सोमवार, 4 मई 2020

1389 की मौत, 42875 केसों की पुष्टि

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ‘कोविड-19′ संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और शनिवार शाम से रविवार तक रिकॉर्ड 2573 नये मामले सामने आने के साथ ही देश में संक्रमितों की संख्या 43 हजार के करीब पहुंच गयी तथा इसके कारण 83 और लोगों की मौत होने से मृतकों की तादाद 1389 हो गयी है।


देश के 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना वायरस के संक्रमण के अब तक कुल 42,876 मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें 111 विदेशी मरीज शामिल हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है और पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमित 875 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ऐसे लोगों की संख्या 11,762 पहुंच चुकी है। देश में वर्तमान में 29,685 सक्रिय मामले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार शाम पांच बजे जारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस से सबसे अधिक गंभीर रूप से प्रभावित महाराष्ट्र में स्थिति में कोई सुधार हाेता नहीं दिख रहा है और पिछले एक दिन में 678 नये मामलों के बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या 12974 पर पहुंच गयी है और इस दौरान 27 और लोगों की मौत के बाद इस महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 548 हो गयी है।राज्य में 2115 संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं। पश्चिमी राज्य गुजरात पिछले 24 घंटों के दौरान 373 नये मामले सामने आने के साथ संक्रमितों की संख्या के मामलों में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। गुजरात में संक्रमितों की कुल संख्या 5428 हो गयी है तथा 28 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 290 पर पहुंच गयी है। राज्य में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़कर 1042 हो गयी है।


इसके बाद देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पिछले 24 घंटाें में 427 नये मामले दर्ज किये जाने के कारण अब तक कुल 4549 लोग इस महामारी से संक्रमित हुए हैं जबकि मृतकों की संख्या 64 पर ही बनी रही। अब तक कुल 1362 मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। कोरोना वायरस से गंभीर रूप से प्रभावित मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 96 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2942 हो गयी है जबकि मरने वालों की संख्या नौ बढ़कर 165 हो गयी है।


राज्य में 798 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान 114 नये मामले सामने आये हैं और इनका आंकड़ा बढ़कर 2886 हो गया। राज्य में इस दौरान छह और मरीजों की मौत के बाद मरने वालों की संख्या 71 हो गयी है। राज्य में 1356 मरीज ठीक हुए हैं। दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में 266 नये संक्रमित सामने आये हैं और संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3023 हो गई तथा राज्य में एक और व्यक्ति की मौत के मृतकों का आंकड़ा 30 हो गया है। राज्य में 1379 मरीज अब तक ठीक हुए हैं। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में संक्रमण के 116 नये मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 2742 हो गई है तथा मृतकों की संख्या दो बढ़कर 45 हो गयी है। राज्य में अभी तक 758 मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश में 1650 और कर्नाटक में 642 लोग संक्रमित हैं तथा इन राज्यों में क्रमश: 36 और 26 लोगों की मौत हुई है।


दक्षिणी राज्य तेलंगाना में संक्रमितों की कुल संख्या 1082 हो गयी और इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गयी है। केरल में 500 लोग संक्रमित हुए हैं और चार लोगों की मौत हुई है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की संख्या 701 है और आठ लोगों की मौत हुुई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में 35, पंजाब में 21,हरियाणा में पांच, बिहार में चार, झारखंड में तीन तथा मेघालय, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और असम में एक-एक व्यक्ति की इसके कारण मौत हुई है।


रेड जोन में छूट नहीं दी जाएगीः योगी

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार प्रदेश में रेड जोन में किसी तरह की कोई छूट नहीं देगी। एक निजी चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हम केंद्र की गाइडलाइन का पूरा पालन करेंगे। रेड जोन में कोई छूट नहीं देंगे जबकि ऑरेंज और ग्रीन जोन में कुछ छूट देंगे।


सीएसआईआर- सीमैप का सीमरेस्पकूल कोविड-19 की जंग में करेगा मदद : डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी


उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में हम सब्जी और किराने की दुकानों को पहले से छूट दे चुके हैं । ऐसे में, हमारी कोशिश है कि ऑरेंज जॉन को ग्रीन में और रेड जोन को पहले ऑरेंज और फिर ग्रीन में बदलकर प्रदेश को कोरोना से मुक्त करें। लॉकडाउन से राजस्व पर पड़ने वाले असर के सवाल पर सीएम योगी ने बताया कि यूपी को एक महीने में 17 से 18 हजार करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होता था लेकिन इस बार एक हजार करोड़ ही राजस्व आया है। फिलहाल हमारे लिए राजस्व से ज्यादा चिंता अपने नागरिकों की रक्षा करने की है। यह ज्यादा महत्वपूर्ण है।


मजदूर यात्रा खर्च उठाएगी कांग्रेसः गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फैसला लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई श्रमिक-कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा के टिकट का खर्च उठाएगी और जरूरी कदम उठाएगी। सोमवार को जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन लागू होने की वजह से देश के मजदूर अपने घर वापस जाने से वंचित रह गए। 1947 के बाद देश ने पहली बार इस तरह का मंजर देखा जब लाखों मजदूर पैदल ही हजारों किमी। चलकर घर जा रहे हैं।


सोनिया गांधी ने बयान में कहा कि जब हम लोग विदेश में फंसे भारतीयों को बिना किसी खर्च के वापस ला सकते हैं, गुजरात में एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं, अगर रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री राहत कोष में 151 करोड़ रुपये दे सकता है तो फिर मुश्किल वक्त में मजदूरों के किराये का खर्च क्यों नहीं उठा सकता है?


गौरतलब है कि 24 मार्च को जब लॉकडाउन लागू हुआ था, तब लाखों की संख्या में मजदूर जहां पर थे वहां पर ही फंस गए थे। उसके बाद अब करीब 40 दिन के बाद उन्हें घर जाने की इजाजत मिली है, राज्य सरकारों के निवेदन पर केंद्र सरकार ने इसके लिए स्पेशल ट्रेन की मंजूरी दी है। लेकिन इस दौरान मजदूरों के किराये का वहन राज्य सरकार उठाएगी, जो कि मजदूरों से ही लिया जाएगा। रेल मंत्रालय के इस फैसले की काफी आलोचना की गई है, ना सिर्फ राजनीतिक दल और राज्य सरकारों ने इसका विरोध किया है बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी आलोचना हुई है।


गाजियाबाद में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा

अश्वनी उपाध्याय


गाज़ियाबाद। कोरोना वायरस को मद्देनज़र रखते जनपद के हिंडन एयर बेस के mi7 हेलीकॉप्टर द्वारा आज सुबह थाना साहिबाबाद पर पुष्प वर्षा की गई है। इतना ही नहीं, पुष्प वर्षा के दौरान थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों ने समेत आदि ने इस नजारे का खूब लुफ्त उठाया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने एयर बेस के अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस पुष्प वर्षा को हम आशीर्वाद मानते हैं और उन्होंने कहा कि यह पुष्प वर्षा शुभकामनाओं की वर्षा है।
कोरोना वायरस के दृष्टिगत लॉकडाउन के सफल क्रियान्वयन हेतु एसएसपी कलानिधि नैथानी के निर्देशानुसार जनपद में लाॅकडाउन का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की जमकर चैकिंग की जा रही है।
ज्ञात हो कि एसएससी द्वारा जनपद पुलिस को चैकिंग के लिए पहले से ही बाडीवार्न कैमरे उपलब्ध कराये जा चुके हैं। जबकि, इसी क्रम में जनपद के विभिन्न थानाक्षेत्रों में पुलिसकर्मी बैरियर लगाकर आने-जाने वाले वाहनों और उसपर सवार व्यक्तियों की भी चेकिंग की जा रही है।


आपको बता दें कि एसएसपी कलानिधि नैथानी ने समस्त क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों समेत समस्त पुलिसकर्मियों को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों और बाजारों में लाॅकडाउन के नियम सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराने को लेकर निर्देशित किया गया है। इतना ही नहीं, बिना मास्क, दुपहिया वाहनों पर एक से अधिक और चौपाइयां वाहनों पर दो से अधिक व्यक्तियों को पाए जाने पर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी-कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा एसएसपी ने लाॅकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर सख्ती से कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश दिए हैं।


मोदीनगर में पिया सैनिटाइजर, 2 की मौत

सुदेश शर्मा


गाजियाबाद। मोदीनगर थाना क्षेत्र के बखरवा गांव में 3 लोगो को लॉक डाउन होने के कारण शराब नही मिल पा रही थी। जिसके कारण उन्होंने सेनिटाइजर पी लिया। जिसके कारण दो लोगो की मौत हो गई। तीसरे व्यक्ति को गंभीर हालत में मेरठ रेफर कर दिया गया है।


मृतक व्यक्तियों के नाम मंगत और पाली है दोनों की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी। वही कुछ ग्रामीणों का कहना है तीनो ही शराब के आदि थे और शराब ना मिलने के कारण इन्होंने कोई जहरीला पदार्थ या सेनिटाइजर पी लिया है जिसके कारण इनकी मृत्यु हुई है


पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर postmortem के लिए भेज दिया। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों ही मृतको का अंतिम संस्कार हो चुका है।


दाने-दाने को मोहताज राशन कार्ड धारक

कोरोना के कहर चलते लॉकडाउन जारी मकनपुर: कोटेदार की मनमानी चलते दाने दाने को मोहताज राशन कार्ड धारक


अमित तंवर


गाजियाबाद। सम्पूर्ण विश्व में कोरोना वायरस ने महामारी बनकर कोहराम मचा रखा है। ऐसा मुश्किल ही कोई देश होगा जो कोरोना वायरस के चंगुल से बच सका होगा। कोरोना वायरस के कहर के चलते भारत में मोदी ने 22 मार्च को पहला लॉक डाउन किया था और उसके बाद से निरंतर ही लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में दिहाड़ी मजदूरों के समक्ष खाने-पीने का संकट गहरा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों के चलते राशन कार्ड धारकों को माह में एक बार ​मुफ्त में राशन दिया जा रहा है तथा दूसरी बार कोटे की राशन कोटे के दाम पर मिल रही है। साथ ही योगी सरकार ने यह भी फैसला किया है कि यदि किसी राशन कार्डधारक का कार्ड किन्हीं कारणों से बंद हो गया हो तो उसे उसी कार्ड पर उक्त नियमों अनुसार माह में दो बार राशन मिलेगी। साथ ही यदि किसी ने राशन कार्ड के लिए आवेदन भी किया हुआ हो उसे भी आवेदित फार्म की कॉपी दिखाये जाने पर राशन दिये जाने के आदेश प्रशासन को दिये गये है। जिससे गरीबों के सामने से भोजन का संकट हटते नज़र तो आ गया। किन्तु कुछ कोटेदार अपने धूर्तपने से बाज नहीं आ रहे है। 
गाजियाबाद के वार्ड नंबर 57 मकनपुर गांव में ऐसा ही कुछ कोटेदार राशन कार्ड धारकों के साथ कर रहे है। वे  राशन कार्ड धारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से राशन तो मिल रहा है। मगर गांव के कुछ लोग ऐसे हैं जिनके पास राशन कार्ड है पर उन्हें राशन नहीं मिल रहा है। जब गांव के गरीब अपना राशन कार्ड लेकर राशन कोटेदार के यहां पहुंचता है कोटेदार द्वारा यह कहकर उसे भगा दिया जाता है कि तुम्हारा राशन कार्ड बंद है पहले राशन कार्ड चालू कराओ तभी राशन मिलेगा। ऐसे में तो जिन लोगों ने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है उन्हें तो कोटेदार द्वारा राशन मिलने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
वहीं सूत्रों की माने तो कोटेदार राशन कार्ड चालू कराने व नये बनवाने के लिए रूपये 300 लगेंगे की बात कर रहे हैं और यह भी जानकारी मिली कि वह अपने जान-पहचान व रिश्तेदार वालों को बिना राशन कार्ड के ही राशन वितरित करा रहा हैं। ऐसे में गरीब मजदूर कहां जाए एक तो खाने को राशन नहीं दूसरा कि वह 300 रूपये कहां से लाए। गांव के गरीब लोगो का क्या होगा कोटेदार जो अपनी मनमानी चला रहे हैं। इन राशन कोटेदारों का भी कुछ करेगी सरकार जहां मोदी योगी सरकार का कड़ा उल्लंघन हो रहा है कुछ लोगों ने तो कहा कि इससे अच्छा तो राशन कोटेदार किसी और को होना चाहिए था।
गांव के गरीबों के इस बार की पूर्ण जानकारी हमारे संवाददाता को दी और समाचार पत्र के माध्यम से कोटेदार की शिकायत और सरकार से विन्रम अपील की है कि उक्त मामले पर अतिशीघ्र कार्यवाही करते हुए उन्हें राशन मुहैया कराने का कष्ट करें।


 


सही तरिके से खुलेगी शराब की दुकानें

अश्वनी उपाध्याय


गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में आज शराब के ठेके विधिवत तरीके से खोले जायेंगे। शासन की ओर से शराब के ठेके खोलने संबंधी मंजूरी आ गई है जिसके तहत अब जनपद में शराब की बिक्री सामान्य रूप से की जा सकेगी। जिला आबकारी अधिकारी मुबारक अली ने शराब के ठेके खोलने के संबंध में बताया कि शासन से ठेके खोलने के लिए मंजूरी आ गई है और मंगलवार से जनपद गाजियाबाद में शराब की बिक्री सामान्य रूप से चालू करा दी जायेगी। मुबारक अली का कहना है कि यूं तो सोमवार को ही ठेके खोले जाने थे लेकिन जनपद स्तर पर कोई आदेश नहीं पहुंचे थे। अब मंजूरी आ गई है और अब विधिवत तरीके से जनपद गाजियाबाद में शराब की बिक्री होगी। सुबह दस बजे से लेकर शाम सात बजे तक शराब की बिक्री जनपद में की जायेगी।


ठेकों पर लाइने डिस्टेंसिंग का पालन ?

