शुक्रवार, 1 मई 2020

अहमः 17 मई तक बढ़ा 'लॉक डाउन'

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ाने का फैसला किया है। लॉकडाउन को बढ़ाने के साथ गृह मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि इस दौरान हवाई सफर, ट्रेन, इंटर स्टेट बस सर्विस, स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। देश में 40 दिनों का लॉकडाउन 3 मई को पूरा हो रहा था। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि, इस बार ग्रीन और ऑरेन्ज जोन में शर्तों के साथ कुछ छूट भी दी जाएगी। लेकिन सोशल डिस्टेंशिंग के नियम पहले की तरह जारी रहेंगे। 


गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में देश को काफी लाभ हुआ है। लॉकडाउन को 4 मई से अगले 2 सप्ताह तक बढ़ाने की घोषणा की जाती है। रेड, ग्रीन और ऑरेन्ज जोन के लिए अलग-अलग गाइडलाइंस तैयार की गई है। ग्रीन और ऑरेन्ज जोन में काफी छूट भी दी गई है। देशभर में कोरोना का कहर जारी है और बीते 24 घंटे में कोरोना के 1755 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं और 77 मौतें हुई हैं। कोरोना वायरस के कारण देशभर में अब तक 1152 लोगों की मौत हो चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 से अब भी 35,365 लोग संक्रमित हैं जबकि 9065 लोग स्वस्थ हो गए और एक मरीज देश छोड़कर चला गया।
राज्यों ने भी दी थी लॉकडाउन बढ़ाने की सलाह
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ लॉकडाउन पर चर्चा की थी। इस दौरान अधिकतर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की राय थी कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन अभी जारी रखा जाए। हालांकि, कुछ राज्यों ने लॉकडाउन के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को शर्तों और सावधानियों के साथ चालू करने पर जोर दिया था। 24 मार्च से शुरू हुआ था लॉकडाउनः पीएम नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। इसके बाद 14 अप्रैल से इसे 17 दिन के लिए और बढ़ा दिया गया था। यह तीसरे फेज में लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। लॉकडाउन की घोषणा से पहले पीएम मोदी की अपील पर देशभर में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया था।


ब्रिटेनः चरम पर पहुंचा कोरोना वायरस

बीमारी के चरम को पार कर चुका है ब्रिटेन: जॉनसन


लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि उनका देश बीमारी के चरम को पार कर चुका है। अब संक्रमण ढलान पर है। सरकार का कामकाज संभालने के बाद पहली बार प्रेस से मुखातिब हुए जॉनसन ने कहा, अगले सप्ताह वह लॉकडाउन से बाहर निकलने की चरणबद्ध योजना देशवासियों के सामने पेश करेंगे। प्रतिबंधों से छूट में फेस मास्क महती भूमिका निभाएगा। यूरोप में इटली के बाद सबसे अधिक मौतें ब्रिटेन में हुई हैं। महामारी से निपटने के अपने प्रयासों का बचाव करते हुए जॉनसन ने कहा, मृतकों की संख्या बहुत ज्यादा हो सकती थी। हमें नेशनल हेल्थ सर्विस को सामूहिक तौर पर धन्यवाद देना चाहिए, जिसने इस बड़ी आपदा को अपने प्रयासों से टाल दिया।


ऑस्ट्रेलिया में छूट पर 8 मई को निर्णय

ऑस्ट्रेलिया में प्रतिबंधों से छूट पर निर्णय आठ मई को


सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में कोरोना के चलते लगाए गए प्रतिबंध खत्म करने पर आस्ट्रेलियाई सरकार आठ मई को विचार-विमर्श करेगी ऑस्ट्रेलिया सरकार। प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन ने शुक्रवार को कैबिनेट के साथियों के साथ वर्चुअल बैठक में कहा कि प्रतिबंधों में ढील देने के 15 मानदंडों में से 11 को देश पूरा करता है। लेकिन इस पर अंतिम निर्णय आठ मई को होने वाली बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने देशवासियों से कांटैक्ट ट्रेसिंग एप डाउनलोड करने का भी आग्रह किया। इसे अभी तक 35 लाख लोगों ने डाउनलोड किया है। स्त्री को सरकार ने कहा कि जो लॉकडाउन का उल्लंघन करेगा उसे सजा अवश्य मिलेगी।


जापानः मरने वालों का आंकड़ा 5300

टोक्‍यो। जापान में रविवार को कोरोना वायरस के 72 नए मामले सामने आए हैं। 1 अप्रैल के बाद कोरोना रागियों की सबसे कम तादाद है। इसके साथ जापान में कोरोना के कुल रोगियों की तादाद 13,231 के पार पहुंच गई है। जापान की राजधानी टोक्‍यो में कोरोना रागियों की संख्‍या 3,900 से अधिक हैं। कोरोना से मरने वालों आंकड़ा 5300 के पार पहुंच गया है। जापान की सरकार ने लोगों को घर के अंदर रहने को कहा है। जापान में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रधानमंत्री शिंजो एबी ने आपातस्थिति की घोषणा कर दी है। साथ ही अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर से निपटने के लिए एक ट्रिलियन डॉलर (76 लाख करोड़ रुपये) के प्रोत्साहन पैकेज का एलान किया। जापान में इस समय 3,650 कोरोना मरीज हैं, जो तमाम देशों की तुलना में बहुत कम हैं। जापान दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है।


प्रधानमंत्री एबी के अनुसार आपातस्थिति राजधानी टोक्यो समेत देश के कुछ इलाकों में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर किया गया। जापान में कुछ हफ्ते पहले करीब दो हजार मरीज सामने आए थे, लेकिन इसके बाद उनकी संख्या में बढ़ोतरी कम हो गई और माना गया कि देश में महामारी नियंत्रित हो गई है। कुछ दिन पहले उसने फिर से सिर उठा लिया। नियंत्रण के कुछ उपाय लागू किए गए, लेकिन जब वे कारगर साबित नहीं हुए तो अब राष्ट्रीय आपातस्थिति घोषित कर सरकार ने ज्यादा सख्ती का फैसला किया है। इस स्थिति में लॉकडाउन कर लोगों को घर पर रखा जा सकेगा, कारोबार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे जा सकेंगे और यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। इस दौरान भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी और निजी इमारतों को भी चिकित्सकीय कार्यो के लिए लिया जा सकेगा। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर अर्थदंड भी लगाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, यह व्यवस्था फिलहाल एक महीने के लिए लागू की गई है। इसमें हम सभी देशवासियों का सहयोग चाहते हैं। एबी ने स्पष्ट किया कि देश में आपातस्थिति लगाई गई है और कुछ पाबंदियां भी लगाई जाएंगी, लेकिन वे वैसी नहीं होंगी जैसी अन्य देशों में लगाई गई हैं जिनसे जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है।


1 महीने तक बढ़ सकता है, आपातकाल

जापान में एक महीने और बढ़ सकता है आपातकाल


टोक्यो। जापान के प्रधानमंत्री एबी शिंजो ने शुक्रवार को कहा कि वह आपातकाल एक महीने तक और बढ़ा सकते हैं। इसके पीछे उनका तर्क है कि विशेषज्ञों ने संक्रमित मरीजों की संख्या में गिरावट नहीं आने तक प्रतिबंधों को लागू रखने की सलाह दी है। यहां देश जापान राजधानी टोक्यो में आपातकाल बढ़ाने पर अंतिम निर्णय चार मई को लिया जाएगा।


जापान में संक्रमण के 14 हजार मामले हैं और 436 लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले राजधानी टोक्यो में 4,000 लोग संक्रमित हैं।


लोगों के बाहर निकलने पर 'विचार-विमर्श'

स्पेन में लोगों के बाहर निकलने के समय पर विचार-विमर्श शुरू


मेड्रिड। स्पेन में किस-किस समय पर लोग बाहर निकल सकेंगे, सरकार ने इसकी योजना बनानी शुरू कर दी है। योजना बनाते समय दूसरे दौर का संक्रमण नहीं फैले, इस पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा था कि दो मई से वयस्क लोगों को एक्सरसाइज और बाल कटाने सहित कुछ अन्य जरूरी सेवाओं के लिए छूट दी जाएगी। देश में गुरुवार को 268 लोगों की मौत हुई। 20 मार्च के बाद यहां स्पेन राजधानी  मेड्रिड में यह पहली बार है जब एक दिन में इतने कम लोगों की मौत हुई है।


फ्रांसः 1 माह के बाद सबसे कम मौतें

पेरिस। फ्रांस में करीब एक माह के बाद गुरुवार को कोरोना वायरस से सबसे कम 289 मौतें हुईं। हालांकि बीते रविवार को 242 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन उस आंकड़े में नर्सिग होम में जान गंवाने वालों की संख्या शामिल नहीं थी। यहां देश फ्रांस राजधानी पेरिस में अब तक महामारी से दम तोड़ने वालों की संख्या 24,637 हो गई है। वहीं आइसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या 4207 से घटकर 4019 हो गई है। यह लगातार 22 वां दिन था जब आइसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या गिरावट दर्ज की गई है। देश में संक्रमण के 1138 नए मामलों का पता चला है जिसके साथ संक्रमित मरीजों की संख्या एक लाख 30 हजार के करीब हो गई है।


मृतक संख्या-1152, संक्रमित-35,310

नई दिल्ली। घातक कोरोना वायरस का कहर दुनिया के साथ-साथ भारत में भी बढ़ता जा रहा है। देश में कोविड-19 वायरस के अब तक कुल लगभग 35,365 मामले आ चुके हैं। इस बीमारी से 9065 लोग ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यह जानलेवा बीमारी देश में अब तक 1152 लोगों की जान ले चुकी है। अबतक कहां कितने मामले सामने आए हैं।


मंत्रालय का कहना है कि एक पखवाड़े पहले की तुलना में अब कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त होने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और यह संख्या 13.1 फीसदी से बढ़कर 25.2 फीसदी हो गई है। मरने वालों में ज्यादातर पुरुषः केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1,075 लोगों की इस बीमारी के कारण मौत हुई है जबकि 8,372 लोग इससे उबर चुके हैं। इस तरह कुल मृत्यु दर 3.2 फीसदी है। मरने वालों में 65 फीसदी पुरुष और 35 फीसदी महिलाएं हैं। मंत्रालय के मुताबिक गुरुवार शाम 5 बजे तक देश में कोविड-19 के संक्रमितों की संख्या 33,610 थी जिनमें से 24,162 पुष्ट मामले थे। बुजुर्गों में कम संक्रमणः कोविड-19 के कारण जान गंवाने वालों में 45 से 60 साल के लोगों की अच्छी खासी संख्या है जबकि 14 फीसदी की उम्र 45 साल से कम है। कुल मौतों में 75 फीसदी से अधिक उम्र के लोगों की संख्या महज 9.2 फीसदी है। माना जा रहा है कि बुजुर्गों के लिए यह बीमारी बहुत खतरनाक है लेकिन इस आयु वर्ग के कम ही लोग इसका शिकार हुए हैं। बीमारी से उबर रहे हैं युवाः केंद्र सरकार ने देश में कोरोना के पॉजिटिव मामलों का उम्रवार ब्योरा नहीं दिया है लेकिन 6 अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक युवाओं में इसके संक्रमण की दर अधिक थी। इसमें 21 से 40 वर्ष के लोगों की संख्या 42 फीसदी थी जबकि 32.8 फीसदी मरीज 41 से 60 की उम्र के थे। हालांकि युवाओं में मृत्यु दर कम है जो इस बात का संकेत है कि उनमें से अधिकांश बीमारी से उबर चुके हैं। 60 साल से अधिक उम्र और दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में इसके संक्रमण के ज्यादा खतरा है।


स्पेन में मृतकों की संख्या 24,824

मैड्रिड। स्पेन में कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ महामारी से मौतों का सिलसिला थम नहीं ले रहा है और पिछले 24 घंटों के दौरान 281 लोगों की मौत के बाद देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24,824 हो गयी है। देश में हालांकि प्रतिदिन हो रही मृतकों की संख्या में कमी आयी है।


स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार की जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार मृतकों की संख्या में कमी दर्ज की गयी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि देश में सक्रिय मामलों में कमी आ रही है और पिछले 24 घंटों में 1175 मामले सामने आये है जबकि इसी दौरान 2628 लोगों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में फिलहाल 75,700 सक्रिय मामले है। स्पेन में 14 मार्च से स्टेट ऑफ़ इमरजेंसी लागू है और यह नौ मई तक के लिए बढ़ा दी गयी है।प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने पिछले सप्ताह लॉकडाउन उपायों के चौथे चरण की घोषणा की थी। उन्होंने हालांकि देशवासियों को आगाह भी किया कि जून के अंत से पहले देश में स्थिति सामान्य नहीं हो सकेगी।


