बुधवार, 24 मार्च 2021

महामारी के चलते 'लॉकडाउन', जीना हुआ कठिन

अकांशु उपाध्याय     
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी पर काबू पाने के लिए पिछले साल 25 मार्च को लागू किए गए लॉकडाउन के चलते पैदा हुआ। आजीविका का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा और एक साल बाद भी भारत बेरोजगारी की समस्या से उबर नहीं पाया है।
सरकार ने महामारी के घातक प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया था। लेकिन इससे आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियां थम गईं और बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा तथा प्रवासी मजदूरों के पलायन ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2021 में बेरोजगारी की दर 6.9 प्रतिशत रही, जो पिछले साल इसी महीने में 7.8 प्रतिशत और मार्च 2020 में 8.8 प्रतिशत थी। आंकड़ों से पता चलता कि अप्रैल में बेरोजगारी दर 23.5 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। और मई में यह 21.7 प्रतिशत पर रही। हालांकि, इसके बाद थोड़ी राहत मिली और जून में यह 10.2 प्रतिशत और जुलाई में 7.4 प्रतिशत रही।
सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक हालांकि बेरोजगारी की दर पिछले साल अगस्त में फिर बढ़कर 8.3 प्रतिशत और सितंबर में सुधार दर्शाते हुए 6.7 फीसदी हो गई। विशेषज्ञों के मुताबिक सीएमआईई के आंकड़ों में जुलाई के बाद से बेरोजगारी के परिदृश्य में सुधार के संकेत हैं। लेकिन इसमें स्थायित्व केवल विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में सुधार के बाद आएगा। रोजगार की दृष्टि से इस दौरान कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में नए सिरे से रोजगार पैदा करने के लिए कई कदम उठाए हैं लेकिन रोजगार के परिदृश्य में लगातार सुधार के लिए बार-बार नीतिगत हस्तक्षेप और जमीनी स्तर पर पहल की जरूरत है। श्रम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार लगभग 16.5 लाख लोगों ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) से लाभ उठाया है। यह योजना अक्टूबर में शुरू की गई थी।

तटरक्षक जहाज ‘वज्र’ का अनावरण, किया शामिल

चेन्नई। भारतीय तटरक्षक जहाज ‘वज्र’ को बुधवार को यहां औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल कर लिया गया। छठे अपतटीय गश्ती पोत को तटीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए बेड़े में शामिल किया गया है। इस मौके पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट में एक ‘पट्टिका’ और जहाज के नाम वाले बोर्ड ‘वज्र’ का औपचारिक अनावरण किया।
जहाज का निर्माण देश में ही किया गया है। और इसे लार्सन एंड टुर्बो शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने बनाया है। सात अपतटीय गश्ती जहाज की श्रृंखला में छठा जहाज वज्र आधुनिक नौवहन और संचार प्रणाली से लैस है। जहाज में मुख्य अस्त्र के तौर पर 30 मिलीमीटर की तोप है। और उसकी लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए उसमें दो एफसीएस नियंत्रित 12.7 एमएम की एसआरसीजी (स्थिर रिमोट नियंत्रित तोप) लगी है। इस जहाज को इस तरह से बनाया गया है। कि इसमें दो इंजन वाला, रात में उड़ान भरने में सक्षम एक हेलीकॉप्टर खड़ा हो सकता है । साथ ही चार उच्च गति वाली नौकाएं है। जो खोज एवं बचाव कार्यों, कानून प्रवर्तन तथा समुद्री गश्त में मदद कर सकेंगी। उप महानिरीक्षक एलेक्स थॉमस जहाज के कमांडिंग अधिकारी हैं। इस जहाज में 14 अधिकारी और 88 कर्मी होंगे।
जहाज तटरक्षक बल के पूर्वी क्षेत्र के संचालनात्मक नियंत्रण के तहत तूतीकोरिन में तैनात रहेगा। कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर यह समारोह सरकार द्वारा तय मानक संचालन प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करते हुए आयोजित किया गया।

