गुरुवार, 24 जून 2021

गेहूं की खरीद किसानों से ना होने पर चिंता जताईं

अकांशु उपाध्याय                
नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में गेहूं की खरीद किसानों से ना होने पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि सरकार की अंतिम किसान तक गेहूं की खरीद की घोषणा एक और जुमला साबित हुई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से गेहूं खरीद की तिथि आगे बढ़ा कर अधिकतम खरीद सुनिश्चित यह जाने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने टि्वटर हैंडल पर ट्वीट करते करते हुए उत्तर प्रदेश के किसानों की गेहूं खरीद न होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार घोषणा कर रही है कि अंतिम किसान तक गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन प्रदेश सरकार की घोषणा के ठीक उलट देश का किसान अपने गेहूं को बेचने के लिए इधर-उधर मारा हुआ फिर रहा है। आढती उनके गेहूं की खरीद ओने पौने दामों पर कर रहे हैं। 
प्रदेश में गेहूं खरीद बंद होने से किसानों को मजबूरी में अपना गेहूं आढतियों के हाथों बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार की अन्य घोषणाओं की तरह अंतिम किसान तक गेहूं की खरीद को भी जुमला बताते हुए प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह गेहूं की खरीद की तिथि को आगे बढ़ा कर किसानों से अधिकतम गेहूं खरीद सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है यदि किसानों से समस्त गेहूं नहीं खरीदा गया तो बारिश की चपेट में आकर किसानों का गेहूं बर्बाद हो जाएगा। जिससे उन्हें भारी भारी नुकसान झेलने को मजबूर होना पड़ेगा।

मुंबई: सेतुपति के साथ काम करेंगीं अभिनेत्री केटरीना

कविता गर्ग              
मुंबई। बॉलीवुड की बार्बी गर्ल कैटरीना कैफ सिल्वर स्क्रीन पर दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार विजय सेतुपति के साथ काम करती नजर आ सकती है।
कैटरीना कैफ इन दिनों टाइगर 3 को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म में वह सलमान खान के साथ काम कर रही है। फिल्म की शूटिंग कोविड के कारण रुकी पड़ी है। चर्चा है कि कैटरीना, दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के स्टार विजय सेतुपति के साथ श्रीराम राघवन की फ़िल्म में नज़र आएंगी। कैटरीना ने फ़िल्म पर काम शुरू कर दिया है।
इन दिनों कैटरीना फिल्म की कहानी पढ़ रही हैं, इससे कैटरीना अपने रोल को अच्छे से समझ पाएंगी और इसी के अनुसार खुद को ढाल भी पाएंगी।फिल्म का टाइटल तय नहीं है लेकिन कहा जा रहा है कि मेरी क्रिसमस के नाम से फिल्म बनायी जा सकती है। बताया जा रहा है कि पूरी ही फिल्म का पूरा शूटिंग शेड्यूल 30 दिन का होगा। फिल्म भी केवल 90 मिनट की होने वाली हैं। कैटरीना,सलमान ख़ान के साथ टाइगर 3 की शूटिंग पूरी करने के बाद इस फ़िल्म को शूट कर सकती हैं।

यूपी में एक करोड़ सदस्‍य बनाने का लक्ष्‍य: आप पार्टी

हरिओम उपाध्याय              
लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश में अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (आप) आठ जुलाई से एक महीने के लिये यूपी जोड़ो अभियान चलायेगी जिसमें प्रत्‍येक विधानसभा में लगभग 25 हजार सदस्‍य बनाने का लक्ष्‍य रखा गया है। इस लिहाज से एक महीने में पूरे उत्‍तर प्रदेश में एक करोड़ सदस्‍य बनाने का लक्ष्‍य है। आप सांसद और प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने बुधवार को पत्रकारों से कहा " इसमें हम गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। उनके बीच जाकर शिविर लगाएंगे। हमारे कार्यकर्ता रसीदें लेकर गांव-गांव जाएंगे, लेकिन यह पूरी सदस्‍यता निशुल्‍क होगी। 
किसी को आम आदमी पार्टी का सदस्‍य बनने के लिए एक पैसा नहीं देना है। इस तरह से एक महीने में एक करोड़ सदस्‍य बनाने का हमने लक्ष्‍य रखा है।सदस्‍यता अभियान में 403 विधानसभा क्षेत्रों के अंदर अलग-अलग मिस्‍ड कॉल नंबर जारी किया जाएगा। 25 जून से 28 जुलाई तक दीवार लेखन का काम होगा। इस पर मिस्‍ड कॉल नंबर होगा और आम आदमी पार्टी का सदस्‍य बनने की अपील होगी। रसीद के संग जो साथी पार्टी का सदस्‍य बनेंगे विधानसभा वार उनका पूरा डाटा मेंटेन होगा, जिसके आधार पर आगे उनसे बूथ स्‍तर से लेकर विधानसभा तक की जिम्‍मेदारी उन लोगों को दी जाएगी।
उन्होने कहा, कि इस अभियान के जरिये हमारा लक्ष्‍य है कि हम केजरीवाल के मॉडल की चर्चा करें, लोगों को बताएं कि उत्‍तर प्रदेश को कैसे हम मुफ्त बिजली उपलब्‍ध करा सकते हैं। हम कैसे उप्र में मुफ्त शिक्षा उपलब्‍ध करा सकते हैं। कैसे मुफ्त स्‍वास्‍थ्‍य सेवा मुहैया करा सकते हैं। कैसे हम नौजवानों को नौकरियां और बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्‍ता दे सकते हैं। हम कैसे विधवा और बुजुर्गों को भत्‍ता और पेंशन आदि दे सकते हैं। हम बताएंगे कि किस तरह से उत्‍तर प्रदेश की कानून व्‍यवस्‍था संभाल कर सूबे को औद्योगीकरण एवं विकास के रास्‍ते पर लाकर लोगों का जीवन स्‍तर सुधारने का काम करके आम आदमी पार्टी यहां नया इतिहास लिखने का काम करेगी।

