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शनिवार, 18 सितंबर 2021

खाने-पीने के जरिए पेट तक पहुंच सकते हैं किटाणु

वाशिंगटन डीसी। पूरे घर में किचन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली जगह होती है। ऐसे में खाना बनाते वक्त गंदगी भी सबसे ज्यादा किचिन में ही फैलती है। हम रोजमर्रा की क्लीनिंग में स्लैब और बर्तनों को तो अच्छी तरह से साफ कर लेते हैं, लेकिन किचन में ऐसी कई जगह होती हैं जहां बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इन जगहों पर या तो हमारा ध्यान नहीं जाता या हफ्तों तक यहां सफाई का नंबर नहीं आ पाता है। ऐसे में किचन में कीटाणु पैदा होने लगते हैं। किचिन में पनपने वाले ये कीटाणु खाने-पीने के जरिए आपके पेट तक पहुंच सकते हैं।
जिससे आपकी और आपके परिवार की सेहत बिगड़ सकती है। इसलिए आपको रसोई में सफाई का बहुत ध्यान रखने की जरूरत है। हम आपको किचिन की ऐसी चीजें या जगह बता रहे हैं जहां सफाई की सबसे ज्यादा जरूरत होती ह। आप इन जगहों को जरूर साफ रखें।
रसोई में स्लैब साफ करने और हाथ पोछने वाले कपड़े सबसे ज्यादा गंदे होते हैं। इन कपड़ों में काफी कीटाणु होते हैं।। इससे कीटाणु आपके खाने में पहुंच सकते हैं। कोशिश करें कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले कपड़े की जगह टिशू पेपर इस्तेमाल करें। अगर कपड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे रोजाना साबुन से साफ करें।रसोई में स्लैब साफ करने और हाथ पोछने वाले कपड़े सबसे ज्यादा गंदे होते हैं। इन कपड़ों में काफी कीटाणु होते हैं।। इससे कीटाणु आपके खाने में पहुंच सकते हैं। कोशिश करें कि रसोई में इस्तेमाल होने वाले कपड़े की जगह टिशू पेपर इस्तेमाल करें। अगर कपड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे रोजाना साबुन से साफ करें।रसोई में चाकू और चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है, लेकिन कई बार लोग इनकी साफ-सफाई में लापरवाही बरतते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि चाकू और चॉपिंग बोर्ड कीटाणुओं का हॉटस्पॉट्स हो सकता है। इसलिए चॉपिंग बोर्ड्स और चाकू को इस्तेमाल करने के बाद हमेशा अच्छी तरह से साफ कर लें। पके हुए खाने और कच्चे खाने के लिए अलग-अलग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें।
 किचन में खाना बनाते वक्त कई बार दरवाजे, फ्रिज और अलमारी के हैंडल छूने पड़ते हैं, लेकिन ध्यान रखें इन जगहों पर सबसे ज्यादा कीटाणु होने का खतरा रहता है। ऐसे में आप यहां लगे बैक्टीरिया के संपर्क में आ जाते हैं। ऐसे में किचिन में ज्यादा छूए जाने वाली सतहों को हमेशा साफ रखना चाहिए। दरवाजे, फ्रिज और हैंडल को अच्छी तरह साबुन और गर्म पानी से साफ कर लें।

गुरुवार, 16 सितंबर 2021

अपनी त्वचा की देखभाल करना सभी के लिए जरूरी

अकांशु उपाध्याय      
नई दिल्ली। अपनी त्वचा की देखभाल करना हम सभी के लिए बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये हमारे शरीर की ऊपरी और सबसे नाजुक परतों में से एक है, जिससे हमारी शरीर की सुंदरता भी जुड़ी हुई है। गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा लोगों को चिंता अपनी स्किन की होने लगती है। खासतौर पर चेहरे की स्किन। इस मौसम में चिलचिलानी धूप से चेहरे की रौनक जाने का डर सताने लगता है। ऐसा इसलिए क्योंकि धूप की वजह से चेहरे पर टैनिंग होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में अगर आप अपने चेहरे को ग्लोइंग बनाना चाहते हैं तो ये 5 टिप्स अपनाएं।स्किन को अंदर से साफ करने का काम करता है। इसके लिए बस आप टमाटर के रस को लें और चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद जब रस सूख जाएं तो हल्के हाथ से स्किन को रब करें और चेहरे को पानी से धो लें। इससे आपका चेहरा साफ हो जाएगा।अगर आप गर्मियों में अपनी त्वचा की नैचुरल तरीके से देखभाल करना चाहते हैं तो एलोवेरा को अपने फेस पर जरूर लगाएं। इसके लिए आप घर पर एलोवेरा का पेड़ भी लगा सकते हैं और उससे एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाएं या फिर बाजार से भी एलोवेरा जेल का ट्यूब खरीद सकते हैं। आप एलोवेरा जेल को चेहरे पर कभी भी लगा सकते हैं। हालांकि रात में सोते वक्त चेहरे को साफ करने के बाद इसे लगाना ना भूलें।
खाने के स्वाद के अलावा दही चेहरे की स्किन के लिए फायदेमंद होता है। दही से त्वचा को नमी मिलती है। इसके साथ ही चेहरे के गंदे कण बाहर निकल जाते हैं। ये टैनिंग को भी हटाता है और चेहरे की स्किन को हेल्दी बनाए रखता है।
नींबू में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है। इसके रस को अगर आप चेहरे पर लगाएंगे तो चेहरे पर चमक आ जाएगी। साथ ही ये चेहरे से गंदगी भी साफ हो जाएगी।

 

