सोमवार, 16 सितंबर 2019

यमाचार्य नचिकेता वार्ता (धर्मवाद)

गतांक से...
मेरे पूज्यपाद गुरुदेव इससे पूर्व के काल में राजा रावण की चर्चा कर रहे थे। राजा रावण के राष्ट्र में भी यह घोषणा थी कि मेरे राष्ट्र में याज्ञिक होने चाहिए और वह स्वयं अश्वमेघ यज्ञ भी करते थे। प्रजा-राजा मिलकर के अश्‍वमेघ जब होता है। परंतु यहां महाभारत काल के पश्चात के विद्वानों ने, उनको मैं विद्वान तो नहीं कह सकता। परंतु अर्थ का अनर्थ नही करना चाहता,यागो में घोड़े के मांस की आहुति देना प्रारंभ किया। राजा उसे कहते हैं जो राजा है, प्रजा को ऊंचा बनाने वाला हो और अश्वमेध यज्ञ करने वाला हो । राजा और प्रजा में जो दोनों मिलकर के यज्ञ करते हैं उसको अश्वमेघ यज्ञ कहते हैं। परंतु देखो यहां अर्थों का अनर्थ हुआ है। राजा मे भी अब उसे कहते हैं जो द्वितीय को अपने हृदय को विजय करने वाला हो। राष्ट्र को विजय करने वाला हो। परंतु देखो आज यज्ञ का अभिप्राय, आधुनिक इस महाभारत काल के पश्चात रसवादन करने वालों ने वाममार्ग में यह अपनाया की बकरी के मांस की आ हुती देना प्रारंभ किया। परंतु देखो यह विद्वानों की सब रसना स्वान की चर्चाएं है।कोई मानव यह कहता है कि मेरी मांस उदर की पूर्ति होती है तो मैं कहता हूं कि यह तुम्हारी रसना है। अपने शरीर को एक मुर्दालय की एक स्थली बनाया है। जिसको तुम पान करते रहते हो और यज्ञो का तिरस्कार करने से, समाज ऐसा बन गया है। आज मैं संसार के भ्रमण करने के पश्चात उदगीत गाताचला आ रहा हूं । संसार का प्राणी इस समय वर्तमान काल में आवर्तीयों में 95% के लगभग देखो मांस और सुरापान का है। परंतु देखो इतना पुरातन संसार में रह रहा है। कितना अपने शरीर को नष्ट कर रहे हैं। आज हम यह कल्पना करने लगे कि राम राज्‍य आ जाए या कृष्ण की वह राजसभा आ जाए और ऋषि-मुनियों का वह काल जाए। तो मुझे बड़ा आश्चर्य में दृष्टिपात आता रहता है। मैं इसको स्वीकार किसी-किसी काल में करता रहता हूं। देखो बीज का अंकुरण रहा है। परंतु देखो जब हम यह भी चाहते हैं कि मैं अपने गुरुदेव से चर्चा करता रहता हूं। हे भगवान, इस प्रकार का जो यह समाज बन रहा है। यह जो समाज बन रहा है यह कहां जाएगा। प्रभु, परंतु आज मैं यही कहने आया हूं मेरा अंतर हृदय गदगद हो रहा है। ऐसे वामरगी काल में जिसने धर्म मुद्रा को विशेष मान लिया है। ऐसे काल में अपने धर्म का सदुपयोग कर रहा है। यह तेरे जीवन का सौभाग्य है। तेरी मानवता का सौभाग्य है। मेरे जीवन का सौभाग्य अखंड बना रहे। जिससे तू अपने धर्म का सदुपयोग करता रहे। अपने गृह में हमारे यहां महाभारत के काल से पूर्व राम के काल में समाज की कथा देखो