राजस्थान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
राजस्थान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 14 अक्तूबर 2021

39 'आईपीएस' अधिकारियों के तबादले किए गए

नरेश राघानी         

जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर बुधवार देर रात को 39 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में एक दर्जन से अधिक जिलों के पुलिस अधीक्षक को बदला गया है। सौरभ श्रीवास्तव को अतिरिक्त महानिदेशक मुख्यालय जयपुर, श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सिविल राइट्स जयपुर, डॉक्टर हवा सिंह घुमरिया को महानिरीक्षक पुलिस कानून व्यवस्था पुलिस मुख्यालय जयपुर, यू एल छानवाल को महानिदेशक जेल जयपुर, संजय कुमार क्षेत्रीय को महानिरीक्षक जयपुर रेंज जयपुर, गौरव श्रीवास्तव को डीआईजी कानून व्यवस्था मुख्यालय जयपुर, शरत कविराज को डीआईजी पुलिस एससीआरबी जयपुर, रविंद्र सिंह को डीआईजी सीआईडी क्राइम ब्रांच जयपुर, डॉक्टर विष्णु कांत को डीआईजी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय जयपुर, राहुल प्रकाश को डीआईजी एसओजी जयपुर, हैदर अली जैदी को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सेकेंड पुलिस आयुक्तालय जयपुर, डॉ रवि को डीआईजी पुलिस कार्मिक जयपुर और कैलाश चंद विश्नोई को उपमहानिरीक्षक पुलिस भ्रष्टाचार निरोधक विभाग जोधपुर के पद पर लगाया है।

शासनकाल में हुई भर्तियों की जांच करवाने की मांग

नरेश राघानी          
जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की मौजूदा कांग्रेस सरकार के शासनकाल में हुई सभी भर्तियों की जांच करवाने की मांग की है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि राजस्थान में जब से कांग्रेस पार्टी की सरकार आई है तब से लेकर अब तक जितनी भी भर्तियां हुई है, वह सभी अब संदेह के घेरे में आती दिखाई दे रही हैं।
शर्मा के अनुसार, हाल ही में हुई राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) में कथित गड़बड़ियों की जांच विशेष कार्यबल एसओजी द्वारा की जा रही है। शर्मा के अनुसार, इस जांच के बाद अब एक-एक कर पर्तें खुलती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा, ” भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि राजस्थान में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान जो भर्तियां हुई है उन सारी भर्तियों की जांच हो। इसके साथ ही भाजपा चाहती है कि मुख्यमंत्री लाखों युवाओं से माफी मांगें और शिक्षा मंत्री अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए तत्काल इस्तीफा दें।”
उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने 26 सितंबर को आयोजित रीट परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों और अनियमितताओं में शामिल एक आरएएस और दो आरपीएस अधिकारियों, शिक्षा विभाग के 14 कर्मियों और तीन अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है। इस परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

बुधवार, 13 अक्तूबर 2021

सशक्तीकरण पर आयोजित कार्यक्रम में बयान दिया

नरेश राघानी          
जयपुर। राजस्थान के शिक्षा विभाग के मंत्री जीएस डोटासरा महिला सशक्तीकरण पर आयोजित एक कार्यक्रम में एक विवादित बयान दिया है।
काबीना मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए नीति पेश की। उन्होंने कहा कि उन्हें प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन महिला कर्मचारियों का आपस में विवाद रहता है। मंत्री ने कहा है कि महिला कर्मचारी आपस में बहुत लड़ती हैं। जहां महिला कर्मचारी हैं, वहां प्रधानाचार्य या शिक्षक सेरिडोन लेते हैं। काबीना मंत्री ने कहा है कि वह इससे आगे निकल गईं तो पुरुषों से आगे निकल जाएंगी।

