मेघालय लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मेघालय लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 13 सितंबर 2021

पोचमपल्ली गांव को कैटेगरी में नॉमिनेट किया

शिलोंग। मेघालय के कोंगथोंग गांव, मध्य प्रदेश के लाड़पुरा और तेलंगाना के पोचमपल्ली गांव को भी यूनाइटेड नेशन्‍स वर्ल्‍ड टूरिज्‍म ऑर्गेनाइजेशन अवॉर्ड के लिए ‘बेस्‍ट टूरिज्‍म विलेज’ की कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया है। आज हम आपको देश के इन तीनों बेमिसाल गांवों के बारे में बताने जा रहे हैं। कोंगथोंग (मेघालय): कोंगथोंग, शिलांग से 60 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है और अपने प्राकृतिक सौंदर्य तथा विशिष्ट संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। कोंगथोंग ‘व्हिस्लिंग गांव’ (सीटी वाला गांव) के नाम से भी मशहूर है। क्‍योंकि यहां का हर बच्‍चा एक विशेष प्रकार की आवाज निकालता है। जो सुनने में सीटी जैसी लगती है।

शनिवार, 31 जुलाई 2021

देश में अपनी पसंद का खाना खाने के लिए स्वतंत्र हैं

शिलोंग। मेघालय सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंत्री सनबोर शुलई ने राज्य के लोगों को मुर्गे, भेड़ या बकरी का मांस या मछली खाने के बजाय बीफ ज्यादा खाने के लिए कहा और इस बात से इनकार किया कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ है। पिछले हफ्ते कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता शुलई ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में हर कोई अपनी पसंद का खाना खाने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, ”मैं लोगों को मुर्गे, भेड़ या बकरी का मांस या मछली खाने के बजाय बीफ ज्यादा खाने के लिए प्रेरित करता हूं, यह धारणा कि भाजपा गोवध पर प्रतिबंध लगाएगी, यह दूर हो जाएगी।” पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री शुलई ने यह भी आश्वासन दिया कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से बात करेंगे कि पड़ोसी राज्य में नए अधिनियम से मेघालय में मवेशियों का परिवहन बाधित न हो।
मेघालय और असम के बीच सीमा विवाद पर तीन बार के विधायक ने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य सीमा और अपने लोगों की रक्षा के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा, ”अगर असम के लोग सीमावर्ती इलाकों में हमारे लोगों को प्रताड़ित करते रहते हैं तो वक्त आ गया है कि केवल बात न करें और चाय न पिए। हमें जवाब देना होगा, हमें मौके पर ही जवाब देना होगा।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह हिंसा के पक्ष में नहीं हैं।

रविवार, 7 मार्च 2021

मेघालय की नदी को साफ नदी का टैग मिला हुआ है

शिलोंग। आज के समय में नदियां बहुत प्रदूषित हैं लेकिन मेघालय राज्य में एक ऐसी नदी है। जिसे सबसे साफ नदी का टैग मिला हुआ है। नदी में नाव पर सवारी करने पर ऐसा लगता है मानों कांच पर नाव चल रही हो। इस नदी का नाम है उमनगोत है। लेकिन यह डौकी नाम से प्रसिद्ध है। दरअसल, पर्यटकों द्वारा इसकी तस्वीरें शेयर किए जाने के बाद इस नदी की सोशल मीडिया पर चर्चा होने लगी। लोग जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर यह नदी कौन सी है। ये नदी भारत- बांग्लादेश सीमा के पास एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का दर्जा प्राप्त गांव मॉयलननोंग से गुजरती है और बांग्लादेश में बहने से पहले ये जयन्तिया और खासी हिल्स के बीच से गुजरती है।

रायपुर की शिक्षिका ने एचसी में याचिका दायर की

दुष्यंत टीकम            बिलासपुर। मोबाइल फोन और ई मेल आईडी हैक कर अश्लील मेसैज भेजने व ब्लैकमेलिंग करने की शिकायत पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न...