13वीं बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी

अकांशु उपाध्याय                
नई दिल्ली। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज जून के महीने में 13वीं बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर दी। पेट्रोल और डीजल की कीमत में आज की गई बढ़ोतरी 2021 में की गई साल की 55वीं बढ़ोतरी है। आज पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 24 से 28 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। डीजल की कीमत में प्रति लीटर 6 से 9 पैसे का इजाफा किया गया है। आज की बढ़ोतरी के साथ ही राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का दाम बढ़कर 97.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है। जबकि डीजल 88.30 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।
इस महीने राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में अभी तक प्रति लीटर 3.53 रुपये की और डीजल की कीमत में 3.15 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। आज की बढ़ोतरी के बाद देश में सबसे महंगा पेट्रोल मध्यप्रदेश के अनूपपुर में बिक रहा है। यहां पेट्रोल की कीमत बढ़कर 109.11 रुपये प्रति लीटर हो गई है। डीजल यहां 99.89 रुपये के भाव पर बिक रहा है।

तीरथ के सीएम बने रहने की राह में अडंगा लगाया

पंकज कपूर                         
देहरादून। उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के सीएम बने रहने की राह में कांग्रेस ने अडंगा लगा दिया हैं। सीएम को दस सितंबर 2021 तक विधानसभा का सदस्य बनना अनिवार्य है। ऐसा नहीं होने पर राज्य में संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत किसी भी मंत्री को छह महीने के भीतर सदन का सदस्य बनना आवश्यक है। राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 151ए के तहत अब राज्य में उपचुनाव नहीं हो सकता हैं। क्योंकि विधानसभा का कार्यकाल एक साल से भी कम बचा है। 
इस धारा में प्रावधान है कि लोकसभा या विधानसभा की कोई सीट खाली होने पर चुनाव आयोग को छह महीने के भीतर चुनाव कराना चाहिए। लेकिन छह महीने के भीतर यह उपचुनाव तब न हो अगर विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम बचा हो।तीरथ सिंह रावत इस साल मार्च में मुख्यमंत्री बनाए गए थे। इस लिहाज से उनके छह महीने दस सितंबर 2021 को पूरे हो रहे हैं। राज्य में अभी दो विधानसभा सीटें खाली हैं। इस लिहाज से उनके पास विधानसभा सदस्य बनने का यही रास्ता है कि वे इन दो में से किसी एक सीट से चुनाव जीतें। सीएम अभी तक लोकसभा सांसद हैं और उन्होंने लोक सभा से इस्तीफा भी नहीं दिया है। 
ऐसे हालातों में उनके भविष्य को लेकर पार्टी के भीतर अटकलें शुरु हो गई हैं। सवाल पूछा जा रहा है कि क्या तीरथ सिंह रावत बतौर मुख्यमंत्री अपने भविष्य को लेकर आशंकित है, इसीलिए उन्होंने अभी तक लोक सभा से इस्तीफा नहीं दिया है। यह भी पूछा जा रहा है कि जब उनके पास मौका था तब उन्होंने सल्ट विधानसभा सीट से उपचुनाव क्यों नहीं लड़ा। लेकिन कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार चुनाव आयोग पर यह पाबंदी नहीं है कि वह विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम होने पर उपचुनाव न कराए। ऐसा केवल इसलिए है ताकि प्रशासनिक तौर पर असुविधा न हो।

तीसरी लहर के बीच डेल्टा प्लस वेरिएंट ने चिंता बढ़ाईं

अकांशु उपाध्याय               
नई दिल्ली। देश में तीसरी लहर के बीच डेल्टा प्लस वेरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि, अब तक सरकार इसे वेरियंट ऑफ इंट्रेस्ट मान रही थी। लेकिन अब इसे चिंता का विषय मान रही है। इसको लेकर तीन राज्यों में अलर्ट जारी करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिट्ठी लिखी है। डेल्टा प्लस के अबतक 40 मामले सामने आए
देश में डेल्टा प्लस के मामले भी तेजी बढ़ते जा रहे हैं। चार राज्यों से अबतक 40 मामले सामने आ चुके हैं। अकेले महाराष्ट्र से 21 मामले सामने आए हैं। इसके साथ मध्य प्रदेश, केरल और तमिलनाडु से भी मामले सामने आए हैं। 
दरअसल डेल्टा प्लस वेरिएंट, डेल्टा वेरिएंट से म्यूटेट होकर बना है। तकनीकी रूप से कहा जाए तो डेल्टा प्लस को बी.1.617.2.1 नाम दिया गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के मुताबिक डेल्टा प्लस वेरियंट भी दो तरह के हो गए हैं। इन्हें एवाई.1 और एवाई.2 का नाम दिया गया है। इन दोनों में एक और नई म्यूटेशन भी नजर आई है, जिसे एके417एन नाम दिया गया है। 
डेल्टा प्लस संक्रमण का पहला मामला मध्य प्रदेश के भोपाल में मिला था। यहां 64 साल की महिला में इस नए वेरियंट का पता चला था। महिला होम आइसोलेशन में ही रहते हुए पूरी तरह स्वस्थ हो गई। 
लेकिन मध्य प्रदेश के ही शिवपुरी में डेल्टा प्लस से संक्रमित चार लोगों की मौत हो गई है। केरल के दो जिलों पलक्कड़ और पथनमथिट्टा में तीन लोगों में इस नए वैरियंट की पुष्टि हुई है। तीन लोगों में एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस वैरियंट भारत के अलावा अभी 9 देशों में पाया गया है। ये देश हैं- अमेरिका, यूके, पुर्तगाल, स्विजरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन, रूस। जबकि डेल्टा वैरियंट भारत सहित दुनिया के 80 देशों में पाया गया है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर की वजह भी यही डेल्टा वेरियंट ही था।

