गुरुवार, 13 जून 2024

गर्मियों में सेहत के लिए फायदेमंद है 'लीची'

गर्मियों में सेहत के लिए फायदेमंद है 'लीची'  

सरस्वती उपाध्याय 
गर्मी का मौसम (समर सीजन) अपने मौसमी फलों के लिए जाना जाता हैं। इन दिनों में जहां आम का बोल-बाला हैं, वहीं लीची का स्वाद भी चखने को मिलता हैं। लीची गर्मियों के खास फलों में से एक है।
स्वाद के साथ सेहत के लिए भी लीची बहुत ज्यादा फायदेमंद होती है। गर्मियों में लीची के खाने से शरीर को कई समस्याओं से बचाया जा सकता है। ची में विटामिन सी, विटामिन बी6, नियासिन, राइबोफ्लेविन, फोलेट, तांबा, पोटेशियम, फॉस्फोरस, मैग्निशियम और मैग्नीज जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को बीमारियों से बचाने का काम करते हैं। रोजाना लीची खाने से चेहरे पर निखार आता है और बढ़ती उम्र के लक्षण कम नजर आते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि लीची के सेवन से किस तरह सेहत को फायदा मिलता हैं। आइये जानते हैं, इसके बारे में...

कैंसर के जोखिम को करें कम

इसमें एंटीकैंसर प्रभाव होते हैं, प्रतिदिन किसी भी रूप में लीची के सेवन से इस खतरनाक रोग से काफी हद तक बचाव करती है। चूंकि, इसके जूस में एंटीऑक्सीडेंट और फ्लैवोनॉए़ड्स होते हैं, जिनमें एंटीकैंसर प्रभाव होते हैं। यह स्तन के कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने नहीं देते हैं।

मोतियाबिंद से बचाव

लीची फ्रूट के फायदे में मोतियाबिंद के लक्षणों को कम करना भी शामिल है। बता दें कि मोतियाबिंद बढ़ती उम्र में होने वाली आंखों से जुड़ी समस्या है, जिसमें देखने की सकती कमजोर पड़ जाती है। इस समस्या से बचाव के लिए भी लीची खाना फायदेमंद हो सकता है। इस पर हुए एक शोध में यह बताया गया है कि लीची मोतियाबिंद से बचाव करने में सहायक साबित हो सकती है। इसके अलावा, लीची में विटामिन-सी मौजूद होता है, जो मोतियाबिंद के जोखिमों को कम करने में लाभकारी हो सकता है।

ब्लड सर्कुलेशन के लिए

लीची का सेवन, ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के मुताबिक, लीची ब्लड सर्कुलेशन में सुधार ला सकता है। हालांकि इसके पीछे इसका कौन-सा गुण काम करता है, फिलहाल इस बारे में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

वजन करे कम

क्या आप जानते हैं कि लीची के सेवन से वजन भी कम हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि लीची में कैलोरी, फैट बिल्कुल नहीं होता है और इसमें पानी, फाइबर अधिक होता है। ऐसे में जो लोग अपना वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, वो लीची भी खाना शुरू कर दें।

हड्डियों को बनाएं मजबूत

अगर हड्डियां कमजोर हो तो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या, एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती है और टूटने लगती है। इस समस्या से बचाव के लिए हड्डियों का मजबूत रहना जरूरी है और इसमें लीची खाने के फायदे देखे जा सकते है। बताया जाता है कि लीची हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक साबित हो सकती है।

पाचन को रखे दुरुस्त

लीची खाने से गर्मी के मौसम में पाचन संबंधित समस्याएं नहीं होती हैं। लीची में मौजूद फ्लेवोनॉएड्स, फिनोलिक कम्पाउंड डाइजेशन को दुरुस्त रखता है। ऐसे में पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए आप गर्मी के मौसम में लीची का सेवन जरूर करें।

सनबर्न से राहत

अधिक समय तक सूरज की हानिकारक किरणों के संपर्क में आने के कारण त्वचा लाल हो जाती है, जिसे सनबर्न के नाम से जाना जाता है। इससे राहत पाने के लिए लीची के फायदे देखे जा सकते है। बताया जाता है कि लीची सनबर्न को कम कर सकता है। हालांकि इस विषय में अभी और रिसर्च किए जाने की आवश्यकता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता करें मजबूत

