मंगलवार, 9 जुलाई 2024

डीएम ने तहसील बुढ़ाना का निरीक्षण किया

डीएम ने तहसील बुढ़ाना का निरीक्षण किया 

भानु प्रताप उपाध्याय 
मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा जनपद की तहसील बुढ़ाना का औचक रूप से निरीक्षण किया गया। तहसील के विभिन्न पटलो का निरीक्षण कर व्यवस्थाओ का जायजा लिया। गौरतलब है कि शासन के दिशा निर्देशन में आज दिनांक 09-07-2024 को जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा जनपद की तहसील बुढाना का औचक रूप से निरीक्षण किया गया। जिसमें जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा तहसील के समस्त कार्यालयो एवं पटलो का निरीक्षण कर कार्यालयो में पत्रावलियो के रख–रखाव की व्यवस्थाओ का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा सम्बन्धित को आवश्यक निर्देश दिए गए। 
जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा उप जिलाधिकारी बुढाना व तहसीलदार बुढाना को निर्देशित करते हुए कहा गया कि आमजन मानस द्वारा दर्ज करायी जाने वाली शिकायतो का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्ता पूर्ण व समयबद्धता पूर्वक निस्तारण कराने के साथ ही तहसील न्यायालय में दर्ज वादों का भी ससमय निस्तारण किया जाए। इसी क्रम में जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा उप जिलाधिकारी न्यायालय व तहसीलदार न्यायालय कक्ष का निरीक्षण कर न्यायालय कि पंजिका में दर्ज वादो की स्थिति का जायजा लेते हुए न्यायालय में दर्ज वादो को ससमय निस्तारण कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।  जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा 5 साल से लंबित वादों की स्थिति व उनके निस्तारण के संबंध में जानकारी लेते हुए विभागीय कार्यवाही की स्थिति का भी जायजा लिया गया।इसी क्रम में जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा रजिस्टार कानूनगो कार्यालय की विभागीय कार्यवाही को देखते हुए रियल टाइम खतौनी का निरीक्षण कर संबंधित को नियमानुसार खतौनी तैयार करने के संबंध में निर्देशित किया गया। इसके पश्चात जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा सार्वजनिक प्रयोजन की भूमियों तथा तालाब, पोखर, चक रोड, शमशान आदि पर से अवैध कब्जे को हटाने की स्थिति का जायजा लेते हुए विभिन्न परियोजना हेतु भूमि आवंटन व आवंटियों के कब्जा दखल व आवंटन रजिस्टर के रखरखाव का अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा नजारत कार्यालय की समस्त पत्रावलियों का अवलोकन करते हुए राजस्व वादों के इश्तेहारो के तामीला की स्थिति व आडिट आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को जाना तथा संबंधित को आवश्यक रूप से निर्देशित किया गया। संपूर्ण कार्यालय का निरीक्षण करने के पश्चात जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी द्वारा तहसील परिसर में आम जनमानस हेतु बैठने, पेयजल व साफ सफाई सहित परिसर की अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए तहसील बुढाना से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से सुदृढ़ करने हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया।

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

1. अंक-263, (वर्ष-11)

पंजीकरण:- UPHIN/2014/57254

2. बुधवार, जुलाई 10, 2024

3. शक-1945, आषाढ़, शुक्ल-पक्ष, तिथि-चतुर्थी, विक्रमी सवंत-2079‌‌। 

4. सूर्योदय प्रातः 06:03, सूर्यास्त: 06:43।

5. न्‍यूनतम तापमान- 36 डी.सै., अधिकतम- 22+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

