस हो सकता है।
5. दांतों पर असर
बहुत गर्म पानी समय के साथ आपके दांतों के इनेमल को नष्ट कर सकता है, जिससे दांतों की सेंसिटिविटी बढ़ जाती है और कैविटी का खतरा बढ़ जाता है। गर्म पानी को पीने से पहले थोड़ा ठंडा कर लेना सबसे अच्छा है।

रविवार, 24 दिसंबर 2023

पेपर कप में चाय पीना बेहद नुकसानदायक

पेपर कप में चाय पीना बेहद नुकसानदायक 

सरस्वती उपाध्याय 
अगर आप भी पेपर कप में चाय पीते है, तो तुरंत ही पेपर कप में चाय पीना बंद कर दें।
पेपर कप सेहत को नुक्सान पंहुचा सकता है। प्लास्टिक कप के नुक्सान से बचने के लिए लोग अक्सर पेपर के कप में चाय पीना पसंद करते है।
लोग सड़क के किनारे चाय की टपरी से चाय पीते है। टी-स्टाल पर चाय देने के लिए पेपर कप का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर लोग इन पेपर कप से चाय पीते है। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि पेपर कप सेहत को कितना नुक्सान पहुंचते है। ऐसे में चलिए जानते है कि पेपर कप आपकी सेहत को क्या-क्या नुक्सान पंहुचा सकते है ?

इस वजह से नुकसानदायक है पेपर कप से चाय पीना

हर कोई प्लास्टिक कप से होने वाले नुक्सान के बारे में जानता है। लेकिन प्लास्टिक कप जितना नुक्सानदायक होता है सेहत के लिए पेपर कप भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। पेपर कप जब बनता है तो उसमें प्लास्टिक या मोम से कोटिंग क जाती है।
ताकि पेपर कप में गरम चीज़ डाली जा सके। ऐसे में जब आप पेपर कप में चाय या कोई भी गरम चीज़ पीते है तो इसमें मौजूद केमिकल्स पदार्थ उसके साथ मिल जाते है। जो सीधा आपके शरीर में जाते है। जिससे स्वास्थ्य को नुक्सान हो सकता है।

पेपर कप के नुकसान
पेपर कप में चाय या कोई भी गरम चीज़ पीने से कप के केमिकल सीधा पेट के अंदर जा सकते है। जिससे व्यक्ति को अपच और डायरिया जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती है।
पेपर कप में मौजूद केमिकल्स शरीर में टॉक्सिन के जमा होने का भी कारण हो सकते है। जो बाद में शरीर में स्लो पाइजन का काम करते है।
पेपर कप में चाय पीने से पाचन तंत्र और किडनी पर काफी प्रभाव पड़ता है।
पेपर कप में मौजूद केमिकल्स हार्मोन असंतुलन कर सकते है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है।

शनिवार, 23 दिसंबर 2023

कच्चे दूध का सेवन करना बेहद लाभदायक

कच्चे दूध का सेवन करना बेहद लाभदायक 

सरस्वती उपाध्याय 
कच्चे दूध में मौजूद विटामिन, पोटैशियम, बायोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम चेहरे के दाग धब्बों को दूर करने में मदद करते हैं और साथ ही काफी फायदा देते हैं। कच्चे दूध को आप रात में सोने से पहले का इस्तेमाल करते हैं, तो सुबह सवेरे आपकी स्किन एकदम सॉफ्ट और खिली खिली रहेगी। नाइट के रूटीन में दूध को कैसे इस्तेमाल करना है ? चलिए आपको बताते हैं।

कच्चे दूध के इस्तेमाल से त्वचा को मिलते हैं ये 3 फायदे

चेहरे पर कच्चा दूध लगाने के फायदों के बारे में जयपुर में अरोमा एंड नैचुरो थेरेपिस्ट डॉ. मनोज दास बताते हैं कि कच्चे दूध को चेहरे पर लगाने से कई फायदे होते हैं। कच्चे दूध में कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स जैसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्किन को मॉस्चराइज़ करते हैं और स्किन को खूबसूरत बनाते हैं।

मुंहासों का बेहतर इलाज़

कच्चे दूध को मुंहासों के इलाज में एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। डॉ. मनोज ने बताया कि कच्चे दूध में मौजूद लैक्टोफेरिन, एक प्राकृतिक प्रोटीन, और लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया एंटी-इन्फ्लेमेट्री प्रॉपर्टीज रखते हैं, जो मुंहासों की सूजन और लालिमा को कम करने में मदद करते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कच्चे दूध में प्रोबायोटिक्स जैसे गुड बैक्टीरिया होते हैं, जो त्वचा के मैक्रोबिओटिक्स को संतुलित रखने में मदद करते हैं और बैक्टीरियल इंफेक्शन को कम करते हैं। जिससे मुंहासों की समस्या में कमी आती है।

कैसे करना हैं इस्तेमाल ?

