बुधवार, 22 अप्रैल 2020

रांची में भारी- बारिश आने की अशंका

रांची। तेज आंधी के साथ बारिश का दौर फिर से झारखंड के कई इलाकों में शुरू हो गया है। सोमवार को देर रात भारी बारिश और वज्रपात के बाद मंगलवार को भी राजधानी रांची, जमशेदपुर, लोहरदगा समेत कई शहरों में जमकर वर्षा हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर भरोसा करें तो यह सिलसिला बुधवार से अगले एक हफ्ते तक चलता रहेगा। झारखंड के अलग-अलग हिस्‍सों में 27 अप्रैल तक लगभग रोज तेज हवाएं, आंधी, वज्रपात और बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना बनी हुई है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो सिमडेगा के कोलेबिरा में सर्वाधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। यहां 50 मिमी तक वर्षापात दर्ज किया गया है। चांडिल में भी 40 मिमी बारिश दर्ज हुई है। चाईबासा, जमशेदपुर, घाटशिला के अलावा पाकुड़, कुरडेगा और तोरपा आदि इलाके में भी रुक-रुककर देर तक बारिश होते रही।


झारखंड में मौसम एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। मंगलवार को छिटपुट बारिश के बीच इस हफ्ते कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग, रांची की ओर से 27 अप्रैल तक के लिए जारी किए गए पूर्वानुमान में झारखंड के उत्‍तर पूर्वी, मध्‍य तथा दक्षिणी भाग में कुछ स्‍थानों पर हल्‍के से मध्‍यम दर्जे की बारिश होगी। राजधानी रांची समेत कई जिलों में शुक्रवार तक रुक-रुककर बारिश की चेतावनी दी गई है। आंधी के साथ वज्रपात का अनुमान भी जताया गया है। बुधवार को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा तथा सरायकेला खरसावां के इलाके में बिजली कड़कने के साथ ही वर्षा की संभावना है। गुरुवार को रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़ और खूंटी के इलाके में हल्‍की से तेज बारिश हो सकती है।


देश में उत्तराखंड आया 'तीसरे नंबर' पर

देहरादून। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में उत्तराखंड देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में संक्रमित मामले दोगुना होने की दर 26.6 दिन है। जबकि पहले स्थान पर केरल और दूसरे स्थान पर उड़ीसा है। उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में 28 दिन और अल्मोड़ा जनपद में 16 दिनों से कोरोना का नया पॉजिटिव मामला नहीं आया है। बता दें कि स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की ओर से देश के सभी राज्यों में कोरोना संक्रमित मामलों के दोगुने होने का आकलन किया गया था।


इसमें पाया गया कि केरल और उड़ीसा में संक्रमित मामले दोगुने होने की दर 30 दिनों से ज्यादा है। केरल में 72.2 दिन, उड़ीसा में 39.8 दिनों में संक्रमण के मामले दोगुने हो रहे हैं, जबकि उत्तराखंड में यह दर 26.6 दिन है। प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि केंद्र की ओर से लगातार कोरोना संक्रमित मामलों की मानीटरिंग की जा रही है। अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण रोकने की स्थिति बेहतर है।


सरकार ने रोका 'एंंटी बॉडी रैपिड'

देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा एंटी बॉडी रैपिड जांच रोके जाने के बाद राज्य सरकार ने भी यह टेस्ट रोक दिए हैं। उत्तराखंड में सोमवार शाम से ही रैपिड टेस्ट शुरू हुए थे।गौरतलब है कि राजस्थान में एंटी बॉडी रैपिड जांच में गड़बड़ी को देखते हुए केंद्र सरकार और आईसीएमआर ने अगले दो दिन तक यह जांच रोकने का निर्णय लिया है। इसके बाद राज्य सरकार ने भी मंगलवार से ही रैपिड टेस्ट रोकने का निर्णय लिया है। अपर सचिव स्वास्थ्य और कोरोना के लिए बनाए गए स्टेट नोडल अफसर युगल किशोर पंत ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्णय के बाद राज्य में भी एंटी बॉडी रैपिड जांच रोकने का निर्णय लिया जा रहा है।


4 देशो की मदद करेंगी 'भारतीय सेना'

