सोमवार, 25 दिसंबर 2023

उम्र सीमा में छूट देने की मांग, सीएम को लिखा पत्र

उम्र सीमा में छूट देने की मांग, सीएम को लिखा पत्र 

गोपीचंद 
बागपत। रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने यूपी पुलिस की भर्ती में युवाओं को उम्र सीमा में छूट देने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।
जयंत सिंह ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि प्रदेश में आखिरी बार वर्ष 2018 में पुलिस में भर्ती हुई थी। उसके बाद से पांच साल में कोई भर्ती नहीं हो सकी। अब यूपी पुलिस में भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए है और उसमें सामान्य वर्ग की आयु सीमा 18-22 वर्ष रखी गई है।इस तरह काफी युवाओं की उम्र भर्ती नहीं होने के कारण ज्यादा हो गई है।
ऐसे में युवाओं ने उम्र की सीमा बढ़ाने की मांग रखी है। जिसको देखते हुए युवाओं की उम्र की सीमा को बढ़ाया जाया। जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा इस भर्ती का लाभ उठा सके।

ब्राह्मण समाज पंचायत में बयानों का मुद्दा उठा

ब्राह्मण समाज पंचायत में बयानों का मुद्दा उठा 

संदीप मिश्र 
लखनऊ। समाजवादी पार्टी की महा ब्राह्मण समाज पंचायत में अखिलेश यादव के सामने स्‍वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयानों का मुद्दा उठा। ब्राह्मण नेताओं ने किसी का नाम लिए बगैर अखिलेश से इसकी शिकायत की, साथ ही समझाया कि इससे समाज का एक वर्ग पार्टी से दूर जा रहा है।
सपा प्रबुद्ध सभा की राज्‍य कार्यकारिणी की बैठक में भी कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बिना नाम लिए स्‍वामी प्रसाद मौर्य के बयानों पर आपत्ति जताई थी। उन्‍होंने इस पर रोक लगाने की मांग की थी। महा ब्राह्मण समाज पंचायत में अखिलेश यादव की भी चिंता और विवादित बयानों को लेकर नाराजगी नज़र आई। उन्‍होंने माना कि किसी धर्म या जाति विशेष पर किसी भी द्वारा टिप्पणी किया जाना कतई उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस पर हर हाल में अंकुश लगाया जाएगा।

रविवार को लखनऊ में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कन्नौज के प्रबुद्ध समाज और महा ब्राह्मण समाज पंचायत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि इस प्रवृत्ति पर हर हाल में अंकुश लगाया जाएगा।
अखिलेश के सख्‍त हुए रुख को मिशन-2024 के लिए हर वर्ग को साथ लाने की उनकी कोशिशों की एक कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अब जब लोकसभा चुनाव में चंद महीने ही बचे रह गए हैं तब समाजवादी पार्टी अपने समीकरणों को दुरुस्‍त करने में जुट गई है। अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्‍पसंख्‍यक) का नारा दिया हुआ है।
इस वर्ग के लोगों को पार्टी से जोड़ने की कवायद चल रही है। इसके साथ ही सवर्णों को भी पार्टी से जोड़ने की कोशिश है। इसी कड़ी में अब ब्राह्मण सम्‍मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। रविवार को लखनऊ में पार्टी मुख्‍यालय पर आयोजित महा ब्राह्रमण पंचायत के सम्‍मेलन में पार्टी मुखिया अखिलेश यादव भी शामिल हुए।
बताया जा रहा है कि सम्‍मेलन में अखिलेश यादव के सामने कुछ नेताओं ने स्‍वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयानों का मुद्दा जोरशोर से उठाया। स्‍वामी प्रसाद मौर्य लगातार विवादित बयान देते रहते हैं। वह रामचरित मानस पर भी ऐसी टिप्‍पणियां कर चुके हैं जिससे साधु-संन्‍यासियों और धार्मिक आस्‍था रखने वाला का एक बड़ा वर्ग उनके खिलाफ हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार सपा के ब्राह्मण सम्‍मेलन में भी जोरशोर से स्‍वामी प्रसाद मौर्य का मुद्दा उठा। ब्राह्मण समाज के कई नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने नाम लिए बगैर विवादित बयानों पर आपत्ति जताई और इन पर रोक लगाने की मांग की। इस पर अखिलेश यादव ने पदधिकारियों-कार्यकर्ताओं को आश्‍वासन दिया कि वह इस पर रोक लगाएंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि धर्म और जाति को लेकर कोई टिप्‍प्‍णी नहीं की जानी चाहिए। उन्‍होंने नेताओं को इससे बचने की हिदायत दी।

