बुधवार, 22 जून 2022

योजना से जुड़ी समस्याओं को निस्तारित करने का निर्देश

योजना से जुड़ी समस्याओं को निस्तारित करने का निर्देश 

हरिशंकर त्रिपाठी 
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने गूगल मीट के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत ई-केवाईसी, नेम मिसमैच, इनवैलिड आधार, नये जनवरी 2019 से अब तक हुए वरासत, तहसील स्तर डाटा सत्यापन, एनपीसीआई लिंक, सोशल आडिट एवं भारत सरकार द्वारा अपात्र कृषकों से वसूली आदि से सम्बन्धित विस्तृत समीक्षा की। डीएम ने पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत ई-केवाईसी की समीक्षा में कुल 471293 डाटा के सापेक्ष मात्र 293813 कृषक लाभार्थियों का ही ई-केवाईसी अवशेष 177480 कृषकों के ई-केवाईसी हेतु समस्त सम्बन्धित को ई-केवाईसी हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए 15 जुलाई 2022 तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने हेतु जिलाधिकारी ने निर्देशित किया। नेम मिसमैच एवं इनवैलिड आधार के कृषकों के डाटा सुधार हेतु उप कृषि निदेशक, देवरिया को तत्काल अग्रणी जिला प्रबन्धक, देवरिया / जनपद के समस्त बैंको से समन्वय कर सुधार करने हेतु निर्देशित किया गया।
पीएम किसान योजनान्तर्गत कुल 88497 कृषकों का डाटा बैंको द्वारा एनपीसीआई लिंक न करने कारण भारत सरकार द्वारा भुगतान रोक दिया गया है, उक्त लाभार्थियों का डाटा एनपीसीआई से लिंक करने हेतु अग्रणी जिला प्रबन्धक, देवरिया / जनपद के समस्त बैंको एवं उप कृषि निदेशक, देवरिया को निर्देशित किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा आयकर दाता कृषकों को चिन्हित किया गया है। जिसमें जनपद में कुल 5641 कृषकों से 23091 किस्तों की वसूली किया जाना है, के सापेक्ष अब तक कुल 1026 किस्त रू. 20,52,000. 00 मात्र की वसूली की जा चुकी है। अवशेष आयकर दाता कृषकों से वसूली राजस्व विभाग को कृषकों की सूची उपलब्ध कराते हुए वसूली की कार्यवाही शत-प्रतिशत पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया गया, उक्त योजनान्तर्गत तहसील स्तर पर लाभार्थी कृषकों के अवशेष डाटा सत्यापन की समीक्षा की गई। जनपद में कुल 24 लाभार्थियों का डाटा अवशेष पाया गया, जिसे समस्त तहसीलों को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया साथ समस्त उप जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत तहसील स्तर पर प्राप्त डाटा की समीक्षा करने हेतु निर्देशित किया गया। 
समस्त तहसीलदार / समस्त उपजिलाधिकारियों को 01 जनवरी 2019 से अब तक हुए वरासत का विवरण निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों / कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि आपस में समन्वय स्थापित कर समयान्तर्गत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पात्र / अपात्र लाभार्थियों का विवरण ठीक कराये। डीएम ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषकों के समस्याओं का तत्काल निराकरण कराते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत लाभान्वित किये जाने की कार्यवाही ससमय सुनिश्चित कराये। समीक्षा बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिंद, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार, उप कृषि निदेशक, अग्रणी जिला प्रबन्धक आदि उपस्थित थे।

केंद्रीय कारागार नैनी में योग शिविर का आयोजन

केंद्रीय कारागार नैनी में योग शिविर का आयोजन 

बृजेश केसरवानी        
प्रयागराज। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार व माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इलाहाबाद नलिन कुमार श्रीवास्तव के निर्देशानुसार, केंद्रीय कारागार नैनी में प्रातः 7ः00 बजे से योग शिविर का आयोजन हरेंद्र नाथ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, इलाहाबाद की अध्यक्षता में किया गया। इस योग शिविर में केंद्रीय कारागार नैनी में निरुद्ध बंदियों व अन्य उपस्थित जनों को योग प्रशिक्षक द्वारा योग कराया गया व उसके लाभ बताए गए। 
योग दिवस के अवसर पर उपस्थित अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीरज कुशवाहा, प्रज्ञा सिंह द्वितीय सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इलाहाबाद, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन,  शालिनी के बी सिंह, डिप्टी जेलर सहित अन्य जेल कर्मचारीगण, पैनल अधिवक्ता  देवेश शुक्ला व पराविधिक स्वयंसेवक तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। साथ ही योग दिवस के अवसर पर जनपद न्यायालय इलाहाबाद में अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम  राम कृष्ण शुक्ल की अध्यक्षता में योग शिविर का आयोजन जनपद न्यायालय परिसर में किया गया जिसमें न्यायालय में कार्यरत समस्त अधिकारीगण  व कर्मचारीगण को योग दिवस के अवसर पर योग प्रशिक्षक द्वारा योगासन कराया गया। यह जानकारी प्रज्ञा सिंह द्वितीय, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की गई।

बाढ़ एवं अतिवृष्टि के संबंध में बैठक आयोजित: डीएम

बाढ़ एवं अतिवृष्टि के संबंध में बैठक आयोजित: डीएम 

बृजेश केसरवानी       
प्रयागराज। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री की अध्यक्षता में बुधवार को संगम सभागार में बाढ़ एवं अतिवृष्टि के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने बरसात के समय आने वाली सम्भावित बाढ़ के दृष्टिगत सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण किए जाने का निर्देश सभी सम्बंधित विभागों को दिए है। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर बाढ़ चैकियों को चिन्हित करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने जलभराव, नालों की सफाई, सीवर की सफाई एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने का निर्देश नगर निगम एवं जल संस्थान को दिया है। 
जिलाधिकारी ने बाढ़ के समय स्लूज गेटों के बंद होने पर पानी की निकासी के लिए पम्पों की क्रियाशीलता को चेक कराते हुए उनकों क्रियाशील बनाये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को पशुओं की दवाईयों, टीकाकरण, भूसा-चारा एवं पेयजल की समुुचित एवं पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को बाढ़ के समय बाढ़ से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से बचाव हेतु दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था, ब्लीचिंग, फागिंग, कीटनाशक एवं एण्टीलार्वा का छिड़काव नियमित रूप से कराये जाने हेतु पहले से सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया है कि जहां पर पिछले वर्ष डेंगू का प्रकोप अधिक था, वहां पर साफ-सफाई का विशेष अभियान पहले से ही सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को बाढ़ के समय प्रभावित होने वाले सड़कों एवं पुलियों की मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु कहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ढीले एवं जर्जर तारों एवं जर्जर पोलों को पहले से ही ठीक कराये जाने हेतु विद्युत विभाग को निर्देशित किया है। 
उन्होंने नांव एवं मोटर बोट की उपलब्धता भी सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तथा बाढ़ चैकियों में पुलिस पेट्रोलिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पुलिस विभाग को कहा है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणकर बाढ़ चैकियों एवं शरणालयों को चिन्हित किए जाने एवं उनकी स्थापना के सम्बंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के लिए कहा है। सम्भावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकर की भी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के लिए कहा है। बाढ़ से सम्बंधित सूचना की जानकारी के सम्बंध में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जगदम्बा सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी नानक सरन सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