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सोमवार, 8 जुलाई 2024

13 कॉलेजों को मान्यता देने से इनकार किया

13 कॉलेजों को मान्यता देने से इनकार किया 

संदीप मिश्र 
लखनऊ। प्रदेश के सभी 13 मेडिकल कॉलेजों को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने मान्यता देने से इनकार कर दिया है। इसकी वजह कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों एवं अन्य संसाधनों की कमी है। यह चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए जबरदस्त झटका है। क्योंकि, इन कॉलेजों को मान्यता मिलती तो प्रदेश में एक साथ एमबीबीएस की 1300 सीटें बढ़ जातीं। अभी यहां सरकारी क्षेत्र की एमबीबीएस की 3828 और निजी क्षेत्र की 5450 सीटों हैं।
प्रदेश में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। इसके तहत करीब सालभर पहले 13 स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हुए। इन कॉलेजों की मान्यता के लिए एनएमसी में आवेदन किया गया। एनएमसी की टीम ने 24 जून को स्थलीय निरीक्षण कर कमियां गिनाईं। फिर इसे दूर करे के लिए सप्ताह-भर बाद वर्चुअल बैठक हुई। कुछ कमियां दूर की गईं, लेकिन संकाय सदस्यों (फैकल्टी )की कमी की वजह से प्रदेश के सभी 13 कॉलेजों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। अब संबंधित कॉलेजों के प्रधानाचार्य को नए सिरे से अपील करने का निर्देश दिया गया है।
स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज कुशीनगर, कौशांबी, सुल्तानपुर, कानपुर देहात, ललितपुर, पीलीभीत, ओरैया, सोनभद्र, बुलन्दशहर, गोंडा, बिजनौर, चंदौली और लखीमपुर खीरी जिले में बने हैं। सत्र 2024-25 में इन कॉलेजों को एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी थी। सभी मेडिकल कॉलेज कमियां दूर कर एनएमसी में अपील कर सकते हैं। अपील के लिए 15 दिन का समय है। ज्यादातर मेडिकल में भर्ती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन जहां 50 फीसदी से ज्यादा पद खाली हैं वे निर्धारित समय में भर पाएंगे, इस पर संशय है।
एनएमसी की ओर से कॉलेजों को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि फैकल्टी के कहां कितने फीसदी पद खाली हैं। इसके तहत कुशीनगर में 85.7 फीसदी, गोंडा में 84.70 फीसदी, सोनभद्र में 74 फीसदी, कौशाांबी में 72.79 फीसदी, कानपुर देहात में 76.50 फीसदी, चंदौली में 65 फीसदी, ललितपुर में 64.70 फीसदी , औरैया में 68 फीसदी, बुलंदशहर में 48 फीसदी, सुल्तानपुर में 47 फीसदी पद खाली हैं। यही स्थिति अन्य मेडिकल कॉलेजों का भी है। कई कॉलेजों में सीटी स्कैन मशीन, ब्लड सेपरेशन यूनिट आदि भी नहीं हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें, तो एनएमसी की ओर से वर्ष 2023 में एमबीबीएस की 100 सीट पर पहले वर्ष के लिए 50 फैकल्टी की अनिवार्यता की गई थी। इसके बाद साल दर साल फैकल्टी बढ़ाने का विकल्प था, लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया गया है। पहले साल में फैकल्टी की अनिवार्यता 50 से बढ़ाकर 85 कर दी गई है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को बढावा देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कोशिश थी कि प्रदेश में 1300 सीटें बढ़ जाएं। एनएमसी ने निरीक्षण के बाद मान्यता नहीं दी है। जिन कमियों की वजह से मान्यता रूकी है, उसे दूर किया जा रहा है। दोबारा अपील की जाएगी।

फारुक ने पाकिस्तान को लेकर बयान दिया

फारुक ने पाकिस्तान को लेकर बयान दिया 

इकबाल अंसारी 
श्रीनगर। नेशनल कान्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला ने एक बार फिर पाकिस्तान को लेकर बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क (पाकिस्तान) को यह समझना चाहिए, कि दोस्ती में रहेगा तो दोनों तरक्की करेंगे और दुश्मनी में रहेगा तो तरक्की कमजोर हो जाएगी।
अब्दुल्ला ने आगे कहा कि आज पाकिस्तान की हालत क्या है ? यह आप देख सकते हैं, इसलिए आतंकवाद खत्म हो जाना चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला पाकिस्तान को लेकर देते रहे हैं बयान

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पाकिस्तान को लेकर बयान देते रहे हैं। इस बार पाकिस्तान को उन्होंने भाईचारे की नसीहत दी है, एक प्रेस वार्ता के दौरान जब उनसे पूछा गया कि राजौरी जैसी घटनाओं में पाकिस्तान का हाथ है। इसपर उन्हें क्या कहना चाहेंगे ? फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जैसे वाजपेयी जी ने कहा था कि दोस्ती में रहने से दोनों मुल्कों की तरक्की वर्ण नुकसान ही होगा। इसलिए आतंकवाद का खत्म होना जरूरी है।