बेसिक शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की

हरिओम उपाध्याय                
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा स्थित पारिजात कक्ष में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सम्बंध में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा तथा बेसिक शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने विभाग को उप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं का परिणाम जुलाई में घोषित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आयोग के गठन तथा अन्य विभिन्न बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। 
उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर निर्देश दिया कि विभिन्न आयोगों द्वारा चयनित शिक्षकों का अतिशीघ्र पदस्थापन किया जाय। उन्होंने कहा कि विभिन्न आयोग द्वारा चयनित शिक्षकों को पदस्थापन के लिए किसी भी दशा में भटकना न पड़े। इस कार्य में किसी भी दशा में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को तत्काल दंडित किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि माध्यमिक शिक्षा तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रधानाचार्य और शिक्षकों के ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए 28 जून तक पोर्टल खोल दिया जाए। उन्होंने संस्कृत अध्यापकों के रिक्त पदों पर शिक्षकों को उपलब्ध कराने हेतु तत्काल नीति निर्धारण कराए जाने का भी निर्देश दिए। डॉ शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकपत्र जुलाई माह में जारी कर दिया जाए। 
वहीं, उच्च शिक्षा विभाग स्नातक व स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए एक पारदर्शी नीति अपनाकर प्रवेश प्रारम्भ किया जाए।

किसान नेता टिकैत ने केन्द्र सरकार पर कसा तंज

अकांशु उपाध्याय             

नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं किसान नेता राकेश टिकैत ने केन्द्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि 7 माह से किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहा है। क्या सरकार को यह सुनकर शर्म नहीं आती। इससे पूर्व ट्वीटर पर ट्वीट करते हुए राकेश टिकैत ने कहा था कि 4 लाख ट्रैक्टर भी यहीं है और 25 लाख किसान भी यहीं हैं।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि ये 4 लाख ट्रैक्टर और 25 लाख लोग यहां हैं। ये ट्रैक्टर इसी देश के हैं और अफगानिस्तान से नहीं आए हैं। हम पिछले 7 महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, क्या सरकार को यह सुनकर शर्म नहीं आती कि किसानों का क्या कहना है। यह लोकतंत्र में काम नहीं करता। राकेश टिकैत ने सोशल मीडिया इससे पहले तंज कसते हुए कहा था कि चार लाख ट्रैक्टर भी यही हैं और 25 लाख किसान भी यहीं हैं। उन्होंने यह ट्वीट करते हुए बिल वापसी ही घर वापसी का हैशटेग का यूज करते हुए लिखा था कि 4 लाख ट्रैक्टर भी यहीं है।

दिल्ली के ढब को खड़े-खड़े घे करें वे। वो 25 लाख किसान भी यही हैं औश्र 26 तारीख भी हर महीने आती है। ये सरकार याद रख लें। कुछ दिनों पहले राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से कोलकाता में किसानों से जुड़े मामलों पर वार्ता की थी। ममता ने इस बैठक में किसान नेताओं को नये कृषि कानूनों के विरूद्ध आंदोलन के समर्थन करने का आश्वासन दिया था। इसके साथ-साथ ममता बनर्जी ने कहा था कि राज्यों को निशाना बनाना संघीय ढांचे के लिये अच्छी बात नहीं है।

अबदुल्ला ने मीटिंग से पहले पीएम मोदी से वार्ता की

अकांशु उपाध्याय           

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज दिल्ली में जम्मू कश्मीर के मसले को लेकर बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंच गये है। उन्होंने इस मीटिंग से पहले पीएम मोदी से वार्ता की है। बैठक में जम्मू कश्मीर के सभी दलों के नेताओं से पीएम मोदी बात करेंगे। इस मीटिंग में फारूक अब्दुल्ला शामिल होने के लिये दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने कहा है कि हमें पाकिस्तान के बारे में वार्ता नहीं करनी है। हमें अपने वतन को लेकर गुफ्तुगू करनी है। उन्होंने कहा है कि जो भी हमारी मीटिंग में वार्ता होगी। इसकी जानकारी हम मीडिया को देंगे।

फारूक अब्दुल्ला ने एक निजी चैनल को बातचीत के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से बुलाई गई बैठक जाने का भी वेलकम किया है। उन्होंने कहा है कि यह देर से आने लेकिन दुरूस्त आने जैसा है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि हम उम्मीद करेंगे पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हम लोगों की बात को शांति से सुनकर कोई ऐसा समाधान निकाले कि जिससे प्रदेश में शांति कायम हो सके। फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि बैठक के बाद हम मीडिया को इस बारे में जानकारी देंगे कि हमने क्या प्रस्ताव रखें और क्या वार्ता हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि हम चाहते तो आसमान हैं लेकिन अभी पीएम मोदी से बात करेंगे ताकि सूबे में अमनक कायम हो सके।

गौरतलब है कि इसी हफ्ते गुपकार अलायंस की बैठक के पश्चात मुफ्ती महबूबा ने कहा था कि कश्मीर के मामले पर केन्द्र सरकार को पाक से भी वार्ता करनी चाहिए। इस दौरान महबूबा ने कहा था कि यदि सरकार अफगानिस्तान में तालिबान से बात कर सकी है तो कश्मीर के मसले पर पाक से वार्ता क्यों नहीं कर सकमी। जम्मू कश्मीर मुफ्ती महबूबा की इस बयान पर विरोध कर रहा है। इतना ही नहीं बल्कि डोगरा फ्रंट संगठन से जुडे लोग सड़कों पर उतरकर महबूबा को कारागार भेजने की मांग कर रहे हैं।