इटली में 27 हजार लोगों की मौत

रोम। कोरोना वायरस ने इटली में हाहाकार मचा रखा है और लॉकडाउन के कारण लोगों का बुरा हाल है लेकिन ऐसे हालात में भी वहां के कुख्यात माफिया को लोगों पर तरस नहीं आ रहा है। माफिया इस स्थिति का फायदा उठा रहा है और लोगों को लूटकर पैसा बना रहा है। इटली में एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है जिसमें दिखा रहा है कि एक कुख्यात माफिया ने एक पोस्ट ऑफिस का गेट ब्लॉक कर रखा है और वह पैसे ऐंठने के बाद ही लोगों को अंदर जाने दे रहा है।


स्थानीय मीडिया के मुताबिक माफिया गिरोह कोरोना महामारी का फायदा उठाकर गरीबों को लूट रहे हैं। बीमारी के कारण देश में अफरातफरी का माहौल है जिससे संगठित अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। इटली उन देशों में शामिल है जहां कोरोनावायरस ने सबसे अधिक कहर बरपाया है। देश में कोरोनावायरस के 2 लाख से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है और 27 हजार लोग मारे गए हैं। सत्ता के लिए मददः एक अन्य वीडियो में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार खाना खरीदने के लिए उनकी मदद नहीं कर रही है। इससे पहले खबर आई थी कि माफिया कोविड-19 लॉकडाउन से प्रभावित गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहा है। संगठित अपराध के बारे में जानकारी रखने वाले सर्जियो नजारो ने कहा कि माफिया गिरोह केवल अपनी सत्ता कायम करने के लिए लोगों की मदद कर रहे हैं।


अमेरिकाः 24 घंटे में 2,000 से अधिक मौतें

वाशिंगटन। अमेरिका में लगातार तीसरे दिन 24 घंटे की अवधि के भीतर कोरोना वायरस के कारण 2,000 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉप्किन्स विश्वविद्यालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले अमेरिका में इस संक्रामक रोग से मरने वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक है। बृहस्पतिवार को देश में इस संक्रमण के कारण 2,053 लोगों की मौत हुई और उससे पहले बुधवार को 2,502 और मंगलवार को 2,207 लोगों ने इस संक्रमण के कारण जान गंवाई। बाल्टीमोर स्थित विश्वविद्यालय के अनुसार, अमेरिका में कोविड-19 से अब तक कम से कम 62,906 लोगों की मौत हो चुकी है।


लोगों को पुलिस ने लगाई फटकार

बैरिकेडिंग हटाकर निकले लोगों को पुलिस ने लगाई फटकार


एक दर्जन अन्य स्थानों पर भी की गई बैरिकेडिंग


बाजार के अंदर दिखा प्रभाव लोग दूर-दूर दिखे


फतेहपुर। बैरिकेडिंग हटाकर बाइक लेकर अंदर घुसे लोगों को पुलिस ने जमकर फटकार लगाई और कानून का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही पुलिस ने बैरी केडिंग को दोबारा ठीक किया। बैरी कैटिंग का बाजार के अंदर पूरा प्रभाव दिखाई दिया लोग दूर-दूर दिखे सामाजिक दूरी का पालन नजर आया।


कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार सक्रिय है। लॉक डाउन का पालन कराने और सोशल डिस्टैंसेस बनाए रखने को लेकर पुलिस ने नगर के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर बैरिकेडिंग कराई थी जिसका पहले दिन से ही प्रभाव दिखाई पड़ा दूसरे दिन भी 1 दर्जन से अधिक नगर के विभिन्न स्थानों पर बैग केडिंग की गई। जिसका नगर के अंदर बाजार में पूरा प्रभाव दिखाई दिया नगर के मेन बाजार फाटक बाजार किराना गली नेहरू इंटर कॉलेज रोड में बहुत कम भीड़ देखने को मिली लोगों ने अपने वाहन बाइक आदि बाहर ही खड़ा करके अंदर खरीदारी की हालांकि कुछ लोग कानून का उल्लंघन कर बैग केडिंग कि कुछ बल्लिया हटाकर बाइक अंदर ले गए जिस पर कस्बा इंचार्ज अरविंद कुमार ने जमकर फटकार लगाई और बाइक सवारों से कहा कि कानून का उल्लंघन ना करें वरना बड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर के अंदर कई स्थानों पर बांस बल्लियों से की गई बैर केडिंग नगर के अंदर बाजार में पूरा प्रभाव दिखाई दिया लोग आवश्यक काम से ही घरों से निकलते दिखाई दिए बेवजह लोगों को पुलिस ने फटकार भी लगाई।


मुकेश ने सैलरी न लेने का फैसला किया

मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कोरोनावायरस महामारी के खत्म हो जाने तक कोई सैलरी न लेने का फैसला किया है। अंबानी की सैलरी सालाना 15 करोड़ रुपये है, जिसमें साल 2008-09 के बाद से कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है।


कंपनी ने एक बयान में कहा, कोविड-19 के प्रभाव के समाप्त होने तक सैलरी न लेने के मुकेश अंबानी के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। भारत में कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर, जिसने राष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक व औद्योगिक क्षेत्र को प्रभावित किया है, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने अपनी तनख्वाह न लेने का फैसला लिया है।
इसमें यह भी कहा गया है कि उन्होंने तब तक सैलरी न लेने का निश्चय किया है, जब तक उनकी कंपनी और इसके सारे बिजनेस सम्पूर्ण तरीके से अपनी कमाई करने की क्षमता को दोबारा हासिल नहीं कर लेते।


फेड कपः पहली भारतीय टेनिस खिलाड़ी

नई दिल्ली। भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा गुरुवार को फेड कप हर्ट पुरस्कार के लिए नामित होने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। उन्हें एशिया/ओशियाना क्षेत्र से इंडोनेशिया की प्रिस्का मेडेलिन नुगरोरहो के साथ नामित किया गया है। सानिया ने हाल में चार साल बाद फेड कप टेनिस टूर्नमेंट में वापसी की थी।


दर्शकों के बीच अपने 18 महीने के बेटे इजहान की मौजूदगी में सानिया ने भारत को पहली बार फेड कप के प्ले ऑफ में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) की ओर से जारी बयान में सानिया ने कहा, ‘2003 में पहली बार भारतीय पोशाक में कोर्ट पर उतरना मेरे लिए गौरवपूर्ण लम्हा था। तब से मैंने 18 साल का लंबा सफर तय किया है। भारतीय टेनिस की सफलता में योगदान देकर मैं गौरवांवित महसूस कर रही हूं। 
उन्होंने कहा, ‘पिछले महीने फेड कप के एशिया/ओशियाना टूर्नमेंट में मिला नतीजा मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। एक खिलाड़ी कुछ विशेष लम्हों के लिए खेलता है और मैं फेड कप हर्ट अवॉर्ड के चयन पैनल की आभारी हूं कि उन्होंने मुझे यह मान्यता दी। 
हर्ट पुरस्कारों के विजेता का फैसला प्रशंसकों की ऑनलाइन वोटिंग के आधार पर होगा जो एक मई से शुरू होकर आठ मई तक चलेगी। यह फेड कप हर्ट पुरस्कार का 11वां सत्र है। यूरोप/अफ्रीका क्षेत्र से एस्टोनिया की एनेट कोनटावीट और लग्जमबर्ग की एलोनोरा मोलिनारो जबकि अमेरिका क्षेत्र से मैक्सिको की फर्नांडा कोंट्रेरास गोमेज और पराग्वे की वेरोनिका केपेड रॉयग को नामित किया गया है।


एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम हुए सस्ते

नई दिल्ली। लॉकडाउन के बीच आज आम जनता के लिए राहत भरी खबर आई है। आज से 19 किलोग्राम और 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी एलपीजी सिलिंडर के दाम सस्ते हो गए हैं। तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में एलपीजी सिलिंडर के दामों की समीक्षा करती है। हर राज्य में टैक्स अलग-अलग होता है और इसके हिसाब से एलपीजी के दामों में अंतर होता है। 
इतना सस्ता हुआ गैर-सब्सिडी वाला सिलिंडर आईओसीएल की वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला गैर-सब्सिडी एलपीजी सिलिंडर 162.50 रुपये सस्ता हो गया है। इसके बाद इसकी कीमत 581.50 रुपये हो गई है, जो पहले 744 रुपये थी। कोलकाता में इसका दाम 774.50 रुपये से घटकर 584.50 रुपये हो गया है, मुंबई में यह 714.50 रुपये से कम होकर 579 रुपये हो गया है। वहीं चेन्नई में यह पहले 761.50 रुपये का था, जो आज से 569.50 रुपये का हो गया है।
 इतना सस्ता हुआ 19 किलोग्राम वाला सिलिंडर
दिल्ली में 19 किलोग्राम वाला सिलिंडर 256 रुपये सस्ता हो गया है। इसके बाद इसकी कीमत 1029.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1285.50 रुपये थी। कोलकाता में इसका दाम 1348.50 रुपये से घटकर 1086 रुपये हो गया है, मुंबई में यह 1234.50 रुपये से कम होकर 978 रुपये हो गया है। वहीं चेन्नई में यह पहले 1402 रुपये का था, जो आज से 1144.50 रुपये का हो गया है। 


सरकार देती है गैस सिलिंडर पर सब्सिडी 
मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।
15 दिन के अंतर पर ही होगी बुकिंग
मालूम हो कि आईओसी ने कहा है कि अब 15 दिन के अंतर पर ही ग्राहकों द्वारा रसोई गैस की बुकिंग कराई जा सकेगी। इस संदर्भ में आईओसी के अध्यक्ष संजीव सिंह ने एक वीडियो संदेश में आश्वस्त किया कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है।


संक्रमितो की संख्या बढ़कर 35043 हुई

नई दिल्ली। पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना वायरस के 1993 नए केस रिपोर्ट हुए हैं। इससे हमारी कुल कंफर्म पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़कर अब 35043 हो चुकी है। इनमें 25007 एक्टिव केसों का अभी विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पिछले 24 घंटों में देखें 554 लोग ठीक हो चुके हैं। जिससे कि हमारे यहां ठीक हुए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 8888 हो चुकी है। इस तरह हम देखते हैं तो पाते हैं कि हमारा रिकवरी रेट निरंतर बढ़ते हुए अब 25.37 प्रतिशत हो चुका है।


गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि रेलवे ने 13 लाख वैगन से अधिक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है। ट्रक और सामान ढोने की आवाजाही में बढोतरी हो रही है। आर्थिक गतिविधियों के लिए यह जरूरी है कि राज्य की सीमाओं पर ट्रकों को रोका नहीं जाए। अभी भी कई राज्यों में ऐसी समस्या आ रही है। गृह मंत्रालय ने फिर से स्पष्ट किया है ट्रक और मालवाहक वाहनों को किसी पास की जरूरत नहीं है। चाहे वो भरे हों या खाली हों।


कल सुबह होगी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली जीओएम की छठी बैठक


कोरोना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली जीओएम की छठी बैठक कल सुबह होगी। इस दौरान तीन मई को खत्म हो रहे लॉकडाउन पर चर्चा होगी। चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन को हटाने पर चर्चा की जाएगी। जीओएम के जरिए अपनी सिफारिशें पीएमओ को दी जाएगी, जिस पर पीएम फैसला करेंगे. बैठक में कई मंत्रालयों के मंत्री मौजूद रहेंगे।


गाज़ः फर्जीवाड़े में कई अधिकारी निलंबित

बलरामपुर रामानुजगंज। प्रदेश के बलरामपुर रामानुजगंज ज़िले के वाड्रफनगर इलाक़े में काग़ज़ों पर मनरेगा का काम कर,क़रीब तीस लाख से उपर के फर्जीबाड़े के मसले पर एक साल से लंबित रिपोर्ट पर कार्यवाही करते हुए राज्य सरकार के पंचायत विभाग ने सख़्त कार्रवाई करते हुए SDM ज्योति बबली बैरागी जो कि तत्कालीन प्रभारी सीईओ थीं,तथा सीईओ एस के मरकाम को सस्पेंड कर दिया है,वहीं मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी अश्वनी तिवारी के विरुद्ध FIR के आदेश जारी किए गए हैं


मालूम हो कि वर्ष 2014-15 और 2015-16 में मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत गुडरु के चपोता में मिट्टी मुरुम सड़क सह पुलिया निर्माण,ग्राम पंचायत तुगंवा में नदी किनारे तटबंध निर्माण,ग्राम पंचायत जमई में डब्लूबीएम और ग्राम पंचायत पेंडारी में मिट्टी मुरुम सडक सह पुलिया निर्माण किया जाना था,लेकिन SDM वाड्रफनगर की जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि कोई काम हुआ ही नहीं और 38 लाख 58 हज़ार पाँच सौ अठारह रुपए का फ़र्ज़ी भुगतान कर दिया गया