भोपाल: एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

भोपाल: एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग 

मनोज सिंह ठाकुर
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है। फ्लाइट इंदौर जा रही थी, लेकिन अचानक उसका रूट चेंज कर भोपाल में लैंडिंग कराया गया। इस फ्लाइट में 140 यात्री थे।
मिली जानकारी के मुताबिक, भोपाल एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हुई है। इंडिगो एयरवेज की फ्लाइट जम्मू से इंदौर जा रही थी। इंदौर में मौसम की खराबी के चलते भोपाल एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया है।
2.45 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर लैंड होनी थी, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से 3.28 बजे भोपाल के राजाभोज एयरपोर्ट पर लैंड कराई गई। 6E6402 एयरबस 320 विमान संख्या में सवार सभी यात्रियों को इंदौर भेजा जा रहा है।
बता दें कि इससे पहले बिहार के पटना हवाईअड्डे पर रविवार को दिल्ली के रास्ते में स्पाइसजेट की एक फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग की गई थी। पता चला कि फ्लाइट नंबर एसजी-723 ने पटना से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी, इस दौरान इंजन में अचानक आग लग गई। यह घटना पक्षी की चपेट में आने से हुई थी।
बताया गया कि फुलवारी शरीफ में कुछ लोगों ने प्लेन से धुआं निकलते देखा। इसकी जानकारी तुरंत एयरपोर्ट अथॉरिटी को दी गई, जिसके बाद फ्लाइट को वापस पटना एयरपोर्ट के लिए बुला लिया गया था। फ्लाइट में 185 यात्री थे।

बच्चे की आंशिक रूप से नसबंदी, हर्जाने की मांग

बच्चे की आंशिक रूप से नसबंदी, हर्जाने की मांग
अकांशु उपाध्याय /अखिलेश पांडेय 
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के टेक्सास में चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिसमें चार साल के एक बच्चे की आंशिक रूप से नसबंदी कर दी गई। शहर के एक दंपति ने अपने चार साल के बेटे का हर्निया का ऑपरेशन एक स्थानीय अस्पताल में कराया, जहां उनके बच्चे के साथ ये लापरवाही हुई। दंपति ने इस लापरवाही के लिए अस्पताल और डॉक्टर पर मुकदमा दायर किया है। 
एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुकदमे में माता-पिता जोश और क्रिस्टल ब्रोड ने बताया कि उनके बेटे के दाहिने अंडकोश में सूजन हो गई थी। इसके बाद उन्होंने टेक्सास चिल्ड्रन हॉस्पिटल की मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजैन एल. जारोस से परामर्श किया। डॉक्टर ने पिछले अगस्त में हर्निया रिपेयर के लिए बच्चे की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की। इस सर्जरी को डॉक्टर जारोस और एक अन्य सहयोगी ने मिलकर पूरा किया। नागरिकों की मौत ऑपरेशन के बाद सामने आई रिपोर्ट में बच्चे के शुक्राणु वाहिनी में कुछ ऊतक देखने को मिले। ये ऊतक स्खलन से पहले शुक्राणु को मूत्रमार्ग तक पहुंचाते हैं। 
परिवार के वकील रैंडी सोरेल्स ने पूरे मामले पर बात करते हुए कहा, 'डॉक्टर ने 2D तकनीक का इस्तेमाल कर बच्चे की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की।इसमें बच्चे के शरीर पर खुला चीरा नहीं लगाया जाता है। टीवी स्क्रीन पर देखकर सर्जरी करते वक्त डॉक्टर ये नहीं देख पाई कि वो गलत ट्यूब को काट रही है। क्रिस्टल ब्रोड की तरफ से दायर मुकदमे में कहा गया है कि परिवार को इस गलती के बारे में सूचित किया गया था। उन्हें बताया गया था कि इससे उनके बच्चे के प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है। 
लेकिन बच्चे के पिता ने अदालत में डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दायर कर कहा है कि डॉक्टर अपने मरीज की सामान्य देखभाल भी नहीं कर सकीं, जिस कारण उनके बच्चे को भविष्य में काफी परेशानी होने वाली है। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि अब उनका 5 साल का बेटा भविष्य के अपने जीवन में प्रजनन संबंधी दिक्कतों का सामना करेगा। उसे भविष्य में होने वाले मेडिकल खर्च, दर्द, मानसिक पीड़ा, शारीरिक नुकसान और प्रजनन क्षमता के लिए भविष्य के खर्चों का सामना करना पड़ेगा। परिवार ने हर्जाने के रूप में डॉक्टर और अस्पताल से 10 लाख डॉलर की मांग की है।अस्पताल ने इस पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं की है। हर्निया रिपेयर सर्जरी के दौरान शुक्राणुवाहिनी या अन्य किसी अंग को नुकसान पहुंचने की बहुत कम घटनाएं होती हैं। अमेरिका के क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ग्रोइन एरिया (पेट और जांघ के बीच का हिस्सा) में हर्निया लगभग 1% से 5% छोटे लड़कों को प्रभावित करता है
 6 साल से कम उम्र के बच्चों में ये सबसे आम है। ये तब होता है जब पेट और जननांगों के बीच का हिस्सा जन्म से पहले पूरी तरह से बंद नहीं होता है। इससे ऊतक दूसरे अंग से बाहर निकल जाते हैं। इसका मुख्य लक्षण एक उभार है, जो बच्चे के आराम करने या सोने पर छोटा हो सकता है। इलाज नहीं किया गया तो ये हर्निया ब्लड सर्कुलेशन में मुश्किल पैदा कर सकता है। इससे बच्चे के जननांगों में सूजन हो सकती है और जान भी जा सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इस तरह के हर्निया का इलाज एक सर्जरी के द्वारा किया जाता है जिसमें एक घंटे से भी कम समय लगता है। सैन फ्रांसिस्को विश्वविद्यालय के सर्जरी विभाग की वेबसाइट का कहना है कि ये प्रक्रिया आम तौर पर सुरक्षित है और इससे किसी तरह का खतरा नही।

विश्व योग दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया

विश्व योग दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया

बृजेश केसरवानी
प्रयागराज। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के तत्वाधान में योग दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन सिविल लाइन स्थित राम मंदिर मार्ग शिविर में किया गया। जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्ति सी.पी. सिंह आई.जी वशिष्ठ अतिथि सुरेश सिंह तोमर राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। कार्यक्रम की संयोजिका अनुपमा नारायणी थी तो वहीं, संचालन विजय सिंह राष्ट्रीय प्रमुख ने किया। इस अवसर पर अनुपमा नारायणी द्वारा योग कराया गया और योग के बारे में विस्तार से चर्चा भी की गई‌। 
मुख्य अतिथि सी.पी सिंह आई.जी  ने बताया कि हर इंसान को योग करना चाहिए योग करने से तन और मन दोनों तरोताजा रहते हैं। योग से मानव के स्वास्थ्य में विशेष लाभ होता है। इस अवसर पर एसोसिएशन के चेयरमैन सुरेश सिंह तोमर ने कहा इस तरह की संगोष्ठी से आम जनमानस का योग के प्रति रुझान बढ़ेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सत्य पाल श्रीवास्तव,बृजेश यादव, अमित कुशवाहा,सौरभ सक्सेना, अनिता राज,राजेंद्र गुप्ता,विजय शंकर पांडेय,हिमांशु,विजय सिंह, नंदकिशोर पंडित एवं अन्य सभी  लोग मौजूद रहे। 

