मंगलवार, 29 नवंबर 2022

बिना किसी लाइसेंस के 'मदिरा' परोसने पर कार्यवाही 

बिना किसी लाइसेंस के 'मदिरा' परोसने पर कार्यवाही 

हरिशंकर त्रिपाठी 

देवरिया। जिला आबकारी अधिकारी ने जनपद के सभी होटल, रेस्टोरेन्ट एवं बैंकेटहॉल स्वामियों एवं सर्व साधारण को जनहित में अवगत कराया है कि यदि किसी ऐसी पार्टी का आयोजन करना है। जिसमें मदिरा का उपभोग होना है, तो उसके लिए नियमानुसार अकेजनल बार (एफ0एल0-11) अनुज्ञापन प्राप्त किये जाने के उपरान्त ही मदिरा परोसी जाएं तथा अन्य प्राप्त की मदिरा किसी भी दशा में न परोसी जाएं।

यदि किसी होटल, रेस्टोरेन्ट एवं बैंकेटहॉल के मालिक द्वारा अपने प्रतिष्ठान में बिना किसी अकेजनल बार लाइसेंस के मदिरा परोसी जाती है या अन्य प्रान्त की मदिरा परोसी जाती है, तो उसके विरुद्ध आबकारी अधिनियम व आई.पी.सी. की धाराओं में कार्यवाही की जाएगी।

आकाशगंगाओं के गुणों को निर्धारित करने में मदद 

आकाशगंगाओं के गुणों को निर्धारित करने में मदद 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारत के सारस रेडियो टेलीस्कोप ने वैज्ञानिकों को बिग बैंग के 20 करोड़ वर्ष बाद बनने वाली सबसे पुरानी रेडियो चमकीली आकाशगंगाओं के गुणों को निर्धारित करने में मदद की है। बिग बैंग की अवधि को कॉस्मिक डॉन के रूप में जाना जाता है। ये निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के समूह की नेचर एस्ट्रोनॉमी पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं जिससे पूर्व की रेडियो युक्त आकाशगंगाओं के बारे में जानने का अवसर मिला है। ये रेडियो युक्त आकाशगंगाएं आमतौर पर अत्यंत विशालकाय ब्लैक होल से संचालित होती हैं।

बेंगलुरु स्थित रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरआरआई) के सौरभ सिंह सहित वैज्ञानिकों की एक टीम ने पहली पीढ़ी की आकाशगंगाओं के ऊर्जा उत्पादन, चमक और द्रव्यमान का अनुमान लगाया, जो रेडियो तरंग दैर्ध्य के साथ प्रकाशमान हैं। आरआरआई में डिजाइन और विकसित किए गए स्वदेशी शेप्ड एंटीना मीजरमेंट ऑफ द बैकग्राउंड रेडियो स्पेक्ट्रम 3 (सारस) टेलीस्कोप को 2020 की शुरुआत में उत्तरी कर्नाटक में दंडिगनहल्ली झील और शरावती नदी के पास तैनात किया गया था। 

आरआरआई के अलावा, ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (सीएसआईआरओ) के अनुसंधानकर्ताओं ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय और तेल अवीव विश्वविद्यालय के सहयोगियों के साथ रेडियो तरंग दैर्ध्य के कारण चमकीली आकाशगंगाओं की पहली पीढ़ी के ऊर्जा उत्पादन, चमक और द्रव्यमान का अनुमान लगाने के लिए अध्ययन में भाग लिया। वैज्ञानिकों ने लगभग 1420 मेगाहर्ट्ज की आवृत्ति पर उत्सर्जित आकाशगंगाओं में और उसके आसपास हाइड्रोजन परमाणुओं से विकिरण देखा।

पहली बार दो ईसाई उम्मीदवारों के बीच मुकाबला 

पहली बार दो ईसाई उम्मीदवारों के बीच मुकाबला 

इकबाल अंसारी 

गांधीनगर/अहमदाबाद। गुजरात की व्यारा विधानसभा सीट पर पहली बार दो ईसाई उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने इस सीट पर ईसाई उम्मीदवार उतारे हैं। इस सीट से गुजरात को अमरसिंह चौधरी के रूप में पहला मुख्यमंत्री मिला था। कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट से अपने मौजूदा विधायक पूनाभाई गामित को टिकट दिया है, तो वहीं भाजपा ने चार बार से विधायक गामित से मुकाबले के लिए पहली बार ईसाई उम्मीदवार मोहन कोंकणी को मैदान में उतारा है।

