मंगलवार, 9 जुलाई 2024

जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की: डीएम

जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की: डीएम 

कौशाम्बी। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की गई। 
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा, कि सभी चिकित्सक समय से अस्पताल जाएं एवं अस्पताल में उपस्थित रहकर मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराएं। पारदर्शी तरीके से कार्य करें। 
कार्ययोजना/रणनीति बनाकर शासन की योजनाओं/कार्यक्रमों का क्रियान्वयन कर जमीनी स्तर पर प्रगति लाएं। उन्होंने नियमित टीकाकरण की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि आशा एवं एएनएम के साथ नियमित रूप से बैठक कर टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की जाय तथा आशा एवं एएनएम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाय कि वे अपने बच्चों को टीका अवश्य लगवाएं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर टीकाकरण कराया जाएं। उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित किया जाएं। उन्होंने संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की अपेक्षा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-कनैली, कड़ा एवं सरसवां में प्रगति कम पाये जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को आशाओं के साथ बैठक कर समीक्षा करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कहा कि प्रसूता को निर्धारित समयावधि 48 घण्टें तक अस्पताल में रोका जाएं। 
बैठक में बताया गया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत अब तक 97 प्रतिशत लाभार्थियों का भुगतान किया जा चुका है, जिस पर जिलाधिकारी ने शेष लाभार्थियों का भी भुगतान शीघ्र कराने के निर्देश दियें। बैठक में बताया गया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत आशाओं को 97.45 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने शेष आशाओं का भी भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दियें। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत माह-जून 2024 तक 691084 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक कुल 524051 गोल्डेन कार्ड बनाएं जा चुकें हैं। बैठक में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हिन्द प्रकाश मणि ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जनपद में 45 अल्ट्रासाउण्ड सेन्टर पंजीकृत हैं तथा अल्ट्रासाउण्ड सेन्टरों की नियमित निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाती है। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिला चिकित्सालय तथा सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रत्येक माह की 01, 09, 16 एवं 24 तारीख को हाईरिस्क चिहिन्त गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल तक लाने की परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। आवश्यक जॉचे, हीमोग्लोबिन अति न्यून होने पर खून चढ़ाने की सुविधा, उपचार के बाद घर तक जाने के लिए परिवहन की सुविधा एवं अति जोखिम ग्रस्त महिलाओं के लिए एनएनएम व आशा द्वारा विशेष फॉलो-अप किया जाता है। उन्होंने बताया कि माह जून में कुल 1943 गर्भवती महिलाओं की जॉच की गई, जिसमें 237 अति जोखिमग्रस्त गर्भवती महिलाओं का भी उपचार किया गया।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अन्धता निवारण कार्यक्रम, पुनरीक्षित क्षय रोग नियन्त्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग कार्यक्रम आदि की भी विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दियें।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुष्पेन्द्र कुमार एवं सीएमएस सुनील कुमार शुक्ला सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।
सुशील केसरवानी

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