बुधवार, 15 सितंबर 2021

नींबू के रस के साथ बनाएं जातें हैं आलू कुरकुरे

दुष्यंत टीकम        
रायपुर। सभी आलू प्रेमियों के लिए, आलू कटलेट, ब्रेड रोल, आलू पकोड़ा और आलू सैंडविच जैसे कई आलू बेस्ड डिश हैं। इस स्वादिष्ट डिश को आलू कुरकुरे कहा जाता है। इस डिश को नाश्ते के रूप में या ब्रंच के लिए परोसा जा सकता है। ये डिश रसोई के अनुकूल इनग्रेडिएंट्स जैसे आलू, आटा, हरी मिर्च, पुदीना के पत्ते, दबाए हुए चावल, नींबू के रस और सीजनिंग के साथ बनाए जाते है। इस आलू कुरकुरे रेसिपी को अपनी पसंद की चटनी और केचप के साथ गर्मा-गर्म परोसें। इस रेसिपी को पॉट लक, गेम नाइट, किटी पार्टी, बर्थडे, पिकनिक के दौरान बनाकर देखें। ये आपके बच्चे का पसंदीदा टिफिन आइटम भी हो सकता है। इस रेसिपी को जरूर ट्राई करें, इसे रेट करें और हमें बताएं कि ये कैसी बनी?
आलू कुरकुरे की सामग्री
4 सर्विंग्स
3 आलू
1 बड़ा चम्मच हरी मिर्च
1 चम्मच नींबू का रस
1/2 कप पाउडर प्रेस्ड राइस
आवश्यकता अनुसार नमक
1/2 कप मैदा
1/2 कप पुदीने के पत्ते
1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
आवश्यकता अनुसार रिफाइंड तेल सबसे पहले आलू को कुकर में उबाल लें। एक चॉपिंग बोर्ड पर, पुदीने के पत्ते, हरी मिर्च को काट लें। आलू उबालने के बाद पानी निकाल दीजिए, आलू को ठंडा होने दीजिए। आलू को छीलकर एक बाउल में मैश कर लें।
मैश किए हुए आलू की कटोरी में, पुदीने के पत्ते, नमक, जीरा पाउडर, नींबू का रस और हरी मिर्च डालें। इन्हें आपस में अच्छी तरह मिलाएं। मिक्सचर से बॉल्स बना लें और उन्हें एक तरफ रख दें।
एक बाउल में मैदा और पानी (आवश्यकतानुसार) डालकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में एक-एक करके बॉल्स डुबोएं और उन्हें पाउडर चावल के गुच्छे में रोल करें। बॉल्स को चारों तरफ से अच्छी तरह कोट कर लें।
मध्यम आंच पर रखी एक कढ़ाई में तेल गर्म करें। बॉल्स को चारों तरफ से सुनहरा होने तक डीप फ्राई कर लें। इन्हें टिश्यू पेपर से ढकी प्लेट में निकाल लीजिए ताकि एक्स्ट्रा तेल निकल जाए। अपनी पसंद के डिप के साथ गर्मा-गर्म परोसें।

इन स्टेप्स को फॉलो करके आप अपने घर पर आसानी से इस आलू कुरकुरे के डिश को बना सकते हैं और अपने परिवार और दोस्तों के साथ एक छोटे गेट-टुगेदर में इसे भी हिस्सा बना सकते हैं। आलू कुरकुरे के इस डिश को खाना लोग बहुत ज्यादा पसंद करते हैं।

स्वास्थ्य: हल्दी को पानी में मिलाकर पीने का फायदा

हल्दी कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है। ये तो आप सभी जानते हैं। लेकिन इस गुणकारी हल्दी का इस्तेमाल लोगों ने कोरोना की पहली वेब से अपनी डाइट में ऐसे शामिल किया कि इसकी उन्हें आदत ही पड़ गई है। हल्दी का इस्तेमाल खाने में रंगत लाने के अलावा सेहत को दुरुस्त रखने के लिए भी खूब किया गया। कुछ लोगों ने हल्दी को दूध में मिलाकर पिया तो कुछ लोगों ने हल्दी को एक गिलास पानी में मिलाकर पिया। हल्दी में प्राकृतिक रूप से एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर साबित हुआ। आज हम आपको हल्दी को पानी में मिलाकर पीने से सेहत को क्या फायदा होता है ये बताएंगे।
ज्यादातर लोग दिल से संबंधित बीमारी से परेशान हैं। ऐसे में हल्दी वाले पानी को पीना आपके लिए लाभदायक होगा। जिन लोगों को हार्ट की समस्या होती है उन्हें हल्दी वाले पानी को जरूर पीना चाहिए। ये खून को गाढ़ा होने से बचाती है। जिससे हार्ट अटैक की आशंका कम होती है।
जिन लोगों को जलन या फिर शरीर के किसी हिस्से में सूजन है तो वो अपनी डाइट में हल्दी वाले पानी को शामिल करें। हल्दी कई औषधीय गुणों से युक्त होती है। हल्दी में पाया जाने वाला कुर्कुमिन तत्व सूजन और जोड़ों में होने वाले दर्द में असरदार है। इसलिए रोज सुबह एक चुटकी हल्दी को पानी में डालकर जरूर पिएं।
अगर आपको डाइजेशन की दिक्कत है तो आप रोजाना एक गिलास हल्दी वाले पानी का सेवन करें। हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट्स, एंटी इंफ्लेमेटी तत्व पाए जाते हैं। जो कि आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।
लिवर की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों को हल्दी का पानी पीने से आराम मिलेगा। हल्दी के पानी में मौजूद टॉक्सिस लिवर सेल्स को फिर से ठीक करता है। इसके साथ ही हल्दी और पानी में मिले हुए गुण लिवर को संक्रमण से बचाने का काम करते हैं।आजकल ज्यादातर लोग बढ़े वजन की समस्या से परेशान हैं। अगर कोई मोटापे की समस्या से जूझ रहा है तो वो एक चुटकी हल्दी को पानी में डालकर पी लें। ये शरीर में आसानी से घुल जाता है। इसके साथ ही फैट बढ़ाने वाले टिश्यू को बनने से रोकता है।

गुरुवार, 9 सितंबर 2021

बीमारियों से बचाने में वाइन पीना बेहद फायदेमंद

अकांशु उपाध्याय               
नई दिल्ली। वाइन और दिल के बीच के रिश्ते को नकारा नहीं जा सकता है। वैज्ञानिक शोधों में भी ये बात स्पष्ट की गई है कि लोअर हार्ट की बीमारियों से बचाने में वाइन पीना फायदेमंद साबित होता है। अब ताज़ा रिसर्च के मुताबिक एल्कोहॉल फ्री वाइन पीना भी दिल को उतना ही फायदा देने वाला है, जितना एल्कोहॉल वाली रेड वाइन देती है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक एल्कोहॉल फ्री वाइन भी सेहत को उतना ही फायदा देती हैं, जितनी एल्कोहॉल वाली वाइन। ये बात हैं की ओर से किए गए एक शोध में बताई गई है। इनके शरीर पर सीमित मात्रा में एल्कोहॉल लेने के प्रभाव देखे जा रहे थे।
रिसर्च में 40 से 69 साल की उम्र के 4 लाख 50 हज़ार लोगों को शामिल किया गया था।  शोध में पाया गया कि उन लोगों में दिल की बीमारी का खतरा कम पाया गया, जिन्होंने एक हफ्ते में 11 ग्लास वाइन पी थी। इन लोगों में ड्रिंक नहीं करने वाले और ज्यादा ड्रिंक करने वाले से 40 फीसदी कम कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़ का खतरा था। ऐसा ही रिजल्ट उन लोगों में भी देखने को मिला, जो रोज़ाना नॉन एल्कोहॉल वाली वाइन पी रहे थे। ऐसा इसलिए था, क्योंकि वाइन की खूबियां एल्कोहॉल से नहीं, बल्कि अंगूर के ज़रिये आ रही थीं। अंगूर में पाए जाने वाले हाई एंटी ऑक्सीडेंट्स या पॉलीफेनल्स के चलते दिल की इनर लाइनिंग अच्छे से फंक्शन करने लगती है।
शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने हफ्ते में 8-11 ग्लास रेस वाइन पी, उनमें दिल की बीमारी का खतरा कम हुआ। ठीक ऐसा ही उन लोगों के साथ भी हुआ, जिन्होंने एल्कोहॉल फ्री वाइन पी. मुख्य रिसर्चर डॉक्टर रुलोल्फ  का कहना है कि अंगूर से बनी हुई एल्कोहॉल और दिल के बीच के अच्छे रिश्ते को नकारा नहीं जा सकता है। ऐसा ही एल्कोहॉल फ्री वाइन के साथ भी है, क्योंकि पॉलीफेनल्स दोनों ही वाइन में पाए जाते हैं। हालांकि रिसर्च में ये बात भी कही गई है कि जो लोग बियर, साइडर और स्पिरिट जैसी चीज़ें पीते हैं, उनमें कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

