गुरुवार, 25 मई 2023

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

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1. अंक-224, (वर्ष-06)

2. शुक्रवार, मई 26, 2023

3. शक-1944, ज्येष्ठ, शुक्ल-पक्ष, तिथि-सप्तमी, विक्रमी सवंत-2079‌‌।

4. सूर्योदय प्रातः 06:40, सूर्यास्त: 06:10। 

5. न्‍यूनतम तापमान- 22 डी.सै., अधिकतम- 38+ डी.सै.।

6. समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है। 

7.स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम व शिवांशु  (विशेष संपादक) श्रीराम व सरस्वती (सहायक संपादक) संरक्षण-अखिलेश पांडेय, ओमवीर सिंह, वीरसैन पंवार, योगेश चौधरी आदि के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

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बुधवार, 24 मई 2023

आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला 

आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला 

मिनाक्षी लोढी 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 27 मई को नई दिल्ली में होने वाली नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बनर्जी ने घोषणा की थी कि वह राष्ट्रीय राजधानी में नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करेंगी।

नीति आयोग की बैठक में भाग नहीं लेने के बनर्जी के फैसले के पीछे वजह अभी तक पता नहीं चली है, लेकिन राज्य सचिवालय के एक सूत्र ने कहा कि 2024 के आम चुनाव से पहले भाजपा विरोधी दलों के एक मंच पर आने के प्रयास के तहत यह निर्णय लिया गया है। राज्य सचिवालय के अधिकारी ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री 27 मई को नयी दिल्ली में होने वाली नीति आयोग की बैठक में संभवत: भाग नहीं लेंगी।’

बनर्जी ने इस महीने की शुरुआत में बैठक में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की थी और कहा था कि वह राज्य के मुद्दों को उजागर करेंगी जिसे केंद्र द्वारा कथित रूप से वंचित किया जा रहा है। बाद में उन्होंने कहा था, ‘‘मैं नयी दिल्ली में 27 मई को नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लूंगी क्योंकि किसी राज्य के मुद्दों को उठाने का यही एक मंच है।’’

तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और वाम दलों माकपा तथा भाकपा ने मंगलवार को घोषणा की कि वे 28 मई नये संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करेंगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि सभी राजनीतिक दलों को नये संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया है और वे अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेंगे।

ओएलईडी टीवी लाइन-अप लॉन्च, घोषणा

ओएलईडी टीवी लाइन-अप लॉन्च, घोषणा

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। कंज्यूमर ड्यूरेबल ब्रांड एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने बुधवार को अपने बहुप्रतीक्षित 2023 ओएलईडी टीवी लाइन-अप के लॉन्च होने की घोषणा की। जिसमें ओएलईडी42सी 3 की कीमत 119,990 रुपये से शुरू होकर रोलेबल टीवी की क़ीमत 75,00,000 रुपये तक है। इस साल इसके अत्यधिक सफल सेल्फ-लाइट ओएलईडी टीवी की 10वीं वर्षगांठ भी है और इस साल इसने दुनिया का सबसे बड़ा 246 सेमी (97 इंच) ओएलईडी टीवी और फ्लेक्सिबल गेमिंग ओएलईडी टीवी पेश किया है।

कंपनी ने आज यहां कहा कि 2023 एलजी ओएलईडी लाइन-अप ग्राहकों को अलग-अलग वैरिएंट में 21 मॉडल के साथ विकल्प देता है, जिसमें दुनिया की एकमात्र 8के ओएलईडी जेड3 सीरीज, ओएलईडी इवो गैलरी एडिशन जी3 सीरीज, ओएलईडी इवो सी3 सीरीज, ओएलईडी बी3 और ए3 सीरीज टीवी शामिल हैं। उन्नत ओएलईडी इवो अद्भुत स्पष्टता और विस्तार के साथ उच्च चमक और रंग सटीकता प्रदान करता है।