गुरुवार, 7 अक्तूबर 2021

सीटों के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया

नरेश राघानी        
जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने तीस अक्टूबर को होने वाले उदयपुर जिले में वल्लभनगर एवं प्रतापगढ़ जिले की धरियावद विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए आज अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए।
मिली जानकारी अनुसार पार्टी ने वल्लभनगर से हिम्मत सिंह झाला और धरियावद से खेत सिंह मीणा को अपना प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने वल्लभनगर से झाला को उपचुनाव के मैदान में उतारकर नया दांव खेला है। कांग्रेस का गढ़ रहे वल्लभनगर में इस बार सेंध लगाने के प्रयास में झाला को मौका दिया है।
भाजपा से विधायक रह चुके जनता सेना के रणधीर सिंह भीण्डर पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से दूसरे स्थान पर रहे थे और इस बार भी उनके या उनकी पत्नी के चुनाव मैदान में उतरने पर मुकाबला त्रिकोणीय बना सकता है।
भाजपा ने पिछले राजस्थान विधानसभा उपचुनाव की तरह इस बार धरियावद से पूर्व विधायक गौतम लाल मीणा के परिवार के किसी सदस्य को उम्मीदवार नहीं बनाकर सहानुभूति कार्ड नहीं खेला। गत 17 अप्रैल को हुए राजसमंद उपचुनाव में पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी की पुत्री दीप्ति माहेश्वरी को टिकट दिया और विधायक चुनी गई थी।

बुधवार, 6 अक्तूबर 2021

सरकार द्वारा उठाये गए कदमों का नतीजा मिला

नरेश राघानी        
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि उनकी सरकार हर दुष्कर्मी को जल्द से जल्द कठोरतम सजा दिलाकर पीड़िता को न्याय दिलायेगी और हाल में एक अपराधी को सुनाई गई बीस साल की सजा के फैसले में सरकार द्वारा उठाये गए कदमों का नतीजा भी नजर आ रहा है।
गहलोत ने जयपुर के कोटखावदा में नौ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में दुष्कर्मी को बीस साल की सजा सुनाये जाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में सोशल मीडिया के जरिए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान सरकार की पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
राज्य सरकार हर दुष्कर्मी को जल्द से जल्द कठोरतम सजा सुनिश्चित कर हर पीड़िता को इंसाफ दिलाएगी। इसके लिए हमारी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का नतीजा ऐसे फैसलों में दिखता है। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को कोटखावदा में हुए नौ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने तेरह घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर अगले पांच घंटे में अदालत में चालान पेश कर दिया था। चार कार्य दिवस में एफएसएल रिपोर्ट तैयार हुई और पांच कार्य दिवस में पॉक्सो कोर्ट ने अपराधी को बीस साल जेल की सजा सुनाई है।

सोमवार, 4 अक्तूबर 2021

पटाखे फोड़ने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया

नरेश राघानी             
जयपुर। गहलोत सरकार ने राजस्थान में 1 अक्टूबर से 31 जनवरी 2022 तक सभी तरह के पटाखे फोड़ने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। गृह विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। सरकार ने कोरोना महामारी  के चलते मरीजों को होने वाली दिक्कत के चलते यह फैसला लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि कई विशेषज्ञों ने कोविड -19 के मामलों में बढ़ोतरी और तीसरी लहर का संकेत दिया है। अब त्यौहारी सीजन के चलते पटाखों को फोड़कर बड़े पैमाने पर समारोहों के परिणामस्वरूप न केवल सोशल डिस्टेंसिंग की गाइडलाइन का उल्लंघन होगा, बल्कि उच्च स्तर का वायु प्रदूषण भी दिल्ली में गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों को जन्म देगा।
आगे कहा गया, वायु प्रदूषण और श्वसन संक्रमण के बीच महत्वपूर्ण संबंध को देखते हुए, कोविड-19 संकट के तहत पटाखे फोड़ना बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं है। पिछले साल भी कोरोना से संकमित व्यक्तियों को आतिशबाजी से होने वाले वायु प्रदूषण से श्वसन तंत्र में होने वाली संभावित खराबी के कारण आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया गया था।

 

शुक्रवार, 1 अक्तूबर 2021

निर्वाचन ने उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी की

नरेश राघानी      
जयपुर। राजस्थान की धरियावद और वल्लभनगर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुक्रवार को अधिसूचना जारी होने के साथ ही शुरू हो गई। इन दोनों सीटों पर मतदान 30 अक्तूबर को होगा। राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुणाल ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव के लिए अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी।
इसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई। अधिसूचना के अनुसार राज्य में प्रतापगढ़ जिले की धरियावद और उदयपुर जिले की बल्लभनगर विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव को लेकर आठ अक्तूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 11 अक्तूबर को नामांकन पत्रों की जांच व संवीक्षा होगी तथा 13 अक्तूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 30 अक्तूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना दो नवंबर को होगी।
कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व किसी अन्य प्रमुख राजनीतिक दल ने इन सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा अभी नहीं की है। उल्लेखनीय है कि धरियावद से भाजपा विधायक गौतम लाल मीणा का 19 मई को कोरोना वायरस संक्रमण से निधन हो गया था।
वहीं, वल्लभनगर से कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत का भी 20 जनवरी को कोविड-19 से निधन हो गया। राज्य की 200 सीटों वाली विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 106 विधायक हैं जबकि भाजपा के 71, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के तीन और माकपा और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो-दो विधायक हैं। वहीं, 13 निर्दलीय विधायक हैं। दो सीटें रिक्त हैं।