यदि आप बार-बार बीमार पड़ते हैं, सर्दी-खांसी होती रहती है, तो लीची खा सकते हैं। यह इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने से कई तरह की बीमारियों, इंफेक्शन से बचाव होता है। इसमें मौजूद सैपोनिन कम्पाउंड प्रतिरक्षा प्रणाली को बूस्ट करने के लिए जिम्मेदार होता है।

हृदय के लिए अच्छा

लीची खाने के फायदे हृदय स्वास्थ्य के लिए भी देखे जा सकते हैं। दरअसल, लीची में क्वेरसेटिन नामक बायो एक्टिव कंपाउंड मौजूद होता है, जो कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ यानी हृदय को स्वस्थ रखने और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा, लीची में पॉलीफेनोल की अधिक मात्रा पाई जाती है, जो सीने से संबंधित समस्याओं के लिए उपयोगी हो सकता है। इसे हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जा सकता है।

फिल्म 'जिगरा' की रिलीज डेट का खुलासा किया

फिल्म 'जिगरा' की रिलीज डेट का खुलासा किया 

कविता गर्ग 
मुंबई। आलिया भट्ट के दीवानों के लिए खुशखबरी आ रही है। इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जिगरा' की रिलीज डेट सामने आ गई है। खुद अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से इस फिल्म के पोस्टर को अपने फैंस के संग साझा करते हुए फिल्म की रिलीज डेट का भी खुलासा कर दिया है।
वेदांग रैना के साथ आलिया इस फिल्म में धमाल मचाती नजर आने वाली हैं। चलिए, आपको भी बताते हैं कि किस दिन रिलीज होने जा रही है 'जिगरा' और इसके पोस्टर में क्या खास हैं ?
साल 2024 की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जिगरा' की रिलीज डेट सामने आ गई है। आलिया भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से फिल्म के पोस्टर को साझा करते हुए लिखा है, '11 अक्तूबर 2024 को 'जिगरा' के साथ सिनेमाघरों में मिलते हैं'। सोशल मीडिया पर आलिया का यह पोस्ट वायरल हो रहा है। उनके फैंस लगातार उनके इस पोस्ट कर कमेंट कर रहे हैं।
आलिया भट्ट के लिए फिल्म 'जिगरा' काफी खास होने वाली है। इस फिल्म में वे अभिनेत्री होने के अलावा को-प्रोड्यूसर भी हैं। आलिया ने साल 2023 में इस फिल्म की घोषणा की थी। 'जिगरा' में उनके साथ वेदांग रैना भी नजर आने वाले हैं।
आलिया भट्ट की फिल्म 'जिगरा' के पोस्टर में आलिया का एक एनिमेटेड अवतार देखने को मिल रहा है। पोस्टर में एक लड़की पीठ पर बैग टांगे खड़ी नजर आ रही है। इस पोस्टर को देखकर दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। 
रिपोर्ट्स की मानें तो आलिया भट्ट और वेदांग रैना की इस फिल्म की कहानी एक बास्केटबॉल खिलाड़ी के इर्द-गिर्द बुनी गई है। सूत्रों की मानें तो इस फिल्म के लिए आलिया भट्ट ने बास्केटबॉल खेलना सीखा है। वे 'जिगरा' के कई दृश्यों में बास्केटबॉल खेलती नजर आने वाली हैं।

जी-7 के 50वें समिट में शामिल हुए पीएम, रवाना

जी-7 के 50वें समिट में शामिल हुए पीएम, रवाना 

अखिलेश पांडेय 
नई दिल्ली/रोम। इटली में आज से शुरू हो रहे जी-7 के 50वें समिट में शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से गुरुवार को रवाना हुए। ये पीएम नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल संभालने के बाद पहला विदेशी दौरा है।
लेकिन, इसी समिट में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जाने से इनकार कर दिया है।
सऊदी क्राउन प्रिंस जी-7 समिट में क्यों नहीं जा रहे हैं, इसका कारण भी बताया गया है। दरअसल, इस वक्त में सऊदी में हज यात्रा चल रही है। दुनिया भर से लाखों तीर्थयात्री सऊदी गए हुए हैं और सऊदी सरकार का पूरा ध्यान हज को सफल बनाने पर केंद्रित है। ऐसे में क्राउन प्रिंस ने अपनी प्रोग्राम टाल दिया है।
सऊदी प्रेस एजेंसी ने बुधवार को बताया कि क्राउन प्रिंस सलमान ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को एक संदेश भेजकर निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि हज के मौके पर अधिकारियों के काम की निगरानी करने की वजह से वह G7 में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसके साथ ही प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने दोनों देशों के अच्छे रिश्तों की सराहना की और G7 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।