 

रविवार, 5 सितंबर 2021

डेयरी उत्पाद से संबंधित प्रावधानों का उल्लंघन

अकांशु उपाध्याय        
नई दिल्ली। नियामक ने कहा, चूंकि ई-कॉमर्स खाद्य कारोबार परिचालकों (एफबीओ) द्वारा काफी उत्पाद बेचे जाते हैं। ऐसे में सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे उत्पादों को अपने मंच से हटाएं। ये वो उत्पाद होंगे जिन्हें डेयरी के नाम से बेचा जा रहा है। यह डेयरी उत्पाद से संबंधित नियामकीय प्रावधानों का उल्लंघन है।
एफएसएसएआई ने राज्यों को पौधों से बनने वाले पेय और खाद्य उत्पादों के लिए डेयरी लेबल के इस्तेमाल की जांच का भी निर्देश दिया है। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के उत्पाद की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जांच के आदेश एफएसएसएआई ने राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों को निर्देश दिया है कि वे एफबीओ द्वारा बेचे जाने वाले ऐसे उत्पादों की जांच करें। नियामक ने कहा है कि यदि एफबीओ द्वारा उत्पाद लेबल का उल्लंघन कर कोई सामान बेचा जा रहा है, तो उन्हें इसमें संशोधन के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। एफएसएसएआई ने कहा कि इन कदमों से खाद्य एवं सुरक्षा अधिनियम-2005 का उल्लंघन करने वाले एफबीओ के खिलाफ उचित प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।

बुधवार, 18 अगस्त 2021

स्वास्थ्य: पनीर के दही वड़े बनाने की जानिएं रेसिपी

दुष्यंत टीकम                   
रायपुर। अक्सर दाल के बने दही वड़े खाएं होंगे। लेकिन क्या आपने कभी पनीर के दही वड़े खाएं है? अगर नहीं तो आज हम आपके लिए पनीर के दही वड़े बनाने की रेसिपी लेकर आए हैं। 
सामग्री
पनीर 200 ग्राम
उबले आलू - 2
जीरा - 2 छोटे चम्मच
तेल - तलने के लिए
अरारोट - 2 बड़े चम्मच
दही - 4 कप
हरी चटनी - 1/2 कप
मीठी चटनी - 1/2 कप
हरी मिर्च - 1 (बारीक कटी हुई)
नमक - स्वादानुसार
हींग- चुटकीभर
लहसुन और लाल मिर्च का पेस्‍ट- 1 छोटा चम्मच
विधि
इसे बनाने के लिए आप सबसे पहले एक बाउल में पनीर, आलू और थोड़ा अरारोट का आटा मिक्स करें।
इसके बाद अब इसमें हरी मिर्च, नमक डालकर मसलकर गूंथें।
फिर पैन में धीमी आंच पर गर्म करें और वड़े के मिक्सचर को हाथ से गोलाकार करके फैलाएं और हल्का सा दबाव कर फ्राई करें।
अब एक कटोरी में दही फेंट कर लाल मिर्च और लहसुन का पेस्ट डालें।
फिर अब इसमें जीरा, लहसुन और हींग का तड़का लगाकर दही में मिक्स करें।
फिर प्लेट में वड़े रखकर ऊपर से फेंटा हुआ दही डालें।
इसके ऊपर हरा धनिया, खट्टी-मीठी चटनी डालकर सर्व करें।

गुरुवार, 12 अगस्त 2021

अरहर दाल को तुअर की दाल के रूप में मानतें हैं

इकबाल अंसारी          
दालें भारतीय भोजन पकाने का एक खास हिस्सा हैं। जब दाल की बात आती है, तो अरहर की दाल अरहर दाल) सबसे लोकप्रिय पाई जाती है। क्योंकि वजन घटाने सहित स्वास्थ्य-लाभ गुणों से भरपूर है। अरहर दाल को तुअर की दाल के रूप में भी जाना जाता है। अरहर की दाल को अक्सर चावल के साथ परोसा जाता है। शाकाहारियों के लिए यह स्पेशल दाल, प्रोटीन और हेल्दी कार्ब्स का एक बड़ा सोर्स है। प्रोटीन समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। क्योंकि हमारे शरीर को ऊतकों के निर्माण और मरम्मत के लिए इसकी आवश्यकता होती है।
प्रोटीन से भरपूर भोजन आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इससे फिटनेस फ्रीक और वजन कम करने की कोशिश करने वालों को फायदा हो सकता है। यहां हम आपको अरहर दाल के कई लाभ बता रहे हैं और इन्हें पढ़ने के बाद आप जानेंगे कि क्यों इसे रोजाना के आहार में शामिल करना जरूरी है।
अरहर की दाल पोटेशियम से भरपूर होती है। पोटेशियम, वैसोडिलेटर के रूप में कार्य करने के लिए जाना जाता है। जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार होता है। यदि आप हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, तो आप हृदय रोगों की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में आपको अपनी डाइट में अरहर की दाल को शामिल करना काफी फायदेमंद हो सकता है।
​वजन घटाने में मददगार अरहर...
जब आप अपने आहार में प्रोटीन की अधिक मात्रा वाला भोजन शामिल करते हैं तो आप लंबे समय तक तृप्त रहते हैं। ऐसे में रोजाना डाइट में अरहर की दाल को शामिल करने से आपको अपने वजन को घटाने के लक्ष्यों को पूरा करने में काफी मदद मिल सकती है। ऐसे में आप वसायुक्त और ऑइली फूड यानी चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से दूर रह सकते हैं, जो केवल कैलोरी को बढ़ाते हैं।
​पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है तुअर...
अरहर दाल आहार फाइबर का एक समृद्ध स्रोत है, जो पाचन तंत्र को बढ़ाने में योगदान देती है। फाइबर, मल को ऊपर उठाने में एक उठाने में एक अहम रोल निभाता है। साथ ही कब्ज और ब्लोटिंग को कम करने में मदद करता है।
​इस तरह से करें अरहर का सेवन...
आप अरहर की दाल का प्रयोग दाल के अलावा खिचड़ी के रूप में भी कर सकते हैं। अरहर दाल की खिचड़ी एक हल्का और आरामदायक भोजन है जो पेट संबंधी समस्याओं के लिए बहुत ही फायदेमंद है। खास बात ये है कि अरहर की दाल और इसकी खिचड़ी दोनों ही आहार जल्दी ही खाने योग्य तैयार हो जाते हैं।
अरहर की दाल यह लगभग सभी भारतीय घरों में एक क्लासिक स्टेपल डिश है। इसे चावल और गर्म तली हुई सब्जियों के साथ मिलाकर खाएं और फिर आपका दिन भर का काम हो गया।