अतुल त्यागी, मुकेश सैनी


हापुड़ ठेकों के बाहर सुबह से ही लगी लंबी लाइन, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां


दरअसल, हापुड़ जिलाधिकारी ने सुबह 7 बजे से 10 बजे तक ही शराब ठेकों को खोलने की अनुमति दी है। जिसकी सूचना मिलते ही लोग बड़ी संख्या में शराब खरीदने के निकल पड़े।


हापुड़। शराब ठेकों के बाहर सुबह से ही लगी लंबी लाइन, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जिया जिले में सोमवार सुबह से ही शराब ठेकों के बाहर लोगों की लंबी लाइन देखने को मिली। लोग सुबह 6 बजे से ही शराब खरीदने के लिए लाइनों में लगे नजर आए। सुबह-सुबह ही सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह किए बगैर लोग शराब खरीदने पहुंच गए। दरअसल, हापुड़ जिलाधिकारी ने सुबह 7 बजे से 10 बजे तक ही शराब ठेकों को खोलने की अनुमति दी है। जिसकी सूचना मिलते ही लोग बड़ी संख्या में शराब खरीदने के निकल पड़े।


नहीं नजर आई पुलिसः दरअसल, देर रात जिलाधिकारी ने अन्य सामानों की तरह ही सुबह 7 बजे से 10 बजे तक लॉकडाउन में ढील देते हुए शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी। जिसके बाद लोगों का हुजूम शराब ठेकों की तरफ दौड़ा। लेकिन सी दौरान पुलिस कहीं भी नजर नहीं आई, जिसकी वजह से सोशल डिस्टेंसिंग की भी धज्जियां उड़ाई गई। हालांकि ठेकेदार खुद खड़े होकर लोगों को एक-एक कर खरीदारी करने के लिए समझाते नजर आए। बता दें जिले एम् कुल 170 के करीब अंग्रेजी व देसी शराब की दुकानें हैं। गौरतलब है की गाइडलाइन के मुताबिक एक बार में केवल 5 लोग ही शराब की दुकान के बाहर खड़े हो सकते हैं। साथ ही 6 फुट की दूरी का पालन भी अनिवार्य है. लेकिन ठेकों के बाहर उमड़ी भीड़ को काबू कर पाना मुश्किल हो रहा है। शराब की दुकानों के बाहर सोशल डिस्‍टेंसिंग कही नजर नही आ रही है। ग्रामीण इलाकों में कुछ दुकानों पर जरूर एक मीटर की दूरी पर गोल घेरे बनाये गए है, लेकिन यहां भी लेागों की भीड़ इकट्ठा दिखी। लोगों में शराब का स्‍टॉक करने की होड़ सी लगी हैं। शराब की दुकानों के बाहर कई लोग शराब की पूरी पेटियां ले जाते नजर आये। जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र नाथ का कहना है कि शराब की दुकानों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए दुकान मालिकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। आबकारी विभाग के अधिकारी ठेकों पर जाकर इसकी स्वयं निगरानी कर रहे हैं। कुछ जगह से तस्वीरें देखने को मिली है। आबकारी विभाग की तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है कि शराब की दुकानों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो।


सपा ने 60 जरूरतमंद लोगों को दी सामग्री

पूर्व सपा जिला अध्यक्ष ने 60 जरूरतमंद लोगों को दी खाद्य सामग्री


खाद्य सामग्री पाकर लोगों ने महसूस किया राहत


सुनील पुरी


फतेहपुर। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लॉक डाउन की स्थिति चल रही जिसके कारण लोगों के सामने खाने पीने की समस्या है। ऐसे ही करीब 60 जरूरतमंद लोगों को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष ने खाद्य सामग्री देने का काम किया जिसको भी खाद्य सामग्री मिली उसको राहत समझ में आई।


सोमवार को नगर के रामलीला मैदान के निकट अपने आवास पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष ने 60 जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री देने का काम किया।जिसको भी खाद्य सामग्री मिली उसने राहत महसूस किया। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयाल ने बताया कि वह लोगों को सामाजिक दूरी का पालन का कराते हुए राहत सामग्री देने का काम कर रहे हैं। ताकि कोई व्यक्ति भूखा ना रहे कहा कि जो लोग भी आ रहे हैं। उन्हें खाद्य सामग्री देने का काम किया जा रहा है। लॉक डाउन तक यह कार्य जारी रहेगा इस मौके पर ओमी यादव चंद्रशेखर बेदी आदि लोग मौजूद रहे।


ईस्ट इंडिया से की सरकार की तुलना

नई दिल्ली। कांग्रेस ने सोमवार को लॉकडाउन की तुलना नोटबंदी से की और सरकार पर आरोप लगाया कि वह ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह व्यवहार कर रही है, क्योंकि उसने लॉकडाउन की घोषणा करने से पहले कोई योजना नहीं बनाई।


कांग्रेस ने कहा, “लॉकडाउन और नोटबंदी के बीच समानता यह है कि भाजपा सरकार ने पहले सोचने और फिर करने के बुनियादी नियम के बजाय बिना सोचे-समझे कार्य किया।”


कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा, “लॉकडाउन और नोटबंदी दोनों में, भाजपा सरकार ने आम आदमी को लूटकर, समाज के कमजोर वर्गों के दर्द को नजरअंदाज करके ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह व्यवहार किया, सरकारी लोगों की जेब भरने के लिए भारत के लोगों की जेब से खिलवाड़ किया।”जयवीर शेरगिल ने कहा, “खराब नियोजन, असंवेदनशील ²ष्टिकोण और तर्कहीन निर्णय लेना, तीन ऐसे लक्षण हैं, जो लॉकडाउन और नोटबंदी के दौरान भाजपा सरकार के प्रदर्शन में एक जैसे रहे। जिनने समाज के कमजोर वर्गों के लिए पीड़ा, तनाव और संकट पैदा किया।”


कांग्रेस ने कहा, “भाजपा ने विनाशकारी प्रभावों को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए शुतुरमुर्ग की तरह ²ष्टिकोण अपनाया और अब फिर से मरणासन्न अर्थव्यवस्था को ऑक्सीजन प्रदान करने की तत्काल आवश्यकता को नजरअंदाज कर दिया है। लॉकडाउन और नोटबंदी दोनों में ही भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कुशासन का हरजाना आम आदमी, मजदूर वर्ग, एमएसएमई ने अपने खून पसीने से भुगता है।” कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “हम नोटबंदी और लॉकडाउन की समानताएं देख रहे हैं, जिनमें जनता के लिए कोई योजना या राहत उपाय नहीं हैं।” कांग्रेस ने कहा कि मुद्दों के बीच असंगति है। सिंघवी ने कहा, “इस तरह का दृष्टिकोण और चूक, जो भारत मौजूदा समय में है और जो 7, लोक कल्याण मार्ग की कल्पना में है, उसमें विसंगति को दर्शात है।”


8 मई से कामकाज शुरू करेंगे एचसी

इलाहाबाद। इलाहाबाद और लखनऊ हाईकोर्ट में कामकाज आठ मई से शुरू हो जाएगा। हाईकोर्ट में हुई प्रशासनिक बैठक में इलाहाबाद और लखनऊ हाईकोर्ट की कार्रवाई से संबंधित यह फैसला लिया गया। महानिबंधक अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इलाहाबाद और लखनऊ हाईकोर्ट में कामकाज आठ मई से शुरू हो जाएगा। इस दौरान कोर्ट का काम दो चरणों में संपादित किया जाएगा। पहला चरण सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा और दूसरे चरण का काम दोपहर 1:30 बजे से शाम 3:30 बजे तक संपन्न होगा।


उन्होंने बताया कि पहले चरण में क्रिमिनल मामलों की सुनवाई होगी और दूसरे चरण में सिविल मामलों की सुनवाई की जाएगी। जैसा कि अभी तक सुनवाई के लिए अर्जेंसी एप्लिकेशन दाखिल करना पड़ रहा था, लेकिन अब ऐसी किसी औपचारिकता की जरूरत नहीं होगी। साथ ही लॉकडाउन को देखते हुए अभी तक नए मामले केवल ऑनलाइन दाखिल हो रहे थे, लेकिन अब ऐसे मामले मैनुअली भी दाखिल होंगे। इसके साथ ही सरकार द्वारा निर्देशित सोशल- डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश भी दिया गया है।


दिल्ली में अतिरिक्त प्रयास करने होंगे

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी देश का एक ऐसा राज्य है, जहां कोरोना वायरस को रोकन के लिए सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्री ने यहां मीडिया से कहा, “दिल्ली में कोरोना वायरस की स्थिति पर टिप्पणी करना मेरे लिए अनुचित है, क्योंकि इसे एक राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाएगा। लेकिन मेरी व्यक्तिगत राय में, दिल्ली उन राज्यों में से एक है, जहां कोरोना वायरस के मामलों को नियंत्रित करने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है। इसके खिलाफ लड़ाई को और अधिक गंभीरता से लेने की जरूरत है।”


हर्षवर्धन ने कहा, “मुझे लगता है कि लॉकडाउन 3.0 के दौरान यहां न्यूनतम छूट दी जानी चाहिए, लेकिन यह पूरी तरह से दिल्ली सरकार पर है। स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय ने दिशा-निर्देश दिए हैं, लेकिन यह राज्य सरकार को तय करना है कि वहां की स्थिति के अनुसार उन दिशा-निर्देशों को कितना और कैसे लागू करना चाहिए।”दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा, “संपूर्ण दिल्ली एक रेड जोन है। केंद्र सरकार ने रेड जोन को कुछ छूट दी है और हम उन सभी छूट को लागू करने देंगे।” केजरीवाल ने अपनी सरकार द्वारा कार्यालयों को तीसरे लॉकडाउन में खोलने की अनुमति देने के बाद पहली कैबिनेट बैठक की। अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को दिल्ली सचिवालय में केजरीवाल ने बैठक ली, जो कि अब तक वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही सभी बैठकें कर रहे थे। अब तक शहर में 4,500 से अधिक कोरोना वायरस के मामले सामने आए है।


युवा कप्तान को मेरी तरह ही तरासेगेंं

नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर की उम्मीद है कि भारत के मौजूदा कप्तान विराट कोहली और उप-कप्तान रोहित शर्मा उसी तरह युवा खिलाड़ियों को तराशेंगे जिस तरह से पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तराशा था। गंभीर ने रोहित का उदाहरण देते हुए कहा कि वह टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे लेकिन धोनी को उनकी काबिलियत में यकीन था और धोनी का समर्थन करना अंतत: उनके लिए फायदेमंद रहा क्योंकि आज रोहित सीमित ओवरों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है।


गंभीर ने स्पोटर्स तक से कहा कि आज के समय में युवा क्रिकेटर, चाहे वो शुभमन गिल हों या संजू सैमसन उन्हें भी समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, अब जबकि रोहित सीनियर हो गए हैं। मैं उनसे उम्मीद करता हूं कि वह युवाओं का साथ देंगे। रोहित इस बात के सबसे बड़े उदाहरण हैं कि एक खिलाड़ी कैसे एक बेहतरीन खिलाड़ी बन सकता है।


फ्रांस में हेल्थ इमरजेंसी 2 महीने बढ़ी

फ्रांस ने कोरोना के बढ़ते मामले और संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए हेल्थ इमरजेंसी को 2 महीने के लिए बढ़ा दिया है।


पेरिस। फ्रांंस में कोरोना वायरस से 166 और लोगों की मृत्यु हो गई है। यहां कोरोना संक्रमण के कारण मरने वाली की तादात बढ़कर 24460 हो गई है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शिनवार को जानकारी देते हुए कहा कि कोविड 19 के कारण देश में एक मार्च से लेकर अब तक 24760 लोगों की मौत हो गई है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 15487 लोगों की मौत अलग-अलग अस्पतालों में और 9273 लोगों की मौत नर्सिंग होम में हुई है। हालात दो देखते हुए देश में हेल्थ इमरजेंसी को 24 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 11 मार्च को कोरोना को महामारी घोषित कर दिया। जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार दुनिया भर में 33 लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। वहीं फ्रांस में अब तक एक लाख 67 हजार 303 लोग कोरोना से संक्रमित हुए है।