इस मामले को लेकर संभागायुक्त एमिल लकड़ा ने ज़िला पंचायत बलरामपुर से की गई कार्यवाही की जानकारी माँगी थी,संभागायुक्त ईमिल लकड़ा ने तत्कालीन सीईओ एस के मरकाम और मौजुदा SDM ज्योति बबली बैरागी जो कि तत्कालीन प्रभारी सीईओ थीं, उन्हें निलंबित करने के आदेश दिए वहीं एक अन्य अश्वनी तिवारी के विरुद्ध FIR के आदेश जारी किए गए है।


मनरेगा घोटाले की जाँच रिपोर्ट दबाए जाने के मसले को लेकर जानकारी सामने आने पर पंचायत विभाग के आला अधिकारियों ने गहरी नाराज़गी जताई है। उपरोक्त दोनों अधिकारियों के ख़िलाफ़ एक महिने के भीतर विभागीय जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।


उद्धव ठाकरे को मिला अभय वरदान

राणा ओबराय

उद्धव ठाकरे को मिल गया अभयदान, चुनाव आयोग ने एमएलसी चुनाव कराने की दी मंजूरी
मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधान परिषद की नौ सीटों के लिए चुनाव 21 मई को होंगे। गुरुवार तक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की कुर्सी पर मंडरा रहे खतरे के बाद शुक्रवार सुबह पूरी तरह छंट गए। चुनाव आयोग ने राज्य में एमएलसी चुनाव को हरी झंडी दे दी है। देश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के कारण इन सीटों पर चुनाव पर रोक लगा दी गई थी लेकिन कल महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि इन सीटों के लिए चुनाव कराने की अनुमति दी जाए।
क्यों खतरे में थी उद्धव की कुर्सी?,,,,,,,
गौरतलब है कि ये सीटें 24 अप्रैल से रिक्त पड़ी हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे विधानमंडल के किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसी स्थिति में कोई व्यक्ति केवल छह माह तक की मुख्यमंत्री या मंत्री रह सकता है। अब छह माह की अवधि समाप्त हो रही है इसलिए उनका इस अवधि के बाद दोनों में से किसी एक सदन का सदस्य निर्वाचित होना अनिवार्य है। उद्धव ठाकरे बिना चुनाव लड़े ही सीधे सीएम बने हैं, ऐसे में उन पर यह नियम लागू होता है। सूत्रों के अनुसार कोश्यारी के अनुरोध के तर्कों को देखते हुए आयोग ने चुनाव की मंजूरी दे दी। कोश्यारी ने महाराष्ट्र में माैजूदा राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति को समाप्त करने के मद्देनजर विधानपरिषद की उन नौ सीटों पर जल्द से जल्द चुनाव कराने का अनुरोध किया था, जो कि 24 अप्रैल से रिक्त पड़ी हैं। चुनाव आयोग को लिखे अपने पत्र में राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में लॉकडाउन के दौरान छूट के लिए कई उपायों की घोषणा की है और विधानपरिषद की रिक्त सीटों पर चुनाव कुछ दिशानिर्देशों के साथ संपन्न कराये जा सकते हैं। चुनाव आयोग ने कोरोना संकट के परिप्रेक्ष्य में विधानपरिषद की इन नौ सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।


बढ़ते तापमान का वायरस पर प्रभाव

कोरोना संक्रमण के चलते देशभर में लॉकडाउन किया गया है। कोरोना को लेकर अब तक कई स्टडी हो चुकी हैं जिसके अलग-अलग नतीजे मिले हैं। पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना संक्रमण से डरी हुई है। अब तक कोरोना वायरस को लेकर कोई वैक्सीन तैयार नहीं हुआ है। हालांकि नेशनल एनवाइरॉनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) द्वारा नागपुर में की गई रिसर्च में नया तथ्य सामने आया है। अब तक बढ़ते तापमान और कोरोना संक्रमण को लेकर कोई Corelation सामने नहीं आया था। लेकिन इस स्टडी के मुताबिक ज्यादा तापमान में कोरोना संक्रमण में कमी आने का दावा किया गया है। स्टडी में बताया गया है कि यह कोरिलेशन बहुत मजबूत है जो 85 प्रतिशत तक है जो दिन के तामपान में बढ़ोतरी होने और कोविड संक्रमण में कमी आने के बीच है।


NEERI ने यह रिसर्च मैथेमेटिकल मॉडल के आधार पर की है। स्टडी में लिया गया Covid19 सोर्स डेटा वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और तापमान का डेटा भारतीय मौसम विभाग से लिया गया है। स्टडी में Average Real Time तापमान और Relative Humidity और उनके बीच संबंधों का अध्यन किया गया, इनका कोविड 19 के महाराष्ट्र और कर्नाटक के मामलों से तुलना की गई। NEERI ने रिसर्च के बाद कहा कि जब तापमान की ग्रॉस वैल्यू और रिलेटिव ह्यूमिडिटी को इन दो राज्यों पर consider किया गया तो यह सामने आया कि जब दिन का औसत तापमान 25 डिग्री या उससे ज्यादा हुआ तो कोविड 19 के मामलों में कमी आई है।
हालांकि, स्टडी में यह भी कहा गया है कि भारत का हॉट क्लाइमेट कोविड 19 संक्रमण की रोकथाम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, वहीं सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। NEERI के वैज्ञानिक हेमंत भैरवानी ने कहा 'हम सिर्फ कोरोना संक्रमण और उसके प्रभाव को सिर्फ तापमान और आर्द्रता पर ही फोकस नहीं रखना चाहते हैं। इसलिए, हमने सोशल डिस्टेंसिंग को भी शामिल किया है। कोरोना बहुत खतरनाक बीमारी है और भारत एक बहुजनसंख्या वाला देश है। ऐसे में बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए ज्यादा तापमान का फायदा नहीं उठाया जा सकता है।'


आसान नहीं है प्रवासियों की घर वापसी

नई दिल्ली। देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों की घर वापसी के लिए भले ही केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई हो, लेकिन राज्यों के लिए अब इन मजदूरों का पलायन एक बड़ी चुनौती बन गया है। कोरोना के त्रासदी काल में घर जाने से पहले मजदूरों का पंजीकरण, वाहनों का इंतजाम, स्क्रीनिंग समेत तमाम जरूरी बंदोबस्त अब सरकारों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। सबसे बड़ी समस्या ऐसी स्थितियों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की है, जिसके लिए तमाम राज्य अधिकारियों से मंथन करने में जुटे हैं।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को केंद्र से मांग की है कि वह अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम कराए। मोदी ने केंद्र सरकार से असमर्थता जताते हुए कहा है कि बिहार जैसे राज्य खुद अपने 27 लाख मजदूरों को महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों से घर लाने में सक्षम नहीं हैं।
दूसरी ओर बिहार के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संजय कुमार ने भी यह माना है कि अगर मजदूर राज्य में वापस लौटते हैं तो उनकी स्क्रीनिंग कराई जा सकती है। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि घर लौटने वाले मजदूरों को क्वारंटीन में रखने की नौबत आई तो इसके लिए कितना बड़ा इंतजाम करना होगा।
मजदूरों की घर वापसी होगी बड़ी चुनौती


 
वहीं यूपी की योगी सरकार ने देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे मजदूरों को तत्काल घर ना आने की सलाह दी है। सीएम योगी ने मजदूरों से अपील करते हुए कहा है कि वह आगे भी उसी धैर्य को बरकरार रखें, जिसका प्रदर्शन उन्होंने अब तक किया है। योगी ने कहा है कि जो भी मजदूर अलग-अलग राज्यों में फंसे हैं, वह अपने राज्य की सरकार से बात कर लें। यूपी की सरकार ऐसे मजदूरों को वापस लाने के लिए सारे इंतजाम कर रही है और प्रदेश के अधिकारी खुद अलग-अलग राज्यों के संपर्क में हैं।
यूपी सरकार बना रही प्लान:-
यूपी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, देश के किसी कोरोना प्रभावित राज्य से वापस यूपी आने वाले लोगों को 14 दिन के अनिवार्य क्वारंटीन में रखने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए अभी योजना अमल में लाई नहीं गई है। सरकार की तैयारी है कि हम या तो ऐसे मजदूरों को अपने राज्य के बॉर्डर से रिसीव कर लें या फिर अलग-अलग राज्यों में परिवहन निगम की बसों को भेजकर इन्हें वापस लाया जाए।
महाराष्ट्र में DM की अनुमति के बिना ना छोड़ें जिला:-
महाराष्ट्र सरकार ने भी गुरुवार को एक विस्तृत गाइडलाइन जारी करते हुए अंतरराज्यीय मूवमेंट की नियमावली की जानकारी दी है। उद्धव सरकार का आदेश है कि प्रदेश में रहने वाला भी शख्स बिना जिला कलेक्टर के आदेश के अपने जिलों से बाहर नहीं जा सकेगा। इसके अलावा कलेक्टर की अनुमति के बिना किसी भी जिलों में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी। अगर किसी को बाहर जाने की इजाजत दी जाती है तो ऐसे लोगों को वाहन पास जारी किए जाएंगे, जिसमें यात्रियों के रूट, नाम और अन्य डिटेल्स लिखे होंगे।
कलेक्टरों को दिए गए हैं कई अधिकार
इसी तरह गुजरात की सरकार ने भी प्रदेश में रहने वाले 5-7 लाख प्रवासी मजदूरों को वापस भेजने के लिए पास की व्यवस्था लागू की है। इसका पूरा प्राधिकार जिला कलेक्टर को दे दिया गया है। सरकार ने कहा है कि जो भी मजदूर घर जाना चाहते हैं, उन्हें सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा और वेरिफिकेशन के बाद ऐसे लोगों को पास इशू किए जाएंगे। असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी सरकारों ने ऐसे ही ऑनलाइन सिस्टम का इंतजाम किया है, जिसपर रजिस्ट्रेशन के बिना किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। भले ही सरकारों ने अलग-अलग योजनाओं के आधार पर मजदूरों को घर भेजने की कोशिश शुरू की है, लेकिन यह जरूर है कि इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों की घर वापसी एक चुनौतीपूर्ण स्थिति जरूर बना सकती है।


दहेज के लालच में मां-बेटे की हत्या

जमुई। नगर थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में दहेज लोभियों ने विवाहिता एवं उसके एक साल के पुत्र की पीट-पीट कर हत्या कर दी। मामले को लेकर मृतका के पिता ने थाने में मामला दर्ज कराया है। जिसमें दामाद सहित तीन लोगों को आरोपित किया है। मृतका गुड़िया (20) के पिता शेखपुरा जिला के फतेहपुर गांव निवासी उमेश राम ने बताया कि पुत्री की शादी जमुई थाना क्षेत्र के लोहरा गांव निवासी सुरेश राम के पुत्र दीपक राम से तीन साल पहले की थी। गुड़िया को शौरिक नाम का एक साल का पुत्र भी था। बुधवार की रात शौरिक का जन्मदिन मनाया जा रहा था। इसी दौरान किसी ने दीपक का मोबाइल चुरा लिया। इसी बात से आक्रोशित दीपक ने गुड़िया की जमकर पिटाई कर दी। पिटाई से उसकी हालत खराब हो गई और गुरुवार की सुबह उसकी मौत हो गई। जिसके बाद दीपक ने शौरिक की भी हत्या कर दी। गुड़िया के ससुराल वालों ने ही फोन कर बताया कि तबियत ज्यादा खराब होने के बाद गुड़िया और उसके पुत्र को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया जहां दोनों की मौत हो गई। उमेश ने बताया है कि दहेज के लिए अक्सर पति दीपक, सास कुंती देवी तथा देवर प्रह्लाद कुमार उसे प्रताड़ित किया करते थे। ग्रामीणों की मानें तो पारिवारिक कलह में गुड़िया ने बच्चे संग सल्फास खाकर खुदकशी कर ली। थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि मृतका के पिता के आवेदन पर हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल सभी आरोपित फरार है।


विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय बैंक

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ट्विटर पर दुनिया का सबसे लोकप्रिय केंद्रीय बैंक है। दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों के ट्विटर अकाउंट के विश्लेषण से पता चलता है कि आरबीआई के ‘फॉलोअर्स’ की संख्या सबसे अधिक है।
गुरुवार को सुबह तक आरबीआई के ट्विटर हैंडल के ‘फॉलोअर्स’ की संख्या 45 लाख थी। एक अधिकारी ने बताया कि अकेले 20 अप्रैल को आरबीआई के ट्विटर हैंडल से 1।31 लाख नए ‘फॉलोअर्स’ जुड़े।