दोषियों को अरेस्ट करने की मांग, धरना शुरू किया

नरेश राघानी    
जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा रीट परीक्षा में पेपर लीक की केन्द्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई से जांच कराने तथा दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर शहीद स्मारक पर धरना शुरू किया है।
डांं मीणा गुरूवार देर रात जयपुर पहुंचे और रीट भर्ती परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नरेट के सामने गवर्नमेंट होस्टल के पास शहीद स्मारक पर धरने पर बैठ गए। डॉ. मीणा के साथ बड़ी संख्या में युवा भी धरने पर आ गए।
इसके बाद पुलिस ने डॉ मीणा को बहुत समझाया, लेकिन वे नहीं माने। डॉ.मीणा ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार लाठी के दम पर प्रदेश के बेरोजगारों के आंदोलन को कुचलने का काम कर रही है, लेकिन उनके आंदोलन को इस तरह कुचला नहीं जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मैं और सभी बेरोगार युवा गांधीवादी और अहिंसक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। जिस तरीके से युवाओं को दौड़ा-दौड़ा करके मारा गया है। मैं जयपुर के शहीद स्मारक पर लोकतांत्रिक तरीके से धरना दे रहा हूँ।

गुरुवार, 30 सितंबर 2021

कॉलेज स्थापित करने की दिशा में राज्य आगे बढ़ा

नरेश राघानी               
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस समय सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है और चिकित्सा एवं शिक्षा ऐसे क्षेत्र हैं। जहां हर व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से अधिक से अधिक सुविधा मिलनी चाहिए।
गहलोत ने राजस्‍थान में चार नए मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखने के कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राजस्थान में ‘मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना’ सहित अन्य पहलों का जिक्र करते हुए कहा, ”अब समय आ गया है कि हमें सामाजिक सुरक्षा को और आगे बढ़ाना चाहिए, क्योंकि चिकित्सा एवं शिक्षा दोनों ऐसे क्षेत्र हैं जहां हर व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से अधिक से अधिक सुविधा मिलनी चाहिए। मुझे लगता है कि उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि राजस्थान के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है। गहलोत ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में पिछले 10 साल में जो माहौल बना है, उसी का परिणाम है कि आज राज्य में चार मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करना संभव है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान ऐसा राज्य बनेगा, जहां 33 जिलों में 30 मेडिकल कॉलेज बनने जा रहे हैं। इनमें से 15 अस्पतालों का संचालन शुरू हो गया है जबकि 15 मेडिकल कॉलेज 2023 तक चालू हो जाएंगे। इनमें से चार मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को किया। गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के अति पिछड़े तीन जिलों जालोर, प्रतापगढ़ एवं राजसमंद में भी मेडिकल कॉलेज मंजूर करने का आग्रह किया।