बच्चों को ड्रेस एवं किताबों का वितरण: संस्थान

बच्चों को ड्रेस एवं किताबों का वितरण: संस्थान

मनोज सिंह ठाकुर 
कुण्डलपुर। प्रवेश उत्सव हायर सेकेंडरी स्कूल कुशालपुर के बच्चों को ड्रेस एवं किताबों का वितरण किया। नगर निगम अध्यक्ष प्रमोद दुबे एवं शाला विकास समिति के सदस्यों ने कुशालपुर उच्चतर माध्यमिक शाला में शाला प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें सभापति प्रमोद दुबे द्वारा गणवेश एवं किताब कॉपी का वितरण किया गया।
शाला विकास समिति के अध्यक्ष मुन्ना मिश्रा, मनहरण साहू, डॉ विष्णु राजपूत ,महेंद्र देवांगन, एवं प्राचार्य कल्पना देशमुख  आचार्य श्री बंजारे संहित अनेक गणमान्य जन एवं छात्र छात्राएं उपस्थित होकर प्रवेश उत्सव  में शामिल हुए। शाला के बच्चों द्वारा कई। उत्कृष्ट कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, साथ ही जनरल नॉलेज से संबंधित प्रश्न उत्तर भी किए गए।
ऑनलाईन पढ़ाई में बच्चों की शिक्षा में जो कमी आई है उन कमियों को दूर करने की बात प्रमोद दुबे ने कहीं तथा इन 2 वर्षों में ऑनलाइन क्लासेस से बच्चों के मानसिक स्तर पर जो प्रभाव पड़ा उस से ऊपर उठकर अब ऑफलाइन में उन कमियों को दूर करने कहा।

सीमावर्ती सड़कों पर सुविधायें स्थापित करने की मंजूरी

सीमावर्ती सड़कों पर सुविधायें स्थापित करने की मंजूरी 
अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की सीमावर्ती सड़कों के विभिन्न इलाकों के 75 स्थानों पर सड़क किनारे सुविधायें स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य है पर्यटकों को बुनियादी सुविधायें प्रदान करना और सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को गति देना। इस कदम से स्थानीय लोगों के लिये रोजगार भी पैदा होंगे। सड़क किनारे स्थित इन सुविधाओं को ‘बीआरओ कैफे’ के नाम से जाना जायेगा।
बीआरओ की पहुंच दूर-दराज के सीमावर्ती इलाकों तक है और उन इलाकों की सामरिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ वह उत्तरी और पूर्वी सीमाओं में सामाजिक-आर्थिक उन्नति की दिशा में भी काम करता है। 
इस तरह प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थानों पर पर्यटकों की तादाद बढ़ी है। इन स्थानों पर आसानी से पहुंचना कठिन होता है। सख्त जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों वाली इन सड़कों पर पर्यटकों की आवाजाही को आरामदेह बनाने के लिये, सड़कों के किनारे बहुपयोगी सुविधायें तैयार करने की जरूरत है। यह कदम इन क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन सर्किटों को चिह्नित करने के बाद उठाया जा रहा है। चूंकि ये सड़कें दूर-दराज स्थित हैं और वहां तक पहुंचना कठिन है, इसलिये वहां व्यापारिक विकास होना मुश्किल हो जाता है। बीआरओ वहां पहले से कार्यरत है, इसलिये इन दूर-दराज के इलाकों में ऐसी सुविधायें उपलब्ध कराने का बीड़ा उसने खुद उठाया है।
इस योजना के तहत एजेंसियों के साथ मिलकर सार्वजनिक-निजी भागीदारी में सड़क किनारे सुविधायें विकसित तथा संचालित की जायेंगी। एजेंसियों को इसके लिये लाइसेंस दिया जायेगा और वे बीआरओ के दिशा-निर्देश में इन सुविधाओं की डिजाइन, निर्माण और संचालन करेंगी। सुविधाओं में दो पहिया और चार पहिया वाहनों की पार्किंग, फूड प्लाजा/रेस्त्रां, महिलाओं, पुरुषों व दिव्यांगों के लिये अलग-अलग प्रसाधन सुविधा, फर्स्ट-एड सुविधा/एमआई कक्ष आदि का प्रस्ताव किया गया है। प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिये लाइसेंस देने का कार्य पूरा किया जायेगा। समझौते की अवधि 15 वर्ष होगी और उसे पांच वर्ष की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है। नीचे 75 बीआरओ कैफों का विवरण दिया जा रहा है।

राम-हनुमान का विरोध, बर्बादी का पुख्ता निशान

राम-हनुमान का विरोध, बर्बादी का पुख्ता निशान
कविता गर्ग  
मुंबई। महाराष्ट्र में आजकल हर तरफ हलचल है।शिवसेना के सैतीस विधायक बगावत कर गये!कभी बाला साहब ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना हिन्दुत्व का परचम लहराते सारे देश में अपनी पहचान हिन्दू वादी पार्टी का बना लिया था। जब भी शिवसेना का नाम आता उसका खूंखार स्वरूप दहाडते शेर के चेहरे के साथ भगवा ध्वज लिए बीर शिवाजी की गौरवशाली गाथा को अलंकृत करते नजर आता था।
बाला साहब ठाकरे के देहावसान के बाद पार्टी भी अवसान के तरफ घरेलू घमासान के जंग में बिदिर्ण हो गयी। हिन्दुत्व का चेहरा बदल गया। राम मन्दिर का विरोध, हनुमान चालीसा का विरोध, अजान पर घमासान के समर्थन से बर्रबादी का पुख्ता निशान छोड़ दिया। आज हालात बदल गये है। शिवसेना के कट्टर हिन्दूबादी चेहरों में सैंतीस उध्वठाकरे के तालिबानी मोह को देखते हुए बगावत का रास्ता बदल दिए। अब संकट के बादल उद्धव सरकार पर गहराता जा रहा है।
न इधर के हुए न उधर के। सहयोगी दल भी इस दल दल से बाहर निकलना चाहते हैं।बीजेपी की खामोश रणनिति गुल खिला दिया है। हिन्दुत्व का ऐजेन्डा सब पर भारी है।सबको बता दिया। सियासी चपला यूं ही खतरनाक आगाज के साथ नहीं चमक बिखेर रही है इसके लिए माकूल मौसम का इन्तजार था। अब महाराष्ट के सियासी आसमान पर बदलाव के काले बादल भी उमड़ने घुमडने लगे हैं।
अगर मौसम माकूल रहा तो हिन्दुत्व का पानी सुनामी बनकर कहर बरपा सकता है। उद्धव सरकार की जड़ें हिला सकता है। साधुओं की हत्या,पूर्वाचल के हिन्दी भाषी फिल्मी कलाकारों की हत्या,हनुमान चालीसा के पाठ पर सियासी खेल फिर जेल धीरे धीरे बगावत की आग को हवा दे रहा था। उद्धव सरकार के सामने बिकट समस्या है आगे नदी तो पीछे गहरी खाई है।जाए तो जाए कहां। अपने बगावत कर दिए। सहयोगी मिलावट कर दिए। ऐसे हालात महाराष्ट्र सरकार को खुली चुनौती मिल रही है।
हालांकि शिवसेना तथा बीजेपी का मीशन एक ही था फिर शिवसेना ने मूगालता पाल लिया अहम हो गया तालिबानी राज जैसे स्वयंभू बनकर राज चलाने का राम काज से विमुख हो गई पार्टी। नतीजा सामने है बदलाव का आगाज औकात पर आ गई सारी अथार्टी। देखिए आज होता क्या है। शिवसेना बीजेपी से मिलकर सरकार बनाती है। या फिर अपना निर्णय बदलती है।आज जो कुछ होगा ऐतिहासिक होगा। बस थोड़ा इन्तजार करें।

