गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

राहुल के खिलाफ अयोध्या में दायर हुई याचिका

अकांशु उपाध्याय 

 नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी के लिए उत्तर प्रदेश से बुरी खबर सामने आई है। अयोध्या जिले के एडीजे-प्रथम कोर्ट ने उन्हें राफेल मामले को लेकर नोटिस जारी किया है। राहुल गाँधी को 26 मार्च को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश वकील मुरलीधर चतुर्वेदी की दायर याचिका के तहत दी गई है, जिसमें उन्होंने राहुल गाँधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपशब्द कहने के आरोप लगाए है। जानकारी के मुताबिक, राहुल गाँधी कुछ समय पहले राफेल को लेकर लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर थे। इस दौरान उन्होंने लड़ाकू विमान से संबंधित दस्तावेज को स्कैम बताया था। वकील ने याचिका में जिक्र किया है कि राहुल गाँधी ने ना सिर्फ कागज को फर्जी बताया, बल्कि पीएम के लिए ‘चौकीदार चोर’ शब्द का इस्तेमाल भी किया था। बता दें कि राफेल मामले को लेकर राहुल गाँधी पर ये पहला केस नहीं है। इससे पहले उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की जा चुकी है। उन पर कोर्ट की अवमानना का आरोप लगा था। तब राहुल गाँधी ने हलफनामा दायर करके सुप्रीम कोर्ट से माफी मांग लीं थी। उन्होंने हलफनामे में लिखा था कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। उनसे गलती हो गई। इसके लिए वह माफी चाहते हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी राफेल डील को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं। वो नोटबंदी पर भी सरकार को घेरने से पीछे नहीं रहे। इस दौरान भी उन्होंने केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार और पीएम मोदी को चौकीदार चोर कहकर संबोधित भी किया। हाल ही में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर हमला किया और कहा कि चीन भारत में प्रवेश करता है और हमारी जमीन हड़प लेता है। आप उन्हें क्या संदेश देते हैं? कि हम अपने रक्षा व्यय में वृद्धि नहीं करेंगे। आपने इसे 3000-4000 करोड़ रुपए बढ़ा दिया। आपने क्या संदेश दिया? आप भारत में प्रवेश कर सकते हैं और जो चाहें कर सकते हैं, हम अपने रक्षा बलों का समर्थन नहीं करेंगे।

गाज़ियाबाद: रेहड़ी पटरी वालों को रखने होंगे कूड़ेदान

अश्वनी उपाध्याय

 गाजियाबाद। शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए बुधवार से नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर को भी चालान काटने और जुर्माना वसूलने का अधिकार दिया गया है। पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी और सफाई निरीक्षकों के पास ही यह अधिकार था। इसके साथ ही सभी रेहड़ी पटरी वालों को कूड़ेदान भी साथ रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिससे की गंदगी न हो। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बुधवार को समीक्षा बैठक में बाजारों और सड़कों की सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कविनगर जोन में सुबह निरीक्षण के दौरान उनको गंदगी नजर आई। रेहड़ी-पटरी वालों की दुकान के बाहर ही दोने फेंके हुए मिले। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि सभी दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों को दुकानों के बाहर कूड़ादान रखने के लिए जागरूक किया जाए। गंदगी फैलाने वालों का चालान अब नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, सफाई निरीक्षक के अलावा सभी जोन के स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर को भी दिया गया है।

गाजियाबाद में स्कूल खोलने की तैयारियां शुरू

अश्वनी उपाध्याय

 गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद गाज़ियाबाद जिले में सभी स्कूल खोलने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। सैनिजाइजेशन की सुविधा और सीटिग प्लान को लेकर विद्यालयों में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शिक्षकों का कहना है कि अभी शासन प्रशासन स्कूल खोलने को लेकर कोई पत्र तो नहीं मिला है, लेकिन उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने दस दिन में स्कूल खोलने को लेकर तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसी के आधार पर विभाग से तैयारी के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महानगर महामंत्री लईक अहमद ने बताया कि स्कूल में सैनिटाइजेशन, सीटिग प्लान आदि को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। अभी कोई आदेश नहीं हुए, लेकिन जल्दी ही स्कूल खुलवाए जाने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों ने भी अपने स्तर से तैयारी करने के ही निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ में सभी जिलों के विद्यालयों खोलने के लिए दस दिन में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए थे। स्कूल खुलने के बाद कोरोना से बचाव का पूरा ध्यान रहेगा। इसके अलावा स्कूल खोलने को लेकर शासन का जो भी आदेश और गाइडलाइन होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी बृजभूषण चौधरी ने कहा कि शिक्षकों को अपने स्तर से ही स्कूल खोलने को लेकर तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। अभी स्कूल खोलने को लेकर कोई आदेश नहीं है। उसका विद्यालय में पालन कराया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक रवि दत्त शर्मा का कहना है कि अभी स्कूल खोलने को लेकर शासन से कोई आदेश नहीं है। शासन की ओर से जो भी आदेश और गाइडलाइन होगी उसका विद्यालयों में पालन कराया जाएगा।


