शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

8वीं 10वीं 12वीं के लिए प्रैक्टिकल अंग्रेजी

पहली बार 8 वीं, 10 वीं और 12 वीं श्रेणियों के लिए प्रैक्टिकल अंग्रेजी विषय लिया जाएगा


अमित शर्मा


मोहाली। 2019-20 की वार्षिक परीक्षाओं में पहली बार, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड 8 वीं, 10 वीं और 12 वीं श्रेणियों के लिए प्रैक्टिकल अंग्रेजी विषय लेगा। छात्रों को इसके लिए तैयार किया गया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष, बलदेव सचदेवा ने व्यावहारिक जानकारी देते हुए कहा कि 8 वीं, 10 वीं और 12 वीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं में विषय को अंग्रेजी में प्रैक्टिकल, लिसनिंग और स्पीकिंग स्किल टेस्टिंग के रूप में लिया जाएगा और प्रत्येक में 10 अंकों में आंतरिक परीक्षण किया जाएगा। 12 वीं और 10 वीं श्रेणी के लिए यह मूल्यांकन CCE है। मॉड्यूल को उसी श्रेणी में लिया जाना चाहिए जबकि 8 वीं कक्षा के लिए प्रैक्टिकल अंक CCE हैं।


370 को पार करने के बाद पंजाब में घुसपैठ

धारा 370 को पार करने के बाद पंजाब में घुसपैठ - पंजाब डीजीपी


अमित शर्मा


चंडीगढ़। पंजाब के डीजीपी ने आज चंडीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में खुलासा किया कि जम्मू और कश्मीर में धारा 370 के बाद पंजाब में घुसपैठ बढ़ गई है। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत में भेजे गए ड्रोन और हथियार पाकिस्तान सीमा पर बरामद किए गए। उन्होंने इस संबंध में 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार तीनों को हरियाणा से मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी करके लाया गया था। दो तस्कर जमानत पर बाहर थे और वे अभी भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों का सामना कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से दो ड्रोन बरामद किए गए। एक ड्रोन हरियाणा के करनाल से बरामद किया गया है, जबकि एक ड्रोन अमृतसर ग्रामीण के एक गांव से बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि शेष तस्करों की तलाश चल रही है। ्नेकर गुप्ता ने कहा कि गिरफ्तार तस्करों में से एक सेना में तैनात था। जिनके पास एक i20 कार पर छोटी पिस्तौल, 2 वायरलेस सेट और 6 लाख नकद बरामद हुए हैं। DGP ने ड्रोन के बारे में खुलासा किया और कहा कि ड्रोन चीन के बने हैं।


25 करोड़ लोग 10 ट्रेड यूनियन से जुड़े

भारत बंद 10 ट्रेड यूनियन से जुड़े 25 करोड़ लोग शामिल, ये सेवाएं रहेंगी प्रभावित


अमित शर्मा


चंडीगढ़। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में बुधवार को बुलाए गए श्रमिक संघों के भारत बंद का असर बैंकिंग, परिवहन समेत कई जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है। देश के 10 प्रमुख श्रमिक संघों के आह्वान पर करीब 25 करोड़ लोग हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। भारत बंद को देखते हुए कई सरकारी बैंकों ने स्टॉक एक्सचेंज को पहले ही बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी दी है। 
दरअसल एआईबीईए, एआईबीओए, बेफी, इनबेफ समेत कई कई बैंक कर्मचारी एसोसिएशन भी इस हड़ताल में हिस्सा लेने की इच्छुक हैं। ऐसे में जमा एवं निकासी और चेक क्लीयरेंस जैसी सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि निजी बैंकों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा राज्यों में परिवहन समेत अन्य प्रमुख सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। 
10 ट्रेड यूनियन से जुड़े 25 करोड़ लोग होंगे शामिल
10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी ने सोमवार को संयुक्त बयान में कहा कि देशव्यापी हड़ताल में कम से कम 25 करोड़ लोगों की भागीदारी की उम्मीद है। सरकार से श्रमिक विरोधी, जन-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग करेंगे। बयान में कहा गया है कि श्रम मंत्रालय ने 2 जनवरी, 2020 को बैठक बुलाई थी, लेकिन वह अब तक श्रमिकों की किसी भी मांग पर आश्वासन देने में विफल रहा है। सरकार का यह रवैया श्रमिकों के प्रति अवमानना का है। इसके अलावा, बढ़ी फीस और शिक्षा के व्यावसायीकरण के खिलाफ 60 छात्र संगठन और कुछ विश्वविद्यालय के पदाधिकारी भी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। ट्रेड यूनियनों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा और अन्य विश्वविद्यालय परिसरों में ऐसी घटनाओं की निंदा की है। उन्होंने जुलाई, 2015 से एक भी भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित नहीं होने पर नाराजगी जताई। साथ ही श्रम कानूनों की संहिता बनाने और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का भी विरोध किया है।
बंद में शामिल केंद्र सरकार के कर्मियों को भुगतने होंगे परिणाम केंद्र सरकार ने इस बीच अपने कर्मचारियों को आगाह किया है कि भारत बंद में शामिल होने वालों को परिणाम भुगतने होंगे। कार्मिक मंत्रालय ने जारी आदेश में कहा, हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियां के वेतन में कटौती की जा सकती है। साथ ही इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की हो सकती है। सभी विभागों को इस संदर्भ में राजनीतिक संदेश जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि एसोसिएशन बनाने के अधिकार में हड़ताल करने के हक की गारंटी नहीं है। ऐसे में हड़ताल में शामिल होने वालों को परिणाम के लिए तैयार रहना होगा। बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा असर
बैंकिंग सेक्टर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आठ जनवरी को हड़ताल का फैसला किया है। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के एक नेता ने बताया कि इस हड़ताल का समर्थन 10 यूनियन कर रही हैं। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव सीएच वेकंटचलम के अनुसार सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए हड़ताल की जा रही है। हड़ताल में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, श्रम कानूनों में संशोधन पर रोक लगाने और नौकरी की सुरक्षा संबंधी मांगें रखी जाएंगी। रिजर्व बैंक के कर्मचारियों ने वर्षों से लंबित मांगों के पूरा न होने पर हड़ताल का समर्थन किया है। इस दिन बैंकिंग संबंधी सभी तरह के कामकाज ठप रहेंगे, जिससे लोगों को एटीएम में भी पैसा नहीं मिलेगा। सब्जी से लेकर के सार्वजनिक परिवहन पर पड़ेगा असर
हड़ताल की वजह से लोगों को दूध, सब्जी, दवाएं आदि भी मिलने में मुश्किल हो सकती है। वहीं सार्वजनिक परिवहन जैसे कि टैक्सी, ऑटो, बस आदि की सेवाओं पर असर पड़ सकता है, जिससे सभी तरह के रेल, सड़क और हवाई यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इस दौरान निजी वाहनों से ही सफर किया जा सकता है। आर्थिक मुद्दों पर केंद्र को बदनाम करने की कोशिश राजनाथ
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि कई ताकतें आर्थिक मुद्दों पर केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन सरकार कारोबारियों के हितों को समझते हुए उसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती वैश्विक मंदी का हिस्सा है। भारत के मुकाबले विकसित देशों पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ा है।कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा, ‘मैंने सीलिंग के मुद्दे पर केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी से चर्चा की है। उन्होंने इस पर ध्यान देने का भरोसा दिलाया है।’ इससे पहले कैट ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर 10 लाख से अधिक कारोबारियों को सीलिंग की मार से बचाने के लिए कोई योजना लाने का आग्रह किया है।