मंगलवार, 21 सितंबर 2021

सभी सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया

नरेश राघानी              
जयपुर। राजस्थान में लगभग 31,000 शिक्षकों की भर्ती लिए राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) आगामी 26 सितंबर को होगी। इस परीक्षा में लाखों परीक्षार्थी भाग लेंगे जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर के समस्त कार्यालयों तथा रीट से संबंधित सभी सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा (रेस्मा) घोषित किया है।
सरकारी बयान के अनुसार राज्य सरकार ने रीट-2021 के सफल आयोजन के लिए संबंधित कार्यालयों और सेवाओं को 20 से 30 सितंबर तक अत्यावश्यक सेवा (रेस्मा) घोषित कर दिया है। गृह विभाग ने स्कूल शिक्षा विभाग तथा रीट-2021 के समन्वयक व सचिव के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंजूरी के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
उल्लेखनीय है कि रीट के सफल आयोजन के लिए पहले भी वर्ष 2016 और वर्ष 2018 में अत्यावश्यक सेवाएं घोषित किए जाने के संबंध में अधिसूचनाएं जारी की गई थीं। राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा लगभग तीन साल बाद हो रही है। इससे पहले अंतिम बार यह परीक्षा 2018 में हुई थी। इस बार परीक्षा 26 सितंबर को दो पारियों में होगी। इसके लिए राज्य में 200 स्थानों पर 4,153 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जयपुर जिले में 592 परीक्षा केंद्रों पर करीब पौने दो लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्टूबर में मुख्यमंत्री ने 31 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती रीट के माध्यम से करने की मंजूरी दी थी। स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार इन पदों पर भर्ती से राज्य सरकार पर दो साल तक परिवीक्षा काल में 881.61 करोड़ रुपये और इसके बाद 1717.40 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष वित्तीय भार आएगा।
इस बीच, विभिन्न विभागों ने इस परीक्षा के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी हैं। शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में पिछले दिनों एक उच्चस्तरीय बैठक हुई जिसमें परीक्षा के आयोजन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार डोटासरा ने कहा कि लगभग 26 लाख अभ्यर्थी 4,153 केंद्रों पर दो पारियों में परीक्षा देंगे।
प्रत्येक जिले में परीक्षा आयोजन की व्यवस्था आठ सदस्यीय समिति करेगी जिसका नेतृत्व जिलाधिकारी करेंगे। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने भी 15 सितंबर को समीक्षा बैठक ली थी और प्रशासन व कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों से रीट के सफल आयोजन को उच्च प्राथमिकता देने को कहा था।

सोमवार, 20 सितंबर 2021

राजस्थान में छठवीं सेे आठवीं तक के खुलें स्कूल

नरेश राघानी         
जयपुर। राजस्थान में वैश्विक महामारी कोरोना का असर कम होने के बाद आज कक्षा छठवीं सेे आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल खुल गये।
सुबह स्कूल खुलते ही इन कक्षा के विद्यार्थी भी अपने स्कूल पहुंचे जहां स्कूलोंं के मुुख्य द्वार पर अध्यापकों द्वारा बच्चों के स्कूल पहुंचनने पर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान बच्चों की तापमान जांच करके मास्क पहने बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया गया। इसके बाद कक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया गया। टीचर ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
बच्चों के लंबे समय के बाद स्कूल पहुंचने पर स्कूलों की रौनक बढ़ गई वहीं बच्चे भी स्कूल पहुंचकर काफी खुश हैं। फिलहाल प्रत्येक दिन अलग बैच के बच्चों को पढ़ाया जाएगा। ऐसे में कई छात्र घर बैठकर भी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। अभी स्कूूलों में कोरोना के मद्देनजर कैंटीन आदि को बंद रखा गया है और अध्यापक बच्चों के साथ ही कक्षा में ही अपना खाना खायेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए कहा "मेरा सभी शैक्षणिक संस्थान मालिकों एवं बच्चों के माता पिता से निवेदन है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा जारी की गई एसओपी की सख्ती से पालना करें।