उत्तराखंड में कक्षा 6 से 11 तक पढ़ाई की शुरुआत

पंकज कपूर 
 देहरादून। लंबे अंतराल के बाद अब उत्तराखण्ड शासन ने स्कूल खोलने को लेकर आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक 8 फरवरी से कक्षा 6 से 11 तक के बच्चे को भौतिक रुप से पढ़ाई शुरु हो सकेगी। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने आदेश जारी कर इस बात की सूचना दी है। पूर्व में प्रदेश सरकार द्वारा दसवीं व बाहरवीं के बच्चों को भौतिक रुप से पढ़ाई का आदेश जारी हुआ था, जिसके बाद अब 6 से 11 कक्षा तक के बच्चों को भी स्कूलों में भौतिक रुप से पढ़ाई करने की अनुमति मिल गई है। जारी आदेश में मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जिलाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, वहीं अब फिर जिलाधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि विद्यालयों में सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के को पालन कराना सुनिश्चित करेंगे।

यूपी में पंचायत चुनावों की तारीखें हुई घोषित

हरिओम उपाध्याय
 लखनऊ। यूपी में पंचायत चुनावों का इंतजार कर रहे प्रत्याशियों के इम्तिहान की तारीखों की घोषणा हाई कोर्ट ने कर दी है। देश के ग्रामीण हिस्सों के लिए लगभग किसी त्योहार से कम नहीं माने जाने वाले प्रधानी के चुनावों को पूर्ण कराने के लिए कोर्ट ने 30 अप्रैल तक का वक्त दिया है।वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराने हेतु 15 मई तक का वक्त तय किया गया है। एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने यह आदेश राज्य निर्वाचन आयोग के रवैये पर नाराजगी जताते हुए विजय उपाध्याय की याचिका पर सुनाया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार यूपी में पंचायत चुनाव 17 अप्रैल तक करा ले। कोर्ट ने कहा कि आरक्षण निर्धारण के बाद 30 अप्रैल तक हर हाल में पंचायतों का गठन करते हुए ग्राम प्रधानी का चुनाव करा लें। वहीं ब्लॉक प्रमुख का चुनाव कराने के लिए कोर्ट ने सरकार को 15 मई तक का वक्त दिया है।

भारतीय क्रिकेट टीम में उठा किसान आंदोलन का मुद्दा

चेन्नई। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को कहा कि नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के मौजूदा प्रदर्शन का मसला टीम बैठक में उठा। जिसमें सभी ने अपने विचार रखे कि उन्हें क्या करना है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट से पूर्व आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कोहली ने इस संक्षिप्त बातचीत का ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा ,” देश में चल रहे सभी मसलों की तरह हमने टीम बैठक में इस पर भी बात की । सभी ने अपनी राय रखी कि उन्हें क्या करना है। उन्होंने कहा ,” इतना ही है। इसके बारे में संक्षेप में बात हुई जिसके बाद टीम और मैच को लेकर रणनीति पर बात की।” बुधवार को कोहली , सचिन तेंदुलकर, कोच रवि शास्त्री समेत कई भारतीय क्रिकेट सितारों ने किसानों के प्रदर्शन पर अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना समेत कुछ अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के बाद देश में एकजुटता बनाये रखने की अपील की थी।


हरियाणा के विधायकों ने राजभवन पैदल कूच किया

राज्‍यपाल से मुलाकात का समय न मिला ताे हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने किया राजभवन पैदल कूच

चंडीगढ़। हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने राज्‍यपाल सत्‍यदेव नारायण आर्य से मिलने का समय नहींं दिए जाने बाद राजभवन की ओर पैदल कूच किया। कांग्रेस विधायकों का नेतृत्‍व पूर्व मुख्‍यमंत्री और विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया। कांग्रेस तीन कृषि कानूनों के विरोध कर रही है। हुड्डा केंद्रीय कृषि कानूनों से पैदा हालात और किसान आंदोलन के बारे में चर्चा के लिए हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही है। इस बारे में कांग्रेस के विधायक राज्‍यपाल से मिलना चाहते हैं।
हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने राज्‍यपाल से मिलने का समय मांगा था। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था। कि यदि राज्‍यपाल ने आज सुबह 11 बजे तक मिलने के लिए समय नहीं दिया तो कांग्रेस के विधायक राजभवन की ओर पैदल कूच करेंगे। राज्‍यपाल द्वारा मिलने के लिए समय नहीं दिए जाने के बाद कांग्रेस विधायकों ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्‍व में हरियाणा एमएलए हॉस्‍टल से राजभवन की ओर पैदल कूच किया।
पैदल कूच के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हाथों में नारे लिखे तख्तियां ले रखी थीं। इन तख्तियों पर किसानों और उनके आंदोलन के समर्थन में नारे लिखे थे। कांग्रेस विधायक इस दौरान नारेबाजी कर रहे थे। और तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे थे। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस किसानों के आंदोलन का समर्थन करती है।और तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग करती है।
हुड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की फसलाेंके लिए न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य की गारंटी का कानून बनाए। इसके साथ ही सरकार अन्‍नदाता किसानों की आवाज सुने और तीनों केंद्रीय कृषि कानूनाें को रद करे। उन्‍होंने मांग की कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले हरियाणा के किसानों के परिवारों को हरियाणा सरकार मुआवजा दे और एक सदस्‍य को नौकरी दे। कांग्रेस की सरकार बनी तो ऐसे किसानों के परिवारों से एक व्‍यक्ति को नौकरी दी जाएगी।