पंजाब में हो सकती है जेएनयू जैसी वारदात

पंजाब यूनिवर्सिटी में हो सकती है  जैनयू जैसी वारदात आउटसाइडर्स पर नहीं कसी जा रही नकेल


चंडीगढ़। देश का कोई भी शिक्षण संस्थान इस समय राजनीतिक गतिविधियों से अछूता नहीं है। इन शहरों में चंडीगढ़ ने भी अपना स्थान बना लिया हैं। बीते रविवार दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी हुए दो छात्र गुटों के बीच हुए खूनी संग्राम के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी में भी इस प्रकार की घटना होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। पीयू में एबीवीपी और लेफ्ट समर्थक छात्र संगठनों में कई बार ठनी है। यह बात हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि पीयू में बन रहे हालात इस बात की गवाही दे रहे हैं। छात्र संगठनों की राजनीति ने इस समय छात्र हितों को छोड़ राज्य और केंद्र की राजनीति में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। इस आग में घी डालने का काम कर रहे है ऐसे तत्व जो छात्रों को भड़का रहें हैं। सुरक्षा से लेकर आउटसाइडर्स को रोकने में पीयू प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। इस लापरवाही का खामियाजा पढ़ रहे दूसरे बच्चों को उठाना पड़ सकता है। जान पहचान होने की वजह से छोड़ दिए जाते हैं आउटसाइडर्स पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में अगर चेकिंग की जाए तो बड़ी संख्या में ऐसे स्टूडेंट्स मिलेंगे, जिनका पीयू से कोई लेना देना नहीं है। उसके साथ ही इन आउटसाइडर्स को इसलिए छोड़ दिया जाता है, क्योंकि उनकी किसी न किसी के साथ जान पहचान होती है। पीयू में बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। लेकिन जो यहां के हालात बन रहे हैं, ऐसे में बच्चों को पढ़ना नामुमकिन है। सुबह से रात तक पीयू में बाहरी लोग आते जाते हैं, ऐसे हम कैसे अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। -पूनम, छात्रा, ह्यूमन राइट्स डिपार्टमेंट। एसएफएस, एसएफआइ, आइसा, जैसे कई लेफ्ट छात्र संगठन हैं, जिनका विरोध दर्ज कराने का तरीका बहुत ही गलत है। यह संगठन बहुत ही ज्यादा उग्र तरीके से कैंपस में प्रोटेस्ट करते हैं। जिन्हें देखकर नहीं लगता कि यह लोग स्टूडेंट्स होंगे। गौतम शर्मा, छात्र, यूबीएस डिपार्टमेंट। पीयू में आउटसाइडर्स का मुद्दा नया नहीं है। धरना-प्रदर्शन हो या कोई और एक्टिविटी उसमें आउटसाइडर्स का जमावड़ा सबसे ज्यादा होता है। कई स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिन्होंने कितने समय पहले ही अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है, लेकिन वे अभी भी हॉस्टल्स में रह रहे है। -डॉली नागपाल, छात्रा, कल्चरल डिपार्टमेंट। लेफ्ट छात्र संगठन जबसे पीयू में सक्रिय हुए हैं, तब से पीयू का माहौल खराब हुआ है। आज तक पीयू में बहुत प्रदर्शन हुए हैं, लेकिन कभी ईट, पत्थर नहीं चले, इन्होंने वो भी कर दिया। ऋषिका राज, छात्रा बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट।एजुकेशनल संस्थानों को स्लीपर सेल बनाया जा रहा है। यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन का मतलब स्टूडेंट्स की भलाई के लिए काम करना होता है, जबकि पीयू में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। लेफ्ट हो या राइट पार्टी हम उन्हें पीयू का माहौल खराब नहीं करने देंगे। -चेतन चौधरी, पीयू छात्र काउंसिल के प्रेसिडेंट।आउटसाइडर्स को रोकने के लिए हमारे पास काफी प्लानिंग है। इस पर कार्य भी हो रहा है। -प्रो. अश्वनी कौल, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, पंजाब यूनिवर्सिटी।


नेशनल हाईवे पर हुए 3 हादसे

बिलासपुर हादसों से दहला चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे, हुए तीन हादसे