नई दिल्ली। श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान को कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों से निपटने में सहायता करने के लिए भारतीय सेना अलग-अलग दल बनाकर इन देशों में भेजने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। पिछले महीने भारतीय सेना के 14 सदस्यीय एक दल को मालदीव में कोरोना वायरस जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए भेजा गया था। इस महीने की शुरुआत में भारत ने सेना के 15 सदस्यीय एक दल को द्विपक्षीय सहयोग के तहत कुवैत भेजा था।


सूत्रों ने बताया कि मित्र देशों में महामारी से लड़ने के लिए सहायता प्रदान करने की नीति के तहत श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान भेजे जाने के लिए दलों को तैयार किया जा रहा है। दक्षेस क्षेत्र में महामारी से लड़ने के लिए साझा कार्यक्रम बनाने के वास्ते भारत मुख्य भूमिका निभा रहा है।


रूस में वायरस के 5642 नये मामले

मास्को। रूस में पिछले 24 घंटों के दौरान महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के 5642 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या 52763 पहुंच गई है। राष्ट्रीय कोरोना वायरस प्रतिक्रिया केन्द्र ने मंगलवार (21 अप्रैल) को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के 78 क्षेत्रों से कोरोना वायरस के 5642 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 2567 यानी 45.5 फीसदी सक्रिय रूप से पाए गए हैं, जिनमें लक्षण नहीं दिख रहे हैं। रूस के 85 क्षेत्रों में से अभी तक 52763 कोरोना पाए गए हैं।


सभी नए कोरोना मामलों में से 3083 मॉस्को से, 718 मॉस्को क्षेत्र से और 127 सेंट पीटर्सबर्ग से सामने आए हैं। शहर के कोरोना प्रतिक्रिया केन्द्र सभी नए कोरोना संक्रमित में से आधे मरीज मॉस्को से हैं जो 45 वर्ष की उम्र से कम हैं। पैंतीस फीसदी मरीज ऐसे हैं जो 46 से 65 वर्ष के बीच है और नौ फीसदी 66 से 79 आयु के बीच तथा 5.5 फीसदी 80 वर्ष से अधिक के हैं। छह से अधिक फीसदी बच्चों की है। सभी मरीज कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं, उन्हें चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।


नया कलस्टर, दूसरे फेज का खतरा

पेइचिंग/ बीजिंग। चीन में कोरोना वायरस के दूसरे फेज का खतरा बढ़ गया है। वुहान के बाद उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में कोरोना का नया क्लस्टर बनता दिख रहा है। यह क्षेत्र रूस सीमा के नजदीक है। इसके बाद अधिकारियों ने बुधवार को क्षेत्र में गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन ने दावा किया है कि वह घातक कोरोना पर काबू पाने में कामयाब रहा है और इसके यहां मृतकों की संख्या अमेरिका और कई यूरोपीय देशों से कम हैं। वहीं, अब यहां कोरोना के दूसरे वेव का खतरा पैदा हो गया है।


अमेरिका ने चीन पर किया मुकदमा दर्ज

वाशिंगटन/ बीजिंग। कोरोना सक्रमण पर कार्रवाई तथा दुनिया को इससे आगाह करने में देरी के करने की वजह से अमेरिका ने चीन के खिलाफ अपने ही एक राज्य की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है। अमेरिका का यह भी आरोप है कि चीन ने कोरोना वायरस के खतरनाक होने की जानकारी देने में देरी।
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साथ ही मुखबिरों को गिरफ्तार करके सूचनाओं का दमन करने का कुत्सित प्रयास किया। चीन की इसी हरकत की वजह से दुनिया को वैश्विक मंदी और महामारी का सामना करना पड़ रहा है। यह मुकदमा अमेरिकी राज्य मिसौरी की एक अदालत में दर्ज किया गया है। यहां के अटॉर्नी जनरल एरिक स्कमिट ने चीन की सरकार, सत्तारूढ़ कम्यूनिस्ट पार्टी और कई संबंधित अधिकारियों तथा संस्थानों को इस मुकदमे में पार्टी बनाया है। चीन पर आरोप लगाया गया है कि उसने कोरोना संक्रमण के बारे में लोगों तक जानकारी नहीं पहुंचने दी, जिसकी वजह से यह संक्रमण फैलते हुए महामारी बन गया। इतना ही नहीं, मेडिकल शोध की जानकारियों को नष्ट किया और लाखों लोगों को वायरस का शिकार होने दिया। साथ ही इससे बचने के लिए आवश्यक पीपीई किट की भी जमाखोरी की। एरिक का कहना है कि कोविड-19 से पूरी दुनिया को नुकसान पहुंचा है और लाखों लोग संक्रमित हुए हैं। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया और कई छोटे-छोटे व्यापार बंद हो गए।