गाजीपुर पहुंचे 15 विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोका

किसान आंदोलन लाईव गााजीपुर पहुंचे 15 विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोका, सड़क से कीलें हटाने पर सफाई- इन्हें दूसरी जगह लगाएंगे
अंकित गोस्वामी
गाजियाबाद। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 71वां दिन है। इस बीच गाजीपुर बॉर्डर पर हलचल आज फिर बढ़ गई। शिरोमणि अकाली दल की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल समेत 10 विपक्षी दलों के 15 नेता आज किसानों से मिलने गाजीपुर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। विपक्षी नेता बार-बार गुजारिश करते रहे कि उन्हें किसानों से मिलने दिया जाए, लेकिन पुलिस नहीं मानी। आखिर उन्हें बिना मिले ही लौटना पड़ा सुरक्षाबलों ने रोका तो टीमसी नेता सौगत रॉय बस स्टॉप पर बैठ गए। विपक्षी नेताओं का कहना है। कि किसानों से मिलने से रोकने के मामले को लोकसभा स्पीकर के नोटिस में लाएंगे।
पुलिस ने सड़क से कीलें हटाईं, फिर सफाई दी
पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए कुछ दिन पहले कई लेयर की बैरिकेडिंग करने के साथ ही सड़कों पर कीलें भी लगा दी थीं। इस पर किसान नेताओं और विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा था। लेकिन, गुरुवार को इन कीलों को हटाने के फोटो और वीडियो सामने आए। इसके बाद पुलिस ने सफाई दी कि कीलों को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह लगाया जाएगा। साथ ही कहा कि बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।फोटो गाजीपुर बॉर्डर पर सड़क से कीलें हटाते वर्कर की है। ये तस्वीरें सामने आने के बाद ही पुलिस ने सफाई दी कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कीलें दूसरी जगह लगाई जाएंगी।
अमेरिका ने कृषि कानूनों की तारीफ की
एक तरफ देश में कृषि कानूनों पर बवाल मचा है। उधर अमेरिका ने भारत के कृषि कानूनों की तारीफ की है। उसका कहना है। कि इन सुधारों से भारतीय बाजार मजबूत होगा और निजी निवेश भी बढ़ेगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा 'अमेरिका किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करता है। यह लोकतंत्र की पहचान है। अगर कोई मतभेद है। तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है।
किसान नेता बोले- अब मंत्रियों से बात नहीं करेंगे, पीएम आगे आएं
दिल्ली की सीमाओं पर 2 महीने से प्रदर्शन कर रहे किसान अपना आंदोलन तेज करने की स्ट्रैटजी में जुटे हैं। इसी सिलसिले में हरियाणा के जींद जिले के कंडेला गांव में बुधवार को किसान महापंचायत हुई। इसमें भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अब कृषि मंत्री या फिर किसी और मंत्री से बातचीत नहीं करेंगे। अब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को बातचीत के लिए आगे आना होगा।
'जब राजा डरता है। तो किलेबंदी का सहारा लेता है।
टिकैत ने आगे कहा, 'अभी तो किसान कानूनों की वापसी की मांग कर रहे हैं। जब गद्दी वापसी की मांग करेंगे तब सरकार क्या करेगी? जब कोई राजा डरता है। तो किले बंदी का सहारा लेता है। ठीक ऐसा ही हो रहा है। बॉर्डर पर जो कीलबंदी की गई है। ऐसे तो दुश्मन के लिए भी नहीं की जाती है। लेकिन किसान डरेगा नहीं। किसान इसके ऊपर लेटेंगे और उसे पार करके जाएंगे।
सरकार द्वारा बातचीत के लिए किसानों की कमेटी के सदस्यों की संख्या कम करने से भी टिकैत ने साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, कभी भी बीच लड़ाई में घोड़े नहीं बदले जाते। जो कमेटी के सदस्य हैं। वहीं रहेंगे।
महापंचायत में 5 प्रस्ताव पास
1. तीनों कृषि कानूनों को सरकार वापस ले
2. MSP का कानून बनाए
3. स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करे
4. पकड़े गए लोगों और जब्त किए गए ट्रैक्टर छोड़े जाएं
5. किसानों का कर्ज माफ हो
केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस से 576 बसें वापस मांगीं
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली पुलिस की ड्यूटी में भेजी गईं 576 डीटीसी बसों को डिपो में तुरंत लौटाने का निर्देश दिया है। ये बसें किसान आंदोलन में सुरक्षाबलों की आवाजाही में लगी हैं। दिल्ली परिवहन विभाग ने डीटीसी को ये निर्देश भी दिए हैं कि बिना सरकार की इजाजत के दिल्ली पुलिस को बसें नहीं दें।
किसानों पर सेलेब्रिटी आमने-सामने...
किसान आंदोलन के समर्थन में पिछले 24 घंटे में कई विदेशी हस्तियां सामने आईं। क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे भारत में किसानों के आंदोलन के साथ हैं। वहीं पॉप सिंगर रिहाना ने लिखा कि आखिर हम किसान आंदोलन के बारे में चर्चा क्यों नहीं कर रहे हैं। इन पर भारतीय सेलेब्रिटीज ने पलटवार भी किया। रिहाना को जवाब देते हुए कंगना रनोट ने लिखा बैठ जाओ मूर्ख। हम तुम लोगों की तरह अपना देश नहीं बेच रहे। कोई भी इस मुद्दे पर इसलिए बात नहीं कर रहा क्योंकि हिंसा फैला रहे लोग किसान नहीं आतंकी हैं।