उनकी विचित्रता का वर्णन करता है। राम के काल में माता-पिता से प्रथम पुत्र का हनन नहीं होता था। मृत्यु नहीं होती थी। उसका मूल क्या है? उसके मूल में प्रत्येक ग्रह में यज्ञ होता था। माता-पिता संयमी बन करके और ओजस्वी संतान को जन्म देते थे। माता-पिता अपने गर्भ स्थल में ही बालक को बनाना प्रारंभ करते थे । वेद की ध्वनियों की ध्वनि में ध्वनित कर रही, अपने अंग-अंग को जब वेद की ध्वनि से ध्वनित कर रही है। तो माता के गर्भ में बालक का निर्माण हो रहा है। परंतु वह निर्माण इतने पूर्ण आयु की आत्मा अर्पित संस्कारों से निर्माण हो रहा है।माता-पिता से पूर्व उस बालक का हनन नहीं होता है। माता-पिता अपनी संतानों का उपार्जन करते है। अंत में देखो वह प्रसन्न होकर के संसार से जाते हैं। आज संसार नार्किक है क्योंकि देखो आहार और व्यवहार, तिरस्कार होने से यह होता है कि माता का पुत्र माता से प्रथम समाप्त हो जाता है। माता का अंतरण दुखी हो जाता है। वही वायुमंडल की धारा ग्रह में प्रवेश होती है। वायुमंडल में जाती है विज्ञान का दुरुपयोग हो रहा है। तो वह वायुमंडल दूषित हो रहा है वायुमंडल के दूषित होने का परिणाम यह है कि हमारे यहां देखो ध्‍वनी पवित्र नहीं रहती है। ध्वनि में ध्वनि बन गई है। क्योंकि संसार में एक वस्तु का मिलन हुआ है और उसका विच्छेद होता है तो वही अपार कष्ट है। परंतु जो वस्तुओं में प्राप्त हुई है वह जो कि त्‍यो बनी रहती है तो उसका कष्ट नहीं होता और वह उसमें रुग्णता नहीं आती। तो इसलिए मैंने भगवान राम के काल की चर्चा की है। प्रथम जब मांस का,सुरा पान जिस भी काल में मानव स्वार्थ में परिणत हो जाएगा। राष्ट्र में यज्ञ नहीं रहेगा तो वहां माता पिता और पुत्र का अभियोग सदैव अपने में ग्रहण करते रहेंगे और जब मानव निस्वार्थ हो जाता है। कर्म के आधार पर अपने जीवन को व्यतीत करता है कर्तव्यवाद की बेदी पर आता है। तो न विज्ञान का दुरुपयोग होता है ना देखो यह दूषित वायु मंडल बनता है। यह पवित्रता में रहने वाला ज्ञान और विज्ञान अपने में सार्थक बन करके रहता है। मैं अपने पूज्यपाद गुरुदेव से वर्णन कराने आया हूं कि आधुनिक काल का जो राष्ट्रवाद है। संसार का पृथ्वी मंडल पर कोई भी राष्ट्र नहीं रहा है। यह केवल रक्त भरी क्रांति की स्थली बनती चली जा रही है। यहां मत-मतान्‍तरो के कारण इस प्रति मंडल पर एक मानव, मानव को हनन करने के लिए तत्पर हो रहा है। उसके मूल में क्या है? राजा हिंसक बने हुए हैं, राजा हिंसा की वेदी पर परिणत हो रहा है। जब राजा हिसंक हो गया तो परिणाम क्या हो रहा है। उसका परिणाम है कि मानव का हृदय हिंसा मे तत्पर रहता है।


सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा

हिंदी भाषा विश्व की तीसरी और भारत में यह सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी भाषा को हम सभी समझते हैं, जानते हैं और बोलते हैं। बड़ी प्यारी सी सरल भाषा है हिंदी। किसी न किसी रूप में इसका हम उपयोग जरूर करते हैं। हम अपने विद्यालय में, अपने दोस्तों से खेल के मैदान पर हिंदी भाषा का ही प्रयोग करते हैं। हम कोई वस्तु खरीदने जाते हैं जैसे फूल-सब्जी या अन्य कोई सामान तो हम दुकानदार से  हिंदी में ही बात करते हैं।


हमारे देश भारत की मुख्य भाषा हिंदी है बिना हिंदी के हम कोई भी अपनी दिनचर्या नही बिता सकते है लेकिन आज भी हमारे देश में अंग्रेजी भाषा का आधिपत्य है जो हमारी भाषा हिंदी को सम्मान मिलना चाहिए शायद वह आज तक अभी नही मिला है लेकिन बिना हिंदी के हम अपने विकास की कल्पना नही कर सकते है।


हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए भारतेंदु हरीशचन्द्र के योगदान को भुलाया नही जा सकता है हिंदी भाषा का महत्व भारतेंदु हरीशचन्द्र के इस कथन से लगाया जा सकता है|


निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।
विविध कला शिक्षा अमित, ज्ञान अनेक प्रकार।
सब देसन से लै करहू, भाषा माहि प्रचार।।


अर्थ –


निज यानी अपनी मूल भाषा से ही उन्नति सम्भव है, क्योंकि यही सारी हमारी मूल भाषा ही सभी उन्नतियों का मूलाधार है,  और मातृभाषा के ज्ञान के बिना हृदय की पीड़ा का निवारण सम्भव नहीं है। हमे विभिन्न प्रकार की कलाएँ, असीमित शिक्षा तथा अनेक प्रकार का ज्ञान सभी देशों से जरूर लेने चाहिए, परन्तु उनका प्रचार मातृभाषा में ही करना चाहिए।


हिंदी भाषा का इतना अधिक महत्व है कि बिना हिंदी को इन्टरनेट से जोड़े लोगो को इन्टरनेट से नही जोड़ सकते है और जब कोई भी काम अपनी भाषा में हो तो यह लोगो को जल्दी समझ में आती है इसी कारण अब इन्टरनेट की दुनिया भी हिंदी को अपनी अधिकारिक भाषा के रूप में अपना लिया है जिससे हर भारतीय अब आसानी से इन्टरनेट से जुड़ सकता है।


सही अर्थो में कहा जाए तो अगर हम अपनी मूलभाषा हिंदी का प्रचार- प्रसार करे तो निश्चित ही विविधता वाले भारत को अपनी हिंदी भाषा के माध्यम से एकता मे जोड़ा सकता है।


हिंदी के महत्व को देखते हुए प्रत्येक 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी दिवस एक ऐसा अवसर होता है जिसके माध्यम से सभी भारतीयों को एकता के सूत्र में बाधा जा सकता है।


मधुर,मधुर मनोहारी है।


हिंदी भाषा प्यारी है॥


अद्भुत शान हमारी है।


अपनी हिंदी प्यारी है॥


तो आईये हम सब लोगो को अधिक से अधिक हिंदी भाषा के महत्व को समझाए और पूरे विश्व में हिंदी भाषा को उचित सम्मान दिलाये और खुद एक हिन्दीभाषी बने।


इंद्र सिंह


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण


september 17, 2019 RNI.No.UPHIN/2014/57254


1.अंक-45 (साल-01)
2. मगंलवार,17 सितबंर 2019
3.शक-1941,अश्‍विन, कृष्‍णपक्ष,तिथि तीज,विक्रमी संवत 2076


4. सूर्योदय प्रातः 6:10,सूर्यास्त 6:10
5.न्‍यूनतम तापमान -26 डी.सै.,अधिकतम-34+ डी.सै., हवा की गति धीमी रहेगी, उमस बनी रहेगी बरसात की संभावना रहेगी।
6. समाचार पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है! सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
7. स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित।


8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102


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रविवार, 15 सितंबर 2019

खेलकूद प्रतियोगिता से मिलेगी प्रेरणा

 खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया


मोहित श्रीवास्तव


गाजियाबाद,लोनी। विद्यार्थियों के शारीरिक विकास शिव खेलों के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन गढ़ी जस्सी स्थित मदर्स लैप कान्वेंट स्कूल में किया गया।


आयोजक भाजपा नेता शनि कुमार शर्मा से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न विद्यालयों से छात्राओं के द्वारा बैडमिंटन, रस्सी कूद, दौड़ आदि खेलकूद की प्रतियोगिता में भाग लिया गया। बैडमिंटन में दीपिका, रस्सी कूद में कनिका और दौड़ में पूजा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्राओ का उत्साह बढ़ाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नेहरू महिला मंडल अध्यक्ष सुषमा त्यागी, प्रधानाचार्य कुमारी मोनिका कौशिक, प्रबंधक श्रीमती गीता, सरोज आदि मौजूद रहे।