मौतों के आंकड़ों पर राजनीति करने का आरोप लगाया

हरिओम उपाध्याय           

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और काबीना मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने विपक्षी पर कोविड से हुई मौतों के आंकड़ों पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।काबीना मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में हेराफेरी कर कुछ असामाजिक तत्व सरकार को बदनाम करने की कोशिश में लग गए हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के बाद तथ्यों और आंकड़ों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया जिसके बाद से सोशल मीडिया पर यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले वैक्सीन और अब मौत के आंकड़ों की राजनीति करना शुरु कर दिया है। बौखलाया विपक्ष उत्तर प्रदेश की जनता के बीच सिर्फ भ्रम की स्थिती पैदा कोशिश कर रहा है। विभाग की ओर से जारी आकड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया पर आंकड़ों का हेरफेर कर यूपी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही

काबीना मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि एक तथाकथित एक्टिविस्ट ने आरटीआई में सरकार से पूछा कि जुलाई 2019-मार्च 2020 और जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक उत्तर प्रदेश में कुल कितनी मौतें हुई है। जिसके बाद सोशल मीडिया पर इन आंकड़ों को कोरोना से जोड़ुने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2021 में कुल 103000, फरवरी 2021 में 99100, मार्च 2021 में 70797 मौतें हुई हैं। वहीं अप्रैल 2021 में 61986 मौतें हुई है। गौर करने वाली बात है कि जिन आंकड़ों को कोविड के साथ जोड़ा जा रहा है वो गलत है क्योंकि कोरोना की पहली लहर मार्च 2020 से अगस्त 2020 तक ही थी, वहीं दूसरी लहर की बात की जाए तो अप्रैल 2021 से कोविड के मामले बढ़ते दिखाई दे रहे है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिन लोगों के आंकड़ों में हेराफेरी की है, उन्हें अप्रैल का आंकड़ा भी उजागर करना चाहिए था।

विभाग की तरफ से जारी आंकड़े बताते हैं कि जनवरी, फरवरी और मार्च 2021 में मौतें ज्यादा हुई लेकिन वो कोरोना से नहीं हुई। क्योंकि कोविड की दूसरी लहर अप्रैल 2021 में आनी शुरु हुई थी और अप्रैल की आंकड़े इस महीनों से काफी कम है। उत्तर प्रदेश सरकार पहली ऐसी सरकार है जिसने कोविड को लेकर समय रहते अस्पतालों में बेड्स की संख्या और टेस्टिंग की क्षमता को तेजी से बढ़ाया है।

आबादी में जागरूकता फैलाने के लिए सहयोग मांगा

हरिओम उपाध्याय     

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त ग्राम प्रधानो से कोरोना वैक्सीनेशन और संक्रामक बीमारियों के प्रति ग्रामीण आबादी में जागरूकता फैलाने के लिये सहयोग मांगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी ग्राम प्रधानो को पत्र लिख कर अपील की है कि वे ' मेरा गांव-कोरोना मुक्त गांव' के ध्येय को साकार करने के लिये सक्रिय योगदान करें। उन्होने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर को गांव में नियंत्रित करने के लिये निगरानी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 

अब संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिये टीकाकरण अभियान की गति को तेज करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान निगरानी समितियों से समन्वय स्थापित कर न सिर्फ कोरोना बल्कि जेई और एईएस समेत अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिये गांवों में विशेष सफाई,स्वच्छता एवं फागिंग अभियान को अपने निर्देशन में आयोजित करेंं और शुद्ध पेयजल की जरूरत के संबंध में लोगों को जागरूक करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम प्रधान कोरोना से बचाव के लिये जरूरी टीकाकरण के संबंध में जन सामान्य को प्रेरित करें और उनकी शंकाओं का समाधान करें। 

27 जून से निगरानी समितियों के माध्यम से कोरोना के लक्षणयुक्त बच्चों की पहचान कर विशेष कोरोना मेडिसिन किट का वितरण करें। ग्राम प्रधान वृक्षारोपण के महा अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और गांव की हर उपयुक्त एवं खाली जमीन पर वृक्षारोपण की प्रक्रिया को आगे बढायें।

चैंपियनशिप मुकाबले में भारत को 8 विकेट से हराया

साउथम्पटन। न्यूजीलैंड ने साउथैंप्टन के द रोज बाउल में खेले गए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत को आठ विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही न्यूजीलैंड विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई। भारत ने दूसरी पारी में न्यूजीलैंड को जीत के लिए 139 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे उसने दो विकेट खोकर हासिल कर लिया।
न्यूजीलैंड के लिए कप्तान केन विलियमसन ने 89 गेंदो में आठ चौको की मदद से नाबाद 52 रन बनाए। वहीं रॉस टेलर ने 100 गेंदो में छह चौको के साथ नाबाद 47 रनों की पारी खेली। इससे पहले गेंदबाजी में टिम साउथी ने चार और ट्रेंट बोल्ट ने तीन विकेट लिए, और भारत को महज़ 170 रनों पर ऑलआउट कर दिया।

पहली पारी में 32 रनों से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 170 रनों पर सिमट गई थी। दूसरी पारी में भारत के लिए ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा 41 रन बनाए। उन्होंने 88 गेंदो की अपनी पारी में छह चौके लगाए। इसके अलावा रोहित ने 30, शुभमन गिल ने आठ, कोहली ने 15, पुजारा ने 13, रविंद्र जडेजा ने 16, अश्विन ने सात और शमी ने 13 रन बनाए। वहीं इशांत शर्मा एक रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड के लिए दूसरी पारी में टिम साउथी ने 48 रन देकर चार और ट्रेंट बोल्ट ने 39 रन देकर तीन विकेट लिए। इसके अलावा काइल जैमीसन को दो और नील वैगनर को एक विकेट मिला।

