सोमवार, 20 सितंबर 2021

बादल फटने से चारों तरफ तबाही का मंजर पसरा

पंकज कपूर             
देहरादून। उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से चारों तरफ तबाही का मंजर पसर गया है। सवेरे के समय बादल फटने के बाद पहाड़ी से आए मलबे और बारिश ने गांव में भारी तबाही मचाई है। इस घटना में बीआरओ मजदूरों के घरों और झोपड़ियों को भारी नुकसान हुआ है।
सोमवार को चमोली में पंती गांव की ऊपरी पहाड़ी पर बादल फट गया। बादल फटने से गिरे पानी से पहाड़ का मलबा 35 केवी बिजली सब स्टेशन के पास बहने वाले गधे रे में आ गया। जिस कारण ग्वालदम-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंती में खड़े दर्जनों छोटे-बड़े वाहन मलबे के पानी की चपेट में आ गए। बादल फटने से बहकर आया पानी बीजीबीआर के मजदूरों के अस्थाई आवासीय मकानों के भीतर घुस गया। जिससे उनमें रखा सामान तहस-नहस हो गया। बादल फटने के बाद आई आपदा से लोगों को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन स्थानीय लोगों को साथ लेकर बचाव एवं राहत कार्य में जुटा हुआ है। बीआरओ के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। थाना अध्यक्ष ध्वजवीर सिंह पवार के मुताबिक नारायण बगड़ पंती गांव में सवेरे के समय बादल फटने की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन को दी थी। 
मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेते हुए राहत कार्य शुरू कराए हैं। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से हिमालयी राज्य उत्तराखंड काफी संवेदनशील है। जिसके चलते राज्य के पहाडी इलाकों में बादल फटने, पहाडियां खिसकने और भूस्खलन की घटनाये होती रहती है। उधर बीते दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में पहले से ही जनजीवन अस्त व्यस्त हैं और कई संपर्क मार्गों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। कुछ दिनों पहले ही श्रीनगर गढ़वाल में सिरोबगढ़ के पास बादल फटने से बड़ी तबाही मची थी। इस दौरान बद्रीनाथ हाईवे पर भारी लैंडस्लाइड भी हुआ था। जिसकी चपेट में तीन वाहन आ गए थे। उसका मलबा इलाके के फैल गया था जिससे लोगों को भारी नुकसान झेलने को मजबूर होना पडा था।

हेड कांस्टेबल ने खुद को गोली मारकर खुदखुशी की

हरिओम उपाध्याय        
प्रयागराज। सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल ने प्रयागराज में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। उसका शव जीआरपी को पुलिस लाइन के टॉयलेट में मिला है। मृतक के पास सरकारी पिस्टल पडी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जीआरपी जवान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सोमवार को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल चिंतामणि यादव ने प्रयागराज में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। प्रयागराज पुलिस लाइन के टॉयलेट में जीआरपी के जवान का शव बरामद हुआ है। उनके शव के समीप में ही सरकारी पिस्टल पडी हुई थी।
जीआरपी के जवान ने आत्महत्या किन कारणों से की है पुलिस द्वारा इस बाबत जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस द्वारा सूचना मिलने के बाद एसपी जीआरपी एसएस मीना और मृतक हेड कांस्टेबल के परिवार के सदस्य भी प्रयागराज पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि हेड कांस्टेबल चिंतामणि पिछले काफी समय से छुट्टियां ना मिलने के चलते डिप्रेशन में पहुंच गए थे। कानपुर जीआरपी सीओ कमरुल हसन का कहना है कि जवान द्वारा की गई आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
अवकाश नहीं मिलने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

