सोमवार, 20 जनवरी 2020

चार हाथ, चार पैर, दो लिंगधर्मी नवजात

औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम फूटाताल में एक महिला ने विचित्र बच्चे को जन्म दिया। इसकी खबर लगते ही ग्रामीणों की भीड़ लग गई। अंधविश्वास के चलते कुछ ग्रामीणों ने पुष्प आदि अर्पित करके उसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी। हालांकि दस मिनट के अंदर ही शिशु की मौत हो गई। दोपहर बाद तक आसपास के गांवों से उसे देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।


मिली जानकारी के अनुसार फूटेताल ग्राम निवासी भूरे दिवाकर की पत्नी अलका गर्भवती थी। रविवार को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। भूरे ने उसे गांव के पास ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। रात में अलका ने बालक को जन्म दिया। बच्चे की विचित्र काया देखकर अस्पताल का स्टॉप दंग रह गए। बच्चे के चार पैर, चार हाथ और दो लिंग थे, जबकि विकृत एक सिर था। जन्म के दस मिनट बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।


भूरे मृत बच्चे को लेकर गांव पहुंचा तो ग्रामीणों को जानकारी हुई। विकृत काया वाला बालक ग्रामीणों के बीच कौतूहल का विषय बन गया। कुछ महिलाओं और ग्रामीणों ने अंधविश्वास में आकर फूल चढ़ाने शुरू कर दिये और अगरबत्ती जलाकर पूजन किया। सुबह विचित्र बच्चे के जन्म की बात आसपास के गांवों तक पहुंची तो उसे देखने के लिए लोगों को तांता लग गया।


डॉक्टरों का कहना है कि कोई कौतूहल वाली बात नहीं है। संभव है कि महिला के गर्भ में जुड़वा बच्चे पल रहे हों और उनका पूर्ण विकास नहीं पाया हो। इसलिए एक शरीर में चार हाथ, चार पैर और दो लिंग बन गए हों। पहले भी अक्सर इस तरह के बच्चों का जन्म हुआ है। अक्सर दो बच्चे आपस में जुड़े हुए भी पैदा हुए हैं। पूर्ण विकास न हो पाने की वजह से जन्म लेते ही नवजात की मौत संभव है।


बैकुंठ धाम पर शवों का 'अंतिम संस्कार'

लखनऊ। जनपद में गुडंबा के शिवानी विहार में चालक पिंटू गुप्ता अपने दो मासूम बच्चों का तकिए से मुंह दबाकर और पत्नी का गला घोंट खुद फांसी पर लटक गया था, रविवार को पोस्टमार्टम में यह बात सामने आई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिए। शाम को बैकुंठ धाम पर चारों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चारों चिताओं को मुखाग्नि सौतेले पिता हरिशंकर ने दी। जैसे ही उन्होंने चिता में आग लगाई वहां मौजूद लोगों के आंखों से आंसू छलक आए। श्मशान घाट का यह मंजर वहां मौजूद लोगाें के जेहन में चस्पा हो गया। सभी चारों मौत की वजह तलाशते आपस में बात करते नजर आए।


एसीपी गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के अनुसार , मूलरूप से वाराणसी के भेलूपुर स्थित खोजवा निवासी पिंटू गुप्ता (32), आरती (28), नेहा (8) और  नैतिक (6) के साथ शिवानी विहार में छोटेलाल राजवंशी के मकान में किराए पर रहता था। वह रेलवे से रिटायर मकान मालिक छोटेलाल की गाड़ी भी चलाता था। पत्नी आरती घर में खाना बनाने का काम करती थी। पिंटू ने शुक्रवार रात पत्नी आरती का गला घोंट दिया। वहीं दोनों बच्चों का मुंह तकिए से दबाकर हत्या कर दी।