मीडिया पर लोगों का विश्वास हुआ कम

नई दिल्ली। सी-वोटर के देशव्यापी सर्वेक्षण से पता चला है कि भारतीयों का सोशल मीडिया पर विश्वास का स्तर काफी कम है, खासकर अखबार और टीवी चैनल जैसे मुख्यधारा की मीडिया से तुलना करने पर यह स्तर काफी कम है। कोविड-19 जैसी महामारी के बीच एक खतरनाक प्रचलन सोशल मीडिया मंचों के जरिए गलत सूचनाओं का फैलना है।


लेकिन सी-वोटर द्वारा 23 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच किए गए देशव्यापी सर्वे से नीति निर्माता राहत की सांस ले सकते हैं। सी-वोटर सर्वेक्षण के अनुसार, जो भारतीय सोशल मीडिया पर बहुत अधिक भरोसा करते थे, उनमें भारी कमी आई है, खासकर के जब अखबार, टीवी चैनल जैसे मुख्यधारा की मीडिया से तुलना की आती है तो, इसमें भारी कमी आई है। राष्ट्रीय स्तर पर, केवल 12.5 प्रतिशत प्रतिक्रियादाताओं ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर काफी विश्वास है, जबकि 30.8 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया है कि उन्हें सोशल मीडिया पर जरा सा भी विश्वास नहीं है। वहीं 34 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें अखबारों पर काफी विश्वास है, जबकि 6.8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हे अखबारों पर जरा सा भी विश्वास नहीं है। यहां यह बताना जरुरी है कि लॉकडाउन की सख्ती की वजह से अखबार बड़ी संख्या में लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस मामले में टेलीविजन को लेकर प्रतिशत में काफी बढ़ोतरी हुई है। 42.3 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उन्हें टीवी पर बहुत भरोसा है, जबकि 16.1 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें इस माध्यम पर भरोसा नहीं है। सोशल मीडिया के प्रति विश्वास में कमी भौगोलिक क्षेत्रों और विभिन्न आय, शिक्षा, उम्र समूहों में है। आश्चर्यजनक रूप से जो भारतीय सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, वे ही सोशल मीडिया पर कम विश्वास करते हैं। वहीं 25 साल से कम उम्र के भारतीय, जो बमुश्किल ही कभी प्रिंट अखबार पढ़ते हैं, उनका कहना है कि उनका सोशल मीडिया पर कोई विश्वास नहीं है। जबकि केवल 11 प्रतिशत का मानना है कि उनका सोशल मीडिया पर बहुत विश्वास है। वहीं 60 वर्ष से अधिक उम्र के भारतीयों में सोशल मीडिया को लेकर ‘जरा सा भी विश्वास नहीं’ प्रतिशत 20 से भी कम है। अन्यथा, सभी श्रेणियों के भारतीयों ने सोशल मीडिया में विश्वास की कमी को प्रदर्शित किया। उदाहरण के लिए, 35.2 प्रतिशत दलित सोशल मीडिया पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करते हैं, जबकि 41 प्रतिशत सेमी-अर्बन भारतीयों ने ऐसे ही विचार व्यक्त किए।


वर्ली में वायरस के 700 से ज्यादा मरीज

प्रिया सिंह


महाराष्ट्र। मुंबई में वर्ली यानी मुंबई का वो इलाका, जो अपनी कॉर्पोरेट गतिविधियों के लिए देशभर में चर्चित है। लेकिन आज यह देश का सर्वाधिक कोरोना संक्रमित इलाका बन गया है। इस एक इलाके जी-दक्षिण मनपा वार्ड में कोरोना के 700 से ज्यादा मरीज हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे वर्ली सीट से ही विधायक हैं। लिहाजा कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच राज्य सरकार का पूरा महकमा यहां नियंत्रण करने में दिन-रात जुटा है। इस वार्ड में करीब 100 कंटेनमेंट जोन हैं।


वर्ली इलाके के मेडिकल ऑफिसर देवेंद्र गोल्लर की टीम में शामिल डॉ. सतीश बडगिरे बताते हैं कि जी-दक्षिण वार्ड में इस वक्त मरीजों की संख्या करीब 743 हो गई है। इनमें 244 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। कोरोना का संक्रमण रोका जा सके इसके लिए सहायक मनपा आयुक्त शरद उघडे पिछले एक महीने से घर नहीं गए हैं। उनसे प्रेरणा लेकर इसी तरह यहां के करीब 50 डॉक्टर और सिविल इंजीनियर सहित कुल 150 कर्मचारी भी घर न जाकर दिन-रात कोरोना को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। लगभग 500-600 लोगों की स्क्रीनिंग की जाती हैः डॉ. बडगिरे बताते हैं कि वर्ली इलाके में ‘डॉक्टर आपके द्वार’ योजना के तहत रोजाना 5-6 कैंप लगते हैं। जिसमें लगभग 500-600 लोगों की स्क्रीनिंग की जाती है। इसके अलावा इलाके के 5 हजार से अधिक लोगों को रोजाना कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए जागरूक किया जा रहा है। 15 दिन से थाने में ही रह रहे इंस्पेक्टरः गैस एजेंसी के कर्मचारी भी पीपीई किट पहनकर सिलेंडर घरों तक पहुंचा रहे हैं। वर्ली थाने के सीनियर इंस्पेक्टर सुखलाल वर्पे बताते हैं कि हमने कोरोना को कंट्रोल में लाने के नियमों का कड़ाई से पालन किया। हमारे यहां 200 का स्टाफ है। मैं खुद 15 दिन से पुलिस स्टेशन में ही रह रहा हूं।कोरोना कंट्रोल करने 42 हजार से अधिक की स्क्रीनिंगः सहायक मनपा आयुक्त शरद उघडे बताते हैं कि वर्ली कोलीवाड़ा के 9000 से अधिक घरों के 34 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई। यहां शुरू में 10 दिनों में मरीज संख्या दोगुनी हो रही थी, अब 18 दिन लग रहे हैं। आदर्श नगर के 2 हजार से अधिक घरों के 8,700 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जीजामाता नगर समेत अन्य इलाकों में भी स्क्रीनिंग हो रही है।  उन्होंने बताया कि यदि कोई कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे क्वारैंटाइन कर दिया जाता है। इसके बाद उसके संपर्क में आए लोगों की तलाश कर अलग रखा जाता है।


इतनीः 24 घंटे में 174 लोगों की मौत

रोम/ न्यूयॉर्क। इटली में 24 घंटे में 174 लोगों की जान गई है। इटली में 10 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था। तब से अबतक यह एक दिन की सबसे कम मौतें हैं। इटली में सोमवार से लॉकडाउन में राहत देने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,अबू धाबी में 62 वर्षीय एक भारतीय बिजनेसैन की कोरोना से मौत हो गई।पीके करीम हाजी केरल के रहने वाले थे।उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल गफूर ने गल्फ न्यूज को बताया कि उनकी मौत गुरुवार को हुई। वे डायबिटीज के मरीज थे। हाजी अबू धाबी केरल मुस्लिम सांस्कृतिक केंद्रके पूर्व अध्यक्ष और भारतीय इस्लामिक केंद्र और सुन्नी केंद्र के सक्रिय सदस्य थे।


न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो ने कहा है कि सभी अस्पताल मेडिकल एक्विपमेंट्स का 90 दिन का स्टाक जमा कर लें। उन्होंने कोविड-19 के दूसरे अटैक की आशंका पर यह आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि रोज-रोज मेडिकल इक्विपमेंट्स की सप्लाई पहुंचाना मुश्किल काम है। मेडिकल सप्लाई के लिए उन्होंनेसात राज्यों के साथ पार्टनरशिप प्रोग्राम तैयार कियाहै। इटली में दो महीने से लगे टोटल लॉकडाउन में कल से राहत दी जाएगी।


इटली में सिस्टम से डिस्टेंसिंग पर नजर

सोशल डिस्टेंसिंग पर एआई सिस्टम से रखी जाएंगी नजर


नई दिल्ली/ रोम। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को सबसे कारगर उपाय माना जा रहा है। इसीलिए, जिन देशों ने लॉकडाउन में छूट दी है, वहां लोगों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य किया गया है। इसी को देखते हुए ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जो लोगों पर नजर रखेगा। यदि लोग सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करेंगे, तो सिस्टम का कैमरा उन्हें रेड साइन के साथ मार्क करेगा। वहीं उचित दूरी के साथ चलने वालों को ग्रीन साइन के साथ दिखाएगा। इस सिस्टम को उन कंपनियों के लिए बनाया गया है।जो लॉकडाउन में काम शुरू कर रही हैं।


ईरान में खुली मस्जिदें, मृतक-6200

ईरान में खुली मस्जिदें


तेहरान/ मास्को। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि जहां संक्रमण के मामले कम हुए है, वहां सोमवार से मस्जिदें दोबारा खोली जाएंगी। इन इलाकों में पहले की तरह से जुमे का नमाज होगा। हालांकि, स्वास्थ्य के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। 16 मई से स्कूलों को भी खोला जा सकता है। यहां अब तक 6203 लोगों की जान जा चुकी है।


रूस: 1 लाख 34 हजार संक्रमित


रूस में 24 घंटे में 10 हजार 633 नए केस मिले हैं। मरीजों की संख्या अब एक लाख 34 हजार 687 हो गई है। एक दिन पहले यहां 9500 केस मिले थे। यहां1280 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, रूस ने मास्क और पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) के निर्यात सेअस्थायी प्रतिबंध हटा दिया है। पिछले महीने इस पर प्रतिबंध लगाया गया था। मॉस्को में सफाईकर्मियों ने सड़क को सैनिटाइज किया। रूस में अब तक 1280 मौतें हो चुकी हैं।


प्रतिबंध तोड़ने पर 1200 रिपोर्ट दर्ज

न्यूजीलैंड: प्रतिबंध तोड़ने की 1200 रिपोर्ट मिलीं


ऑकलैंड। न्यूजीलैंड में पिछले हफ्ते देश में लॉकडाउन लेवल 3 लगाया गया। इसके बाद से न्यूजीलैंड पुलिस को बड़े पैमाने पर लोगों के प्रतिबंध तोड़ने की रिपोर्ट मिली है। पुलिस के मुताबिक, अब तक 1200 से ज्यादा रिपोर्ट मिले हैं। इनमें से 1 से 2 मई के बीच केवल 685 रिपोर्ट मिली। 112 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न के मुताबिक, चार लाख से ज्यादा लोग काम पर लौट सकते हैं। न्यूजीलैंड के शहर क्राइस्टचर्च में बीच पर सर्फिंग के लिए जाते लोग। यहां पिछले हफ्ते लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी गई।


अमेरिका में एक दिन में 28 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए। इसके साथ ही यहां संक्रमितों की संख्या 11 लाख 74 हजार 202 हो गई है। देश के अलबामा और आइडाहो समेत कई राज्यों ने प्रतिबंधों में ढील देने शुरू कर दिए हैं।टेक्सास में राज्य के 2 लाख 90 हजार लोगों से स्टे-ऐट-होम ऑर्डर हटा लिया गया है। देश में अब तक 68 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। कैलिफोर्निया में स्टे-ऐट-होम ऑर्डर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे करीब 30 लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिकियों से एक होने का आग्रह किया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने शनिवार एक वीडियो में कहा कि अभी देश और दुनिया देश के लिए एक चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने सभी को एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा- हमने कई बार ऐसे संकट का सामना किया है।


स्पेनः 25 हजार से अधिक की मौत

स्पेन: मास्क पहनना जरूरी


मेड्रिड। स्पेन में सोमवार से पब्लिक ट्रांसपोर्ट में मास्क लगाना जरूरी हो गया है। पीएम पेड्रो सांचेज ने कहा कि सरकार 60 लाख मास्क ट्रांसपोर्ट लोकेशन पर और 70 लाख स्थानीय अधिकारियों को बांटेगी। यहां लॉकडाउन में ढील दी जाएगी। यहां पिछले हफ्ते 14 साल के बच्चों को भी ढील दी गई थी। यहां अब तक 25 हजार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो लाख 47 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं।


यह तस्वीर स्पेन के ज्यूयोर्रिला समुद्र तट की है। सात हफ्तों के बाद व्यस्कों को भी घर से निकलने की अनुमति दी गई है।