बिलासपुर। प्रदेश में जहां सोमवार से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी है तो वहीं राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205- चंडीगढ़-मनाली पर सोमवार और मंगलवार को तीन हादसे हुए। इन हादसों में कई लोग घायल हुए हैं । पहला हादसा सोमवार देर रात छ्डोल व जामली के बीच हुआ जिसमें एक कार नम्बर HP24D-3314 अनियंत्रित होकर सडक से लुढक गई। इस हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं। जिन्हें क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में ईलाज के लिए भर्ती करवाया गया है।
वहीं, दूसरा हादसा गंभरपुल स्थान के पास हुआ है जिसमें हरियाणा के पर्यटक जो मनाली घुमने जा रहे थे उनकी कार नम्बर एचआर20एएम-5051 अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी पैरापिट पर चढ़ गई । गनीमत यह रही कि कार खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई । तीसरा हादसा जामली और गंभरपुल के बीच हुआ है जिसमें एक पिकअप और ट्रक में आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई है । इस हादसे में सभी लोग सुरक्षित बच गये हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक ओवरटेक कर आ रहा था।


मुठभेड़ में मारा गया एक आतंकवादी

पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर



नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर में पुलवामा के अवंतीपुरा में मंगलवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। आतंकी के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद भी बरामद किया गया है। हालांकि, अब तक आतंकवादी की शिनाख्त नहीं हो पाई है और सर्च अभियान अब भी जारी है। कश्मीर जोन के पुलिस ने कहा कि सुरक्षाबलों के साथ एक्सचेंज फायरिंग में एक आतंकवादी मारा गया और हथियार भी बरामद हुए हैं। बता दें, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों के नजर आने पर सेना ने साेमवार को घेराबंदी एवं तलाश अभियान चलाया। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने आतंकवादियों के एक समूह को नाले में देखा और सेना को सूचित किया जिसके बाद उनकी तलाश के लिए घेराबंदी एवं तलाश अभियान चलाया गया। नौशेरा के दब्बड़, पोठा, खेड़ी, दराट, मंगलादेई आदि इलाकों को खंगाला गया। ये आतंकवादी कुछ दिन पहले तलाशी दस्ते पर गोलीबारी कर फरार हुए थे। गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए थे।आतंकियों के घुस आने की घटना के बाद गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग शाम ढलने के बाद घरों से नहीं निकल रहे हैं। उधर, सेना ने भी लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे सुबह छह बजे के बाद ही घरों से निकलें और शाम पांच बजे तक घरों में लौट जाएं।


मालिकों व संचालकों पर भी लगाया जुर्माना

गंगा नदी को प्रदूषित करने वालों की अब खैर नहीं, गंदगी फैलाने वालों पर अब लगेगा भरी जुर्माना


वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा नदी को प्रदूषित करने वालों की खैर नहीं है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की सख्ती के बाद नगर निगम गंगा घाट पर गंदगी फैलाने वालों पर 25,000 रुपये जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि जुर्माना लगाने से लोग गंगा नदी को प्रदूषित कम करेंगे।नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि गंगा में प्रदूषण फैलाने को लेकर बड़ी सख्ती की जा रही है। गंगा घाट पर कपड़े धोने पर 5,000 रुपये से 25,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा प्रतिमा विसर्जन, पूजा सामग्री विसर्जित करने पर 10,000 रुपये तक, गंगा किनारे मल-मूत्र विसर्जन पर 10-20 हजार रुपये तक जुर्माना तय किया गया है। इस प्रस्ताव पर गंगा समिति की बैठक में मुहर लग जाएगी। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद जिला अधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में गंगा समिति का गठन हुआ है, जिसके करीब पांच माह पूर्व नगर निगम ने उप-विधि बनाकर जुर्माने का स्लैब तय किया। पूर्व नगर आयुक्त आशुतोष कुमार द्विवेदी के वक्त यह कवायद हुई, लेकिन इस पर अमल अब शुरू हुआ है। अपर नगर आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि एनजीटी के निर्देशानुसार गंगा नदी में गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम जुर्माना लगाने जा रहा है। इसका निर्धारण गंगा समिति की बैठक में किया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी कलिका सिंह ने बताया कि गंगा नदी में गंदगी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए नगर निगम समेत अन्य संबंधित विभागों को जुर्माने से संबंधित आवश्यक निर्देश-सुझाव दिए गए हैं। आने वाले समय में आवासीय भवनों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट व अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाला सीवेज व गंदा पानी गंगा में जाने पर इनके मालिकों व संचालकों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।


किसानों ने फिर 1 बार किया आंदोलन का ऐलान

आठ जनवरी को भारत बंद का आह्वान किसानों ने एक बार फिर से किया आंदोलन का ऐलान


अमित शर्मा


चंडीगढ़। कर्ज माफी व अन्य मांगों को लेकर किसानों ने एक बार फिर से आंदोलन का ऐलान किया है। आठ जनवरी को भारत बंद का आह्वान करते हुए कहा है कि इस दिन देशभर में दूध व सब्जियों की सप्लाई बंद रखी जाएगी। किसान संगठनों ने सभी किसानों से अपील की है कि वे दूध व सब्जी सहित अन्य उत्पाद बिल्कुल भी शहरों में लेकर न जाएं। किसानों का दावा है कि देशभर में 249 किसान संगठन और 80 विद्यार्थी संगठन इस बंद को समर्थन दे रहे हैं। पंजाब में जिन यूनियनों ने बंद की कॉल दी है, वे ज्यादातर मालवा और दोआबा क्षेत्र में ही सक्रिय हैं। पंजाब में किसानों के बंद का असर दिल्ली पर पड़ने की संभावना बहुत कम है। पंजाब से सब्जी इत्यादि की सप्लाई दिल्ली को नहीं के बराबर होती है, लेकिन वेरका का दूध दिल्ली जाता है। किसान संगठनों ने मानसा में एक बजे से तीन बजे तक ट्रेन रोकने का भी ऐलान किया हुआ है। भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के डॉ. दर्शन पाल ने आरोप लगाया कि किसान कर्ज के कारण लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों के कर्ज पूरी तरह से माफ करने को लेकर आंदोलन खड़ा किया जाएगा। जब तक किसानों को उनकी फसल की कीमत एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर नहीं मिलती तब तक उनकी समस्याएं खत्म नहीं होंगी।