कौशल से भाजपा संगठन को प्रभावशाली बनाया

हरिओम उपाध्याय           
लखनऊ। 30 साल पहले आरएसएस से नाता ऐसा जुड़ा कि समर्पण भाव से काम करते-करते वह एक मुकाम तक आ पहुंचे। सियासी तड़क-भड़क से दूर रहते हुए उन्होंने अपने सांगठनिक कौशल से भाजपा संगठन को यूपी में प्रभावशाली बनाए रखा। वर्तमान में गृहमंत्री अमित शाह के सानिध्य में सब कुछ सीख उसे धरातल पर उतार कर उन्होंने साबित किया कि वह वर्तमान में यूपी भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य हैं। अपने सरल स्वभाव से कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय उत्तर प्रदेश में भाजपा के संगठन महामंत्री सुनील बंसल के जन्मदिन पर विशेष। प्रदेश के कोटपुतली गांव में 20 सितंबर 1969 में जन्मे सुनील बंसल अपने जन्म के ठीक 20 साल बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी में जनरल सेक्रेटरी यानी महामंत्री का चुनाव लड़ रहे थे।
20 साल की उम्र में छात्र राजनीति की चुनावी जंग में उतरने वाले सुनील बंसल ने पहले ही चुनाव में अपने चुनावी मैनेजमेंट से जीत हासिल कर ली थी। इस जीत ने ही उनको संगठन एवं चुनावी प्रबंधन सिखा दिया था। 1 साल बाद वरिष्ठ भाजपा नेता जब लालकृष्ण आडवाणी राम मंदिर निर्माण को लिए रथ यात्रा लेकर निकले थे तो सुनील बंसल तब आरएसएस के प्रचारक बन चुके थे।साल 1990 से संघ में काम करने करते सुनील बंसल उसी में रम गए। 2010 में यूथ अगेंस्ट करप्शन के राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर काम करने के बाद अचानक 2014 में जब लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने शुरू हुई और अमित शाह को उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रभारी बनाया गया तो उनके सहयोगी के तौर पर सुनील बंसल का नाम सामने आया था। तब राजनैतिक हलकों में चर्चा थी कि अमित शाह के सहयोगी बनाए गए सुनील बंसल कौन है ।वर्तमान में गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में सुनील बंसल लखनऊ आ गए और उन्होंने बीजेपी दफ्तर के एक कमरे को अपना वार रूम बना लिया। अमित शाह यूपी के सियासी गुणा भाग को समझ रहे थे तो भी सुनील बंसल उनके राइट हैंड बन कर भाजपा को जिताने के लिए संगठन को सशक्त बनाने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए। अपने रूम कम दफ्तर में सुनील बंसल एक आईपैड, मोबाइल, टेलीफोन एवं टीवी के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं एवं विपक्षी दलों की कार्यशैली पर नजर गड़ाए हुए थे। अमित शाह के राजनीतिक कौशल और सुनील बंसल के सहयोग का ही नतीजा था कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने करिश्माई नेता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश तो जीता ही उत्तर प्रदेश में भी विपक्ष का सूपड़ा साफ करते हुए 80 लोकसभा सीटों में से 73 सीटें जीत संदेश दे दिया था कि आगे और भी बदलाव होगा। 
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री रह चुके सुनील बंसल की संगठन पर पकड़ एवं लोकसभा चुनाव में यूपी में उनका काम देख चुके हाईकमान ने उन्हें उत्तर प्रदेश में भाजपा का महामंत्री संगठन राकेश जैन के स्थान पर बना दिया। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश को पूरी तरह मथ चुके सुनील बंसल ने पहले ही दिन से मिशन 2017 को अपना लक्ष्य बना लिया था , तब भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उन पर पूरा भरोसा करते थे। कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय हो चुके सुनील बंसल ने अलग-अलग टीमें बनाकर विधानसभा सीट स्तर पर काम शुरू कर दिया था । उनसे जुड़े सूत्रों का कहना है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में एक एक विधानसभा सीट पर तीन तीन टीम भेजी । वो इनसे फीडबैक लेते थे, जहां कमी दिखाई पड़ती थी तो स्थानीय स्तर पर उस में व्यापक सुधार कराते थे। सुनील बंसल ने अमित शाह के नेतृत्व में उन जातियों को भाजपा से जोड़ने की मुहीम चलाई जो भाजपा को वोट नहीं करती थी। इधर सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी पारिवारिक कलह में उलझ रही थी उधर भाजपा अपनी कमियों को सुधारने में जुटी थी। नतीजा आया तो भाजपा ने 312 सीटें लेकर तमाम विपक्ष को धड़ाम कर दिया था।
ट्रैवल्स और किताबों को पढ़ने का शौक रखने वाले सुनील बंसल का विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद कद और बढ़ गया था मगर सादगी पसंद और संगठन को समर्पित सुनील बंसल राजनीति की चमक में तनिक भी नहीं खोए। सुनील बंसल की कार्यशैली बताती है कि वह पर्दे के पीछे रहकर काम करना अधिक पसंद करते हैं। उन पर अमित शाह का भरोसा और सुनील बंसल की कार्यशैली के कारण उनको 2018 में राजस्थान में भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की बात चली, मगर बताया जाता है कि उनका टारगेट 2019 में यूपी में भाजपा को फिर से लोकसभा चुनावों में बड़ी जीत दिलाना था इसलिए उन्होंने यूपी नहीं छोड़ा। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी सुनील बंसल ने भाजपा आलाकमान के दिशा निर्देशन में इस तरह की रणनीति बनाई कि भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में तमाम विपक्ष के एक साथ हो जाने के बाद भी बड़ी जीत हासिल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वर्तमान में होम मिनिस्टर अमित शाह के निर्देशन में पहले 2014 का लोकसभा फिर 2017 का विधानसभा और अब 2019 का लोकसभा चुनाव सफल रणनीति से जीतने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत की रग रग से परिचित हो गए सुनील बंसल को यूपी में भाजपा का चाणक्य कहा जाता है।अब सुनील बंसल संगठन के साथ मिलकर साल 2022 में यूपी में होने विधानसभा चुनाव बीजेपी को फिर से जिताने की मुहीम में जुटे हुए है ।