शुरू हुई लोकल ट्रेन, सिर झुकाकर किया सजदा

मनोज सिंह ठाकुर 

मुंबई। मुंबई की लोकल ट्रेनों में अब आम आदमी भी सफर करने लगे हैं। आम मुंबईकर को 10 महीने बाद यह मौका मिला है। पहले दिन ही लाखों यात्रियों ने लोकल से सफर किया। लोकल में सफर की छूट से आम आदमियों को बस के थकाऊ सफर से मुक्ति तो मिली है।10 महीने बाद पहली बार आम मुम्बईकर को लोकल ट्रेन से सफर करने की इजाजत मिली है इसी दौरान मुंबई लोकल में महीनों बाद सफर करने वाले एक शख्श की फोटो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल रही है जिसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग मुंबई लोकल सेवा शुरु होने पर किस कदर खुश हो रहे हैं। बता दें, सोशल मीडिया पर वायरल इस फोटो में देख सकते हैं कि कैसे एक शख्स ट्रेन में चढ़ने से पहले ट्रेन के दरवाजे पर अपना सिर झुकाते हुए दे रहा है इससे साफ पता चल रहा है कि मुंबई की जमता कि कितनी बेसब्री से इस दिन का इंतजार थी कि जब मुंबई लोकल दोबारा पटरी पर दौड़ने लगे।

ट्विटर का एक्शन, एक्ट्रेस कंगना को दिया झटका

ट्विटर का एक्शन, एक्ट्रेस कंगना रनौत को दिया ये बड़ा झटका
मनोज सिंह ठाकुर 
मुंबई। कंगना रनौत के खिलाफ ट्विटर ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ट्विटर ने अभिनेत्री कंगना रानौत के कई ट्वीट्स डिलीट कर दिए हैं। दरअसल किसान आंदोलन को लेकर पिछले कई दिनों से कंगना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। इस दौरान उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले स्टार्स पर भी जमकर निशाना साधा. इंटरनेशनल पॉप स्टार रिहाना ने पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ भारत की राजधानी (दिल्ली) की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को अपना समर्थन दिया और पूछा कि लोग इसके बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं। रिहाना ने ट्विटर पर अपनी बात रखी तो अब बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने उन्हें करारा जवाब दिया है।
32 वर्षीय पॉप स्टार रिहाना ने दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा के कई जिलों में इंटरनेट बंद होने पर एक न्यूज वेबसाइट की खबर को शेयर करते हुए किसानों का पक्ष लिया है। रिहाना ने लिखा, 'हम इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं।' इसके साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट में फार्मर पोस्ट को भी दर्ज किया है। रिहाना की ये बात बॉलीवुड 'क्वीन' कंगना रनौत को रास नहीं आई और उन्होंने इस ट्वीट का जवाब काफी तीखे अंदाज में दिया है। कंगना हमेशा से ही कृषि कानून के पक्ष में नजर आईं हैं। अब उन्होंने रिहाना को 'मूर्ख' कहा और कहा कि प्रदर्शनकारी किसान नहीं थे। लेकिन 'आतंकवादी जो भारत को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।
कंगना ने जवाब देते हुए लिखा, 'कोई भी इसके बारे में बात नहीं कर रहा है। क्योंकि वे किसान नहीं हैं। वे आतंकवादी हैं ।जो भारत को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि चीन हमारे कमजोर टूटे हुए राष्ट्र पर कब्जा कर सके और इसे संयुक्त राज्य अमेरिका की तरह चीनी उपनिवेश बना सके आप मूर्ख बन बैठें, आप जैसे हमारे देश को नहीं बेच रहे हैं। याद दिला दें कि प्रियंका चोपड़ा जोनास और दिलजीत दोसांझ जैसे अन्य लोग पहले ट्विटर पर किसानों के समर्थन में सामने आए थे। जिसके बाद दोनों की कंगना से ट्विटर पर बहस भी देखने को मिली थी। बता दें कि रिहाना के ट्विटर पर दस करोड़ फॉलोवर हैं। और उनके इस ट्वीट को एक घंटे में हजारों लोगों ने रीट्वीट किया। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने रिहाना के ट्वीट की प्रशंसा की है।