रविवार, 19 सितंबर 2021

नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोला: सीएम

इकबाल अंशारी         
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके अमरिंदर सिंह की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोलने की पृष्ठभूमि में रविवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमरिंदर कोई ऐसा कदम नहीं उठाएंगे। जिससे कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार आलाकमान को विधायकों एवं आमजन से मिले फीडबैक के आधार पर निर्णय लेने पड़ते हैं और ऐसे क्षणों में लोगों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए। गहलोत ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब एक दिन पहले अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और कहा कि विधायकों की बार-बार बैठक बुलाए जाने से उन्होंने खुद को अपमानित महसूस किया, जिसके बाद यह कदम उठाया।
अमरिंदर सिंह ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धू पर निशाना साधा और दावा किया कि उनके पाकिस्तान से रिश्ते हैं तथा उनको मुख्यमंत्री बनाने से पंजाब का बेड़ा गर्क हो जाएगा। गहलोत ने एक बयान में कहा, ”मुझे उम्मीद है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जी ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो।
कैप्टन साहब ने स्वयं कहा कि पार्टी ने उन्हें साढे़ नौ साल तक मुख्यमंत्री बनाकर रखा है। उन्होंने अपनी सर्वोच्च क्षमता के अनुरूप कार्य कर पंजाब की जनता की सेवा की है।” उनके मुताबिक, ”आलाकमान को कई बार विधायकों एवं आमजन से मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी हित में निर्णय करने पड़ते हैं।
मेरा व्यक्तिगत तौर पर भी मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष कई नेताओं, जो मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में होते हैं, उनकी नाराजगी मोल लेकर ही मुख्यमंत्री का चयन करते हैं। परंतु वही मुख्यमंत्री को बदलते वक्त आलाकमान के फैसले को नाराज होकर गलत ठहराने लग जाते हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसे क्षणों में अपनी अंतरात्मा को सुनना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने कहा, ”मेरा मानना है कि देश फासीवादी ताकतों के कारण किस दिशा में जा रहा है, यह हम सभी देशवासियों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
इसलिए ऐसे समय हम सभी कांग्रेसजनों की जिम्मेदारी देश हित में बढ़ जाती है। हमें अपने से ऊपर उठकर पार्टी व देश हित में सोचना होगा।” उन्होंने जोर देकर कहा, ”कैप्टन साहब पार्टी के सम्मानित नेता हैं एवं मुझे उम्मीद है कि वह आगे भी पार्टी का हित आगे रखकर ही कार्य करते रहेंगे।”
उधर, गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने शनिवार को अपने एक ट्वीट से विवाद खड़ा होने के बाद इस्तीफा दे दिया। शर्मा ने ट्वीट किया था, ”मजबूत को मजबूर, मामूली को मगरूर किया जाए, बाड़ ही खेत को खाए, उस फसल को कौन बचाए।” उनके इस ट्वीट को पंजाब के घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में कई लोगों ने कांग्रेस आलाकमान पर सवाल खड़े करने के रूप में देखा।

25 भारतीय आईएएस अधिकारियों के तबादले किए

नरेश राघानी              
जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर राज्य सरकर ने 25 भारतीय प्रशासनिक सेवा आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
कार्मिक विभाग ने कल देर रात इन अधिकारियों के तबादले आदेश जारी किए। इसमें बूंदी और प्रतापगढ के जिला कलक्टर्स को भी बदला है।
कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार सुबोध अग्रवाल को अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम के साथ-साथ ऊर्जा विभाग, रोली सिंह को प्रमुख शासन सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, भास्कर आत्माराम सावंत को अध्यक्ष डिस्कॉम एवं अध्यक्ष प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड, दिनेश कुमार को प्रमुख शासन सचिव कृषि, उद्यानिकी और सहकारिता विभाग, नवीन महाजन को अध्यक्ष राजस्थान कर बोर्ड अजमेर, गायत्री राठौर को प्रमुख शासन सचिव पर्यटन कला साहित्य और अध्यक्ष राजस्थान पर्यटन विकास निगम के साथ महानिदेशक जवाहर कला केंद्र, मुग्धा सिन्हा को शासन सचिव एवं आयुक्त विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, मंजू राजपाल को सदस्य राजस्व मंडल अजमेर, डॉ पृथ्वीराज शासन सचिव जल संसाधन विभाग, सिद्धार्थ महाजन को शासन सचिव वित्त( बजट) विभाग,पूरन चंद किशन को शासन सचिव अल्पसंख्यक मामलात विभाग एवं पंचायत राज, विनीता श्रीवास्तव को शासन सचिव आयुर्वेदिक विभाग के पद पर तैनात किया है।
इसी प्रकार बाबूलाल मीणा को आयुक्त विभागीय जांच जयपुर, चौथी राम मीणा को सदस्य राजस्व मंडल अजमेर, डॉक्टर मोहन लाल यादव को रजिस्टर राजस्व मंडल अजमेर, कुमारी रेनू जयपाल को जिला कलेक्टर बूंदी, वंदना सिंह को निदेशक जोधपुर, महावीर प्रसाद वर्मा को सचिव राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग जयपुर, नेहा गिरी को रजिस्टर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय एवं रजिस्टर सरदार पटेल विश्वविद्यालय पुलिस न्याय जोधपुर, विश्राम मीणा को प्रबंध निदेशक राजस्थान सहकारिता डेयरी फेडरेशन लिमिटेड जयपुर, कन्हैयालाल त्यागी को आयुक्त शासन सचिव राजस्व विभाग जयपुर, प्रकाश चंद शर्मा को जिला कलेक्टर प्रतापगढ़, आशीष गुप्ता को निदेशक जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग जयपुर, अनुपमा जोरवाल को प्रबंध निदेशक राजस्थान चिकित्सा सेवाएं और आलोक रंजन को संयुक्त शासन सचिव ऊर्जा विभाग जयपुर के पद पर लगाया है। आदेश में वैभव गालरिया को शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और डॉक्टर पृथ्वीराजसिंह को जल संसाधन विभाग के साथ अध्यक्ष इंदिरा गांधी नहर बोर्ड का कार्यभार भी अतिरिक्त दिया गया है।