एनवी रमणा होंगे देश के अगले प्रधान न्यायाधीश

 अकांशु उपाध्याय    
नई दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे ने अपने उत्तराधिकारी और देश के 48वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति एन वी रमणा के नाम की सिफारिश की है। सूत्रों ने बताया कि भारत के प्रधान न्यायाधीश ने वरिष्ठता क्रम के नियमों का पालन करते हुए यह सिफारिश की है। सूत्रों ने बताया कि भारत के प्रधान न्यायाधीश बोबडे 23 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उन्होंने अपनी सिफारिश सरकार के पास भेजी है और इसकी एक प्रति न्यायमूर्ति रमणा को सौंपी है।
नियमों के मुताबिक, मौजूदा सीजेआई अपनी सेवानिवृत्ति के एक महीने पहले, अपने उत्तराधिकारी को लेकर एक सिफारिश भेजते हैं। अगर सरकार सिफारिश मंजूर कर लेती है। तो न्यायमूर्ति रमणा 24 अप्रैल को भारत के प्रधान न्यायाधीश के तौर पर पदभार संभाल सकते हैं। वह 26 अगस्त 2022 में सेवानिवृत्त होंगे। सरकार सीजेआई बोबडे की सिफारिश को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजेगी। सीजेआई की सिफारिश के साथ ही भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंध्र प्रदेश में कृष्णा जिले के पुन्नावरम गांव में 27 अगस्त 1957 में जन्मे न्यायाधीश रमणा ने 10 फरवरी 1983 को वकील के तौर पर करियर की शुरूआत की। वह 27 जून 2000 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए और उन्होंने 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम किया। न्यायाधीश रमणा को दो सितंबर 2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत किया गया और 17 फरवरी 2014 को उच्चतम न्यायाधीश का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

तपेसिपाह गांव में लगीं आग, 30 घर जलकर राख

बहराइच। उत्तर-प्रदेश के बहराइच ज़िले के जरवल विकासखण्ड क्षेत्र के तपेसिपाह गांव निवासी एक ग्रामीण के घर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और 30 मकान जलकर राख हो गए। जबकि, 25 मवेशियों के भी जलकर मौत हो गई।
पुलिस ने कहा कि आज तड़के एक घर में आग लगी जिसने देखते देखते विकराल रूप ले लिया। अग्निकांड की सूचना पाकर उप जिलाधिकारी समेत अन्य राजस्व कर्मी आज मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक आग लगने की सूचना के 2 घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं। आग बुझाने में कम से कम 5 घंटे लग गए। पीड़ित परिवार खुले आसमान तले रहने को मजबूर हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जरवल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तपे सिपाह में डाक बंगला के पीछे बाढ़ व कटान पीड़ित रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार जीरा के घर बुधवार की सुबह बैटरी से शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। ग्रामीण जब तक आग बुझाने की कोशिश करते, तब तक लपटों ने पड़ोस के अन्य मकानों को आगोश में ले लिया। अग्निकांड में गांव निवासी तीन ग्रामीणों के मकान जलकर राख हो गए। वही आग में झुलस कर 25 मवेशियों की भी जलकर मौत हो गई।
ग्रामीणों के मुताबिक अग्निकांड में तीस लाख से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। उप जिला अधिकारी महेश कुमार कैथल का कहना है। कि राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। तत्कालीन सहायता के रूप में त्रिपाल और कोटेदार द्वारा खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। वही आग लगने से 30 परिवार के डेढ़ सौ से अधिक लोग खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है।

एससी ने परमबीर की याचिका खारिज की: महाराष्ट्र

 अकांशु उपाध्याय
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को बुधवार को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के कथित भ्रष्टाचार एवं कचादार की सीबीआई से ‘निष्पक्ष एवं पारदर्शी’ जांच कराने का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति आरएस रेड्डी की पीठ ने हालांकि परमबीर सिंह को अपनी शिकायत को लेकर बंबई उच्च न्यायालय जाने की छूट प्रदान कर दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है। कि यह मामला ‘काफी गंभीर’ है। लेकिन याचिकाकर्ता को बंबई उच्च न्यायालय जाना चाहिए। परमबीर सिंह का पक्ष रखने के लिए अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि वह आज ही उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1988 बैच के अधिकारी सिंह ने अदालत से मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से हटाने के आदेश को भी रद्द करने का भी अनुरोध किया था।
उनका आरोप है। कि यह आदेश मनमाना और ‘गैर कानूनी’ है। सिंह ने आरोप लगाया है। कि देशमुख ने पुलिस के लिए मुंबई में हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का लक्ष्य तय किया था।

