शनिवार, 29 मई 2021

वैक्सीनेशन ही प्रसार और म्यूटेशन का कारण बना

नई दिल्ली। यह सवाल बार बार हम सबके दिमाग मे आता है लेकिन वैज्ञानिक बिरादरी से जुड़ा हुआ कोई भी शख्स इसकी पुष्टि करना तो दूर इस पर बात तक नही करता लेकिन अब एक ऐसे वायरोलिस्ट सामने आए हैं जिन्होंने बहुत स्पष्ट रूप से कह दिया है कि कोविड का टीकाकरण ही नए वेरिएंट के उत्पन्न होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है।हम बात कर रहे है फ्रांस के जाने माने वायरोलिस्ट प्रोफेसर ल्यूक मॉन्टैग्नियर की। मॉन्टैग्नियर कोई छोटे मोटे वायरोलिस्ट नही हैं। इन्होंने एचआईवी वायरस की खोज के लिए फ्रांकोइस बर्रे-सिनौसी और हेराल्ड ज़ूर हॉसन के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में 2008 का नोबेल पुरस्कार जीता था। इसलिए आप उनकी बातों को आसानी से खारिज नही कर सकते।दरअसल मॉन्टैग्नियर ने ये बड़े खुलासे इस महीने के शुरुआत में दिए एक साक्षात्कार में किए लेकिन चर्चा में नही आ पाए। इस साक्षात्कार की क्लिप को अमेरिका के आरएआईआर फाउंडेशन ने विशेष तौर पर ट्रांसलेट किया जिसके बाद उनका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है ल्यूक मॉन्टैग्नियर ने इसमे साफ साफ कहा है कि ये टीकाकरण ही है, जिसके कारण वेरिएंट उत्पन्न हो रहे हैं।

वीडियो में जब कि मॉन्टैग्नियर से सवाल पूछा गया कि टीकाकरण शुरू होने से बाद से जनवरी से नए मामले और मौत के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं, खासतौर पर युवाओं में तो इसपर आप क्या कहते हैं? इसके जवाब में मॉन्टैग्नियर ने कहा कि यह एक ऐसी वैज्ञानिक, मेडिकल गलती है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता इसे इतिहास में दिखाया जाएगा क्योंकि टीकाकरण ही नए वेरिएंट उत्पन्न कर रहा है। चीनी वायरस के लिए एंटीबॉडी हैं, जो वैक्सीन से आती हैं तो वायरस क्या करता है? क्या वो मर जाता है? या कोई और रास्ता ढूंढता है ?

वह इसका उत्तर देते हुए आगे कहते हैं कि तब नए तरह के वेरिएंट उत्पन्न होते हैं और ये टीकाकरण का परिणाम है। वैक्सीन एंटीबॉडी बनाती हैं, जो वायरस को कोई दूसरा रास्ता खोजने या मरने पर विवश करती हैं और इसी के चलते नए वैरिएंट उत्पन्न होते हैं।

वे कहते है कि आप देख सकते हैं, ये हर देश में एक जैसा ही है। टीकाकरण का ग्राफ मौत के ग्राफ के साथ चल रहा है। मैं नजदीक से इसका अनुसरण कर रहा हूं और संस्थानों में मरीजों के साथ प्रयोग कर रहा हूं। जो वैक्सीन लगने के बाद संक्रमित हुए हैं। इससे पता चलता है कि वो ऐसे वेरिएंट बना रहे हैं, जिन पर वैक्सीन कम प्रभावी है। उन्होंने बताया कि इस घटना को एंटीबॉडी-डिपेंडेंट एनहैंसमेंट कहा जाता है। वे कहते हैं कि महामारी विज्ञानियों को वैक्सीन से जुड़े तथ्यों के बारे में पता है लेकिन फिर भी वे खामोश हैं।

दरअसल डब्लू एच ओ समर्थित वैज्ञानिक समुदाय को पसंद नही करता है क्योंकि उन्होंने पिछले साल अप्रैल 2020 में एक फ्रेंच चैनल को दिए गए एक साक्षात्कार के दौरान दावा किया था कि वायरस, जो कोरोना संक्रमण का कारण बनता है, एक चीनी प्रयोगशाला में एचआईवी के खिलाफ एक टीका बनाने के प्रयास का परिणाम था।