फ्रांस: आपातकाल बढ़ सकता हैं।
फ्रांस सरकार ने साफ कर दिया है कि वो महामारी से निपटने के लिए आपातकाल दो महीने बढ़ाने जा रहा है। कैबिनेट का प्रस्ताव मंगलवार को संसद के सामने पेश किया जाएगा। रविवार को यहां 135 लोगों की मौत हुई। यहां अब तक 24 हजार 895 की जान जा चुकी है, जबकि एक लाख 68 हजार संक्रमित हैं। यहां पर अभी 3819 लोग आईसीयू में भर्ती हैं। पेरिस में एफिल टॉवर के पास ट्रोकेडरो स्क्वायर में गोल्डन स्टैच्यू को मास्क पहनाया गया है। फ्रांस में सरकारमहामारी से निपटने के लिए आपातकाल दो महीने बढ़ाएगी।


चीन: दो नए मामले। चीन में 24 घंटे के दौरान संक्रमण के दो नए मामले सामने आए हैं। नेशनल हेल्थ कमीशन के अनुसार यहां शनिवार को कोरोना से किसी भी मौत नहीं हुई है। यहां अब तक 82 हजार 877 संक्रमित हैं, जबकि 4633 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन संक्रमण के मामले 10वें नंबर पर पहुंच गया है।


तुर्की: संक्रमितों की संख्या 1.24 लाख
तुर्की में एक दिन में 1983 नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही यहां संक्रमण के माामले एक लाख 24 हजार 375 हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री फहरेट्टिन कोजा ने शनिवार को बताया कि अब तक ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 58हजार 259 हो गई है।


जर्मनी: शर्तों के साथ चर्च खोले जाएंगे

जर्मनी: शर्तों के साथ चर्च खोले जाएंगे


बर्लिन/ काबुल। जर्मनी में कई हफ्तों तक धार्मिक नेताओं और अधिकारियों के बीच चर्चा होने के बाद कुछ शर्तों के साथ चर्च खोले जाएंगे। लोग सीमित संख्या में इकट्ठा हो सकते हैं। पादरियों को मास्क पहनकर प्रार्थना करानी होगी। गाने पर प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई का ध्यान रखा जाएगा। लोगों को आपस में कम से कम दो मीटर की दूरी रखनी होगी। उधर, लॉकडाउन के खिलाफ जर्मनी के स्टटगार्ट और बर्लिन में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। बर्लिन में शनिवार को लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शन कर रही एक महिला को हिरासत में लेती पुलिस।


अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में कोरोनावायरस को लेकर किए गए 500 रैंडम टेस्ट में एक तिहाई लोग सकारात्मक आए हैं। यहां 2704 मामले सामने आए हैं और 85 लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि टेस्टिंग न होने से यहां बहुत से मरीजों का पता नहीं चला है।
सिंगापुर में रविवार को कोरोना संक्रमण के 657 नए मामले सामने आए। इनमें से 647 मामले विदेशी कामगारों के हैं। यहां संक्रमण के 18 हजार 205 मामले सामने आ चुके हैं।


बिट्रेनः 76 मिलियन पाउंड का आवंटन

ब्रिटेन: अतिरिक्त 76 मिलियन पाउंड का आवंटन


लंदन। बिट्रेन में ब्रिटिश मंत्री रॉबर्ट जेनरिक ने कहा कि सरकार कोरोना से पीड़ित कमजोर समूहों की मदद के लिए और 76 मिलियन पाउंड का आवंटन करेगी। जेनरिक ने शनिवार को ट्वीट किया इसमें घरेलू हिंसा, यौन हिंसा और कमजोर बच्चे शामिल होंगे। व्यवसायों को सहायता देने के लिए भी 617 मिलियन डॉलर की मदद की जाएगी। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक, देश में एक लाख 86 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं, जबकि 28 हजार 446 लोगों की मौत हो चुकी है।रविवार को यहां 24 घंटे में 315 लोगों की जान गई है।पीएम बोरिस जॉनसन ने संकेत दिएहैं कि एक जून से प्राइमरी स्कूल खोले जा सकते हैं।


लंदन में शनिवार को लॉकडाउन के खिलाफ प्रदर्शन करने पर एक युवक को हिरासत में लिया गया।
ब्रिटिश पीएम ने बेटे का नाम जान बचाने वाले डॉक्टर के नाम पर रखा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिश जॉनसन औऱ उनकी मंगेतर कैरी साइमंड्स ने अपने बेटे का नाम उन दो डॉक्टरों के नाम पर रखा है, जिन्होंने पिछले महीने उनका इलाज किया था। जॉनसन कोरोना संक्रमित होने के बाद लंदन के सेंट थॉमस अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने अपने बेटे का नाम विल्फ्रेंड लॉरी निकोलस रखा है। बेटे का पहला नाम पीएम के दादा, बीच का पहला नाम कैरी के दादा पर रखा गया है। वहीं, बेटे के बीच का दूसरा नाम निकोलस, डॉ. निक प्राइस और डॉ. निक हार्ट के नाम पर रखा है। कैरी साइमंड्स ने बेटे के जन्म के बाद इंस्टाग्राम पर एनएचएस स्टाफ को धन्यवाद दिया।


नेपालः बडी संख्या में कामगार फंसें

काठमांडू। नेपाल में कोरोना महामारी से निपटने के लिए देशभर में लॉक डाउन चल रहा है। वहीँ पड़ोसी मुल्क नेपाल में भी लॉकडाउन घोषित है। जिसके चलते बड़ी संख्या में भारतीय कामगार वहाँ फंस गए है। जनपद के 23 मजदूर 24 मार्च से नेपाल के एक औद्योगिक इलाके में फंसे है। अब वहां के हालात रहने लायक नहीं बचे, लिहाजा मजदूरों ने वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से किसी भी तरह घर भिजवाने की अपील की है। वीडियो में मजदूर किसी कमरे में एक ही जगह रह रहे हैं और बात करते वक्त रो रहे है, दिख रहे है।


यहां बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से जनजीवन थम सा गया है, जो जहां है वही रुका हुआ है। ऐसे देश विदेश में फंसे लोगों को उनके घर तक पहुचाने के लिए केंद्र और यूपी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। वही नेपाल के बुड़बल के उद्योग क्षेत्र में फंसे मुरादाबाद जिले के 23 मजदूरों ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी सरकार से एक वीडियो बनाकर गुहार लगाई है कि उनको देश वापस बुलाकर उनके घर तक पहुचा दो। यह सभी लोग नेपाल के बुड़बल के उद्योग क्षेत्र में मजदूरी करने गये हुए थे। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से नेपाल में सारे उद्योग बंद है। जिसकी वजह से इन सभी मजदूरों के पास रहने, खाने और सोने की बड़ी समस्या हो रही है। एक मजदूर घर पहुचाने की गुहार लगाते हुए रोने लगा।


जब इन फंसे हुए मजदूर वसीम से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि 24 फरवरी से पहले नेपाल गए थे। हम सभी लोग तांबे और पीतल की छिलाई और पॉलिश का काम करते है। सभी लोह मुरादाबाद के मुगलपुरा थाने के जामा मस्जिद और कटघर थाने के मकबरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। एक व्यक्ति बिजनोर जिले के नगीना का रहने वाला है। यूपी के सोनोली नेपाल बॉर्डर से चौबीस किलोमीटर दूर बुडबल में सरकारी उद्योग क्षेत्र में रह रहे है। भारत मे जब लॉकडाउन लगा था उसके बाद नेपाल में 24 मार्च से लॉकडाउन लग गया था। जब जब भारत मे लॉकडाउन आगे बढ़ता है तभी नेपाल में भी लॉकडाउन आगे बढ़ जाता है। उद्योग क्षेत्र के एक सरकारी अधिकारी से बात हुई थी किसी तरह हम लोगों को भारत भेज दिया जाए। लेकिन अधिकारी का कहना था कि जब तक भारत और नेपाल में लॉकडाउन नही खुलता तब तक हम भारत नही जा सकते। अगर आपको भारत जाना है तो पैदल भारत बॉर्डर तक जा सकते हो। लेकिन हम लोगो को पैदल जाने में डर लग रहा है कि कही कोई पकड़ ना ले और कोई दूसरी मुसीबत खड़ी नही हो जाये। इस लिए हम सभी भारत सरकार और यूपी सरकार से गुहार लगाते है कि हम को किसी तरह से नेपाल से निकालकर भारत ले आये। हमारे पास अब 5 से 6 दिन का राशन बचा है। नेपाल सरकार भी खाने पीने के लिए कोई मद्दत नही कर रही है।


रतलामः जहरीली शराब पीने से 5 की मौत

अभिषेक पनवार 


रतलाम।  रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र में ज़हरीली शराब पीने की आशंका 5 से अधिक लोगों की मौत होने की घटना सामने आनेसे एकही तहलका मच गया है। जानकारी के बाद पुलिस मौके पर पोहच गयी है।


प्राप्त जानकारी अनुसार रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र में ज़हरीली शराब पीने की आशंका 5 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है। मृतक मे ऋतुराज सिंह पिता रघुनन्द सिंह (35 वर्ष) मूल निवासी पंचेड़ के रुघनाथगड़ थाना नामली निवासी मुलनिवासी स्टेशन रोड़ नामली,पपु (21 वर्ष) पिता प्रहलाद सिंह निवासी गांधी नगर रतलाम वर्तमान पंचेड़ निवासी, भूरालाल (33 वर्ष) नन्दू अंगेटी बड़ोदा, जसवंत (26 वर्ष) पिता अर्जुन भदवासा, अर्जुन (25 वर्ष) पिता भैरुनाथ इनका सहभाग है। पुलीस ने कारवाई शुरू कर दी है।


पीएम फंड में आढ़तियों ने दिए 151000

सुदेश शर्मा 


गाजियाबाद। मोदी नगर स्थित नवीन मंडी स्थल पर सब्जी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री ब्रजेश त्यागी ने कोरोनावायरस कोविड-19 से लड़ाई में सहयोग हेतू हापुड़ सदर विधायक श्री विजयपाल आढ़ती को प्रधानमंत्री केयर फंड के लिए सब्जी विक्रेताओं से एकत्र की गई धनराशि Rs. 1,51,000/- का चेक दिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष उमेश राणा, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रफुल्ल सारस्वत, राजीव अग्रवाल, पुनीत गोयल, श्यामेन्द्र त्यागी, अजय भास्कर, दामोदर, रामगोपाल, गौरीशंकर सहित अनेक आढ़ती उपस्थित रहे।


उत्तर-दक्षिण कोरिया के बीच गोलाबारी

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच असैन्य क्षेत्र में गोलीबारी हुई है। जहाँ गोलीबारी हुई है वो इलाक़ा इन दो देशों को बाँटता है।


सियोल/ प्योंगयांग। दक्षिण कोरिया की फ़ौज का कहना है कि उत्तर कोरिया की ओर से सुबह सात बजकर 41 मिनट (दक्षिण कोरिया के समयानुसार) पर गोलीबारी की गई है, जो सीमावर्ती शहर चेरोवन में एक दक्षिण कोरियाई गार्ड पोस्ट पर आकर लगी।
दक्षिण कोरिया की तरफ़ किसी भी तरह की जान माल की क्षति नहीं होने की रिपोर्ट है। दक्षिण कोरियाई फ़ौज के बयान में कहा गया है कि दक्षिण कोरिया ने जवाब में दो राउंड की गोलीबारी की है और मैन्युअल के मुताबिक़ चेतावनी दी है। यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि गोलीबारी शुरू करने की वजह क्या रही. जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा है कि वे उत्तर कोरिया से मिलिट्री हॉटलाइन के जरिए संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे ताकि गोलीबारी की वजह पूछी जा सके। पाँच साल में यह पहली बार है जब उत्तर कोरियाई फ़ौज ने सीधे दक्षिण कोरिया पर गोलीबारी की है। 1953 में कोरियाई युद्ध के बाद असैन्य क्षेत्र बनाया गया था। यह दोनों देशों के बीच बफ़र ज़ोन की तरह है। पिछले दो सालों से दक्षिण कोरिया की सरकार भारी फ़ौजी घेराबंदी वाली सीमा को पीस ज़ोन में बदलने की कोशिश में लगा हुआ है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेइ इन ने सितंबर 2018 में प्योंगयांग में हुई वार्ता के दौरान सीमा पर सैन्य तनाव कम करने पर रजामंदी दिखाई थी। क़रीब तीन हफ़्तों के बाद किम जोंग उन के सार्वजनिक रूप से दिखने के एक दिन बाद यह गोलीबारी की घटना हुई है।उनकी इस ग़ैर मौजूदगी की वजह से दुनिया भर की मीडिया में उनके स्वास्थ्य को लेकर अटकले लगाई गई थीं।


राहुल के आरोप को झूठा करार दिया

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- यह एप्प लोगों की सुरक्षा करने वाला शक्तिशाली साथी, राहुल के आरोप को नया झूठ बताया।