वंचित-पिछड़ों को मिले योजना का लाभ

गाजियाबाद,मोदीनगर।आज सेवा सप्ताह के अंतर्गत मोदी नगर स्थित जीवन हॉस्पिटल में फल वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। उसके पश्चात मुकेश गुप्ता के मोदी नगर स्थित निवास पर धारा 370 को हटाने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें मुख्य रूप से केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, डॉ सत्यपाल सिंह सांसद बागपत के द्वारा  सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के संबंध में बात करते हुए पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करने के संदर्भ में सभी से अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से  देश की पिछड़ी और वंचित जनता को लाभ प्राप्त कराने के लिए,भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व बन जाता है।  सभी को कर्तव्यनिष्ठा से अपना दायित्व निर्वाह करना चाहिए। यह पार्टी की सच्ची सेवा होगी। इस अवसर पर कैप्टन विकास गुप्ता दर्जाप्राप्त मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ मंजू शीवाच विधायक मोदीनगर, सतेंद्र त्यागी वरिष्ठ भाजपा नेता, दिनेश सिंघल जिला महामंत्री, नितिन त्यागी जिला उपाध्यक्ष, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ पारुल त्यागी,अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दीक्षा शर्मा व मनीषा शर्मा अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी त्यागी आदि उपस्थित रहे।


मुलायम से बंगले के बाद छटका ट्रस्ट

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को अपने बंगले के बाद अब लोहिया ट्रस्ट से भी हाथ धोना पड़ा है
लखनऊ । राज्य सम्पत्ति विभाग ने विक्रमादित्य मार्ग स्थित लोहिया ट्रस्ट का बंगला खाली करा लिया। मुलायम सिंह यादव ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिवपाल सिंह यादव सचिव हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई शीर्ष समाजवादी नेता ट्रस्ट के सदस्य हैं। समाजवादी पार्टी के लोहिया ट्रस्ट के बंगले को खाली करवाया गया, राज्य संपत्ति विभाग ने सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर की कार्रवाई। राज्य संपत्ति विभाग ने कार्रवाई करते हुए कड़ी सुरक्षा के बीच लोहिया ट्रस्ट को कब्जे में लिया, सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी बंगला खाली करवाने के दिये थे आदेश। माना जा रहा है ,अखिलेश के रामपुर जाने के एक्शन के रिएक्शन का होने का है अनुमान?                                    