गामित का कहना है कि ईसाई मतदाता फिर से कांग्रेस को वोट देंगे, जबकि कोंकणी का दावा है कि राज्य में भाजपा सरकार द्वारा किए गए विकास के कारण लोग उनकी पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कमजोर वर्गों को साथ लेकर चलने के कांग्रेस के दृष्टिकोण ने जनजातीय बहुल सीटों पर जीत हासिल करने में उसकी मदद की है, जबकि इस विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक पहलुओं को देखते हुए भाजपा को जीत हासिल करने के लिए मशक्कत करनी पड़ सकती है। 

कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली और दक्षिण गुजरात के जनजातीय बहुल तापी जिले में स्थित व्यारा सीट पर कुल 2.20 लाख मतदाताओं में से लगभग 40,000 यानि 20 प्रतिशत ईसाई हैं। अधिकांश ईसाई गामित, चौधरी और कोंकणी जनजाति समुदायों से परिवर्तित हुए हैं। एक दिसंबर को पहले चरण में इस सीट पर मतदान होना है। कांग्रेस के दिग्गज नेता अमरसिंह चौधरी ने 1972 से 1985 के बीच चार बार इस सीट पर जीत हासिल की थी। साल 1985 में वह राज्य के पहले और अब तक के एकमात्र जनजातीय मुख्यमंत्री बने थे। 

समाज शास्त्री गौरांग जानी ने कहा कि कमजोर समुदायों को साथ लेकर चलने के अपने दृष्टिकोण के कारण जनजातीय सीटों पर कांग्रेस को सफलता मिली है, जिससे भाजपा को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने को मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इस क्षेत्र में जनजातीय समुदायों का धर्मांतरण करके ईसाई धर्म अपनाना लंबे समय से जारी है, जिससे इसके सामाजिक समीकरण जटिल हो गए हैं।

खड़गे को फ्रिंज कहा, दलित विरोधी विषवमन किया

खड़गे को फ्रिंज कहा, दलित विरोधी विषवमन किया

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित मालवीय ने उसके (कांग्रेस के) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को फ्रिंज (अराजक) कहकर दलित विरोधी विषवमन किया है। जो भाजपा की मानसिकता को दिखाता है। दरअसल, भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख मालवीय ने खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना कथित तौर पर रावण से किए जाने को लेकर उन पर निशाना साधा था। 

इसके बाद कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा और सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने मालवीय पर पलटवार किया। खेड़ा ने मालवीय के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, वे (भाजपा) इस तथ्य को पचा क्यों नहीं पा रहे हैं कि एक दलित कांग्रेस का निर्वाचित अध्यक्ष बन गया? उन्हें फ्रिंज’ कहना यह दिखाता है कि आप और आपकी पार्टी दलितों के बारे में क्या सोचती है? 

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, आपके पास यह दुस्साहस है कि एक वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले और पिछले 55 वर्षों से चुनाव जीत रहे व्यक्ति को फ्रिंज कहा जाए। हमें कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर खरगे जी पर गर्व है। उन्होंने कहा, अब समय है कि आप लोग दलित विरोधी विषवमन बंद करिए। आपकी और फर्जी खबरें फैलाने वाली आपकी ब्रिगेड फ्रिंज है। 

इससे पहले, मालवीय ने खरगे के एक भाषण से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, गुजरात चुनाव में मुकाबला करने में असमर्थ रहने के बाद अब फ्रिंज तक पहुंच चुके, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शब्दों पर अपना नियंत्रण खो बैठे और प्रधानमंत्री को रावण कह दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौत का सौदागर से लेकर रावण तक, कांग्रेस गुजरात और उसके बेटे का अपमान करना जारी रखे हुए है।

प्राकृतिक गैस पर 5 साल के लिए मूल्य सीमा लागू होगी 

प्राकृतिक गैस पर 5 साल के लिए मूल्य सीमा लागू होगी 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा पुराने क्षेत्रों से निकलने वाली प्राकृतिक गैस पर पांच साल के लिए मूल्य सीमा लागू की जा सकती है। सरकार द्वारा किरीट पारेख की अगुवाई में नियुक्त गैस मूल्य समीक्षा समिति ने इसकी सिफारिश की है। सीएनजी और पाइपलाइन से आने वाली रसोई गैस पीएनजी की कीमतों में नरमी लाने के लिए ऐसा किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) को चार डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (प्रति इकाई) के न्यूनतम मूल्य और 8.57 डॉलर की मौजूदा दर के मुकाबले अब अधिकतम 6.5 डॉलर का भुगतान किया जाएगा। मामले से जुड़े तीन सूत्रों ने यह जानकारी दी। 