नई दिल्ली। आरोग्य सेतु अप्रैल में लांच करते समय सरकार ने कहा था इसका इस्तेमाल लोग मर्जी से कर सकेंगे, अब यह सभी के लिए जरूरीकांग्रेस ने शनिवार को लॉकडाउन और आरोग्य सेतु ऐप को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। विपक्षी दल ने कोरोना महामारी से लड़ाई में सरकार की कोशिशों को लेकर स्थिति साफ करने की मांग की है। राहुल गांधी ने इस ऐप को को एक जटिल निगरानी प्रणाली बताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि आरोग्य सेतु से जुड़े काम के लिए सरकार ने प्राइवेट ऑपरेटर को आउटसोर्स किया है। यह डाटा सुरक्षा और निजता को लेकर चिंताजनक है। तकनीक हमें सुरक्षित रख सकती है, लेकिन लोगों को उनकी मर्जी के बिना ट्रैक करने के लिए कोरोना के डर का फायदा नहीं उठाया जा सकता। इस ऐप को सरकार ने अप्रैल में लॉन्च किया था। केंद्र के मुताबिक, कोई भी अपनी मर्जी से इसका इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, अब सरकार ने ऐप को सभी सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के लिए डाउनलोड करना जरूरी कर दिया है। अगर किसी प्राइवेट कर्मचारी के मोबाइल में यह ऐप नहीं मिला तो उसकी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, घर से काम करने वालों को इसे डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। ऐप लोगों की रक्षा करने वाला एक शक्तिशाली साथी प्रसाद। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी ऐप पर किए गए सवाल का जवाब दिया। उन्होंने ट‌्वीट किया हर दिन एक नया झूठ। यह ऐप लोगों की रक्षा करने वाला एक शक्तिशाली साथी है। इसकी डेटा सुरक्षा की प्रणाली मजबूत है। जो लोग अपनी पूरी जिंदगी खुद ही सर्विलांस करने में शामिल रहे वे नहीं समझ सकते कि अच्छाई के लिए तकनीक का फायदा कैसे उठाया जा सकता है। नीति आयोग ने कहा- आरोग्य सेतु ऐप सुरक्षित। नीति आयोग ने ऐप में जीपीएस तकनीक के इस्तेमाल का बचाव किया है। आयोग ने कहा कि जीपीएस का इस्तेमाल करने से नए हॉटस्पॉट का पता लगाने में मदद मिलती है। राहुल से पहले भी कुछ विशेषज्ञों ने इस ऐप में निजता से समझौता किए जाने की बात कही थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसमें जीपीएस आधारित डेटा लोकेशन का इस्तेमाल चिंता की बात है। ऐप को जरूरत से ज्यादा डेटा चाहिए। इसके साथ गुणवत्ता भी दूसरे देशों के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप की तुलना में कम है।


अमेरिका-चीन के बीच बड़ी रंजिश

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका और चीन के बीच की पुरानी रंज़िशें कोविड 19 की महामारी और आने वाले अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों की वजह से एक बार फिर परवान चढ़ती हुई दिख रही हैं।


इस हफ़्ते दोनों देशों की जुबानी जंग फिर इंतेहा पर पहुंच गई। आख़िर चीन पर अमरीका जिस तरह से तल्खी दिखा रहा है, इसके पीछे उसकी रणनीति क्या है, उसे क्या हासिल होगा। दोबारा राष्ट्रपति बनने की अपनी मुहिम में इस हफ़्ते तो राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक तरह से खेल ही बदल दिया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स से उन्होंने कहा राष्ट्रपति चुनावों में मुझे हराने के लिए चीन कुछ भी कर गुजरेगा।


ऐसा लग रहा है कि चीन के ख़िलाफ़ ट्रंप के हल्ला बोल के साथ ही अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के एक नए चरण में दाखिल हो गया है और राष्ट्रपति ट्रंप कोविड 19 की महामारी के इर्द गिर्द घूम रहे इलेक्शन कैम्पेन का एजेंडा अब बदलने की कोशिश कर रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी की रणनीति
इससे संकेत मिलते हैं कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच उतार चढ़ाव भरे रिश्तों को और मुश्किल हालात का सामना कर पड़ सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप की योजना अमरीका की फलती फूलती अर्थव्यवस्था को अपने इलेक्शन कैम्पेन में प्रमुखता से जनता के सामने रखने की थी लेकिन वो धराशायी हो गई। चुनाव सर्वेक्षण ये बता रहे हैं कि प्रमुख राज्यों में राष्ट्रपति ट्रंप के लिए समर्थन घटा है। कोरोना संकट से निपटने में उनके प्रदर्शन की आलोचना हो रही है। इन सब के बीच चीन, जहां से महामारी की शुरुआत हुई थी, पर ये आरोप लग रहे हैं कि उसने इसे दुनिया भर में फैलने से रोकने के लिए बेहद सुस्ती से क़दम उठाये। दरअसल, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की रणनीति पूर्व उपराष्ट्रपति जोए बाइडन को निशाना बनाने की है। इस साल होने वाले अमरीकी चुनाव में जोए बाइडन का डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनना तय माना जा रहा है।


चुनावी एजेंडे में चीन का मुद्दाः ट्रंप के सहयोगी संगठन अमरीका फर्स्ट एक्शन ने बीजिंग बाइडन टाइटल से विज्ञापन जारी कर उन पर चीन को शह देने का इल्ज़ाम लगाया गया है. दूसरे खेमे ने भी पलटवार किया है। जोए बाइडन की तरफ़ से ये आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने महामारी से निपटने में पहले सुस्ती दिखाई फिर अपनी नाकामी का दोष दूसरे पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। बाइडन की कैम्पेन टीम का ये भी कहना है कि ट्रंप प्रशासन ने कोरोना वायरस के बारे में चीन की शुरुआती जानकार पर ज़रूरत से ज़्यादा ही भरोसा किया। वो चाहे डेमोक्रेट्स हों या फिर रिपब्लिकन, चीन को लेकर दोनों का ही सख़्त रवैया है। दोनों खेमों में एक चीज़ और कॉमन है, वो ये है कि अपने नेता को ऐसे कद्दावर और मज़बूत शख़्सियत के तौर पर पेश करना, जो चीन से सख़्ती से निपट सकने में सक्षम है। अमेरिका फर्स्ट एक्शन के केली सैडलर कहते हैं, अगर आप पिउ पोल और गैलप के सर्वेक्षण देखें तो चीन को लेकर अमरीकियों का अविश्वास ऐतिहासिक रूप से चरम पर है। भले ही वो चाहें रिपब्लिकन समर्थक हों या फिर डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक. ये वो मुद्दा है जिस पर दोनों ही पार्टियों के लोग सहमत हो सकते हैं। चीन पर जानकारी छुपाने का आरोप
इसमें कोई शक नहीं कि सत्ता संभालने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप जब से बीजिंग के साथ ट्रेड वॉर में उलझे हैं, तभी से अमरीका में चीन को लेकर नकारात्मक रुझान नाटकीय तरीक़े से बढ़ा है। कोरोना वायरस कोविड-19 संकट को लेकर चीन को कसूरवार ठहराए जाने की जब भी बात होती है, राष्ट्रपति ट्रंप दुविधा और सुविधा की राजनीति के बीच उलझे नज़र आते हैं। वे कभी मुक्त कंठ से राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तारीफ़ करते सुनाई देते हैं तो कभी चाइनीज़ वायरस  के लिए कड़ी फटकार लगाते हुए। लेकिन अब उनके कैम्पेन ने चीन के प्रति कड़ा रुख़ अपनाना शुरू कर दिया है, चीन से नुक़सान की भरपाई कराने की सौंगध खाई जा रही है। चीन के ख़िलाफ़ आक्रामक बयानबाज़ी में अब ट्रंप प्रशासन के लोग और कांग्रेस के कई सदस्य शामिल हो गए हैं। ज़ाहिर है कि चीन की सरकार पर दुनिया में महामारी फैलाने वाले कोरोना वायरस को लेकर जानकारी छुपाने का आरोप लगाया जा रहा है।


माइक पॉम्पियो की भूमिकाः अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो इस हल्ला बोल में मोर्चे पर सबसे आगे हैं। वो नियमित रूप से ये घोषणा करते रहे हैं कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। कोरोना वायरस की समस्या सामने आने के बाद उसे रोकने में चीन की नाकामी पर माइक पॉम्पियो का ख़ासा ज़ोर है। वे चीन की प्रयोगशालाओं की सुरक्षा का सवाल भी उठाते रहे हैं।हालांकि चीन ने इन सभी आरोपों का पूरी तरह से ख़ारिज किया है। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के प्रशासन में एशिया मामलों के सलाहकार रहे माइकल ग्रीन कहते हैं कि चीन के बर्ताव को लेकर सियासी हलकों में चिंता का माहौल है।लेकिन चीन को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टीम के लोगों की राय ये है कि उसका फ़ायदा अमरीका का नुक़सान है। उनका पूरा ध्यान हालात का फ़ायदा चीन का प्रोपैगैंडा। माइकल ग्रीन कहते हैं, राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रणनीति भी उनके पूर्ववर्तियों की तुलना में कहीं ज़्यादा आक्रामक है। चीन भी अपना प्रोपेगैंडा चला रहा है जिसमें ये संकेत दिए जा रहे हैं कि कोरोना वायरस फैलाने के पीछे अमरीकी सेना का हाथ हो सकता है। लेकिन दोनों देशों के राष्ट्रवाद से विवाद बढ़ा है, सहयोग की संभावनाएं कम हुई है। दोनों देश मिलकर इस महामारी से लड़ सकते थे। किसी नई महामारी को आने से रोक सकते थे। माइकल ग्रीन ये ध्यान दिलाते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता में आने से अमरीकी संस्था  सेंटर फ़ॉर डिजीज कंट्रोल  के दो दर्जन से भी ज़्यादा अमरीकी और चीनी वैज्ञानिक बीजिंग में इन मुद्दों पर काम कर रहे थे। कोरोना संकट शुरू होने के समय इन वैज्ञानिकों की संख्या घटकर तीन या चार रह गई थी। हालांकि माइकल ग्रीन इसके लिए दोनों देशों की सरकारों को दोष देते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टीम के लोगों को राष्ट्रपति ट्रंप के ही उन क़रीबियों से चुनौती मिल रही है जो ये दलील देते हैं कि कारोबार के लिए अमरीका को चीन की ज़रूरत है।


गरमपंथी और नरमपंथीः चीनी मूल के अमरीकी गैरी लॉक राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर में बीजिंग में अमरीका के राजदूत रहे थे। वे कहते हैं, चीन और अमरीका के रिश्ते उबड़ खाबड़ रास्तों पर आगे बढ़ रहे हैं। एक स्तर पर भले ही वे एक दूसरे के विरोधी हों लेकिन आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच सहयोग की ज़रूरत है क्योंकि बहुत से अमरीकी किसान चीन पर इस बात के लिए निर्भर हैं कि वो उनके उत्पाद खरीदता है। जैसे जैसे चुनाव क़रीब आ रहे हैं, राष्ट्रपति ट्रंप ने ये संकेत दिए हैं कि वो चीन के प्रति आक्रामक रुख़ रखने वाले लोगों की बातों को ज़्यादा तवज्जो देंगे। 


केजीएमयू के गेट पर नवजातो के शव

किरण कमल 
लखनऊ। जी हां आपको बता दें कि आज यानी सोमवार की सुबह समय लगभग 4 बज के 17 मिनट पर राजधानी लखनऊ में नवजात बच्चे के शव को कुत्ते ने कहीं से लाकर केजीएमयू के गेट नंबर 2 के पास बने डेंटल फैकल्टी ऑफ साइन्स इंस्टीट्यूट के पास ला कर छोड़ दिया। कयास लगाया जा रहा है कि नवजात शिशु का शव कुत्ता अपने जबड़ों में दबाए क्वीन मैरी अस्पताल के निकट से ला रहा था। जिससे वहाँ अफरा तफरी का माहौल हो गया। मौके पर केजीएमयू के कर्मचारी ने शव संबंधित थाना चौक के चौकी केजीएमयू के पुलिस कर्मी को सौंप दिया गया है। आगे की कार्यवाही थाना चौक के द्वारा की जा रही है।


आसमानी बिजली से फैक्ट्री हुई खाक

पंचकूला। कस्बा रायपुर रानी के फतेहगढ़ जटवाड़ में मिंट लाइफ केयर मैं आसमानी बिजली गिरने से आग लग गई आग इतनी भयानक थी कि पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई बारिश का भी केमिकल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा मौके पर दमकल विभाग की 3 गाड़ियां पहुंची लेकिन निकल पर पानी का कोई असर नहीं हो रहा था । वही मौके पर पुलिस भी पहुंची और मौके का जायजा लिया दमकल विभाग कई घंटों तक आग बुझाने के लिए मशक्कत करते रहे । वहीं स्थानीय लोगों ने आग लगने का कारण आसमानी बिजली का गिरना बताया है।