मॉन्टैग्नियर ने कोरोनावायरस के जीनोम में एचआईवी के तत्वों और यहां तक कि “मलेरिया के रोगाणु” के तत्वों की उपस्थिति की ओर भी इशारा किया था। उन्होंने कहा कि नए कोरोना वायरस की ऐसी विशेषताएं स्वाभाविक रूप से उत्पन्न नहीं हो सकती हैं। एचआईवी आनुवंशिक अनुक्रमों को वायरस में डाला गया था। यह अत्यधिक परिष्कृत कार्य है।” अगर कोई एड्स वायरस पर ही शोध करते हुए नोबेल पुरस्कार जीतता है और वो इस तरह का दावा करता है तो उसे सीरियसली लेना चाहिए लेकिन उनकी बातों को खारिज कर दिया गया और अब उन्होंने कोरोना वायरस के नए वेरियंट बनने के बारे यह दावा किया है आपको याद होगा कि बेल्जियम के एक बड़े वायरोलिस्ट गुर्ट वांडन बुशा ने दावा किया था कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जो मास वैक्सीनेशिन अभियान चलाया है वो एक तरह का ब्लंडर साबित होने जा रहा है। उनका भी मानना था कि एक महामारी के दौरान मानव हस्तक्षेप जैसे मास वैक्सीनेशन हमेशा मददगार नहीं होते हैं, या यहां तक कि प्रतिशोधी भी होते हैं, उन्हें ऐसे वेरिएंट के उद्भव के पक्ष में माना जाता है जो मूल वायरस की तुलना में बहुत अधिक खतरनाक और संक्रामक हैं।

बड़े पैमाने पर टीकाकरण प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करेगा और वायरस के उत्परिवर्तन को तेज करेगा। इस घटना का नाम इम्यून स्केप है। गुर्ट वांडन बुशा का मानना था कि महामारी के बीच मास वैक्सीनेशिन अभियान बेहद खतरनाक है। “बड़े पैमाने पर टीकाकरण से, वायरस तेजी से उत्परिवर्तन की रणनीति को अपनाएगा और युवा आबादी में प्रसार को बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि “these immune escapes could cause an infectious wave ”unstopable” and cause the death of an important part of humanity.

यानी यह दोनों बड़े वायरोलिस्ट लगभग एक जैसी ही बाते कह रहे हैं, लेकिन कोई मान नही रहा है सब वैक्सीनेशन के पीछे पड़े हैं। मॉन्टैग्नियर सही रहे हैं कि इतिहास ही बताएगा कि कौन सही कह रहा था।

गिरीश मालवीय

दिल्ली में संक्रमण दर घटकर 1.19 प्रतिशत रही

सत्येंद्र ठाकुर   

नई दिल्ली। दिल्ली में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 956 नये मामले सामने आए, जो लगभग पिछले दो महीने में दर्ज किए गए मामलों की सबसे कम संख्या रही। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े में यह जानकारी दी गई है। इसके अनुसार इस महामारी से 122 और मरीजों की मौत हुई जबकि संक्रमण दर घटकर 1.19 प्रतिशत हो गई।

दिल्ली में 22 मार्च को इस संक्रमण के 888 मामले दर्ज किये गये थे और इसके बाद से पहली बार एक दिन में एक हजार से कम मामले सामने आये हैं। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इस महामारी से 122 और मरीजों की मौत होने से दिल्ली में मृतकों की संख्या बढ़कर 24,073 पर पहुंच गई। बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 1,072 मामले सामने आये थे और 117 मरीजों की मौत हुई थी जबकि संक्रमण दर 1.53 प्रतिशत थी। शुक्रवार को 1,141 मामले सामने आये थे और 139 लोगों की मौत हुई थी, जबकि संक्रमण की दर 1.59 प्रतिशत थी।