वकील के मुकदमें खास जज के सामने न लगाये जाएं

बृजेश केसरवानी              
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि चीफ जस्टिस मास्टर आफ रोस्टर है। उन्ही के प्राधिकार से मुकद्दमों की सूची निबंधक कार्यालय तैयार करता है। यह चीफ जस्टिस का अधिकार है कि कौन-सा मुकद्दमा किस जज के समक्ष सुनवाई के लिए लगाया जाएंं। हाईकोर्ट अपनी रजिस्ट्री को यह आदेश नहीं दे सकता कि किसी खास वकील के मुकदमें खास जज के सामने न लगाये जाए। 
कोर्ट ने याचिका को दिग्भ्रमित मानते हुए 20 हजार हर्जाने के साथ खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति ए के ओझा की खंडपीठ ने अधिवक्ता अरूण मिश्र की याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि बड़ी अजीब बात है कि ऐसी मांग को लेकर हाईकोर्ट को पक्षकार बनाकर याचिका दाखिल की गयी है। याची का कहना था कि हाईकोर्ट के एक विशेष महिला जज के खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रपति को शिकायत की है। इसलिए उनके दाखिल मुकदमे उस जज की अदालत में  सुनवाई के लिए न लगाये जाए।

विदेशी खिलौनों की अत्याधिक मांग पर चिंता जताईं

अकांशु उपाध्याय              

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में विदेशी खिलौनों की अत्याधिक मांग पर चिंता जताते हुए कहा कि 100 अरब डॉलर के वैश्विक खिलौना बाजार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 1.5 अरब डॉलर है। उन्होंने कहा कि हम 80 प्रतिशत खिलौनों का आयात करते हैं। खिलौनों पर देश का करोड़ों रुपया बाहर जा रहा है। इस स्थिति को बदलने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से देश के पहले टॉयकैथॉन-2021 के समापन समारोह में प्रतिभागियों से संवाद कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे भी इसमें उपस्थित थे।  22 जून को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और संजय धोत्रे ने इस तीन दिवसीय टॉयकैथॉन का उद्घाटन किया था। हिंसा केंद्रित ऑनलाइन गेम्स पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जितने भी ऑनलाइन या डिजिटल गेम्स आज मार्केट में उपलब्ध हैं, उनमें से अधिकतर का कॉन्सेप्ट भारतीय नहीं है। आप भी जानते हैं कि इसमें अनेक गेम्स के कॉन्सेप्ट या तो हिंसा को प्रमोट करते हैं या फिर मानसिक तनाव का कारण बनते हैं।

खिलौनों को लेकर गंभीर चर्चा को फिजूल बताने वालों को जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि बच्चे की पहली पाठशाला परिवार होता है। इस दौरान उनकी पहली किताब और पहले दोस्त ये खिलौने ही होते हैं। समाज के साथ बच्चे का पहला संवाद इन्हीं खिलौनों के माध्यम से होता है। मोदी ने कहा कि बीते 5-6 वर्षों में हैकाथॉन को देश की समस्याओं के समाधान का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार समय-समय पर कई हैकाथॉन आयोजित कर चुका है। इसमें कई छात्र समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते हैं। यह पहला मौक है। जब खिलौना क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए टॉयकैथॉन आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री ने टॉय और गेमिंग उद्योग का आह्वान करते हुए कहा कि भारत के वर्तमान सामर्थ्य, कला-संस्कृति और समाज को आज दुनिया ज्यादा बेहतर तरीके से समझना चाहती है। इसमें हमारी टॉय और गेमिंग उद्योग बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते है। इस मौके पर शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने स्वागत भाषण में कहा कि भारत के खिलौना व्यापार को सभी आयु वर्गों के इनोवेटर और रिसर्चर के साथ जोड़कर एक नई दिशा प्रदान की जाए। टॉयकैथॉन के माध्यम से हमारा प्रयास है कि भारतीय परमपरा, इतिहास, संस्कृति और स्थानीय शहरों के अनुरूप खिलौनों का विकास हो सके।

उन्होंने बताया कि पहले टॉयकैथॉन में 14,130 टीमों ने पंजीकरण किया है और 17,770 विचार प्रस्तुत किये गये। छटनी के बाद 1567 टीमें ग्रैंड फिनाले में भाग ले रही हैं। विजेता टीम की घोषणा 26 जून को की जाएगी। विजेताओं को लगभग 60 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। टॉयकैथॉन का आयोजन शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से पांच अन्य मंत्रालयों के समन्वय से किया गया। इसमें महिला और बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), कपड़ा मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय शामिल हैं।