इसके अलावा, एलजी ने एलजी ओएलईडी ऑब्जेक्ट कलेक्शन पीओएसई, एक अल्टीमेट लाइफस्टाइल टीवी और ओएलईडी फ्लेक्स, एक गेमिंग पावरहाउस भी पेश किया है, जिसमें एक बहुत ही अनूठा फीचर है, जिसमें उपयोगकर्ता स्क्रीन को 20 विभिन्न स्तरों के कर्व्स के साथ मोड़ सकता है।नवीनतम लाइन-अप अनुकूलन योग्य देखने के अनुभव के लिए 106 सेमी (42 इंच) से 246 सेमी (97इंच) तक ओएलईडी टीवी की सबसे विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। एलजी ओएलईडी अपनी असाधारण तस्वीर की गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है, गहरे काले रंग के साथ जीवंत, सटीक रंग और उल्लेखनीय रूप से सजीव छवियों को उत्पन्न करता है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक होंग जू जियोन ने कहा, "हमारी नवीनतम लाइन-अप एक विशिष्ट उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करने और हमारे मूल्यवान उपभोक्ताओं के लिए घरेलू मनोरंजन की अवधारणा को फिर से तैयार करने की हमारी अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। नवाचारी विशेषताओं को पेश करके और विविध उपभोक्ता वर्गों के लिए हमारे ओएलईडी टीवी पोर्टफोलियो का विस्तार करके, हम प्रीमियम टीवी मार्केट में एलजी की प्रमुखता को पुष्टि कर रहे हैं। इस नई रेंज के साथ, हम ओएलईडी टीवी तकनीक में अपने बाजार प्रभुत्व को और मजबूत करने के लिए आश्वस्त हैं।”

एलजी के नवीनतम ओएलईडी टीवी सेल्फ-लिट पिक्चर क्वालिटी, शक्तिशाली इमेज प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी और अधिक स्मार्ट फीचर प्रदान करने वाले अपग्रेडेड वेबओएस प्लेटफॉर्म के साथ-साथ लाइफस्टाइल सेवाओं की बढ़ती लाइब्रेरी तक पहुंच के साथ देखने के अनुभव को बेहतर बनाते हैं।

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को रवाना करेंगे 'पीएम'

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को रवाना करेंगे 'पीएम'

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देहरादून से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को बृहस्पतिवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह उत्तराखंड में शुरू होने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

उसके मुताबिक प्रधानमंत्री इस अवसर पर नए विद्युतीकृत रेल खंडों को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएमओ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी 25 मई को सुबह 11 बजे वीडियो कांफ्रेंस के जरिए देहरादून से दिल्ली के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।’’ पीएमओ के मुताबिक यह उत्तराखंड में शुरू होने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन होगी जो विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ, राज्य की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए आरामदायक यात्रा के एक नए युग की शुरुआत करेगी।

इस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का निर्माण स्वदेश में किया गया है और यह ‘कवच’ तकनीक सहित उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस है। पीएमओ ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन के स्वच्छ साधन प्रदान करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप भारतीय रेलवे देश में रेल मार्गों का सौ प्रतिशत विद्युतीकृत करने की कोशिश में है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री उत्तराखंड में नए विद्युतीकृत रेल लाइन खंडों को देश को समर्पित करेंगे।

पीएमओ ने कहा कि इसके साथ ही उत्तराखंड में पूरे रेल मार्ग का 100 प्रतिशत विद्युतीकृत पूरा हो जाएगा। उसने कहा, ‘‘विद्युतीकृत खंडों पर बिजली द्वारा चलाई जाने वाली ट्रेनों के परिणामस्वरूप ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी और ढुलाई क्षमता भी बढ़ेगी।’’ 

सेवाओं का नियंत्रण, अध्यादेश लाएगी सरकार 

सेवाओं का नियंत्रण, अध्यादेश लाएगी सरकार 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार भविष्य में कर्नाटक और अन्य राज्यों में भी सेवाओं के नियंत्रण को लेकर अध्यादेश ला सकती है। कांग्रेस नेता अजय माकन ने एक दिन पहले ही अध्यादेश के मुद्दे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन नहीं करने पर जोर दिया था, जिसके बाद ‘आप’ की यह प्रतिक्रिया आई है।

भारद्वाज ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अजय माकन कर्नाटक की जीत पर खुशी मना रहे हैं लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि केंद्र कल कर्नाटक में इसी तरह का अध्यादेश ला सकता है और वहां (सरकार से) पुलिस की शक्ति छीन सकता है। तब वे क्या करेंगे? हमारे द्वारा अध्यादेश का मुद्दा उठाने के बाद कांग्रेस सक्रिय हो गई है, वरना यहां अजय माकन को कौन जानता है ?’’