एकट्रेस राखी ने पैसों के लिए किया अपना सौदा

बिग बोस: 14 शो में अबतक का सबसे बड़ा खुलासा, राखी सावंत ने बताया पैसों के लिए किया अपना सौदा
मनोज सिंह ठाकुर  
मुंबई। भारत का सबसे चर्चित शो बिग बॉस 14 में जब से राखी सावंत शो का हिस्सा बनी है। तब से आये दिन राखी खूब सुर्खिया बटोर रही है। चाहे अपने बिंदास अंदाज़ से हो, या बेबाक बयानों से राखी ने शो का मनोरंजन बरक़रार रखा है। वही हाल ही में लेटेस्ट एपिसोड में राखी सावंत ने अपने बारे में कई अहम खुला
उन्होंने बताया कि वह मुंबई की एक चाल में रहती थीं। और बहुत ही गरीब थे। उनकी मां की तबीयत अक्सर खराब रहती थी। उन्होंने अभिषेक अवस्थी से ब्रेकअप के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि भले ही अभिषेक ने उन्हें धोखा दिया हो। वह उन्हें माफ भी कर देगी। जिसके बाद राखी सावंत  ने राहुल वैद्य के सामने खुलासा किया कि जब वह छोटी थी। तब उनकी मां को पहला हर्ट अटैक आया था। उन्होंने बताया कि मां के इलाज के लिए कैसे उन्होंने पैसे का इंतेजाम किया। राखी ने बताया कि एक दोस्त ने पैसे देने के बदले उनका यौन शोषण किया। उन्होंने कहा कि एक कार में उनका यौन शोषण हुआ। राखी ये सब बोलते-बोलते रोने लगी। वही राहुल वैद्य ने इस पर दुख जताया.उन्होंने राखी  को दिलासा दिया कि वह उनकी भलाई चाहते हैं। राखी सावत  ने रोते-रोते कहा कि इस यौन शोषण की घटना को मैंने अपनी मां को नहीं बताया। वहीं राहुल ने कहा कि जब आप पॉपुलर हुईं तो, तो उसके खिलाफ एक्शन लेना चाहिए था। इस पर राखी ने कहा कि उनके पास सबूत नहीं था, तो कैसे उसकी शिकायत करतीं।
इतना ही नहीं राखी सावंत ने खुलासा किया कि उनके पति रितेश एक शादीशुदा शख्स है। और उसका एक बच्चा भी है। वह कहती हैं। कि रितेश ने उन्हें 5-6 बार तलाक देने की धमकी भी दी है। ये बोलते-बोलते राखी रो पड़ती हैं। रााहुल इस पर दुख जताते हैं। और उन्हें दिलासा देते हैं। इसके बाद बिग बॉस 14 दोनों को कन्फेशन रूम में बुलाते हैं और दोनों के बीच हुई बातों को घर में किसी को भी बताने से मना किया।

मेरठ: पुलिस ने दिल्ली से छात्रा को किया बरामद

मेरठ। देश आए दिन धर्मपरिवर्तन को लेकर माहौल गरमाता ही जा रहा है। आपको बता दें की मेरठ के शास्त्री नगर में एक धर्मांतरण का मामला सामने आया है। जहां एक व्यापारी की बेटी को कोचिंग में पढ़ाने वाले अमान ने प्रेम जाल में फंसाया और फिर धर्मांतरण कराने के लिए उसको दिल्ली भी ले गया। जहां दिल्ली जामा मस्जिद में छात्रा का धर्मांतरण होना था। सब कुछ होने से पहले पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर छात्रा को भी बरामद कर लिया। शास्त्री नगर निवासी एक व्यापारी की बेटी कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाती थी। जहां पर कोचिंग में पढ़ाने वाले अमान ने छात्रा को प्रेम जाल में फंसा लिया और फिर उसे अपने एक दोस्त के साथ दिल्ली भेज दिया था। इस मामले को लेकर मंगलवार को हिंदू संगठन और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नौचंदी थाने में हंगामा किया था। नौचंदी पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज किया और आरोपी अमान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर रात में ही नौचंदी पुलिस ने छात्रा को दिल्ली से बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार छात्रा ने बताया कि अमान उसका दिल्ली जामा मस्जिद में धर्मांतरण कराना चाहता था।