मूल्यांकन एक जैसा रखने का निर्देश देने से इनकार

अकांशु उपाध्याय             
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों में 12वीं के मूल्यांकन का तरीका एक जैसा रखने का निर्देश देने से इनकार किया है। जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हर राज्य का शिक्षा बोर्ड स्वायत्त है। अपने हिसाब से निर्णय ले सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं के रिजल्ट के लिए अंतिम तिथि घोषित करने पर कहा कि यूजीसी से कहा जाएगा कि सभी राज्य बोर्ड को एक कट ऑफ डेट दें। कोर्ट ने 12वीं की परीक्षा जुलाई में आयोजित करने जा रहे आंध्र प्रदेश सरकार से कहा कि परीक्षा न करवाना बेहतर है। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार से परीक्षा को लेकर उचित स्कीम के बारे में कल यानी 25 जून तक कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया। 
जस्टिस खानविलकर की अध्यक्षता वाली बेंच ने केरल सरकार से भी 25 जून तक 12वीं की परीक्षा को लेकर बताने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से वकील महफूज नाजकी ने कहा कि राज्य बोर्ड की 12वीं और 11वीं की परीक्षा को कराने का फैसला किया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने कहा कि 12वीं की राज्य बोर्ड की परीक्षा रद्द नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जुलाई के अंत में परीक्षा होगी। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप जुलाई के अंत में परीक्षा लेंगे तो ये काफी अनिश्चितता हो जाएगी। आप रिजल्ट कब जारी करेंगे। दूसरे कोर्स में दाखिला के लिए आपके रिजल्ट का कोई इंतजार नहीं करेगा। तब नाजकी ने कहा कि हम कोशिश करेंगे की परीक्षा पहले हो। 
कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार से पूछा कि आपने कहा है कि एक कमरे में 15 से 18 छात्र होंगे। तो क्या आपने 34,634 कमरों के फार्मूले पर काम किया है। कमरों में हवा आने-जाने की व्यवस्था होनी चाहिए। किसी भी मौत का जिम्मा सरकार का होगा। कोर्ट ने कहा कि मौत होने पर एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना पड़ सकता है। तब नाजकी ने कहा कि हमारे पास कमरे हैं। तब कोर्ट ने इसके संबंध में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अन्य बोर्डों ने जमीनी हकीकत को देखते हुए सोच-समझकर फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डेल्टा वैरिएंट भी आ रहा है। इसे लेकर कोई असमंजस नहीं होना चाहिए। यह लोगों के स्वास्थ्य का सवाल है। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार से कहा कि आपके पास कोई ठोस प्लान होना चाहिए।

आतंकी संगठनों से जुड़े होने के पुख्ता प्रमाण मिलें

हरिओम उपाध्याय                   
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के मामले में रोज नये खुलासे हो रहे हैं। इस प्रकरण की जांच में जुटी एजेंसियों के हाथ धर्मांतरण गिरोह के आतंकी संगठनों से जुड़े होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी ने इस मामले में सुरक्षा जांच एजेंसियों से कहा है कि इससे सख्ती से निपटें। यूपी एटीएस ने धर्मांतरण के मामले में खुलासा करते हुए दिल्ली के जामियानगर के मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहागीर आलम कासमी को पकड़ा था। 
जांच एजेंसियों ने जब दोनों से पूछताछ की तो इन्होंने अपने मंसूबे जाहिर किए। दोनों ने बताया कि वह लोग मूक-बधिर बच्चों और मजबूर महिलाओं को पैसों का लालच देकर धर्मांतरण कराते हैं। उमर गौतम ने यह भी स्वीकारा है कि उसने एक हजार लोगों का धर्मांतरण कराया है। इसमें नोएडा सेक्टर-117 स्थित डेफ सोसाइटी में मूक-बधिर बच्चे भी शामिल हैं। इसके बाद उन्हें ही अपना हथियार बनाकर भारत समेत कई देशों में आतंक फैलाने की साजिश रचते हैं। ये बच्चे इसलिए भी इनके काम आते हैं कि ना तो ये बोल पाते हैं और न ही सुन पाते हैं। 
ये आरोपित खासतौर से चैरिटेबल ट्रस्ट पर चलने वाले संस्थान के छात्र-छात्राओं को ही अपना निशाना बनाते थे। जांच एजेंसियों की तहकीकात में धर्म परिवर्तन के अलावा इनके टेरर फंडिंग के भी प्रमाण मिले हैं। धर्मांतरण गिरोह के आतंकी संगठनों से जुड़े होने के साक्ष्य भी मिला है। इन्हें धर्मांतरण की आड़ में देश में आतंकी साजिश रचने के लिए विदेशों से पैसा भेजा जाता था। साथ ही साथ धर्मांतरित मूक बधिर बच्चों का जेहादी गतिविधियों मेइस्तेमाल किए जाने के भी सुराग मिले है। 
उमर देश के 24 राज्यों में करा चुका धर्मांतरण 
मामले की जांच कर रही एजेंसियों के हाथ धर्मांतरण और टेरर फंडिंग के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। ये गिरोह आतंकी गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है। धर्मांतरण का मास्टरमाइंड उमर गौतम देश के 24 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में धर्मांतरण करा चुका है। वह 18 बार इंग्लैंड, चार बार अमेरिका, अफ्रीका, सिंगापुर, पौलेंड समेत कई देशों की यात्रा पर जा चुका है। वह कहा करता था कि लोगों को इस्लाम कबूल करने से अल्लाह का काम हो रहा है। उसने हिंदू ही नहीं ईसाई, जैन और सिख परिवारों के बच्चों का भी बड़ी संख्या में धर्मांतरण कराया है। 
उमर गौतम ने दिल्ली के बाटला हाऊस को अपनी गतिविधि का मुख्य केंद्र बनाया था। धर्म परिवर्तन के मामले की जांच कर सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम जानकारियां मिली है। धर्मांतरण के लिए अरब देश व विदेशों से फंडिंग की जा रही है। इसमें पाकिस्तान का भी नाम सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां देश भर में संदिग्धों के बैंक खाते खंगालने में जुट गईं हैं और 100 से अधिक बैंक खाते रडार पर लिए गए हैं। हालांकि यह गोपनीय जांच है, इसके चलते जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
उमर के नाम अरबों की संपत्ति सूत्रों के मुताबिक, धर्मांतरण के मामले में पकड़े गए मौलाना उमर गौतम की कई जगहों पर अरबों की संपत्ति होने का पता चला है। अकेले गाजियाबाद में उसकी काफी अचल संपत्ति है। फतेहपुर के रहने वालों का कहना है कि उमर गौतम जब भी गांव आता था तो अंदौली का एक व्यक्ति हमेशा उसके साथ रहता था। इस व्यक्ति का बहुआ रोड पर एफसीआई गोदाम के पास ट्रैक्टर ट्राली बनाने का कारखाना है। 
मोहम्मद उमर जब भी जनपद आया, तो इसी शख्स ने उसकी सारी व्यवस्था दोखी।  
धर्मांतरण गिरोह के आतंकी संगठनों से जुड़े होने के प्रमाण मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच एजेंसियों को इस केस की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने एजेंसियों को निर्देश दिया है कि देश की सुरक्षा और आस्था के खिलाफ साजिश करने वालों से सख्ती से निपटें। मुख्यमंत्री स्वयं धर्मांतरण प्रकरण की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