मंगलवार, 10 अगस्त 2021

हलवाई स्टाइल में आलू गोभी बनाने की रेसिपी

दुष्यंत टीकम                     
रायपुर। हलवाई स्टाइल में बनाइए आलू गोभी की सब्जी और खिलाइए सब वाह वाह कहते रह जाएंगे। तो आइए जानते हैं, हलवाई स्टाइल में आलू गोभी बनाने की रेसिपी।
सामग्री :
फूलगोभी (टुकड़ों में कटा हुआ) - 1
आलू (टुकड़ों में कटा हुआ) - 1
मटर - 1 छोटी कटोरी
प्याज (टुकड़ों में कटा हुआ) - 1
लहसुन - 8-10 कलियां
अदरक - 1 छोटा टुकड़ा
हरी मिर्च - 2
टोमैटो प्यूरी - 1 छोटी कटोरी
हल्दी - 1 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 1 छोटा चम्मच
धनिया पाउडर - 1 छोटा चम्मच
गरम मसाला - 1 छोटा चम्मच
तेल - जरूरत के अनुसार
नमक - स्वादानुसार
विधि:
इसे बनाने के लिए सबसे पहले आप धीमी आंच में एक पैन में तेल गर्म करके इसमें फूलगोभी और आलू डालकर हल्का सुनहरा होने तक फ्राई कर लें।
फिर हल्का फ्राई होते ही फूलगोभी और आलू को एक प्लेट में निकालकर रख लें।
अब इसी पैन में थोड़ा और तेल डालकर गर्म करने के लिए रखें।
इसी बीच प्याज, लहसुन, अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट तैयार करें।
फिर तेल के गर्म होते ही तैयार पेस्ट डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
जैसे ही पेस्ट तेल छोड़ने लगे टोमैटो प्यूरी डालकर भून लें।
 इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक मिक्स करें।
फिर मसालों के भुनते ही फ्राइड गोभी-आलू और साथ में मटर डालकर कड़छी से चलाते हुए अच्छे से मिला लें।
अब सब्जी को ढककर 15 से 20 मिनट के लिए पकाएं।
फिर तय समय के बाद गरम मसाला डालें और 1 मिनट बाद आंच बंद कर दें।
 हलवाई स्टाइल आलू गोभी की सब्जी तैयार है। इसे आप रोटी के साथ सर्व करें।

आयुर्वेद में सालों से किया जाता हैं 'घी' का उपयोग

घी का उपयोग आयुर्वेद में हजारों सालों से किया जाता है। दादी-नानी के घरेलू नुस्‍खों में भी घी का अलग-अलग तरीके से प्रयोग देखने को मिलता है। ऐसा ही एक नुस्‍खा हम यहां शेयर कर रहे हैं। दरअसल, आयुर्वेद में माना जाता है कि अगर आप अनिंद्रा या जोड़ों में दर्द से परेशान रहते हैं और रात भर सोने में तकलीफ रहती है तो आप इससे छुटकारा पाने के लिए देसी घी का उपयोग कर स‍कते हैं। आप घी के सेवन से अनपच की समस्‍या से लेकर शरीर में सूजन, दर्द आदि को भी ठीक कर सकते हैं। तो आइए यहां घी के एक ऐसे ही देसी नुस्‍खे के बारे में जानते हैं जिसकी मदद से आप कई समस्‍याओं को दूर कर सकते हैं। देसी घी को तलवे पर लगाना का ये है तरीका रोज रात को अगर आप पैर धोकर तलवे पर देसी घी को लगाएं तो आपको कई तरह से आराम मिल सकता है लेकिन इसके लिए आपको इसे लगाने का तरीका सीखना होगा। सबसे पहले आप एक कटोरी में थोड़ा देसी घी लें और अपनी उंगली की मदद से इसे पैरों पर लगा कर मालिश करें। इसे तब तक करें जब तक आपका पैर गर्म महसूस न हो जाए। आप दूसरे पैर पर भी इसे दोहराएं। आपको गहरी नींद आएगी।
देसी घी को तलवे पर लगाने के फायदे
 खर्राटों की समस्या दूर होती है।
रात को गहरी नींद आती है।
जो लोग बार-बार अपच की समस्या का सामना करते हैं, उनकी समस्‍या दूर होती है।
आईबीएस और पुरानी कब्ज की दिक्कत महसूस करने वाले लोग या जिनका नियमित रूप पेट साफ नहीं हो पाता है उन्‍हें पैर पर घी लगाने से आराम मिलता है।
जो लोग रोजाना एंटासिड का सेवन करते हैं, उनकी समस्‍या भी दूर होती है।
 जोड़ों का दर्द कम होता है।
 पाचन में आने वाली दिक्कत दूर होती है।
वात्त दोष कम होता है और इससे ब्‍लोटिंग की समस्‍या नहीं होती है।
 तनाव भी कम होता है और स्किन टोन भी बेहतर होता है।

शनिवार, 7 अगस्त 2021

सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है गुड की रोटी

दुष्यंत टीकम     
रायपुर। गुड़ की मीठी रोटी न सिर्फ टेस्‍टी होती है। बल्कि सेहत के लिए भी यह काफी फायदेमंद होती है। ये है गुड़ की मीठी रोटी की रेसिपी।

सामग्री:
गेहूं का आटा- 500 ग्राम
गुड़- 500 ग्राम
पानी- 400 मि.ली.
खसखस – थोड़ी सी
घी – आवश्‍यकतानुसार
सूखे मेवे बारीक कटे हुए
सौंफ - 1 टीस्पून