बातचीत के जरिए सुलह की दे चुके हैं राय

एक साल पहले फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के साथ समस्या के हाल का समाधान बातचीत को बताया था। तब अब्दुल्ला ने कहा था, "कश्मीर की समस्या खत्म नहीं होगी, आतंकवाद तब तक बना रहेगा, जब तक हम अपने पड़ोसी से बात नहीं करते और इसका सही समाधान नहीं ढूंढते।" उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी यह चाहते थे। आज के पीएम खुले तौर पर कहते हैं कि युद्ध किसी भी चीज का समाधान नहीं है।
वह पाकिस्तान के साथ मसले का हल और शांति के लिए बातचीत को रास्ता बताते रहे हैं। उनके बयान की बीजेपी ने तीखी आलोचना भी की थी। इस बार भी फारूक अब्दुल्ला ने ऐसा ही बयान दिया है। फिलहाल इसपर बीजेपी का बयान सामने नहीं आया है।

बाप-बेटे पर गिरीं आकाशीय बिजली, 1 की मौत

बाप-बेटे पर गिरीं आकाशीय बिजली, 1 की मौत

मुस्तान खान 
नरसिंहपुर। चीचली थाने के अंर्तगत ग्राम मऊ की घटना।
बताया जा रहा है, कि 4 से 5 बजे के बीच अचानक मौसम बदला तेज हवाओं के साथ बारिश भी हुई। इसी दौरान ग्राम मऊ में मजदूरों के साथ धान के खेत में धान लगा रहे बाप-बेटे पर आकाशीय बिजली चमक और तेज गरज से साथ आसमान से सीधे नीचे गिरीं। जिसकी चपेट मे प्रहलाद ठाकुर 65 वर्षीय और मृतक का बेटा 32 वर्षीय अनूप ठाकुर आ गए। हादसे में प्रहलाद ठाकुर की घटना स्थल पर मौत हुई और अनूप ठाकुर घायल हो गया। घायल का इलाज गाडरवारा अस्पताल में जारी है।

भागवत कथा श्रवण करने के लिए उमड़ीं जनता

भागवत कथा श्रवण करने के लिए उमड़ीं जनता 

मुस्तान खान
नरसिंहपुर। स्थानीय नई गल्ला मंडी में धर्म की अमृत वर्षा हो रही है। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने के लिए धर्म प्रेमी जनता उमड़ रही है। 5 जुलाई से प्रारंभ हुई। कथा 11 जुलाई तक चलेगी। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक कथा व्यास पंडित शिवम दिक्षित जी द्वारा कथा का श्रवण कराया जा रहा है। कथा के चौथे दिवस  कथा वाचक पंडित शिवम दिक्षित ने श्रीमद् भागवत पुराण को भगवान कृष्ण का साहित्यिक अवतार माना जाता है। श्रीमद् भागवत कथा सुनने से आध्यात्मिक विकास और भगवान के प्रति भक्ति गहरी होती है भगवान की कथाएं, नित्य सुनना चाहिए। भगवान की कथा सुनने से जीवन के दुख दूर होते हैं।श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से प्राणी न केवल मोक्ष को प्राप्त करता है, वरन् मृत्यु के भय से भी निर्भय हो जाता है। यही कारण है कि मानव जीवन में भागवत कथा का सर्वाधिक महत्व है। मानव को जीना रामायण से एवं मरना श्रीमद्भागवत से सीखना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मनुष्य में कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं हमें भागवत कथा सुनने के साथ-साथ उनकी शिक्षाओं पर अमल भी करना चाहिए। भागवत जीविका का साधन नहीं है, भागवत तो मनुष्य का जीवन है। भागवत एक ऐसा रस है, जो इसमें रम गया तो उसका जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने कहा कि अपना हित छोड़कर दूसरो का भला करोंगे, तो भगवान आप का भला करेगा। 
भागवत कथा का रसपान करने श्रद्धालुओं की अपार भीड़ पहुंच रही है। कथा पंडाल में भक्ति भाव में लीन होकर श्रद्धालु जन संगीतमय भजनों पर नृत्य करते हुए नजर आ रहे हैं। आयोजन समिति द्वारा कथा पंडाल में बेहतर व्यवस्थाएं की गई है। कथा समापन पर 11 जुलाई को भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया है।आयोजन समिति ने श्रीमद भागवत कथा में धर्म प्रेमी जनता से शामिल होकर पुण्य की भागी बनने के लिए सहभागिता करने का विनम्र आग्रह किया है।

शहीदाने कर्बला की याद में मनाया जाता है 'मोहर्रम'

शहीदाने कर्बला की याद में मनाया जाता है 'मोहर्रम' 