गर्भाशय में शिशु का शीश काट किया प्रसव: संवेदना

गर्भाशय में शिशु का शीश काट किया प्रसव: संवेदना
सुनील श्रीवास्तव  
इस्लामाबाद। भारत में अगर दंगाइयों पर कार्रवाई होने के बाद पता चलता है कि वो एक संप्रदाय विशेष से जुड़े हैं, तो पाकिस्तान पूरे विश्व में शोर मचाना शुरू कर देता है। लेकिन उसके अपने देश में अक्सर ऐसे समाचार आते हैं, जिनसे पता चलता है कि वहां अल्पसंख्यक हिन्दुओं की क्या स्थिति है।
ताजा मामला पाकिस्तान के सिंध प्रान्त के थारपारकर जिले का है। यहां एक हिन्दू महिला प्रसव पीड़ा होने पर निकटतम ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र गई। वहां कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं थीं, इसलिए अनुभवहीन लोगों ने ही उसका ऑपरेशन कर डाला या कहें कि ऑपरेशन के नाम पर दर्दनाक मजाक किया। ऑपरेशन करने वाले जब शिशु को निकाल नहीं पाए, तो उन्होंने गर्भाशय में ही शिशु का सर काट कर शेष शरीर बाहर निकाल दिया।
बच्चे का सर पेट में ही बना रहा।
इस कारण पीड़ित महिला की तबीयत बिगड़ गई। उसे पास के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी कोई विशेषज्ञ नहीं था। इसके बाद किसी तरह उसे पाकिस्तानी हैदराबाद के लियाकत यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में लेकर आया, जहां विशेषज्ञों ने किसी तरह महिला की जान बचाई। सिंध की सरकार ने रविवार का मामला वायरल होने पर जांच के आदेश दे दिए हैं। सिंध स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक डॉ. जुमान बहोतो के अनुसार ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ कर्मचारी पीड़ित महिला की फोटो ले रहे थे और इस दौरान वीडियो भी बनाया गया। यही नहीं, इसको व्हाट्स एप के कई ग्रुपों में भी भेजा गया। अब इसकी भी जांच होगी।
यह सुनने में अच्छा लगता है कि चिकत्सकीय लापरवाही का संज्ञान लेते हुए पाकिस्तान ने जांच शुरू कर दी है। पर क्या पीड़ित हिन्दू महिला को न्याय मिलेगा। यहां हम पीड़िता को बार-बार हिन्दू महिला इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार की कभी कोई सुनवाई नहीं होती। अक्सर हिन्दुओं के मंदिर तोड़ दिए जाते हैं। प्रमुख आरोपियों को आज तक सजा नहीं मिली।इसलिए यह लगातार चल रहा है‌।हिन्दुओं की जनसँख्या उनके धर्मांतरण के कारण लगातार कम हो रही है। इसके लिए भी कभी कोई ठोस कदम पाकिस्तान ने नहीं उठाया।

जलाभिषेक को प्लास्टिक मुक्त रखने का विशेष प्लान

जलाभिषेक को प्लास्टिक मुक्त रखने का विशेष प्लान
सत्येंद्र पंवार 
मेरठ। मेरठ के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने 14 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा एवं विभिन्न शिव मंदिरों पर महाशिवरात्रि मेले को लेकर बैठक की। इसमें जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा से लेकर विभिन्न मंदिरों पर जलाभिषेक तक के कार्यक्रमों को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया है। डीएम ने कहा कि पूरे कार्यक्रम को प्लास्टिक मुक्त बनाये जाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं।कांवड यात्रा मार्गों को तत्काल गड्डा मुक्त कराना सुनिश्चित करें। साथ ही स्वच्छ पेयजल, घाटों का निर्माण, साफ-सफाई, शौचालय, गोताखोरों की सूची, प्रकाश व्यवस्था, जर्जर ताल, पोल, अनवरत विद्युत संचालन की व्यवस्था की जाए।
जिलाधिकारी ने इस दौरान कहा कि संवेदनशील स्थानों का चिन्हांकन कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समस्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने सुनिश्चित किये जाएं। उन्होंने निर्देशित करते हुये कहा कि संबंधित अधिकारियों का डयूटी चार्ट बनाते हुये रोस्टर के अनुसार डयूटी लगाई जाए तथा कंट्रोल रूम संचालित किया जाए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के सभी मार्गों पर पूर्व के वर्षों में लगाये गये शिविर का अवलोकन करते हुये संबधित क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट शर्तों के अधीन शिविर लगाये जाने हेतु अनुमति प्रदान करेंगे।
पंडाल और भंडारे के लिए माननी होंगी शर्तें
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को पंडाल, शिविर भंडारे लगाने की अनुमति शर्तों के अनुसार देने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाये कि कोई भी पंडाल सड़क के बिल्कुल पास में नहीं लगाये जाएं। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुये कहा कि संबंधित एसडीएम एवं सीओ अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करते हुये पूरा रूट चार्ट तैयार कर आवश्यकतानुसार एक्शन लें।संवेदनशील स्थानों का चयन करते हुये अभी से आवश्यक कार्रवाई करें।
मेरठ के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि सभी संबंधित विभाग विभागवार नोडल नामित कर लें तथा संबंधित सीओ, एसडीएम रूटों का ठीक प्रकार से भ्रमण कर स्थानीय स्तर पर बैठक कर कार्रवाई सुनिश्चित कर लें। कांवड यात्रा वाले मार्गों पर पड़ने वाले होटल, ढाबों के स्वामियों से वार्ता करते हुये खाने की रेट लिस्ट प्रत्येक ढाबे पर निर्धारित स्थान पर लगाने के लिए कार्रवाई समय से कर ली जाए।