अधिकारी ने कहा कि मौजूदा अभियान की वजह से आरबीआई के ‘फॉलोअर्स’ की संख्या में इजाफा हो रहा है। अधिकारी ने कहा कि मार्च 2019 से आरबीआई के ‘फॉलोअर्स’ की संख्या दोगुना से अधिक हो चुकी है। यह 3,42,000 से करीब 7,50,000 पर पहुंच गई है। आरबीआई का ट्विटर अकाउंट जनवरी, 2012 में शुरू हुआ था।


आरबीआई के बाद दूसरा नंबर दक्षिण एशियाई देश इंडोनेशिया के ‘बैंक इंडोनेशिया’ का है। इसके ‘फॉलोअर्स’ की संख्या 7।15 लाख है। तीसरे नंबर पर बैंको डी मैक्सिको (मैक्सिको का केंद्रीय बैंक) है। इसके ‘फॉलोअर्स की संख्या 7।11 लाख है।आरबीआई ने एक ट्विटर अकाउंट ‘आरबीआई सेज’ भी शुरू किया है। इसी नाम से उसने अप्रैल के शुरू में फेसबुक पेज भी शुरू किया है। इसी के साथ केंद्रीय बैंक ने एक सुरक्षा अभियान भी शुरू किया है जिसमें लोगों को सलाह दी जा रही है कि लॉकडाउन के दौरान वे बैंक शाखाओं में जाने से बचें। ट्विटर खासकर कोविड-19 संकटकाल में सूचनाओं के प्रसार का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। यही वजह है कि दुनिया के कई प्रमुख केंद्रीय बैंक ट्विटर पर सक्रिय हैं।


त्रिदेशिय मोटो जीपी रेस हुई रद्द

लंदन। कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए जर्मनी, नीदरलैंड्स और फिनलैंड मोटोजीपी रेस को रद्द कर दिया गया है। इनका आयोजन जून और जुलाई में होना था। जर्मनी ग्रां प्री का आयोजन 19 से 21 जून तक साचसेनरिंग में होना था जबकि डच मोटो ग्रां प्री 26 से 28 जून तक आसेन में होनी थी।


वहीं, फिनलैंड मोटो जीपी ग्रां प्री रेस 10 से 12 जुलाई तक आयोजित होनी थी। इसके साथ ही कोरोना के कारण महिला पीजीए चैंपियनशिप भी स्थगित कर दी गयी है। यह चैम्पियनशिप अब यह अक्टूबर में होगी। अमेरिका स्थित एलपीजीए टूर ने कहा कि उसकी योजना अपने 2020 गोल्फ सत्र को जुलाई के मध्य में दोबारा शुरू करने की है।महिला गोल्फ के पांच मेजर टूर्नामेंटों में से एक महिला पीजीए चैंपियनशिप पेनसिलवेनिया के अरोनिमिंक गोल्फ क्लब में जून के अंत में होनी थी पर अब यह आठ से 11 अक्टूबर तक खेली जाएगी।


एप्पल 12, 5G होगा 11 से सस्ता

नई दिल्ली । सस्ते आईफोन की लॉचिंग के बाद अब एप्पल आईफोन12 पर काम कर रही है। यह कंपनी का पहला 5जी फोन होगा, जिसकी लॉचिंग इसी साल की जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक आईफोन 12 सीरीज की कीमत 600 और 700 डॉलर होगी। इसका सीधा मतलब है कि आईफोन 12 का बेस वेरियंट एप्पल आईफोन 11 से सस्ता हो सकता है। वहीं, इसके पहले रिपोर्ट में कहा गया था कि आईफोन 12 प्रो का डिजाइन काफी हद तक आईफोन 5 से प्रेरित होगा।


हालांकि इसमें 2.5डी ग्लास की जगह सपाट ग्लास का इस्तेमाल होगा। सीरीज के स्मार्टफोन में ए14 बायोनिक प्रोसेसर दिया जाएगा। अब रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इस सीरीज के तहत कंपनी चार मॉडल-आईफोन 12, आईफोन 12 प्लस, आईफोन 12 प्रो और आईफोन 12 प्रो मैक्स लांच करेगी। आईफोन 12 में 5.4 इंच स्क्रीन, आईफोन 12 प्लस में 6.1 इंच स्क्रीन, आईफोन 12 प्रो में 6.1 इंच स्क्रीन और आईफोन 12 प्रो मैक्स में 6.7 इंच की स्क्रीन हो सकती है।सीरीज के दो स्मार्टफोन में ड्यूल रियर कैमरा,एलसीडी स्क्रीन और पतला एल्युमीनियम अलॉय फ्रेम का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, दो अन्य मॉडल्स में ट्रिपल रियर कैमरा, ओलेड स्क्रीन और स्टेनलैस स्टील मिडल फ्रेम का इस्तेमाल किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, आईफोन 12, आईफोन 12 प्लस और आईफोन 12 प्रो को सितंबर में और आईफोन 12 प्रो मैक्स अक्टूबर में लाया जाएगा।


चीन की कठपुतली बना डब्ल्यूएचओ

वाशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को चीन के हाथों की कठपुतली बताते हुए कहा कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ के बारे में जल्द ही कुछ सिफारिशें लेकर आएगा और उसके बाद चीन के बारे में भी ऐसा ही कदम उठाया जाएगा।



ट्रंप ने कोरोना वायरस महामारी पर डब्ल्यूएचओ पर कहा कि उन्होंने हमें गुमराह किया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के अपने ओवल कार्यालय में पत्रकारों से कहा कि हम जल्दी एक सिफारिश लेकर आएंगे, लेकिन हम विश्व स्वास्थ्य संगठन से खुश नहीं हैं। ट्रंप ने कोरोना वायरस फैलने में डब्ल्यूएचओ की भूमिका की जांच शुरू की है और संगठन पर महामारी के दौरान चीन का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। जांच लंबित रहने तक राष्ट्रपति ने डब्ल्यूएचओ को अमेरिका से दी जाने वाली सहायता भी रोक दी है। यह जांच चीन की भूमिका देखेगी और साथ में यह भी पता लगाएगी कि कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर में कैसे फैला। राष्ट्रपति से पूछा गया कि आपने खुफिया एजेंसियों से जो जांच शुरू कराई है, उससे आप चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन के बारे में क्या जानने की उम्मीद कर रहे हैं?



ट्रंप ने कहा कि हम इससे खुश नहीं है और हम डब्ल्यूएचओ में सबसे ज्यादा योगदान करते हैं और उन्होंने हमें गुमराह किया। मुझे नहीं पता। वे जो जानते थे, उन्हें उससे ज्यादा पता होना चाहिए था। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें वे चीजे पता हैं जो उन्हें नहीं पता थी और या वे इसे नहीं जानते थे, या उन्होंने हमें बताया नहीं, या अब आप जानते हैं कि ब्ल्यूएचओ चीन के हाथों की कठपुतली है। इसको देखने का मेरा नजरिया यह है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ को औसतन 40-50 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देता है और चीन 3.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर देता है। फिर भी डब्ल्यूएचओ चीन के लिए काम करता प्रतीत होता है। उन्हें मालूम होना चाहिए था कि चल क्या रहा है और उन्हें इसे रोकने में सक्षम होना चाहिए था।



एक सवाल के जवाब में राष्ट्रपति ने कहा कि बहुत सारे विभिन्न लोग और समूह हैं जिन्हें अमेरिका यह धन दे सकता है और वे काफी उपयोगी होंगे। ट्रंप ने कहा कि आप इस बीमारी को फैलने से रोकने या रोकने की बात करते हैं, जिसे वहीं (चीन में) रुक जाना चाहिए था। चीन ने देश से बाहर विमानों को जाने की इजाजत दी लेकिन चीन में ही विमानों को नहीं जाने की इजाजत थी।राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें विमानों को बाहर जाने की इजाजत दी और विमान वुहान से बाहर आ रहे हैं। वे दुनिया भर में जा रहे हैं। वे इटली जा रहे हैं, लेकिन वे चीन में ही नहीं जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन बहुत स्पष्ट सिफारिश लेकर आएगा। इस विषय में चीन में जो हुआ, उसमें कुछ भी सकारात्मक नहीं था और चीन वहीं पर इस वायरस को रोक सकता था।


वायरस ने छीन ली 227638 की जिंदगी

वाशिंगटन। कोरोना महामारी पर लगाम लगाने की तमाम कोशिशें नाकाम होती जा रही हैं। हालांकि पूरी दुनिया के साइंटिस्ट इसका इलाज खोजने में जुटे हैं, लेकिन फिलहाल अभी सफलता नहीं मिली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमितों का आंकड़ा 31 लाख से अधिक हो चुका है।


वैश्विक स्तर पर कोरोना रागियों की संख्या 31,93,886 हो चुकी है जबकि 2,27,638 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कोरोना के सर्वाधिक मरीज अमेरिका में है। संक्रमणों की संख्या के मामले में दूसरे और तीसरे नंबर पर स्पेन और इटली में क्रमशः 236,899 और 2,03,501 मामले सामने आए हैं। दोनों देशों में क्रमशः 23,822 और 27,359 मौतें हो चुकी हैं। ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के 161,149 मामले सामने आए हैं और जर्मनी में 157,641 मामलों की पुष्टि हुई है।पाकिस्तान में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या बुधवार को 15 हज़ार को पार कर गई है। कोरोना महामारी से अब तक पाकिस्तान में 343 लोगों की मौत हो गई है। पाकिस्तान में करीब 480 स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं।


मालदीव में कोरोना वायरस से पहली मौत हुई है। देश में फिलहाल, कुल सकारात्मक मामले 280 हैं। स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल्ला अमीन ने गुरुवार को कहा कि पीड़िता राजधानी माले की 83 वर्षीय महिला थी। इस हिंद महासागर द्वीपसमूह राज्य में पर्यटक रिसॉर्ट्स में कोरोना वायरस के पहले मामले दर्ज किए गए थे और कुछ समय के लिए अधिकारियों ने इसे समुदाय में फैलने से रोक दिया था। हालांकि, अब राजधानी द्वीप में रोगियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है और साथ ही दूर-दराज के द्वीपों में संक्रमण का कोई स्रोत नहीं है।


भोजन वितरण में 3 मिलियन का आंकड़ा

नई दिल्ली। कोविड-19 के कारण राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान भारतीय रेलवे की ओर से देश भर में किए जा रहे नि:शुल्क गर्म पके हुए भोजन के वितरण ने आज 3 मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया। 20 अप्रैल 2020 को भारतीय रेल की ओर से किए जा रहे इस वितरण में 2 मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया गया था, जबकि पिछले 10 दिनों में ही इसने नि:शुल्क भोजन वितरित करने में 1 मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया है। वैश्विक महामारी ने अभूतपूर्व परिस्थितियां उत्पन्न की हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों के समक्ष भूख का संकट उत्पन्न हो गया है। फंसे हुए व्यक्ति, दिहाड़ी मजदूर, प्रवासी, बच्चे, कुली, बेघर, गरीब और घुमंतु लोग जो अस्थायी आबादी का निर्माण करते हैं वे इस महामारी और लॉकडाउन से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के बाद 28 मार्च 2020 से कई रेलवे संगठनों के भारतीय रेलवे कर्मचारियों ने जरूरतमंद लोगों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए अथक परिश्रम किया है। रेलवे आईआरसीटीसी बेस किचन, आरपीएफसंसाधनों और गैर सरकारी संगठनों के योगदान के माध्यम से पेपर प्लेट्स के साथ दोपहर का भोजन और रात के भोजन के लिए खाने के पैकेटों सहित बड़े पैमाने पर पका हुआ भोजन उपलब्ध करा रहा है। जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन वितरित करते समयसामाजिक दूरी और स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा है।
रेलवे स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों और उसके नजदीकी क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों की भोजन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिएआरपीएफ, जीआरपी, जोन्स के वाणिज्यिक विभागों, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से भोजन का वितरण किया जा रहा है। विभिन्न जोनों जैसे- पश्चिमी, पूर्वी, दक्षिणी और दक्षिण मध्य में फैले नई दिल्ली, बैंगलुरु, हुबली, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद, भुसावल, हावड़ा, पटना, गया, रांची, कटिहार, दीन दयाल उपाध्याय नगर, बालासोर, विजयवाड़ा, खुर्दा, काटपाडी, तिरुचिरापल्ली, धनबाद, गुवाहाटी, समस्तीपुर, प्रयागराज, इटारसी, विशाखापट्टनम, चेंगलपट्टू, पुणे, हाजीपुर, रायपुर और टाटानगर उत्तरी क्षेत्रों में आईआरसीटीसीबेस किचन के सक्रिय सहयोग से30 अप्रैल 2020 तक 30 लाख से अधिक पके हुए भोजन वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 17.17 लाख पके हुए भोजन आईआरसीटीसी द्वारा प्रदान किए गए हैं, लगभग 5.18 लाख भोजन आरपीएफ द्वारा अपने स्वयं के संसाधनों से प्रदान किए गए हैं, लगभग 2.53 लाख भोजन रेलवे के वाणिज्यिक और अन्य विभागों द्वारा प्रदान किए गए हैं और लगभग 5.60 लाख भोजन रेलवे संगठनों के साथ काम करने वाले एनजीओ द्वारा दान किए गए हैं। आईआरसीटीसी, अन्य रेलवे विभागों, गैर सरकारी संगठनों और अपने स्वयं के किचन से तैयार किए गए भोजन को जरूरतमंद लोगों में वितरित करने में रेलवे सुरक्षा बल ने प्रमुख भूमिका निभाई है। यह सिलसिला 28.03.2020 को 74 स्थानों पर 5419 जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन के वितरण के साथ शुरू हुआ और फिर इसकीसंख्या दैनिक आधार पर बढ़ती गई। वर्तमान में देश भर में लगभग 300 स्थानों पर प्रतिदिन लगभग 5०० लोगों को आरपीएफ द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।