शनिवार, 18 सितंबर 2021

विधानसभा: विवादों ने जोर पकड़ना शुरू किया

इकबाल अशांरी            
जयपुर। राजस्थान में शादियों के अनिवार्य पंजीकरण के लिए संशोधन विधेयक विधानसभा पारित होने के बाद विवादों ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। बीजेपी कहना है कि इस विधेयक के बाद बाल विवाह वैध हो जाएंगे। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी मुद्दे को तोड़ मरोड़कर सामने ला रही है।
विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौर और बीजेपी विधायक अशोक लाहोटी ने संशोधन विधेयक को ‘काला कानून’कहा है। अशोक लोहोटी ने कहा कि विधेयक बाल विवाह की अनुमति देता है। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के करीब पहुंच गए लेकिन ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया गया। मत विभाजन की मांग स्वीकार नहीं किए जाने पर भाजपा सदस्यों ने बहिर्गमन किया और इसे ‘काला कानून’ करार दिया।

शुक्रवार, 17 सितंबर 2021

दुर्घटना में कार सवार दम्पति सहित 3 लोगों की मौंत

इकबाल अंशारी           
राजसमंद। राजस्थान में राजसमंद जिले में उदयपुर नाथद्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर देलवाडा के समीप सडक दुर्घटना में कार में सवार दम्पति सहित तीन लोगों की मौत हो गई तथा आठ अन्य घायल हो गये। पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य के चलते नाथद्वारा से उदयपुर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया था। एक तरफा यातायात चल रहा था। गुरूवार देर रात्रि उदयपुर की तरफ से आए दो ट्रक, दो कार एवं एक मोटरसाईकिल नाथद्वारा की ओर से जा रहे डंपर एवं कार की भिडन्त हो गयी।
 हुई। हादसे में उपली ओडन निवासी अंबाबाई, कांकरोली शिव कॉलोनी निवासी नोजी बाई और मांगीलाल गाडरी की मौत हो गई। हादसे में उपली ओडन निवासी दयाशंकर ,विरूनाथ अमरनाथ ,आयुष, आरीफ,मुफेत,भूपेंद्र, तारीफ और प्यारीबाई सहित अन्य घायल हो गए।
घटना के बाद हाइवे पर दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। एक तरफा यातायात शुरू करवाने के बावजूद हाइवे पर वाहनों की लम्बी कतार लग गई, जिसकी वजह से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बडी मशक्कत के बाद दुर्घटना में क्षतिग्रस्त गाड़ियों को साइड में कराकर यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

गुरुवार, 9 सितंबर 2021

‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड’ का उद्घाटन किया: राजनाथ

इकबाल अंशारी           
जयपुर। राजस्थान केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने राजस्थान के बाड़मेर के गंधव भाकासर खंड में राष्ट्रीय राजमार्ग-925 पर भारतीय वायु सेना (आईएएएफ) के विमानों के लिए ‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड’ (ईएलएफ) का बृहस्पतिवार को उद्घाटन किया। आईएएएफ के एक हरक्यूलिस सी-130जे विमान ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘मॉक इमरजेंसी लैंडिंग’ की। इस दौरान दोनों मंत्री और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत विमान में सवार थे।
यह एनएच-925ए राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय वायुसेना के विमानों के लिए बना पहला ‘इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड’ है। दोनों मंत्रियों ने ‘एनएच-925’ पर तैयार आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पर कई विमानों के संचालन को देखा। सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान और आईएएफ के एएन-32 सैन्य परिवहन विमान और एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर ने भी ईएलएफ पर ‘इमरजेंसी लैंडिंग’ की।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने भारतीय वायु सेना के लिए आपातकालीन स्थिति में विमान उतारने के वास्ते एनएच-925ए के सट्टा-गंधव खंड के तीन किलोमीटर के हिस्से पर ‘ईएलएफ’ का निर्माण किया है। यह सुविधा भारतमाला परियोजना के तहत गगरिया-बखासर और सट्टा-गंधव खंड के नव विकसित ‘टू-लेन पेव्ड शोल्डर’ का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 196.97 किलोमीटर है और इसकी लागत 765.52 करोड़ रुपये है।
‘पेव्ड शोल्डर’ उस भाग को कहा जाता है, जो राजमार्ग के उस हिस्से के पास हो जहां से वाहन नियमित रूप से गुजरते हैं । बयान में कहा गया कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाड़मेर और जालौर जिलों के गांवों के बीच सम्पर्क में सुधार करेगी। इसके पश्चिमी सीमा क्षेत्र में स्थित होने से भारतीय सेना को निगरानी करने में मदद के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी सहायता मिलेगी।
ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय वायु सेना (आईएएफ) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग का इस्तेमाल आपात स्थिति में विमान उतारने के लिए किया जाएगा। ईएलएफ का निर्माण 19 महीने के अंदर पूरा किया गया है। इसका निर्माण कार्य जुलाई 2019 में शुरू किया गया था और जनवरी 2021 में यह सम्पन्न हो गया। आईएएफ और एनएचएआई की देखरेख में ‘जीएचवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ ने इसका निर्माण किया है।