विधि:
-सबसे पहले हल्‍के गुनगुने पानी में गुड़ को भिगोकर रख दें। लगभग आधे घंटे में यह गुड़ अच्‍छी तरह पानी में मिक्‍स हो जाएगा।
-अब बाऊल में गेहूं का आटा और थोड़ा सा घी डालें। इसे मिक्‍स किए हुए गुड़ के पानी से सख्‍त गूथ लें।
-गुथे हुए आटे की कुछ मोटी लोई बनाकर इसे हल्‍के हाथ से बेल लें।
-रोटी को पूरी तरह बेलने से पहले उस पर खसखस बुरक दें। और अपनी इच्‍छानुसार बारीक कटे मेवे भी।
-बेली हुई रोटी को तवे पर सेकें। एक तरफ से सिकने के बाद पलटें और घी लगाएं। इसी तरह रोटी की दूसरी साइड भी सेकें और घी लगाएं।

गुरुवार, 5 अगस्त 2021

मखाना भेल की रेसिपी को बनाने का जानिए तरीका

सावन का महीना हो, बरसात का मौसम हो चटपटा खाने का मन ना करे ये तो हो ही नहीं सकता। लेकिन ऐसे मौसम में ज्यादातर लोग बाहर का खाना अवॉयड कर घर पर ही तरह तरह की जायकेदार चीज़ें ट्राई करते हैं।ऐसे में हम भी आपके लिए एक बड़ी ही मजेदार रेसिपी लेकर आए हैं, जो न सिर्फ स्वाद में भरपूर है। बल्कि सेहत के नजरिये से भी लाजवाब है। इस मौसम में अगर आपको कुछ तीखा, चटाकेदार हेल्दी खाने का मन हो रहा है, तो आप घर पर मखाना भेल बना सकते है। टेस्ट के साथ साथ इसका नाम हेल्दी रेसिपीज में शुमार है।मखाना भेल की रेसिपी को बनाना काफी आसान है, तो चलिए जानते हैं इसे बनाने का तरीका।
घर पर ही आसानी से बनाएं ये डिटॉक्स ड्रिंक, फेफड़ों को रखती है बीमारियों से दूर।

मखाना भेल बनाने के लिए जरूरी सामग्री
1. भुनी हुआ मखाना - 200 ग्राम
2. मुरमुरे - 5 चम्मच
3. मूंगफली - 20 ग्राम भुनी हुई
4. प्याज - 1 कटा हुआ
5. बादाम काजू - 20 ग्राम भुने हुए
6. हरी मिर्च - 2 कटी हुई
7. टमाटर - 1 कटा हुआ
8. काला नमक - स्वाद के अनुसार
9. हरा धनिया - 1 चम्मच कटा हुआ
10. नींबू - 1
11. देसी घी - पैन ग्रीस करने के लिए
12. काली मिर्च - 1 चम्मच

Food Tips: लहसुन वाले आलू खाकर उंगलियां चाटते रह जाएंगे आप, जानिये मसालेदार रेसेपी

खट्टी मीठी चटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
1. इमली - 10 ग्राम
2. गुड़ - 10 ग्राम
3. भुना जीरा पाउडर - 2 चम्मच
4. पानी - 500 मिली

बुधवार, 4 अगस्त 2021

हरी चटनी के साथ गर्मा-गर्म टिक्की खाने का मजा

रायपुर। हरी चटनी के साथ गर्मा-गर्म टिक्की खाने का मजा ही अलग होता है। इसे घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है। आज हम आपको आलू और मूंगफली की टिक्की बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं।
आलू (उबले हुए) - 2
पनीर - 200 ग्राम
मूंगफली (भुनी हुई) - 1 बड़े चम्मच
हरी मिर्च (बारीक कटी हुई) - 2
कॉर्न फ्लोर - 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 चम्मच
धनिया पाउडर - 1/2 चम्मच
नमक - स्वादानुसार
तेल - जरूरत के अनुसार
विधि
इसे बनाने के लिए आप सबसे पहले एक कटोरी में उबले हुए आलू और पनीर को एकसाथ क्रश करके मिलाएं।
फिर अब थोड़ी भुनी हुई मूंगफली टुकड़े कर और थोड़ी दरदरा पीसकर मिक्सचर में मिला लें।
तैयार मिक्सचर में हरी मिर्च, कॉर्न फ्लोर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक मिक्स करें।
मिक्सचर का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा हाथ में लेकर इसकी टिक्कियां बनाएं।
फिर मीडियम गैस पर तवा गरम करके धीमी गैस पर टिक्कियों को गोल्डन ब्राउन होने तक दोनों तरफ से सेंकें।
आलू मूंगफली टिक्की तैयार है। इसे आप हरी चटनी के साथ सर्व करें।

रविवार, 1 अगस्त 2021

त्वचा के लिए कर सकते हैं इमली का इस्तेमाल

निखरी त्वचा के लिए आप इमली का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये त्वचा संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करती है।  ये मुंहासे, ड्राई त्वचा और सुस्त त्वचा की समस्या को दूर करने में मदद करती है। आप इसका इस्तेमाल कई तरह से कर सकते हैं। आइए जानें निखरी त्वचा के लिए इमली का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।
इमली और दही का इस्तेमाल निखरी त्वचा के लिए ऐसे करें।  इमली को पानी में उबालकर इसका गूदा निकाल लें। एक चम्मच इमली का गूदा लें और इसमें एक छोटा चम्मच ताजा दही मिलाएं। इसे एक साथ मिलाने के बाद फेस पैक को पूरे चेहरे के साथ-साथ गर्दन पर भी लगाएं। इसे 15-20 मिनट के लिए लगा रहने दें। इसके बाद धो लें। निखरी त्वचा के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हफ्ते में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
निखरी त्वचा के लिए आप इमली का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये त्वचा संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। ये मुंहासे, ड्राई त्वचा और सुस्त त्वचा की समस्या को दूर करने में मदद करती है। आप इसका इस्तेमाल कई तरह से कर सकते हैं। आइए जानें निखरी त्वचा के लिए इमली का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।
इमली और दही का इस्तेमाल निखरी त्वचा के लिए ऐसे करें इमली को पानी में उबालकर इसका गूदा निकाल लें। एक चम्मच इमली का गूदा लें और इसमें एक छोटा चम्मच ताजा दही मिलाएं. इसे एक साथ मिलाने के बाद फेस पैक को पूरे चेहरे के साथ-साथ गर्दन पर भी लगाएं। इसे 15-20 मिनट के लिए लगा रहने दें। इसके बाद धो लें। निखरी त्वचा के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हफ्ते में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
इमली और पपीते का इस्तेमाल त्वचा के निखार के लिए  इमली का गूदा गर्म पानी में थोड़ा सा भिगो कर नरम होने तक बना लें। गूदा निकाल लें और बीज और छिलका अलग कर लें। पपीते का पल्प बनाने के लिए कुछ पके हुए पपीते के क्यूब्स लें और इन्हें ब्लेंड करें। एक चम्मच इमली का गूदा और पपीते का गूदा मिलाएं। मिश्रण को पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। अपनी उंगलियों से धीरे से मसाज करें. इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और धो लें। सप्ताह में दो बार इमली और पपीते के फेस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इमली, बेसन और शहद का फेस पैक – एक कटोरी में एक-एक चम्मच इमली का गूदा और शहद लें। इसमें थोड़ा सा बेसन मिलाएं। इसे मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे पूरे चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं और 15-20 मिनट के लिए लगा रहने दें। त्वचा को निखारने के लिए हफ्ते में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
त्वचा की रंगत निखारने के लिए इमली और नींबू के रस का फेस पैक – इमली का गूदा तैयार करें और इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इसे एक साथ मिलाएं और मिश्रण को पूरे चेहरे के साथ-साथ गर्दन पर भी लगाएं। इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और धो लें। इमली और नींबू के रस के साथ इस फेस पैक को सप्ताह में दो बार त्वचा की रंगत निखारने के लिए लगा सकते हैं।