मुस्तान खान 
नरसिंहपुर। मुस्लिम समुदाय का मोहर्रम शहीदाने कर्बला की याद में मनाया जाता है। मोहर्रम की पहली तारीख से ही मजलिस के माध्यम से जिक्रे शहीदने  कर्बला का बयान शुरू हो गया है। शहर में मोहर्रम पर या हुसैन की सदाए गूंजने लगी है। इस्लाम धर्म का पहला महीना मोहर्रम से ही प्रारंभ होता है। कर्बला में हुए शहीदों की याद में और उनकी शान में लंगर शरबत तक्सीम हो रहा है। मस्जिदों में भी बाद नमाज ईसा करबला में हुए शहीदों की शान में दर्स शुरू हो गया है। जामा मस्जिद में पेश इमाम हाफिज, जुबेर आलम साहब द्वारा बयान किया जा रहा है। दरगाह, इमाम बाड़ो की रंग रोगन सजावट होने लगी है। मोहर्रम की पहली तारीख से ही नगर में मजमा दिखाई देने लगा है नगर में अनेक स्थानों पर हुसैनी परचम लगाए जाएंगे 11 जुलाई मोहर्रम की 4 तारीख को शक्ति चौक पर हर साल की तरह इस साल भी हुसैनी परचम झंडा लगाया जा रहा है। परचम लगने के पूर्व उसी दिन शाम 7 बजे शक्ति चौक से परचम जुलूस निकाला जाएगा जो शिवालय चौक सब्जी मंडी गंज स्कूल होते हुए पुरानी गल्ला मंडी से नए बस स्टैंड होकर बावड़ी अखाड़ा दरगाह शरीफ से गणेश मंदिर वाली गली , झंडा चौक होते हुए वापस शक्ति चौक पहुंचेगा वहा पर परचम कुशाई की जाएगी। मोहर्रम की चार एवं पांच तारीख को  गरीब नवाज चौकी, मुकरबा दरगाह शरीफ ,बंगला वाले ,मंडला वाले, सुल्तान बाबा के अलावा कई इमाम बाड़ो की  टिपारिया नगर में गश्त करते हुए बड़ेवली इमाम बाड़े  पर अपनी हाजिरी पेश करेगी । ताजिया बनाने का काम भी शुरू हो चुका है।  मोहर्रम की 7 तारीख को नए बस स्टैंड  काजी मोहल्ले से दोपहर करीब 4 बजे मेंहदी कुर्सी ताजिया आलम का जुलूस निकलेगा जो शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए वापस शास्त्री वार्ड पहुंचेगा। 7 तारीख की रात में कुछ सवारियां बाबाओ की आमद के साथ शहर में रन करने निकलेगी। नगर में अनेकों स्थानों पर हुसैनी लंगर भी प्रारंभ हो चुका है शाम को शरबत भी तक्सीम किया जा रहा है। मोहर्रम पर कुछ लोग शेर बनकर दरगाहों इमामबाड़ो में नाचकर अपनी मन्नत भी पूरी करते हैं। मोहर्रम पर चादर संदल  परचम चढ़ाने  बैंड बाजे शहनाई के साथ जुलूस भी निकलेंगे। गाडरवारा में गंगा जमुना तहजीब के साथ महावीर भवन के सामने जबरन देवी दरबार में रमा महाराज की सवारी खड़ी  होती है एवं कामथ वार्ड में कोष्टी परिवार द्वारा ताजिया बनाया जाता है। सुरेश गुप्ता भटे द्वारा चादर संदल  का जुलूस भी निकाला जाता है। मोहर्रम की 9 तारीख इसे कत्ल की रात कहा जाता है। इस रात में  जागकर यादें हुसैन में डूबकर इबादत की जाती है। मोहर्रम की दस  तारीख यौमे आशूरा के दिन रोजा रख अशूरे की नमाज पढ़ी जाती है। दस तारीख को ही संजय मार्केट के समक्ष ताजियों का मजमा लगता है। सुबह से ही ताजिए वहा पर एकत्रित हो जाते हैं लोग, ताजियों का दीदार करने पहुंचते हैं। सुबह से लेकर दोपहर तक सभी सवारियां बाबाओ की आमद के साथ रन करती है। रात्रि में चावड़ी मार्ग बारह भाई इमामबाड़े के पास ताजियों का मजमा लगता है। 11 तारीख की सुबह चावड़ी से सभी ताजिए नए बस स्टैंड होते हुए शक्कर नदी के उस पार करबला शरीफ के पास कुंड में विसर्जित किए जाएंगे।

'बुंदेलखंड' को निवेश का नया गंतव्य बनाया

'बुंदेलखंड' को निवेश का नया गंतव्य बनाया  संदीप मिश्र  लखनऊ। कभी पिछड़े क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले बुंदेलखंड को योगी सरकार न...