इंदर सिंह चहल ने 1 विशेष उपस्थिति कराई दर्ज

मोहाली में विकास की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी:


आमित शर्मा


मोहाली। जिला योजना समिति, एसएएस शहर के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री विजय शर्मा टिंकू ने आज दो कैबिनेट मंत्रियों को बुलाया। चरणजीत सिंह चन्नी श्री बलबीर सिंह सिद्धू और वर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री। अमेरिक सिंह ढिल्लों की उपस्थिति में, उन्होंने यहां जिला प्रशासनिक परिसर सेक्टर -76 में पदभार ग्रहण किया। इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री के सलाहकार, श्री महिला इंदर सिंह चहल ने एक विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए, पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, श्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि शर्मा कांग्रेस के एक मेहनती कार्यकर्ता हैं, जिनका पूरा परिवार लंबे समय से पार्टी से जुड़ा है। सरकार ने उन्हें एक कड़ी मेहनत के परिश्रम का मूल्य दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि श्री शर्मा की अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति से जिले में विकास कार्यों को सुव्यवस्थित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी। इस बीच, अध्यक्ष श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार, कैप्टन अमरिंदर सिंह के कुशल नेतृत्व में, पंजाब सरकार। कस्बे के विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पंजाब में कांग्रेस सरकार ने पिछले तीन वर्षों में जो विकास कार्य किए हैं, वे पिछले दस वर्षों में नहीं कर पाए हैं। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी एस.ए.एस. नगरपालिका अध्यक्ष दीपिंदर सिंह ढिल्लों, वरिष्ठ उप महापौर ऋषभ जैन, अमरजीत सिंह सिद्धू, पूर्व विधायक संसार सिंह राव, पूर्व अध्यक्ष मोहाली बलराज सिंह गिल, कुलदीप सिंह ओहिंद, स्टेज सचिव ज़िल्लार। राकेश कुमार कालिया, स्वर्णजीत कौर अध्यक्ष महिला कांग्रेस मोहाली, कमल किशोर काली उपाध्यक्ष खरार नगर परिषद, परमदीप सिंह बेदवान, जसविंदर सिंह गोल्डी पूर्व अध्यक्ष कुराली, बलकार सिंह धनगर मोहन सिंह कोहल, प्रशांत सिंह कोहरमन , बंत सिंह कलारा, गुरविंदर पाल डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन ओबीसी, कॉर्नेल सिंह केली एम.सी. खार, विनय कालिया एम.सी. कुराली, बलजिंदर सिंह भानुरी, प्रदीप कुमार रूधा पार्षद कुराली, भूपिंदर सिंह कुराली, राजिंदर सिंह कुराली, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष, मोहाली राजिंदर सिंह राणा, शेखर शुक्ला अध्यक्ष ब्राह्मण सभा उपस्थित थे।


अध्यक्षता में एक बैठक की गई आयोजित

एनएच 44 पर एक्सीडेंटल डेथ्स पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा पुलिस की बड़ी पहल, बनाई रूपरेखा


अमित शर्मा


चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क सुरक्षा सप्ताह के उपलक्ष्य में पुलिस महानिदेशक हरियाणा, मनोज यादव द्वारा कुंडली (सोनीपत) से शंभू बॉर्डर (अंबाला) तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के 187 किलोमीटर हिस्से में रोड एक्सीडेंट में जानलेवा व अन्य हादसों को कम करने के लिए एक बड़ी पहल की शुरूआत की गई है। डीजीपी ने कहा कि एनएच-44 को सुरक्षा के दृष्टिकोण से विश्व स्तर का राजमार्ग बनाना है ताकि यह पूरे देश के लिए एक आदर्श बन सके। इससे हम अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत सहित पांच जिलों से गुजरने वाले एनएच-44 पर सड़क दुर्घटना में होने वाली जानलेवा व अन्य हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाने में सक्षम होंगे। इस उद्देश्य के साथ, आज हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में डीजीपी हरियाणा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक, हरियाणा लोक निर्माण विभाग व परिवहन विभाग के अधिकारियों सहित सड़क सुरक्षा शिक्षा संस्थान (आईआरटीई), फरीदाबाद के डॉ0 रोहित बलुजा व अन्य सड़क सुरक्षा इंजीनियरों ने भागीदारी की। बैठक में अंबाला, करनाल और रोहतक रेंज के रेंज आईजी, एनएच-44 पर पडने वाले अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत जिलों के एसपी ने भी शिरक्त की। इस पहल के तहत, हरियाणा पुलिस ने आईआरटीई के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत आईआरटीई संस्थान हरियाणा से गुजरने वाले एनएच-44 के इस 187 किलोमीटर की विस्तृत सड़क सुरक्षा ऑडिट करेगा। साथ ही, सड़क इंजीनियरिंग सुधार से संबधित गति सीमा निर्धारण, रोड मार्किंग और रोड साइनेज सहित सभी कार्यों का बेहतर क्रियान्वयन तथा सड़क उपयोगकर्ताओं की सभी श्रेणियों का जागरूकता के माध्यम से ध्यान केंद्रित कर दुर्घटना की रोकथाम के लिए एक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर, आईआरटीइ के डॉ0 रोहित बलुजा ने बताया कि एनएच-44 के इस हिस्से में साल 2018 में 743 मृत्यु दर्ज हुईं, जो इसे भारत में सबसे अधिक दुर्घटना वाला राजमार्ग बनाता है। वास्तव में, एक वर्ष में इन सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या पूरे नीदरलैंड में और यहां तक कि संयुक्त अरब अमीरात में हर साल मरने वाले व्यक्तियों की संख्या से अधिक है। इन लोगों में से जिन लोगों की जान चली गई, वे पैदल यात्री, साइकिल चालक और दो पहिया वाहन चालक हैं। बैठक में लोगों की सुरक्षा, सड़क पर लोगों का व्यवहार, गल्त ओवरटेकिंग, ब्लैक स्पोट की पहचान, वैज्ञानिक निर्माण दृष्टिकोण, प्रवर्तन उपायों को तेज करना, सड़क के ठेकेदारों, सलाहकारों या रियायतकर्ताओं की एमवी (संशोधन) अधिनियम की धारा 198 ए के तहत गल्त सड़क डिजाइन के लिए जवाबदेही तय करना जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए, डीजीपी ने बताया कि पुलिस और अन्य एजेंसियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बेहतर कार्य ट्रैफिक जागरूकता और ट्रैफिक प्रवर्तन को इस ढंग से लागू करना है जिससे सड़क दुर्घटना में मरने वाले लोगों के बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सके। इसके लिए, पुलिस विभाग एनएचएआई और परिवहन विभाग, हरियाणा की सहायता से आईआरटीई द्वारा की जा रही सड़क सुरक्षा ऑडिट से निकलने वाली सिफारिशों को लागू करने के लिए सक्रिय रूप से काम करेगा। डीजीपी ने घोषणा करते हुए कहा कि एनएच-44 पर स्पीड रडार, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर्स और कैमरे का एक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जो खतरनाक ड्राइविंग करने वालों सहित ओवरस्पीड और असुरक्षित लेन में चलने वालों पर अंकुष लगाने के लिए एक केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष से जुड़ा होगा। पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण को सड़क सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए, डी जी पी यादव ने कहा कि हरियाणा पुलिस अकादमी द्वारा प्रत्येक माह 50 पुलिस कर्मियों को सड़क सुरक्षा और क्रैश जांच संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में आईआरटीई  संस्थान की टीम से भी सहयोग देने का आग्रह किया।रोडवेज व ट्रांसपोर्ट कंपनियों के लिए जागरूकता अभियान डीजीपी ने कहा कि हरियाणा रोडवेज, पंजाब रोडवेज, हिमाचल प्रदेश रोडवेज, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) और 20 से अधिक परिवहन कंपनियों के सहयोग से एक योजनाबद्ध और समन्वित जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारी वाहन उनके लिए निर्धारित की गई बाईं साइड लेन का उपयोग करें। इसके अलावा, एनएच-44 पर सभी अवैध और अनाधिकृत कट बंद किए जाएंगे क्योंकि वे कई दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि लेन अनुशासन और गति सीमा के उल्लंघनकर्ताओं का भारी चालान करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी। इसके अतिरिक्त, फुट ओवर ब्रिज्स (एफओबी) या अंडर पास का निर्माण उन जगहों पर किया जाएगा जहां बड़ी संख्या में पैदल चलने वालों को राष्ट्रीय राजमार्ग विशेषकर जिला सोनीपत और पानीपत में व्यस्त बिंदुओं को पार करने की आवश्यकता होती है।