 

स्वास्थ्य: सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है 'घी'

हम सभी के घर में घी का इस्तेमाल किया जाता है। ये खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। घी में कई तरह के पौष्टिक गुण होते हैं। जो शरीर को कोशिकाओं को ठीक करने में मदद करते हैं। लेकिन अधिक घी खाने से डायरिया और फैट जमने लगता है। जिसकी वजह से मेटाबॉलिज्म धीरे- धीरे काम करता है। इसकी वजह से शरीर में फैट जमने लगता है और मोटापा बढ़ जाता है। 
घी देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग- अलग हिस्सों में काफी डिमांड में है। ये बटर का हेल्दी ऑप्शन है। विशेषज्ञों के मुताबिक सही मात्रा में घी खाना सेहत के लिए फायदेमंद है। ये पूरी तरह से आपकी डाइट में निर्भर करता है, अगर आप डाइट में अधिक मात्रा में साबूत अनाज वाली चीजें खा रहे हैं तो घी का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए। 
लेकिन अगर आप दाल और चावल खा रहे हैं तो अधिक घी का इस्तेमाल कम करें। अगर आपका बच्चा सात महीने का है तो उसके खाने में 4 से 5 चम्मच मिलाएं। लेकिन अगर वो एक साल का है तो आधा चम्मच घी शामिल करें। हालांकि बच्चे की डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
घी में बटर के मुकाबले अधिक फैट होता है क्योंकि इसमें पानी और दूध की मात्रा नहीं होती है। हालांकि घी बनाने के लिए बटर को धीरे- धीरे उबाला जाता है और बाद में फैट अलग हो जाता है। खाना पकाने के अलावा घी का इस्तेमाल आयुर्वेद में विभिन्न स्वास्थ्य बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। घी में विटामिन ए, डी, ई और ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है।
घी को गाय और भैस के दूध से बनाया जाता है। आप किसी भी दूध को प्रोसेस्ड करके बना सकते हैं। मार्केट में मिलने वाला घी शुद्ध और केमिकल फ्री नहीं होता है। अगर हो सके तो घर पर घी बनाएं। आप इसका इस्तेमाल त्वचा को मुलायम रखने के लिए कर सकते हैं। शायद आप नहीं जानते हैं, घी का इस्तेमाल कोलेजन को बूस्ट करने के लिए कर सकते हैं। इससे त्वचा जवां और निखरी नजर आती है।

गुरुवार, 22 जुलाई 2021

रसायन: गर्मियों के मौसम में रसीले आम का स्वाद

गर्मियों के मौसम में हर तरफ आम नजर आते हैं। मीठे और रसीले आम खाना हर किसी को पसंद होता है। आम में फाइबर, विटामिन सी, ए और कई सारे मिनरल्स पाए जाते हैं। आम में कई सारे एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं। आम खाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं। लेकिन आजकल बाजार में बिकने वाले कुछ आमों में ऐसे जहरीले केमिकल भी पाए जाते हैं। जो शरीर के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। कुछ फलों को नकली तरीके से पकाया जाता है और इन्हें नेचुरल और ताजा बनाकर बेचा जाता है। अगर आप ऐसा आम खा रहे हैं। जिसमें जूस नहीं है तो हो सकता है ये आम भी नकली तरीके से पकाया गया हो। बाजार में आम की कमी और लोगों की ज्यादा मांग को देखते हुए, पूरे भारत में आमों का कृत्रिम रूप से पकाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। आखिर केमिकल्स के इस्तेमाल से आम को कैसे पकाया जाता है। 
एक्सपर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया में प्रमुख रूप से कैल्शियम कार्बाइड रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल किया जाता है। कैल्शियम कार्बाइड के पैकेट को आम के साथ रखा जाता है। जब यह रसायन नमी के संपर्क में आता है, तो एसिटिलीन गैस बनती है। इसका प्रभाव एथिलीन के समान ही होता है, जो स्वाभाविक रूप से फल पकने की प्रक्रिया में इस्तेमाल होता है। सिर्फ आम ही नहीं बल्कि कई अन्य फल भी इसी तरह कृत्रिम रूप से पकाए जाते हैं। कृत्रिम रूप से पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग द्वारा प्रतिबंधित है।  कैल्शियम कार्बाइड सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। इसकी वजह से चक्कर आना, नींद न आना, मानसिक भ्रम और यादाश्त कमजोर होने जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। कैल्शियम कार्बाइड तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। आर्सेनिक और फास्फोरस हाइड्राइड हार्मोन को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं। 
कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग से फलों की गुणवत्ता काफी हद तक कम हो जाती है। इसकी वजह से फल बहुत ज्यादा नरम हो जाते हैं। इसकी वजह से फल में प्राकृतिक मिठास खत्म हो जाती है और ये नैचुरल तरीके से पके आमों की तुलना में तेजी से सड़ने लगते हैं। फलों में कैल्शियम कार्बाइड की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि वो कितना कच्चा है, इसके हिसाब से इसमें केमिकल की मात्रा बढ़ाई जाती है। इसके अलावा कृत्रिम रूप से पके आम में हरे रंग के धब्बे होने की संभावना होती है।
 ये पैच पीले रंग वाले आम से अलग होते हैं। नकली तरीके से पके आम खाने में मुंह में हल्की जलन, पेट में दर्द और दस्त का अनुभव हो सकता है।
आम के रस के जरिए भी असली-नकली की पहचान की जा सकती है। नेचुरल और अच्छी तरह से पके हुए आम में बहुत सारा रस होता है। जबकि कृत्रिम रूप से पके आम में बहुत कम या बिल्कुल भी रस नहीं होता है। इन कुछ तरीकों से आप असली-नकली फल और सब्जियों की पहचान कर सकते हैं।

