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शनिवार, 7 अक्तूबर 2023

युद्ध जैसे हालात, 27 लोगों को बचाने हेतु मदद मांगी

युद्ध जैसे हालात, 27 लोगों को बचाने हेतु मदद मांगी

इकबाल अंसारी 
शिलांग। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने इजराइल और फलस्तीन के बीच युद्ध जैसे हालात में फंसे राज्य के 27 लोगों को बचाने के लिए शनिवार को विदेश मंत्रालय से मदद मांगी। संगमा ने कहा कि वह इन लोगों को राज्य में वापस लाने के लिए मंत्रालय के संपर्क में हैं। 
उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ‘‘पवित्र तीर्थयात्रा के लिए यरुशलम गए मेघालय के 27 नागरिक इजराइल और फलस्तीन के बीच मौजूदा तनाव के कारण बेथलहम में फंस गए हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय के संपर्क में हूं।’’ यरुशलम यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम धर्म तीनों की ही पवित्र नगरी है। मेघालय के ईसाई धार्मिक यात्रा पर वहां जाते हैं।

गुरुवार, 20 जुलाई 2023

सीएम संगमा ने बयान जारी किया: मेघालय 

सीएम संगमा ने बयान जारी किया: मेघालय 

सुनील श्रीवास्तव

शिलांग। मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर उनकी परेड कराने का वीडियो सामने आने के एक दिन बाद मेघालय के मुख्यमंत्री सी. संगमा ने बृहस्पतिवार को इस घटना को ‘अपमानजनक’ बताया। 

उन्होंने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। संगमा ने ट्वीट किया, ‘‘मणिपुर में हाल की घटना से बहुत व्यथित हूं। किसी भी व्यक्ति की गरिमा भंग करना सबसे अपमानजनक तथा अमानवीय कृत्य है। मैं ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा करता हूं। दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।’’ 

चार मई का यह वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद से मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि विरोधी पक्ष के कुछ व्यक्ति एक समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमा रहे हैं।

शनिवार, 24 जून 2023

16 साल की लड़की, फैसला लेने में सक्षम

16 साल की लड़की, फैसला लेने में सक्षम

इकबाल अंसारी

शिलांग। नाबालिग से रेप के मामले में सुनवाई करते हुए मेघालय उच्च न्यायालय ने अहम फैसला देते हुए आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने ये टिप्पणी की है कि 16 साल की लड़की सेक्स को लेकर फैसला लेने में सक्षम है। बता दें कि याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि आपसी सहमति से ही शारीरिक संबंध बने थे।

मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, ’उस उम्र (16 साल की आयु के नाबालिग के संदर्भ में) के किशोर के शारीरिक और मानसिक विकास को देख रहा कोर्ट इस बात को तर्कसंगत मानेगा कि ऐसा व्यक्ति संभोग के संबंध में अपने लिए भलाई के फैसले लेने में सक्षम है।श् दरअसल, याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उसके और कथित पीड़िता के बीच संबंध सहमति से बने थे और दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे।

मिली जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता कई घरों में काम करता था और कथित पीड़िता के साथ संपर्क में आ गया। आरोप लगाए जा रहे हैं कि दोनों याचिकाकर्ता के रिश्तेदार के घर गए, जहां दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए। अगले ही दिन सुबह नाबालिग लड़की की मां की तरफ से आईपीसी की धारा 363 और पॉक्सो एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत थ्प्त् दर्ज करा दी गई थी।

याचिकाकर्ता का कहना था कि उस मामले को यौन हिंसा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि नाबालिग ने खुद ही कोर्ट को और अपने बयान में खुलकर बताया है कि वह याचिकाकर्ता की प्रेमिका है। साथ ही उसने यह भी पुष्टि की है कि शारीरिक संबंध मर्जी से ही बने हैं, जिसमें जबरदस्ती नहीं की गई है। दरअसल, मेघालय उच्च न्यायालय ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को माना। कोर्ट ने पाया कि सर्वाइवर के आयुवर्ग में लोगों के मानसिक और शारीरिक विकास को देखते हुए यह माना जा सकता है कि वे यौन संबंधों के मामले में ठीक फैसला लेने में सक्षम हैं।

शुक्रवार, 9 दिसंबर 2022

सीमांकन या सीमा चौकियों के निर्माण पर अंतरिम रोक

सीमांकन या सीमा चौकियों के निर्माण पर अंतरिम रोक

इकबाल अंसारी 

शिलोंग। मेघालय हाई कोर्ट ने इस साल की शुरुआत में असम और मेघालय के मुख्यमंत्रियों द्वारा हस्ताक्षरित एक अंतरराज्यीय सीमा समझौते के संबंध में जमीन पर भौतिक सीमांकन या सीमा चौकियों के निर्माण पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और असम के उनके समकक्ष हिमंत विश्व शर्मा ने दोनों राज्यों के बीच अकसर तनाव उत्पन्न करने वाले 12 विवादित क्षेत्रों में से कम से कम छह के सीमांकन के लिए इस साल मार्च में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