चीन से 14 टन चिकित्सा सामग्री आई

नई दिल्ली। निजी क्षेत्र की एयरलाइन स्पाइसजेट ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह चीन से यहां 14 टन चिकित्सा सामग्री लेकर आई है। एयरलाइन ने कहा कि उसने चीन के गुआंगझू से दिल्ली के लिये बुधवार को अपनी पहली मालवाहक उड़ान का परिचालन किया, जिसमें चिकित्सा सामग्री लदी हुई थी। एयरलाइन ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि मालवाहक विमान बुधवार को रात आठ बज कर 20 मिनट पर गुआंगझू से कोलकाता पहुंचा। इसके बाद, बी 737 उड़ान वहां से रात सवा ग्यारह बजे दिल्ली पहुंची। एयरलाइन ने कहा कि विमान में दवाइयां एवं सुरक्षा उपकरण सहित 14 टन चिकित्सा सामग्री थी। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान सभी यात्री उड़ानें स्थगित हैं।


दिल्ली में 125 नए मामले, संक्रमित-3439

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना हाटस्पॉट यानी कंटेनमेंट जोन की संख्या 100 हो गई है। बुधवार को शहर में कोरोनावायरस के 125 नए मामले सामने आए हैं, और इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना के कुल मामले 3439 हो गए हैं। अभी तक कोरोना के कारण यहां 56 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इनमें से दो रोगियों की मृत्यु बुधवार को हुई है। दिल्ली में कोरोना के 1092 रोगी अभी तक ठीक हो चुके हैं। इनमें से 14 रोगियों को बुधवार को अस्पताल से छुट्टी मिली है। शहर में कुल 2291 कोरोना के एक्टिव रोगी हैं। दिल्ली में बुधवार को कोरोना हॉटस्पॉट की संख्या 100 ही रही। मंगलवार को भी दिल्ली में 100 कोरोना हॉटस्पॉट थे। बुधवार को इसमें कोई नया हॉटस्पॉट नहीं जोड़ा गया। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जिन इलाकों को हम हॉटस्पॉट मानकर सील कर रहे हैं, वहां बाहर से किसी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया जाता। इसी तरह अंदर रह रहे व्यक्ति भी बाहर नहीं आ सकते। यहां रह रहे लोगों तक जरूरत के सारे सामान यहां तैनात पुलिसकर्मी व अन्य कर्मचारियों द्वारा पहुंचाए जा रहे हैं। इसके साथ ही दिल्ली में अब गली-मोहल्ले या कॉलोनी की दुकानों को खोलने की अनुमति होगी। ऐसी दुकानें जो किसी मॉल या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर नहीं हैं, उन्हें खोलने की इजाजत दी जाएगी। दिल्ली सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश का पालन करते हुए यह फैसला किया है। हालांकि दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना हॉटस्पॉट वाले कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की व्यवसायिक की गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही दिल्ली में किसी भी बड़े बाजार में स्थित दुकानों को खोलने की इजाजत भी नहीं दी गई है। सरकार ने केवल रिहायशी इलाकों के आसपास स्थित एकल दुकानों को खोलने की अनुमति दी है।


समय से शुरू होगा संसद का मानसून-सत्र

समय से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र


उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को उम्मीद


नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति व राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने उम्मीद जताई है कि सरकार जिस तरह से कदम उठा रही है उससे लगता है कि संसद का मानसून सत्र समय से शुरू हो जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि सत्र के बारे में अंतिम फैसला समीक्षा के बाद लिया जाएगा। नायडू ने राज्यसभा के सभी सदस्यों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीजेआई एसए बोबडे, पूर्व राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों, मौजूदा और पूर्व सीजेआई, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों से बात की है। नायडू ने इसे मिशन कनेक्ट नाम दिया और सभी से कोरोना के हालातों का जायजा लिया। इस दौरान जब कुछ सदस्यों ने उनसे मानसून सत्र शुरू होने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा परिस्थिति को देखते हुए ही इसका फैसला किया जाएगा। नायडू ने ट्वीट किया, सरकार के कदमों के सकारात्मक नतीजों से उम्मीद लगाई जा सकती है कि मानसून सत्र समय से शुरू हो सकता है।


जहाजरानी मंत्रालय की नई वेबसाइट

नई दिल्ली। जहाजरानी मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट एसएचआईपीएमआईएन.जीओवी.इन का पुनर्निर्माण किया है। नई वेबसाइट ओपेन सोर्स टेक्नोलॉजी पर आधारित है और एनआईसी क्लाउड मेघराज पर तैनात है। इस वेबसाइट की रूपरेखा भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी भारत सरकार की वेबसाइटों के लिए दिशानिर्देश (जीआईजीडब्ल्यू) के अनुरूप तैयार की गई है। नई वेबसाइट की अच्छी डिजाइन तथा जीवंत होमपेज है। इस वेबसाइट में बेहतर वीडियो अपलोडिंग सुविधा के साथ सोशल मीडिया इंटीग्रेशन एक नया फीचर है।


गाइडलाइन के तहत मालवाहक आवाजाही

नईदिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से पुन: कहा है कि लॉकडाउन उपायों पर समेकित संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, ट्रकों और मालवाहकों की आवाजाही के लिए अलग-अलग पास की आवश्यकता नहीं है, जिनमें खाली ट्रक, इत्यादि भी शामिल हैं। पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि लॉकडाउन अवधि के दौरान देश भर में वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए यह निर्बाध या मुक्त आवाजाही आवश्यक है।


गृह मंत्रालय ने 15 अप्रैल 2020 को कोविड-19 से लडऩे के लिए लॉकडाउन उपायों पर समेकित संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए थे। समेकित दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया गया है कि समस्त माल ढुलाई के लिए ट्रकों/मालवाहक को देश के विभिन्न हिस्सों में निर्बाध रूप से चलने की अनुमति होगी। इन दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि जिला अधिकारियों एवं फील्ड एजेंसियों को उपर्युक्त निर्देशों के बारे में सचेत किया जाए, ताकि जमीनी स्तर पर कोई भी अस्पष्टता न हो, और बिना किसी बाधा के खाली ट्रकों सहित ट्रकों और मालवाहकों की आवाजाही देश के विभिन्न हिस्सों में हो सके।


एसडीएम के निरीक्षण से मचा हड़कंप

15 दिन में केवल 350 कुंतल गेहूं खरीद पर एसडीएम ने जाहिर की नाराजगी 
उप जिलाधिकारी ने सरकारी गेहूं क्रय केंद्र का किया निरीक्षण
बिंदकी फतेहपुर। उपजिलाधिकारी ने अचानक सरकारी गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया तो हड़कंप मच गया। उन्होंने 15 अप्रैल से अब तक खरीद की जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि अब तक केवल 350 कुंतल गेहूं खरीदा गया है। जिस पर उन्होंने केंद्र प्रभारी से नाराजगी जाहिर की और कहा कि हर हाल में खरीद को बढ़ाया जाए। इसके अलावा साफ सफाई व्यवस्था किसानों के लिए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था करने को कहा।
गुरुवार को उपजिलाधिकारी पहलाद सिंह अचानक नगर के कुंवरपुर रोड स्थित मंडी समिति परिसर में बने सरकारी गेहूं क्रय केंद्र जा पहुंचे उन्होंने केंद्र प्रभारी संजीव श्रीवास्तव से पूरी जानकारी ली रजिस्टर और अन्य कागजातों का निरीक्षण किया सरकारी गेहूं क्रय केंद्र 15 अप्रैल से 15 जून तक चलना है जिसमें जांच में पाया गया कि 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक केवल 350 कुंतल गेहूं किसानों का खरीदा गया है। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की केंद्र प्रभारी से कहा कि हरहाल में केंद्र में गेहूं की खरीद बढ़ाई जाए इसके अलावा निर्देश दिया कि केंद्र में किसानों के पीने के पानी तथा छाया की भी व्यवस्था की जाए ताकि किसान गेहूं बेचने आए तो उन्हें आसानी से पीने का पानी और बैठने के लिए छाया मिल सके। इस मौके पर मंडी सचिव उमेश अवस्थी भी मौजूद रहे।


जरूरतमंद मजदूरों को दी खाद सामग्री

सोनभद्र। जिले घोरावल ब्लॉक के पेड गाव में स्थित तेजस्वी सेवार्थ सेवा आश्रम अध्यक्ष श्री विजय शंकर शुक्ला जी के निर्देशानुसार इस  वैश्विक महामारी CIVID19 के चलते (लैक डाउन) ताला बन्दी से गरीब मजदूर जो प्रतिदिन कार्य करके अपने परिवार का भरण पोषण करते है। उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। अतः आश्रम प्रांगण में सोसल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए कल 100 व आज लगभग 200 खाद्यान किट व मास्क बटवाया गया। इस मौके पर श्री अरुण कुमार पांडेय (मंडल अध्यक्ष - घोरावल,भाजपा) उपस्थित रहे। और अपनी तरफ से मास्क उपलब्ध कराये। आश्रम परिवार के प्रबन्धक श्री प्रकाश पाण्डेय जी के द्वारा कोरोना सहायता टीम का गठन किया गया जिस टीम का नेतृत्व श्री कौशिक शुक्ला जी (कोषाध्यक्ष) के द्वारा किया गया। जिनके सहयोगी श्री बंशी त्रिपाठी जी (उपाध्यक्ष), श्री विष्णु दत्त द्विवेदी जी (ब्लॉक कॉर्डिनेटर) व श्री उमाशंकर दुबे जी (सदस्य) जी की अगुवाई में अलग अलग टीम बना कर पेढ ग्राम सभा व आस पास के ग्रामीणों में गरीब परिवारों को राहत सामग्री व सब्जी वितरण किया गया। प्रत्येक गरीब परिवार को उनके घर जाकर सोसल डिस्टनसिंग का पालन करते हुऐ किट उपलब्ध कराया गया। आश्रम परिवार का एक ही उद्देश्य है कि इस वैश्विक महामारी में कोई भी भूखा न रह जाये। आश्रम के अध्यक्ष श्री विजय शंकर शुक्ला जी ने बताया कि घोरावल क्षेत्र में किसी को कोई भी समस्या हो या कोई भी  आवश्यकता है तो आश्रम परिवार में सभी का स्वागत है आश्रम से हर संभव मदद की जायेगी। और जनपद व देश वासियों से अपील किया कि देश के सभी नागरिक लैक डाउन व डिस्टनसिंग का पालन करें हमारी प्रदेश व भारत सरकार हर संभव मदद कर रही है अनेको सामाजिक संस्थाये मदद के लिये समाज मे कार्य कर रही है इसलिये हम सभी को सरकार का सहयोग करना चाहिये।