हालांकि, मुश्किल क्षेत्रों से निकलने वाली गैस के लिए मूल्य निर्धारण फॉर्मूले को नहीं बदला जाएगा। मूल्य निर्धारण की यह व्यवस्था रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के केजी-डी6 क्षेत्र और ब्रिटेन की इसकी भागीदार बीपी पीएलसी के मुश्किल क्षेत्रों पर लागू होती है। पारेख समिति को भारत में गैस-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बाजार-उन्मुख, पारदर्शी और भरोसेमंद मूल्य निर्धारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सुझाव देने का काम सौंपा गया था। समिति को यह भी तय करना था कि अंतिम उपभोक्ता को उचित मूल्य पर गैस मिले।

उन्होंने कहा कि न्यूनतम और नियंत्रित मूल्य पांच साल के लिए होगा और इसकी हर साल समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कीमतें उत्पादन लागत से नीचे नहीं गिरेंगी, जैसा कि पिछले साल हुआ था। या मौजूदा दरों की तरह रिकॉर्ड ऊंचाई तक भी नहीं बढ़ेंगी। सूत्रों ने कहा कि समिति की सिफारिशों के आधार पर खोज और उत्पादन (ईएंडपी) में निवेश की चिंताओं को भी दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बाजार आधारित मूल्य निर्धारण से नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और वैश्विक कंपनियां यहां आएंगी। 

सूत्रों ने कहा कि गैस के आवंटन में शहरी गैस को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी। यह क्षेत्र शून्य कटौती श्रेणी में होगा, जिसका अर्थ है कि उत्पादन में गिरावट के मामले में पहले अन्य उपभोक्ताओं की आपूर्ति में कटौती की जाएगी। योजना आयोग के पूर्व सदस्य किरीट एस पारेख की अध्यक्षता वाली समिति अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रही है और इसे अगले कुछ दिनों में सरकार को सौंप दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय इन सिफारिशों की समीक्षा के बाद इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजेगा।

आप पर निशाना साधा, फसली बटेर की संज्ञा दी: नड्डा 

आप पर निशाना साधा, फसली बटेर की संज्ञा दी: नड्डा 

इकबाल अंसारी 

दाहोद। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए उन्हें फसली बटेर की संज्ञा दी और जनता को ऐसे दलों से सतर्क रहने की सलाह दी। जनजातीय बहुल दाहोद जिले में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 70 सालों में जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया जबकि भाजपा सरकारों ने इसके लिए अनेकों काम किए और समुदाय विशेष के लोगों को राष्ट्रपति, राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री तक बनाया है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आप ऐसी पार्टियां हैं जो सिर्फ चुनावों में दिखती हैं और चुनाव के बाद गायब हो जाती हैं। लेकिन चुनाव के बाद अगर कोई सेवा के लिए बचता है तो भाजपा के कार्यकर्ता बचते हैं। उन्होंने कहा, गुजरात में आम आदमी पार्टी सरकार बनाने आई थी लेकिन अब इसका आकार भी बचेगा या नहीं... ये तो आठ तारीख (मतगणना) के बाद ही पता चलेगा। ये चकमा देने वाले लोग हैं, इन फसली बटेरों से आपको सतर्क रहना है।

सातवें ‘ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट’ को संबोधित किया 

सातवें ‘ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट’ को संबोधित किया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने मंगलवार को कहा कि अगले दशक में डिजिटल कॉमर्स के लिए मुक्त नेटवर्क (ओएनडीसी) जैसे कदमों की वजह से भारत में ‘महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधियां’ देखने को मिलेगी।नीलेकणि ने कार्नेगी इंडिया की तरफ से यहां आयोजित सातवें ‘ग्लोबल टेक्नोलॉजी समिट’ को संबोधित करते हुए कहा कि अगले एक दशक में भारत में व्यापक आधार वाली, समावेशी एवं लोकतांत्रिक आर्थिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसा मौजूदा समय में घटित हो रहे तीन बदलावों के कारण होगा।