इसके बाद खुद फांसी लगा ली। शनिवार सुबह मकान मालिक के पोतों को स्कूल जाना था। पिंटू नहीं आया तो वह बुलाने गए। उस वक्त इस वारदात का खुलासा हुआ। पिंटू का दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसी ने खिड़की से झांककर देखा तो पिंटू का शव फंदे से लटकता दिखा। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो आरती, नेहा और नैतिक के शव बेड पर पड़े थे। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था।


तीनों को सोने के दौरान ही उतारा था मौत के घाट
प्रभारी निरीक्षक रीतेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, पिंटू ने अपने परिवार की हत्या उस वक्त की जब सभी गहरी नींद में सो रहे थे। किसी को भी संघर्ष करने का मौका नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि पिंटू ने अपने दोनों बच्चों का मुंह तकिए से दबाया था। जिससे उनका दम घुट गया। पत्नी आरती की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद फांसी लगा ली।


उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग मिली है। पिंटू की मां बेबी और सौतेले पिता हरिशंकर वर्मा शिवानी विहार कॉलोनी में ही रहते हैं। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने चारों शव हरिशंकर को सुपुर्द किए। उन्होंने परिवारीजनों व कॉलोनी के लोगों की मौजूदगी में शाम को बैकुंठ धाम पर चारों शव का अंतिम संस्कार किया।


सीएए के विरोध का ग्राफ और अधिक बढ़ा

एनआरसी-एनपीआर का विरोध नित नई उँचाई छू रहा 


प्रयागराज। मंसूर अली पार्क मे चँद युवतियों द्बारा शुरु किया गया विरोध प्रदर्शन का स्वरुप रोज़ नए तेवर के साथ आगे बढ़ रहा है।प्रतिदिन मंसूर अली पार्क में महिलाएँ जुलूस निकाल कर एन आर सी एन पी आर के खिलाफ आवाज़ बुलन्द कर रही हैं ।दरियाबाद के सैय्यदवाड़ा,अब्बास कालोनी से जहाँ महिलाओं ने विरोध जुलूस निकाला वहीं अकबरपुर,नेहालपुर से भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने जुलूस निकाल कर एन आर सी वापिस लो एन पी आर वापिस लो की तख्तियाँ ले कर विरोध करते हुए मंसूर अली पार्क में चल रहे धरने मे शामिल हुईं।प्रोटेस्ट की शुरुआत करने वाली सायरा प्रदर्शनकारी महिलाएँ में एक आईडीयल के रुप में देखी जा रही हैं यही वजहा है की नेहा यादव ने एक नया नारा देते हुए कहा की प्रशासन जिस्से हारा है सायरा है वह सायरा है।सै०मो०अस्करी ने बताया की प्रोटेस्ट के आज नवें दिन कुम्भ मेले में कल्पवास कर रहे मध्यप्रदेश उदासीन अखाड़े के संतोषानंद महाराज, सुधाकराचार्य, श्याम सुन्दर महाराज ब्रहमाचारी महाराज के साथ अन्य साधू सन्तों ने मंसूर अली पार्क पहोँच कर एन आर सी,एन पी आर और सी ए ए का विरोध किया वहीं मंगलवार को दिन में एक बजे हवन करने की भी बात कही।संतोषानंद महाराज ने कहा हम आप के साथ हैं आप की इस लड़ाई को हम कंधे से कंधा मिला कर खड़े रहेंगे। प्रदर्शन में पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री रामवृक्ष यादव भी समर्थन देने पहुँचे। धरनारत महिलाओं को समर्थन देने और एन पी आर एन आर सी और सी ए ए के विरोध में तमाम वामपंथी संगठनों के लोगों के अलावा समाजवादी पार्टी,कांग्रेस,ए आई एम आई एम,आम आदमी पार्टी,जमाते हिन्द और दूसरे दलों के प्रतिनिधि भी लगातार प्रदर्शन को समर्थन देने पहोँच रहे हैं। वहीं तमाम ऐसे नेता हैं जो लगातार नवें दिन भी धरनारत महिलाओं के साथ बने हुए हैं और हर तरहा से सहयोग कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी से रिचा सिंह,नेहा यादव,सबीहा मोहानी,खुशनूमा बानो,अब्दुल्ला तेहामी अदील हमज़ा तो कांग्रेस पार्टी से इरशाद उल्ला,नफीस अन्वर,अरशद अली,एम आई एम से अफसर महमूद,फज़ल फाखरी,आबिद नेयाज़ी आदि लगातार प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं।वहीं क्षेत्रिय पार्षद रमीज़ अहसन,अब्दुल समद,फज़ल खान समेत अन्य लोग विरोध प्रदर्रशन की बाग डोर सम्भाले हुए हैं। धरना स्थल पर ही पढ़ी जा रही पाँच वक़्त की नमाज़ धरना प्रदर्शन के साथ बड़ी संख्या मे एन आर सी और एन पी आर के विरोध में जमा महिलाएँ वहीं पर मुसल्ला बिछा कर पाँच वक़त की नमाज़ भी अदा कर रही हैं।छोटे छोटे बच्चे भी अपने घरों को छोड़ कर महिलाओं की गोद मे तो वहीं पुरे हिजाब में मुस्लिम युवतियाँ भी धरने में शामिल हो कर तरहा तरहा के स्लोगन लिखने और और प्रोटेस्ट को और व्यापक बनाने मे लगी हैं।