गुरु तेग बहादुर की जयंती मे सरकार ने की घोषणा

गुरु तेग बहादुर जी की 400 वीं जयंती के उपलक्ष्य में अपनी सरकार के निर्णय की घोषणा की, जो 12 अप्रैल से शुरू 


अमित शर्मा


चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को 18 अप्रैल, 2021 को नौवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी की 400 वीं जयंती के उपलक्ष्य में अपनी सरकार के निर्णय की घोषणा की, जो 12 अप्रैल से शुरू होगा। इस साल अपने आधिकारिक आवास पर यहां एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग से बाबा बकाला के ऐतिहासिक शहर में गुरु जी के 399 वें प्रकाश पर्व पर एक मेगा समारोह और श्री में उनकी 400 वीं जयंती पर समापन समारोह आयोजित करने के लिए कहा। 18 अप्रैल, 2021 को आनंदपुर साहिब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की धार्मिकता, सच्चाई और विश्वास की स्वतंत्रता के मूल्य को बनाए रखने के लिए अद्वितीय और सर्वोच्च बलिदान हमेशा एक और सभी को याद किया जाएगा, और गुरु जी की शिक्षाओं को हर नुक्कड़ सभा में प्रसारित किया जाना चाहिए। विश्व। विशेष रूप से, श्री गुरु तेग बहादुर जी (1 अप्रैल, 1621-नवंबर 11, 1675) ने हिंदुओं / कश्मीरी पंडितों और गैर-मुस्लिमों को इस्लाम में धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया और 1675 में दिल्ली में तत्कालीन मुगल सम्राट के आदेश पर शहीद हो गए। मुख्यमंत्री ने मेगा आयोजनों के व्यापक संदर्भों को अंतिम रूप देने के लिए अपनी अध्यक्षता में एक कार्यकारी समिति गठित करने की भी अनुमति दी, इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कई कार्यक्रमों को समन्वित और चाक करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक संचालन समिति को मंजूरी दी। पूरे वर्ष, गुरु जी की शिक्षाओं का प्रसार करने के लिए। कैप्टन अमरिंदर ने पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को तीन शहरों - अमृतसर (गुरु जी का जन्म स्थान), बाबा बकाला (गुरु जी अपने पैतृक घर में रुके थे) के समग्र विकास के लिए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। श्री आनंदपुर साहिब (श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा स्थापित शहर), स्थानीय सांसदों और विधायकों के परामर्श से, इस ऐतिहासिक घटना के स्मरणोत्सव के लिए वित्तीय सहायता की मांग के लिए भारत सरकार को प्रस्तुत किया जाना। मुख्यमंत्री ने प्रख्यात सिख विद्वानों, इतिहासकारों और शिक्षाविदों द्वारा सेमिनार, संगोष्ठी और व्याख्यान सहित कार्यक्रमों की श्रृंखला के लिए तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए पंजाब कला परिषद के अलावा उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, खेल, सूचना और जनसंपर्क विभाग को भी कहा। लोगों और खासकर युवाओं के बीच गुरु जी के जीवन और दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालना। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सचिव पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों को भी जल्द से जल्द श्री आनंदपुर साहिब में बाबा जीवान सिंह जी (भाई जैता जी) के स्मारक को पूरा करने के लिए कहा, ताकि ऐतिहासिक अवसर पर संगत को समर्पित किया जा सके। इस बीच, ग्रामीण विकास और पंचायतों के विभाग ने बैठक को सूचित किया कि गुरु जी की कृपा से कस्बों और गांवों सहित 99 चो चारण चप प्रपोट ’स्थानों की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री ने, हालांकि, सचिव पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग को इन स्थानों को इतिहासकारों की समिति से सावधानीपूर्वक प्रमाणित करने के लिए कहा ताकि इन पर मौजूदा बुनियादी ढांचे और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को विकसित करने के लिए विकास अनुदान के लिए विचार किया जा सके।बैठक में भाग लेने वाले अन्य लोगों में प्रमुख रूप से पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, मुख्य सचिव करण अवतार सिंह, पंजाब कला परिषद के अध्यक्ष डॉ। सुरजीत पातर, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्थानीय सरकार संजय कुमार, सीएम के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी शामिल थे। विकास प्रताप, सचिव पर्यटन और सांस्कृतिक मामले, हुस्न लाल, सचिव सूचना और जनसंपर्क गुरकीरत कृपाल सिंह, सचिव उच्च शिक्षा राहुल भंडारी, निदेशक पर्यटन और सांस्कृतिक मामले एम.एस. जग्गी, अतिरिक्त सचिव जल आपूर्ति और स्वच्छता मो। इश्फाक और राज्य परिवहन आयुक्त डॉ। अमरपाल सिंह।