प्रबन्धक श्री प्रकाश पाण्डेय जी ने बताया कि इस आश्रम का निर्माण समाज कल्याण हेतु किया गया है। और इस वैश्विक महामारी में गांव व समाज की हर सम्भव मदद करेगा आश्रम परिवार भारत के यसस्वी प्रधानमंत्री जी व मुख्यमंत्री आदित्य योगीनाथ जी द्वारा लिया गया हर निर्णय अत्यंत सराहनीय है और सभी से अपील किया कि लैक डाऊन का पूर्णतया पालन करे और घर से बाहर न निकले यदि किसी अति महत्वपूर्ण कार्य के लिये निकलना भी हो तो सोसल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए कम से कम 1 मीटर की दूरी अवश्य बनाये रखे व मास्क लगाना न भूले यदि मास्क नही है तो तौलिया, गमछा, रुमाल अन्य किसी भी साफ कपड़े से मुह जरूर बाँधे और प्रशासन व पत्रकार वन्धुवो की मदद करें। सरकार द्वारा दिए हुए आवश्यक निर्देशो का पालन अवश्य करें। क्षेत्र के सभी बेसहारा गरीब का आवाहन करते हुऐ कहाँ की आप किसी भी वर्ग से हो आपकी मदद करना आश्रम परिवार का कर्तव्य है अतः आप किसी भी माध्यम से आश्रम परिवार तक सूचना अवश्य दे कि आपकी क्या आवश्यकता है आश्रम परिवार हर  सम्भव मदद के लिये तैयार है। और समाज व क्षेत्र के सम्मानित सम्पन्न व्यक्तियों का आव्हान करते हुए कहा कि आप आगे आये और गरीब बेसहारा परिवार की मदद करे जो भी संभव है। यदि आप आश्रम के द्वारा किसी भी प्रकार का सहयोग करना चाहते है तो आपका स्वागत व अभिनंदन है। आप आश्रम पर किसी भी प्रकार को सहायता सामग्री दान कर सकते है जैसे अनाज, सब्जी, तेल, साबुन, मसाला या स्वेक्षा से आर्थिक सहयोग भी कर सकते है।


कोषाध्यक्ष श्री कौशिक शुक्ला जी ने कोरोना सहायता समूह का नेतृत्व करते हुऐ कहा कि घोरावल ब्लॉक के प्रत्येक गांव में आश्रम द्वारा गरीब परिवार का सहयोग करने के लिये सदैव ततपर है। यदि किसी को भी कोई समस्या होती है तो आश्रम तक सूचना पहुचाने का कार्य करें सूचना मिलते ही आश्रम सहयोग दल हर संभव मदद के साथ उपस्थित रहेगा।
श्री बंशी त्रिपाठी जी ने बताया कि प्रकृति बहुत नाराज है इसलिए सभी परेशानियों को एक साथ भेज दिया है प्राकृतिक आपदा जिससे व्यक्ति उभरा नही था कि कोरोना ने अपनी दस्तक देदिया ऐसी विषम परिस्थिति में लैक डाउन होना गरीब परिवार वालो के ऊपर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है ऐसे में जहाँ छोटे किसानों की जहाँ फसल बर्बाद हुई वही कोरोना के वजह से बन्दी होने से हर व्यक्ति इस टूट चुका है यदि ऐसा ही रहा तो देश को बहुत बड़ी मंदी के दौर से गुजरना पड़ सकता है।


श्री उमाशंकर दुबे जी ने हर वर्ग के गरीब लोगों को सहायता पहुचाने का प्रस्ताव रखते हुए बताया कि सामान्य वर्ग के गरीब परिवार जो स्वाभिमान व आत्मसम्मान हेतु किसी के सामने हाथ नही फैलाते उन्हें भी मदद की अत्यंत आवश्यकता है। जैसे जो मंदिर के पुजारी है या जिनका सम्पूर्ण जीवन ही पूजा पाठ पर ही निर्भर ही गरीब ब्राह्मण परिवार  उन्हें भी मदद की अत्यंत आवश्यकता है।


 उपाध्यक्ष श्री अमित त्रिपाठी जी ने कहा कि लैक डाउन जो कि सरकार का अत्यंत सराहनीय फैसला रहा है जिसका पालन करना हर व्यक्ति का कर्तव्य होना चाहिए  किंतु लैक डाउन की वजह से जो बाहर फस गये है उनको सरकार द्वारा अतिशिघ्र उनके घर पर पहचान चाहिये जैसा कि गृहमंत्रालय द्वारा निर्देश जारी किया गया है और जो भी बाहर में फसे लोग है उनको वापस लाने की प्रणाली ही उसको और सुगम बनाया जाये जिससे यह जानकारी हर गरीब मजदूर तक पहुच सके।


श्री विष्णु दत्त द्विवेदी जी (सह व्यस्थापक - आश्रम) ने कहा कि आश्रम पर आने वाले सभी व्यक्तियों का स्वागत व अभिनदंन है। यदि क्षेत्र व समाज मे कहि भी कोई व्यक्ति जिसका देख रेख करने वाला कोई नही हो उसकी सूचना आश्रम के आप दे आश्रम ऐसे व्यक्तियों की देख रेख आश्रम  परिवार द्वारा किया जाएगा।


आश्रम परिवार द्वारा क्षेत्र व समाज के सभी वर्ग के व्यक्तियों से विषेस अनुरोध करते हुऐ कहा कि कोरोना योद्धा अधिकारी, पुलिस, डॉक्टर्स, बिजली विभाग के कर्मचारी, दुकानदार, मेडिकल स्टोर, दूधवाले, सब्जी वाले, सफाई कर्मी जो इस बिपत्ति की घड़ी में आपकी मदद के लिए सदैव ततपर है उनको धन्यवाद अवश्य ज्ञापित करें यदि आपके घर के आस पास दिखे तो उनको भोजन व पानी अवश्य दे। कार्यक्रम में श्री मुकेश्वर पाण्डेय जी, श्री धीरेन्द्र त्रिपाठी जी, श्री राम अनुजधर दुबे जी, डॉ गुड्डू जी, श्री अभय शुक्ला जी, श्री राजेश तिवारी जी, श्री मनोज तिवारी जी, श्री विपिन मिश्रा जी, श्री अविनाश पाण्डेय जी, श्री राहुल मद्देशिया जी, श्री देवी प्रसाद जो, श्री आशीष भुजवाल जी उपस्थित रहे व श्री मूलचंद्र शुक्ला जी व श्री धर्मेंद्र सिंह जी द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ।


अफसर के खिलाफ लामबंद हुए जवान

पीआरडी अफ़सर के खिलाफ लामबंद हुए जवान MLA से मिलकर कार्यवाई की मांग
 


संतकबीरनगर। अपने ही अफ़सर के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगा बागी हुए जिले के सभी ब्लाकों के पीआरडी जवानो ने एक बार फिर सदर विधायक जय चौबे से अफ़सर के खिलाफ कार्यवाई की मांग किये है जिसपर सदर विधायक ने एक बार फिर सभी पीआरडी जवानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यूपी की योगी सरकार भ्रष्टाचार के मामले पर काफी सख़्त है, कार्यवाई होकर जरूर होगी।
आपको बता दें कि संतकबीरनगर जिले के प्रांतीय रक्षक दल के जवान अपने अफ़सर के भ्रष्टाचार से तंग है, काफी कम मानदेय और कभी कभार डियूटी पाने वाले पीआरडी जवान अपने अफ़सर और बाबुओं के द्वारा प्रताड़ित किये जा रहे है जिसको लेकर पूर्व में भी जवानों ने विधायक को ज्ञापन सौंपने के अलावा जिलाधिकारी संतकबीरनगर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र भेज कर पीआरडी अफ़सर विनय चतुर्वेदी और बाबुओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की मांग कर चुके है जिसपर अभी तक कोई ठोस कार्यवाई न होने से चिंतित पीआरडी जवान एक बार फिर सदर विधायक जय चौबे को ज्ञापन सौंप कर कार्यवाई की मांग किये है।
गौरतलब हो कि लगभग 20 वर्षों से जिले में तैनात पीआरडी अफ़सर विनय चतुर्वेदी के ऊपर व्यायामशाला निर्माण के मद में आये सरकारी धन के बंदरबांट सहित जवानों की डियूटी देने के बदले दो हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता गंगाराम गुप्ता की अगुआई में दो दर्जन से ज्यादे पीआरडी जवानों ने बीते दिनों डीएम और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र भेजकर कार्यवाई की मांग की थी, शिकायतकर्ता पीआरडी जवान गंगाराम गुप्ता ने पीआरडी अफ़सर पर और भी कई गम्भीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता पीआरडी जवान गंगाराम गुप्ता ने पीआरडी अफ़सर विनय चतुर्वेदी के ऊपर गम्भीर आरोप लगाते हुए इस बात की भी शिकायत डीएम और सीएम से की हुई है कि पीआरडी अफ़सर बिना ट्रेनिंग कराए ही जवानों की भर्ती करने के साथ तमाम घपले कर अकूत सम्पत्ति के मालिक बन बैठे हैं। शिकायतकर्ता ने पीआरडी अफ़सर को लेकर सीएम से इस बात की भी शिकायत किया था कि पीआरडी अफ़सर विनय चतुर्वेदी बसपा का एक नेता भी है जो अपने राजनैतिक पकड़ के चलते लगभग 20 वर्षों से अवैध तरीके से इसी जिले में तैनात है जिसके स्थानांतरण आदि को लेकर पहले भी कई शिकायत की गई लेकिन उसपर कोई ठोस कार्यवाही नही हुई है। इसी कड़ी में आज फिर पीआरडी जवानों ने सदर विधायक जय चौबे से शिकायत करते हुए अविलंब कार्यवाई की मांग की जिसपर विधायक ने उन्हें कार्यवाई कराये जाने का भरोसा दिलाया है।


प्रशांत भूषण की गिरफ्तारी पर लगी रोक

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने जाने माले वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ गुजरात में दर्ज प्राथमिकी के मद्देनजर पुलिस कार्रवाई पर शुक्रवार को रोक लगा दी और राज्य पुलिस से जवाब तलब किया। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की गई सुनवाई के दौरान भूषण की दलीलें सुनने के बाद गुजरात पुलिस को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया। न्यायालय ने राज्य पुलिस को दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया। इस बीच खंडपीठ ने भूषण के ख़िलाफ़ किसी प्रकार की पुलिस कार्रवाई और उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी।


गौरतलब है कि भूषण के एक ट्वीट को लेकर सेना के एक सेवानिवृत जवान जयदेव जोशी की शिकायत पर उनके खिलाफ गुजरात के भक्तिनगर पुलिस स्टेशन में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी में उन धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सरकारी आदेशों पर बेवजह टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। भूषण ने ट्वीट कर कहा था कि जब जबरन लॉकडाउन के कारण देश को करोड़ों का नुकसान हुआ, तो सरकार दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत धारावाहिकों का प्रसारण शुरू कर लोगों को अफीम खिला रही है।


भाई को कुएं में फेंका, बहन से गैंगरेप

बैतूल। अपने मौसेरे भाई के साथ बाइक में पेट्रोल भराने गई 19 साल की एक लड़की वापसी में सात दरिंदों के हाथ लग गई। उन्होंने उसके भाई को मारपीट कर पानी से भरे कुएं में डाल दिया और लड़की के साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने सातों आरोपियों को पकड़ लिया है। इनमें से तीन नाबालिग हैं।
लड़की के घर से पेट्रोल पंप भी ज्यादा दूर नहीं बस दो किमी दूर है जहां अपने भाई के साथ लड़की शाम के समय बाइक में पेट्रोल भरवाने गई थी। लौटते वक्त उनके मोटर साइकिलकी हेड लाइट खराब हो गई और दोनों उसे ठीक करने की कोशिश करने लगे। बस इतने में दो बाइकों में पीछे से आए सात दरिंदों ने आकर उन्हें घेर लिया। इनमें से तीन ने पहले लड़की के भाई के साथ गाली गलौच किया और फिर उसे मारपीट कर पानी के कुएं में फेंक दिया। उसके बाद युवती के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। यह मामला मध्य प्रदेश के बैतूल जिले का है।
बैतूल जिले के पाढर इलाके में बुधवार रात को एक 19 साल की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। ये पूरी घटना पाढर के करीब एक स्टॉप डैम के पास की बताई जा रही है।
इस घटना के चश्मदीद गवाह पीड़िता के भाई का कहना है कि हम दोनों बुधवार की रात सवा आठ बजे पेट्रोल लेने गए थे। वापस आने पर हमारी मोटरसाइकिल की हेडलाइट खराब हो गई थी, जिसे हम रुक कर ठीक कर रहे थे।
पीड़िता के भाई ने आगे बताया कि तभी हमारे पीछे दो मोटरसाइकिल पर सवार 7 लोग आए। तीन लोगों ने पहले मेरे साथ गाली-गलौज की और मुझे पकड़ कर कुएं में फेंक दिया और मेरी बहन को ले गए। मैं किसी तरह कुएं से बाहर निकला और परिवार में फोन किया तो मेरे भाई और एक बहन मौके पर पहुंच गए। हम लोगों ने अपनी बहन और लड़कों की तलाश शुरू कर दी। इसमें से एक आरोपी लोकेश सोनिया पकड़ में आ गया। उससे आधार कार्ड लिया। उसको हमने पकड़ कर रखा था लेकिन जैसे ही पुलिस को फोन किया वैसे ही आरोपी झटक कर भाग गया।
इस मामले में आरोपी संदीप और शुभम बेले सहित तीन नाबालिग आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को ही पकड़ लिया। दो आरोपियों में मुख्य आरोपी लोकेश सहित एक अन्य की तलाश शुरू हुई जिन्हें शुक्रवार को पकड़ लिया गया। सभी आरोपी मजदूरी करते हैं।