नाबालिग का दुष्कर्म कर पत्थरों से कुचला, अरेस्ट

कोरबा। वर्ष 2021 की शुरुआत से ही प्रदेश में अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कहीं हत्या-लूट तो कहीं दुष्कर्म। ताजा मामला कोरबा का हैं जहां 16 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप कर पत्थरों से कुचल दिया।पुलिस के अनुसार, बरपानी गांव का रहने वाला मृतक परिवार मुख्य आरोपी संतराम मझवार के घर पर पिछले साल जुलाई से पशुओं को चराने का काम कर रहा था।वहीं, 29 जनवरी के दिन मोटर साइकिल से आरोपी मझवार किशोरी, उसके पिता और उनकी पोती को उनके गांव छोड़ने के लिए जा रहा था। कोरइ गांव पहुंचकर मझवार ने शराब पी ली और उसके साथ अन्य आरोपी भी आ गए। इसके बाद सभी आरोपी जबरदस्ती तीनों को गढुपरोदा के पास जंगल में ले गए और मझवार और अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर किशोरी के साथ गैंगरेप किया। इसके बाद तीनों को पत्थरों और डंडे से मार-मारकर जंगल से फरार हो गए।

भारत-इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा पहला टेस्ट मैच

मलाइका की तस्वीरों ने मीडिया पर मचाया धमाल

मुंबई। बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा के ग्लैमरस अंदाज ने लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मलाइका अरोड़ा ने अपने डांस के साथ-साथ अपने स्टाइल से भी फैंस का खूब दिल...मलाइका अरोड़ा की हाल ही में तस्वीरें भी खूब वायरल हो रही हैं।जिसमें वह अर्पिता मेहता द्वारा डिजाइन किये गए आउटफिट में पोज करती हुई दिखाई दे रही हैं। मलाइका अरोड़ा की फोटो में उनका पोज और स्टाइल दोनों ही देखने लायक हैं। एक्ट्रेस ने इन तस्वीरों को अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से शेयर किया है। मलाइका अरोड़ा की इन तस्वीरों को अभी तक पांच लाख से भी ज्यादा बार लाइक किया जा चुका है, साथ ही सोशल मीडिया यूजर के साथ बॉलीवुड कलाकार भी इस पर जमकर कमेंट कर रहे हैं। एक्ट्रेस की इन तस्वीरों पर कमेंट करते हुए सोहेल खान की पत्नी सीमा खान ने कहा, “ओएमजी…” तो वहीं एक्टर चंकी पांडे की पत्नी भावना पांडे ने फायर इमोजी के जरिए अपना रिएक्शन दिया. इसके अलावा फैंस भी मलाइका अरोड़ा की इन तस्वीरों पर कमेंट करते नहीं थक रहे हैं।

सोनें-चांदी के दामों में फिर आईं भारी गिरावट

अकांशु उपाध्याय   
नई दिल्ली। सोने-चांदी के भाव में आज भी गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर गुरुवार को फरवरी की फ्यूचर ट्रेड 350 रुपये की गिरावट के साथ सोना 47,400 रुपये पर ट्रेड कर रही थी। इसके अलावा चांदी की मार्च की फ्यूचर ट्रेड 836.00 रुपये की गिरावट के साथ 67,729.00 रुपये पर कारोबार कर रही थी। पुलिस महानिरीक्षक आर॰ पी॰ साय ने पत्थलगांव थाने पहुंच कर थाना की व्यवस्था को देखा तथा सभी रजिस्टर का अवलोकन किया। बंदी गृह, सस्त्रागार, डायजेस्ट मिलान, ड्यूटी रजिस्टर चेक करने के दौरान थाना प्रभारी व समस्त स्टॉफ की जमकर ली क्लास और स्पष्ट निर्देश दिए की थाना में आने वाले किसी भी फरियादी की समस्या का तत्काल प्रभाव से सकरात्मक हल करना पुलिस का काम है। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध नशीले पदार्थों  जसे , जुआ, सट्टा, व शराब , गांजा के कारोबार करने वाले के ऊपर कड़ी कार्यवाही करने को कहा। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि अगर ऐसे मादक पदार्थों के कारोबार की सूचना मेरे संज्ञान में मिली तो सीधे थाना प्रभारी और बीट प्रभारी के ऊपर कार्यवाही की जाएगी।पुलिस महानिरीक्षक ने कड़े रुख अपनाते हुए कहा  की किसी भी प्रकार का अवैध वसूली, बेवजह किसी आम जनता को परेशान करने वाले को बख्सा नहीं जायेगा, जिससे कि पुलिस की छवि धुमिल हो।से आने वाले व्यक्तियों का समय समय पर चेकिंग कर उस पर निगरानी रखी जाए। सरगुजा आईजी आर पी साय पत्थलगांव विधायक रामपुकार सिंहनिवास जाकर विधायक के स्वास्थ्य का हालचाल जाना एवं सौजन्य से मुलाकात की।