भव्य बाल मेले का आयोजन, उद्घाटन किया

भव्य बाल मेले का आयोजन, उद्घाटन किया 

कौशाम्बी। पूरामुफ्ती, कोइलहा कौशांबी स्थित मधु वाचस्पति स्कूल एंड कॉलेज में सोमवार को क्रिसमस डे के अवसर पर भव्य बाल मेले का आयोजन हुआ। इस मेले का उद्घाटन संस्थापक वाचस्पति विधायक बारा विधानसभा प्रयागराज एवं श्रीमती मधुपति पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा फीता काटकर किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना तथा सांस्कृतिक नृत्य और बाल नाट्य कथाओं के साथ हुआ। 
इस मेले के दौरान जादूगर आदित्य रैना ने अपनी विभिन्न जादुई कलाओं से लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। इस भव्य मेले में अलग-अलग कक्षाओं के छात्र एवं छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया जिसमें 12वीं कक्षा के छात्रों ने फ्रूट कस्टर्ड, पिज़्ज़ा, छाछ, दमालू, टिक्की एवं 11वीं के बच्चों ने चाउमीन, नवी कक्षा के बच्चों ने बाटी चोखा, आठवीं कक्षा के बच्चों ने चुरमुरा, सातवीं के बच्चों ने रसगुल्ला, छठवीं के बच्चों ने गोलगप्पे, तथा पीजी से पांचवी कक्षा की सभी शिक्षिकाओं तथा बच्चों ने विभिन्न प्रकार के व्यंजन एवं रचनात्मक खेलों का आयोजन किया। मेले में बच्चों के अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मेले के दौरान बच्चों तथा अभिभावकों ने घुड़सवारी का भी भरपूर आनंद लिया। इस कार्यक्रम में दसवीं कक्षा की छात्रा छवि पटेल ने अपनी उत्कृष्ट मंच संचालन प्रतिभा से लोगों को बांधे रखा। कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान विद्यालय के संस्थापक वाचस्पति ने बाल मेले में आए हुए सभी अभिभावकों का मंच के माध्यम से स्वागत किया। बच्चों द्वारा आयोजित किए गए इस मेले की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों द्वारा बच्चों में अनुशासन, मित्रता एवं नेतृत्व की भावना का विकास होता है। अंततः कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अनुभा शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से बच्चों तथा शिक्षकों के बीच सामंजस्य स्थापित होता है। साथ ही साथ प्रधानाचार्या ने आने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
राकेश कुमार केशरवानी

'बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई वायु गुणवत्ता

'बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई वायु गुणवत्ता 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में क्रिसमस के दिन सोमवार को सुबह धुंध की मोटी चादर छाई रही, हालांकि वायु गुणवत्ता ‘‘गंभीर’’ से सुधरकर ‘‘बेहद खराब’’ श्रेणी में दर्ज की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 100 प्रतिशत थी।
सोमवार को सुबह दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में मामूली सुधार देखा गया। सुबह नौ बजकर पांच मिनट पर एक्यूआई 393 था। रविवार को पिछले 24 घंटे का एक्यूआई 411 था। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘‘अच्छा’’, 51 से 100 के बीच ‘‘संतोषजनक’’, 101 और 200 के बीच ‘‘मध्यम’’, 201 और 300 के बीच ‘‘खराब’’, 301 और 400 के बीच ‘‘बेहद खराब’’ तथा 401 और 500 के बीच ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में माना जाता है।