सऊदी प्रिंस ने मांगी माफी

सऊदी सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'प्रिंस सलमान ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से माफी मांगी है। क्योंकि वे हज कार्यक्रमों की वजह से इस समिट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। हज 14 जून से शुरू होने वाला है, जिसमें 10 लाख से ज़्यादा लोग सऊदी अरब के मक्का आए हैं।' वहीं, G 7 समिट इटली में 13 जून से 15 जून तक आयोजित होगा।

प्रधानमंत्री मोदी जा रहे इटली

नरेंद्र मोदी गुरुवार को 50वें G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए गुरुवार को इटली के लिए रवाना हुए। तीसरे कार्यकाल का कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा होने वाली है। मोदी एक हाई एंड डेलिगेशन के साथ 14 जून को G7 के आउटरीच सत्र में हिस्सा लेंगे‌। यह सत्र AI, एनर्जी, अफ्रीका और भूमध्य सागर से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।

G7 समिट

G7 शिखर सम्मेलन इटली के अपुलिया रीजन में बोर्गो एग्नाज़िया के लक्जरी रिसॉर्ट में 13 से 15 जून तक आयोजित होगा। इस बार के G7 समिट की रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास युद्ध जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहने उम्मीद है। जी-7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान शामिल हैं। ये सातों देश सैन्य और आर्थिक लिहाज से दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शामिल हैं। इन 7 देशों के पास दुनिया की 10 फीसदी आबादी और 40 फीसद GDP है। G7 में शामिल 7 में 3 देशों के पास UN में वीटो पावर है। G7 समिट में ये सभी देश दुनिया के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं और उनको सुलझाने के लिए रूपरेखा तैयार करते हैं।
भारत और यूरोपीय संघ जैसे देश और संगठन G 7 का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन, वे इटली के निमंत्रण पर मेहमान के तौर शामिल हो रहे हैं। भारत के अलावा, इटली ने G7 समिट के लिए अल्जीरिया, अर्जेंटीना, ब्राजील, मिस्र, केन्या, मॉरिटानिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, ट्यूनीशिया, तुर्की, यूएई और संयुक्त राष्ट्र सहित कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों को भी आमंत्रित किया है। अब तक हुए 49 G7 सम्मेलनों में से भारत 10 में शामिल हो चुका है।

85 वर्षीय अभिनेत्री हेलन ने जिम में पसीना बहाया

85 वर्षीय अभिनेत्री हेलन ने जिम में पसीना बहाया 

कविता गर्ग 
मुंबई। खराब लाइफस्टाइल को देखते हुए जिम जाकर वर्कआउट करना बहुत ही नॉर्मल बात है। लेकिन, जब कोई बुढ़ापे में पूरी जुनून के साथ ऐसा करता दिखे तो एक मिसाल बन जाती है। हम बात कर रहे हैं। 70-80 के दशक की बेजोड़ एक्ट्रेस, जिन्होंने अपनी खूबसूरत अदाओं और दमदार अभिनय से फैंस का दिल जीता है।
नाम है हेलन। हेलन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो 85 साल की उम्र में जिम में पसीना बहाती नजर आ रही हैं। हाल ही में, प्रसिद्ध पिलेट्स ट्रेनर यास्मीन कराचीवाला ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अनुभवी अभिनेत्री हेलन का एक वीडियो डाला, जिसमें पिलेट्स करने के बारे में बात की गई। 85 साल की उम्र में हेलेन ने साबित कर दिया है कि उम्र उनके लिए महज एक नंबर है। क्लिप में हेलेन को अपने ट्रेनर की देख-रेख में कई पिलेट्स एक्सरसाइज करते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद हेलेन ने भी बात की।

हेलन की पर्सनल लाइफ

निजी जिंदगी की बात करें, तो हेलेन अक्सर सलीम खान से शादी को लेकर सुर्खियां बटोरती रहती हैं। उन्होंने सलीम खान से तब शादी की जब वह पहले से ही अपनी पत्नी सलमा खान से शादीशुदा थे और उनके बच्चों के पिता थे। इसी तर्ज पर बोलते हुए, हेलेन ने अपने सौतेले बेटे अरबाज खान के शो के साथ बातचीत में पहली बार सलीम खान से मुलाकात को याद किया था।