नीलेकणि ने इसका ब्योरा देते हुए कहा, ‘‘इस समय तीन बड़ी चीजें घटित हो रही हैं। जिनका अगले दशक में भारत पर प्रभाव पड़ेगा। पहला ओएनडीसी, दूसरा खाता एग्रीगेटर नेटवर्क और तीसरा लॉजिस्टिक क्षेत्र में जीएसटी, फास्टैग एवं ई-वे बिल के कारण आ रहे बदलाव हैं।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि वस्तुओं एवं सेवाओं के आदान-प्रदान से जुड़े सभी पहलुओं के लिए एक मुक्त मंच के तौर पर गठित किया जा रहा ओएनडीसी जल्द शुरू होगा।

ओएनडीसी के माध्यम से लाखों छोटे आपूर्तिकर्ता अपने उत्पादों की बिक्री इस इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर कर पाएंगे। इसके अलावा छोटे विक्रेताओं को अपना कारोबार समावेशी बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही इन्फोसिस के चेयरमैन ने कहा कि खाता एग्रीगेटर नेटवर्क की संकल्पना भी बुनियादी बदलाव लाने वाली है। इसके पीछे डेटा का सृजन करने वाले लोगों को ही इसका इस्तेमाल करने की छूट देने का विचार है।

इस तरह व्यक्ति एवं छोटे कारोबार तमाम सेवाओं तक पहुंच हासिल करने के लिए डेटा का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘खाता एग्रीगेटर नेटवर्क में एक सहमति प्रबंधक आपकी तरफ से आपसे संबंधित आंकड़े विभिन्न सेवा प्रदाताओं से हासिल करता है और फिर उसे अलग-अलग लाभ के लिए दूसरों को बढ़ा देता है। इससे कर्ज बांटने एवं अन्य वित्तीय सेवाओं की प्रक्रिया बुनियादी तौर पर अधिक लोकतांत्रिक होने जा रही है।’’

नीलेकणि ने कहा कि लॉजिस्टिक क्षेत्र में हो रहे बदलावों का भी आने वाले दशक में व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी, फास्टैग एवं ई-वे बिल जैसे कदमों से लॉजिस्टिक क्षेत्र में बदलाव हो रहा है और अब राजमार्गों पर गाड़ियों एवं सामान का आवागमन अधिक सरल हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने आधार कार्ड रखने वाले नागरिकों की संख्या बढ़कर 130 करोड़ हो जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इस ऑनलाइन पहचान व्यवस्था का इस्तेमाल देशभर में कहीं भी किया जा सकता है। आधार पहचान संख्या जारी करने की शुरुआत नीलेकणि के इस परियोजना का प्रमुख रहते समय ही हुई थी।

गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुए विजय

गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुए विजय

इकबाल अंसारी 

पणजी। गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के अध्यक्ष विजय सरदेसाई मंगलवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुए। सरदेसाई के अलावा दुर्गादास कामत, संतोष कुमार सावंत, दीपक कलांगुटकर सहित पार्टी के कई नेताओं ने मंगलवार सुबह राहुल गांधी के साथ इंदौर में पदयात्रा की। इस साल के गोवा विधानसभा चुनाव में जीएफपी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था।

सरदेसाई ने कहा कि उन्हें पदयात्रा में शामिल होने का आमंत्रण मिला था और उन्होंने इसे कांग्रेस के सहयोगी के तौर पर और "उन सभी के सम्मान में जो देश भर में पदयात्रा कर रहे हैं।", स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यात्रा का मिशन एकता पर जोर देना और देश में फैली नफरत को रोकना है।

कट्टरपंथ का मुकाबला करने में उलेमा की भूमिका 

कट्टरपंथ का मुकाबला करने में उलेमा की भूमिका 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि इस्लाम के मूल सहिष्णु एवं उदारवादी सिद्धांतों के बारे में लोगों को शिक्षित करने तथा प्रगतिशील विचारों से कट्टरपंथ का मुकाबला करने में उलेमा की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘भारत और इंडोनेशिया में अंतर-धार्मिक शांति एवं सामाजिक सौहार्द की संस्कृति को आगे बढ़ाने में उलेमा की भूमिका’ विषय पर एक सत्र को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा, ‘‘हमें कट्टरता से दूर होने के साझे विचारों को मजबूत बनाने के लिये मिलकर काम करने की जरूरत है।’’ गौरतलब है कि इंडोनेशिया के राजनीतिक, कानूनी एवं सुरक्षा मामलों के समन्वय मंत्री मोहम्मद महफूद सोमवार से भारत की यात्रा पर हैं।