बृजेश केसरवानी


पत्रकार संघ की कार्यकारिणी नवनियुक्त

लखनऊ। पत्रकार एकता संघ, उत्तर-प्रदेश की राजधानी लखनऊ से नव नियुक्त पदाधिकारियों की घोषणा इस प्रकार से है। आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेश दीक्षित, राहुल गुप्ता, स्वाति सिंह, सिद्धांत सिंह के द्वारा की गई। आयोजन का निर्देशन भी उपरोक्त अंंकित गणमान्य लोगों के द्वारा ही किया गया। जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जुनेद सानी ने सभी से अपने पद और जिम्मेदारी समझते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करने की अपील की। इस अवसर पर सभी पत्रकार बंधुओं का अपार सहयोग प्राप्त हुआ।


'संक्रमण' के 140 मामले, आए सामने

पेइचिंग। चीन में रहस्यमय सार्स जैसे वायरस (विषाणु) का कहर बढऩे के बीच इसकी चपेट में आने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके करीब 140 नए मामले सामने आए हैं। कोरोनावायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है, लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। चीन में इस वायरस संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार ने अडवाइजरी जारी की है। इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है लेकिन सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) ऐसा कोरोनावायरस है जिसके प्रकोप से 2002-03 में चीन और हॉन्ग कॉन्ग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी। स्थानीय स्वास्थ्य आयोग ने मृतकों के संबंध में जानकारी दिए बिना बताया कि वुहान में सप्ताहांत में इसके करीब 136 नए मामले सामने आए हैं। पेइचिंग के डेक्सिंग जिले में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि वुहान गए दो लोगों का विषाणु से जुड़े न्यूमोनिया का इलाज किया गया और अब उनकी हालत स्थिर है। शहर के स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि चीन में करीब 201 लोग इसकी चपेट में आए हैं। वुहान में 170 लोगों का अब भी इलाज जारी है, जिनमें से नौ की हालत गंभीर है। भारत ने चीन के वुहान में निमोनिया के नये प्रकार के प्रकोप के चलते चीन जाने वाले अपने नागरिकों के लिए शुक्रवार को एक परामर्श जारी किया था। वुहान में करीब 500 भारतीय मेडिकल छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। भारत की ओर से जारी यात्रा परामर्श में कहा गया, ‘चीन में नए कोरोनावायरस के संक्रमण का पता चला है। 11 जनवरी, 2020 तक 41 मामलों के सामने आने की पुष्टि हुई है।