बेल को स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद फल माना

आदर्श श्रीवास्तव           
लखीमपुर खीरी। बेल को स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद फल माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार पका हुआ बेल मधुर, रुचिकर, पाचक तथा शीतल फल है। यह बेहद पौष्टिक और पेट की कई बीमारियों की अचूक औषधि भी है। इसका गूदा खुशबूदार और पौष्टिकता से भरपूर होता है। इसके पेड़ दुधवा नेशनल पार्क में बहुतायत में पाये जाते हैं। आयुर्वेद में बेल को स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद फल माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार कच्चा बेलफल रुखा, पाचक, गर्म, वात-कफ, शूलनाशक व आंतों के रोगों में उपयोगी होता है। ताजे फल का सेवन किया जा सकता है और इसके गूदे से बीज हटाकर, सुखाकर, उसका चूर्ण बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।
आयुर्वेद के जानकार बताते हैं कि उदर विकारों में बेल का फल रामबाण औषधि है। वैसे भी अधिकांश रोगों की जड़ उदर विकार ही है। बेल के फल के नियमित सेवन से कब्ज जड़ से समाप्त हो जाता है। कब्ज के रोगियों को इसके शर्बत का नियमित सेवन करना चाहिए। बेल का पका हुआ फल उदर की स्वच्छता के अलावा आँतों को साफ कर उन्हें ताकत देता है।
मधुमेह रोगियों के लिए बेलफल बहुत लाभदायक है। बेल की पत्तियों को पीसकर उसके रस का दिन में दो बार सेवन करने से डायबिटीज की बीमारी में काफी राहत मिलती है। रक्त अल्पता में पके हुए सूखे बेल की गिरी का चूर्ण बनाकर गर्म दूध में मिश्री के साथ एक चम्मच पाउडर प्रतिदिन देने से शरीर में नए रक्त का निर्माण होता है।
प्रायः देखा गया है कि गर्मियों में अतिसार की वजह से पतले दस्त आने लगते हैं। ऐसी स्थिति में कच्चे बेल को आग में भून कर उसका गूदा, रोगी को खिलाने से फौरन लाभ मिलता है। गर्मियों में लू लगने पर बेल के ताजे पत्तों को पीसकर मेहंदी की तरह पैर के तलवों में भली प्रकार मलें। इसके अलावा सिर, हाथ, छाती पर भी इसकी मालिश करें। मिश्री डालकर बेल का शर्बत पिलाने से भी तुरंत राहत मिलती है। इन्हीं सब गुणों को लेकर बेल को पूजनीय कहा गया है।बेल के 100 ग्राम गूदे में नमी 61.5 प्रतिशत, वसा 3 प्रतिशत, प्रोटीन 1.8 प्रतिशत, फाइबर 2.9 प्रतिशत, कार्बोहाइड्रेट 31.8 प्रतिशत, कैल्शियम 85 मिलीग्राम, फॉस्फोरस 50 मिलीग्राम, आयरन 2.6 मिलीग्राम, विटामिन सी 2 मिलीग्राम हैं। इनके अतिरिक्त बेल में 137 कैलोरी ऊर्जा तथा कुछ मात्रा में विटामिन बी भी पाया जाता है।

सैकड़ों केंद्र आधे कर्मचारियों से चला रहे हैं काम, पद

अकांशु उपाध्याय              
नई दिल्ली। लंबे अरसे से नियुक्तियां न होने के कारण देश भर में फैले दूरदर्शन और आकाशवाणी के सैकड़ों केंद्र आधे कर्मचारियों से काम चला रहे हैं। इस समय दूरदर्शन में 10,247 जबकि आकाशवाणी में 12,086 पद रिक्त हैं। दूरदर्शन में ग्रुप ए के 1,116 पदों के मुकाबले केवल 494 कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है, जबकि 622 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार बी ग्रुप में 4,183 कर्मचारियों की जगह 2,112 कर्मचारी काम कर रहे हैं। 
यानी 2071 कर्मचारियों की कमी है। यही हाल ग्रुप सी का है जिसमें 16,401 स्वीकृत पदों में से 7,554 पद खाली होने से मात्र 11,453 कर्मचारियों पर सारे काम का बोझ है। इस तरह बेरोजगारी के इस दौर में दूरदर्शन में 21,700 कर्मचारियों का काम 11,451 कर्मचारियों को करना पड़ रहा है।
यह स्थिति तब है जब सरकार 2002-03 से 2008-09 के बीच दूरदर्शन के 2,038 पदों को समाप्त कर चुकी है।यही हाल ग्रुप सी का है जिसमें 16,401 स्वीकृत पदों में से 7,554 पद खाली होने से मात्र 11,453 कर्मचारियों पर सारे काम का बोझ है। इस तरह बेरोजगारी के इस दौर में दूरदर्शन में 21,700 कर्मचारियों का काम 11,451 कर्मचारियों को करना पड़ रहा है।
यह स्थिति तब है जब सरकार 2002-03 से 2008-09 के बीच दूरदर्शन के 2,038 पदों को समाप्त कर चुकी है। जहां तक आकाशवाणी का प्रश्न है तो यहां 26,129 स्वीकृत पदों के एवज में सिर्फ 14,043 लोग नौकरी पर हैं। इनमें ग्रुप ए के 2,002 पदों के एवज में 800 कर्मचारी काम कर रहे हैं जबकि 1,202 की जगह खाली पड़ी है। ग्रुप बी में 4,928 पद रिक्त होने से 12,056 कर्मचारियों का बोझ 7128 मुलाजिमों पर है। जबकि ग्रुप सी में 26,129 मंजूर पदों के बजाय महज 14,043 का स्टाफ काम कर रहा है। ग्रुप सी में 12,086 पद नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। दूरदर्शन और आकाशवाणी में कर्मचारियों की आवश्यकता को लेकर सरकार कई बार सर्वे करवा चुकी है। इस संबन्ध में दो समितियों का गठन भी किया जा चुका है। पहली समिति 2014 में सैम पित्रोदा की अध्यक्षता में बनी बनाई गई थी। उसकी सिफारिशों को स्वीकार भी कर लिया गया था। लेकिन थोड़ी-बहुत खानापूरी के अलावा कुछ नहीं हुआ। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसी अर्न्स्ट एंड यंग को स्टाफ की आवश्यकता का नए सिरे से अध्ययन करने को कहा गया। इसकी रिपोर्ट भी पिछले साल सितंबर में मंजूर की जा चुकी है। लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी वास्तविक प्रगति का इंतजार है। दूरदर्शन और आकाशवाणी में रिक्तियों के मसले को संसदीय समिति भी सरकार के समक्ष उठा चुकी है। लेकिन इस बात का कोई स्पष्ट जवाब उसे भी नहीं मिला है कि आखिर इस समस्या का समाधान कैसे और कब तक होगा। देश में अभी दूरदर्शन के किसान चैनल समेत 36 सेटेलाइट चैनल काम कर रहे हैं जिनमें 7 राष्ट्रीय, 1 अंतरराष्ट्रीय तथा 28 क्षेत्रीय चैनल हैं। जबकि सरकार जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख जैसे संवेदनशील इलाकों समेत सभी दूरदर्शन केंद्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार एवं आधुनिकीकरण करने में जुटी है। इसी प्रकार आकाशवाणी के 485 केंद्र हैं, जिनके जरिये 22 भाषाओं तथा 181 बोलियों के साथ 506 एफएम चैनलों तथा 129 मीडियम वेव चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है।