उनके साथ 24 सदस्यीय एक शिष्टमंडल भी आया है, जिसमें उलेमा के अलावा अन्य धार्मिक नेता भी शामिल हैं। इंडिया इस्लामिक सेंटर में इंडोनेशिया से आए शिष्टमंडल ने यहां भारतीय समकक्षों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। डोभाल ने अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि चरमपंथ और आतंकवाद इस्लाम के अर्थ के खिलाफ है, क्योंकि इस्लाम का मतलब शांति और सलामती होता है। उन्होंने कहा, ‘‘ लोकतंत्र में नफरती भाषण, पूर्वाग्रह, दुष्प्रचार, हिंसा, संघर्ष और तुच्छ कारणों से धर्म के दुरुपयोग के लिये कोई स्थान नहीं है। ’’ उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि भारत और इंडोनेशिया आतंकवाद और अलगाववाद से पीड़ित रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां इन चुनौतियों से काफी हद तक निपटा गया है, वहीं सीमापार और आईएसआईएस प्रेरित आतंकवाद खतरा बना हुआ है। डोभाल ने कहा, ‘‘ आईएसआईएस प्रेरित व्यक्तिगत आतंकी प्रकोष्ठ के खतरों का मुकाबला करने के लिये नागरिक संस्थाओं का सहयोग जरूरी है।’’ 

अधिकारियों के खिलाफ ‘उचित कार्रवाई’ करें: योजना 

अधिकारियों के खिलाफ ‘उचित कार्रवाई’ करें: योजना 

इकबाल अंसारी 

गुवाहाटी। गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम सरकार से कहा है कि वह राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत लाभ बांटने में हुई अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों के खिलाफ ‘‘उचित कार्रवाई’’ करे। राज्य सरकार ने पूर्व में उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि लगभग 12 लाख अपात्र किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख योजना के तहत लाभ मिला है। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) अमगुरी नब निर्माण समिति द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, मुख्य न्यायाधीश आर एम छाया और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की पीठ ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार को दोषी अधिकारियों के खिलाफ ‘‘उचित कार्रवाई’’ शुरू करने की आवश्यकता है।

पीठ ने 25 नवंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘राज्य सरकार उपयुक्त लाभार्थियों को लाभ प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करेगी। प्रतिवादी प्राधिकरण योजना को अक्षरशः और कानून के अनुसार लागू करेगा।’’ अदालत ने असम सरकार को 2020 में तत्कालीन मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ द्वारा तैयार की गई एक सदस्यीय जांच रिपोर्ट पर भी विचार करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट का हवाला देते हुए, कृषि विभाग के संयुक्त सचिव गुनजीत कश्यप ने फरवरी में एक हलफनामे में अदालत को सूचित किया कि 11.72 लाख अपात्र लोगों को पीएम-किसान योजना के तहत लाभ मिला। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, ‘‘यह भी रिकॉर्ड में लाया गया है कि 16 जिला कृषि अधिकारी और 98 कृषि विकास अधिकारी विभागीय जांच के अधीन हैं।’’

पीठ ने कहा कि इसके अलावा, बंगाईगांव जिले के जिला कृषि अधिकारी द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने फर्जी तरीके से 734 लोगों को पोर्टल से जोड़ा था। वर्ष 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना के तहत, पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो 2,000 रुपये की तीन समान किस्त में देय है। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती है। पिछले साल चार अगस्त को असम के कृषि मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा को बताया था कि राज्य भर में कुल 23,33,864 किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत लाभ मिला है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पिछले साल 20 जुलाई को संसद को सूचित किया था कि केंद्र को 15 जुलाई, 2021 तक पीएम-किसान योजना के लिए पंजीकृत 42.16 लाख अपात्र लाभार्थी किसानों से 2,992.75 करोड़ रुपये की वसूली करनी है, जिसमें सबसे अधिक राशि असम से वसूल की जानी है। तोमर ने कहा था, ‘‘इस कुल राशि में से असम में 8.35 लाख अपात्र किसानों से 554.01 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है।’’ 