चीन के हथियारों में गड़बड़ी, आरोप लगाया

चीन के हथियारों में गड़बड़ी, आरोप लगाया 

सुनील श्रीवास्तव 
ढाका/बीजिंग। बांग्लादेश ने चाइना की कंपनियों पर बड़ा आरोप लगाया है। उसने हथियारों में गड़बड़ी की बात कही है। दरअसल, बांग्लादेश की सेना ने बड़े पैमाने पर चीन से हथियार खरीदे हैं।
अब बांग्लादेश की सेना ने कहा कि चीन ने उन्हें खराब कलपुर्जे दिए और हथियारों में भी तकनीकी दिक्कतें हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन चीनी हथियारों के निर्माण में ही गड़बड़ी है।
बांग्लादेश की वायुसेना ने बताया कि जब चीन ने विमानों को दिया था, तभी से ये दिक्कतें आ रही हैं। बांग्लादेश ने कहा, चीन से फाइटर जेट के लिए रडार खरीदा था, यह भी सटीक निशाना नहीं लगा पा रहा है। सेना ने चीन से एक टैंक भी खरीदा था, लेकिन कई बार कहने के बाद भी अब उसके पार्ट्स की सप्लाई नहीं कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश चीन से युद्धपोत समेत कई नौसैनिक जहाज ले चुका है, अब इनमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। वायुसेना ने चीन में बने F-7 फाइटर जेट, K-8W एयरक्राफ्ट और शॉर्ट रेंज के एयर डिफेंस सिस्टम खरीदे हैं, लेकिन ये फायरिंग नहीं कर पा रहे हैं।

चीनी कंपनियां मांग रहीं और पैसा

बांग्लादेश का आरोप है कि जब इन कमियों की शिकायत कंपनियों से करते हैं तो वे अतिरिक्त पैसों की डिमांड करते हैं। सेना की अधिकारियों ने बताया कि चीन से 2 फ्रिगेट भी ली थीं, जिनमें बांग्लादेश पहुंचते ही कई तकनीकी खामियां आ गईं। अब इसे ठीक करने के लिए चीनी कंपनियां और पैसे मांग रही हैं।

पुराना माल थमा दिया गया

रिपोर्ट में बताया गया कि करीब 10 साल पहले बांग्लादेश को 2 सबमरीन चीन ने दी थीं। इसके लिए 20 करोड़ डॉलर लिए गए थे। बाद में खुलासा हुआ कि चीन ने पुरानी पनडुब्बी बांग्लादेश को दी थीं, जो किसी काम की नहीं थीं। पिछले साल चीन की कंपनी को बताया तो उसने कहा कि और ज्यादा पैसा दो, तब वे ठीक करेंगे। चीन के इस धोखे का शिकार बांग्लादेश ही नहीं, कई और देश भी हुए हैं। म्यांमार को भी चीन ने ऐसा ही माल ठेल दिया। म्यांमार की सेना को मिले जेएफ-17 फाइटर जेट बेकार निकले, जिसे चीन और पाकिस्तान ने मिलकर बनाया था।

सिंह ने रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला

सिंह ने रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला 

इकबाल अंसारी 
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को रक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण के साथ एक मजबूत, 'आत्मनिर्भर' सरकार विकसित करना होगी।
राष्ट्रीय राजधानी के साउथ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय में रक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद सिंह ने कहा कि सरकार रक्षा क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा देने का प्रयास करेगी और अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है।

हमें अपने तीन सशस्त्र बलों पर गर्व है- राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा, "पीएम मोदी ने मुझे फिर से रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी है। हमारी प्राथमिकताएं वही रहेंगी, देश की सुरक्षा। हम एक मजबूत और 'आत्मनिर्भर' भारत विकसित करना चाहते हैं। हम रक्षा निर्माण पर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। हमने 21,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा उपकरण निर्यात किए हैं। हमारा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इस आंकड़े को 50,000 करोड़ रुपए तक ले जाना है। हमें अपने तीन सशस्त्र बलों, भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना पर गर्व है।" 