'इंडियन पुलिस फोर्स' से शिल्पा की डिजिटल जर्नी

'इंडियन पुलिस फोर्स' से शिल्पा की डिजिटल जर्नी
कविता गर्ग  
मुंबई। शिल्पा शेट्टी अब सिल्वर स्क्रीन के बाद शिल्पा ओटीटी पर छा जाने के लिए तैयार है। वह डायरेक्टर रोहित शेट्टी  की ‘इंडियन पुलिस फोर्स’  से अपनी डिजिटल जर्नी की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसी बीच शिल्पा ने ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ को ज्वाइंन करने का असली कारण बताया है। उन्होंने एक बातचीत में खुलासा है कि उन्हें इस प्रोजेक्ट में काम करने के लिए किसने राजी किया और वह किन वजहों से रोहित शेट्टी के साथ करने कर रही हैं।
आपको बता दें कि ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ एक ऐसी वेब सीरीज है, जिसके जरिए खुद रोहित शेट्टी ओटीटी की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। पुलिस फोर्स पर आधारित इस वेब शो में शिल्पा के अलावा सिद्धार्थ मल्होत्रा और विवेक ओबेरॉय भी हैं। शिल्पा की तरह सिद्धार्थ-विवेक भी अपना ओटीटी डेब्यू करने जा रहे हैं। इस शो इन सभी का शानदार एक्शन देखने को मिलने वाला है। इस वेब सीरीज में शिल्पा शेट्टी कॉप का रोल निभाते हुए दिखाई देंगी।
रोहित शेट्टी का बड़ा फैन है शिल्पा का बेटा
शिल्पा शेट्टी ने ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ के साथ बातचीत में खुलासा करते हुए बताया कि उनका बेटा वियान डायरेक्टर रोहित शेट्टी का बड़ा फैन है।इसलिए जब उनके बेटे को पता चला कि उनकी मां (शिल्पा) को रोहित शेट्टी की फिल्म में अभिनय करने का प्रस्ताव दिया मिला है तो वह वह खुशी से उछलने लगा।इसके बाद उनके बेटे ने उनसे इस फिल्म को करने लिए कहा।
वियान की वजह हुईं राजी
आगे बातचीत में अदाकारा ने ये भी बताया कि उन्होंने रोहित शेट्टी के इस प्रोजेक्ट को सिर्फ अपने बेटे वियान कुंद्रा की वजह से साइन किया है। शिल्पा के अनुसार, उनके बेटे ने ‘इंडियन पुलिस फोर्स’ में शामिल होने के लिए उन्हें राजी किया था और यही एकमात्र कारण है कि वह फिल्म कर रही हैं।
आगे शिल्पा शेट्टी ने यह भी याद किया कि जब उन्हें बताया गया कि रोहित उन्हें फिल्म में लेना चाहते हैं तो उन्हें शुरू में लगा कि कोई उनके साथ मजाक कर रहा है। उन्होंने कहा, “जब पहली मुझे किसी के जरिए ये पता चला कि रोहित मुझसे संपर्क करने की कोशिश कर रहा है और चाहता है कि मैं उसके प्रोजेक्ट में एक भूमिका निभाऊं तो मुझे लगा कि वे मजाक कर रहे हैं। जब उन्होंने मुझसे बात की, तो मैंने कहा कि मुझे इसके बारे में सोचने दो और मैंने अंत में इसके के लिए राजी हो गई।

जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द के आरोप गलत व बेबुनियाद

जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द के आरोप गलत व बेबुनियाद 
संदीप मिश्र  
लखनऊ। 3 और 10 जून को जुमे की नमाज के बाद कानपुर और प्रयागराज समेत 9 जिलों में भड़की हिंसा पर बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में लगाए गए आरोपों को यूपी सरकार ने गलत और बेबुनियाद ठहराया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा गया है कि जो भी कार्रवाई की गई है वह नियमों के मुताबिक है। हलफनामा में जमीयत की याचिका को ख़ारिज करने की मांग भी की गई है‌।
न्यूज़ 18 के हाथ लगे यूपी सरकार के हलफनामे में कहा गया है कि जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने जो आरोप यूपी सरकार पर लगाये है वह गलत और बेबुनियाद है। सरकार ने कहा कि इस मामले में कोई भी प्रभावित पक्ष कोर्ट में नहीं आया है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों पर कानून के मुताबिक सीआरपीसी और आईपीसी के तहत कार्रवाई की जा रही है, लिहाजा जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की याचिका खारिज की जाए।
दाखिल किया 63 पेज का हलफनामा
उत्तर प्रदेश के विशेष सचिव गृह राकेश कुमार मालपानी ने सुप्रीम कोर्ट में सबूत संलग्नक सहित 63 पेज का हलफनामा दाखिल किया है। इसमें इसमें 11 पेज हलफनामे के हैं। हलफनामे के साथ जावेद अहमद के घर पर लगा राजनीतिक दल का साइन बोर्ड, नोटिस सभी चीजें कोर्ट को भेजी गई हैं। हलफनामे में कहा गया है कि बुलडोजर चलाकर अवैध रूप से निर्मित संपत्ति ढहाई गई है। ये प्रक्रिया तो काफी पहले से चल रही है। लिहाजा ये आरोप गलत है कि सरकार और प्रशासन हिंसा के आरोपियों से बदले की कार्रवाई कर रही है।
प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड का घर हुआ था ध्वस्त
गौरतलब है कि 10 जून को प्रयागराज में अटाला क्षेत्र में हुई हिंसा के आरोप में गिरफ्तार मास्टरमाइंड जावेद पंप का घर 12 जुलाई को पुलिस प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। जिसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने सुप्रीम कोर्ट मने याचिका दाखिल कर बुलडोजर कार्रवाई पर अंतरिम आदेश पारित करने की मांग की गई थी।

महाराष्ट्र के राज्यपाल की तबीयत बिगड़ी, भर्ती

महाराष्ट्र के राज्यपाल की तबीयत बिगड़ी, भर्ती
कविता गर्ग
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को बुधवार को दक्षिण मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। भगत सिंह कोश्यारी के कोरोना संक्रमित होने के बाद उनकी तबियत बिगड़ी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को बुधवार को दक्षिण मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। भगत सिंह कोश्यारी के कोरोना संक्रमित होने के बाद उनकी तबियत बिगड़ी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। एक अधिकारी ने कहा कि कोश्यारी (80), जिन्हें हमेशा सार्वजनिक कार्यक्रमों में फेस मास्क पहने देखा जाता है, को रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह बताया गया है कि राज्य के 80 वर्षीय राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को परीक्षण के बाद दक्षिण मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राज्यपाल को कथित तौर पर कोविड के उचित व्यवहार का पालन करते हुए सार्वजनिक रूप से मास्क पहने हुए सभी प्रकार की सावधानियां बरतते हुए देखा गया था। इस बीच महाराष्ट्र ने मंगलवार को पिछले चौबीस घंटों में 3,659 नए कोविड -19 मामले दर्ज किए। एक दिन पहले से 55% की वृद्धि दर्ज करते हुए सक्रिय कोविड मामलों की संख्या 24915 हो गई। मंगलवार के कुल मामलों में मुंबई में ही 1,781 शामिल थे।