भाजपा सत्ता में आयी तो बंगाल का बेटा बनेगा सीएम

कांठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि बंगाल ने पूरे भारत को वन्दे मातरम की भावना में बांधा है। और उसी बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोगों को बोहिरागोतो(बाहरी) बता रही हैं। उन्होंने एलान किया कि अगर भाजपा सत्ता में आयी तो राज्य का मुख्यमंत्री बंगाल की धरती के बेटे को ही बनाया जाएगा।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांठी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि बंगाल बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रबींद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस जैसे नायकों की भूमि है। और इस धरती पर कोई भारतीय बाहरी नहीं है। उन्होंने कहा, बंगाल ने पूरे भारत को वन्दे मातरम की भावना में बांधा है। और उस बंगाल में ममता दीदी बोहिरागोतो(बाहरी होने) की बात कर रही हैं। कोई भारतीय यहां बाहरी नहीं है। वे भारत माता के बच्चे हैं।
मोदी ने कहा, हमें पर्यटक कहा जा रहा है। हमारा मजाक उड़ाया जा रहा है। हमारा अपमान किया जा रहा है। दीदी, रविंद्रनाथ के बंगाल के लोग किसी को भी बाहरी नहीं मानते।” उन्होंने रैली में कहा कि जब बंगाल में भाजपा सरकार बनाएगी तो मुख्यमंत्री इसी धरती का कोई बेटा होगा। दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा और प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए अक्सर अपने भाषणों में कहती हैं। कि वह दिल्ली या गुजरात से आए बाहरी लोगों को बंगाल में शासन करने नहीं देंगी।
उनके इस बयान पर छिड़ी स्थानीय बनाम बाहरी की बहस के बीच मोदी की यह टिप्पणियां आई हैं। तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को अपनी बेटी चाहिए अभियान भी शुरू किया है। जिसमें पार्टी के नेता राज्य आ रहे भाजपा पदाधिकारियों को चुनावी पर्यटक कह रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनर्जी ने झूठे आरोप लगाकर नंदीग्राम के लोगों का अपमान किया और लोग उन्हें करारा जवाब देंगे। उन्होंने 10 मार्च की घटना का जिक्र करते हुए कहा आप पूरे देश के सामने नंदीग्राम और उसके लोगों को बदनाम कर रहे हैं। यह वही नंदीग्राम है। जिसने आपको इतना कुछ दिया। नंदीग्राम के लोग आपको माफ नहीं करेंगे और आपको करारा जवाब देंगे।
गौरतलब है। कि 10 मार्च की घटना में मुख्यमंत्री घायल हो गई थीं। मोदी ने तोलाबाजी और जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा राज्य में हर योजना को घोटाला-मुक्त बनाएगी और पारदर्शिता लाएगी। उन्होंने आरोप लगाया चक्रवात अम्फान की राहत राशि को ‘भाइपो (भतीजा) विंडो’ के जरिए लूटा गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनर्जी ‘दुआरे सरकार’ की बात कर रही हैं। लेकिन दो मई को उन्हें दरवाजा दिखा दिया जाएगा। बनर्जी सरकार ने चुनावों के मद्देनजर महीनों पहले ‘दुआरे सरकार’ कार्यक्रम शुरू किया था। जिसमें विशेष शिविर लगाकर सेवाएं दी जाती हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी वादा किया अगर वह तीसरी बार सत्ता में आयीं तो यह सुनिश्चित करेंगी कि लोगों के घरों तक राशन पहुंचाया जाए। प्रधानमंत्री भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के गृहनगर कांठी में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

मोदी बहुत बड़े झूठे हैं, वादे का क्या हुआ ?: ममता

विष्णुपुर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि उनकी पार्टी केवल उन लोगों को बाहरी कहती है। जिन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान यहां परेशानी खड़ी करने के लिए भेजा गया है। उन्हें नहीं जो बरसों से राज्य में बसे हैं। तृणमूल कांग्रेस के कई नेता चुनाव प्रचार के लिए राज्य में आने वाले भाजपा नेताओं को बाहरी होने का तमगा देते रहे हैं।
बनर्जी ने कहा कि बरसों से बंगाल में बसे दूसरे राज्यों के लोग बाहरी नहीं हैं बल्कि वह उनके अपने लोग हैं। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा कि हम उन लोगों के बारे में ऐसा क्यों कहेंगे, जो बरसों से यहां बसे हैं? वे हमारे राज्य का एक अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हम केवल उन पान-मसाला खाने वाले, तिलक लगाने वाले लोगों को बाहरी कहते हैं। जिन्हें उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से, चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में समस्या उत्पन्न करने के लिए भेजा गया है।

'रेडिएशन' स्टॉर्म के बारे में चेतावनी जारी की

'रेडिएशन' स्टॉर्म के बारे में चेतावनी जारी की  अखिलेश पांडेय  नई दिल्ली/वाशिंगटन डीसी। वैज्ञानिक अभी भी पिछले सप्ताह आए सोलर स्टॉर्म...