रिपोर्ट-बृजेश केसरवानी


मुख्यमंत्री योगी ने पकड़ी माया की राह

चित्रकूट। भगवान राम की तपोभूपि चित्रकूट मंडल में दो दिवसीय दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने तेवर को दिखा ही दिया। विकास कार्य की समीक्षा के साथ ही अस्पताल का दौरा करने के दौरान नाराज दिख रहे सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीएमएस व सीएमओ के बाद तीन एसडीएम को चित्रकूट से हटा दिया। इन सभी का दूसरे जिलों में तबादला कर दिया। इनके स्थान पर काम में तेज माने जाने वाले अधिकारियों को तैनाती प्रदान की गई है। स्वास्थ व्यवस्था का महकमा संभालने के लिये बांदा के दो चिकित्सकों को जिम्मेदारी दे उनपर भरोसा जताया गया है़ ।अपने इस तेज अन्दाज से योगी ने निश्चित तौर पर नौकरशाही को संदेश दे दिया है़ काम न करने वाले अधिकारी बख्शे नहीं जायेगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट के दौरे में पूर्व मुख्य मंत्री मायावती की कार्यशैली की याद ताजा कर दी कि वह अपने दौरों में नौकरशाही पर कैसे सख्ती करती थीं। चित्रकूट के अधिकारियों पर इसी तरह गाज गिरी है़ । करीब 20 घंटे के अपने दौरे में मुख्यमंत्री ने जहां पर कमी देखी, वहां के अधिकारियों का तबादला कर दिया । चित्रकूट में तैनात रहे तीन एसडीएम हटाए। सदर और मऊ तहसील के एसडीएम को हटाया। गाजियाबाद से राजबहादुर, हरदोई से राम प्रकाश तथा बाराबंकी से अभय पाण्डेय को चित्रकूट में तैनाती दी। सीएमएस व सीएमओ का भी गैर जनपद तबादला किया। मुख्यमंत्री ने जिला के अस्पतालों का निरीक्षण किया था। इसके बाद खामियां मिलने पर गाज मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पर गिरी। धर्मनगरी से जाते ही सीएमएस और सीएमओ को हटा दिया। नये अधिकारियों को तैनाती दी। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान ही सीएमओ व जिलाधिकारी से व्यवस्था बेहतर करने को कहा था। उनके यहां से जाते ही लखनऊ से दोनों के तबादले के फरमान आ गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेंद्र सिंह को संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कानपुर मंडल भेजा गया है। उनकी जगह यहां पर बांदा के वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय डॉ विनोद कुमार मुख्य चिकित्साधिकारी चित्रकूट की कुर्सी संभालेंगे। बांदा के वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ आरके गुप्ता को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल कर्वी बनाया गया है। अभी तक यहां तैनात मौजूदा अधीक्षक डॉ एसएन मिश्रा को वरिष्ठ परामर्शदाता बांदा की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री योगी के तेवर निश्चित तौर पर अब बदले नजर आ रहे है़ तथा अपनी कार्यप्रणाली में सख्ती कर उन्होंने संदेश दे दिया है़ कि उन्हीं अधिकारियों कि कद्र होगी जो कार्य अच्छा करेगें ।


पंचायत ने किया अपमानित,लगाई फांसी

पंचायत बैठक कर पिटाई और 50 हजार जुर्माना के बाद अपमानित युवक द्वारा खुदकुशी मामले में 1 दर्जन नामजद आरोपी बनाने के बाद अन्य नाम हटाने पुलिस की निकली बम्फर लाटरी


कोरबा,पाली। जिले के पाली थानांतर्गत ग्राम छिंदपानी निवासी युवक बलराम कश्यप को पिछले दिनों एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप में भरी पंचायत लोगों ने बेरहमी से पीटा था और सरपँच सचिव की उपस्थिति में पंचायत ने 50 हजार दंड भी लगाया था।जिसके बाद सार्वजनिक रूप से अपमानित युवक ने अपने घर पर फांसी लगा ली।घटना पश्चात आरोपियों द्वारा अपनी बचाव में मृतक के पीड़ित परिवार पर दबाव डालकर अपनी बेगुनाही का इकरारनामा लिखवा लिया था।और पुलिस को बिना सुचना दिए गुपचुप तरीके से जंगल में लाश का दाह संस्कार किया जा रहा था।मुखबिर के माध्यम से घटना की सुचना पाली पुलिस को मिलने उपरान्त पुलिस मौके पर पहुँची और जलती चीता बुझाकर लगभग 90 फीसदी जल चुके लाश अपने कब्जे में ले लिया।जिसे फारेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया।मामले में मृतक के परिजन से कलमबद्ध किये गए बयान के बाद एक दर्जन ग्रामीणों के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज किया गया।जिसमें आधा दर्जन ग्रामीण क्रमशः-कुमारीबाई,राधाबाई,रमेश अगरिया,भारतसिंह,सुरेश अगरिया व पंचायत सचिव राजकुमार कश्यप को गिरफ्तार कर गत 13 सितंबर शुक्रवार को पाली स्थित जेएमएफसी न्यायालय में पेश किया गया जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया जबकि आधा दर्जन आरोपी अभी भी फरार है।जिनकी तलाश जारी है।दूसरी और इस घटना की जांच में प्रारंभिक तौर पर ही 40 से अधिक लोगों की संलिप्ता व नाम पुलिस के सामने आया था।लेकिन पुलिस ने महज 12 लोगों को ही आरोपी बनाया।मामले में सूत्र बताते हैं कि उक्त वारदात में संलिप्त अन्य लोगों का नाम हटाने के लिए पुलिस जमकर चंदा बटोरने में लगी हुई हैं जहां ग्रामीण अपना नाम हटवाने के लिए हर संभव प्रयास में लगे हुए हैं और पुलिस के अधिकारी अपने इर्द-गिर्द दलालनुमा घूमने वाले सख्शों के माध्यम से खूब चढ़ावा भी ले रही हैं।जिसमे दो सितारा वाले एक साहब की भूमिका अहम बताई जा रही है।ऐसे में चढ़ावा लिए बिना चले ना काम,पाप मिटावन सीता राम की तर्ज पर लगता है मानो युवक की खुदकुशी के बाद पुलिस की इस मामले में बम्फर लाटरी निकल पड़ी है।