गुणवत्ता से समझौता किए बिना काम करने का निर्देश

गुणवत्ता से समझौता किए बिना काम करने का निर्देश
अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को शांतिवन क्रॉसिंग से राजघाट तक 500 मीटर की दूरी पर सड़कों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना तेजी से काम पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक मानकों के अनुसार दिल्ली की सड़कों का सौंदर्यीकरण राष्ट्रीय राजधानी को एक नई पहचान देगा और निवासियों को गौरवान्वित महसूस कराएगा।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार पहले चरण में पायलट आधार पर 16 सड़कों को बदल रही है, जबकि बाद में 540 किलोमीटर पीडब्ल्यूडी सड़कों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
बयान में कहा गया, “कार्य की गति का संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने इंजीनियरों की खिंचाई की और उन्हें तेजी से काम पूरा करने का निर्देश दिया।
सिसोदिया ने उन्हें मानसून के मौसम का लाभ उठाने और इस दौरान खंड पर वृक्षारोपण पूरा करने का भी निर्देश दिया।हमारा उद्देश्य दिल्ली सरकार के तहत सभी सड़कों को पैदल चलने वालों के अनुकूल बनाना और दिल्ली के निवासियों को एक सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना है। स्ट्रीट स्कैपिंग प्रोजेक्ट के तहत, दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में कई सड़कों को कम करने, फिर से डिजाइन करने और सौंदर्यीकरण करने पर काम कर रही है।
सिसोदिया के हवाले से बयान में कहा गया है, “सड़कों को नया स्वरूप देने से अड़चनें खत्म होंगी और सड़क के सौंदर्य में सुधार होगा, जिसमें खुली हवा में बैठने की जगह, बाधा रहित पैदल क्षेत्र, सजावटी वृक्षारोपण, साइकिल ट्रैक जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में 1300 किमी सड़क है, जबकि अन्य सड़कें एमसीडी और डीडीए के अधीन हैं। सड़कों के सौंदर्यीकरण में पैदल चलने वालों के लिए पैदल चलने वालों के अनुकूल फुटपाथ, वृक्षारोपण के माध्यम से हरित मार्ग का विकास, खुली हवा में बैठने की जगह, साइकिल ट्रैक, सेल्फी पॉइंट, पानी के एटीएम, शौचालय और स्ट्रीट फर्नीचर जैसी सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
सड़कों के नए सिरे से डिजाइन होने के बाद सड़क के चारों ओर हरियाली काफी बढ़ जाएगी। सड़कों के दोनों ओर हरित पट्टी का रखरखाव किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि इससे न सिर्फ सड़कें खूबसूरत होंगी बल्कि सड़कों पर धूल प्रदूषण की समस्या भी खत्म होगी।

C30 सबसे पतला और हल्का स्मार्टफोन: दावा

C30 सबसे पतला और हल्का स्मार्टफोन: दावा
अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। रियलमी इंडिया ने अपने नए एंट्री लेवल फोन को भारत में लॉन्च कर दिया है। रियलमी C30 के साथ अल्ट्रा स्लिम वर्टिकल स्ट्रिप डिजाइन है। इसके अलावा रियलमी C30 को लेकर दावा है कि अपनी सेगमेंट में यह सबसे पतला और हल्का स्मार्टफोन है। रियलमी C30 का वजन 182 ग्राम है। रियलमी C30 में यूनीसोक T612 प्रोसेसर के साथ 5000mAh की बैटरी दी गई है जिसे लेकर 45 दिनों के स्टैंडबाय का दावा किया गया है।
रियलमी C30 की कीमत
रियलमी C30 के 2GB रैम के साथ 32GB स्टोरेज की कीमत 7,499 रुपए है, वहीं 3GB रैम के साथ 32GB स्टोरेज की कीमत 8,299 रुपए है। फोन को लेक ब्लू, बंबू ग्रीन और डेनिम ब्लैक कलर में खरीदा जा सकेगा। फोन की पहली सेल 27 जून को दोपहर 12 बजे फ्लिपकार्ट के अलावा ऑफलाइन स्टोर से होगी।
रियलमी C30 में 6.5 इंच की HD+ डिस्प्ले दी गई है। इसके अलावा इस फोन में 3GB तक रैम और 32GB तक की स्टोरेज मिलता है। फोन में यूनिसोक T612 प्रोसेसर है जिसकी क्लॉक स्पीड 1.82GHz है।
कैमरे में 8 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है। कैमरे के साथ AI का सपोर्ट है। कनेक्टिविटी ऑप्शन में 3.5mm हेडसेट जैक, माइक्रोUSB, ब्लूटूथ 5.0 और साइड माउंटेड फिंगर प्रिंट सेंसर दिया है।

बगावत: 40 विधायकों के साथ सरकार से अलग

बगावत: 40 विधायकों के साथ सरकार से अलग 
कविता गर्ग  
मुंबई। महाराष्ट्र में राकांपा के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने वाली पार्टी शिवसेना की सरकार को अपने ही पार्टी के नेताओं के बगावती तेवर का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र में शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव सरकार के खिलाफ बगावत कर 40 विधायकों के साथ सरकार से अलग हो गए हैं। शिवसेना से बगावत करने वाले महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि उनके पास 40 विधायकों का समर्थन है। बीता दिनों सूरत के ला मेरिडियन होटल पहुंचने वाले एकनाथ शिंदे आज गुवाहाटी पहुंच गए हैं, जहां भाजपा के एक विधायक ने उनका स्वागत  किया।
इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि एकनाथ शिंदे भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। हालांकि राज्य के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं और अस्पताल में एडमिट हैं। मीडिया से गुवाहाटी में बात करते हुए एकनाथ शिंदे ने इसके संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि हमें 40 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है और जल्दी ही कुछ और हमारे साथ आ सकते हैं।
एकनाथ शिंदे ने शिवसेना नेता संजय राउत के उस आरोप भी खारिज किया कि ज्यादातर विधायकों को जबरदस्ती ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि किसी पर भी दबाव नहीं डाला गया। हमारे पास 40 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है। उन्होंने कहा कि काम के लिए फंड न जारी होने के चलते विधायकों में नाराजगी थी। कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे एक अलग गुट बना सकते हैं और इससे विधायकों की सदस्यता भी नहीं जाएगी। इसकी वजह यह है कि उनके पास जरूरी दो तिहाई विधायकों का समर्थन है। पार्टी को तोड़ने के लिए 37 विधायक जरूरी हैं और इतने लोगों की बगावत पर विधायकों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा।
सूरत से निकलने से पहले एकनाथ शिंदे ने बागी विधायकों के साथ तस्वीरें शेयर कीं। एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमें 40 से ज्यादा विधायकों का समर्थन हासिल है। हम बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे ले जाने वाले हैं। हम किसी के भी खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बाला साहेब ठाकरे और आनंद दिघे की विचारधारा के लिए काम करना चाहते हैं। यही नहीं उद्धव ठाकरे की सरकार में एक और मंत्री संदीपन भुमरे ने कहा, ‘हम एकनाथ शिंदे के साथ हैं और हम शिवसेना का एक अलग गुट बनाने पर विचार कर रहे हैं। हम महसूस कर रहे हैं कि मौजूदा हालात में काम नहीं हो पा रहे हैं। विधायकों को लगता है कि विकास के लिए फंड का सही आवंटन नहीं किया जा रहा है।’
इस बीच एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के रवैये पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना के चीफ ने एक तरफ मिलिंद नार्वेकर को मुझसे बातचीत के लिए भेजा है तो वहीं दूसरी तरफ विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा मेरे पुतले जलाए गए हैं और मुझे बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए विधायक दल के नेता की नियुक्ति नियमों से अलग है। इसके लिए सभी विधायकों की मीटिंग बुलानी चाहिए थी और ज्यादातर तो मेरे ही साथ हैं। बता दें कि शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता के पद से हटाकर अजय चौधरी को यह जिम्मेदारी सौंपी है।