देशमुख की याचिका, 2 दिसंबर तक स्थगित सुनवाई 

देशमुख की याचिका, 2 दिसंबर तक स्थगित सुनवाई 

कविता गर्ग 

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर बम्बई उच्च न्यायालय ने सुनवाई मंगलवार को दो दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी। देशमुख के खिलाफ यह मामला भ्रष्टाचार और पद के आधिकारिक दुरुपयोग से संबंधित है, जिसकी जांच जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रहा है। न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की एकल पीठ मंगलवार को जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू नहीं कर सकी, क्योंकि सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह अस्वस्थ होने के कारण अदालत में पेश नहीं हो सके। सीबीआई की विशेष अदालत से पिछले महीने जमानत अर्जी खारिज होने के बाद देशमुख (73) ने उच्च न्यायालय का रुख किया था।

उन्होंने चिकित्सीय और गुण-दोष के आधार पर जमानत की मांग की है। देशमुख की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने जल्दी सुनवाई का आग्रह किया और कहा कि उनके मुवक्किल पिछले साल नवंबर से जेल में हैं। न्यायमूर्ति कार्णिक ने कहा कि वह मामले की सुनवाई दो दिसंबर को करेंगे। न्यायमूर्ति कार्णिक ने कहा, ‘‘यह जमानत की अर्जी है, जो चिकित्सीय और गुण-दोष के आधार पर दाखिल की गयी है। मैं पहले चिकित्सीय आधार पर सुनवाई करूंगा। अगर मैं संतुष्ट हुआ, तभी मैं गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करूंगा । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता पिछले साल नवंबर से जेल में हैं।

देशमुख को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के मामले में गिरफ्तार किया था। इस साल अप्रैल में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने राकांपा नेता को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था। देशमुख अभी न्यायिक हिरासत में हैं और मुंबई स्थित आर्थर रोड जेल में बंद हैं। उच्च न्यायालय ने पिछले महीने ईडी के मामले में देशमुख को जमानत दी थी।

हालांकि, भ्रष्टाचार के मामले में उनकी जमानत याचिका को सीबीआई की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था । उच्च न्यायालय में अपनी जमानत अर्जी में देशमुख ने कहा है कि वह कई बीमारियों से पीड़ित हैं और पिछले करीब एक साल से जेल में बंद हैं । याचिका में यह दावा किया गया है कि विशेष अदालत ने सीबीआई के आरोप पत्र को केवल 'कट, कॉपी और पेस्ट' करते हुये उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया।

8 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या, मृत्युदंड 

8 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या, मृत्युदंड 

इकबाल अंसारी 

पारादीप। ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले की एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने आठ साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामलें में दो अभियुक्तों को मंगलवार को मौत की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना यहां के तिर्तोल थाना क्षेत्र में 2014 में हुई थी जब बच्ची एक दुकान से चॉकलेट खरीदकर घर लौट रही थी।

उसी दौरान चार लोग उसे सुनसान जगह पर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया एवं बाद में पीड़िता की हत्या कर दी। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून (पॉक्सो) अदालत ने दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने शेख आसिफ और शेख अलीक को सामूहिक बलात्कार और हत्या सहित अन्य आरोपों में दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई थी। अदालत ने 27 गवाहों के बयानों पर गौर करने के बाद फैसला सुनाया।

गढ़वी को त्रिकोणीय मुकाबले का सामना करना होगा

गढ़वी को त्रिकोणीय मुकाबले का सामना करना होगा

इकबाल अंसारी 

गांधीनगर। गुजरात विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार ईशुदान गढ़वी खंभालिया से मैदान में हैं, जिसके चलते इस सीट पर सबकी नजरें हैं। गढ़वी को इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले का सामना करना होगा, जहां से कांग्रेस ने अपने मौजूदा विधायक विक्रम मदाम को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने मुलुभाई बेरा को उतारा है। आप में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश करने से पहले एक लोकप्रिय गुजराती समाचार वाचक रहे गढ़वी की छवि अच्छी है और वह राज्य में अपनी पार्टी के मुख्य प्रचारक के रूप में उभरे हैं, लेकिन चुनावी जानकारों का कहना है कि इस निर्वाचन क्षेत्र के सामाजिक समीकरण उनके लिए एक चुनौती हैं। 