यूपी: अतीक के खिलाफ कार्यवाहियां तेज की गई

हरिओम उपाध्याय           
लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय अर्थात ईडी के राडार पर अब उत्तर प्रदेश की अलग.अलग जेलों में बंद चल रहे सपा नेता आजम खान, गैंगस्टर बसपा विधायक मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की संपत्तियां आ गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के बाद अब मुख्तार और अतीक के खिलाफ ईडी की ओर से भी कार्यवाहियां तेज कर दी गई है।
परिवर्तन निदेशालय की ओर से गैंगस्टर से बसपा विधायक बने मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद के अलावा पूर्व मंत्री आजम खान के खिलाफ पूर्व में मनी लांड्रिंग के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। अब कोर्ट से ईड़ी को इन तीनों नेताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मिल गई है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम जल्द ही मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और पूर्व मंत्री आजम खान से पूछताछ कर सकती है। पूछताछ के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी इन तीनो ही नेताओं की आय और संपत्तियों के स्रोत का पता करेंगे। इन्होंने किस तरह अरबों रुपए का आर्थिक साम्राज्य खड़ा किया है। उनके कौन.कौन से कारोबार हैं।
आय के मुख्य स्रोत कौन.कौन से हैं। इस बारे में ईडी इनसे पूछताछ कर अब जानकारी जुटायेगी। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रयागराज एवं मऊ के स्थानीय प्रशासन ने अतीक अहमद एवं मुख्तार की अरबों रुपए की संपत्तियों को जब्त कर लिया है अथवा उनको जमींदोज करा दिया है। तीन दशकों के दौरान मुख्तार अंसारी और अतीक ने उत्तर प्रदेश के तकरीबन आधा दर्जन से ज्यादा शहरों के भीतर करोड़ों रुपए की भूमि की खरीद फरोख्त की थी।
साथ ही कई बेशकीमती सरकारी जमीनों पर कब्जा भी किया था। उधर सपा नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान पर किसानों की जमीन हड़पने का आरोप लगा है। आरोप है कि पूर्व मंत्री आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी के नाम पर जिन जमीनों का अधिग्रहण किया गया था, उनमें से कई जमीने सरकारी हैं और यूनिवर्सिटी बनाने में सरकारी पैसे का इस्तेमाल किया गया है।

सोशल मीडिया पर 1 झलक फैंस के साथ शेयर की

कविता गर्ग           
मुबंई। कौन बनेगा करोड़पति 13 को लेकर फैंस के बीच काफी बज बना हुआ है। शो को पसंद किया जा रहा है। अमिताभ बच्चन शो को होस्ट कर रहे हैं। आना वाला शुक्रवार भी काफी खास होने जा रहा है। शानदार शुक्रवार" शो में एक्टर सुनील शेट्टी और जैकी श्रॉफ आने वाले हैं। सुनील शेट्टी और जैकी श्रॉफ इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार हैं। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं। अब केबीसी के सेट पर स्टार्स साथ में नजर आने वाले हैं। शो से जीतने वाली धनराशि को जैकी  और सुनील शेट्टी विपला फाउंडेशन को डोनेट करेंगे। एक्टर सुनील शेट्टी ने सोशल मीडिया पर शो से एक झलक फैंस के साथ शेयर की है। फोटो में सुनील और जैकी हॉटसीट पर बैठे नजर आ रहे हैं। फोटो शेयर करते हुए सुनील ने लिखा- किधर अपुन लोग। जैकी श्रॉफ  इस पोस्ट पर टाइगर श्रॉफ ने भी कमेंट किया है। उन्होंने कमेंट करते हुए हार्ट इमोजी बनाया।शो में गेम खेलने के साथ-साथ जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी काफी एंजॉय करेंगे। स्पॉटबॉय की खबर के मुताबिक, जैकी श्रॉफ की रिक्वेस्ट पर अमिताभ बच्चन सॉन्ग जुम्मा चुम्मा का आइकॉनिक स्टैप रीक्रिएट करेंगे। अमिताभ जैकी श्रॉफ को टाई-बो गिफ्ट करते नजर आएंगे। शो में जैकी और सुनील अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े किस्से भी शेयर करेंगे। बता दें कि इससे पहले शो में शानदार शुक्रवार में ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा और पीआर श्रीजेश नजर आए थे।