भूकंप आने से 130 से अधिक लोगों की मौत हुई

भूकंप आने से 130 से अधिक लोगों की मौत हुई
अखिलेश पांडेय 
काबुल। अफगानिस्तान में भयानक भूकंप आने से 130 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। भूकंप की तीव्रता 6.1 मैग्नीट्यूड बताई जा रही है।न्यूज एजेंसी रायटर्स के हवाले से खबर है कि अफगानिस्तान में तीव्र भूकंप आने से 130 लोगों की मौत हो गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए एजेंसियां मौके पर पहुंच चुकी है। लोगों को बचाने और घायलों को अस्पताल में पहुंचाने का काम जारी है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने कहा कि बुधवार तड़के 6.1 तीव्रता के भूकंप ने घनी आबादी वाले अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों को हिला दिया। अफगानिस्तान अधिकारियों ने कहा काफी लोगों के हताहत होने की आशंका है।यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप दक्षिणपूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त शहर से लगभग 44 किमी (27 मील) दूर 51 किमी की गहराई पर आया। तालिबान प्रशासन के प्राकृतिक आपदा मंत्रालय के प्रमुख, मोहम्मद नसीम हक्कानी ने कहा कि वे आगे की जांच पूरी करने के बाद एक अपडेट देंगे।
अफगानिस्तान के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यहां भूकंप से 130 से अधिक लोगों के मौत की पुष्टि की है। मीडिया रिपोर्ट से मुताबिक मौतों का आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि भूकंप से 100 से ज्यादा घर तबाह हो गये हैं। उन्होंने बताया कि बचाव कार्य में हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। वहीं सहायता के लिए एजेंसियों को आने के लिए कहा है। लेकिन भूकंप प्रभावित क्षेत्र दूरस्थ, इसलिए यहां मदद पहुंचने में थोड़ी देर हो रही है‌।

सरकारों को गिराने की साजिशें कर रहा विपक्ष

सरकारों को गिराने की साजिशें कर रहा विपक्ष
कविता गर्ग/नरेश राघानी 
मुंबई/जयपुर। जैसा कि महाराष्ट्र में एमवीए सरकार के लिए संकट केंद्र में है, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि देश में विपक्षी दलों द्वारा संचालित विभिन्न राज्य सरकारों को गिराने की साजिशें चल रही हैं।
उन्होंने राजस्थान में 2020 के उस दौर को याद किया जब कांग्रेस के कई विधायक बागी हो गए थे और कहा था कि बड़ी मात्रा में पैसा बांटा गया लेकिन पार्टी के विधायक वफादार रहे।
“मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि राजस्थान के विधायक मेरे साथ 34 दिनों तक रहे। ऑफर सामने आते ही 10 करोड़ रुपये की पहली किस्त देने का था। लेकिन उसके बाद भी कोई बाहर नहीं निकला। हाल ही में हमने तीनों सीटों पर जीत हासिल की थी।
दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए, गहलोत ने कहा  हम बार-बार कह रहे हैं कि संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन किया जा रहा है और लोकतंत्र खतरे में है। इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है कि मध्य प्रदेश की (कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस) सरकार गिरा दी गई। हमने सुना है कि प्रत्येक विधायक के साथ 25 करोड़ रुपये, 30 करोड़ रुपये और 35 करोड़ रुपये के सौदे किए गए थे। यह उनके लिए एक नया प्रयोग था और वे इसमें सफल भी हुए। हमने मध्य प्रदेश में उनके द्वारा किए गए कुकर्मों को समय पर समझा और सतर्क रहे और सफल हुए।”
“मैं महाराष्ट्र में की गई साजिश के बारे में सुन रहा हूं। विधायकों को सूरत ले जाया गया है। यह उनकी (भाजपा की) सरकार गिराने की कोशिश है, जो दुनिया के सामने आ गई है। उन्होंने इतनी बड़ी साजिश की है, कैसे किया गया, कैसे खरीद-फरोख्त हो रही होगी, कौन से सौदे हो रहे होंगे, यह या तो उन्हें पता है या उनकी आत्मा को पता है।
गहलोत ने कहा कि सभी ने “तमाशा” देखा जो एमवीए सरकार के सत्ता में आने से पहले महाराष्ट्र में हुआ था।
“अचानक सुबह 6.30 बजे शपथ ली गई। बधाई मिलने लगी। श्री (देवेंद्र) फडणवीस, जो शपथ लेने वाले थे, ने वापस ट्वीट कर कहा कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’ लेकिन फिर उन्हें खुद लाल-चेहरा छोड़ दिया गया था, “उन्होंने अल्पकालिक सरकार को याद करते हुए कहा फडणवीस, राकांपा के अजित पवार के साथ।
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, गहलोत ने कहा। “पहले मध्य प्रदेश में हुआ, फिर राजस्थान में हुआ। अब महाराष्ट्र में सरकार गिराने की साजिशें चल रही हैं। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है। ईडी और इनकम डेक्स का गलत इस्तेमाल हो रहा है। न्याय नहीं मिलने पर व्यक्ति न्यायपालिका के पास जाता है। अब न्यायपालिका खुद दबाव में है। दबाव में हो तो आदमी को कहाँ जाना चाहिए? यह बहुत खतरनाक खेल होता जा रहा है। ये फासीवादी लोग हैं जो लोकतंत्र का मुखौटा पहने हुए हैं। वे लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते हैं लेकिन लोकतंत्र के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री के खिलाफ 100 करोड़ की मानहानि का केस

उपमुख्यमंत्री के खिलाफ 100 करोड़ की मानहानि का केस

 इकबाल अंसारी  

दिसपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान सरमा ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ मंगलवार को 100 करोड़ रुपए की मानहानि का केस दर्ज किया है। यह केस गुवाहाटी के सिविल जज कोर्ट में दर्ज हुआ है। आप नेता मनीष सिसोदिया ने 4 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि असम की सरकार ने मुख्यमंत्री की पत्नी की कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिए हैं। कंपनी को पीपीई किट बाजार भाव से अधिक रेट पर सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था, जब देश में 2020 में कोरोना की लहर थी। रिनिकी सरमा के वकील पद्माधर नायक ने कहा कि हमे उम्मीद है कि यह केस आज 22 जून को कोर्ट में लिस्ट होगा।

इससे पहले हिमंत बिस्व सरमा ने कहा था कि वह मनीष सिसोदिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। हालांकि अपने बयान पर सफाई देते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा था कि एक समय जब पूरा देश महामारी से लड़ रहा था, असम में पीपीई किट की किल्लत थी, मेरी पत्नी ने आगे आने की हिम्मत दिखाई और 1500 पीपीई किट दान में दिया, इसके लिए कोई पैसे नहीं लिए, ताकि लोगों की जिंदगी बच सके। उन्होंने इसके लिए एक भी पैसा नहीं लिया। ये पीपीई किट्स सरकार को तोहफे में दी गई थी, मेरी पत्नी की कंपनी ने इसके लिए कोई बिल नहीं दिया था। बता दें कि मनीष सिसोदिया ने इस मुद्दे को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा जी, आपकी पत्नी की कंपनी जेसीपी इंडस्ट्रीज ने 5000 किट 990 रुपए के दाम से दिए हैं, मुझे बताइए क्या ये गलत पेपर है। क्या ये भ्रष्टाचार नहीं है, अपनी ही पत्नी की कंपनी को बतौर स्वास्थ्य मंत्री कॉन्ट्रैक्ट देना क्या भ्रष्टाचार नहीं है। इस ट्वीट पर हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा महामारी के पहले हफ्ते में असम में एक भी पीपीई किट नहीं थी। इसका संज्ञान लेते हुए मैंने 1500 पीपीई किट एनएचएम को दी। बाद में मैंने एनएचएम को लिखा कि इसमे मेरे सीएसआर के तहत देखा जाए। मैंने इसके लिए एक भी पैसा नहीं लिया। मैं हमेशा अपने विश्वास को लेकर पारदर्शी रही हूं, फिर चाहे वह मेरे पति की राजनीतिक पहचान ही क्यों ना हो।