कच्चे दूध को मुंहासों पर लगाने के लिए, आप इसे एक क्लींजर की तरह ही प्रयोग कर सकते हैं और उसे कच्चे दूध में डिप करके मुंहासों पर लगा सकते हैं। इसे लगाने के बाद आप इसे 15-20 मिनट के लिए सुखा लें और फिर ठंडे पानी से धो सकते हैं। इस प्रकार के उपचार को नियमित रूप से करने से मुंहासों की स्थिति में सुधार हो सकता है।

गुरुवार, 21 दिसंबर 2023

मूली के पत्तों की सब्जी बनाकर खाएं, स्वादिष्ट

मूली के पत्तों की सब्जी बनाकर खाएं, स्वादिष्ट 

सरस्वती उपाध्याय 
“सर्दियों के मौसम में मूली की जबरदस्त आवक होती है। इसे सलाद के रूप में तो खाया ही जाता है, साथ ही इसकी सब्जी भी लाजवाब होती है। मूली पाचन के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। साथ ही यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करती है। इसले अलावा मूली के पत्तों के भी कई फायदे होते हैं।

आम तौर पर लोग मूली को तो खाते हैं। लेकिन इसके पत्तों को फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप इनके पत्तों की सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं, क्योंकि ये बहुत ही स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक होती है। यह बनाना काफी आसान है और ज्यादा वक्त भी नहीं लगता, तो चलिए जान लेते हैं, मूली के पत्तों की सब्जी बनाने की आसान विधि।

सामग्री

मूली पत्ते – 1/2 किलो
मूली – 2
प्याज – 2
लहसुन – 8-10 कलियां
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टी स्पून
धनिया पाउडर – 1 टी स्पून
हल्दी – 1/2 टी स्पून
मेथी दाना – 2 टी स्पून (वैकल्पिक)
राई – 1/2 टी स्पून
सौंफ – 1/2 टी स्पून
खड़ी लाल मिर्च – 5-6
तेल – जरूरत के मुताबिक
नमक – स्वादानुसार

विधि
सबसे पहले मूली के पत्ते लें और उन्हें अच्छे से धो लें। इसके बाद इन्हें बारीक काट लें। अब मूली लें और इन्हें भी छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें.प्याज और लहसुन की कली के भी बारीक-बारीक टुकड़े कर लें। अब एक कड़ाही में 2 टेबल स्पून तेल डालकर गरम करें। तेल गरम होने के बाद इसमें जीरा, मेथीदाना, राई और सौंफ डालकर कुछ सैकंड भूनें और तड़का लगाएं। कुछ सैकंड तक भूनने के बाद इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर पकाएं। कुछ देर बाद बारीक कटा प्याज और लहसुन डालकर सेकें। इन्हें तब तक भूनना है, जब तक कि प्याज का रंग हल्का गुलाबी न हो जाए।

इसके बाद मसाले में कटी मूली डालें और फ्राई करें. इसके बाद लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर डालकर मिलाएं। अब मूली के पत्ते और स्वादानुसार नमक डालकर मिलाएं.अब कड़ाही ढक दें और सब्जी को 4-5 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। जब मूली के पत्ते और मूली ठीक से नरम हो जाए तो गैस बंद कर दें।तैयार है मूली पत्तों की सब्जी। इसे लंच या डिनर किसी भी वक्त बना सकते हैं।