महावीर जैन



दबंगों द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र पर कब्जा

संवाददाता - प्रदीप मौर्या


आंगनवाड़ी केंद्र पर दबंगों द्वारा कई वर्ष से कब्जा ।



आजमगढ़। अतरौलिया क्षेत्र  के ग्राम सभा प्रतापपुर छतौरा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र/ पंचायत भवन केंद्र है। ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया गया कि विगत कई वर्षों से पर स्थानीय ग्राम निवासी पेशे से लेखपाल सुरेश तिवारी द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र पर कई वर्षों से कब्जा जमाया गया है ।जिसमें भूसा ,पंपिंग सेट ,लकड़ी ,ट्रैक्टर का कल्टीवेटर आदि रखा जा रहा है ।जिसकी शिकायत स्थानीय ग्राम वासियों द्वारा कई बार उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर कुछ भी कार्रवाई नहीं हुई।वही ग्राम सभा सचिव द्वारा पूछे जाने पर बताया गया कि ऐसी कोई बात नहीं है ।कमरा खाली करा दिया गया है ,और वहां कुछ नहीं है ।सफाई कर्मियों द्वारा साफ सफाई करा दी गई है ।मौके पर जाकर देखने पर अभी सब कुछ उसी तरह लेखपाल के कब्जे में ही है।


20 जिलों में जांंच करेगी स्वास्थ्य टीम

नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बीस केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को उन 20 जिलों में भेजा जा रहा है जहां से देश में कोविड ​​-19 के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये बीस टीमें उन राज्यों में भेजी जा रही है जहां कोविड के सर्वाधिक मामले देखे गए हैं।


इन राज्यों और जिलों का विवरण इस प्रकार हैं। मुंबई, महाराष्ट्र,अहमदाबाद, गुजरात,दिल्ली (दक्षिण पूर्व),इंदौर, मध्य प्रदेश ,पुणे, महाराष्ट्र, जयपुर, राजस्थान,ठाणे, महाराष्ट्र, सूरत, गुजरात,चेन्नई, तमिलनाडु, हैदराबाद, तेलंगाना, भोपाल, मध्य प्रदेश, जोधपुर, राजस्थान, दिल्ली (मध्य), आगरा, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, पश्चिम बंगाल, कुर्नूल, आंध्र प्रदेश, वड़ोदरा, गुजरात, गुंटूर, आंध्र प्रदेश,.कृष्णा, आंध्र प्रदेश,और लखनऊ, उत्तर प्रदेश। ये टीमें इन जिलों / शहरों के भीतर कोविड – 19 से प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम उपायों के कार्यान्वयन में राज्यों की सहायता करेंगी तथा राज्य सरकारों का हाथ बंटायेंगी।


चार राज्यों में आधे से अधिक संक्रमित

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप देशभर में तेजी से बढ़ रहा है जिसके कारण महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और तमिलनाडु में कुल 25974 लोग संक्रमित हुए हैं जो देश के सभी मामलों का 60 प्रतिशत है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या तीन हजार के करीब पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार देश भर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 42533 तक पहुंच गयी है जबकि इस महामारी के कारण मरने वालों का आंकड़ा 1373 हो गया है। अब तक 11707 लोगों को स्वस्थ होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।


50 ट्रेनों का किराया देने की घोषणा

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को ट्रेन पर सियासत शुरू करते हुए दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को लाने के लिए अब 50 ट्रेनों का किराया देने की घोषणा की है। इससे पहले वह फंसे मजदूरों को लाने के लिए दो हजार बसों को सरकार को देने की बात कह चुके हैं। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि वह बिहारी मजदूरों को लाने के लिए 50 ट्रेनों का किराया देने को तैयार हैं। तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर लिखा, “15 साल वाली डबल इंजन सरकार अप्रवासी बिहारी मजदूरों को वापस नहीं लाने के बहाने रोज टाल-मटोल कर रही है। 5 दिनों में 3 ट्रेनों से लगभग 3500 लोग ही वापस आ पा रहे हैं। कभी किराया, कभी संसाधनों तो कभी नियमों का रोना रोते हैं। नीतीश सरकार की मंशा कतई मजदूरों को वापस लाने की नहीं है।”


एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा, “राजद शुरुआती तौर पर बिहार सरकार को अपनी तरफ से 50 ट्रेन देने को तैयार है। हम मजदूरों की तरफ से इन 50 रेलगाड़ियों का किराया असमर्थ बिहार सरकार को देंगे। सरकार आगामी 5 दिनों में ट्रेनों का बंदोबस्त करे, पार्टी इसका किराया तुरंत सरकार के खाते में ट्रांसफर करेगी।”


शेयर बाजार खुलते हैं गिरा, धडा़म

मुंबई। कोरोना वायरस ‘कोविड-19′ के मद्देनजर लॉकडाउन बढ़ाए जाने से घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में आज चार फीसदी से अधिक की भारी गिरावट देखी गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 1,600 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 450 अंक से अधिक लुढ़क गया।


विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों का असर भी बाजार पर देखा गया। शुक्रवार को जहाँ घरेलू शेयर बाजार बंद थे वहीं अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट में बंद हुये थे। आज एशियाई बाजार भी गिरावट में रहे जिससे घरेलू स्तर पर निवेश धारणा कमजोर हुई। पिछले कारोबारी दिवस पर 33,717.62 अंक पर बंद होने वाला सेंसेक्स 969.48 अंक की गिरावट में 32,748.14 अंक पर खुला और चंद मिनटों में करीब 1,600 अंक टूटता हुआ 32,122.67 अंक तक उतर गया।


बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। निफ्टी 326.40 अंक की लुढ़ककर 9,533.50 अंक पर खुला और थोड़ी ही देर में 9,400.95 अंक तक नीचे उतर गया। खबर लिखे जाते समय सेंसेक्स 1,530.18 अंक यानी 4.54 प्रतिशत की गिरावट में 32,187.44 अंक पर और निफ्टी 449.20 अंक यानी 4.56 प्रतिशत नीचे 9,410.70 अंक पर था।


राजस्थान में संक्रमितो का आंकड़ा-3009

जयपुर। एक तरफ देश के अधिकतर राज्यों में ग्रीन, ऑरेन और रेड जोन में कुछ राहत दी गई है। दूसरी तरफ देश में कोरोना के मामलें बड़ते ही नजर आ रहे है। आज राजस्थान में कोरोना वायरस के 123 मामले सामने आए हैं और 4 लोगों की मौत हो गई है। राज्य में मरीजों की संख्या 3009 हो गई है। मरने वालों की संख्या 75 हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी दी है।


इसके साथ स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोरोना वायरस के 42533 मामले अब तक सामने आ गए हैं। इनमें से 29453 लोगों का इलाज जारी है 11706 मरीज ठीक हो गए हैं। 1373 लोगों की मौत हो गई है। पिछले 24 घंटे में 2553 नए मामले सामने आ गए हैं और 72 लोगों की मौत हो गई है। महाराष्ट्र 12974 मामले अब तक सामने आ गए हैं। इनमें से 2115 लोग ठीक हो गए हैं। 548 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा गुजरात में 5400 से ज्यादा और दिल्ली में 4549 मामले सामने आए हैं।


कृषि में निवेश एवं प्रोत्साहन की जरूरत

खेती में निवेश एवं प्रोत्साहन बढ़ाए जाने की जरूरत


 करोना संकट के समय चीनी मिलों ने निराश किया


     अब जबकि देश लाकडाउन के तीसरे दौर में प्रवेश कर गया है तथा उद्योग एवं व्यवसाय कारोबार को बचाने की चिंता जोर पकड़ रही है तथा कारोबारी जगत एवं उनके पैरोकार अर्थ विशेषज्ञ सरकारो को तमाम सहायता एवं रियायतो को दिए जाने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे समय कारोबार जगत द्वारा पोषित एवं पालित मीडिया समूह एवं अर्थ चिंतक खेती-बाड़ी एवं उस पर आश्रित लोगों की समस्याओं से नजर बचाते दिखाई पड़ रहे हैं, मेरा अपना मत है कि कारोबारी जगत यदि बड़े मुनाफा मार्जिन के लालच पर कुछ माह तक विराम लगा सके तो करोना संकट के झटको से कुछ महीनों में स्वयं उबर सकता है। संगठित उद्योग जगत को केंद्र एवं राज्य सरकारों पर अनावश्यक दबाव डालने से बचने का प्रयास करना चाहिए। कारोबार जगत को उत्पादन प्रोत्साहन पैकेज से बहुत लाभ नहीं होने वाला है क्योंकि खरीदने वाला अधिकांश निम्न मध्यमवर्गीय खेती आश्रित समूह एवं छोटा व्यवसाय करने वाला वर्ग जो गांव एवं छोटे-छोटे कस्बों में रहता है, सरकारों को उस वर्ग की खरीदने की क्षमता बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए,शहरों से पलायन करने वाले प्रवासी मजदूरों का दबाव अंततः लम्बे समय तक खेती-बारी आश्रित परिवारों पर ही पड़ने वाली है ,करोना संकट के समय सरकारों ने जिस आत्मविश्वास को दिखाया है उसका बड़ा कारण विपुल अन्न भंडार तथा बड़ी आबादी का खेती पर निर्भरता ही है।
      पिछले कुछ वर्षों में कर्ज माफी एवं किसान सम्मान लाभ के जरिए सरकारों ने थोड़ी राहत पहुंचाने का प्रयास किया है लेकिन सोच में अभी परिपूर्णता आना बाकी है इस देश में 80% से ऊपर बहुत छोटी जोत वाले किसान हैं जिनके परिवार के लोग प्रवासी मजदूर एवं खेतिहर मजदूर भी हैं तथा केवल अपने परिवार के भरण-पोषण के लायक अन्न पैदा कर लेते हैं मेरे अनुभव में *3:5 एकड़ से 18 एकड़* तक जोत वाले किसान परिवार जिनके आय का एकमात्र साधन खेती उत्पाद है वही वास्तविक संकट में है क्योंकि देश के बाजारों एवं गोदामों के लिए वही अन्न पैदा कर रहे हैं तथा प्रति एकड़ अधिकतम मानव रोजगार दे रहे हैं सरकारों ने *5 एकड़ से 18 एकड़ तक वालों को लगभग स्वयं के पुरुषार्थ एवं भाग्य के भरोसे छोड़ दिया है।
अर्थ विशेषज्ञों द्वारा मान लिया गया है कि 5 से 18 एकड़ वाले मध्य वर्ग में आते हैं जबकि हकीकत में ठेला, खोमचा,रेडी दुकानदार वालो से थोड़ा ऊंचा तथा गैर जीएसटी वाले व्यवसायियों के बराबर एवं उससे कुछ कुछ कम आमदनी वाले श्रेणी में है, खेती बारी वाले तबके के संबंध में किसी अन्य मौके पर विस्तृत चर्चा करूंगा!
करोना संकट के समय जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहसिक एवं सामयिक निर्णय से देश को बचाने हेतु नेतृत्व देने का प्रयास किया है तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बाहर फंसे लोगों के प्रति दिलेरी दिखाई है उसे देश एवं प्रदेश का मनोबल बढ़ाने में सहायता मिला है* देश के अनेक मुख्यमंत्री एवं करोना के मोर्चे पर लड़ने वाले सरकारी तंत्र के योद्धाओ ने अब तक अभूतपूर्व समर्पण का परिचय दिया है लेकिन चीनी मिलों के मालिकों ने निराश किया है पिछले कुछ वर्षों से सरकारी सहायता के अभ्यस्त हो चुकी चीनी मिलों ने अनुदान की प्रत्याशा में गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान को बहुत पीछे  एवं धीमा कर दिया है जबकि उन्हें करोना संकट के समय उदारता दिखाना चाहिए था। करोना ने कुछ गहरी चोट, संदेश एवं संकेत दिया है जिसे समय रहते समझने की जरूरत है परस्पर स्वावलंबी गांव, आत्मनिर्भर समाज एवं राज्य, तथा श्रम प्रधान एवं सस्ती तकनीक आधारित उत्पादन प्रणाली ही राष्ट्र को भविष्य के आर्थिक संकट, वायरसों के प्रकोप, तथा प्रकृति की नाराजगी से बचा पाएगी।
नीतिकारो, शासनाध्यक्षों को महात्मा गांधी के हिंद स्वराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, राम मनोहर लोहिया एवं चौधरी चरण सिंह को जरूर पढ़ना चाहिए, जीवन-शैली अर्थनीति तथा उत्पादन प्रणाली में बदलाव भविष्य की जरूरत बन गई है उत्पादन प्रणाली मनुष्य की उपयोगी तथा प्रकृति की सहयोगी होनी चाहिए ।


मदन गोविन्द राव
   पूर्व विधायक
 कुशीनगर (ऊ.प्र.)