हमें जवानों के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए

हमें जवानों के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने सोमवार को कहा कि क्रिसमस मनाते समय हमें अपने सशस्त्र बलों के उन जवानों के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए। जो सीमा पर देश की रक्षा के लिए अपनी जान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ईसा मसीह के जीवन का संदेश दूसरों की भलाई के लिए बलिदान देना था। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, "हम सबकुछ त्याग देंगे, भले ही यह हमारे जीवन की बात हो, जैसा कि हमारे सशस्त्र बलों में बहुत से लोग राष्ट्र की सेवा में करते हैं।
हमने दो दिन पहले सशस्त्र बलों के अपने चार सदस्यों को खो दिया है।’’ जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हाल में चार सैनिकों की शहादत का जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘इसलिए, जब हम क्रिसमस मना रहे हैं, तो उन लोगों के बारे में न भूलें जो सीमाओं पर हैं... जो हमारे देश की रक्षा के लिए अपनी जान दे रहे हैं।
जब हम जश्न में गाएं, तो उनके लिए भी गाएं।’’ वह उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित क्रिसमस समारोह में बोल रहे थे। सीजेआई ने कहा कि बार के सदस्यों के लिए नए चैंबर बनाए जाएंगे।
लंबित मामलों को कम करने के लिए कदम उठा रहे न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि वह स्थगन की मांग संबंधी प्रक्रिया को संस्थागत बनाएंगे। इस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह तथा उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अदीश सी अग्रवाला भी मौजूद थे।

गुड़िया ‘बार्बी’ को क्षेत्रों में विस्तारित करने पर विचार

गुड़िया ‘बार्बी’ को क्षेत्रों में विस्तारित करने पर विचार

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। फैशन जगत की लोकप्रिय गुड़िया ‘बार्बी’ को अपने चिकित्सकीय और वैज्ञानिक करियर को उन क्षेत्रों में विस्तारित करने पर विचार करना चाहिए, जिनमें महिलाओं समेत अन्य कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों की उपस्थिति कम है। ‘द बीएमजे’ में प्रकाशित एक अध्ययन रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है।
बार्बी एक निर्माण श्रमिक, शिक्षक और पशुचिकित्सक से लेकर न्यायाधीश, वैज्ञानिक और चिकित्सक तक सब कुछ रही है, जिन्हें बच्चे अपना करियर बनाने की इच्छा कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी पिछले अध्ययन ने बार्बी के चिकित्सा पेशे से जुड़े होने और वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत गुड़िया का विश्लेषण नहीं किया, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि उनकी पेशेवर सटीकता क्या है।
अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी की एक शोधकर्ता कैथरीन क्लैमर ने यह चिह्नित करने के लिए काम किया कि अन्य करियर गुड़ियों की तुलना में बार्बी गुड़िया ने किस तरह के चिकित्सा और वैज्ञानिक क्षेत्रों में काम किया। क्लैमर ने यह निर्धारित करने के लिए भी काम किया कि क्या ये गुड़िया नैदानिक ​​और प्रयोगशाला सुरक्षा मानकों को पूरा करती हैं। क्लैमर ने कहा, ‘‘युवा लड़कियों की खातिर और खुद के लिए बार्बी को ‘ग्लास सीलिंग’ तोड़ते रहना चाहिए।’’
‘ग्लास सीलिंग’ शब्द उस अदृश्य बाधा को संदर्भित करता है, जो महिलाओं और अल्पसंख्यकों को किसी संगठन या उद्योग के भीतर प्रबंधकीय और अधिकारी स्तर के पदों पर पदोन्नत होने से रोकता है। यह निष्कर्ष 92 बार्बी ब्रांड करियर गुड़िया (53 डॉक्टर, 10 वैज्ञानिक, दो विज्ञान शिक्षक, 15 नर्स, 11 दंत चिकित्सक और एक पैरामेडिकल के काम से जुड़ी) के विश्लेषण पर आधारित है।
इनकी तुलना 65 गैर-बार्बी ब्रांड करियर गुड़ियों (26 डॉक्टर, 27 वैज्ञानिक, सात नर्स, दो दंत चिकित्सक, दो इंजीनियर और एक एमआरआई तकनीशियन) के समूह से की गई। कपड़े, सहायक उपकरण और पैकेजिंग का दृश्य विश्लेषण करके गुड़िया के करियर की पहचान की गई और इंडियाना विश्वविद्यालय के दिशानिर्देशों के अनुसार उनके व्यक्तिगत सुरक्षा सहायक उपकरण का मूल्यांकन किया गया।
बार्बी ब्रांड करियर गुड़िया को बड़े पैमाने पर वयस्क (98 प्रतिशत), महिला (93 प्रतिशत), और श्वेत (59 प्रतिशत) के रूप में चित्रित किया गया था और किसी भी गुड़िया को दृष्टि बाधित के रूप में नहीं दिखाया गया था। तुलनात्मक गुड़ियों में से 32 प्रतिशत श्वेत थीं और एक गुड़िया की बांह कृत्रिम थी। शोधकर्ता ने कहा कि बार्बी ब्रांड मेडिकल पेशेवर गुड़िया बड़े पैमाने पर बच्चों (66 प्रतिशत) का इलाज करती हैं, केवल तीन गुड़िया (चार प्रतिशत) को वयस्क रोगियों के साथ काम करते हुए दर्शाया गया है।
तीन नेत्र रोग विशेषज्ञ गुड़ियों के अलावा, सभी बार्बी ब्रांड चिकित्सक गुड़ियों में या तो कोई विशेषज्ञता नहीं थी या वे बिना किसी स्पष्ट उप-विशेषता वाली बाल रोग विशेषज्ञ थीं। बार्बी ब्रांड की गुड़िया अक्सर प्रयोगशाला कोट, माइक्रोस्कोप, स्टेथोस्कोप और चश्मे जैसी वस्तुओं के साथ दिखती हैं। हालांकि, कोई भी गुड़िया अपने संबंधित क्षेत्रों के लिए पेशेवर सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से पूरा नहीं करती है।
उदाहरण के लिए, बार्बी ब्रांड की 98 प्रतिशत चिकित्सक गुड़िया स्टेथोस्कोप के साथ आईं, लेकिन केवल चार प्रतिशत के पास फेस मास्क थे और किसी के पास ‘डिस्पोजेबल’ दस्ताने नहीं थे। अध्ययन में पाया गया कि चिकित्सक और वैज्ञानिक के पेशे से जुड़ीं दो-तिहाई से अधिक बार्बी ब्रांड की गुड़िया के बाल खुले थे, और आधे से अधिक ऊंची एड़ी वाली जूती में दिखीं, यहां तक ​​​​कि उन हालात में भी जहां सुरक्षा कारणों से इसे हतोत्साहित किया जाता है या सक्रिय रूप से प्रतिबंधित है।