अमेरिका में रिकॉर्ड मौत, टूटा रिकॉर्ड

वाशिंगटन। कोरोना वायरस का कहर वैसे तो पूरी दुनिया में जारी है, मगर अमेरिका में इसका सबसे अधिक विकराल रूप देखने को मिल रहा है। कोरोना कहर से बुरी तरह प्रभावित अमेरिका में कोविड-19 महामारी से हर दिन मौत का नया रिकॉर्ड बन रहा है। पिछले 24 घंटे में अमेरिका में कोरोना वारस से 2751 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिकी समयानुसार, मंगलवार को जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ने इसकी सूचना दी।


जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में कोविड-19 महामारी के अब तक 800,000 कन्फर्म केस सामने आ चुके हैं, वहीं 44,845 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।  बताया जा रहा है कि करीब 40,000 नए कोरोना केस सोमवार और मंगलवार के बीच एक ही समय में दर्ज किया गया।


मरीज ने कर्मचारियों से की मारपीट

नई दिल्ली/ जकार्ता। लोकनायक अस्पताल में एक बार फिर कोरोना के मरीज द्वारा डॉक्टर व कर्मचारियों से गलत व्यवहार का मामला सामने आया है। मंगलवार को इंडोनेशिया के एक कोरोना पीड़ित मरीज ने अस्पताल के कर्मचारियों से मारपीट व कैंची से हमला करने का प्रयास किया। वह अस्पताल की छठी मंजिल पर वार्ड में भर्ती है। उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वह किस बात से नाराज था अभी यह स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।


ना हिंदी आती है ना ही अंग्रेजी समझ पाता है मरीजः वह न हिंदी न ही अंग्रेजी समझ पाता है। इस वजह से कर्मचारियों को उसकी बात समझने में परेशानी होती है। बताया जा रहा है कि यह संदिग्ध मरीज मरकज से ही संबंधित है। हालांकि इस मामले पर अस्पताल प्रशासन ने कोई बयान नहीं दिया है। कोरोना मरीज के परीजनों के आरोप को अस्पताल ने बताया गलतः जहांगीरपुरी के रहने वाले एक कोरोना पीड़ित की बेटी और पत्नी ने एक दिन पहले लोकनायक अस्पताल में मरीज की देखभाल में लापरवाही सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस बाबत जांच कमेटी गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि परिजनों ने भावनाओं में आकर आरोप लगाए। नर्सिग कर्मचारी व एंबुलेंस कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। यह सही है कि क्वारंटाइन सेंटर में स्थानांतरित करने के लिए इमरजेंसी के पास मरीज को बुलाया गया था। तब उसे इंतजार करना पड़ा था।


जदः लाखों में होगी मृतकों की संख्या

रैंड। यूरोप और अमेरिका में कहर ढा चुका कोरोना वायरस अब अफ्रीका महाद्वीप को तबाही का नया केंद्र बना सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ और संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतर्राष्ट्रीय ​संस्थाओं ने अफ्रीकी देशों में कोविड 19 के कारण कई लाख जानें जाने का अनुमान जारी किया है और जो विश्लेषण सामने आ रहे हैं, वो पूरी दुनिया के लिए चिंता के कारण हो सकते हैं।


तो क्या 33 लाख मारे जाएंगे?


विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका क्षेत्र के प्रमुख अधिकारी मिशेल याओ कह चुके हैं कि अगले छह महीनों में अफ्रीका महाद्वीप में कोविड 19 के 1 करोड़ से ज़्यादा गंभीर मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, यूएन की एक संस्था की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर वायरस के खिलाफ पुख्ता एक्शन नहीं लिये गए तो 33 लाख लोग तक मारे जा सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि महाद्वीप में सबसे अच्छी स्थिति में भी 3 लाख मौतों की आशंका है।


अभी किस हाल में है अफ्रीका?