गैरहाजिर सिपाही की संदिग्ध मौत

भानु प्रताप उपाध्याय


शामली। सिम्‍भालका गांव में एक सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी तैनाती बुलंदशहर जिले में थी लेकिन वह गैरहाजिर चल रहे थे। शनिवार देर रात शव घर में बंद कमरे में मिला। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रखा गया है।नगर कोतवाली शामली के सिम्‍भालका गांव निवासी 35 वर्षीय कुलदीप पुत्र बलजोर उप्र पुलिस में थे और वर्तमान में उनकी तैनाती बुलंदशहर जिले के थाना औरंगाबाद में थी। सिपाही की शादी 2011 में सिसौली निवासी स्वाति से हुई थी। स्वाति के पिता प्रेमपाल दारोगा हैं और नोएडा में तैनात हैं। नगर कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा ने बताया कि कुलदीप एक जनवरी को तीन दिन के अवकाश पर घर आए थे लेकिन वापस ड्यूटी पर नहीं गए।कोतवाल ने बताया कि कुलदीप नशे के भी आदी थे। उनकी पत्नी डेढ़ साल पहले दोनों बेटियों को लेकर मायके चली गई थी। इसके बाद कुलदीप अपने चार भाइयों और अन्य स्वजनों से अलग मकान में रहने लगे। शनिवार देर रात मकान से दुर्गंध आने पर लोगों ने उनके पिता को सूचना दी। पुलिस ने मकान का दरवाजा तोड़ा और अंदर देखा तो एक तख्त पर कुलदीप मृत पड़े थे। शरीर पर चोट आदि का कोई निशान नहीं था। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने से बिसरा सुरक्षित रखा गया है।


लॉक डाउन का सख्ती से हो पालनः योगी

लखनऊ। लॉकडाउन का तीसरा चरण लागू होने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती से इसके पालन करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा है कि हॉटस्पॉट में रहने वाले लोग किसी भी सूरत में अपने कार्यस्थल पर न जा पाएं। ये लोग अपने सहकर्मियों के लिए कोरोना कैरियर साबित हो सकते हैं। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के संचालन के लिए भी जल्द कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है।लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर रविवार को टीम-11 के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त लेबर रिफार्म पर कार्ययोजना बनाएं। गाइडलाइन के अनुसार औद्योगिक गतिविधियों के लिए कार्ययोजना बनाकर उन्हें संचालित कराएं। सीएम योगी ने कहा कि लाभार्थियों के बैंक खाते में भरण-पोषण भत्ते की धनराशि यथाशीघ्र भेजें। क्वारंटाइन सेंटर व कम्युनिटी किचन आदि व्यवस्थाओं का अधिकारी सतत निरीक्षण करें। इस कार्य में कोई भी शिथिलता न बरती जाए। डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को और प्रभावी बनाएं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाहर से ट्रेन से आ रहे प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को क्वारंटाइन सेंटर में रखकर उनकी सही ढंग से स्क्रीनिंग की जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को बाहर से आ रही ट्रेनों से आ रहे प्रवासी लोगों के संबंध में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि मंडियों में किसानों, थोक व्यापारियों, खुदरा व्यापारियों के लिए समय सारिणी बना लें।


मंडियों का निरंतर निरीक्षण होना चाहिए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं को पूरे प्रोटोकॉल का पालन करते हुए चलवाएं। स्वास्थ्य मंत्री को भी इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले अस्पतालों से दूरभाष पर जानकारी लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों के साथ ही डिग्री व माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए व्यापक पैमाने पर प्रशिक्षण दिलाने के लिए प्रत्येक जिले में मास्टर ट्रेनर्स लगाए जाएं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आरके तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


यूपीः158 नए संक्रमित, आंकड़ा-2645

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण की रफ्तार अभी कम नहीं हुई है। रविवार ऐसा दिन रहा जब एक ही दिन में रिकॉर्ड 158 नए कोरोना पॉजिटिव लोग मिले हैं और तीन लोगों की मौत हो गई है। इनमें मेरठ, मथुरा और कानपुर के एक-एक शामिल हैं। राज्य में कुल संक्रमित लोगों का आंकड़ा 2645 पहुंच गया है, जबकि 49 लोगों अभी तक इसके शिकार हो चुके हैं। इनमें तब्लीगी जमात और उनके संपर्क में आए कोरोना संक्रमितों की संख्या 1138 है। उत्तर प्रदेश के आगरा में सर्वाधिक 596 कोरोना संक्रमित लोग हैं और दूसरे नंबर पर अब कानपुर में 256 संक्रमित लोग हैं। तीसरे नंबर पर 241 संक्रमित लोगों  के साथ लखनऊ है। इस बीच राहत देने वाली बात यह है कि रविवार को 56 संक्रमित लोग ठीक हो गए हैं। अब तक राज्य में 754 संक्रमित लोग अब ठीक हैं, उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। यानी अब राज्य में कुल 1891 एक्टिव केस हैं। अब तक कोरोना वायरस 64 जिलों में अपने पैर पसार चुका है। राज्य सरकार ने आठ जिलों को संक्रमण मुक्त घोषित किया था, लेकिन बाराबंकी में फिर संक्रमित सामने आया है। ऐसे में अब 57 जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं।रविवार को जो 158 संक्रमित चिह्नित किए गए उसमें आगरा में 60 पॉजिटिव हैं। इसमें 46 संक्रमित रविवार के हैं और 14 संक्रमित वे है, जिन्होंने प्राइवेट लैब में जांच करवाई थी, मगर आंकड़ा अब तक नहीं जुड़ पाया था। इसी तरह गाजियाबाद में 14 संक्रमित मिले इसमें से 9 लोग रविवार के हैं और पांच संक्रमित वे है जिन्होंने प्राइवेट लैब में जांच करवाई थी। संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ विकास इंदु अग्रवाल ने बताया कि रविवार को आंकड़ों के मिलान के दौरान यह विसंगति दूर की गई।इसके अलावा जो संक्रमित रविवार को पाए गए उनमें लखनऊ में चार, नोएडा में नौ, कानपुर में 29, मुरादाबाद में दो, वाराणसी में तीन, मेरठ में एक, बुलंदशहर में एक, हापुड़ में नौ, फीरोजाबाद में 10, प्रतापगढ़ में एक, हाथरस में एक, औरैया में दो, बाराबंकी में एक, प्रयागराज में एक, मथुरा में पांच, मुजफ्फरनगर में एक, संभल में दो, अलीगढ़ में एक और जालौन में एक संक्रमित पाया गया है। इस तरह कुल 2645 संक्रमित लोग अभी तक पाए जा चुके हैं।यूपी में अब तक 95841 लोगों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे जा चुके हैं। इसमें से 91828 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।


यानी इनमें कोरोना वायरस नहीं पाया गया है। वही 1008 लोगों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।उत्तर प्रदेश में कोरोना के कारण अब तक 49 लोग काल के मुंह में समा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक आगरा के 15 लोग शामिल हैं। ऐसे मेरठ व मुरादाबाद में सात-सात, कानपुर में पांच, फीरोजाबाद व मथुरा में दो-दो और गाजियाबाद, लखनऊ, अमरोहा, बरेली, बस्ती, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, वाराणसी, कानपुर देहात व श्रावस्ती में एक-एक संक्रमित लोगों की मौत हुई है।अब तक आगरा में 596, लखनऊ में 226, गाजियाबाद में 82, नोएडा में 168, लखीमपुर खीरी में 4, कानपुर में 256, पीलीभीत में 3, मुरादाबाद में 115, वाराणसी में 64, शामली में 27, जौनपुर में 8, बागपत में 17, मेरठ में 114, बरेली में 10, बुलंदशहर में 55, बस्ती में 32, हापुड़ में 44, गाजीपुर में 6, आजमगढ़ में 8, फिरोजाबाद में 147, हरदोई में 2, प्रतापगढ़ में 9, सहारनपुर में 202, शाहजहांपुर में 1, बांदा में 7, महाराजगंज में 7, हाथरस में 7, मिर्जापुर में 3, रायबरेली में 44, औरैया में 12, बाराबंकी में 2, कौशांबी में 2, बिजनौर में 34, सीतापुर में 20, प्रयागराज में 10, मथुरा में 27, बदायूं में 16, रामपुर में 25, मुजफ्फरनगर में 24, अमरोहा में 30, भदोही में 2, कासगंज में 3, इटावा में 2, संभल में 21, उन्नाव में 3, कन्नौज में 7, संत कबीर नगर में 25, मैनपुरी में 7, गोंडा में 3, मऊ में 1, एटा में 11, सुल्तानपुर में 3, अलीगढ़ में 42, श्रावस्ती में 6, बहराइच में 14, बलरामपुर में 1, अयोध्या में 1, जालौन में 5, झांसी में 9, गोरखपुर में 3, कानपुर देहात में 1, सिद्धार्थनगर में 4, देवरिया में 2, महोबा में 2 व्यक्ति अब तक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।


चरित्र पर संदेह, पत्नी की नाक काटी

कानपुर। कानपुर के नवाबगंज थाना क्षेत्र में पति ने शक की वजह से पत्नी की धारदार हथियार से नाक काट दी। इस घटना को अंजाम देने के बाद पति खुद ही थाने पहुंचकर पुलिस के सामने पेश हो गया। हालांकि, महिला ने इस घटना की शिकायत करने से इनकार करते हुए अपना इलाज एक निजी अस्पताल में करा लिया है। एनबीटी ऑनलाइन ने इस मामले में एसओ नवाबगंज आरके पचौरी से बात की। उन्होंने बताया कि हमने धारा 151 के तहत केस दर्ज कर लिया है लेकिन महिला मामले में कुछ भी बोलने को लेकर तैयार नहीं है।


कानपुर के रहने वाले एक शख्स ने पत्नी पर शक के चलते हमला कर दिया। इसके बाद वह चाकू लेकर नवाबगंज थाने में पहुंच गया। पुलिसवालों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी। इन्स्पेक्टर नवाबगंज आरके पचौरी ने बताया कि ज्योरा गांव में रहने वाला एक शख्स मजदूरी का काम करता है। वह लॉकडाउन की वजह से इन दिनों घर में ही रह रहा है। रविवार को उसका पत्नी से विवाद हो गया। इस दौरान उसने पत्नी की नाक पर हमला कर दिया। फिर वह नवाबगंज थाने पहुंचा, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि बीते दो महीने से पति उस पर शक कर रहा था, जिसकी वजह से उन दोनों के बीच अकसर विवाद होता था। रविवार को उसने अचानक चाकू से हमला कर दिया। महिला ने इस मामले में कोई भी कार्रवाई कराने से मना कर दिया है।


केरल में 495 मामले, गुजरात में 2788

तिरुवंतपुरम। जिद्दी रिपोर्टर ने राज्यों के आंकड़ों के लिए एक ग्राफ बनाया है। आप प्रत्येक राज्य पर क्लिक करते ही पता चल जाता है कि राज्य में कोविड-19 का पहला केस किस तारीख को आया और उसके बाद अभी कितनी संख्या है। यानि कितने कम समय में किस राज्य में मरीज़ों की संख्या में तेज़ी आई है।


उड़ीसा में 16 मार्च को पहला केस आया। अभी वहां पर कुल केस की संख्या 157 ही है। 47 दिनों में उड़ीसा में 157 केस हैं। इसे शानदार रिकार्ड कहा जाना चाहिए। केरल का रिकार्ड और भी शानदार है। पहला केस 31 जनवरी को दर्ज हुआ था। 92 दिनों में केरल में संक्रमित मरीज़ों की संख्या 495 ही पहुंची है। मध्य प्रदेश की स्थिति बहुत ख़राब है। यहां पहला केस 21 मार्च को रिपोर्ट हुआ था। लेकिन मात्र 39 दिनों में यहां संक्रमित मरीज़ों की संख्या 2,788 हो गई है।


मध्य प्रदेश से बहुत पहले राजस्थान में पहला केस 3 मार्च को रिपोर्ट हुआ था। लेकिन 61 दिनों के बाद यहां संक्रमित मरीज़ों की संख्या 2,772 हो चुकी है। दिल्ली में पहला केस 2 मार्च को रिपोर्ट हुआ था। 62 दिन लगे दिल्ली को 3843 पर पहुंचने में।


गुजरात में पहला केस 20 मार्च को रिपोर्ट हुआ था। 44 दिनों में ही गुजरात में संक्रमित मरीज़ों की संख्या  5054 हो गई है। अगर आप पहले केस के दिन से ताज़ा आंकड़ें देखेंगे तो पता चलेगा कि गुजरात में कितनी तेज़ी से संक्रमित मरीज़ों की संख्या बढ़ रही है। यह राज्य टेस्ट करने के मामले में काफी पीछे है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 5000 टेस्ट हर दिन किए जाने की ही खबर आती रही है। गुजरात के 5054 मामलों में से 3,543 मरीज़ केवल अहमदाद ज़िले में हैं। विगत 24 घंटे में अहमदाबाद में 250 और पूरे गुजरात में 333 मामले सामने आए हैं। अहमदबाद में शनिवार को 20 लोगों की मौत हुई है। महाराष्ट्र में 10 मार्च को पहला केस रिपोर्ट हुआ था। अब वहां पर 12,296 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। 54 दिनों के भीतर ही इस राज्य में 12000 से अधिक मामले हो गए।  स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार शनिवार को 2,411 नए मामले सामने आए हैं। यह अब तक किसी भी एक दिन में सबसे अधिक संख्या है। देश भर में कुल संक्रमित मरीज़ों की संख्या 37 हज़ार से अधिक हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने सैंपल टेस्ट की संक्या 10 लाख से अधिक पार कर ली है। इस वक्त हर दिन करीब 75000 सैंपल टेस्ट हो रहे हैं।