गुरुवार, 2 सितंबर 2021

कांग्रेस-भाजपा ने उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी शुरू की

नरेश राघानी
जयपुर। राजस्थान में जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान का चुनाव जीतने के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। कांग्रेस और भाजपा जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव जीतने के लिए आपने उम्मीदवारों के साथ-साथ निर्दलीय को अपने समर्थन में वोट दिलवाने के लिए बाड़ाबंदी का प्रचलन इस बार भी किया है। चुनाव परिणाम वाले दिन हारने वाले उम्मीदवारों को बाड़ेबंदी से बाहर कर दिया जाएगा। यही नहीं उसके बाद क्रॉस वोटिंग के डर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की रणनीति भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बनाई है।सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस ने अपने मंत्रियों और विधायकों को सुरक्षा का जिम्मा सौंपा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने अपने विधायकों के साथ साथ संगठन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। चार सितंबर मतगणना के बाद भाजपा ने अपने जीतने वाले प्रत्याशियों को भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश और गुजरात में बाड़ीबंदी करने की रणनीति बना रखी है।
भाजपा को डर सता रहा है कि प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस उनके उम्मीदवारों को अपने कब्जे में करने के लिए सरकार का दुरुपयोग कर अपने कब्जे में भाजपा और समर्थित जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों को क्रॉस वोटिंग करा सकती है।
कांग्रेस ने भी स्थानीय स्तर पर उम्मीदवारों को कई जगह होटलों में भेजा है। आम तौर पर सत्ताधारी पार्टी इन चुनावों में बाजी मारती रही है। दूसरे दलों के जीते हुए उम्मीदवारों को पक्ष में करने में भी सत्ताधारी पार्टी को आसानी रहती है। यही कारण है कि भाजपा अधिक सतर्क और सचेत है। भाजपा ने जयपुर के जिला परिषद उम्मीदवारों को पहले नागौर भेजा, अब पुष्कर ले जाया गया है। कुछ सदस्यों को गुजरात भी ले गए, क्योंकि भाजपा की सरकार होने से वहां का माहौल अधिक सुरक्षित है।
आबूरोड और पिंडवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के कांग्रेसी उदयपुर में बाड़ाबंदी की गई हैं। सिरोही पंचायत समिति के कांग्रेसी आबूरोड के होटल में ठहरे हैं। आबूरोड, सिरोही और पिंडवाड़ा के भाजपाई गुजरात में अलग-अलग जगह बाड़ाबंदी में रखा गया हैं।
रेवदर पंचायत समिति के भाजपाई द्वारिका में हैं। कांग्रेसी राजसमंद झील में बोटिंग के साथ मौज-मस्ती कर रहे हैं। रेवदर के भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों को 26 अगस्त को पहले चरण के बाद से ही बाड़ेबंदी में रखा है।
कांग्रेस ने जिला-संगठन प्रभारियों को बाड़ेबंदी और चुनाव प्रबंधन का जिम्मा सौंपा है। जिला प्रमुख एवं प्रधान के दावेदार नेता उम्मीदवारों को बाहर शिफ्ट करनेऔर व्यवस्था करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कांग्रेस में बुधवार को मतदान के बाद बाड़ेबंदी की है जो छह सितंबर को जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधानों के चुनाव तक चलेगी।