भारद्वाज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि केंद्र अन्य राज्यों में इस तरह का अध्यादेश नहीं ला सकता है और राज्य के कानूनों और शक्तियों को ‘‘संविधान द्वारा स्पष्ट रूप से परिभाषित’’ किया गया है। दीक्षित ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘यह अध्यादेश उस क्षेत्र से संबंधित है जहां राय में मतभेद है। दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है और इसकी शक्तियां संसद द्वारा दी या ली जा सकती हैं।

वह (सौरभ भारद्वाज) हमारी राज्य सरकार के बारे में बात कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि राज्य सरकार के कानून और शक्तियां संविधान द्वारा स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर सौरभ भारद्वाज इस बुनियादी अंतर को नहीं समझते हैं, तो मैं कहना चाहूंगा कि मैं ऐसे लोगों के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहता।’’ भारद्वाज ने आगे कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और वे अपने लाभ और हानि को देखते हुए अध्यादेश के मुद्दे पर निर्णय लेंगे।

नए भवन के उद्घाटन के लिए दलों को आमंत्रित किया 

नए भवन के उद्घाटन के लिए दलों को आमंत्रित किया 

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि 28 मई को संसद के नए भवन के उद्घाटन के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है और वे “अपने विवेक के अनुसार फैसला करेंगे”। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब 19 विपक्षी दल इस कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत द्वारा भारत को सत्ता हस्तांतरित करने के प्रतीक स्वरूप प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को दिए गए ऐतिहासिक ‘सेंगोल’ को नए संसद भवन में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री द्वारा 28 मई को निर्धारित उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों के बहिष्कार के फैसले के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने सभी को उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित होने के लिए आमंत्रित किया है। सभी अपने विवेक के अनुसार कार्य करेंगे।’’ इस मौके पर शाह के साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद थे।

कुछ विपक्षी दलों ने समारोह के बहिष्कार की घोषणा की क्योंकि उनका कहना था कि यह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘सेंगोल को राजनीति से नहीं जोड़ा जा सकता।’’ ‘सेंगोल’ यह संदेश देता है कि सरकार को न्याय और निष्पक्षता से चलना चाहिए और वह नियम आधारित होना चाहिए। जब यह नए संसद भवन में स्थापित होगा, तो यह संदेश लोगों और जनप्रतिनिधियों तक जाएगा। उन्होंने कहा, “यही असली उद्देश्य है। इसे राजनीति से न जोड़ें। यह पुरानी परंपरा है जो नए भारत से जुड़ने जा रही है। राजनीति की अपनी जगह है। हर कोई अपने विवेक से काम करता है।” गृह मंत्री ने कहा कि नया संसद भवन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता का उदाहरण है। लोकसभा में अध्यक्ष के आसन के पास ‘सेंगोल’ को प्रमुखता से लगाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री संसद भवन के निर्माण में योगदान देने वाले 60,000 श्रमिकों (श्रम योगियों) को सम्मानित भी करेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि नया संसद भवन देश की विरासत और परंपराओं के साथ आधुनिकता को जोड़ने वाला नया भारत बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का प्रमाण है। शाह ने कहा कि ‘सेंगोल’ स्थापित करने का उद्देश्य तब भी स्पष्ट था और अब भी है। उन्होंने कहा कि सत्ता का हस्तांतरण महज हाथ मिलाना या किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना नहीं है और इसे आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय परंपराओं से जुड़ा रहना चाहिए। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अंग्रेजों से सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर ‘सेंगोल’ प्राप्त किया था। 

‘सेंगोल’ का इस्तेमाल 14 अगस्त, 1947 को अंग्रेजों से भारतीय हाथों में सत्ता हस्तांतरित करने के लिए किया गया था और इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राजेंद्र प्रसाद और कई अन्य लोगों की उपस्थिति में स्वीकार किया था। राजेंद्र प्रसाद बाद में देश के पहले राष्ट्रपति बने थे। ‘सेंगोल’ शब्द तमिल शब्द “सेम्मई” से लिया गया है, जिसका अर्थ है “नीतिपरायणता”।

‘न्याय’ के प्रेक्षक के रूप में, अपनी अटल दृष्टि के साथ देखते हुए हाथ से उत्कीर्ण नंदी ‘सेंगोल’ के शीर्ष पर विराजमान हैं। ‘सेंगोल’ को ग्रहण करने वाले व्यक्ति को न्यायपूर्ण और निष्पक्ष रूप से शासन करने का ‘आदेश’ (तमिल में‘आणई’) होता है। उन्होंने कहा, ‘‘सेंगोल आज भी उसी भावना का प्रतिनिधित्व करता है, जो जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त 1947 में महसूस की थी।’’

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25 मई को खुलेंगे 'हेमकुंड साहिब' के कपाट

25 मई को खुलेंगे 'हेमकुंड साहिब' के कपाट पंकज कपूर  देहरादून। हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 25 मई को खोले जाएंगे। इसके चलते राज्य सरका...