बुधवार, 21 जुलाई 2021

गाइडलाइन के तहत, ईद-उल-अज़हा की नमाज़ पढ़ाई

बृजेश केसरवानी              
प्रयागराज। शहर की सभी छोटी बड़ी मस्जिदों मे ईद उल अज़हा की विशेष नमाज़ कोविड गाईड लाईन के अनुसार पढ़ी गई। घरों मे नमाज़ के बाद राहे खुदा में हज़रत इब्राहीम की सुन्नत पर अमल करते हुए ग़ैर प्रतिबन्धित जानवरों (बकरा व भेड़)की क़ुरबानी दी गई।तय समय के अनुसार चक शिया जामा मस्जिद मे इमाम ए जुमा वल जमात सै. हसन रज़ा ज़ैदी,मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाज़ार मे मौलाना सै. जवादुल हैदर रिज़वी,मदरसा जमातुल अब्बास वीआईपी कालोनी मे मौलाना सै०कल्बे अब्बास रिज़वी,मस्जिद ए खदीजा करैली में मौलाना ज़रगाम हैदर,मस्जिद ए मोहम्मदी करैली लेबर चौराहा में मौलाना वसी हैदर,बैतुस्सलात मे मौलाना नय्यर रिज़वी,मस्जिद गदा हुसैन खाँ मे मौलाना जाबिर अब्बास,मस्जिद ए नूर दायरा शाह अजमल में मौलाना साक़िब हुसैन ने सरकारी गाईड लाईन के अनुसार पचास लोगों की उपस्थिति मे नमाज़ ए ईद-उल-अज़हा की विशेष नमाज़ पढ़ाई। मस्जिदों मे प्रवेष द्वार पर ही नमाज़ीयों के हाँथों को सैनिटाईज़ कराया गया और मास्क लगाने के बाद ही मस्जिद के अन्दर दाखिल होने दिया गया। मस्जिद क़ाज़ी साहब बख्शी बाज़ार मे मस्जिद के मुतावल्ली शाहरुक़ क़ाज़ी के ओर से जहाँ मास्क व सैनिटाईज़र का ऐहतेमाम किया गया था। वहीं नमाज़ीयों को इत्र लगाने के बाद तोहफे मे एक एक रुमाल भी दिया जा रहा था। 
मौलाना जव्वादुल हैदर जुदी ने बाद नमाज़ अपने खुत्बे मे जहाँ अहले वतन को ईद उल अज़हा की मुबारकबाद पेश की वहीं ईद-ए-क़ुरबाँ की तफसीली अहकामात पर भी रौशनी डाली। मौलाना ने कहा ईद उल अज़हा सिर्फ जानवरों की क़ुरबानी देने का नाम नहीं इस मे अपनी ज़िद,ग़ुस्सा,घमण्ड,लालच और बदगुमानी को भी क़ुरबान किजीये।ईद उल अज़हा की नमाज़ सकुशल सम्पन्न होने पर मस्जिद के इन्तेज़ामकार शाहरुक़ क़ाज़ी,आफताब हैदर,इतरत नक़वी,हसन आमिर,अनीस हैदर जायसी,आग़ा अली क़ासिम,शेरु भाई, उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव सै०मो०अस्करी,अन्जुमन ग़ुन्चा ए क़ासिमया के सद्र रिज़वान जव्वादी,मंज़र कर्रार,फरमान भाई,ज़ुल्फेक़ार हैदर,शाहिद अब्बास रिज़वी,ज़रग़ाम हैदर,बाक़र मेंहदी,शबीह अब्बास जाफरी,अस्करी अब्बास,ज़ामिन हसन,मोनू आदि ने शासन प्रशासन के प्रति आभार जताया। फेसबुक ,वाट्सऐप सहित सोशल मीडिया पर दिन भर चलता रहा ईद उल अज़हा पर बधाई संदेश
कोरोना की वजहा से दो साल से कोई भी पर्व अपनी परम्परागत तरीके से नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे मे सोशल मीडिया ही लोगों का सहारा बना हुआ है। ईद उल अज़हा इसलामिक माह ज़िलहिज्जा की १० तारीख को मनाया जाता है। लेकिन एक दिन पहले से ही फेसबुक, वाट्सऐप, मैसेन्जर,ट्यूटर आदि सोशल मीडिया के माध्यम से लोग एक दूसरे को मुबारकबाद देते रहे।यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
हिन्दू भाईयों ने भी दी अहले इसलाम को बधाई
तमाम धार्मिक व समाजिक संगठनों राजनीतिक दलों व पत्रकार बन्धुओं ने भी दी बधाई।
त्याग बलिदान के पर्व ईद उल अज़हा या ईद ए क़ुरबाँ के अवसर पर हिन्दू भाईयों ने भी अहले इसलाम के बाशिन्दों को बधाई दी।रवीन्द्र यादव,विजय वैश्य,महेन्द्र निषाद,दान बहादुर मधुर,अभिषेक कनौजिया,राकेश यादव,रॉबिन लोहिया गिहार,विक्रम पटेल,अभिमन्यु पटेल,रमाकान्त पटेल,प्रमोद चन्द्र त्रिपाठी,मनोज वर्मा,विनोद हाण्डा,मंजू यादव,श्यामू यादव समेत अन्य लोगों ने मुस्लिमों को त्याग के पर्व ईद ए क़ुरबाँ की बधाई दी।
नमाज़ ए ईद-उल-अज़हा के बाद लोग एक दूसरे के घरों मे मुबारकबाद देने को पहोँचे।मेहमानो का खैरमक़दम करते हुए  मुस्लिम व ग़ैर मुस्लिम का घरों मे तरहा तरहा के स्वादिष्ट व्यंजनो से स्वागत व सत्कार भी किया गया।घरों मे महिलाओं ने सुबहा से ही तय्यारी शुरु कर दी थी।मेहमानों ने क़िमामी सेंवई, दूध वाली सेंवई, शीरब्रंज सेंवई, क़ोरमा,बिरयानी,दही बड़ा,मटर चाट,आलू टिक्की आदी का जम कर लुत्फ उठाया। छोटे छोटे बच्चों को तेहवारी भी दी गई।

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