2019 को पहली बार रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला था

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने 1 जून, 2019 को पहली बार रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला था। 10 जुलाई, 1951 को उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में जन्मे सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और पेशे से शिक्षक थे। वे 1977-1980 और 2001-2003 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। वे 1991 से 1992 तक उत्तर प्रदेश सरकार में शिक्षा मंत्री रहे, जबकि 1999 से 2000 तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में भूतल परिवहन मंत्री भी रहे। 2000-2002 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे बाद में, वे 2000-2002 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। 2003 में, उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री के रूप में कार्य किया। वे 1994-1999 और फिर 2003-2008 में दो कार्यकालों के लिए राज्यसभा के लिए चुने गए। 2009 में वे 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए। 7 अक्टूबर 2009 को वे आचार समिति के सदस्य भी रहे। गृह मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल में काम किया राजनाथ सिंह को 27 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में गृह मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। उनकी शादी सावित्री सिंह से हुई है और उनके दो बेटे हैं। झारखंड के रांची से सांसद संजय सेठ को रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री का पदभार दिया गया है। संजय सेठ 2019 में पहली बार रांची से सांसद बने थे और वे सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के सदस्य थे। 2024 में भी वे रांची से ही लोकसभा के लिए चुने गए।

यूपी के सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया

यूपी के सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी किया 

संदीप मिश्र 
लखनऊ। यूपी में भीषण गर्मी का सितम जारी है। इस दौरान मौसम विभाग ने यूपी के सभी जिलों के लिए मौसम का अलर्ट जारी किया है। IMD ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने कानपुर देहात, कानपुर के इलाकों में भीषण लू का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही गर्म हवा, भीषण लू के साथ तापमान ज्यादा रहने के आसार जताए हैं। 
IMD ने रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन,प्रतापगढ़,मिर्जापुर,वाराणसी,संत रविदासनगर,श्रावस्ती, बहराइच, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, जौनपुर,गोरखपुर,संतकबीरनगर, बस्ती, गोंडा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 
IMD के मुताबिक हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर में ताप लहर चलने के आसार हैं। 
मौसम विभाग ने मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर,हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, बिजनौर,अमरोहा, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़ में यलो अलर्ट जारी किया है।

रूसी एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त किया

रूसी एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त किया 

सुनील श्रीवास्तव 
मॉस्को/कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रूसी हथियारों की युद्धक क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। यूक्रेनी सेना ने क्रीमिया की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए रूसी एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है।
यूक्रेन की सेना ने अमेरिका द्वारा प्रदान किए गए ATACMS रॉकेट का उपयोग किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी फौज ने मई महीने में 10 आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम रॉकेट से क्रीमिया के सेवास्तोपोल के बाहर बेलबेक में स्थित रूसी ठिकाने पर भीषण हमला किया था। इस हमले में एस-400 सिस्टम के दो लॉन्चर और एक रडार तबाह हो गए। इसके अलावा, चार फाइटर जेट भी नष्ट हो गए। ये वही एस-400 सिस्टम है, जिसे रूस ने दुनिया में बेस्ट बताया है और भारत ने भी पांच की संख्या में इसे खरीदा है, जिनमें से केवल तीन ही भारत को मिले हैं। जिससे भारत की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दो टन वजनी इस अमेरिकी रॉकेट सिस्टम में ग्रेनेड के आकार के हजारों बमलेट थे जिन्होंने एस-400 सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाया। बेलबेक और सेवास्तोपोल दोनों ही रूसी वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस हैं।
इस अटैक के तुरंत बाद, रूसी सेना ने नष्ट हुए एस-400 की जगह दूसरा सिस्टम तैनात किया। रूस का अब तक दावा था कि एस-400 अजेय है और इसे नष्ट नहीं किया जा सकता, मगर अब अमेरिकी मिसाइलों के सामने यह एयर डिफेंस सिस्टम फेल साबित हो रहा है।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

1. अंक-237, (वर्ष-11)

पंजीकरण:- UPHIN/2014/57254

2. शुक्रवार, जून 14, 2024

3. शक-1945, ज्येष्ठ, शुक्ल-पक्ष, तिथि-अष्टमी, विक्रमी सवंत-2079‌‌। 

4. सूर्योदय प्रातः 06:03, सूर्यास्त: 06:43।

5. न्‍यूनतम तापमान- 41 डी.सै., अधिकतम- 23+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

8. संपर्क व व्यवसायिक कार्यालय- चैंबर नं. 27, प्रथम तल, रामेश्वर पार्क, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।

9. पंजीकृत कार्यालयः 263, सरस्वती विहार लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102

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