महिलाएँ ब्रा पहनते समय रखें खास ध्यान, परेशानी

महिलाएं आमतौर पर ब्रा को लेकर काफी लापरवाही बरतती हैं। रॉन्ग साइज, गलत तरीके से पहनना और भी कई तरीकों से अपनी हेल्थ को नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं। जिसके चलते उन्हें सीने, पीठ और गर्दन दर्द जैसी कई तरीके की परेशानियां होती हैं। जानिए नुकसान: ब्रा आपके ब्रेस्ट को सपोर्ट करती है। अगर बहुत ज्यादा टाइट फिटिंग की ब्रा पहनती हैं तो इससे लंग्स में खून का दौरा अवरुद्ध हो सकता है जिससे सीने से जुड़ी कई सारी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।कई बार ज्यादा फिटेड ब्रा पहनने से उसकी स्ट्रैप से रैशेज हो जाते हैं। जिससे खुजली या जलन हो सकती है। लबें समय तक इस तरह की ब्रा पहनने ये रैशेज फंगल इंफेक्शन में बदल जाते हैं। गलत साइज की ब्रा पहनने से देखा गया है कि महिलाओं के बैठने का तरीका बदल जाता है। गलत ब्रा पहनने से बैठते समय गर्दन झुक जाती है जिससे कई सारी समस्याएं हो सकती है।खराब फिटिंग वाली ब्रा पहनने से स्तनों को सपोर्ट नहीं मिलता है जिसकी वजह से गर्दन और पीठ पर दबाव पड़ता है। इससे सिर में गर्दन से होकर जाने वाला खून बाधित होती है जो बाद में सिरदर्द की तरह सामने आता है।कई बार बेकार फिटिंग की अंडरवॉयर ब्रा पहनने से अस्थि पिंजर पर दबाव पड़ता है। सीने के इस भाग पर दबाव पड़ने से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हो सकती है।ज्यादा टाइट ब्रा पहनने से डायाफ्रम पर दबाव पड़ता है जिससे पाचन खराब हो सकता है।

खाना खाने के बाद मीठा खाना क्यों हैं जरूरी ?

आप सबसे पहले नमकीन खाना जैसे- चपाती, दाल, सब्जी या चावल आदि खाते हैं और उसके बाद ही कुछ मीठा खाते हैं। पूर्वजों का भी यही मानना है कि भोजन की शुरुआत हमेशा मसालेदार खाने से करनी चाहिए और मीठा खाकर समाप्त करना चाहिए। क्या आप जानते हैं कि खाने के बाद मीठा खाने से क्या होता है? लेकिन आपने कभी सोचा है कि खाने की शुरुआत में सबसे पहले मीठा क्यों नहीं खाना चाहिए या पहले मसालेदार चीजें ही क्यों खाने चाहिए? जाहिर है यह एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब सभी लोग जानना चाहेंगे। वास्तव में कई लोग ऐसा मानते हैं कि यह सालों से चली आ रही एक परंपरा है। लेकिन आपको बता दें कि इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य थे। जब आप स्पाइसी फूड खाते हैं, तो आपका शरीर पाचक रस और एसिड जारी करता है, जो पाचन प्रक्रिया को बढ़ाते हैं। स्पाइसी फूड्स खाने से यह भी सुनिश्चित होता है कि आपका पाचन सही तरह हो रहा है। दूसरी ओर मीठी चीजों में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा अधिक होती है, जिससे पाचन धीमा हो सकता है। इसके अलावा मीठे का सेवन एमिनो एसिड ट्रिप्टोफैन के अवशोषण को बढ़ाता है। ट्रिप्टोफैन को सेरोटोनिन लेवल बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो खुशी की भावना से जुड़ा है यानि मीठा खाने से आपको खुशी होती है। यही कारण है कि आप भोजन करने के बाद मीठा खाते हैं।हालांकि वाइट शुगर से बनने वाली मीठी चीजों को हेल्दी नहीं माना जाता है। चीनी से तैयार चीजों का लंबे समय तक सेवन करने से आपको मोटापे और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा हो सकता है। इसके बजाय आपको गुड़ या ब्राउन शुगर से तैयार चीजें ही खानी चाहिए। वास्तव में आर्गेनिक गुड़ आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है।