एमपी में नहीं खुलेगी शराब की दुकानें

भोपाल। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन का समय बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया है। साथ ही जिलों को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन में बांटकर लॉकडाउन में छूट दी है। इसी छूट में शराब की दुकानें खोलने का भी निर्देश था, जिस पर आज मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान की ओर से फैसला लिया गया। साथ ही यह तय किया गया की प्रदेश में शराब की दुकानें लॉकडाउन खत्म होने यानी 17 मई तक नहीं खुलेंगी। वहीं दूसरी ओर सरकार ने सिनेमाघरों के लिए एक आदेश जारी भी कर दिया है, जिसके तहत प्रदेश में सभी सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स को 17 मई तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। गौरतलब है कि एमपी में कुल 9 जिले रेड जोन में शामिल है, वहीं 19 जिले ऑरेंज जोन में शामिल किए गए हैं और 24 जिले ग्रीन जोन में शामिल हैं।


मध्यप्रदेश के रीवा समेत 24 जिले ग्रीन जोन में, 19 ऑरेंज और 9 रेड जोन की सूची में रखे गए हैं। जानिए सूची के मुताबिक़ मध्यप्रदेश के कौन से जिले किस जोन में हैं।


ग्रीन जोन वाले 24 जिले- रीवा, अशोकनगर, राजगढ़, शिवपुरी, अनूपपुर, बालाघाट, भिंड, छतरपुर, दमोह, दतिया, गुना, झाबुआ, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, नीमच, पन्ना, सतना, सीहोर, सिवनी, सीधी, उमरिया, सिंगरौली, निवाड़ी


ऑरेंज जोन वाले 19 जिलेः खरगोन, रायसेन होशंगाबाद, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, सागर, शाजापुर, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, टीकमगढ़, शहडोल, श्योपुर, डिंडोरी, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, विदिशा, मुरैना


रेड जोन वाले 9 जिलेः इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, धार, बड़वानी, पूर्व निमाड़ (खंडवा), देवास, ग्वालियर


भीड़ ने प्रशासन के हाथ पांव फुलाए

विपिन बंसल


नई दिल्ली। डेढ़ महीेने के इंतजार के बाद जब आज सुबह शराब की दुकानें खुली, तो भीड़ ऐसे टूटी, मानों खैरात बंट रहा हो। कोई तड़के चार बजे से कतार में खड़ा हो गया। तो कोई सुबह से 5 बजे से ही मोर्चे पर डट गया। ना भूख की परवाह और ना धूप की। बस अनुशासित सिपाही की तरह बनाये गोले पर सुबह से ही जम गया। हालांकि इस समर्पण के बाद कईयों को तो शराब नसीब हो गयी। लेकिन कई ऐसे भी लोग थे जो सुबह तीन-चार बजे से कतार में रहने के बाद भी मायूस होकर घर लौटने को मजबूर हो गये। दरअसल रविवार दोपहर राज्य सरकार ने शराब दुकान के संचालन का आदेश जारी तो कर दिया था, लेकिन साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के सख्त निर्देश भी जारी किये थे, लिहाजा कई दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर व्यवस्थाएं नहीं की जा सकी। ऐसे में उन दुकानों को व्यवस्था दुरुस्त किये बगैर शराब दुकान खोलने की इजाजत नहीं दी गयी।


राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित उत्तर पूर्वी दिल्ली में शराब की दुकानों का आलम बहुत बुरा था। भीड़ बेकाबू हो जाने के कारण प्रशासन के द्वारा दुकानों के शटर गिरा दिए गए। हालांकि कई राज्यों से इसी प्रकार के इनपुट मिल रहे हैं। पब्लिक ने अपना आपा खो दिया है। जिस को संयमित करने के लिए प्रशासन जीत और प्रयास कर रहा है। हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान आदि राज्यों में समान स्थिति रही। शराब दुकान का संचालक नहीं किया जा सका। सुबह यहां 3 बजे से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी, सुबह 7 बजते-बजते लोगों की लंबी कतारें यहां सज चुकी है, लेकिन सुबह 10 बजे से NPG की टीम मौके पर पहुंची तो दुकानें नहीं खुली थी, लिहाजा लोगों में जबरदस्त गुस्सा भी यहां देखा गया। वही आलम माना और देवपुरी में भी देखने को मिला, जहां सुबह से कतार में खड़े होने के बावजूद लोगों को सुबह 8 बजे से दुकान नहीं खुलने के बाद अफसोस के साथ वापस लौटना पड़ा। दुकान में पहुंचे लोगों से जब NPG की टीम ने बात की तो मालूम चला कि कई लोग शराब के लिए लंबे समय से पैसे को बचाकर रखे थे…तो कईयों ने बताया कि इसके लिए उसने उधार ली है। इनमें से कुछ ऐसे भी थे, तो सुबह दुकान खुलने की आस में रात भर सो ही नहीं पाये।


श्रमिकों की यात्रा का खर्च उठाएगेंः सीएम

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के श्रमिक जो लाॅकडाउन के कारण अन्य राज्यांे में फंसे हुए हैं, उनकी घर वापसी के लिए अहम फैसला लेते हुए कहा है कि छत्तंीसगढ़ के श्रमिकों को स्पेशल ट्रेन द्वारा छत्तंीसगढ़ लाने पर उनके यात्रा किराया का व्यय भार राज्य सरकार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री श्री बघेल के निर्देश पर राज्य के परिवहन आयुक्त डाॅ. कमलप्रीत सिंह ने रायपुर के डिवीजनल रेलवे मैनेजर एवं नोडल अधिकारी (रेलवे) श्री श्याम सुंदर गुप्ता को पत्र लिखकर राज्य शासन के निर्णय से अवगत कराते हुए छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की वापसी के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन हेतु यथोचित आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया है।
परिवहन आयुक्त ने अपने पत्र में लिखा कि कोविड-19 के तहत भारत सरकार द्वारा संपूर्ण देश में तृतीय लाॅकडाउन के तहत 4 मई से दो सप्ताह की प्रभावी अवधि तक लाॅकडाउन घोषित किया गया है। लाॅकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ राज्य के मजदूर-श्रमिक जो अन्य राज्यों में फंसे है, उन मजदूरों-श्रमिकों को रेल सुविधा के माध्यम से लाने हेतु राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मजदूरों-श्रमिकों को अन्य राज्य से छत्तीसगढ़ आने रेलवे द्वारा श्रमिक स्पेशल रेल सुविधा प्रदाय करने पर, उनके यात्रा किराये का व्यय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इस संबंध में यथोचित आवश्यक आगामी कार्यवाही करते हुए, अवगत कराने का कष्ट करें।


कर्फ्यू हटते ही आईएएस ने दिया इस्तीफा

चंडीगढ़ । पिछले काफी समय से विवादों में रही 2014 बैच की आईएएस रानी नागर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हरियाणा कैडर की IAS अधिकारी रानी नागर ने इस्तीफा की प्रति अपने फेसबुक अकाउंट पर डाल कर इसकी जानकारी दी है। रानी नागर ने पिछले माह 23 अप्रैल को एक वीडियो जारी कर कहा था कि उन्हेंं और उनकी बहन की जान को खतरा है, इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए। तब भी रानी ने अपने त्यागपत्र का मुद्दा उठाया था। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्य सचिव को भेजा। अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट लिखकर उन्होंने इसकी जानकारी दी। इस्तीफा देने के साथ ही उन्होंने अपने घर गाजियाबाद लौटने के लिए पास का आवेदन भी कर दिया है।


अपने फेसबुक अकाउंट पर आज रानी नागर ने लिखा, “मैं रानी नागर पुत्री श्री रतन सिंह नागर निवासी ग़ाज़ियाबाद गांव बादलपुर तहसील दादरी ज़िला गौतमबुद्धनगर आप सभी को सूचित करना चाहती हूं कि मैंने आज दिनांक 04 मई 2020 को आइएएस के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। मैं व मेरी बहन रीमा नागर माननीय सरकार से अनुमति लेकर चंडीगढ़ से अपने पैतृक शहर ग़ाज़ियाबाद वापस जा रहे हैं। हम आपके आशीर्वाद व साथ के आभारी रहेंगे।”बता दें कि 2014 बैच की आईएएस अधिकारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं। गत 23 अप्रैल को अपने फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट डाली थी, जिससे अफसरशाही में हलचल मच गई थी। वह दिसंबर 2019 से बहन के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 311 में किराए पर रह रही हैं।


अपने फेसबुक अकाउंट पर आज रानी नागर ने लिखा, “मैं रानी नागर पुत्री श्री रतन सिंह नागर निवासी ग़ाज़ियाबाद गांव बादलपुर तहसील दादरी ज़िला गौतमबुद्धनगर आप सभी को सूचित करना चाहती हूं कि मैंने आज दिनांक 04 मई 2020 को आइएएस के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। मैं व मेरी बहन रीमा नागर माननीय सरकार से अनुमति लेकर चंडीगढ़ से अपने पैतृक शहर ग़ाज़ियाबाद वापस जा रहे हैं। हम आपके आशीर्वाद व साथ के आभारी रहेंगे।”बता दें कि 2014 बैच की आईएएस अधिकारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं। गत 23 अप्रैल को अपने फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट डाली थी, जिससे अफसरशाही में हलचल मच गई थी। वह दिसंबर 2019 से बहन के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 311 में किराए पर रह रही हैं।


एससी के इतिहास में पहली वर्चुअल विदाई

रोनक दुबे


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार किसी जज का विदाई समारोह वर्चुअल तरीके से होने जा रहा है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कोरोना वायरस के चलते पूरा देश लॉकडाउन में चल रहा है। हालांकि 4 मई से इसमें कुछ ढील दी गई है लेकिन अधिकांश कार्यों पर अभी पाबंदी जारी है। इस बीच 6 मई को जस्टिस दीपक गुप्ता का वर्चुअल विदाई समारोह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) आयोजित करने जा रहा है।


इस वर्चुअल विदाई में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस ए बोबडे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समारोह की अध्यक्षता करेंगे। SCBA के पदाधिकारी और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही वर्चुअल समारोह में शामिल होंगे। लॉकडाउन के दौरान ही जस्टिस दीपक गुप्ता सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जस्टिस गुप्ता इस तरह सेवानिवृत्त होने वाले सुप्रीम कोर्ट के पहले जज होंगे।


परंपरा के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में हरेक जज जॉइनिंग और रिटायरमेंट यानी अपने पहले और अंतिम कार्य दिवस पर चीफ जस्टिस के साथ उनकी बेंच में बैठते हैं। एक से ज्यादा जज एक ही दिन जॉइन करते हैं तो पहले नंबर पर शपथ लेने वाले जज चीफ जस्टिस के साथ और बाकी जज शपथ ग्रहण के क्रमानुसार वरिष्ठता क्रम में दो तीन या चार नंबर कोर्ट वाली बेंच में बैठते हैं। जज जॉइन भले ही एक दिन करें लेकिन रिटायरमेंट तो जन्मतिथि के हिसाब से अलग-अलग दिन होता है. यानी 65वीं सालगिरह से ठीक एक दिन पहले। जस्टिस गुप्ता की विदाई भले ही इस रीति-रिवाज से नहीं हो लेकिन सभी जज उन्हें शुभकामनाएं जरूर देंगे।


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस    (हिंदी-दैनिक)


मई 05, 2020, RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-268 (साल-01)
2. मंगलवार, मई 05, 2020
3. शक-1943, वैशाख, शुक्ल-पक्ष, तिथि- द्वादशी, विक्रमी संवत 2077।


4. सूर्योदय प्रातः 06:00,सूर्यास्त 06:54।


5. न्‍यूनतम तापमान 21+ डी.सै.,अधिकतम-34+ डी.सै., तेज हवाएं चलने की संभावना।


6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।
7. स्वामी, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहींं है।


8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।


9.संपर्क एवं व्यावसायिक कार्यालय-डी-60,100 फुटा रोड बलराम नगर, लोनी,गाजियाबाद उ.प्र.,201102


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 (सर्वाधिकार सुरक्षित)


अभियान, सैकड़ों अरब डॉलर की परियोजनाएं: मंजूर

वाशिंगटन डीसी। दुनिया के सबसे संपन्न सात देशों (जी 7) के शिखर सम्मेलन में शनिवार को चीन मुख्य मुद्दा रहा। चीन की विस्तारवादी नीतियों के खिला...