मंगलवार, 31 अगस्त 2021

ट्रक और क्रूजर में जबर्दस्त भिड़ंत, 11 की मौंत हुईं

नरेश राघानी        

जयपुर। राजस्थान के नागौर जिले में श्रीबालाजी कस्बे के पास एक ट्रक और क्रूजर में जबर्दस्त भिड़ंत हो गई।हादसा इतना भयावह था कि इसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर कोहराम मच गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों और मृतकों को संभाला। हादसा कैसे हुआ इसका अभी पता नहीं चल पाया है। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नोखा अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गये हैं।

हादसा सुबह करीब पौने आठ बजे नागौर जिले के श्रीबालाजी कस्बे के बाईपास पर हुआ। उस समय एक क्रूजर में सवार होकर 17 लोग कहीं जा रहे थे. इसी दौरान श्रीबालाजी कस्बे के बाईपास के पास एक ट्रक से क्रूजर की जोरदार भिड़ंत हो गई। भिड़ंत इतनी जबर्दस्त थी कि क्रूजर मलबे में तब्दील हो गई। इससे क्रूजर में सवार लोग उसमें फंसकर रह गये। दुर्घटना में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।

सोमवार, 30 अगस्त 2021

खिलाड़ियों को बधाई देते हुए इनाम देने की घोषणा

नरेश राघानी         

जयपुर। राजस्थान सरकार ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले राज्य के खिलाड़ियों को बधाई देते हुये नकद इनाम देने की घोषणा सोमवार को की। जिसके तहत अवनि लेखरा को तीन करोड़ रुपए और देवेंद्र झाझरिया दो करोड़ रुपएतथा सुन्दर सिंह गुर्जर को एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया,’ तोक्यो पैरालंपिक में राज्य की अवनि लेखरा को स्वर्ण जीतने पर तीन करोड़ रुपए, देवेंद्र झाझरिया को रजत जीतने पर दो करोड़ रुपए तथा सुन्दर सिंह गुर्जर को कांस्य पदक जीतने पर एक करोड़ रूपये की राशि इनाम स्वरुप प्रदान की जाएगी।’

उन्होंने कहा, ‘तीनों खिलाड़ियों को पहले से ही राज्य सरकार के वन विभाग में एसीएफ के पद पर नियुक्ति दी हुई है। राज्य के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है, हमें उन पर बेहद गर्व है।’ उल्लेखनीय है कि 19 वर्षीय लेखरा ने सोमवार को तोक्यो पैरालंपिक खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता में महिलाओं के आर-2 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच1 में स्वर्ण पदक जीतकर यह मुकाम हासिल किया।

इससे पहले गहलोत ने गहलोत ने खिलाडियों को बधाई देते हुए कहा ” जयपुर की अवनि लेखरा को निशानेबाजी प्रतियोगिता में महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीत कर भारत के लिये इतिहास रचने के लिये हार्दिक बधाई , पूरे देश को उन पर बहुत गर्व हैं। यह भारतीय खेलों के लिये बहुत अच्छा दिन है।”

उन्होंने कहा कि ” हमें राजस्थान के पैरालंपिक भाला फैंकने वाले देवेन्द्र झाझरिया पर बहुत गर्व है जिन्होंने तोक्या पैरालंपिक खेल में सिल्वर पदक और सुंदरसिंह गुर्जर ने कांस्य पदक जीते। यह एक अद्भुत क्षण है।” गहलोत ने पैरालंपिक प्रतियोगिता में पदक जीतने योगेश कथूनिया को भी बधाई दी।

शनिवार, 28 अगस्त 2021

दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

नरेश राघानी        
चित्तौड़गढ़। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ की पोक्सो मामलों की विशेष अदालत ने एक पांच साल की बालिका से दुष्कर्म करने के आरोपी को कल आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पोक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश ने आरोपी डालू भील को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर 29 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।
मामले के अनुसार आठ सितंबर 2019 को चित्तौड़गढ़ शहर की मोहर मंगरी कच्ची बस्ती में डालू भील बालिका को जबरन झाड़ियों में लेे गया और दुष्कर्म किया।



 

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न      अजीत कुशवाहा         कौशाम्बी। मुख्य विकास अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी की अध्यक्षता में स...