गुरुवार, 1 जुलाई 2021

भारत: कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की

अकांशु उपाध्याय                     
नई दिल्ली। देश में कोरोना के केस में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को 48,415 नए मरीजों की पहचान हुई। 61,494 ठीक हो गए और 988 ने जान गंवाई। इस तरह एक्टिव केस, यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 14,083 की कमी आई है। हालांकि, केरल के आंकड़े कुछ डरा रहे हैं। यहां बीते दो दिनों से नए केस 13,500 से ज्यादा आ रहे हैं। इससे पहले 21 जून को यह संख्या घटकर 7,449 तक पहुंच गई थी।
यहां बुधवार को 13,658 नए मामले सामने आए। 11,808 लोग ठीक हुए और 142 लोगों की मौत हो गई। अब तक राज्य में 29.24 लाख लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 28.09 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि 13,236 लोगों की मौत हो गई। 1,00,877 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

ढ़ाई अरब टन कार्बन उत्‍सर्जन, वन लगाने का लक्ष्‍य

अकांंशु उपाध्याय           
नई दिल्ली। पर्यावरण और वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि भारत ने 2030 तक अतिरिक्‍त ढाई अरब टन कार्बन उत्‍सर्जन के बराबर वन लगाने का लक्ष्‍य रखा है। उन्‍होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में वनों के भीतर और बाहर वृक्ष क्षेत्र 15 हजार वर्ग किलोमीटर बढ़ा है।
श्री जावड़ेकर ने अपने निवास पर परिजात वृक्ष रोपित कर पौधारोपण अभियान की शुरूआत की। उन्‍होंने लोगों से वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
वन महोत्‍सव देश की स्‍वतंत्रता के कुछ वर्षों बाद शुरू हुआ था। तत्‍कालीन पर्यावरण मंत्री रफी अहमद किदवई ने 1950 में सबसे पहला वन महोत्‍सव मनाया था। इसका उद्देश्‍य पेड़ों की कटाई के कारण वन्‍य जीवों और वनवासियों पर पड़ने वाले असर के बारे में जागरूकता लाना है।

लंबी कतारों की वजह केवल कोविड प्रतिबंध नहीं

अकांशु उपाध्याय                 
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ कोविड संबंधी प्रतिबंधों के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवा के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। बल्कि इसकी असली वजह पेट्रोलियम उत्पादों के ऊंचे दाम हैं।
उन्होंने ट्वीट किया, सार्वजनिक परिवहन सेवा के लिए लंबी-असुविधाजनक कतारों की वजह सिर्फ़ कोविड प्रतिबंध नहीं हैं। 
असली वजह जानने के लिए अपने शहर में पेट्रोल-डीज़ल के दाम देखें। कांग्रेस पिछले कुछ महीनों से सरकार पर लगातार आरोप लगा रही है कि वह पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर हर साल लाखों रुपये कमा रही है। लेकिन कोविड संकट के समय आम लोगों को आर्थिक मदद देने के लिए कदम नहीं उठा रही है। उल्लेखनीय है कि देश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक और डीजल की कीमत 90 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा है।

दर्ज शिकायत के आधार पर केस की छानबीन शुरू की

दुष्यंत टीकम               
रायपुर। राजधानी रायपुर के मौदहापारा थाना में साल 2016 में पीएसीएल कंपनी और उसके डायरेक्टर सुखदेव सिंह के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर सुखदेव सिंह ने उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी की है और उनके करोड़ों रुपए लेकर वह फरार हो गया है।
दर्ज शिकायत के आधार पर मौदहापारा पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। शिकायत की पुष्टि होने पर डायरेक्टर सुखदेव सिंह के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर उसकी तलाश शुरू की गई। लेकिन बीते पांच सालों तक उसकी कोई खबर पुलिस को नहीं मिल पाई।
ताजा जानकारी के मुताबिक रायपुर पुलिस को इस बात की जानकारी मिली कि आरोपी सुखदेव को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है और उसे पंजाब के रूपनगर जेल दाखिल किया गया है। इसके बाद रायपुर पुलिस ने इस मामले में सक्रियता दिखाई और उसे प्रोटक्शन वारंट पर रायपुर लाया गया।

12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को लगेगा टीका

अकांशु उपाध्याय           
नई दिल्ली। कोरोना से जंग में कोरोना की वैक्सीन ही एक मात्र हथियार है। इस बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। अगर सबकुछ सही रहा तो भारत में जल्द ही 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी टीका लगना शुरू हो जाएगा। वैक्सीन के तीनों चरणों का ट्रायल पूरे हो चुके हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जायडस कैडिला ने भारत के टॉप दवा नियामक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के समक्ष आवेदन दिया है।जिसमें उसने अपनी डीएनए वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी की मांग की है। जायडस कैडिला की वैक्सीन के तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण डेटा से पता चलता है कि डीएनए वैक्सीन टीका 12 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए सुरक्षित है। कंपनी ने सालाना कोरोना टीकों की 100-120 मिलियन खुराक बनाने की योजना बनाई है।
बेंगलुरु बेस्ड फार्मास्युटिकल कंपनी जायडस कैडिला ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी डीसीजीआई से 12 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए अपनी डीएनए वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। अगर डीसीजीआई से इस वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है तो फिर देश में जारी टीकाकरण अभियान में जल्द ही यह वैक्सीन शामिल हो सकती है।
बेंगलुरु बेस्ड फार्मास्युटिकल कंपनी जायडस कैडिला ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी डीसीजीआई से 12 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए अपनी डीएनए वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। अगर डीसीजीआई से इस वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है तो फिर देश में जारी टीकाकरण अभियान में जल्द ही यह वैक्सीन शामिल हो सकती है।
जायडस कैडिला की यह वैक्सीन 12 वर्ष की आयु और उससे ऊपर के लोगों के लिए है। कंपनी ने वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल का डेटा प्रस्तुत किया है। जिसमें 28,000 से अधिक वॉलंटियरों ने भाग लिया था। रॉयटर्स की मानें तो अंतरिम डेटा में वैक्सीन सुरक्षा और प्रभावकारिता के मानकों पर खड़ी उतरी है।