बरेली और बदायूं जिले में चुनाव नहीं लड़ेगी बसपा

संदीप मिश्र                
बरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गयी हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने साफ कर दिया है कि वह बरेली मंडल के बरेली और बदायूं जिले में चुनाव नहीं लड़ेगी। लेकिन पीलीभीत और शाहजहांपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव मजबूती से लड़ा जाएगा। बसपा के इस निर्णय के बाद बरेली और बदायूं जनपद में कुर्सी की लड़ाई सिर्फ भाजपा और सपा के बीच रह गयी है। जिला पंचायत सदस्य पद के नतीजों में बसपा को मनमाफिक परिणाम नहीं मिले। बसपा का दावा है कि बरेली में छह, बदायूं में छह, पीलीभीत में छह और शाहजहांपुर में उनके नौ सदस्य जीते हैं। 
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बसपा ने पीलीभीत और शाहजहांपुर जनपद में प्रत्याशी उतारने का मन बनाया है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन जिलाध्यक्षों और पार्टी के बड़े नेताओं को प्रदेश नेतृत्व से संकेत मिल गया है। बसपा के मंडल स्तर के एक पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी एक खास रणनीति के तहत काम कर रही है। इसी वजह से दोनों जिलों से उम्मीदवार घोषित नहीं किए गए हैं। बसपा ने समर्थन को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं की है। इससे पार्टी नेता ही नहीं, जीते हुए सदस्य भी असमंजस में है। जिलाध्यक्ष बसपा, बरेली डा. जयपाल सिंह ने बताया कि बरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पार्टी नहीं लड़ेगी। 25 जून को मंडल इकाई की बैठक है, जिसमें मंडल के मुख्य जोन प्रभारी भी मौजूद रहेंगे। बैठक में चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति बताई जाएगी। 
जिलाध्यक्ष बसपा, पीलीभीत चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि भाजपा-सपा को टक्कर देने की योजना है। जिले में कुल 34 जिला पंचायत सदस्य हैं। इसमें छह सदस्य पार्टी के टिकट पर जीते हैं। चार अन्य सदस्य समर्थन दे चुके हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी मैदान में उतारने को लेकर हाईकमान के आदेश का इंतजार है।

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प्राधिकृत प्रकाशन विवरण

प्राधिकृत प्रकाशन विवरण 

1. अंक-313 (साल-02)
2. शुक्रवार, जून 25, 2021
3. शक-1984,अषाढ़, शुक्ल-पक्ष, तिथि-प्रतिपदा, विक्रमी सवंत-2078।
4. सूर्योदय प्रातः 05:42, सूर्यास्त 07:16।
5. न्‍यूनतम तापमान -20 डी.सै., अधिकतम-39+ डी.सै.।
बरसात की संभावना
6.समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है। सभी विवादों का न्‍याय क्षेत्र, गाजियाबाद न्यायालय होगा। सभी पद अवैतनिक है।
7.स्वामी, प्रकाशक, संपादक राधेश्याम के द्वारा (डिजीटल सस्‍ंकरण) प्रकाशित। प्रकाशित समाचार, विज्ञापन एवं लेखोंं से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं हैं। पीआरबी एक्ट के अंतर्गत उत्तरदायी।
8.संपादकीय कार्यालय- 263 सरस्वती विहार, लोनी, गाजियाबाद उ.प्र.-201102।
9.संपर्क एवं व्यावसायिक कार्यालय-डी-60,100 फुटा रोड बलराम नगर, लोनी,गाजियाबाद उ.प्र.-20110
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नवरात्रि का नौवां दिन मां 'सिद्धिदात्री' को समर्पित

नवरात्रि का नौवां दिन मां 'सिद्धिदात्री' को समर्पित  सरस्वती उपाध्याय  मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प...