दिग्गज नेता व पूर्व लोकसभा सदस्य मदाम और राज्य के पूर्व मंत्री बेरा दोनों अहीर समुदाय से संबंध रखते हैं। जाति के हिसाब से इस सीट पर अहीर समुदाय से संबंध रखने वालों की संख्या सबसे अधिक है जबकि मुसलमान मतदाता भी काफी महत्वपूर्ण हैं। चुनाव पर नजर रखने वालों का कहना है कि मतदान में जाति एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और आप नेता गढ़वी को नुकसान हो सकता है क्योंकि इस सीट पर उनके समुदाय के मतदाताओं की संख्या बहुत कम है जबकि मुसलमानों का रूझान कांग्रेस की तरफ है। 

हालांकि, गढ़वी ने खुद को एक किसान के बेटे के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा है कि वह सभी के लिए काम करेंगे और सामुदायिक पहचान को बढ़ावा नहीं देंगे। आप के नेता व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि गढ़वी रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल करेंगे। कांग्रेस और भाजपा दोनों के कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि मुकाबला उनके दलों के बीच है और आप इस लड़ाई में तीसरे स्थान पर रहेगी। 

हालांकि, आप सदस्यों का कहना है कि परंपरागत रूप से दोनों बड़े दलों को उनकी पार्टी के आने से “झटका” लगा है। भाजपा ने 2007 और 2012 में यह सीट जीती थी, लेकिन 2014 के उपचुनाव में वह कांग्रेस से हार गई थी। कांग्रेस ने 2017 के चुनाव में यह सीट बरकरार रखी थी। खंभालिया देवभूमि द्वारका जिले में पड़ता है, जो सौराष्ट्र क्षेत्र का एक हिस्सा है। इस सीट पर पहले चरण में एक दिसंबर को मतदान होना है। राज्य में दूसरे चरण के तहत पांच दिसंबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना आठ दिसंबर को होगी।

सेबी ने अपनी सलाहकार समितियों का पुनर्गठन किया

सेबी ने अपनी सलाहकार समितियों का पुनर्गठन किया

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और सामाजिक शेयर बाजार से संबंधित अपनी सलाहकार समितियों का पुनर्गठन किया है। सेबी ने अपनी एफपीआई सलाहकार समिति में फेरबदल करते हुए कहा कि पूर्व वित्त सचिव हसमुख अधिया अब 16 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता करेंगे।

पहले इस समिति की अध्यक्षता भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम कर रहे थे। बाजार नियामक ने बताया कि जीआईसी के प्रबंध निदेशक च्यू हाई जोंग और जेपी मॉर्गन के माइकल ड्रमगूले को इस समिति में शामिल किया गया है। सेबी ने सामाजिक शेयर बाजार से संबंधित समिति में समुन्नति फाइनेंशियल इंटरमीडिएशन एंड सर्विसेज के संस्थापक एवं सीईओ अनिल कुमार, सस्टेनेबिलिटी (एचसीएल टेक) के वैश्विक प्रमुख संतोष जयरामन, गाइडस्टार इंडिया की संस्थापक एवं सीईओ पुष्पा अमन सिंह और बीआईएल रायर्सन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप इनक्यूबेटर फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक हेमंत गुप्ता को शामिल किया है।

मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन के चेयरमैन और इन्फोसिस के पूर्व निदेशक टीवी मोहनदास पई, ओमिड्यार नेटवर्क इंडिया की एमडी रूपा कुडवा; और बीएआईएफ विकास शोध फाउंडेशन के गिरीश जी सोहानी अब समिति का हिस्सा नहीं हैं। इस 18 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता अब ग्रासरूट रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट (जीआरएएएम) के अध्यक्ष आर बालासुब्रमण्यम करेंगे। पहले इसके प्रमुख इशात हुसैन (एसबीआई फाउंडेशन के निदेशक और टाटा संस के पूर्व वित्त निदेशक) थे।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

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1. अंक-49, (वर्ष-06)

2. बुधवार, नवंबर 30, 2022

3. शक-1944, मार्गशीर्ष, शुक्ल-पक्ष, तिथि-सप्तमी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 06:45, सूर्यास्त: 05:25। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 12 डी.सै., अधिकतम- 24+ डी.सै.।

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