संधू और काला भी कांग्रेस में होंगे शामिल

राणा ओबराय
कांग्रेस का बढ़ता जनाधार,पूर्व मंत्री जसविंद्र संधू के बेटे गगन संधू और शाहबाद से रामकरण काला भी कांग्रेस में होंगे शामिल!
चंडीगढ़। हरियाणा में राजनीतिक हालात बदलते हुए नजर आ रहे हैं। पूर्व सीएम हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा की जोड़ी ने भाजपा के पसीने लाने शुरू कर दिए हैं। हरियाणा में कांग्रेस को कमजोर बताने वाली भाजपा अब 75 पार का नारा मुश्किल से पार कर सकेगी। क्योंकि आज हरियाणा से बहुत से दिग्गज कांग्रेस का दामन थामेंगे!
मिली जानकारी के अनुसार पेहवा से पूर्व मंत्री जसविंद्र संधू के पुत्र गगन संधू और शाहबाद से मोजूदा विधायक से मात्र 600 वोटों के कम अंतर से हारने वाले रामकरण काला भी कांग्रेस में जाएंगे! इस तरह आज कुरुक्षेत्र से पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, कलायत से विधायक जय प्रकाश जेपी, शाहबाद से रामकरण काला व पूर्व मंत्री जसविंद्र संधू के पुत्र गगन संधू कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं?


सोना-चांदी में दर्ज की गई गिरावट

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं में गिरावट और घरेलू स्तर पर डॉलर की तुलना में भारतीय मुद्रा में रही मजबूती के कारण बीते सप्ताह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1200 रुपये टूटकर 38370 रुपये प्रति दस ग्राम पर रहा और चांदी 2050 रुपये फीकी पड़कर 46450 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गयी।
लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, विदेशों में सोना हाजिर समीक्षाधीन अवधि में करीब 19 डॉलर की गिरावट के साथ 1,488.45 डॉलर प्रति औंस पर रहा। दिसंबर का अमेरिकी सोना वायदा भी करीब 20 डॉलर टूटकर सप्ताहांत पर 1,486.90 डॉलर प्रति औंस बोला गया।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिका तथा चीन के बीच व्यापार युद्ध को लेकर बातचीत पर दोनों पक्षों के सहमत होने से निवेशक पूँजीबाजार की ओर रुख कर रहे हैं। इससे सोने की माँग घटी है और कीमतों में गिरावट देखी गयी। इसके साथ ही घरेलू स्तर पर पिछले सात दिनों में डॉलर की तुलना में रुपया 147 पैसे की मजबूती ले चुका जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना है। आलोच्य सप्ताह के दौरान चाँदी हाजिर 0.65 डॉलर गिरकर 17.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गयी।