केकेआर के खिलाफ मैच से पहले बड़ा बयान दिया

बेगंलूरू। आईपीएल 2021 के बाद आरसीबी की कप्तानी छोड़ने का एलान कर चुके विराट कोहली ने केकेआर के खिलाफ आज के मैच से पहले बड़ा बयान दिया है। कोहली ने बतौर कप्तान बैंगलोर के साथ अपने पिछले कुछ सालों के सफर को याद करते हुए कहा है कि, "किसी ना किसी स्टेज पर खेलना रुक सकता है लेकिन सीखना कभी खत्म नहीं होता है। आरसीबी के इंस्टाग्राम हेंडल पोस्ट किए गए एक बेहद ही इमोशनल वीडियो में कोहली ने ये बात कही है। साथ ही में आज के मैच को लेकर कोहली ने कहा है कि, केकेआर के खिलाफ जीतना इतना आसान नहीं होगा।
केकेआर के खिलाफ आज के मैच से पहले कोहली ने आरसीबी फ्रेंचाईजी का आभार जताते हुए इस बात पर जोर दिया कि, क्रिकेट का खेल तेजी से तब्दील हो रहा है और हमें भी लगातार अपने खेल में सुधार की जरुरत है। आरसीबी के इंस्टाग्राम हेंडल पोस्ट किए गए एक बेहद ही इमोशनल वीडियो में कोहली ने कहा, "ये मेरा आरसीबी के लिए 200वां मैच है, जब आप अपने अब तक के सफर पर गौर करते हैं तो आप एक ही फ्रेंचाईजी के लिए इतने मैच खेलने पर खुद को खुशक़िस्मत समझते हैं। ये लॉयल्टी मेरे लिए बहुत स्पेशल है। आरसीबी और मेरे बीच एक बेहद ही मजबूत बांड रहा है। एक दूसरे के प्रति हमारा सम्मान, प्यार और केयर मैं इन सब बातों को उम्रभर के लिए संजोकर रखूंगा। 
कप्तान कोहली ने कहा कि हर गुजरते सीजन के साथ आईपीएल और बेहतर होता जा रहा है। यहां वर्ल्ड क्लास प्लेयर्स के साथ खेलना व्यक्तिगत तौर पर मुझे अपने खेल को और बेहतर कारने के लिए इंस्पायर करता है. ये मेरे लिए सीखने का एक बहुत बड़ा प्लेटफोर्म है।
साथ ही में उन्होंने कहा, "किसी ना किसी स्टेज पर आप खेलना छोड़ देते हैं, लेकिन सीखना कभी नहीं छूटता है. मैं आईपीएल में हर साल अपने खेल को और बेहतर करने की कोशिश करता रहता हूं। 

असम ने हाईस्कूल शिक्षकों की बंपर भर्ती निकाली

अकांशु उपाध्याय       
नई दिल्ली। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, असम ने हाईस्कूल शिक्षकों की बंपर भर्ती निकाली है। नोटिफिकेशन के अनुसार कुल कुल 6296 माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती होगी। यह भर्ती आर्ट, साइंस, हिंदी और असमी विषयों के लिए होगी। नोटिफिकेशन के अनुसार शिक्षकों की भर्ती का अभियान 21 जिलों के लिए है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर 2021 से शुरू होगी और 31 अक्टूबर 2021 तक चलेगी।
ग्रेजुएट टीचर (आर्ट/साइंस)- संबंधित विषय में न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट होना चाहिए। अभ्यर्थी का सेकेंडरी टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी एसटीईटी प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 60 फीसदी अंक के साथ पास होना चाहिए।
ग्रेजुएट टीचर हिंदी- हिंदी में न्यूनतम 50 फीसदी अंक के साथ प्रवीण/रत्न। साथ में 50 फीसदी अंक के साथ ग्रेजुएट या 50 फीसी अंक के साथ पीजी। साथ में बीएड/बीटी भी होना चाहिए। साथ ही एसटीईटी प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 60 फीसदी अंक के साथ पास होना चाहिए। ग्रेजुएट टीचर असमी भाषा- असमी भाषा में बीए ऑनर्स होना चाहिए। साथ ही न्यूनतम 50% अंकों के साथ बीटी/बीएड होना चाहिए और सेकेंडरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट भी प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 60 फीसदी अंक के साथ पास होना चाहिए।

'पीएम' मोदी ने अभिनेत्री रश्मिका की तारीफ की

'पीएम' मोदी ने अभिनेत्री रश्मिका की तारीफ की अकांशु उपाध्याय  नई दिल्ली। नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना सिर्फ साउथ सिनेमा का ही नहीं, अब ...