30 तक 8वीं के स्कूलों को बंद करने का निर्देश

30 तक 8वीं के स्कूलों को बंद करने का निर्देश

संदीप मिश्र 
हाथरस। वातावरण में छाये घने कोहरे एवं रात में पड रहे पाले ने ठिठुरन को इस कदर बढ़ा दिया है कि तापमान में हुई गिरावट के चलते जिलाधिकारी को 30 दिसंबर तक आठवीं तक के स्कूलों को बंद करने का निर्देश देना पड़ा है। दिसंबर महीने के आखिरी हफ्ते को कड़कड़ाती ठंड के लिए जाना जाता है। क्रिसमस के मौके पर आज वातावरण में छाए घने कोहरे एवं रात में पड़े जबरदस्त पाले ने लोगों को ठंड से बुरी तरह ठिठुरा दिया है। गलन भरी सर्दी ने लोगों का आज जीना मुहाल कर रखा है। 
वातावरण में पड़ रही हाडकपाती ठंड और गलन भरी सर्दी को देखते हुए हाथरस की जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने आज 25 दिसंबर से लेकर आगामी 30 दिसंबर तक के लिए जनपद के आठवीं तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में आगामी 31 दिसंबर से जाड़े की छुट्टी हो रही है। उधर मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए मौसम अपडेट में सोमवार से 2 दिनों तक घना कोहरा रहने का अनुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दिनों में तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज होगी। हालांकि रविवार को मौसम विभाग के अनुमान के विपरीत सवेरे के समय वातावरण में नाम मात्र का ही कोहरा रहा था। जिसके चलते अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री एवं न्यूनतम 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। सोमवार से तापमान में गिरावट के बाद ठंड बढ़ने का अनुमान जारी किया गया है।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

1. अंक-66, (वर्ष-11)

पंजीकरण:- UPHIN/2014/57254

2. मंगलवार, दिसंबर 26, 2023

3. शक-1945, माघ, शुक्ल-पक्ष, तिथि-चतुर्दशी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 06:36, सूर्यास्त: 05:18।

5. न्‍यूनतम तापमान- 11 डी.सै., अधिकतम- 28+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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(सर्वाधिकार सुरक्षित)

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बीएएलएलबी-एलएलएम का कोर्स हिंदी में शुरू करें  संदीप मिश्र  लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि बीएएलएल...