आईसीआईसीआई ने ग्राहकों को दिया झटका

नई दिल्ली। एक तरफ जहां केंद्र सरकार बैंकिंग नियमों को ग्राहकों की सुविधानुसार आसान बना रही है। वहीं निजी क्षेत्र के बड़े बैंक आईसीआईसीआई ने अपने ग्राहकों को जोर का झटका दिया है। बैंक के जीरो बैलेंस खाताधारकों को 16 अक्टूबर से शाखा से हर कैश विदड्रॉल के लिए 100 रुपये से 125 रुपये का शुल्क देना होगा। अगर ग्राहक बैंक की शाखा में मशीन के जरिये पैसे जमा करते हैं तो इसके लिए भी उन्हें शुल्क अदा करना होगा। आईसीआईसीआई बैंक ने शुक्रवार रात अपने अकाउंट होल्डर्स को जारी एक नोटिस में कहा, हम अपने ग्राहकों को बैंकिंग ट्रांजैक्शंस डिजिटल मोड में करने के लिए उत्साहित करते हैं, जिससे डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव को बढ़ावा मिले। 
बता दें कि बैंक ने मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग के जरिये होने वाले एनईएफटी, आरटीजीएस तथा यूपीआई ट्रांजैक्शंस पर लगने वाले तमाम तरह के शुल्क को खत्म कर दिया है।
आईसीआईसीआई बैंक की शाखाओं से 10,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के एनईएफटी ट्रांजैक्शन पर 2.25 रुपये से लेकर 24.75 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) का चार्ज देना पड़ता है। वहीं, शाखाओं से दो लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक किए जाने वाले आरटीजीएस ट्रांजैक्शन के लिए 20 रुपये से लेकर 45 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) का चार्ज देना पड़ता है। 
अकाउंट बंद करने की सलाह
बैंक ने अपने जीरो बैलेंस अकाउंट होल्डर्स से अनुरोध किया है कि वे अपने अकाउंट को या तो किसी अन्य बेसिक सेविंग्स अकाउंट में बदल लें या अकाउंट बंद कर दें।


सोशल मीडिया पर नहीं डालूंगा तस्वीर

धर्मशाला। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी को लेकर हाल ही में डाले गये अपने पोस्ट पर सफाई देते हुये कहा है कि वह आगे से सोशल मीडिया पर कोई भी तस्वीर डालने और लिखने से पहले कई बार सोचेंगे। विराट ने ट्विटर पर धोनी को लेकर गुरूवार को एक तस्वीर डाली थी जो विश्वकप-2016 के आस्ट्रेलिया के खिलाफ एक लीग मैच से जुड़ी थी। इस मैच में दोनों खिलाडिय़ों के बीच साझेदारी की बदौलत भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। विराट ने धोनी के साथ अपनी तस्वीर डालने के साथ ही इस मैच की रात को बेहद खास बताया था। 
भारतीय कप्तान के इस ट्वीट के बाद चौतरफा यह चर्चा गरमा गयी थी कि धोनी संन्यास लेने जा रहे हैं। यहां तक कि सोशल मीडिया पर यह भी कहा जाने लगा कि धोनी मुंबई में सात बजे संवाददाता सम्मेलन में अपने संन्यास की घोषणा करेंगे। मामला गरमाता देख भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के चयनकर्ता प्रमुख एमएसके प्रसाद ने इसे खारिज किया। वहीं थोड़े समय बाद यह स्पष्ट हुआ कि धोनी इस दौरान अपने परिवार के साथ अमेरिका में हैं।


विराट ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को धर्मशाला में होने वाले तीन मैचों की ट्वंटी 20 सीरीज़ के पहले मैच की पूर्व संध्या पर शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में इस पोस्ट के सवाल पर हंसते हुये कहा, मैंने जब यह पोस्ट डाला तो मेरे ज़हन में कुछ भी नहीं था। मैं तो घर पर बैठा था और मैंने ऐसे ही यह तस्वीर पोस्ट कर दी।
कप्तान ने कहा, मेरे लिये हमेशा से ही विश्वकप का यह मैच खास रहा था और मैं इसके बारे में बताना चाहता था। ऐसे में मैंने यह पोस्ट डाला। लेकिन इस बात के इतनी बड़ी खबर बनने से मुझे सबक मिला है। मैं अब भविष्य में कोई पोस्ट डालने से पहले सोचूंगा। मैं जैसा सोचता हूं दुनिया वैसा नहीं सोचती है।


'पीएम' मोदी ने अभिनेत्री रश्मिका की तारीफ की

'पीएम' मोदी ने अभिनेत्री रश्मिका की तारीफ की अकांशु उपाध्याय  नई दिल्ली। नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना सिर्फ साउथ सिनेमा का ही नहीं, अब ...