करोड़ों श्रमिकों को समर्पित 'श्रमिक दिवस'

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी(बसपा) अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को मजदूर दिवस पर केन्द्र और राज्य सरकारों से करोड़ों गरीब मजदूरों के हितों के लिये सार्थक कदम उठाएं जाने की अपील की है। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी तथा लॉकडाउन के चलते रोजी रोटी को गहरा संकट छाया है और देश की बड़ी निजी क्षेत्र की कम्पनियां इस संकट की घड़ी में केवल अपना मुनाफा कमाने के लिये कर्मचारियों की सैलरी में मनमानी कटौती कर रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकारों को इन मामलों को संज्ञान में लेना चाहिये। मायावती ने शुक्रवार को ट्वीटकर कहा “अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस जिसे मई दिवस के रूप में मजदूर व मेहनतकश वर्ग हर वर्ष धूम से मनाते हैं परन्तु वर्तमान कोरोना महामारी व लॉकडाउन के कारण उनकी रोजी रोगी पर अभूतपूर्व गहरा संकट छाया हुआ है।


सरकार के रूप में भूमिका बहुत जरूरी है।” उन्होंने कहा “ इसलिये केन्द्र व राज्य सरकारों से अपील है कि वे करोड़ों गरीब मजदूरों व मेहनतकश परिवार वालों के जीवनदायी हितों की रक्षा में सार्थक कदम उठाएं व उन बड़ी प्राइवेट कम्पानियों का भी संज्ञान लें जो केवल अपना मुनाफा बरकरार रखने के लिये कर्मचारियों की सैलरी में मनमानी कटौती कर रही है।


'श्रमिक दिवस' पर दी शुभकामनाएं

लखनऊ। मजदूर दिवस यानी मई दिवस पर श्रमिकों व कामगारों को हर तरफ से बधाई व शुभकामनाएं मिल रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमों मायावती ने मई दिवस पर प्रदेश के कामगारों और श्रमिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।


राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संदेश में ने कहा, “श्रमिक वास्तव में कर्मयोगी हैं, जिनके सहयोग से ही निर्माण एवं रचना संभव हो सकती है। आजीविका की समस्या से जूझ रहे श्रमिक बंधुओं को सरकार रोजगार एवं भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्घ है। रोजगारदाता भी उन्हें वेतन का भुगतान कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करें।”


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मई दिवस पर सभी कामगारों और श्रमिकों को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश के अन्दर 80 करोड़ नगरिकों को 1 लाख 70 हजार के पैकेज से गरीबों कामगारों युवाओं को इससे अच्छादित है। बहुत सारी योजनाएं ऐसी चल रही है।


हमारी सरकार की तरफ से रोजाना कमाने वाले लोगों के लिए भरण पोषण भत्ता अभी तक 30 लाख लोगों को दिया जा चुका है। आज फिर से 30 लाख श्रामिकों को भरण पोषण भत्ता देने जा रहे हैं। इसके अलावा आज 18 करोड़ लोगों को खद्यान उपलब्ध कराने जा रहे हैं। यूपी का श्रमिक को किसी भी कोंने पर राशन मिलेगा।”


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मई दिवस पर ट्वीट कर कहा, “इस साल कोरोनाकाल में एक अलग तरह का ‘श्रमिक दिवस’ है। देश के कई राज्यों में मजदूर घरों से दूर बिना काम और पैसे के परेशान हैं, इस वजह से इस साल, इस दिन किसी शुभकामना या बधाई देने का अवसर तो नहीं है परंतु श्रमिक अपनों के पास घर सुरक्षित पहुंच पाएं, ये कामना तो हम कर ही सकते हैं।”


मायावती ने ट्वीट के माध्यम से लिखा कि “अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस जिसे मई दिवस के रूप में मजदूर व मेहनतकश वर्ग हर वर्ष धूम से मनाते हैं परन्तु वर्तमान कोरोना महामारी व लॉकडाउन के कारण उनकी रोजी-रोटी पर अभूतपूर्व गहरा संकट छाया हुआ है। ऐसे में केन्द्र व राज्यों की कल्याणकारी सरकार के रूप में भूमिका बहुत ही जरूरी है।”


दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि “इसलिए केन्द्र व राज्य सरकारों से अपील है कि वे करोड़ों गरीब मजदूरों व मेहनतकश परिवार वालों के जीवनदायी हितों की रक्षा में सार्थक कदम उठाएं व उन बड़ी प्राइवेट कम्पनियों का भी संज्ञान लें जो केवल अपना मुनाफा बरकरार रखने के लिए कर्मचारियों की सैलरी में मनमानी कटौती कर रही हैं।”


डीजी लॉ एंड ऑर्डर के आदेश जारी

देहरादून। एक तरफ देश और दुनिया में  जहां कोरोना संक्रमण ने आतंक मचा रखा है। वही बात करें उत्तराखंड की तो देवभूमि उत्तराखंड में भी कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस के डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने आदेश जारी किए हैं कि प्रदेश में 55 साल से अधिक उम्र के पुलिसकर्मियों को फ्रन्टलाइन ड्यूटी नहीं दी जाए।


सूत्रों के मुताबिक उन्होंने इससे पहले भी सभी जिला प्रभारियों को एडवाइजरी जारी कर कहा था कि लॉकडाउन के दौरान 55 वर्ष से अधिक उम्र के कार्मिकों को केवल ऐसे स्थानों पर ड्यूटी दी जाए। जहां पर वे कम से कम आम जनमानस के सम्पर्क में आएं।


 


देश के 319 जिले ग्रीन जोन में शामिल

नई दिल्ली। देश के 319 जिले ग्रीन जोन में शामिल134 रेड और 284 ऑरेंज जोन घोषित कोरोना संकट के कारण लगाए गए लॉकडाउन का दूसरा चरण खत्म होने वाला है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ग्रीन जोन का नियम बदल दिया गया है। अब जिन जिलों में पिछले 21 दिनों से कोई नया केस नहीं आएगा, उन्हें ग्रीन जोन में शामिल किया जाएगा। पहले 28 दिनों में नया केस नहीं आने पर ग्रीन जोन का दर्जा मिलता था।


स्वास्थ्य मंत्रालय के नए वर्गीकरण के अनुसार, एक जिले को ग्रीन जोन के रूप में माना जाएगा, अगर पिछले 21 दिनों में (पहले के 28 दिनों के बजाय) कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। मंत्रालय ने देश के 319 जिलों को ग्रीन जोन घोषित किया है। वहीं, 134 जिले रेड जोन और 284 जिले ऑरेंज जोन घोषित किए गए हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद सहित सभी मेट्रो शहर को रेड जोन घोषित किया गया है. इसके अलावा महाराष्ट्र में 14 जिले, दिल्ली के सभी 11 जिले, तमिलनाडु के 12 जिले, यूपी में 19 जिले, पश्चिम बंगाल में 10 जिले, गुजरात-एमपी में 9 जिले और राजस्थान में 8 जिलों को रेड जोन घोषित किया गया है।


रूसी प्रधानमंत्री संक्रमण की चपेट में

रूस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से संक्रमित रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मोदी ने रूसी तथा अंग्रेजी भाषा में ट्वीट किया, कि मैं रूस के प्रधानमंत्री मिशुस्टिन के जल्द स्वस्थ होने तथा उनकी अच्छी सेहत की कामना करता हूं। पीएम ने कहा कि हम कोविड-19 वैश्विक महामारी को हराने के प्रयासों में करीबी मित्र रूस के साथ हैं। मिशुस्टिन ने वीरवार को खुद बताया कि वह कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं और पृथक-वास में रहेंगे। प्रथम उप प्रधानमंत्री आंद्रेई बेलौसोव अस्थायी रूप से मिशुस्तीन का कार्यभार संभालेंगे, हालांकि प्रधानमंत्री ने कहा कि वह प्रमुख मुद्दों को लेकर संपर्क में रहेंगे। जनवरी में 54 वर्षीय मिशुस्तीन को प्रधानमंत्री नामित किया गया था।


निर्णयः सरकार नहीं खरीदेगी जीप-कार

राणा ओबरॉय


चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान सार्वजनिक परिवहन के लिए बसों तथा एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन सहित आपातकालीन सेवाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों को छोडक़र, कार और जीप सहित नए वाहनों की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।


मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि यदि नई कार या जीप की अत्यधिक आवश्यकता है तो ऐसे वाहनों की खरीद करने के बजाये उन्हें आउटसोर्सिंग या किराए पर लिया जाएगा।


6 सदस्यों की हत्या कर पहुंचा थाने

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक ही परिवार के 6 लोगों की हत्या के बाद पूरें इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के बेटे को भी पकड़ लिया है। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना बंथरा थाना क्षेत्र के गुदौली गांव की है। जहां सनकी बाप-बेटे ने अपने परिवार के ही 6 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतकों में दो बुजुर्ग (आरोपी पिता के माता-पिता), आरोपी बेटे का छोटा भाई और उसकी पत्नी और उनके दोनों बच्चे शामिल हैं। घटना की जानकारी पुलिस को भी उस वक्त लगी जब एक आरोपी खुद थाने पहुंचा और अपने जुर्म को खुद ही कबूल कर लिया। 


आरोपी की बातों से पुलिस भी हैरान व आवाक रह गई। पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंची खुद लखनऊ कमिश्नर सुजीत पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंच कर मौका मुआयना किया। कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि आरोपी अजय मानसिक रूप से विक्षिप्त लग रहा है। उसने अपने परिवार के 6 लोगों की हत्या की और सीधें थाने चले आया। उन्होंने बताया कि परिवार में माता, पिता, छोटे भाई उसकी पत्नी और उनके दोनों बच्चों की हत्या की गई है। पुलिस के मुताबिक जांच में गृह कलह का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पूछताछ के वक्त सभी को गालियां दे रहे थे। 50 वर्षीय अजय सिंह ने अपने बेटे अवनीश सिंह के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।


दोनों आरोपियों ने बूढ़े बाप को गाली देते हुए पुलिस को बताया कि वह छोटी बहू पर बुरी नजर रखता था और जमीन बेचकर सारा हिस्सा उन्हें ही दे दिया हमें कुछ भी नहीं दिया। दोनों ने कहा ''मेरे ऊपर उस समय भूत सवार हो गया था''. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी मृतक पिता, भाई और उसकी पत्नी को लगातार गाली दे रहे थे। आरोपियों ने बताया कि छोटे भाई को हंसिया से मारा और फिर तमंचे से गोली मार दी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। हत्या में इस्तेमाल हुए हथियार पुलिस ने बरामद कर लिया हैं। फोरेंसिक टीम व सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। पूछताछ जारी है, मानसिक रूप से स्थिर होने पर और भी पूछताछ की जाएगी।


हरियाणा में बढ़ाया बसों का किराया

राणा ओबरॉय


चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सामान्य, लग्जरी और सुपर लग्जरी बसों के किराये को 85 पैसा प्रति यात्री प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर एक रुपया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर करने का निर्णय लिया है ताकि बसों की संचालन लागत, जो जून, 2016 में 37.48 रुपये प्रति किलोमीटर से बढक़र दिसंबर, 2019 में 52.23 रुपये प्रति किलोमीटर हो गई है को आंशिक रूप से पूरा किया जा सके। यह वृद्धि वर्ष 2010-11 में की गई 25 प्रतिशत वृद्धि और वर्ष 2012-13 में की गई 20 प्रतिशत वृद्धि से काफी कम है।इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। संशोधन के अनुसार, साधारण बसों के किराये को 85 पैसे प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 100 पैसे प्रति किलोमीटर और 100 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए 105 पैसे प्रति किलोमीटर किया गया है।