बुधवार, 21 जुलाई 2021

घर पर आसानी से बनाएं चने की दाल का पराठा

चाय के साथ नाश्ते में कुछ अलग पराठा खाना है तो घर पर आसानी से बनाए चने की दाल का पराठा। ये खाने में बहुत स्वादिस्ट होता है। 
सामग्री : आटा - 2 कप
चने की दाल - 1/2 कप
हींग - चुटकीभर
जीरा - 1/4 चम्मच
धनिया पाउडर - 1/2 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 चम्मच
अमचूर पाउडर - 1/4 चम्मच
गरम मसाला - 1/4 चम्मच
हरी मिर्च बारीक कटी हुई - 1-2
अदरक का टुकड़ा कद्दूकस किया हुआ - 1/2
हरा धनिया बारीक कटा हुआ - 2 बड़ा चम्मच
नमक - स्वादानुसार
तेल या घी - पराठे सेंकने के लिए लिए

विधि
इसे बनाने के लिए चने की दाल को धोकर 5-6 घंटों के लिए पानी में भिगो दें।
इसके बाद आटे में स्वादानुसार नमक, 1 बड़ी चम्मच तेल और पानी मिलाकर आटा गूंद लें और फिर इसे आधा घंटे के लिए ढककर रख दें।
कूकर में दाल और एक चौथाई कप पानी डालकर उबाल लें।
इसके बाद गैस बंद कर दें और कूकर को ठंडा होने के लिए रख दें।
इसके बाद दाल को कूकर से निकाल कर बिना पानी डालकर बारीक पीस लें।
फिर अब कड़ाही में 1 बड़ा चम्मच तेल डालकर मध्यम आंच में गर्म करें और इसमें हींग और जीरा भून लें।
इसके बाद फिर अब इसमें पिसी हुई दाल, हरी मिर्च, अदरक, धनिया पाउडर, अमचूर पाउडर, नमक, गरम मसाला और लाल मिर्च डाल कर हल्का सा भूने लें।
गैस बंद करके इसमें हरा धनिया मिलाएं।
अब आटे की 7-8 लोइयां बनाएं और एक लोई की छोटी पूरी बेलें।
अब पूरी के बीच में भरावन रखें और पूरी को चारों तरफ से पलटकर इसे बंद कर पराठा बेल लें।
 गैस पर तवा गर्म करके अच्छे से सेंक लें।
चना दाल पराठा तैयार है।

शनिवार, 17 जुलाई 2021

खास बात: पानी से शरीर का वजन कैसे कम करें

यदि आप वजन कम करने का विचार बना रहे हैं तो आपको कुछ नियम बनाने पड़ेंगे। उन नियमों का कम से कम 40 दिनों तक पालन भी करना होगा। तब कहीं जाकर आपको उसके परिणाम देखने को मिलेंगे।

शरीर का मोटापा, वजन या फैट अलग अलग तरीके से बढ़ता है। और यह बड़ा हुआ वजन नया और पुराना कहलाता है। नया वजन मतलब कुछ महीने के अंदर बढ़ा हुआ वजन और जो बहुत लंबे समय से बढ़ा हुआ है ऐसा वजन जो कम ही नहीं हो पाया है वह पुराना वजन कहलाता है। नया वजन अर्थात तत्काल बढ़ा हुआ वजन जल्दी ही कम हो जाता है। किंतु जो वजन बहुत समय से बढ़ा है और बढ़ते ही जा रहा है उसको उतना ही समय कम करने में भी लगता है। वजन अचानक कम भी नहीं करना चाहिए इससे शरीर में ढीलापन और त्वचा में झुर्रियां पड़ने लगती है।

आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह बढ़े हुए वजन को सही तरीके से पानी पीकर आसानी से कम किया जा सकता है। अतः इस आर्टिकल में वजन कम करने का आसान उपाय और कुछ टिप्स दिए गए हैं जिन्हें ध्यान से अंत तक पढ़ें

वजन कम करने का आसान उपाय!

  • पानी से वजन कम करना है तो सुबह उठते ही खाली पेट लगभग डेढ़ गिलास पानी पियें।
  • सुबह का पानी पेट साफ करता है और पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
  • नाश्ता करने के एक घंटा पहले व एक घंटा बाद एक एक गिलास पानी पिए।
  • चाय या कॉफी पीने के 10 से 15 मिनट बाद पानी पिएं। इससे शरीर में एसिड का इफेक्ट कम होता है।
  • तथा वजन भी कम होता है।
  • लंच या डिनर के 20 मिनट पहले एक गिलास पानी पिएं, इससे भूख कम होगी तथा ओवर रेटिंग से बचेंगे।
  • साथ ही वजन आसानी से घटने लगेगा।
  • सोने से 30 मिनट पहले एक गिलास पानी पिएं। इससे रात में भूख नहीं लगेगी।
  • और सुबह आपके शरीर से सारे विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद मिलेगी।
  • एक बार में बहुत सारा पानी पीने के बजाय थोड़ी थोड़ी देर में थोड़ा-थोड़ा पानी 9 से 10 बार लगभग पीते रहें।
  • इससे शरीर में पानी की कमी भी नहीं होगी और धीरे-धीरे यह शरीर को शुद्ध करता हुआ वजन कम करेगा।
  • पानी पीने के इस तरीके से आप आसानी से अपना बढ़ा हुआ 5 किलो वजन कम कर सकते हैं।
  • इसके साथ ही नीचे बताए गए कुछ टिप्स ध्यान में रखें तो स्थाई फायदा प्राप्त होगा।

वजन कम करने की टिप्स!