12,249 नए कोरोना मरीज सामने आए: भारत

12,249 नए कोरोना मरीज सामने आए: भारत
अकांशु उपाध्याय  
नई दिल्ली। देश में कोरोना तेजी से अपने पैर पसार रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में आज 12,249 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं। जबकि, मंगलवार को 9,923 मामले सामने आए थे। यह संख्या कल के मुकाबले 2,326 ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 13 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई है।
सक्रिय मरीजों की संख्या 81 हजार के पार जा चुकी है। वहीं संक्रमण दर में भी इजाफा दर्ज किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोरोना की संक्रमण दर अब बढ़कर 3.94 प्रतिशत पहुंच गई है।
वहीं 9,862 लोगों ने कोरोना को मात दी। देश में अब 81,687 सक्रिय कोरोना मरीज हैं। कल की तुलना में सक्रिय कोरोना मरीजों में 2374 का इजाफा हुआ है।

डॉलर के मुकाबले 4 पैसे टूटकर 78.17 पर बंद

डॉलर के मुकाबले 4 पैसे टूटकर 78.17 पर बंद

विजय कुमार 'तन्हा' 
नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी/मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में सुस्त रुख और मजबूत अमेरिकी डॉलर को देखते हुए बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे टूटकर 78.17 पर बंद हुआ।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कम कीमतों ने स्थानीय इकाई का समर्थन किया और इसकी गिरावट को सीमित कर दिया, विदेशी मुद्रा डीलरों ने कहा। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 78.13 पर अपरिवर्तित खुला, फिर पिछले बंद के मुकाबले 4 पैसे की गिरावट दर्ज करते हुए 78.17 के भाव पर बंद हुआ।
पिछले सत्र में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 78.13 पर बंद हुआ था।
घरेलू इक्विटी बाजार के मोर्चे पर, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 364.12 अंक या 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,167.95 पर कारोबार कर रहा था, जबकि व्यापक एनएसई निफ्टी 123.10 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 15,515.70 पर बंद हुआ।
इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले ग्रीनबैक की ताकत का अनुमान लगाता है, 0.17 प्रतिशत बढ़कर 104.61 हो गया।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 3.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 110.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशक मंगलवार को पूंजी बाजार में शुद्ध विक्रेता बने रहे, क्योंकि उन्होंने एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार 2,701.21 करोड़ रुपये के शेयर उतारे।

श्रमिकों की 7 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग, हड़ताल

श्रमिकों की 7 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग, हड़ताल
सुनील श्रीवास्तव  
लंदन। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को श्रमिक संघों की वेतन मांगों पर एक समझदार समझौता करने का आह्वान किया, जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटेन में 30 वर्षों में सबसे खराब रेल हड़ताल हुई, जिसमें अधिकांश कर्मचारी नेटवर्क को पंगु बनाने के लिए बाहर निकल गए।
पांच में से सिर्फ एक ट्रेन के मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलने की उम्मीद है, जब कर्मचारी हड़ताल पर हैं, सोमवार शाम से इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड में सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यात्रियों से आग्रह किया गया है कि यदि आवश्यक हो तो ही ट्रेन से यात्रा करें।
डाउनिंग स्ट्रीट में कैबिनेट की बैठक से पहले जॉनसन ने कहा, “वेतन पर बहुत अधिक मांग भी दुनिया भर के परिवारों के सामने रहने की बढ़ती लागत के साथ मौजूदा चुनौतियों को समाप्त करने के लिए अविश्वसनीय रूप से कठिन बना देगी।
“अब ब्रिटिश लोगों और रेल कर्मचारियों की भलाई के लिए एक समझदार समझौता करने का समय है,” उन्होंने कहा।
सार्वजनिक स्वामित्व वाली नेटवर्क रेल और 13 रेल ऑपरेटरों के हजारों कर्मचारियों ने सोमवार को हड़ताल से बचने के लिए आखिरी खाई की बातचीत के बाद आधी रात से वाकआउट कर लिया। आरएमटी रेल यूनियन ने सरकार पर रेल नेटवर्क के नियोक्ताओं को वेतन पर स्वतंत्र रूप से बातचीत करने से रोकने का आरोप लगाया। संघ कथित तौर पर 7 प्रतिशत की वेतन वृद्धि की मांग कर रहा है, जो मुद्रास्फीति से कम है लेकिन नियोक्ताओं द्वारा की पेशकश की तुलना में अधिक है।
आरएमटी यूनियन के महासचिव मिक लिंच ने कहा, “यह स्पष्ट है कि टोरी सरकार ने लंदन के लिए राष्ट्रीय रेल और परिवहन से GBP 4 बिलियन की फंडिंग को कम करने के बाद अब सक्रिय रूप से इस विवाद को सुलझाने से रोक दिया है।”
रेल कंपनियों ने अब वेतन दरों का प्रस्ताव दिया है जो पिछले कुछ वर्षों के वेतन फ्रीज के शीर्ष पर आने वाली मुद्रास्फीति की प्रासंगिक दरों के तहत बड़े पैमाने पर हैं। सरकार के इशारे पर, कंपनियां भी हजारों नौकरियों में कटौती लागू करने की मांग कर रही हैं और अनिवार्य अतिरेक के खिलाफ कोई गारंटी देने में विफल रही हैं,” उन्होंने कहा।
नेटवर्क रेल के सीईओ एंड्रयू हैन्स ने कहा कि सरकार बातचीत में बाधा नहीं है”, रिपोर्टों के बीच कि यूनियनों ने 3 प्रतिशत वेतन वृद्धि प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
लंदन के ट्यूब नेटवर्क से जुड़ी एक अलग पंक्ति में, लंदन अंडरग्राउंड नेटवर्क के कर्मचारी भी मंगलवार को नौकरी में कटौती और अपनी पेंशन में बदलाव को लेकर हड़ताल पर हैं।

डाउनिंग स्ट्रीट ने एक बयान में कहा, “मुद्रास्फीति से निपटने और इसे जमने से रोकने की हमारी जिम्मेदारी है।
बयान में कहा गया है, “ऐसा करने के लिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वेतन निपटान समझदार हैं और मुद्रास्फीति से मेल खाने के लिए हाथापाई नहीं करते हैं, और परिणामस्वरूप कीमतों में वृद्धि होती है क्योंकि वेतन वृद्धि को शामिल करने के लिए माल और सेवा की लागत में वृद्धि होती है।

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1. अंक-257, (वर्ष-05)
2. बृहस्पतिवार, जून 23, 2022
3. शक-1944, आषाढ़, कृष्ण-पक्ष, तिथि-दसमीं, विक्रमी सवंत-2079।
4. सूर्योदय प्रातः 05:22, सूर्यास्त: 07:15।
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