इस वृद्धि के बावजूद हरियाणा में बस किराया पड़ोसी राज्यों पंजाब, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश की तुलना में कम रहेगा, जहां साधारण बसों का किराया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर क्रमश: 116 पैसे, 116 पैसे (समतल)/180 पैसे (पहाड़ी), 112 पैसे (समतल)/175 पैसे (पहाड़ी), 106 पैसे और 105 पैसे है।राज्य में इससे पहले 30 जून, 2016 को बस किराया संशोधित किया गया था और साधारण बस का किराया 75 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 85 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किया गया था। इससे पूर्व, बस किराया 4 अक्तूबर, 2010 को 50 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 62.50 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर और 13 दिसंबर, 2012 को दोबारा 60 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 75 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किया गया था।


हरियाणा में बस किराये में किए गए अंतिम संशोधन के बाद से, विशेष रूप से कर्मचारियों, डीजल, स्पेयर पाट्र्स, टायर-ट्यूब, लुब्रीकेंट, बस चेसिस, बस निर्माण लागत और बीमा इत्यादि पर खर्चे में वृद्धि के कारण परिचालन खर्च बढ़ गया था। प्रति किलोमीटर खर्च जून, 2016 में 37.48 रुपये से बढकऱ दिसंबर, 2019 में 52.23 रुपये हो गया। राज्य में बस संचालन लागत में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़े हुए खर्च के परिणामस्वरूप, हरियाणा रोडवेज भारी नुकसान के साथ कार्य कर रहा है और रोडवेज को चालू वित्त वर्ष में जनवरी, 2020 तक 726.21 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। राज्य में कल्याण गतिविधियों के दायरे का भी विस्तार किया गया है और 41 श्रेणियों को नि:शुल्क और रियायती दर पर यात्रा सुविधा दी जा रही है। अधिसूचित श्रेणियों को नि:शुल्क / रियायती यात्रा सुविधा प्रदान करने पर लगभग 375 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।


अन्य प्रकार की बस सेवाओं, जिनमें हीटिंग, वेंटिलेटिंग और एयर कंडीशनिंग बसें (हरियाणा रोडवेज के बेड़े में जोड़े जाने वाले वाहन की नई प्रकार की सेवा) शामिल हैं, के किराए को 150 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर तक बढ़ाया गया है। इंट्रा-स्टेट लग्जरी वातानुकूलित बसों (दिल्ली और चंडीगढ़ को जोडऩे वाला इंट्रा-स्टेट लॉन्ग रूट पर पुरानी वोल्वो / मर्सिडीज बसें चलाने का प्रस्ताव है) वोल्वो / मर्सिडीज के लिए 175 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर और सुपर लग्जरी एयर कंडीशंड बसों, वोल्वो / मर्सिडीज (चंडीगढ़-दिल्ली-गुरुग्राम रूट पर परिचालन) का किराया बढ़ाकर 250 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किया गया है। न्यूनतम प्रभार्य साधारण बस किराया (यात्री कर सहित) पांच रुपये होगा। व्यक्तिगत सामान के लिए किराया प्रति 40 किलोग्राम प्रति किलोमीटर के लिए साधारण बस के किराए का आधा होगा। इसी प्रकार, 40 किलोग्राम वजन से नीचे के व्यक्तिगत सामान के लिए कोई किराया नहीं लिया जाएगा। हरियाणा में बढ़ाया बसों का किराया


हरियाणा रोडवेज देश के श्रेष्ठ राज्य सडक़ परिवहन उपक्रमों में से एक है। वर्तमान में, इसके बेड़े में किलोमीटर स्कीम की 485 बसों सहित कुल 4294 बसें हैं, जो 24 डिपो और 13 उप डिपो से संचालित हैं। हरियाणा रोडवेज की बसें रोजाना लगभग 10.38 लाख किलोमीटर की दूरी तय करती हैं और 9.65 लाख लोगों को यात्रा सुविधा प्रदान करती है।


महाराष्ट्र में विधान परिषद को हरी झंडी

मुबंई। भारतीय चुनाव आयोग ने शुक्रवार को फैसला किया कि महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव 27 मई से पहले होंगे। देश में घातक कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में विधान परिषद के लिए चुनाव कराने की अनुमति दे दी है। बता दें कि महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से विधान परिषद की 9 खाली सीटों पर चुनाव कराने की गुजारिश की थी। विधान परिषद की नौ सीटें 24 अप्रैल से रिक्त हैं। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में एमएलसी चुनाव कराने की इजाजत दे दी है। चुनाव आयोग ने फैसला लिया है कि महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव 27 मई से पहले होंगे।


बता दें कि ठाकरे ने पिछले साल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। खास बात है कि वो मौजूदा समय में किसी भी विधानसमंडल के सदस्य भी नहीं है। ऐसे में संविधान के तहत ठाकरे को सीएम बनने के छह महीने के भीतर अर्थात 27 मई 2020 तक किसी भी सदन का सदस्य होना जरूरी हो जाता है। वह बिना चुनाव लड़े ही राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन संविधान के अनुच्छेद 164 (4) के मुताबिक, यदि सदन से बाहर का कोई व्यक्ति मंत्री या मुख्यमंत्री बनता है तो शपथ ग्रहण से छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद (जिन राज्यों में है) का सदस्य बनना अनिवार्य है।


मजदूर दिवसः होता है मजदूरों का सम्मान

नई दिल्ली। हर साल 1 मई को मजदूर दिवस या मई दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में इस दिन कामगारों/कर्मचारियों के सम्मान में सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में सार्वजनिक अवकाश घोषित है। मई दिवस को देश में महिला व पुरुष कामगारों की मेहनत की अहमियत करके उन्हें सम्मानित भी किया जाता है। बहुआयामी देश भारत में इसे अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाया जाता है। एक मई 1886 को अमेरिका में हजारों मजदूर एकत्र होकर 15 घंटे काम कराने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद किए थे। यह अमेरिका में औद्योगिककरण का भी दौर था जहां मजदूरों का अमीर शोषण किया करते थे। 1 मई की इस मजदूर क्रांति के बाद से हर साल 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।


उधार की सीमा में राहत की मांग की

रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एलान के बाद 22 मार्च से देशभर में लॉक डाउन है। लॉक डाउन से जहां कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिली है तो वहीं वित्तीय समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉक डाउन से राज्य को हो रही वित्तीय कठिनाईयों से अवगत कराने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 22 मार्च से लागू तालाबंदी के कारण राज्य के सामने आ रही वित्तीय कठिनाईयों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया है। प्रदेश में जरूरतमंद लोगों को राहत देने सहित राज्य के कामकाज के संचालन और विकास गतिविधियों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन जुटाने के उद्देश्य से राज्य को इस वर्ष उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत तक शिथिल करने और राज्य का वित्तीय घाटा भी इस वर्ष अपवाद के रूप में जीएसडीपी का 5 प्रतिशत के बराबर रखने की सहमति प्रदान करने का अनुरोध किया।      
 राहत, बघेल, सीमा, भूपेश, प्रधानमंत्री, पत्र, उधार, छत्तीसगढ़। टीएस सिंहदेव पहुंचे मेडिकल कॉलेज, कोविड उपचार केन्द्र का लिया जायजा घायल को देखकर रूके पीसीसी चीफ मरकाम, अपनी गाड़ी से भिजवाया अस्पताल, डाक्टरों से कहा अच्छे से इलाज करें
छत्तीसगढ़ से रायपुर रेड और कोरबा ऑरेंज जोन में, 25 जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया।
सोशल डिस्टेंस का पाठ पढ़ाने और लॉक डाउन का पालन कराने वाले अधिकारी के कार्यालय में ही उड़ रही नियमों की धज्जियां। डिप्टी कलेक्टर प्रीति दुर्गम बेवजह बाहर निकलने वाले लोगों को दे रही समझा। मोहन मरकाम ने मजदूरों को दी बधाई, कहा- सरकार आपके साथ लोकप्रिय प्रसाशन ने किया मॉकड्रिल, कोरोना वायरस पॉजिटिव मिलने की उड़ी अफवाह, लोग सकते में आए।तेलंगाना से मज़दूर पैदल चलकर रायपुर पहुंच गए,भला हो डॉ काम्बले का जिन्होंने उन्हें रोका और पुलिस को खबर की
दवा मिलते ही अमेरिका ने मारी पलटी...व्हाइट हाउस ने पीएम मोदी सहित 6 इंडियन ट्विटर अकाउंट्स को किया अनफॉलो राज्य सरकार का बड़ा निर्णय : 30 जून तक वर्तमान बाजार मूल्य गाइडलाइन दर ही रहेगी प्रभावशील सूरजपुर में कोरोना संक्रमित मरीज होने के कारण कोरिया जिला किया गया सील दो और मरीज हुए कोरोनामुक्त, सीएम ने किया ट्वीट व्हाइट हाउस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्विटर पर क्यों किया अनफॉलो, जानें अमेरिका प्रशासन ने क्या बताई वजह।


रामायण ने विश्व के सारे रिकॉर्ड तोड़े

नई दिल्ली। दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले प्रोग्राम 'रामायण' ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोरोना वायरस की वजह से देश में लागू लॉक डाउन के बीच सरकार ने रामानंद सागर की रामायण का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण किया। अब इस शो ने विश्व रिकॉर्ड बना लिया है। रामायण के 16 अप्रैल के एपिसोड को दुनियाभर में 7.7 लोगों ने देखा। इस तरह वर्ल्ड रिकार्ड कायम करते हुए रामायण दुनिया में एक दिन में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मनोरंजन प्रोग्राम बन गया है। प्रसार भारती ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। राष्ट्रीय चैनल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट के अनुसार 'रामायण के दोबारा प्रसारण ने दुनिया भर में दर्शकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और यह 16 अप्रैल को 7.7 करोड़ दर्शकों की संख्या के साथ दुनिया भर में सबसे अधिक देखा जाने वाला मनोरंजन धारावाहिक बन गया है।


लंबे समय से लोगों की मांग थी कि रामायण को दोबारा प्रसारित किया जाए। जिसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने लॉक डाउन अवधि में रामायण को दोबारा प्रसारित करने का फैसला लिया। लोग रामायण और महाभारत जैसे पौराणिक धारावाहिकों को काफी पसंद कर रहे हैं। रोजाना सोशल मीडिया पर इसके एपिसोड और दृश्यों की चर्चा होती है। रामायण के दोबारा प्रसारण से धारावाहिक के मुख्य किरदार अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया, सुनील लहरी और अरविंद त्रिवेदी एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। वे लोगों से मिलने वाले प्यार और प्रतिक्रिया से काफी उत्साहित हैं। जिस दिन रामायण के पहले एपिसोड का प्रसारण हुआ था उस दिन इसे 17 मिलियन (एक करोड़, 70 लाख) लोगों ने देखा था।


तेलंगना-झारखंड के बीच चली स्पेशल ट्रेन

हैदराबाद। एक बड़ी खबर यह लॉकडाउन में फंसे मजदूरों के लिए रेलवे ने पहली स्पेशल ट्रेन खोल दी है। लॉकडाउन में फंसे 1200 मजदूरों को लेकर तेलंगाना से झारखंड के लिए पहली स्पेशल ट्रेन आज रवाना हुई। ट्रेन में बैठे मजदूरों के चेहरे पर खुशियां नजर आई। रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक अरुण कुमार के अनुसार तेलंगाना से खुली इस स्पेशल ट्रेन के 24 डिब्बों में लगभग 1200 प्रवासी हैं। अधिक ट्रेनें चलाई जाएंगी या नहीं, इस पर निर्णय आज लिया जाएगा। ट्रेन आज सुबह 4:50 बजे तेलंगाना के लिंगरपल्ली से खुली है, जो झारखंड के हटिया जा रही है। दरअसल, लॉकडाउन में फंसे मजदूरों और छात्रों की घर वापसी के लिए राज्यों द्वारा केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।


उल्लेखनीय है कि राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों ने केंद्र से विशेष ट्रेन चलाने की मांग की है। ज्ञात हो कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपने प्रवासियों को वापस लाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की गुहाल लगाई थी। सुशील मोदी ने गुरुवार को ट्वीट किया था मैं विशेष ट्रेन से प्रवासियों की घर वापसी के लिए भारत सरकार से अपील करता हूं।


इसके अलावा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रवासियों की घर वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। वहीं, बुधवार को भारत सरकार ने राज्यों/केन्द्र शासित राज्यों के क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए अंतरराज्यीय यात्रा की सुविधा के लिए आदेश जारी किया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइन्स के बाद देश भर के अलग-अलग हिस्सों में फंसे मजदूर, विद्यार्थी, पर्यटकों और मरीज आदि के लिए अपने-अपने घर जाने का रास्ता साफ हो गया, मगर ये खुद से नहीं जा सकेंगे, बल्कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लोगों को लाने ले जाने की अनुमति दी है।


डीएम ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दियें

कौशाम्बी। जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालयों तथा परिसर का निरीक्षण कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्दे...