मंगलवार, 19 दिसंबर 2023

स्वादिष्ट गाजर की खीर बनाने की विधि, जानिए

स्वादिष्ट गाजर की खीर बनाने की विधि, जानिए 
सरस्वती उपाध्याय 
खीर का नाम सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है। आम तौर पर चावल की खीर बनती है, लेकिन कुछ और चीजें भी हैं जिससे यह तैयार की जा सकती है और वह बेहद स्वादिष्ट होती है। आज हम बात कर रहे हैं गाजर की खीर की, जो सर्दियों में भरपूर पोषण भी देती है। आम तौर पर गाजर का मीठे के रूप में हलवा बनाकर ही मजा लिया जाता है, लेकिन आप एक बार इसकी खीर चख लेंगे तो बार-बार इसकी डिमांड करेंगे। यह घर में छोटे-बड़ों सबको पसंद आएगी। इस बनाने में दूध, इलायची के साथ ही ड्राई फ्रूट्स काम लिए जाते हैं। इसे लंच या डिनर के बाद सर्व कर सकते हैं।
सामग्री
गाजर – 250 ग्राम
दूध – 1 लीटर
बादाम – 8-10
इलायची – 2 पिंच
चीनी – 1 कप
विधि
1- सबसे पहले गाजर को धोकर साफ कर लें। इसके बाद उन्हें सूखे सूती कपड़े से पोछ लें। अब गाजर को कद्दूकस कर एक बर्तन में अलग रख दें।
2- इसके बाद बादाम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।अब एक गहरे तले वाले बर्तन में दूध डालकर उसे मीडियम आंच पर गरम करने के लिए रख दें।
3- अब दूध को 2-3 मिनट तक पकाने के बाद उसमें उबाल आना शुरू हो जाएगा। इसके बाद दूध में कद्दूकस गाजर डालकर मिक्स कर दें।
4- अब खीर को 4-5 मिनट तक पकने दें। जब खीर गाढ़ी होने लग जाए तो इसमें दो चुटकी इलायची पाउडर और चीनी डालकर मिक्स करें। अब खीर को ढककर लगभग 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।
5- खीर तब तक पकाना है। जब तक कि गाजर अच्छी तरह से नरम होकर पूरी पक न जाए। गाजर की खीर तैयार है। इसे सर्विग बाउल में डालें और ऊपर से बादाम के टुकड़ों से गार्निश कर परोसें।

रविवार, 17 दिसंबर 2023

लिवर को समय पर डिटॉक्स करना बेहद जरूरी

लिवर को समय पर डिटॉक्स करना बेहद जरूरी
सरस्वती उपाध्याय 
ठंड में जब शरीर जाम होने लगता है तो लिवर का फंक्शन में स्लो हो जाता है। जिससे तकलीफ बढ़ सकती है। पेट में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बहुत ज्यादा जंक फू़ड, ऑयली खाना और मसालेदार खाने से सेहत तो बिगड़ती ही है साथ ही लिवर पर भी इसका असर पड़ता है।लिवर के फंक्शन को ठीक रखने के लिए समय समय पर इसे डिटॉक्स करना बेहद्द जरुरी होता है। इससे आप लिवर संबंधी तकलीफों को दूर कर सकते हैं और आपका शरीर भी डिटॉक्स होता है। पेट दर्द, कब्ज, अपच, लिवर सम्बन्धी बीमारियां हैं। इन बीमारियों को दूर करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। आज हम आपको एक ऐसा ड्रिंक बता रहे हैं जो लिवर को डिटॉक्स करता है। जानिए इसे घर पर कैसे तैयार करें?
लिवर को डिटॉक्स करता है ये वॉटर
आपको इस डिटॉक्स वॉटर को तैयार करने के लिए 1 लीटर पानी लेना है। इसके लिए 1 ग्रीन एप्पल चाहिए। थोड़े से चिया सीड्स और पुदीना के पत्ते, थोड़े तुलसी के पत्ते आपको चाहिेए।
कैसे बनाएं डिटॉक्स वॉटर
किसी बर्तन में 1 लीटर फिल्टर वाला पीना ले लें।
इसमें तुलसी की 5 पत्तियां और पुदीना की 10 पत्तियों को हल्का कूट कर डाल दें।
ग्रीन एप्पल को धोकर साफ कर लें और छोटे टुकड़े करके पानी में डाल दें।
पानी में आपको करीब 1 चम्मच चिया सीड्स डालने होंगे।
सारी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें और इसे करीब 1 घंटे के लिए छोड़ दें।
अब आप इस पानी को को दिनभर में जब जी चाहे पी सकते हैं। वैसे सुबह के वक्त ये पानी ज्यादा असरदार साबित होता है।
डिटॉक्स वॉटर के फायदे
अगर आप डेली 1 गिलास डिटॉक्स वॉटर पीते हैं तो इससे कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी।
डिटॉरक्स वॉटर पीने से यूरिन संबंधी परेशानियां कम होने लगती हैं, इसलिए आप रोजाना 1 गिलास डिटॉक्स वॉटर जरूर पिएं।
पेट से जुडी तकलीफें होने पर ये पानी कमाल का काम करता है। इससे पेट में जमा सारी गंदगी साफ हो जाती है।
डिटॉक्स वाटर पीन से पेट अच्छी तरह से क्लीन हो जाता है और पेट की समस्याएं कम हो जाती हैं।
डिटॉक्स वॉटर स्किन और बालों को भी शाइनी बनाता है। ग्लोइंग स्किन पाने के लिए रोजाना डिटॉक्स वॉटर जरूर पिएं।

'पीएम' मोदी ने अभिनेत्री रश्मिका की तारीफ की

'पीएम' मोदी ने अभिनेत्री रश्मिका की तारीफ की अकांशु उपाध्याय  नई दिल्ली। नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना सिर्फ साउथ सिनेमा का ही नहीं, अब ...