'मिसाइल-ड्रोन' हमले में, 100 की मौत

दुबई। यमन के मारिब में सैन्य शिविर में एक मस्जिद पर मिसाइल और ड्रोन हमले में 100 से अधिक सैनिकों की मौत हो गई और दर्जनों सैनिक घायल हो गए। चिकित्सकीय एवं सैन्य सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। इन हमलों के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन समर्थित यमन सरकार के बीच जारी युद्ध में कुछ महीनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद शनिवार को यह हमला हुआ। 
सैन्य सूत्रों ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने सना के पूर्व में करीब 170 किलोमीटर दूर मारिब में शनिवार शाम को नमाज के दौरान एक सैन्य शिविर में मस्जिद पर हमला किया। यमन के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘हम हूती विद्रोहियों द्वारा मस्जिद पर किए हमले की कड़ी निंदा करते हैं… जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं।Ó हताहतों को मारिब शहर के एक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के एक चिकित्सकीय सूत्र ने इससे पहले बताया था कि हमले में 83 सैनिक मारे गए हैं और 148 अन्य घायल हुए हैं। 
इस हमले से एक दिन पहले गठबंधन समर्थित सरकारी बलों ने सना के उत्तर में स्थित नाहम क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था। आधिकारिक संवाद समिति सबा के अनुसार एक सैन्य सूत्र ने बताया कि नाहम में संघर्ष रविवार को भी जारी रहा। इस बीच, सूत्रों ने कहा, ‘(हूती) मिलिशिया के दर्जनों लोग हताहत हुए हैं।Ó यमन ने राष्ट्रपति अबेदरब्बो मंसूर हादी ने इस ‘कायराना और आतंकवादी हमले की निंदा की है। 
सबा ने हादी के हवाले से कहा, ‘हूती मिलिशिया का यह शर्मनाक कदम इस बात की निस्संदेह पुष्टि करता है कि वह शांति के इच्छुक नहीं है, क्योंकि उसे मौत और विनाश के अलावा कुछ नहीं आता और वह क्षेत्र में ईरान का घटिया हथियार है।Ó हूती विद्रोहियों ने इस हमले की तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली है और सबा ने अपनी रिपोर्ट में मृतक संख्या नहीं बताई है। हमले ऐसे समय में हुए हैं जब गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र दूत मार्टिन ग्रिफिथ्स ने हमलों में आई कमी का स्वागत किया था।


जेल से भागे बेहद खतरनाक 76 कैदी

असंशियन। ब्राजील की सीमा के निकट पराग्वे की एक जेल से रविवार को 76 बेहद खतरनाक कैदी भाग गए। इन कैदियों में से कई नशीले पदार्थों और हथियार की तस्करी करने वाले ब्राजील के गिरोह के सदस्य हैं। पुलिस की प्रवक्ता एलीना एंद्रादा ने बताया कि पेड्रो जुआन कैबलेरो शहर की जेल में कैदियों ने एक सुरंग बनाई थी जिससे होकर वे जेल से भाग गए।
भागने वालों में ब्राजील और पराग्वे दोनों के कैदी हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे सबसे काबिल कर्मी कैदियों को पकडऩे के लिए सीमा पर गए हैं। 
अधिकारियों ने बताया कि कुल 76 कैदी जेल से भाग गए हैं, जिनमें से 40 ब्राजील और 36 पराग्वे के नागरिक हैं। न्याय मंत्री सेसिलिया पेरेज ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए संवाददाताओं से कहा कि कैदियों को सुरंग बनाने में कई सप्ताह का समय लगा होगा। 
जेल के संरक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है और कई सुरक्षाकर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है। जेल से भागे कैदियों में अधिकतर फर्स्ट कैपिटल कमांड गिरोह के सदस्य थे, जो ब्राजील के सबसे ताकतवर गिरोहों में से एक है।


पायलट ने फ्लाइट अटेंडेंट को प्रपोज किया

पायलट ने फ्लाइट अटेंडेंट को प्रपोज किया  अखिलेश पांडेय  वारसॉ। अक्सर लोग अपने प्यार का इजहार किसी खास जगह पर करने का सोचते हैं। ताकि वो पल ज...