केवाईसी के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहको को बड़ी राहत देते हुए मास्टर केवाईसी (Know Your Customers) से जुड़े नए नियम में बदलाव किया है। इस नए नियम के तहत ग्राहकों को KYC के लिए बैंक या दूसरे संस्थानों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि अब मोबाइल वीडियो बातचीत के आधार पर ही इस प्रकिया को पूरा कर दिया जाएगा।


KYC किसी ग्राहक के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया होती है। वित्तीय सुविधा लेने वाले सभी ग्राहकों के लिए केवाईसी कराना जरूरी है। बिना केवाईसी निवेश मुमकिन नहीं है, इसके बगैर बैंक खाता भी खोलना आसान नहीं है।इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई बैंकिंग सेवाओं का दुरुपयोग तो नहीं कर रहा है। KYC फॉर्म ऑनलाइन भी भरे जाते हैं लेकिन दस्तावेज और फोटो के सत्यापन के लिए एक बार बैंक जाना जरूरी होता है।


RBI के इस कदम से केंद्रीय बैंक द्वारा रेगुलेट किए जाने वाले बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC), वॉलिट सर्विस प्रोवाइडर्स और अन्य वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी।


इस नई सुविधा के तहत दूरदराज के इलाकों में मौजूद फाइनैंशल इंस्टीट्यूशन के अधिकारी पैन या आधार कार्ड और कुछ सवालों के जरिए ग्राहक की पहचान कर सकेंगे।वीडियो कॉल का विकल्प संबंधित बैंक या संस्था के डोमेन पर ही मिलेगा। ग्राहक थर्ड पार्टी जैसे- गूगल डुओ या व्हाट्सएप कॉल या अन्य किसी माध्यम से वीडियो कॉल नहीं कर सकेंगे। RBI ने आधार और अन्य ई-दस्तावेजों के जरिए E-KYC और Digital KYC की सुविधा दी है।


आधार बेस्ड वीडियो कस्टमर आइडेंटिफिकेशन प्रॉसेस के तहत वित्तीय संस्थाओं के अधिकारी पैन या आधार कार्ड पर आधारित कुछ सवाल के जरिए ग्राहक की पहचान की पुष्टि कर सकेंगे। इसके साथ ही एजेंट को जियो-कॉर्डिनेट्स के तहत इसकी पुष्टि भी करनी होगी कि ग्राहक देश में ही है।


नगर-निगम मे कॉन्ग्रेस ने फैराई पताका

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने 10 नगर निगम में कांग्रेस की जीत होने पर ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस टीम का प्रत्येक खिलाड़ी “मैन ऑफ द मैच“ है। सुशासन और विकास की रफ्तार अब बुलेट ट्रेन से भी अधिक होगी। कोरबा नगर निगम में कांग्रेस प्रत्याशी राजकिशोर प्रसाद की जीत के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी 10 नगर निगम में अब कांग्रेस महापौर है।


प्रमाण पत्र जारी,दफनाने से पहले जी उठी

कराची। पड़ोसी देश पाकिस्‍तान में एक अजीबों-गरीब मामला सामने आया है। इस घटना के बाद यहां के डॉक्‍टर भी हक्‍के बक्‍के रह गए। यहां जिस महिला को डॉक्‍टरों और अस्‍पताल ने मृत घोषित कर दिया और उसकी मृत्यू प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया। उसे वह कब्र में दफनाने के ठीक पहले जीवित हो उठी। दरअसल, कराची के अब्बासी शहीद अस्पताल में 50 साल राशिदा बीबी को एडमिट कराया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, राशीदा बीबी को अस्‍पताल ने मृत घोषित करके डेथ सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया था।


राशिदा के परिजन जब दफनाने से पहले उनके शव को नहलाने जा रहे थे तभी एक चमत्‍कार हो गया। समाचार एक्‍सप्रेस ट्रि‍ब्‍यून की रिपोर्ट के हवाले से न्‍यूज एजेंसी पीटीआइ ने यह खबर दी है। राशीदा की रिश्तेदार शबाना ने बताया कि हम राशिदा के शव को नहला रहे थे तभी रूम में मौजूद एक महिला ने उनके शरीर में हरकत महसूस की। हमने भी तत्काल उनकी नब्ज टटोली तो पाया कि वह अभी भी सांस ले रही थीं। बाद में आनन फानन में राशीदा को उसी अस्पताल में फिर से एडमिट कराया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि डॉक्‍टरों ने जल्‍दबाजी में उनका डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया था।