आंदोलन पर यूएस व विदेश मंत्रालय ने की टिप्पणी

किसान आंदोलन पर अब यूएस विदेश मंत्रालय की आई टिप्पणी, कही ये बड़ी बात
अकांशु उपाध्याय 
नई दिल्ली। किसान आंदोलन  पर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार टिप्पणियां आ रही हैं। पॉप सिंगीर रिहाना ने भी किसानों के समर्थन में ट्वीट कर सुर्ख़ियों में रहीं। अब अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस मुद्दे पर बुधवार को एक बयान दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन किसी भी फलते-फूलते लोकतंत्र की पहचान हैं। यह भी कहा गया कि मंत्रालय ऐसे कदमों का स्वागत करता है। जिससे किसानों के लिए भारत के बाजारों की कुशलता बढ़े और निजी क्षेत्रों की ओर से निवेश आए।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से इस बारे में संकेत दिया गया कि बाइडेना प्रशासन, कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए लाए गए भारत सरकार के कदमों के समर्थन में है। मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ‘सामान्य तौर पर, हम ऐसे कदमों का स्वागत करते हैं। जिससे भारत के बाजारों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर का निवेश बढ़ेगा। भारत में चल रहे किसान आंदोलन पर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका दोनों पक्षों के बीच बातचीत से समाधान निकाले जाने को बढ़ावा देता है। प्रवक्ता ने कहा हम मानते हैं। कि शांतिपूर्ण आंदोलन किसी भी लोकतंत्र की पहचान है। और ध्यान दीजिए कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है।
इस बीच, कई अमेरिकी सांसद किसान आंदोलन के समर्थन में आए हैं। सांसद हेली स्टीवन्स ने कहा कि ‘भारत में कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन लिए जाने की खबरों से चिंतित हू। एक बयान जारी कर उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार से, किसानों के साथ बातचीत कर मामला सुलझाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि हालात पर नजर रख रही हैं।
एक अन्य सांसद इलहान ओमर ने भी किसानों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा, ‘भारत को अपने मूलभूत लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करनी होगी। सूचना की बेरोक-टोक आवाजाही की अनुमति दी जाए, इंटरनेट एक्सेस को फिर से शुरू किया जाए और इस आंदोलन को कवर करने के लिए हिरासत में लिए गए सभी पत्रकारों को रिहा किया जाए। 
इसके पहले उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी, मीना हैरिस ने भी कहा था। कि भारत के लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है।

एलईडी वैन का ग्रामीणों ने किया जोरदार स्वागत

काशीपुर। केजरीवाल अभियान के तहत एलइडी वैन के पहुंचने पर ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया इस दौरान बड़ी तादाद में लोगों ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की। बता दें कि विधानसभा क्षेत्र के गांव गोपी पुरा में पहले ही दिन पहुंची आम आदमी पार्टी की एलईडी लगी वैन को देख उत्साहित ग्राम वासियों ने ‘उत्तराखंड में भी केजरीवाल अभियान को सहर्ष स्वीकारा और देखते ही देखते जिस तरह से दर्जनों ग्रामीणों ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर आपकी झोली को लबालब भर दिया।

उसे देखकर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्य आंदोलनकारी दीपक बाली सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे । किसी को भी उम्मीद नहीं थी। कि पहले ही दिन उन्हें ग्रामीणों का इतना शानदार स्नेह और समर्थन मिलेगा । ग्रामीणों ने साफ कहा कि उनका राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से मोहभंग हो चुका है। और अब वें आप पार्टी में विश्वास व्यक्त करते हैं। ग्रामीण एल ई डी पर उत्तराखंड के बदहाल स्कूलों वअस्पतालों की दुर्दशा के सामने दिल्ली के भव्य स्कूलों वअस्पतालों की तस्वीर देखकर दंग रह गए। वैन टीम में शामिल

राज्यसभा का नजारा, दिग्विजय के तीखे कटाक्ष

अकांशु उपाध्याय 

नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को उस वक्त दिलचस्प नजारा दिखा जब मध्यप्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तीखे कटाक्ष किये और सिंधिया उसे चुपचाप सुनकर रह गये। राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सिंधिया ने अपना करीब आधे घंटे का भाषण समाप्त किया तो सभापति एम़ वेंकैया नायडू ने कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का नाम पुकारा। इस पर सदन में कई सदस्यों के चेहरे पर अर्थपूर्ण मुस्कान तैर गयी और किसी-किसी की हंसी भी छूट गयी। इस पर नायडू ने सफाई दी कि उन्होंने सूची में क्रम के आधार पर ही दिग्विजय सिंह का नाम पुकारा है, अन्य कोई बात नहीं है। दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर अपनी बात रखने के पूर्व कहा कि वह सिंधिया को शानदार भाषण के लिए बधाई देना चाहते हैं। वह (सिंधिया) जितने असरदार ढंग से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (सप्रंग) का पक्ष रखते रहे हैं, उतने ही प्रभावशाली ढंग से उन्होंने आज भाजपा सरकार का पक्ष भी रखा है। उन्होंने कहा कि उनका आशीर्वाद सदैव सिंधिया के साथ था, है और रहेगा। कांग्रेस नेता के इस बयान पर विपक्ष की बेंच की तरफ से ठहाके सुनाई दिये। सिंधिया ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की।

'रेडिएशन' स्टॉर्म के बारे में चेतावनी जारी की

'रेडिएशन' स्टॉर्म के बारे में चेतावनी जारी की  अखिलेश पांडेय  नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। वैज्ञानिक अभी भी पिछले सप्ताह आए सोलर स्टॉर्म...