अफ्रीकी देशों में आने वाले हालात को लेकर लंदन के इंपीरियल कॉलेज की रिपोर्ट ने भी 3 लाख मौतों की आशंका जताई है। वहीं, ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक अफ्रीका महाद्वीप में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 23 हज़ार से ज़्यादा केस सामने आ चुके हैं और 1100 से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं। ये आंकड़े आपको चिंता में नहीं डाल रहे होंगे तो सवाल उठेगा कि आगे इतना खतरा क्यों देखा जा रहा है।


विदेशों में भेजे जाएंगे अध्ययन करता

नई दिल्ली। श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान को कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों से निपटने में सहायता करने के लिए भारत अलग-अलग दल बनाकर इन देशों में भेजने की तैयारी कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पिछले महीने भारत द्वारा 14 सदस्यीय एक दल को मालदीव में कोरोना वायरस जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए भेजा गया था। इस महीने की शुरुआत में भारत ने सेना के 15 सदस्यीय एक दल को द्विपक्षीय सहयोग के तहत कुवैत भेजा था। सूत्रों ने बताया कि मित्र देशों में महामारी से लड़ने के लिए सहायता प्रदान करने की नीति के तहत श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान भेजे जाने के लिए दलों को तैयार किया जा रहा है। दक्षेस क्षेत्र में महामारी से लड़ने के लिए साझा कार्यक्रम बनाने के वास्ते भारत मुख्य भूमिका निभा रहा है।


सचिव का सभी डीएम-कमिश्नरो को निर्देश

यूपी के मुख्य सचिव का सभी जिला अधिकारी व मंडलाआयुक्तों को निर्देश


 कोविड-19 के संकट के दौरान स्वयं की देख-भाल एवं रोग
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा
बताये गये उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये: मुख्य सचिव


शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण


आयुर्वेद शास्त्रों में वर्णित सरल उपायों के द्वारा
व्यक्ति अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में कर सकता है वृद्धि


मुख्य सचिव ने समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को परिपत्र निर्गत कर दिये निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने निर्देश दिये हैं कि कोविड-19 के संकट के दौरान स्वयं की देख-भाल एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बताये गये उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये। वर्तमान में कोविड-19 वैश्विक महामारी का प्रकोप है। इस महामारी की कोई दवा अभी तक नहीं बनी है, ऐसे में शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को परिपत्र निर्गत कर दिये हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि आयु एवं स्वास्थ्य से जुड़ा विज्ञान होने के साथ ही आयुर्वेद प्राकृतिक साधनों के प्रयोग पर बल देता है। रोगों से बचाव का आयुर्वेदिक पक्ष मुख्यतः दिनचर्या एवं ऋतुचर्या पर आधारित है। आयुर्वेद शास्त्रों में वर्णित सरल उपायों के द्वारा व्यक्ति अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर सकता है।
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वयं की देख-भाल एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के सुझावः-
(क) सामान्य उपाय
1. पूरे दिन केवल गरम पानी पियें।
2. आयुष मंत्रालय की सलाह के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें।
3. हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का भोजन बनाने में प्रयोग करें।
(ख) रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु आयुर्वेदिक उपाय
1. च्वनप्राश 10 ग्राम (एक चम्मच) सुबह लें। मधुमेह के रोगी शुगर फ्री च्वनप्राश लें।
2. तुलसी, दालचीनी, कालीमिर्च, सोंठ (सूखी अदरख) एवं मुनक्का से बनी हर्बल टी/काढ़ा दिन में एक से दो बार पियें। स्वादानुसार इसमें गुड़ या ताजा नींबू मिला सकते हैं।
3. गोल्डन मिल्क-150 मि0ली0 गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी चूर्ण दिन में एक से दो बार लें।
(ग) सामान्य आयुर्वेदिक उपाय
1. नस्य-सुबह एवं शाम तिल/नारियल का तेल या घी नाक के दोनों छिद्रों में लगायें।
2. कवल-1 चम्मच तिल/नारियल तेल को लेकर दो से तीन मिनट तक कुल्ले की तरह मुंह में घुमायें। उसके बाद उसे कुल्ले की तरह थूंक दें, फिर गरम पानी से कुल्ला करें। ऐसा दिन में एक से दो बार करें।
(घ) खांसी/गले में खरास के लिये
1. दिन में एक बार कम से कम पुदीने के पत्ते/अजवाइन डाल कर पानी की भांप लें।
2. खांसी या गले में खरास होने पर लौंग के चूर्ण में गुड़ या शहद मिला कर दिन में दो या तीन बार लें।
3. ये उपाय सामान्य सूखी खांसी के लिये लाभदायक फिर भी अगर लक्षण बने रहते हैं, तो डाक्टर से परामर्श लें।


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