यूपी में 1 जून से शुरू होगी अनलॉक की प्रक्रिया

संदीप मिश्र  

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना के घटते मामलों को देखते हुए प्रदेशवासियों को कुछ राहत देने का मन बना रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संक्रमण की रफ्तार को लेकर समीक्षा की। जिसमें यह निर्णय लिया गया 1 जून से प्रदेश में कुछ प्रतिष्ठानों को शर्तों के साथ खोलने की छूट दे दी जाएगी। इसके अलावा रात्रिकालीन कोविड कर्फ्यू जारी रहेगा। उन जिलों में कोई राहत नहीं दी जाएगी, जहां कोरोना संक्रमण की रफ्तार यथावत बनी हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को टीम-9 के साथ समीक्षा बैठक में कोरोना कर्फ्यू पर प्रमुखता से चर्चा की और इस दौरान कोरोना कर्फ्यू में ढील देने पर सहमति बनी। प्रदेश में एक जून से उद्योग, दुकान तथा बाजारों को राहत दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिक एक्टिव केस वाले जिलों में अभी राहत नहीं दी जाएगी, जबकि नाइट कर्फ्यू हर जिले में जारी रहेगा।

चरणबद्ध ढंग से खोला जाएगा कोरोना कर्फ्यू

कोरोना वायरस संक्रमण काल में प्रदेश में लागू कोरोना कर्फ्यू इस बार भी चरणबद्ध ढंग से खोला जाएगा। प्रदेश में अब 24 घंटे में दो हजार तक नए संक्रमित आने से इसका प्रभाव कुछ कम होने लगा है। रिकवरी रेट भी 97 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद अब सरकार जनता को राहत देने के मूड में है। प्रदेश में कोविड पॉजिटिविटी रेट 22 से घटकर एक प्रतिशत रह गई है। एक जून से राज्य में चरणवार कोरोना कर्फ्यू खोला जाएगा। सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक तमाम बंदिशों से पाबंदी हटाई जा रही है। इस दौरान वीकेंड और नाइट कर्फ्यू अभी भी जारी रहेगा।

एक जून से इनको मिलेगी छूट

सरकार कई जगह पर छूट तो दे रही है, लेकिन सभी जगह पर कोविड प्रोटोकॉॅल यानी मास्क व फिजिकल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन होगा। सरकार कपड़े की दुकान, वैवाहिक वस्तुओं की दुकान, निर्माण से जुड़ी सामग्री की दुकान, 50 प्रतिशत कर्मी क्षमता के साथ बड़ी दुकान या रेस्टोरेंट तथा 33 प्रतिशत कर्मियों के साथ सभी सरकारी तथा प्राइवेट कार्यालय को खोलने की छूट है।

इन पर बरकरार रहेगी रोक

कंटेनमेट जोन की सभी दुकान, शॉपिंग मॉल, फिल्म थिएटर, सैलून तथा सभी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक व राजनीतिक कार्यक्रम पर अभी रोक रहेगी।

कालरा ने ‘सफेदपोश अपराध’ को दिया अंजाम

अकांशु उपाध्याय               

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एक अदालत को बताया कि ऑक्सीजन सांद्रकों की कालाबाजारी मामले में आरोपी कारोबारी नवनीत कालरा ने ‘सफेदपोश अपराध’ (समाज में ऊंची हैसियत व सम्मान रखने वाले शख्स द्वारा किया गया अपराध) को अंजाम दिया और मृत्यु शैय्या पर लेटे मरीजों को अत्यधिक दामों पर चिकित्सा उपकरण बेचकर मुनाफा कमाया। 

हाल ही में एक छापे के दौरान कालरा के रेस्तरां खान चाचा, टाउन हॉल तथा नेगे एंड जू से कोविड-19 मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले 524 ऑक्सीजन सांद्रक बरामद किए गए थे। रेस्तरां मालिक तीन जून तक न्यायिक हिरासत में है। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने ऑक्सीजन सांद्रकों की कथित जमाखोरी करने और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने के लिए 17 मई को गिरफ्तार किए गए कालरा की जमानत अर्जी पर सुनवाई की।


यूएई में खेले जाएंगे 14वें सीजन के बचें हुए मुकाबलें

अकांशु उपाध्याय          

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन के बचे हुए मुकाबले यूएई में खेले जाएंगे। ये फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की शनिवार को हुई विशेष आम बैठक में लिया गया। टूर्नामेंट का आयोजन सितंबर-अक्टूबर में होगा। वहीं, बीसीसीआई ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल से समय मांगा है। बीसीसीआई ने फैसला किया है कि टी20 विश्व कप की मेजबानी पर अंतिम निर्णय लेने से पहले उसे कुछ और समय लगेगा।

बता दें कि आईपीएल के 14वें संस्करण के 31 मैच खेले जाने बाकी हैं। ये सभी मुकाबले यूएई में होंगे। हालांकि तारीख की घोषणा बीसीसीआई ने नहीं की है। कई टीमों में कोरोना के केस सामने आने के बाद आईपीएल-14 को 4 मई को टाल दिया गया था। 2 मई तक कुल 29 मुकाबले खेले गए थे।
आईपीएल-14 के टलने तक दिल्ली कैपिटल्स 8 मैचों में 6 जीत के साथ पहले स्थान पर है। जबकि चेन्नई सुपर किंग्स 5 मैचों में जीत के साथ दूसरे नंबर पर है। विराट कोहली की कप्तानी वाली आरसीबी को भी 5 मैचों में जीत मिली है और वह तीसरे स्थान पर है।

हवा: कोरोना के नए वेरिएंट ने चिंता को और बढ़ाया

हनोई। दुनियाभर में एक ओर जहां कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं वियतनाम में मिले कोरोना के एक नए वेरिएंट ने चिंता को और बढ़ा दिया है। वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्री विएन टान लॉन्ग ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वियतनाम में कोरोना वायरस का एक नया वेरिएंट पाया गया है। इससे पहले ब्रिटेन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और भारत में कोरोना के वेरिएंट मिल चुके हैं।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, वियतनाम में कोरोना वायरस का जो वेरिएंट मिला है। वह भारत और ब्रिटेन में पाए गए वेरिएंट का ही मिलता-जुलता रूप है, लेकिन सबसे चिंता की बात यह है कि दूसरे वेरिएंट्स के मुकाबले यह हवा के माध्यम से कहीं ज्यादा तेजी से अपने पांव पसारता है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी

अकांशु उपाध्याय              

नई दिल्ली। देश में पिछले दिनों संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी का सिलसिला आज भी जारी रहा। सरकारी तेल कंपनियों की ओर से एक बार फिर से आज डीजल पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। डीजल के दामों में आज 28 से 30 पैसे की बढ़ोतरी हुई है तो वही पेट्रोल की कीमतों में भी 25 से 26 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए 100 रूपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है।

शनिवार को सरकारी तेल कंपनियों की ओर से जारी किए गए दामों में दिल्ली में पेट्रोल का दाम 93.94 पैसे और डीजल का दाम 84.89 पैसे प्रति लीटर रहा। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 100.19 पैसे प्रति लीटर पहुंच गई है। यहां पर डीजल के दाम भी 92.17 पैसे प्रति लीटर की ऊंचाई पर जाकर जम गए हैं। कोलकाता में डीजल की कीमत 87.74 पैसे और पेट्रोल के दाम 93.97 पैसे रहे। चेन्नई में पेट्रोल के दाम 95.51 पैसे और डीजल 89.65 पैसे प्रति लीटर के दामों पर बिक रहा है। गौरतलब है कि रोजाना सरकारी तेल कंपनियां सवेरे 6.00 बजे पेट्रोल और डीजल के दाम निर्धारित करती हैं। तय की गई कीमते सुबह 6.00 बजे से ही लागू हो जाती हैं। डीजल व पेट्रोल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इनका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

राजनीति: पीएम मोदी ने अखिलेश पर निशाना साधा

राजनीति: पीएम मोदी ने अखिलेश पर निशाना साधा संदीप मिश्र  भदोही। भदोही के ऊंज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया। इस दौरा...