  • हमारा वजन कम क्यों नहीं होता इसके लिए हमें वजन बढ़ने के कारणों पर ध्यान देना होगा।
  • बताए गए नियमों का कठोरता पूर्वक पूरे 40 दिनों तक प्रयोग करने से अवश्य लाभ होता है।
  • कुछ भी खाने की लिए केवल 4 बार का समय निश्चित करें।
  • इसके अलावा पांचवीं बार में एक लौंग भी आपको नहीं खानी है।
  • प्रत्येक बार खाने के बीच में कम से कम 3 घंटे का अंतर अवश्य रखें। इतनी देर में खाया हुआ भोजन पचने लगता है।
  • जितना भी अभी आप भोजन करते हो उस भोजन में से अन्न की मात्रा को आधा कर दें।
  • इसके स्थान पर पल व सब्जियों को रखें।
  • रात्रि के भोजन में से अन्न को बिल्कुल हटा दें पूर्ण करा उसके स्थान पर सब्जियां सूप और दूध का सेवन करें।
  • ध्यान रखें मोटापा एक रोग है जिसकी हमें चिकित्सा करनी है और यह मनमाने ढंग से नहीं होती है।
  • इसके नियमों का कठोरता से पालन करने पर ही इसका लाभ होता है।

भोजन करने के चार नियमों का पालन जरूर करें।

  • पहला नाश्ता जो भी करें उसके साथ दही अवश्य खाएं।
  • सुबह का खाया दही आप की चयापचय क्रिया को दुरुस्त करने का काम करता है।
  • दोपहर को भोजन के बाद मट्ठा अवश्य पिएं यह आपके भोजन को पचने में मदद करता है।
  • शाम के नाश्ते में फल खाएं। ज्यादा भूख लगे तो इसी समय एक रोटी दाल या सब्जी के साथ खा लें।
  • रात्रि में सूप, दलिया या खिचड़ी(पतली) खाएं जिसमें अन्न की मात्रा नहीं के बराबर हो और सब्जियां ज्यादा डालें।
  • रात्रि भोजन के 1 घंटे बाद हल्दी डालकर दूध पी लें।
  • रात में ही एक चम्मच अजवाइन को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें।
  • सुबह उठते ही बिना मुंह धोए इस पानी को छानकर पी लें।
  • उपरोक्त क्रियाओं के साथ कुछ योगासन भी अवश्य करें यह शरीर में फुर्तीला आएगा और चर्बी को घटाएगा।
  • आपकी सुविधा के लिए वजन कम करने वाले योगासन का लिंक दिया जा रहा है इससे पालन करें।

रविवार, 11 जुलाई 2021

बारिश के मौसम में गर्मा-गर्म व्यंजन खाने का मजा

बारिश के मौसम में चटपटे गर्मा-गर्म व्यंजन खाने का अपना ही मजा होता है। हालांकि इन्हें रोज या ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए। लेकिन कभी-कभार तो खाया ही जा सकता है। इसलिए इस बार हम आपके लिए लेकर आए हैं मानसून स्पेशल चटपटी हॉट मैंगो रोल्स की रेसिपी। हॉट मैंगो रोल्स खाने में जितने स्वादिष्ट हैं। इसकी रेसिपी उतनी ही आसान है। इसे घर पर भी मिनटों में बना सकते हैं। 
हॉट मैंगो रोल्स के लिए सामग्री कद्दूकस किए हुए कच्चे आम : 250 ग्राम भुना जीरा : 1 टी स्पून हरे प्याज के पत्ते : 2 हरा धनिया : 1 टी स्पून उबले हुए आलू : 2 मैदा : 3 टेबल स्पून ब्रेड क्रंब्स : 1 कप हरी मिर्च : 2 लाल मिर्च : स्वादानुसार नमक : स्वादानुसार तेल : तलने के लिए यह है विधि कद्दूकस किए कच्चे आम को गरम पानी में 2 मिनट रखकर छान लें। पानी को अच्छी तरह निकाल दें। इस मिश्रण में नमक, मिर्च, आलू, हरा प्याज, हरा धनिया सभी को अच्छी तरह मिला लें। मैदे का घोल बना लें। 
ब्रेड क्रंब्स को प्लेट पर फैला दें। मिश्रण के रोल बनाएं। मैदे के घोल में रोल्स को डिप करके ब्रेड क्रंब्स में लपेट दें। कड़ाही में तेल गरम करें और रोल्स को सुनहरा होने तक तलें। मीठी या हरी चटनी के साथ परोसें। हॉट मैंगो रोल्स के साथ बारिश के मौसम का मजा लें।

'जीरे' का पानी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद

भारत में जीरे का इस्तेमाल खूब किया जाता है। यहां हर घर की रसोई में आपको जीरा मिल जाता है। यह फाइबर, आयरन, कॉपर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैगनीज, जिंक और मैग्नीशियम जैसे खनिजों और विटामिन-ए, बी, सी और ई जैसे विटामिन से भरपूर होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसका इस्तेमाल सिर्फ खाना पकाने के लिए ही नहीं किया जाता है, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक और औषधीय गुणों के कारण पारंपरिक और आयुर्वेदिक औषधियों में भी जीरे का महत्व बहुत है। इसके बीजों को मोटापे और डायबिटीज के लक्षणों को कम करने में प्रभावी माना गया है। इसके अलावा इम्यूनिटी बढ़ाने और एनीमिया की समस्या को दूर करने में भी जीरा बहुत उपयोगी है। इसी तरह जीरे का पानी भी सेहत को लाभ पहुंचाता है।

वजन घटाने में है सहायक

मोटापा या वजन कम करने के लिए जीरे का पानी एक बेहतरीन विकल्प है। विशेषज्ञ कहते हैं कि नियमित रूप से सुबह खाली पेट अगर जीरे के पानी का सेवन किया जाए, तो इससे वजन तेजी से कम होता है। इसका प्रभाव महज कुछ ही दिनों में दिखने लगता है।

शुगर लेवल करता है नियंत्रित

आयुर्वेद के मुताबिक, जीरे में मधुमेह रोधी गुण पाए जाते हैं। ऐसे में जीरे का पानी शुगर लेवल (शर्करा का स्तर) को नियंत्रित करने में उपयोगी हो सकता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए नियमित रूप से जीरे के पानी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। लेकिन इससे पहले आपको डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

पाचन को बनाता है बेहतर

अपच, पेट फूलना और पेट दर्द जैसे पाचन संबंधी विकारों के उपचार के लिए जीरा एक बेहतरीन औषधी है। यह पाचन को बेहतर और मजबूत बनाता है। इसके अलावा जीरे के पानी को आंतों के लिए अच्छा माना जाता है। यह आंतों को स्वस्थ रखता है।

कैसे बनाएं जीरे का पानी ?

जीरे का पानी बनाने के लिए सबसे पहले एक चम्मच जीरा लें और उसे एक गिलास पानी में भिगोकर रातभर के लिए छोड़ दें। फिर सुबह उठकर उस पानी को छानकर पी लें। इसके लिए तांबे के बर्तन का इस्तेमाल करें तो यह ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

अमेरिकी एक्सचेंज नैसडैक पर शानदार एंट्री की

अकांशु उपाध्याय      नई दिल्ली। बिजनेस सॉफ्टवेयर फर्म फ्रेशवर्क्स इंक ने बुधवार को अमेरिकी एक्सचेंज नैसडैक पर शानदार एंट्री की है। अपने शानद...