एलजेपी का 43 सीटों पर चुनावी दावा

खुशबू गुप्ता


पटना। आगामी विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी की तरफ से 43 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया गया है। लोक जनशक्ति पार्टी के वरिष्ठ नेता पशुपति कुमार पारस ने कहा है कि उनकी पार्टी ने कुल 119 विधानसभा सीटों पर अपनी चुनावी तैयारी पूरी कर रखी है। पारस ने कहा है की विधानसभा चुनाव में लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले पर ही एनडीए में सीट बंटवारा होगा। विधानसभा चुनाव में जेडीयू और बीजेपी ने 17-17 जबकि एलजेपी ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था। पारस के मुताबिक 243 सीटों वाली विधानसभा में सौ-सौ सीटों पर बीजेपी और जेडीयू और 43 सीटों पर एलजेपी का दावा बनता है। एलजेपी की तरफ से 14 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में रैली का आयोजन किया जाएगा। जिसकी तैयारी को लेकर लोजपा सांसद और दलित सेना के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस में आज समीक्षा बैठक की। बैठक में कार्यसमिति सदस्यों के अलावे प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष भी शामिल रहे। पारस के इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि लोजपा विधानसभा चुनाव में भी सीट शेयरिंग के लिए लोकसभा चुनाव का फॉर्मूला अपनाना चाहती है। हालांकि सेटिंग को लेकर जेडीयू के तरफ से लगातार ज्यादा सीटों पर दावेदारी की जा रही है। फिलहाल सहयोगी दलों के दावों के बीच बीजेपी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।


नीतीश ने स्वयं बदला अपना आदेश

पटना। बिहार सरकार का शिक्षा विभाग अपने पहले के आदेश से पलट गया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन ने स्पष्ट किया है कि मानव श्रृंखला निर्माण में बच्चों की भागीदारी स्वेच्छा से होगी। किसी भी प्रकार का बाध्यकारी आदेश निर्गत नहीं किया जाएगा। इसके पहले शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन ने ही सभी शिक्षकों छात्रों को मानव श्रृंखला में शामिल होने का आदेश दिया था। इसके बाद मानव श्रृंखला में शामिल होने को बाध्य करने पर 8 जनवरी को शिक्षक संघ की तरफ से पटना हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया गया है।


शिक्षा विभाग की सफाईः शिक्षा विभाग ने कहा है कि मानव श्रृंखला निर्माण का यह कार्यक्रम मुख्यत: पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर लोगों को जागरुक बनाने का है। इस कार्यक्रम में हमें नई पीढ़ी को यह समझाना है कि पानी, पेड़ पौधे एवं हरियाली का दुरुपयोग नहीं करें और अधिक से अधिक पेड़ लगाएं।


नहीं होगी कोई कार्रवाईः यह कार्य मानवता के व्यापक हित में है और शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए आम लोगों से, कर्मचारियों, शिक्षकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में श्रृंखला में भाग लें। लेकिन कोई कर्मचारी, कोई शिक्षक, छात्र-छात्रा, कोई व्यक्ति इसमें भाग लेना नहीं चाहते हैं तो उसके विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।


तेजस्वी को सीमांचल में सता रहा ओवैसी

पटना। CAA और NRC के खिलाफ आरजेडी नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जिलों में जनसभा करेंगे लेकिन शुरुआत सीमांचल से करने वाले हैं। पिछले विधानसभा उपचुनाव में ओवैसी के उम्मीदवार ने किशनगंज सीट पर जीत हासिल की थी। ओवैसी के उम्मीदवार की जीत से आरजेडी को अपना वोट बैंक खिसकने का डर सता रहा है। तेजस्वी की जनसभा बीजेपी और जेडीयू पर निशाने से ज्यादा अपनी साख बचाने की कोशिश ज्यादा है। सीधे तौर पर कहे तो तेजस्वी को ओवैसी का डर सता रहा है। वहीं अब जेडीयू ने इस पर तंज कसना शुरु कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह ने तो दावा कर दिया कि तेजस्वी यादव अगर सीएए-एनआरसी का फुलफार्म बता दें तो मैं राजनीति से सन्यांस ले लूंगा। नौवीं पास तेजस्वी को सीएए-एनआरसी के बारे में पता नहीं है और चले हैं विरोध करने। उन्होनें कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर से  वे जीतेंगे कि नहीं ये भी कहना मुश्किल हैं सीमांचल का गढ़ क्या बचाएंगें।


इधर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सीमांचल राजद का गढ़ रहा है। इस वजह से तेजस्वी यादव किशनगंज से ही जनसभा को शुरुआत करने जा रहे हैं।इसमें नया क्या है।आरजेडी के अपने MY समीकरण पर पूरा भरोसा है। वहीं  पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी  ने भी तेजस्वी का बचाव करते हुए कहा कि सीएए-एनआरसी के खिलाफ सबसे ज्यादा विरोध मुस्लिम समुदाय ही कर रहा है। किशनगंज में मुसलमानों की संख्या सबसे ज्यादा है ऐसे में वहां से अपने अभियान की शुरुआत करने जा रहे है तो इसमें बेजा राजनीति करने की क्या जरुरत है।


हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा

मुंबई। मुंबई में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। बिग बॉस कंटेस्टेंट अरहान खान की एक्स गर्लफ्रेंड 5 स्टार होटल में सेक्स रैकेट चला रही थी। मुंबई पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करत हुए अमृता धनोआ को गिरफ्तार कर लिया है।


मुंबई पुलिस ने फाइव स्टार होटल में रेड मारा, जिसके बाद पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। पुलिस ने होटल से अरहान खान की एक्स गर्लफ्रेंड अमृता धनोआ को गिरफ्तार कर लिया। अमृता के अलावा मुंबई पुलिस ने एक और एक्ट्रेस श्रृचा सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जब अमृता को रेड के बारे में पता चला, तब वो मौके से भागने की कोशिश करने लगी लेकिन पुलिस की चुस्ती से वो पकड़ी गई।


पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में फाइव स्टार होटल में रेड मारी। नकली कस्टमर बनकर पुलिस ने सेक्स रैकेट चलाने वालों माफिया से संपर्क किया। जिसके बाद होटल में रेड मारकर आरोपियों को धर दबोचा। एक्ट्रेस अमृता धनोआ और श्रृचा सिंह दोनों इस हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट में शामिल थी, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों अभिनेत्रियों को  सेक्शन 370 (3), आईपीसी 34 और सेक्शंस 4,5 के तहत गिरफ्तार किया गया है। अमृता धनोआ बिग बॉस के एक्स कंटेस्टेंट अरहान खान की एक्स गर्लफ्रेंड हैं। आपको बता दें कि अमृता ने अरहान खान पर उन्हें धोखा देने और ठगने का आरोप लगाया था, जिसके बाद वो सुर्खियों में आ गई थी।