मेघालय के चार ट्रेडिशनल (आदिवासी) प्रमुख की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एच. एस. थांगखिव ने छह फरवरी 2023 को मामले की अगली सुनवाई तक इस पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।

न्यायमूर्ति थांगखिव ने कहा, इस दौरान 29.03.2022 के समझौता ज्ञापन के तहत, अगली सुनवाई तक कोई भौतिक सीमांकन या जमीन पर सीमा चौकियों का निर्माण नहीं किया जाएगा। याचिका में उच्च न्यायालय से दो पूर्वोत्तर राज्यों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को रद्द करने का अनुरोध किया गया था। याचिका में दावा किया गया कि यह संविधान की छठी अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, जो आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासन के लिए विशेष प्रावधानों से संबंधित है।

सोमवार, 13 सितंबर 2021

पोचमपल्ली गांव को कैटेगरी में नॉमिनेट किया

शिलोंग। मेघालय के कोंगथोंग गांव, मध्य प्रदेश के लाड़पुरा और तेलंगाना के पोचमपल्ली गांव को भी यूनाइटेड नेशन्‍स वर्ल्‍ड टूरिज्‍म ऑर्गेनाइजेशन अवॉर्ड के लिए ‘बेस्‍ट टूरिज्‍म विलेज’ की कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया है। आज हम आपको देश के इन तीनों बेमिसाल गांवों के बारे में बताने जा रहे हैं। कोंगथोंग (मेघालय): कोंगथोंग, शिलांग से 60 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है और अपने प्राकृतिक सौंदर्य तथा विशिष्ट संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। कोंगथोंग ‘व्हिस्लिंग गांव’ (सीटी वाला गांव) के नाम से भी मशहूर है। क्‍योंकि यहां का हर बच्‍चा एक विशेष प्रकार की आवाज निकालता है। जो सुनने में सीटी जैसी लगती है।

शनिवार, 31 जुलाई 2021

देश में अपनी पसंद का खाना खाने के लिए स्वतंत्र हैं

शिलोंग। मेघालय सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंत्री सनबोर शुलई ने राज्य के लोगों को मुर्गे, भेड़ या बकरी का मांस या मछली खाने के बजाय बीफ ज्यादा खाने के लिए कहा और इस बात से इनकार किया कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ है। पिछले हफ्ते कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता शुलई ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में हर कोई अपनी पसंद का खाना खाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, ”मैं लोगों को मुर्गे, भेड़ या बकरी का मांस या मछली खाने के बजाय बीफ ज्यादा खाने के लिए प्रेरित करता हूं, यह धारणा कि भाजपा गोवध पर प्रतिबंध लगाएगी, यह दूर हो जाएगी।” पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री शुलई ने यह भी आश्वासन दिया कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से बात करेंगे कि पड़ोसी राज्य में नए अधिनियम से मेघालय में मवेशियों का परिवहन बाधित न हो।
मेघालय और असम के बीच सीमा विवाद पर तीन बार के विधायक ने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य सीमा और अपने लोगों की रक्षा के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा, ”अगर असम के लोग सीमावर्ती इलाकों में हमारे लोगों को प्रताड़ित करते रहते हैं तो वक्त आ गया है कि केवल बात न करें और चाय न पिए। हमें जवाब देना होगा, हमें मौके पर ही जवाब देना होगा।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह हिंसा के पक्ष में नहीं हैं।

रविवार, 7 मार्च 2021

मेघालय की नदी को साफ नदी का टैग मिला हुआ है

शिलोंग। आज के समय में नदियां बहुत प्रदूषित हैं लेकिन मेघालय राज्य में एक ऐसी नदी है। जिसे सबसे साफ नदी का टैग मिला हुआ है। नदी में नाव पर सवारी करने पर ऐसा लगता है मानों कांच पर नाव चल रही हो। इस नदी का नाम है उमनगोत है। लेकिन यह डौकी नाम से प्रसिद्ध है। दरअसल, पर्यटकों द्वारा इसकी तस्वीरें शेयर किए जाने के बाद इस नदी की सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी। लोग जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर यह नदी कौन सी है। ये नदी भारत- बांग्लादेश सीमा के पास एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का दर्जा प्राप्त गांव मॉयलननोंग से गुजरती है और बांग्लादेश में बहने से पहले ये जयन्तिया और खासी हिल्स के बीच से गुजरती है।

छत्तीसगढ़: 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया

छत्तीसगढ़: 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया दुष्यंत टीकम  सुकमा। जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पूना नर्काेम अभियान और छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलव...