रविवार, 14 मार्च 2021

उत्तराखंड: नीट की परीक्षा की डेट जारी, आवेदन

पंकज कपूर  
देहरादून। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नीट, यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट 2021 की परीक्षा पूरे देश में 1 अगस्त को ऑनलाइन कराई जाएगी। इस परीक्षा के लिए लाखों छात्र पूरे साल भर से तैयारी करते हैं। भारत सरकार के परिवार कल्याण मंत्रालय, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश में कराई जाने वाली इस परीक्षा के नोटिफिकेशन जारी कर दिए गए हैं।

मेडिकल कॉलेज का काम 4 साल बाद भी अधूरा

हरिओम उपाध्याय   

बदायूं। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर हमलावर रहने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा, कि बदायूं में उनकी सरकार के शासनकाल में शुरू हुये मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य आज रविवार को भी पूरा नहीं हो सका है। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया। “बदायूँ में सपा के समय बनना शुरू हुए मेडिकल कॉलेज का काम भाजपा सरकार के चार साल के कार्यकाल में पूरा नहीं हो पाया।” उन्होंने कहा कि भाजपा को जन स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था से कोई सरोकार नहीं है और उसका मकसद सिर्फ चुनाव जीतने का होता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा “भाजपा के लिए सिर्फ़ चुनाव जीतना मुद्दा रहता है, जन स्वास्थ्य या चिकित्सा नहीं।”

सावधान: रफ्तार पकड़ रहा कोरोना, लापरवाही

नई दिल्ली/ वाशिंगटन डीसी। अमेरिका, ब्राजील और ब्रिटेन आदि देशों की तरह भारत में भी कोरोना संक्रमण एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है। गत वर्ष दिसंबर में जब कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले 10 हजार के आसपास थे, तब पूरी दुनिया को लगने लगा था कि भारत ने महामारी की जंग में बढ़त बना ली है। ऐसा इसलिए हो रहा था, क्योंकि लोग एहतियाती उपायों का पूरी तत्परता से पालन कर रहे थे। विशेषज्ञों का भी मानना है कि लापरवाही के कारण ही देश में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। शारीरिक दूरी और मास्क लगाने जैसे एहतियाती उपायों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, रविवार को कोरोना संक्रमण के 25 हजार से ज्यादा नये मामले सामने आये। शनिवार को 24 हजार से ज्यादा मामले आए थे। 20 दिसंबर, 2020 के बाद यह दैनिक कोरोना संक्रमितों का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। 20 दिसंबर को 26 हजार से ज्यादा मामले आये थे।

7 सरकारी बैंकों में खाता, 'आइएफएससी' अमान्य

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। एक अप्रैल से देश के सात सरकारी बैंकों की पुरानी चेक बुक, पासबुक और इंडियन फाइनेंशियल सर्विस कोड (आइएफएससी) अमान्य हो जाएंगे। यानी आप अपनी पुरानी चेकबुक के जरिए किसी भी तरह ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे। इसलिए अगर आपका खाता भी इन बैंकों में है तो इसी महीने चेकबुक के साथ ही पासबुक भी बदलवा लें। इन सात बैंकों का दूसरे बैंकों में विलय हो चुका है। इसलिए इनका आइएफएससी व एमआइसीआर कोड भी बदल गया है। जिस कारण बैंकिंग सिस्टम पुराने चेक को अमान्य कर देगा।
ये हैं ये सात बैंक...
देना बैंक और विजया बैंक: इनका बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय किया गया है।
ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया। इनका विलय पंजाब नेशनल बैंक में हुआ है।
इंडियन बैंक: इसका विलय इलाहाबाद बैंक में किया गया है।
आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक। इनका विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में किया गया है।
केनरा बैंक दे रहा जून तक का मौका...
ऊपर के सात बैंकों की तरह सिंडिकेट बैंक का विलय भी केनरा बैंक में किया जा चुका है। मगर यहां सिंडिकेट बैंक के ग्राहकों को चेकबुक बदलने के लिए 30 जून तक की मोहलत मिली है। केनरा बैंक ने कहा है कि जून के बाद ग्राहकों को नई चेकबुक लेनी ही होगी।

देश में संक्रमण के 25,320 नए मामले सामने आएं

अकांशु उपाध्याय  

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के रविवार को 25,320 नए मामले सामने आए। जो पिछले 84 दिन में संक्रमितों की सर्वाधिक संख्या है। इसके साथ ही देश में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,13,59,048 हो गई है। इससे पहले 20 दिसंबर को संक्रमण के 26,624 नए मामले सामने आए थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के कारण रविवार को 161 लोगों की मौत हो गई, जो पिछले 44 दिन में सर्वाधिक मृतक संख्या है। देश में संक्रमण के कारण अब तक कुल 1,58,607 लोगों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय ने बताया, कि देश में 2,10,544 लोग उपचाराधीन हैं। जो कुल संक्रमितों का 1.85 प्रतिशत है।

पीएम से चर्चा करना चाहते हैं बच्चें, आखिरी मौका

अकांशु उपाध्याय  
 नई दिल्ली। अगर आप परीक्षा पर टिप्स चाहते हैं और इसके लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा करना चाहते हैं, तो इसके लिए सिर्फ आज का दिन यानी 14 मार्च ही आपके लिए आखिरी मौका है। आप रजिस्ट्रेशन कराएं ताकि प्रधानमंत्री से सीधी चर्चा कर सकें।
प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। बोर्ड परीक्षा आने वाली हैं जबकि अधिकांश बच्चों के टेस्ट शुरू हो गए हैं। बच्चे परीक्षाओं को लेकर गंभीर रहते हैं और अधिकांश तनाव भी लेने लगते हैं। तनाव रहित होकर बच्चे परीक्षा दे। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई पहल ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के नाम से शुरू की है। चूंकि बोर्ड परीक्षाएं आने वाली हैं और टेस्ट व प्रयोगात्मक परीक्षाएं लगभग शुरू होने की तैयारी में हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी बच्चों से बात करेंगे और उन्हें यह टिप्स देंगे की किस तरह तनाव रहित होकर परीक्षा दी जा सकती है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। जिसकी अंतिम तिथि आज है। अभी तक करीब 13 लाख पंजीकरण हो चके हैं, जिसमें शिक्षक छात्र और अभिभावक शामिल हैं।
कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आपको innovateindia.mygov.in पर पंजीकरण कराना होगा।

शोपियां में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़, 1 आतंकी ढेर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों ने रविवार को घेराबंदी और तलाशी अभियान (कासो) के दौरान हुई मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकवादी को मार गिराया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने आज रविवार को यहां बताया, कि आतंकवादी के छिपे होने की खुफिया सूचना के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर के विशेष अभियान समूह, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने शोपियां जिले के रावलपोरा गांव में शनिवार की रात को घेराबंदी एवं तलाश अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल जब क्षेत्र को सील कर रहे थे तो वहां छिपे आतंकवादियों ने स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरु कर दी। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई पर मुठभेड़ हुई। उन्होंने कहा कि बाद में नागरिक के हताहत होने की आशंका को देखते हुए अंधेरे में अभियान को रोक दिया गया।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण   

1. अंक-210 (साल-02)
2. सोमवार, मार्च 15, 2021
3. शक-1983, फाल्गुन, शुक्ल-पक्ष, तिथि-दूज, विक्रमी सवंत

4. सूर्योदय प्रातः 06:35, सूर्यास्त 06:35।

5. न्‍यूनतम तापमान -11 डी.सै., अधिकतम-30+ डी.सै.। 

6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।
7.स्वामी, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।

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शनिवार, 13 मार्च 2021

भारत ने यूएई के साथ किया युद्धाभ्यास, चिंता बढ़ीं

सुनील श्रीवास्तव
नई दिल्ली/ रियाद। भारत और यूएई के बीच बढ़ते आपसी संबंधों के बीच दोनों देश इस समय साझा युद्धाभ्यास कर रहे हैं। ‘डेजर्ट फ्लैग’ नाम के इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना के छह सुखोई एसयू-30 एमकेआई, एक आईएल-78 एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और दो सी-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल हैं। यूएई के आसमान में उड़ान भर रहे भारत के इन लड़ाकू विमानों की गूंज वहां से करीब 1700 किलोमीटर दूर पाकिस्तान में सुनाई दे रही है। पाकिस्तान की चिंता बढ़ रही हैं। युद्धाभ्यास में भारत और यूएई के अलावा फ्रांस, अमेरिका, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और बहरीन की सेना हिस्सा ले रही है। यह पहला मौका है, जब भारत की वायुसेना यूएई में आयोजित किसी युद्धाभ्यास में एक्टिव पार्टिसिपेट कर रही है। इसमें तुर्की के कट्टर दुश्मन ग्रीस को भी ऑब्जर्वर की भूमिका में शामिल किया गया है। जिसे सीधे तौर पर मध्यपूर्व में बदलते रणनीतिक हालात से जोड़कर देखा जा रहा है। तीन से 27 मार्च तक होने वाले युद्धाभ्‍यास ‘डेजर्ट फ्लैग’ में भारत के लड़ाकू विमान अलग-अलग देशों के साथ उड़ान भर रहे हैं। इस युद्धाभ्यास को यूएई के अल धाफ्रा एयरबेस पर आयोजित किया जा रहा है। यह वही एयरबेस है, जहां फ्रांस से भारत आते समय राफेल विमानों की पहली खेप ने थोड़े समय तक आराम किया था। ऐसे में सामरिक रूप से बेहद अहम अदन की खाड़ी के नजदीक स्थित इस एयरबेस से ऑपरेट करने से भारत की सामरिक ताकत और सभी सहयोगी देशों के साथ दोस्ती भी मजबूत हो रही है। इस अभ्‍यास में ग्रीस, जॉर्डन, कुवैत और मिस्र को पर्यवेक्षक राष्‍ट्र का दर्जा दिया गया है। जिससे पाकिस्‍तान और मुस्लिम जगत का खलीफा बनने की चाहत रखने वाले तुर्की की टेंशन बढ़ना तय है। पिछले साल के अंतिम महीने में भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे थे। यह भारत के किसी भी सेना प्रमुख का सऊदी अरब और यूएई का पहला दौरा था। इस दौरान उन्होंने न केवल दोनों देशों के सेना प्रमुखों से मुलाकात की, बल्कि यहां के बड़े स्तर के कई नेताओं के साथ भी बैठकें भी की थी। यही कारण है कि संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने भारत के साथ युद्धाभ्यास करने का निर्णय लिया। ये दोनों देश अब भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर तेजी से काम कर रहे हैं। यही कारण है कि सऊदी और यूएई अब भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। सऊदी अरब का भारत के साथ सैन्य संबंध बढ़ाना सीधे तौर पर पाकिस्तान के लिए तगड़ा झटका है। अबतक पाकिस्तान अपनी सेना का लालच देकर ही यूएई और सऊदी अरब से खैरात पाता था। लेकिन, पिछले साल कश्मीर को लेकर प्रिंस सलमान की आलोचना करने के कारण पाकिस्तान और सऊदी अरब के संबंध सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। सऊदी को मनाने पहुंचे पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को भी बिना प्रिंस से मिले खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था। वहीं यूएई ने एक दिन पहले ही कंगाल पाकिस्तान से एक अरब डॉलर की दी गई राशि को वापस मांगा है। ये रकम स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में जमा है। इसे लौटाने की लास्ट डेट 12 मार्च है। यूएई ने यह रकम इसलिए वापस मांगी है कि उसकी मैच्योरिटी हो गई है। ऐसे में अगर पाकिस्तान यह पैसा वापस कर देता है तो उसके फॉरेन रिजर्व में बहुत बड़ी गिरावट होगी। अब तक अरब देशों में पाकिस्‍तान सेना की अच्‍छी पकड़ रही है। यमन में सऊदी अरब की सेना का नेतृत्‍व पाकिस्‍तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ कर रहे हैं। अब सऊदी अरब और उसका घनिष्‍ठ दोस्‍त यूएई दोनों ही भारत के साथ रक्षा संबंध बढ़ा रहे हैं। भारत ने 20-25 फरवरी के बीच अबू धाबी में हुईं दो नेवल डिफेंस एग्जिबिशंस में आईएनएस प्रलय को भेजा था। पिछले साल दिसंबर में सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने सऊदी अरब और UAE की यात्रा की थी। यही नहीं जब राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से भारत आ रहे थे तो उन्‍हें UAE के एयरफोर्स टैंकर्स ने मिड एयर रिफ्यूलिंग सपोर्ट दिया था। भारतीय वायुसेना ने भी हाल ही में अपने राफेल जेट्स के साथ जोधपुर में फ्रांस के साथ युद्धाभ्‍यास किया था। अरब और भारत जल्द ही द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास करने जा रहे हैं। यह अब तक के इतिहास में इन दोनों देशों के बीच पहला युद्धाभ्यास होगा। यह युद्धाभ्यास सऊदी अरब में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए भारतीय सेना का एक दल कुछ महीने में सऊदी अरब के दौरे पर जा सकता है। इस युद्धाभ्यास से न केवस सऊदी अरब की सेना की ताकत में इजाफा होगा, बल्कि खाड़ी के देशों में रणनीतिक हालात में भी बड़ा बदलाव होगा।पाकिस्तान अबतक सऊदी अरब की सेना को ट्रेनिंग और हथियार मुहैया कराता था। इतना ही नहीं, इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में शामिल मक्का और मदीना की सुरक्षा में भी सऊदी अरब पाकिस्तान का सहयोग लेता है। अब भारत की एंट्री से पाकिस्तान के लिए राह और मुश्किल हो जाएगी। सऊदी को यह पता है कि भारत के साथ संबंध बढ़ाना पाकिस्तान की तुलना में अधिक लाभदायक है। इसलिए, अब पाकिस्तान फिर से कौड़ियों का मोहताज होने वाला है।

बंगाल: छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी लड़ेंगी विधान चुनाव

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार आइशी को वामपंथी दल माकपा ने जमुरिया विधानसभा सीट से टिकट दिया है। वह जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़ने वाली पहली छात्र बन गई हैं। इससे पहले छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को भाकपा बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से उम्मीदवार बना चुकी है। लेकिन इस वामपंथी दल के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले कन्हैया कुमार तब छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष थे।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष पश्चिम बंगाल के दुगार्पुर की रहने वाली हैं। आइशी घोष ने स्कूली पढ़ाई दुगार्पुर से की है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और जेएनयू से एमफिल कर रही हैं। आइशी जेएनयू में फीस वृद्धि का विरोध कर रही हैं। फीस वृद्धि के खिलाफ उन्होंने जेएनयू में हड़ताल की और छात्रों के सहयोग से आंदोलन करती रही हैं।विधानसभा चुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने के बाद आइशी घोष ने कहा कि, यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। नई जिम्मेदारी मिलने के बावजूद मेरी राजनीति में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जेएनयू उनके भीतर हमेशा रहेगा।आइशी के मुताबिक जेएनयू में छात्रसंघ ने जिन मुद्दों पर लड़ाई लड़ी है। आगे भी उन्हीं विषयों पर संघर्ष करना है। आइशी के मुताबिक विश्वविद्यालय हो या फिर देश के अलग-अलग हिस्से सब जगह मुद्दे एक जैसे ही हैं। वह आरक्षण और सांप्रदायिकता का विषय हो सकता है। देश में बढ़ती बेरोजगारी हो या बेहतर शिक्षा व्यवस्था का विषय हो सकता है।

कोरोना: अडानी की संपत्ति 12 लाख करोड़ बढ़ी

अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को सवाल किया कि जब कोरोना महामारी के कारण हर कोई संघर्ष करता नजर आ रहा है तो फिर उद्योगपति गौतम अडानी की संपत्ति 50 फीसदी कैसे बढ़ गई। उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की है। जब एक खबर में कहा गया है कि 2021 में अडानी की संपत्ति 16.2 अरब डॉलर बढ़कर 50 अरब डॉलर हो कांग्रेस नेता ने यह खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ”2020 में आपकी संपत्ति कितनी बढ़ी? जब उन्होंने 12 लाख करोड़ रुपये बनाए और उनकी संपत्ति 50 फीसदी बढ़ गई तो आप लोग संघर्ष कर रहे थे। क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों है।

हरियाणा-दिल्ली में पहली रैली को संबोधित किया

हरियाणा-दिल्ली में पहली रैली को संबोधित किया  अकांशु उपाध्याय  नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर अपना हमला तेज ...