लालू की मुश्किलें फिर बढने वाली

पटना। आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ने वाली हैं। सीबीआई ने लालू यादव को मिले जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दिया है।


जानकारी के मुताबिक देवघर कोषागार निकासी मामले में आधी सजा काटने के बाद रांची हाईकोर्ट ने लालू यादव  को बेल दे दिया था। लालू यादव को मिले बेल को लेकर सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सीबीआई ने याचिका में कहा है कि इस मामले में लालू यादव की जमानत रद्द होनी चाहिए। आपको बता दें कि चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू यादव फिलहाल रांची के रिम्स में भर्ती हैं। लालू यादव को रांची हाईकोर्ट ने देवघर कोषागार से निकासी के मामले में आधी सजा काट लेने के आधार पर बेल दिया था, जिसको लेकर आज सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।


मानव श्रंखला का विरोध करेगी आरजेडी

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बहुप्रचारित मानव श्रृंखला पर संकट के बादल मंडराते दिख रहे हैं। बिहार के चार लाख से ज्यादा नियोजित शिक्षकों ने मानव श्रृंखला के बहिष्कार का एलान कर दिया है। निय़ोजित शिक्षक सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गये हैं। उधर राजद ने जल-जीवन-हरियाली के नाम पर अरबों के घोटाले का आरोप लगाते हुए इसका पुरजोर विरोध करने की घोषणा की है। अब सवाल ये उठ रहा है कि ऐसी स्थिति में क्या मानव श्रृंखला का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के नीतीश के दावे का क्या होगा।


नियोजित शिक्षकों का बहिष्कार का एलान, विरोध में हाईकोर्ट गये
नीतीश के मानव श्रृंखला को सबसे बड़ा झटका बिहार के चार लाख से ज्यादा नियोजित शिक्षकों के एलान से लगा है। नियोजित शिक्षकों के संघ ने मानव श्रृंखला के बहिष्कार का एलान कर दिया है। नियोजित शिक्षक संघ ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पटना हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर सरकार के फरमान पर रोक लगाने की मांग की गयी है। दरअसल सरकार ने रविवार 19 जनवरी को सरकारी स्कूलों को खोलने और सभी शिक्षकों को स्कूल में मौजूद रहने का आदेश जारी किया है। नियोजित शिक्षकों ने सरकार के इस आदेश को दमनकारी बताते हुए हाईकोर्ट से रोक लगाने की मांग की है।


सरकार नियोजित शिक्षकों को बाध्य नहीं कर सकती
नियोजित शिक्षकों के नेता कौशल कुमार सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार शिक्षकों को मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं कर सकती। शिक्षकों की नियुक्ति बच्चों को पढ़ाने के लिए की गयी है। मानव श्रृंखला बनाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि बिहार के नियोजित शिक्षक समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं। लाखों नियोजित शिक्षक सालों से अपनी इस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।


नियोजित शिक्षक नीतीश के सपने पर ग्रहण लगा सकते हैं
दरअसल इस मानव श्रृंखला के जरिये नीतीश कुमार विश्व रिकार्ड बनाने का ख्वाव देख रहे हैं। उनका दावा है कि इस बार राज्य भर में 16 हजार 200 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनेगी। रिकार्ड बनाने पर आमदा सरकार के दवाब का हाल ये है कि 19 जनवरी को सभी सरकारी स्कूलों को खोलने का आदेश जारी किया गया है। ठंढ के इस मौसम में भी सभी बच्चों को स्कूल आने को कहा गया है। सरकार ने चौथी क्लास तक के बच्चों को स्कूल के अंदर तो उससे उपर के क्लास के बच्चों को स्कूल के बाहर मानव श्रृंखला बनाने को कहा है। अगर नियोजित शिक्षक और सरकारी स्कूलों के बच्चे मानव श्रृंखला में शामिल नहीं होंगे तो सरकार का ख्वाब सपना ही रह जायेगा।
 


राजद ने भी मानव श्रृंखला के विरोध का किया है एलान
उधर राजद ने भी मानव श्रृंखला को लेकर नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान कर दिया है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी नेता-कार्यकर्ता मानव श्रृंखला में शामिल नहीं होगा। जगदानंद ने कहा कि इस मानव श्रृंखला का मकसद सिर्फ इतना है कि जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जाये। राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने जल-जीवन-हरियाली के नाम पर 24 हजार 500 करोड़ रूपये खर्च करने का एलान किया है। इसमें से ज्यादातर पैसे का लूट खसोट किया जा रहा है। नीतीश कुमार इस अभियान के जरिये चुनाव का खर्चा जुटा रहे हैं। नियोजित शिक्षकों से लेकर विपक्षी पार्टियों के विरोध से मानव श्रृंखला बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का नीतीश कुमार के सपने पर ग्रहण लग गया है। देखना होगा नीतीश कुमार इससे कैसे निपटते हैं।


प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

यूनिवर्सल एक्सप्रेस    (हिंदी-दैनिक)


जनवरी 11, 2020, RNI.No.UPHIN/2014/57254


1. अंक-155 (साल-01)
2.  शनिवार, जनवरी 11, 2020
3. शक-1941, पौष - शुक्ल पक्ष, तिथि- चतुर्दशी -पूर्णिमा, संवत 2076


4. सूर्योदय प्रातः 07:13,सूर्यास्त 05:340
5. न्‍यूनतम तापमान -5 डी.सै.,अधिकतम-14+ डी.सै., कोहरे की संभावना।


समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा।
7. स्वामी, प्रकाशक, मुद्रक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित।


8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102


9.संपर्क एवं व्यावसायिक कार्यालय-डी-60,100 फुटा रोड बलराम नगर, लोनी,गाजियाबाद उ.प्र.,201102


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