प्रवासी श्रमिकों को राशन किटों का वितरण किया

हरिओम उपाध्याय          
बांदा। साथी हाथ बढ़ाना,एक अकेला थक जायेगा मिलकर बोझ उठाना “की तर्ज पर बच्चों के हितों के लिये समर्पित संस्था चाइल्ड ट्रस्ट द्बारा कोरोना काल के प्रवासी श्रमिकों को कोरोना किट तथा राशन किटों का वितरण कर गरीब श्रमिकों एवं उनके बच्चों का आशिर्वाद बटोरा जा रहा है। सबने “देव दूत” की संज्ञा देकर कोआर्डिनेटर महेंद्र सिंह गौतम को नवाजा।कार्यक्रम का आयोजन संस्था के स्टेट कोआर्डिनेटर महेंद्र सिंह गौतम द्वारा शहर के क्षेत्रीय कार्यालय मोहल्ला कालूकुआं में किया गया।संस्था के कोआर्डिनेटर महेंद्र सिंह नें कहा की कोरोना के कहर की तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा संक्रमित होनें की बात कही जा रही है।इसलिए संस्था के माध्यम से बच्चों के संक्रमित होनें से बचाव के लिये प्राथमिकता के आधार पर उन्हें तथा उनके परिजनों को जागरूक किया जा रहा है। बताया जा रहा है की सफाई व्यवस्था और स्वछता पर ध्यान दें।वैक्सीनेशन कराये और और दूसरों को भी इसके लिये प्रेरित करें।
संस्था से जुड़े रामू प्रसाद नें संस्था की कार्य प्रणाली पर प्रकाश डाला एवं बताया की यहां ग्राम जमालपुर में भी कैंप लगाकर सुरक्षा किट एवं राशन सामग्री का वितरण किया जायेगा।युवा व्यापारी नेता प्रदीप जडिया नें कहा की कोरोना से बचाव के लिये जागरूक एवं जरूरतमंदो कीराशनिंग मदद करना पुनीत कर्तव्य है।चाइल्ड ट्रस्ट इसमें सराहनीय भूमिका का निर्वहन कर रहा है।इस कार्यशाला और किट वितरण समारोह में विनोद कुमार,अधिवक्ता शिव कुमार मिश्रा,अनुराग सिंह,कामता,राकेश आदि की काफी संख्या में भागीदारी रही।गोष्ठी के बाद गरीब श्रमिकों को सुरक्षा किट एवं राशन सामग्रियों का बोरियों में वितरण किया गया।

चिट्ठी में बीमारियों से बचाव सहित कई सुझाव दिएं

हरिओम उपाध्याय                       
बांदा। जिले के सभी प्रधानों को डीएम ने चिट्ठी लिखी है। कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर के पूर्व शंकाओं का समाधान कर अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराना है। ग्राम पंचायतों में जमीन की उपलब्धता के आधार पर खेल मैदान विकसित कराएं। साथ ही पर्यावरण की शुद्धता के लिए पीपल, बरगद व नीम के पौधों का रोपण हो। जिलाधिकारी ने आठ बिदुओं पर आधारित चिट्ठी में बीमारियों से बचाव सहित कई सुझाव दिए हैं। लिखा है कि ग्रामीणों को प्रेरित कर उनकी शंकाओं को दूर करते हुए अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं। 
निगरानी समितियों के माध्यम से कोरोना महामारी के लक्षण बुखार, जुकाम, खांसी व सांस फूलना आदि से ग्रसित लक्षणों की पहचान कराकर कोरोना मेडिसिन किट का वितरण कराएं।ग्राम पंचायत की सभी गलियों, नालियों, मोहल्लों की साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, फागिग कराकर ग्रामीणों को मास्क लगाकर सैनिटाइज को प्रेरित करें। खुले में शौचमुक्त बनाए रखने के लिए शौचालय विहीन परिवारों को गांव के सामुदायिक शौचालय का प्रयोग करें। जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ग्राम पंचायत सचिवालय विकसित कर अपने जनसेवा केंद्र विकसित करें। गांव में दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाएं। ग्राम पंचायतों में भूमि उपलब्धता के आधार पर खेल मैदान बनाए। नीम, बरगद, पीपल आदि के पौध रोपित करें।

'मतदाता जागरूकता' अभियान रैली का आयोजन

'मतदाता जागरूकता' अभियान रैली का आयोजन   मतदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूली बच्चों ने निकाला रैली कौशाम्बी। एन डी कान...